स्पेशल 72,ब्लाइंड मर्डर केस : दुष्कर्म के बाद पैसे मांगने पर परिचितों ने कर दी हत्या,हत्यारे जेल की सलाखों में

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हवस की आग में महिला की हत्या करने का सनसनीखेज मामले का खुलासा क्राइम किलर एसपी शशिमोहन सिंह ने खुद के दिये टारगेट 72 घण्टे के भीतर करते हुए दरिंदों को जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिया। पढ़िए क्राइम स्टोरी,,,, जशपुर, 21 सितंबर 2024: जशपुर जिले में घटित अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने महज 72 घंटों के भीतर सुलझा लिया है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम भभरी में 30 फीट गहरी खाई से एक अज्ञात महिला का शव मिला था, जिसकी पहचान और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए जशपुर पुलिस ने सघन अभियान चलाया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी राजेन्द्र राम मिंज (30) और उसके सहयोगी संजय राम भगत (30) को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी शशिमोहन सिंह ने अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए बताया कि 17 सितंबर की रात, आरोपियों ने महिला के साथ दुष्कर्म किया और पैसे मांगने पर उसकी हत्या कर दी। मृतिका ने आरोपी से पूर्व में लंबित एक केस की पेशी में जाने के लिए 4000 रुपये मांगे थे। पैसे न देने पर महिला ने आरोपी को किसी केस में फंसा देने की धमकी दी, जिसके बाद आरोपी ने गला दबाकर और डंडे से मारकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद, शव को भभरी के जंगल में फेंक दिया गया। उन्होंने आगे बताया,आरोपी राजेन्द्र राम मिंज के कपड़ों पर खून के धब्बे मिलने से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिससे जांच की दिशा और स्पष्ट हुई। आरोपियों से घटना में इस्तेमाल की गई मोटर साइकिल, लकड़ी, डंडा और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए गए हैं। सिटी कोतवाली मेंअपराध क्रमांक 225/2024 के तहत धारा 103(1), 70(1), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में इस मामले की विवेचना की गई और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। इस कठिन और संवेदनशील मामले को सुलझाने वाली पुलिस टीम को एसपी द्वारा नगद इनाम से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है। स्पेशल 72,ब्लाइंड मर्डर केस की विवेचना कार्यवाही एवं आरोपियों की गिरफ्तारी में एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा, निरीक्षक रविशंकर तिवारी, उप निरीक्षक सरिता तिवारी, स.उ.नि. चंद्रप्रकाश त्रिपाठी, आर. 350 हेमंत कुजूर, आर. 178 विनोद तिर्की, आर. शोभनाथ सिंह, न.सै. थानेश्वर देशमुख, सायबर सेल से उप निरीक्षक नसरूद्दीन अंसारी, स.उ.नि. हरिशंकर सिंह, आर. अनिल सिंह, आर. संदीप  का योगदान रहा है।

‘विष्णु सरकार’ का जश प्योर: वर्ल्ड फ़ूड इंडिया में जशपुर का महुआ प्रोडक्ट को ग्राहकों ने हाथों-हाथ लिया,कलेक्टर रवि मित्तल की मेहनत रंग लाई

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*वर्ल्ड फूड इंडिया में जशप्योर स्टॉल को लोगों की मिली शानदार प्रतिक्रिया* *जशपुर 20 सितम्बर 2024/* वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में जशप्योर स्टॉल को आगंतुकों, विशेष रूप से पोषण के प्रति जागरूक और स्वस्थ जीवन शैली जीने वालों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। भारत मंडपम दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में महुआ उत्पादों की धारणा में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा गया है, जिसका श्रेय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन सहित टीम जशप्योर के समर्पित प्रयासों को जाता है। कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल के मार्गदर्शन में महुआ से विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाया जा रहा है। महुआ के बारे में बदल रही हैं धारणाएं खाद्य प्रसंस्करण सलाहकार और वैज्ञानिक समर्थ जैन ने आयोजन के दूसरे दिन अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने महुआ के लाभों और आयुर्वेदिक महत्व के बारे में लोगों को बताया, एक जो धारणा थी सिर्फ शराब बनाने के काम आता है इस धारणा को जशपुर ने बदल दिया है, महुआ आधारित उत्पाद स्वादिष्ट और अत्यधिक पौष्टिक दोनों हो सकते हैं। पोषण संबंधी नवाचारों पर प्रकाश डाला गया जशप्योर स्टॉल में विभिन्न प्रकार के नवीन उत्पाद हैं, जिनमें महुआ वन्यप्राश, कुट्टू महुआ कुकीज़, रागी महुआ लड्डू और महुआ कैंडी शामिल हैं। प्रदर्शन देखने वाले आम लोगों ने बेहद पंसद किया। ग्राहकों की प्रतिक्रिया और अनुभव जशप्योर स्टॉल देखने आए लोगों ने अपने प्रतिक्रिया देते हुए बताया महुआ फूल से इतने सारे स्वाद उत्पाद बना सकते हैं। इसकी जानकरी मिली। महुआ स्वादिष्ट हैं और पोषक तत्वों से भरपूर हैं। एक युवा मां ने कहा-महुआ कैंडी को मेरे बच्चे बहुत पसंद कर रहे हैं। मास्टर ट्रेनर अणेश्वरी भगत ने बताया कि मिलेट पर केंद्रित दो संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं पर वर्तमान में चर्चा की जा रही है। इसका उददेश्य इन पारंपरिक सामग्रियों के पोषण संबंधी लाभों का पता लगाना है। वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में जशप्योर स्टॉल की सफलता प्राकृतिक और पौष्टिक खाद्य उत्पादों में बढ़ती रुचि को रेखांकित करती है। टीम के प्रयासों ने न केवल महुआ और मिलेट की बहुमुखी प्रतिभा को निखारा है बल्कि भविष्य के नवाचारों और सहयोग का मार्ग भी प्रशस्त किया है। जैसे-जैसे आयोजन आगे बढ़ता है, टीम जशप्योर संभावित ग्राहकों और अनुसंधान भागीदारों के साथ अपनी साझेदारी जारी रखने के लिए तत्पर है।

जशपुर पुलिस का “ऑपरेशन शंखनाद” जारी: 13 मवेशियों को तस्करी से बचाया, 2 आरोपी गिरफ्तार,मुख्य तस्कर पर भी कसेगा शिकंजा

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जशपुर, 20 सितंबर 2024: जशपुर पुलिस के “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत आज सुबह एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई जब 13 मवेशियों को तस्करी से बचाया गया और 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मवेशियों का मालिक और मुख्य तस्कर फिलहाल फरार है, जिसकी पुलिस द्वारा तलाश जारी है। यह कार्रवाई थाना आस्ता क्षेत्र के नडार जंगल में की गई। पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह को आज सुबह सूचना मिली कि कुछ मवेशी तस्कर सन्ना क्षेत्र से गौ-वंश की तस्करी करते हुए आस्ता के जंगली रास्ते से झारखंड ले जा रहे हैं। इस सूचना के आधार पर, थाना प्रभारी आस्ता उप निरीक्षक संतोष सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नडार के जंगल में चारों ओर से घेराबंदी कर 2 आरोपियों—गुलाब राम (28 वर्ष) और दिनेश तिग्गा (25 वर्ष)—को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से तस्करी की जा रही 13 मवेशियों को बरामद किया। पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा पूछताछ के दौरान, आरोपी गुलाब राम ने खुलासा किया कि आस्ता थाना क्षेत्र का एक गौ-तस्कर उससे 8,000 रुपये में 2 मवेशी खरीद चुका था। उसी तस्कर ने गुलाब राम और दिनेश तिग्गा से कहा कि वे 500-500 रुपये लेकर मवेशियों को खड़कोना गांव तक पहुंचाएं, जहां से वह उन्हें झारखंड के बिर्री गांव ले जाएगा। इसी योजना के तहत आरोपी क्रूरतापूर्वक मवेशियों को सन्ना क्षेत्र से नडार जंगल के पास ले आए थे। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 एवं पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। दोनों आरोपियों को आज न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी आस्ता उप निरीक्षक संतोष सिंह, सहायक उप निरीक्षक अमरबेल मिंज, प्रधान आरक्षक सुरेश गौर, प्रधान आरक्षक संदीप तिग्गा, प्रधान आरक्षक कोसमोस बड़ा, आरक्षक जगनारायण राम, आरक्षक अबिज मिंज और अन्य स्टाफ का विशेष योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा, “थाना आस्ता की पुलिस टीम ने आज तस्करी की जा रही 13 मवेशियों को जप्त कर 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी फरार है, जिसे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।”  

*पीएम विश्वकर्मा योजना भारत के हजारों वर्ष पुराने कौशल को विकसित भारत के लिए इस्तेमाल करने का एक रोड मैप हैः प्रधानमंत्री  मोदी*

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*प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विडियो क्रांफेसिंग से वर्धा में आयोजित पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत एक लाख लाभार्थियों को वितरण किया ई-स्किल प्रमाण पत्र* *जिला परियोजना लाईवलीवुड कॉलेज के प्रशिक्षित 400 शिल्पकारों को भी पीएम विश्वकर्मा योजनांतर्गत मिला प्रमाण-पत्र* जशपुरनगर 20 सितम्बर 2024/ प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने आज वर्धा में आयोजित प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत विडियो क्रांफेसिंग के माध्यम से एक लाख लाभार्थियों को डिजिटल आईडी कार्ड एवं सर्टिफिकेट का वितरण किया। इसके साथ ही उन्होंने एक लाख लाभार्थियों को ई-स्किल प्रमाण पत्र का वितरण और 75 हजार लाभार्थियों को ऋण का भी वितरण किया। जिला परियोजना लाईवलीवुड कॉलेज परिसर जशपुर में आयोजित पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत यहां प्रशिक्षण प्राप्त 400 लाभार्थियों को भी ई-स्किल प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ। आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शांति भगत ने लाभार्थियों को प्रभाण पत्र का वितरण किया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोंधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना केवल सरकारी प्रोग्राम भर नहीं है। ये योजना भारत के हजारों वर्ष पुराने कौशल को विकसित भारत के लिए इस्तेमाल करने का एक रोड मैप है। इतिहास में भारत की समृद्धि के कितने ही गौरवशाली अध्याय देखने को मिलते हैं। इस समृद्धि का बड़ा आधार हमारा पारंपरिक कौशल, उस समय का हमारा शिल्प, हमारी इंजीनियरिंग, हमारा विज्ञान था। हम दुनिया के सबसे बड़े वस्त्र निर्माता थे। हमारा धातु-विज्ञान, हमारी मेटलर्जी भी विश्व में बेजोड़ थी। उस समय के बने मिट्टी के बर्तनों से लेकर भवनों की डिजाइन का कोई मुकाबला नहीं था। इस ज्ञान-विज्ञान को कौन घर-घर पहुंचाता था? सुतार, लोहार, सोनार, कुम्हार, मूर्तिकार, चर्मकार, बढ़ई-मिस्त्री ऐसे अनेक पेशे, ये भारत की समृद्धि की बुनियाद हुआ करते थे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि विश्वकर्मा योजना की एक और विशेषता है। जिस स्केल पर, जिस बड़े पैमाने पर इस योजना के लिए अलग-अलग विभाग एकजुट हुए हैं, ये भी अभूतपूर्व है। देश के 700 से ज्यादा जिले, देश की ढाई लाख से ज्यादा ग्राम पंचायतें, देश के 5 हजार शहरी स्थानीय निकाय, ये सब मिलकर इस अभियान को गति दे रहे हैं। इस एक वर्ष में ही 18 अलग-अलग पेशों के 20 लाख से ज्यादा लोगों को इससे जोड़ा गया। सिर्फ साल भर में ही 8 लाख से ज्यादा शिल्पकारों और कारीगरों को स्किल ट्रेनिंग मिल चुकी है। अब तक साढ़े 6 लाख से ज्यादा विश्वकर्मा बंधुओं को आधुनिक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। इससे उनके उत्पादों की क्वालिटी बेहतर हुई है, उनकी उत्पादकता बढ़ी है। इतना ही नहीं, हर लाभार्थी को 15 हजार रुपए का ई-वाउचर दिया जा रहा है। अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए बिना गारंटी के 3 लाख रुपए तक लोन भी मिल रहा है। मुझे खुशी है कि एक साल के भीतर-भीतर विश्वकर्मा भाइयों-बहनों को 1400 करोड़ रुपए का लोन दिया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि विश्वकर्मा समाज, इन पारंपरिक कार्यों में लगे लोग केवल कारीगर बनकर न रह जाएँ! बल्कि मैं चाहता हूं, वे कारीगर से ज्यादा वो उद्यमी बनें, व्यवसायी बनें, इसके लिए हमने विश्वकर्मा भाई-बहनों के काम को एमएसएमई का दर्जा दिया है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और एकता मॉल जैसे प्रयासों के जरिए पारंपरिक उत्पादों की मार्केटिंग की जा रही है। हमारा लक्ष्य है कि ये लोग अपने बिज़नस को आगे बढ़ाएँ, ये लोग बड़ी-बड़ी कंपनियों की सप्लाई चेन का हिस्सा बनें। उल्लेखनीय है कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत जिला में अब तक 22 हज़ार से अधिक लोगों का पंजीकरण किया गया है। जिसमें से 6 हज़ार लोगों की तृतीय स्तर की स्क्रीनिंग की जा चुकी है एवं परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज जशपुर के द्वारा 530 शिल्पकारों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज जशपुर के द्वारा 5 ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें दर्जी, लोहार, बढ़ई, राजमिस्त्री, टोकरी, चटाई एवं झाड़ू निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसके अंतर्गत 40 घंटे का प्रशिक्षण एवं आधुनिक मशीनों से परिचित कराया जाता है। प्रशिक्षुकों को रहने एवं खाने के भत्ते के रूप में 4 हज़ार रुपयों के साथ 15 हज़ार रुपयों का टूलकीट एवं प्रशिक्षण पूर्ण करने का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण उपरांत 3 लाख रुपये तक का कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है जिसपर किसी प्रकार की बैंक गारंटी की आवश्यकता नहीं होती है। इस अवसर पर नगरपालिका उपाध्यक्ष श्री राजेश गुप्ता, लाईवलीवुड कॉलेज के प्राचार्य श्री अमरनाथ धमगया, जिला व्यापार एवं उद्योग के महाप्रबंधक  एम.एस. पैकरा, पीमएम योजना के लाभार्थी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अन्य लोग मौजूद थे।

सफलता की कहानी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा का नया अध्याय,नवसंकल्प शिक्षण संस्थान से सैकड़ों युवाओं के सपनों को मिला पंख

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जशपुर, 20 सितंबर 2024: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की शिक्षा के क्षेत्र में सार्थक पहल ने आदिवासी और विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के जीवन को नई दिशा दी है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन की इस पहल से युवाओं के लिए जशपुर में स्थापित नवसंकल्प शिक्षण संस्थान उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी करवा रहा है, जिसका लाभ अब तक सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उठाया है। संस्थान में पुलिस, शिक्षक, पीएससी, नेट, स्लेट, व्यापम, बैंकिंग, अग्निवीर, और एसएससी जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की जाती है। विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही इस कोचिंग के परिणामस्वरूप अब तक 150 से अधिक छात्र विभिन्न शासकीय सेवाओं में चयनित हो चुके हैं। आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए उम्मीद की किरण जशपुर जिले के बेलडीपा गाँव के रहने वाले नेहरूलाल राम, जिन्होंने एसएससी जीडी में सफलता पाई, बताते हैं कि पहले उन्हें परीक्षा की तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब जशपुर में ही नवसंकल्प संस्थान के माध्यम से निःशुल्क तैयारी की जा सकती है। इसी तरह सोगड़ा के सोनकश्यप प्रधान ने बताया कि उनके परिवार के पास बाहर जाकर कोचिंग कराने का खर्च उठाने की क्षमता नहीं थी, लेकिन संस्थान ने उन्हें एक नई उम्मीद दी है। संस्थान के प्रयास से हो रहा सर्वांगीण विकास संस्थान के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नवसंकल्प शिक्षण संस्थान आवासीय सुविधा के साथ छात्रों को न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराता है, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास का भी ख्याल रखता है। छात्र शैलेश खोसले ने बताया कि यहां नियमित फिजिकल ट्रेनिंग से लेकर साप्ताहिक और मासिक टेस्ट तक की सुविधा दी जाती है, जिससे छात्र शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बन रहे हैं। संस्थान के 22 छात्रों ने एसएससी जीडी की लिखित परीक्षा पास की है, जबकि 2 छात्रों ने अग्निवीर परीक्षा में सफलता पाई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल ने आदिवासी अंचलों में शिक्षा का नया अध्याय लिखा है, जिससे वहां के युवा बेहद खुश हैं और उनका भविष्य अब सुरक्षित नजर आ रहा है।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुस्कुटी गांव को दी करोड़ों की सौगात,ग्रामीणों ने बगिया में धर्मपत्नी कौशल्या साय से मिलकर जताया आभार, गीत गाकर कहा-दुःख भरे दिन बीते रे भैया,अब सुख आयो रे

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*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर मुस्कूटी से मुख्य मार्ग तक सड़क निर्माण के लिए मिली स्वीकृति**4 करोड़ 28 लाख रूपए की लागत से बनेगी डामरीकरण सड़क**ग्रामीणों में खुशी की लहर, मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर जताया सीएम साय का आभार*   जशपुर 20 सितंबर 2024/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल से जिले के कांसाबेल तहसील क्षेत्र के मुस्कूटी से मुख्य मार्ग तक सड़क निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग से 4 करोड़ 28 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। यह सड़क निर्माण स्थानीय जनता के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी, क्योंकि इससे न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।स्थानीय ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री निवास बगिया पहुंच कर सीएम की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय से मुलाकात कर सीएम साय का आभार जताया। *इस सड़क निर्माण से 6 किलोमीटर की दूरी होगी कम* मुस्कुटी के ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क निर्माण के पूरा होने के बाद क्षेत्र के लोगों को कुनकुरी एवं जिला मुख्यालय तक की यात्रा में लगभग 6 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी।यह मार्ग बगिया के मुस्कूटी होते हुए ईब नदी पुल के एनएच 43 में जुड़ती है,जो केवल यात्रा समय को घटाएगा, बल्कि ग्रामीणों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित परिवहन का माध्यम भी प्रदान करेगा। सड़क की स्वीकृति मिलने पर क्षेत्र के ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास बगिया पहुंचकर सीएम की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय से मुलाकात कर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से कीचड़ और खराब सड़क की वजह से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब इस सड़क के निर्माण से उनकी समस्या का समाधान हो सकेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर गांव-गांव पहुंच रहा पोषण रथ, महिलाओं और बच्चों को सिखा रहा है सुपोषण का मंत्र

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जशपुर, 19 सितंबर 2024 – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर पूरे प्रदेश में सुपोषण अभियान जोर पकड़ रहा है। इसी क्रम में, राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जशपुर जिले में गांव-गांव पोषण रथ संचालित किए जा रहे हैं। यह रथ न केवल बच्चों और महिलाओं को स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक जानकारी दे रहा है, बल्कि टीकाकरण, एनीमिया उन्मूलन और सम्पूर्ण पोषण के प्रति जागरूकता भी फैला रहा है। बुधवार को यह पोषण रथ जशपुरनगर के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों जैसे गढ़ाटोली, डीपाटोली, तेलीटोली, चीरबगीचा और बघीमा पहुंचा। यहां, महिलाओं और बच्चों को पौष्टिक आहार, टीकाकरण, एनीमिया के लक्षण और उससे बचने के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों का महत्व, गर्भवती और शिशुवती महिलाओं की देखभाल, और डायरिया से बचने के उपायों को वीडियो के माध्यम से समझाया गया। वजन त्योहार के तहत जागरूकता अभियान पोषण रथ के माध्यम से प्रदेशभर में ‘वजन तिहार’ का आयोजन किया जा रहा है, जो 12 से 23 सितंबर तक चलेगा। इस अभियान में बच्चों के वजन में बढ़ोत्तरी मापी जा रही है, और इसके साथ ही सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है। पोषण रथ अब तक पत्थलगांव, लुडेंग, बागबहार, तपकरा, फरसाबहार, दोकड़ा, कांसाबेल, कुनकुरी, केराडीह, दुलदुला, जशपुर, और लोदाम जैसे क्षेत्रों में पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में यह रथ मनोरा, आस्ता, सन्ना, और बगीचा जैसे क्षेत्रों में भी जाएगा, जहां सुपोषण का संदेश प्रसारित किया जाएगा। सुपोषण चौपाल और अन्य गतिविधियां पोषण माह के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सुपोषण चौपाल, अन्नप्राशन दिवस, परिवार चौपाल, पोषण मेला और व्यंजन प्रदर्शन जैसे आयोजन किए जा रहे हैं। इन आयोजनों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। बच्चों के बीच पोषण के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए स्कूलों में नारा लेखन, निबंध, चित्रकला और दीवार लेखन प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं। गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के लिए खास ध्यान ग्रामीण महिलाओं को 0 से 6 साल के बच्चों और किशोरी बालिकाओं के खान-पान और स्वास्थ्य देखभाल के बारे में विशेष जानकारी दी जा रही है। साथ ही गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार का महत्व समझाया जा रहा है, ताकि वे अपने और अपने बच्चे के स्वास्थ्य को बेहतर बना सकें। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल से प्रदेशभर में बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सरकारी योजनाओं का लाभ हर गांव और कस्बे तक पहुंचाना और लोगों को सुपोषण के महत्व से अवगत कराना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।  

*फेसबुक फ्रेंडशिप का साइड इफेक्ट* *विवाहित महिला ने नाबालिग बालक का किया यौन शोषण, कुनकुरी पुलिस14 सौ किलोमीटर दूर हरियाणा से नाबालिग को संरक्षण में लेकर लौटी,आरोपिया गई जेल*

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जशपुर/कुनकुरी,19 सितंबर 2024 नाबालिग बालक को झांसा देकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर उसका शारीरिक शोषण करने वाली विवाहिता महिला को जशपुर पुलिस ने जिंद (हरियाणा) से लिया हिरासत में,अपह्त बालक बरामद, पूछताछ उपरांत परिजनों को सौंपा गया,थाना कुनकुरी क्षेत्र  की घटना,आरोपिया की पतासाजी में सायबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका, आरोपिया महिला के विरूद्ध थाना कुनकुरी में अप.क्र. 137/24 धारा 137(2) भा.न्या.संहिता एवं 6 पाॅक्सो एक्ट का अपराध दर्ज। मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि थाना कुनकुरी क्षेत्र के प्रार्थी ने दिनांक 27.08.2024 को थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया कि इसका 16 वर्षीय नाबालिग पुत्र दिनांक 22.08.2024 फुटबाल मैच देखने जा रहा हूं कहकर घर से निकला, जो वापस घर में नहीं आया। परिजनों द्वारा बालक की आस-पड़ोस,रिश्तेदारी में पतासाजी की गई कोई पता नहीं चला। प्रार्थी द्वारा आशंका व्यक्त किया गया कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसके नाबालिग पुत्र को बहला-फुसलाकर भगाकर ले गया है। प्रार्थी की उक्त रिपोर्ट अपराध कायम कर पर जाॅंच विवेचना में लिया गया। मामला अत्यंत संवेदनशील होने पर पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री सिंह द्वारा थाना प्रभारी कुनकुरी के नेतृत्व में एक टीम बनाकर अपहृत बालक की पतासाजी हेतु लगाया गया था एवं सायबर सेल को भी इस कार्य में संलग्न किया गया था। प्रकरण की विवेचना दौरान पुलिस टीम को ज्ञात हुआ कि प्रार्थी के नाबालिग पुत्र के गायब होने के दिनांक से एक शादीशुदा महिला भी अपने घर से गायब है, उसी के द्वारा नाबालिग बालक को भगाकर ले जाने की संभावना पर पुलिस द्वारा महिला की पतासाजी की जा रही थी। इसी दौरान मुखबीर एवं सायबर सेल से पुलिस को जानकारी मिली कि उक्त महिला अपने साथ नाबालिग बालक को हरियाणा ले गई है तथा ग्राम सानपुर थाना सेफीदोन क्षेत्र में एक किराये का कमरा लेकर छिपकर रह रही है। पुलिस अधीक्षक जशपुर द्वारा तत्काल एक अन्य टीम का गठन कर हरियाणा के उक्त पते पर पतासाजी हेतु रवाना किया गया, टीम द्वारा दबिश देकर उक्त महिला एवं बालक के मिलने पर उन्हें वापस थाना कुनकुरी में लाया गया। अपहृत बालक से पूछताछ करने पर उसने बताया कि करीब 06-07 माह पूर्व से उसका उक्त महिला से फेसबुक के जरिये परिचय हुआ जो उसे बहला-फुसलाकर उसका बीच-बीच में शारीरिक शोषण करने लगी। महिला द्वारा बालक को कहीं बाहर चलते हैं कोई रोक-टोक नहीं करेगा कहकर उक्त दिनांक को अपने साथ भगाकर हरियाणा ले गई। आरोपिया महिला उम्र 25 साल के विरूद्ध उक्त धारा सदर का अपराध सबूत पाये जाने पर उसे दिनांक 19.09.2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। प्रकरण की विवेचना एवं आरोपिया की पतासाजी, गिरफ्तारी में थाना प्रभारी कुनकुरी उप निरीक्षक सुनील सिंह, स.उ.नि. मनोज साहू, म.प्र.आर. चंपा पैंकरा, आर. भूपेन्द्र यादव एवं सायबर सेल से उप निरीक्षक नसरूद्दीन अंसारी, आर. 699 अनिल सिंह, आर. 634 सोनसाय भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

जशपुर में बड़ा हादसा: खुड़िया रानी देवीस्थल से कैलाश गुफा जा रहे श्रद्धालुओं की पिकअप पलटी, 4 की हालत गंभीर, दर्जनों घायल

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  जशपुर, 18 सितंबर 2024: जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहां खुड़िया रानी से दर्शन कर कैलाश गुफा जा रहे श्रद्धालुओं से भरी पिकअप गाड़ी सड़क से नीचे की सड़क पर गिरते हुए पलट गई। पिकअप में 25 से 30 लोग सवार थे, जिनमें से कई गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे में 4 लोगों की हालत नाजुक बताई जा रही है, जबकि दर्जनों लोग घायल हैं। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। घटना बगीचा के सोनगेरसा गांव के पास की है। हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस हरकत में आ गए। घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए एंबुलेंस और मेडिकल टीम मौके पर भेजी गई है। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर जिला प्रशासन ने इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों के इलाज में कोई कोताही न बरती जाए। हादसे के बाद मौके पर एंबुलेंस भेजने में थोड़ी देरी हुई, क्योंकि बगीचा की एंबुलेंस पहले से व्यस्त थी। इसके कारण सरगुजा जिले के बतौली से एंबुलेंस को बुलाने में समय लगा। हालांकि, स्थिति को संभालने के लिए जिला प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए और सभी घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कैंप कार्यालय ने इस हादसे का तुरंत संज्ञान लिया और जिला प्रशासन को घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। घायलों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त मेडिकल टीमों को मौके पर भेजा गया है।घटना में घायल सभी श्रद्धालु फरसाबहार तहसील के फरदबहार गांव के बताए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा उनके परिवारों को सूचित किया गया है।  

पर्युषण पर्व : जब अश्वरथ में व्रती निकले तो शहर के लोग शामिल होने उमड़ पड़े, जैन धर्म का पर्युषण पर्व पर भव्य रैली निकली

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*जशपुर/कुनकुरी*- पर्युषण पर्व के समापन अवसर पर कुनकुरी में भगवान श्री जी की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई जिसमें अश्वरथ में व्रतियों को बिठाकर जैन मंदिर से निकलकर नगर भ्रमण कराया गया।गाजे-बाजे के साथ निकाली गई शोभा यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। जिसमें जैन समाज के साथ सभी समाज के लोग शामिल रहे।ऐसा ही नजारा जिला मुख्यालय जशपुर,बगीचा में भी देखने को मिला। पर्युषण पर्व प्रारम्भ से समापन तक सभी दिगम्बर जैन धर्म के लोग 10 दिनों तक भगवान की विशेष पूजा-अर्चना साधना करते है। पर्युषण पर्व का अपना अलग महत्व होता है, इसमें 7 प्रकार के सिद्धांतों का पालन करना पड़ता है। जिसमें सबसे पहले आत्मा को शुद्ध करना होता है. इस दौरान जैन धर्म के लोग व्रत, तपस्या, और ध्यान करते हैं। इसके बाद आत्म-चिंतन और आत्म-समृद्धि की प्रक्रिया की जाती है।फिर पर्युषण पर्व के दौरान जैन धर्म के लोग भविष्य में गलत काम न करने की शपथ लेते हैं। जैनधर्मियों द्वारा पर्यावरण का शोधन किया जाता है।इसके बाद संयम और विवेक का अभ्यास करते हैं। माना जाता है कि सालभर के सांसारिक क्रिया-कलापों के कारण जीवन में जो भी दोष आ जाते हैं, उन्हें यह पर्व दूर करता है. इस पर्व के दौरान सभी जैन धर्म के सिद्धांतों का पालन करने का प्रयास करते हैं. जैन समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष गजेंद्र जैन ने बताया कि पर्यूषण पर्व पर कई जैन अनुयायी अपनी क्षमता के अनुसार कठिन तपस्या करते हैं. इस दौरान कुछ श्रद्धालु 10 दिनों तक निर्जला व्रत करते हैं, जिसमें बिना अन्न, जल या फल का सेवन किए उपवास रखा जाता है। दिगंबर जैन समाज के इस पर्व में कुनकुरी में 6 जैनधर्मी महिला, पुरुष और युवाओं ने उपवास कर तपस्या की है। यह उपवास आत्म शुद्धि और आत्म कल्याण के उद्देश्य से किए जाते हैं, जिसमें शरीर और आत्मा को शुद्ध करने का प्रयास किया जाता है।