EXCLUSIVE: VIP ईंट भट्ठा से खड़ा हुआ अवैध कमाई का साम्राज्य? लखपति दीदी नहीं करोड़पति दादा बनने का खुला खेल !

जशपुर : जिले में खनिज माफियाओं का जलवा बरकरार है। एक तरफ सरकार महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाकर सुर्खियां बटोर रही है, तो दूसरी तरफ जमीन पर कुछ लोग सिस्टम की आंखों में धूल झोंककर “करोड़पति दादा” बनने का खेल खुलेआम खेल रहे हैं।
मामला फरसाबहार विकासखंड के प्रसिद्ध कांवरधाम के सामने संचालित VIP ईंट भट्ठा का है, जिसके मालिक बताए जा रहे हैं लल्लू प्रजापति। तस्वीरों में दिख रहा यह भट्ठा कोई सामान्य कारोबार नहीं, बल्कि नियमों को ठेंगा दिखाकर खड़ा किया गया एक पूरा “अवैध उद्योग” नजर आता है।
बाहर से आए, अंदर से सेटिंग – खेल पूरा सिस्टमेटिक!
बताया जा रहा है कि भट्ठा संचालक और मजदूर छत्तीसगढ़ के नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के निवासी हैं। सस्ती मजदूरी, बिना अनुमति चिमनी भट्ठा, नदी से मुफ्त पानी, बिना रॉयल्टी की मिट्टी, अवैध कोयले का इस्तेमाल — ये सारे फैक्टर मिलकर इस अवैध कारोबार को सोने की खान बना रहे हैं।
खुद संचालक के अनुसार, महीने भर पहले खनिज विभाग के एक फील्ड अधिकारी ने कार्रवाई की और एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया था। यानी करोड़ों के खेल में “नाखून काटने” जैसी कार्रवाई!
20 लाख ईंट हर साल, करोड़ों का टर्नओवर!
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का दावा है कि यह भट्ठा पिछले 10-12 सालों से बिना पंचायत की अनुमति के चल रहा है। हर साल करीब 20 लाख से ज्यादा ईंटों का उत्पादन, और प्रति ईंट 5 रुपए के हिसाब से सीधा 1 करोड़ से ज्यादा का कारोबार।
यानि छत्तीसगढ़ की मिट्टी और पानी से बाहर के लोग करोड़पति बन रहे हैं… और जिम्मेदार सिस्टम खामोश है।
पंपशाला कांवरधाम के सामने भारी मात्रा में अवैध कोयला पड़ा है। ईंट पकाने के चेंबर फिर से भरे जा रहे हैं, लेकिन खनिज विभाग की नजरें अब तक इस ओर टेढ़ी नहीं हुईं हैं।
CM के गृह जिले में ही नियमों की धज्जियां!
सबसे बड़ा सवाल – जब यह सब कुछ मुख्यमंत्री के गृह जिले में हो रहा है, तो बाकी जगहों का क्या हाल होगा?
वाह भाई वाह – कागजों में कार्रवाई, जमीन पर धंधा जारी । यही है जशपुर का “VIP मॉडल”!
अब क्या होगा?
फिलहाल लोग इंतजार में हैं उस “औपचारिक खबर” का, जिसमें बताया जाएगा कि
“प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की, ईंट जब्त की गई…”
लेकिन असली सवाल वही है —
क्या इस बार सिर्फ खबर बनेगी, या सच में सिस्टम जागेगा?





















