कलेक्टर रोहित व्यास ने ‘अन्वेषण’ कार्यक्रम का किया शुभारंभ : अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों की रुचि जगाने की नई पहल को दिखाई हरी झंडी

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जशपुर, 18 नवंबर 2024// जिले के विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने “अन्वेषण” कार्यक्रम के तहत अंतरिक्ष ज्ञान अभियान की शुरुआत की। इस अभियान का शुभारंभ कलेक्टर रोहित व्यास ने स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर में किया। कलेक्टर ने विशेष रूप से डिजाइन किए गए उपकरणों और मॉडलों से सुसज्जित चलित वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो जिले के विद्यालयों और छात्रावासों में भ्रमण करेगा। विद्यार्थियों को मिलेगा अंतरिक्ष की गहराइयों का ज्ञान अंतरिक्ष ज्ञान अभियान का लक्ष्य विद्यार्थियों को भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों और अंतरिक्ष विज्ञान में करियर की संभावनाओं के बारे में शिक्षित करना है। विशेषज्ञों की टीम जिले के 45 हायर सेकेंडरी स्कूलों में लगभग 12,000 से अधिक विद्यार्थियों के साथ सत्र आयोजित करेगी। ये सत्र 18 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलेंगे और प्रत्येक स्कूल में 2 घंटे का कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम में उपग्रह प्रक्षेपण यानों जैसे एसएलवी, पीएसएलवी, एएसएलवी, जीएसएलवी, एलएमवी, और चंद्रयान, मंगलयान, गगनयान मिशन के साथ-साथ विभिन्न टेलीस्कोप, उपग्रह और अंतरिक्ष उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को भारत की अंतरिक्ष परियोजनाओं और उनके पीछे की तकनीक के बारे में जानकारी दी। कलेक्टर श्री व्यास ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा, “भारत आज अंतरिक्ष क्षेत्र में एक महाशक्ति बन चुका है। सूर्य, चंद्रमा और मंगल के अभियानों से लेकर गगनयान मिशन तक, हमारा देश नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को इन उपलब्धियों से जोड़ते हुए उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।” कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स बनने का मौका कलेक्टर ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में प्रसिद्ध वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष यात्रियों जैसे कल्पना चावला, सुनीता विलियम्स और राकेश शर्मा का उदाहरण देते हुए कहा कि जशपुर के विद्यार्थी भी इस क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “इस अभियान के माध्यम से बच्चों को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के भविष्य और इससे जुड़ी अपार संभावनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।” विशेषज्ञों की टीम का मार्गदर्शन इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड्स फाउंडेशन (आईडीवायएम) द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त 5 सदस्यीय विशेषज्ञ दल प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देगा। ये विशेषज्ञ अंतरिक्ष अभियानों, प्रक्षेपण तकनीकों और अंतरिक्ष विज्ञान में नवाचारों पर प्रकाश डालेंगे। भारत का अंतरिक्ष भविष्य: गगनयान और उससे आगे कार्यक्रम में बताया गया कि भारत गगनयान मिशन के जरिए अपने अंतरिक्ष स्टेशन की स्थापना की तैयारी कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रेरित करना है ताकि वे भी इस उभरते हुए क्षेत्र का हिस्सा बन सकें। वैज्ञानिक सोच का विकास अंतरिक्ष ज्ञान अभियान का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देना है। इस अभियान से विज्ञान के प्रति रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को अपने भविष्य को दिशा देने का एक सुनहरा मौका मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए यह अभियान न केवल अंतरिक्ष विज्ञान की जटिलताओं को सरल बनाएगा, बल्कि उनके सपनों को नई उड़ान भी देगा।  

जशपुर: धान खरीदी केंद्रों में किसानों को मिलेंगी सभी सुविधाएं – कलेक्टर रोहित व्यास

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जशपुर, 18 नवम्बर 2024: किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिले के धान खरीदी केंद्रों में बुनियादी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर रोहित व्यास ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में बैठक ली। बैठक में सभी समिति प्रबंधकों और धान खरीदी केंद्रों के प्रभारियों के साथ सहकारिता विभाग के सहायक पंजीयक, जिला विपणन अधिकारी श्री अजय कुमार, मार्कफेड और अपेक्स बैंक के नोडल अधिकारी श्री मो. अब्दुल कलाम आजाद सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार कलेक्टर ने सभी पंजीकृत किसानों की प्राथमिकता से धान खरीदी सुनिश्चित करने को कहा है और समय पर टोकन जारी करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने खरीदी केंद्रों में छाया, पानी, शौचालय, और पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही साफ-सफाई रखने के निर्देश भी दिए हैं। बुनियादी सुविधाओं पर जोर: कलेक्टर ने कहा कि हर धान खरीदी केंद्र में कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्शन, इलेक्ट्रॉनिक तोल कांटा, बायोमेट्रिक डिवाइस, आद्रतामापी यंत्र, स्टेनसिल, सुतली, डाटा एंट्री ऑपरेटर, त्रिपाल, प्राथमिक उपचार की किट, और समर्थन मूल्य के पोस्टर जैसी सुविधाएं होनी चाहिए। उड़नदस्ता दल चौकस रहकर तुरंत करेगा कार्रवाई धान खरीदी के दौरान किसी प्रकार का अवैध धान परिवहन न हो, इसके लिए कलेक्टर ने उड़नदस्ता दल को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अगर कोचिया और बिचौलियों के माध्यम से अवैध धान परिवहन की कोई भी सूचना मिले, तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।इस निर्देश के बाद चर्चा हो रही है कि उड़नदस्ता दल बाज पक्षी की तरह चौकस रहकर ऐसी गतिविधियों पर नजर रखेंगे। कलेक्टर रोहित व्यास के इन सख्त निर्देशों के बाद किसान संगठनों को उम्मीद है कि धान खरीदी केंद्रों पर उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा और खरीद प्रक्रिया सुगम और पारदर्शी तरीके से संचालित होगी।  

अभी-अभी: बगीचा-कांसाबेल रोड में भयंकर सड़क हादसा,बाइक सवार एक की मौत,2 गम्भीर

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 जशपुर,17 नवम्बर 2024// अभी-अभी खबर मिली है कि बगीचा-कांसाबेल रोड पर रूपसेरा भड़िया में पिकप और बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई है।टक्कर इतनी जोरदार थी कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए है तो बाइक सवार तीन ग्रामीण खून से लथपथ सड़क पर पड़े हैं।घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पिकप शरद इंडेन गैस बगीचा की है जो गैस टँकी लेकर कांसाबेल की ओर जा रहा था,उधर विपरीत दिशा से मोटरसाइकिल सवार तीन लोग आ रहे थे कि टक्कर हो गई।इस सड़क हादसे में बाइक सवार  एक व्यक्ति की मौत होने की खबर है,वहीं दो अन्य गम्भीर रूप से घायल हो गए हैं।बगीचा पुलिस ने सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर एम्बुलेंस से तीनों ग्रामीणों को बगीचा अस्पताल भेजा है।अभी एक ग्रामीण के मौत की पुष्टि नहीं हुई है।बाइक सवार तीनों ग्रामीण(बगीचा) लोटा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।

जशपुर: कुसमी से गायब महिला और दो बच्चों के कंकाल मिलने के बाद परिवार ने किया अंतिम संस्कार, दोषियों को फांसी देने की मांग

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जशपुर,16 नवम्बर 2024 // बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र में सितंबर माह में गायब हुई महिला कौशल्या ठाकुर और उनके दो बच्चों के कंकाल मिलने के बाद आज मृतिका के मायकेवालों ने जशपुर जिले के गांव बंदरचुवां में उनका अंतिम संस्कार किया। घटना को लेकर परिजनों और सर्व नाई समाज ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और कुसमी थाना प्रभारी को बर्खास्त करने की मांग की है। गायब होने की घटना और पुलिस पर लापरवाही का आरोप 27 सितंबर को जितिया पर्व के अगले दिन, कौशल्या ठाकुर अपने पति को बाजार जाने की बात कहकर दोनों बच्चों के साथ घर से निकली थीं। जाते समय उन्होंने अपने पति से कहा था कि देर हो सकती है, इसलिए चूल्हा जला देना। इसके बाद वह घर नहीं लौटीं। कौशल्या के पति सूरजदेव ठाकुर ने बताया, “हमने दो दिन इंतजार किया और फिर मायकेवालों के साथ कुसमी थाने में सूचना दी। लेकिन थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और 1 अक्टूबर तक गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। 5 अक्टूबर को दोबारा जाने पर रिपोर्ट दर्ज हुई। हमने संदिग्धों के नाम और अंतिम लोकेशन के बारे में भी पुलिस को जानकारी दी, लेकिन जांच में काफी देरी की गई। अब जाकर उनकी हत्या की पुष्टि हुई है।” सर्व नाई समाज की नाराजगी इस हत्याकांड से नाई समाज में भारी रोष है। सर्व नाई समाज के जिला अध्यक्ष उमाशंकर ठाकुर ने दोषियों को फांसी देने की मांग की। उन्होंने कहा, “मृतिका के परिवार को न्याय दिलाना जरूरी है। सरकार को मृतिका की इकलौती बची बेटी के भविष्य की चिंता करनी चाहिए।” सर्व नाई समाज के विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष अर्जुन ठाकुर ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा, “जब महिला और बच्चे गायब हुए थे, तब केवल गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करना और मामले को हल्के में लेना गंभीर लापरवाही है। पुलिस को इस मामले में सक्रिय होकर पहले ही कार्रवाई करनी चाहिए थी।” मामले में दो संदिग्ध गिरफ्तार परिजनों ने बताया कि बलरामपुर पुलिस ने हत्याकांड में शामिल दो लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, घटना का विस्तृत खुलासा अभी बाकी है। मृतिका के भांजे बिट्टू श्रीवास ने कहा, “पुलिस की लापरवाही की वजह से हमने अपनी बुआ और उनके बच्चों को खो दिया। हम दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग करते हैं।” परिजनों की मांग परिजनों और नाई समाज ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से अपील की है कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी दोषियों को फांसी की सजा दी जाए और लापरवाह थाना प्रभारी को तुरंत बर्खास्त किया जाए। अपनों का दर्द कुछ यूँ छलका –  सूरजदेव ठाकुर, मृतिका के पति: “कौशल्या और बच्चों के गायब होने के बाद हमने पुलिस को जानकारी दी थी। लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अगर समय पर कार्रवाई होती, तो शायद आज वे हमारे साथ होते।”  उमाशंकर ठाकुर, जिलाध्यक्ष सर्व नाई समाज: “यह घटना न सिर्फ परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए दुखद है। दोषियों को फांसी दी जानी चाहिए और परिवार की आर्थिक मदद होनी चाहिए।” अर्जुन ठाकुर, प्रदेश उपाध्यक्ष, विधि प्रकोष्ठ, सर्व नाई समाज: “पुलिस ने शुरू से ही इस मामले में लापरवाही दिखाई। ऐसे अधिकारियों को बर्खास्त किया जाना चाहिए।” बिट्टू श्रीवास, मृतिका का भांजा: “हम चाहते हैं कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले और यह सुनिश्चित हो कि भविष्य में ऐसा किसी और परिवार के साथ ऐसा बुरा न हो।”  

सीएम विष्णुदेव साय के रिश्तेदार सड़क हादसे में घायल, रमेश साय की हालत गंभीर

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जशपुर, 15 नवंबर 2024 // कुनकुरी-लवाकेरा स्टेट हाईवे-27 पर शुक्रवार दोपहर लगभग 1:30 बजे एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के चचेरे भाई रमेश साय और उनकी पत्नी पुष्पा साय गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब उनकी कार एक मोड़ पर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। हादसे के बाद थाना प्रभारी सुनील सिंह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को 108 एम्बुलेंस की सहायता से कुनकुरी के हॉलीक्रॉस अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि रमेश साय को गंभीर चोटें आई हैं। उनकी तीन पसलियां टूट गई हैं, और उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है। उनकी पत्नी पुष्पा साय की स्थिति खतरे से बाहर है और उनका इलाज हॉलीक्रॉस अस्पताल में जारी है। थाना प्रभारी सुनील सिंह ने बताया कि रमेश साय तपकरा निवासी हैं और शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। वे पूर्व विधायक रोहित साय के बड़े भाई और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के चचेरे भाई हैं। शुक्रवार को वे अपनी निजी कार  अपनी पत्नी के साथ तपकरा से कुनकुरी आ रहे थे, तभी एक मोड़ पर उनका वाहन अनियंत्रित हो गया और पेड़ से टकरा गया। हादसे की जानकारी मिलते ही एडिशनल एसपी अनिल सोनी, एसडीओपी विनोद मंडावी,एसडीएम नन्दजी पांडे, सीएमएचओ जशपुर, और बीएमओ कुनकुरी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और उनके इलाज में कोई कमी न रहने देने का आश्वासन दिया। एसडीओपी विनोद मंडावी ने कहा, “यह हादसा अचानक हुआ है। हम मामले की जांच कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को जब हादसे की सूचना मिली तो उन्होंने तत्काल रांची और कुनकुरी के चिकित्सा अधिकारियों से बात की। उन्होंने रमेश साय के बेहतर इलाज और उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है। रमेश साय की गंभीर स्थिति और मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ाव होने के कारण स्थानीय लोग चिंतित हैं। अस्पताल के बाहर रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का तांता लगा हुआ है।  

BLIND MURDER: बटइकेला टेलर के कत्ल की गुत्थी सुलझाने में ज्वाइंट ऑपरेशन सफल,रंजिश बनी हत्या की वजह, एसपी शशिमोहन सिंह ने बताई क्राइम स्टोरी

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जशपुर,14 नवम्बर 2024 – बीते दिनों कांसाबेल थाना के बटाइकेला गांव में दिनदहाड़े हुए गोलीकांड की गुत्थी सुलझी ही थी कि 11 नवम्बर को उसी एरिया में फिर हत्या हो गई।गांव के दर्जी की हत्या का खुलासा करते हुए जशपुर पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने जो जानकारी दी उसे पाठक स्टेप-बाय-स्टेप पढ़ें – स्टेप 1: हत्या का प्लान –  गांव बटईकेला के एक अंधेरी शाम का माहौल। बलसाय पैंकरा के दिमाग में एक ही बात घूम रही थी •ठीरू राम नागवंशी से पुरानी रंजिश का बदला। मजदूरी के पैसों के लिए हुए विवाद ने बलसाय को ठीरू के खिलाफ गहरी नफरत से भर दिया था। उसने ठान लिया था कि इस बार वह ठीरू को जिंदा नहीं छोड़ेगा। स्टेप 2: पहले दिन मिली असफलता 10 नवंबर 2024 को बलसाय पैंकरा अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर ठीरू के घर के आसपास घूमता रहा। उसकी नीयत थी कि जैसे ही ठीरू उसे अकेला मिलेगा, वह हमला कर देगा। तीन बार उसने ठीरू को मारने का मौका तलाशा, लेकिन उसे सही समय नहीं मिला। आखिरकार, निराश होकर बलसाय उस दिन अपने घर वापस लौट गया, लेकिन अगले दिन के लिए उसने एक खतरनाक योजना तैयार की। स्टेप 3: वारदात का दिन 11 नवंबर की शाम ठीरू राम नागवंशी खेतों से घास काटकर अपने साइकिल पर घर लौट रहा था। उस समय, बटईकेला के पास का रास्ता लगभग सुनसान था। यही वह मौका था जिसका बलसाय इंतजार कर रहा था। अचानक, बलसाय ने ठीरू का पीछा किया और एक सुनसान स्थान पर उसे रोक लिया। इससे पहले कि ठीरू कुछ समझ पाता, बलसाय ने अपने पास रखे भारी डंडे से उसके सिर पर कई बार वार किया, जिससे ठीरू लड़खड़ाते हुए जमीन पर गिर पड़ा। स्टेप 4: बेरहमी से हत्या ठीरू के गिरने के बाद बलसाय ने पीछे हटने का कोई इरादा नहीं किया। उसने अपने छिपाए हुए लौहे के दौली को निकाला और ठीरू के चेहरे और सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। ठीरू के खून से सारा रास्ता लाल हो गया, और देखते ही देखते उसकी मौत हो गई। बलसाय ने यह नृशंस हत्या अंजाम देकर तुरंत वहां से भागने का प्लान बना लिया। स्टेप 5: पुलिस को खबर मिलना औरजांच शुरू होना ठीरू के भाई हीरू राम नागवंशी को जैसे ही अपने भाई की मौत का पता चला, उसने तुरंत कांसाबेल थाने में इसकी सूचना दी। पुलिस के पास यह मामला आते ही एक सख्त कदम उठाने का फैसला किया गया। जशपुर के पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम बनाई गई, जिसमें साइबर सेल और कई अनुभवी पुलिस अधिकारी शामिल किए गए। स्टेप 6: पुलिस टीम की रणनीति मामले  को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस ने बलसाय पैंकरा को खोजने की कोशिशें तेज कर दी। मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर, पुलिस टीम को पता चला कि बलसाय ने ग्राम केरजू थाना सीतापुर की ओर रुख किया है। पुलिस ने उसका पीछा करने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह वहां से भी फरार हो गया। इसके बाद रायगढ़ जिले और पत्थलगांव में नाकाबंदी की गई ताकि वह कहीं भी भागने न पाए। स्टेप7:रायगढ़ में ऐसे बिछाया गया जाल पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार, उप पुलिस अधीक्षक विजय राजपूत और रायगढ़ पुलिस उप पुलिस अधीक्षक अभिनव उपाध्याय ने एक विशेष जाल बिछाकर पूंजीपथरा इलाके में बलसाय पैंकरा का ठिकाना ढूंढ निकाला। पूरी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से उस घर पर दबिश दी, जहाँ बलसाय छिपा हुआ था। आधी रात के करीब, पुलिस ने बलसाय को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान, बलसाय ने न केवल अपने अपराध को कबूल किया बल्कि हत्या की पूरी योजना भी बताई। उसने स्वीकार किया कि उसने ठीरू राम नागवंशी को मारने के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी। हत्या वाले दिन उसने ठीरू को अकेला पाया और मौका देखकर उस पर हमला कर दिया। उसके पास डंडा और दौली पहले से ही तैयार थे, जिन्हें उसने वारदात के समय इस्तेमाल किया।जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी बलसाय के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, डंडा, और लौहे का दौली बरामद कर लिया। पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर बलसाय को 14 नवंबर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस केस की त्वरित कार्रवाई और सटीक रणनीति ने पुलिस की कुशलता को साबित किया।  जशपुर पुलिस और रायगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने न केवल इस हत्या के आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की, बल्कि इसने यह भी साबित किया कि अपराध चाहे जितना भी जघन्य हो, अपराधी कानून से नहीं बच सकता।

कल जशपुर में ऐतिहासिक ‘माटी के वीर पदयात्रा’ का पूरा कार्यक्रम देखिए,,,सुबह से लेकर शाम तक जनजातीय समुदायों के भव्य प्रदर्शन के साक्षी बनेंगे दिग्गज नेता

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पूरे संभाग के जनजातीय कलाओं, व्यंजन, आभूषण संस्कृति का ‘माटी के वीर पदयात्रा’ में होगा प्रदर्शन युवाओं को जनजातीय संस्कृति की समृद्धि से कराया जाएगा अवगत जशपुर, 12 नवम्बर 2024/ जनजातीय युवाओं को जनजातीय संस्कृति से परिचित कराते हुए युवाओं को जागरूक करने एवं उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने हेतु भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर 13 नवम्बर को सुबह 9 बजे से जनजातीय गौरव यात्रा ‘माटी के वीर पदयात्रा’ का आयोजन किया गया है। इस पदयात्रा में केंद्रीय युवा कार्यक्रम, खेल, श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ 10 हज़ार से अधिक माई भारत यूथ वालंटियर्स पदयात्रा करेंगे। इस पदयात्रा के लिए पूरे जिले में तैयारियां तीव्र गति से की जा रहीं हैं। इस पदयात्रा में पूरे संभाग की जनजातीय संस्कृति, नृत्यों, आभूषण, व्यंजन एवं परम्पराओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें पुरनानगर पेट्रोल पंप के निकट बस्तर से आये गौर सिंग नाचा दल द्वारा स्वागत के साथ संभाग के सभी जिलों के हस्तशिल्प से बने आभूषणों का प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें जशपुर के बांस के पीढ़ा, छिन्द की चटाई, छोपी माहुल पत्ती की टोपी, छिन्द एवं कांसा की टोकरी, खोमरा (गुंगु), अम्बिकापुर की काष्टकला, बांसशिल्प कला, गोदना कला, सूरजपुर की बांस कला, बलरामपुर की वाद्ययंत्र, देवगुड़ी, जनजातीय आभूषण, मनेन्द्रगढ़ कोरिया की लकड़ी की बनी वस्तुओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही सभी जिलों के बने जनजातीय व्यंजनों का भी प्रदर्शन होगा। बालाछापर में पदयात्रा का स्वागत मुंडा नृत्य द्वारा किया जाएगा। वहीं गम्हरिया स्थित काष्ठागार के समीप काष्ठ कला के लाइव प्रदर्शन के साथ माई भारत कियोस्क पंजीयन, एवं जनजातीय खेलों का आयोजन होगा। इसके साथ ही करमा नृत्य द्वारा पदयात्रा का स्वागत किया जाएगा। गम्हरिया में दिया, खप्पर एवं हवनकुंड के निर्माण का प्रदर्शन किया जाएगा। अघोर पीठ के निकट गहिरा गुरु के भक्तों द्वारा गहिरा भजनों का पाठ किया जाएगा। इसके साथ ही मुंडारी नृत्य दल द्वारा नृत्य करते हुए पदयात्रा की अगुवाई की जाएगी। रंगोली ढाबा के निकट जनजातीय दलों द्वारा जयद्रा नाचा एवं करमा नृत्य के अतिरिक्त सरगुजा संभाग में रहने वाली विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदाय पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, पंडों एवं बैगा जनजाति के लोगों के द्वारा अपनी पारम्परिक वेशभूषा एवं संस्कृति का प्रदर्शन किया जाएगा। डोड़काचौरा बस्ती में कोरिया जिले के दल द्वारा शैला नृत्य एवं करमा नृत्य करते हुए पदयात्रा की अगुवाई करते हुए छिन्द की टोकरी, बांस की कलाकृति बनाने की जनजातीय कला का प्रदर्शन किया जाएगा। बांकी नदी पर स्थित पुल पर अम्बिकापुर के शैला नृत्य दल द्वारा पदयात्रा की अगुवाई करते हुए जनजातीय खेलों जैसे कबड्डी एवं खोखो का प्रदर्शन किया जाएगा। जैन मंदिर के समीप महादेवनाचा करते हुए बगीचा के दल के द्वारा पदयात्रा की अगुवाई की जाएगी जहां बांस की कलाकृति निर्माण के प्रदर्शन के साथ शास्त्रीय भजन संगीत का प्रदर्शन किया जाएगा। बिरसा मुंडा चौक पर भगवान बिरसा मुंडा को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनकी जीवन पर प्रकाश डालती आकर्षक प्रदर्शनी के साथ बगीचा के दल द्वारा मुण्डारी नृत्य द्वारा पदयात्रा का स्वागत किया जाएगा। महाराजा चौक पर करमा नृत्य एवं गुदुम बाजा के साथ सिहार पताई की टोपी निर्माण का प्रदर्शन किया जाएगा। ऐतिहासिक काली मंदिर एवं बालाजी मंदिर के निकट कैशव रामायण मण्डली के द्वारा रामायण पाठ द्वारा लोगों को अभिभूत किया जायेगा। वहीं जनजातीय दलों द्वारा अगरबत्ती एवं फूल माला निर्माण का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं बाला साहब देशपाण्डे उद्यान के निकट सूरजपुर के बायर नाचा दल द्वारा एवं अम्बेडकर चौक में मनेंद्रगढ़ के सुआ दल द्वारा पदयात्रा की अगुवाई की जाएगी। कुमार दिलीप सिंह जूदेव की प्रतिमा के पास नगाड़ा बाजा के साथ नारायणपुर जिले के नृत्य दल द्वारा ककसार नृत्य का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं रणजीता स्टेडियम में जनजातीय समाज के युवाओं एवं माई भारत युवा स्वयंसेवकों को संबोधित किया जाएगा।

‘जन-गण-मन’ से हो रही जशपुर कलेक्ट्रेट में काम की शुरुआत: अनुशासन और एकता का अनोखा प्रयास

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जशपुर,12 नवंबर 2024: जशपुर कलेक्ट्रेट में एक नई परंपरा की शुरुआत हुई है, जहाँ हर दिन के कामकाज की शुरुआत राष्ट्रगान “जन-गण-मन” के सामूहिक गायन के साथ की जाती है। जिससे कलेक्ट्रेट में अनुशासन, समय की पाबंदी, और अधिकारी-कर्मचारियों के बीच एकता की भावना मजबूत हो रही है। कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशन में शुरू किए गए इस कदम का उद्देश्य कर्मचारियों के बीच टीम वर्क को बढ़ावा देना और समय की अहमियत को स्थापित करना है। प्रतिदिन सुबह 10 बजे कलेक्ट्रेट परिसर में सभी अधिकारी एवं कर्मचारी एकजुट होकर राष्ट्रगान गाते हैं, जिससे पूरे कार्यालय में ऊर्जा और देशभक्ति का माहौल बनता है। अधिकारियों-कर्मचारियों ने अमर उजाला को बताया कि राष्ट्रगान के साथ कार्यदिवस की शुरुआत न केवल सभी में एक नई ऊर्जा का संचार कर रही है, बल्कि यह सरकारी सेवाओं में अनुशासन और एकजुटता का प्रतीक भी बन गई है। इस पहल के कारण कर्मचारियों में समय की पाबंदी बढ़ी है, साथ ही उनके बीच सामूहिकता और उद्देश्य की भावना भी मजबूत हो रही है। कलेक्टर रोहित व्यास ने इस परंपरा को नियमित रूप से बनाए रखने पर जोर दिया है। उनका मानना है कि यह छोटा-सा प्रयास पूरे विभाग में सकारात्मक बदलाव ला सकता है और जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रेरित करेगा।

शराबी पति से रोज की किचकिच खत्म करने पत्नी ने उठाया खतरनाक कदम,जंगल मे बिताई रात,पढ़िए हत्या की सनसनीखेज कहानी

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जशपुर, 12 नवंबर 2024: जशपुर जिले के सोनक्यारी क्षेत्र के ग्राम चिरोटोली शैला में घरेलू विवाद ने हिंसक मोड़ ले लिया, जब पति की शराब पीने की आदत से परेशान पत्नी ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। सन्ना थाना प्रभारी बृजेश यादव के अनुसार, मृतक वकील राम की आदत थी कि वह घर में रखे चावल को बार-बार बेचकर शराब पीता था, जिससे परिवार में लगातार तनाव बना रहता था। 10 नवंबर को उसकी पत्नी बिसनी बाई सरकारी राशन से चावल लाई थी। वकील राम ने इस बार भी चुपके से चावल को बेच दिया और शराब पीकर घर लौटा। इसी बात पर गुस्से में आई बिसनी बाई ने गमछे से उसका गला घोंटकर काम तमाम कर दिया।इस दौरान हो-हल्ला सुनकर पड़ोस में रहने वाला बड़ा भाई मद्रास राम देखा कि छोटे भाई वकील के गले में गमछे का फंदा डालकर उसे घसीटते हुए परछी तक ला रही है।मद्रास ने बहू को ऐसा करने से मना किया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।वकील की सांसें थम चुकी थीं। घटना की जानकारी मृतक के बड़े भाई मद्रास राम ने दूसरे दिन सुबह पुलिस को दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए जशपुर पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की और आरोपी महिला की तलाश में जंगलों में दबिश दी।उधर आरोपिया रात भर जंगल रहने के बाद सुबह जब भूख लगने लगी तब वह जंगल से बाहर निकली लेकिन पकड़े जाने के डर से दुबारा जंगल के अंदर चली गई।जिसे देखनेवाले मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिसनी बाई को जंगल से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में बिसनी बाई ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और घटना में इस्तेमाल किया गया सफेद रंग का गमछा भी पुलिस ने बरामद कर लिया। यह घटना से समझा जा सकता है कि नशे की आदतें किस तरह से परिवारों को बर्बाद कर रही हैं।

छत्तीसगढ़ में धान की तस्करी रोकने के लिए जशपुर कलेक्टर ने बनाई विशेष रणनीति,बिचौलियों में हड़कंप

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जशपुर, 12 नवम्बर 2024 – खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान किसानों से धान खरीदी को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। 14 नवम्बर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जाएगी। इस अवधि में झारखंड और ओडिशा जैसे पड़ोसी राज्यों से अवैध धान परिवहन को रोकने हेतु जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशानुसार जिले में 21 चेक पोस्ट बनाए गए हैं, जहां तीन पालियों में अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जिले के विभिन्न चेक पोस्ट—बगुरकेला, सपघरा, करडेगा, कस्तुरा, मकरीबंधा, विपतपुर, सुखरापारा, लवाकेरा, गढ़वामुंडा, माटीपहाड़ छर्रा, सुंडरू, बनखेता, तालड़ा, पेरवाआरा, नामनी चौक, सागजोर, पीड़ी, साईटांगरटोली, डड़गांव, भलमण्डा और सकरडेगा—में 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी प्रकार का अवैध धान का परिवहन न हो सके। पिछले वर्षों में धान खरीदी के दौरान झारखंड और ओडिशा से कम कीमत पर धान खरीदकर इसे समर्थन मूल्य पर बेचने के कई मामले सामने आए थे। इस बार जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए इन गतिविधियों पर अंकुश लगाने का संकल्प लिया है। यह कदम किसानों के हितों की रक्षा और सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। किसान संगठनों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन की यह पहल न केवल धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगी, बल्कि जिले के किसानों के हितों को सुरक्षित करने में भी सहायक सिद्ध होगी।वहीं इस रणनीति से बिचौलियों की सारी योजनाओं पर पानी फिरता दिख रहा है।