बड़ी खबर : पति की लाश के साथ 4 दिन से रह रही थी पत्नी,लाश की बदबू से हुआ खुलासा,पुलिस परेशान

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सिरकटी लाश की गुत्थी अभी जशपुर पुलिस ने सुलझाई ही थी कि एक घर में पति की सड़ी-गली लाश के साथ रह रही पत्नी से उसकी मौत की वजह जानने के लिए पुलिस परेशान है। जशपुर ,18सितंबर 2024/ जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के चिटकवाइन गांव से बड़ी खबर निकलकर सामने आई है,जिसमें अमरनाथ मिंज के मकान से उसकी 4 दिन से ज्यादा पुरानी लाश मिली है।चौंकाने वाली बात है कि इस लाश के साथ दिन-रात उसकी पत्नी इंद्रावती मौजूद मिली। थाना प्रभारी सतीश सोनवानी ने दूरभाष पर बताया कि लाश मिली है लेकिन इसकी हत्या हुई है या किसी और कारण से मौत हुई है,यह कहना अभी मुश्किल है।लाश सड़ गई है और पत्नी इंद्रावती की मानसिक हालत ठीक नहीं लग रही है।मृतक अमरनाथ मिंज 35 वर्ष अपने पहले पति को छोड़कर आई महिला इंद्रावती बाई के साथ रह रहा था। अमरनाथ की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इन्तजार कर रही है।वहीं गांव वालों की मानें तो मृतक को मिरगी बीमारी थी।आसपड़ोस के लोग भी इसे सीधे तौर पर हत्या नहीं बता पा रहे हैं।वहीं 4 दिनों तक लाश के साथ पत्नी के रहने और किसी को नहीं बताने पर गांव में तरह-तरह की चर्चा हो रही है। घटना की सूचना पाकर नारायणपुर पुलिस घटनास्थल पर है।शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए कुनकुरी चीरघर भेजा गया है।

कोरवा जनजाति की बेटी बनी लखपति दीदी,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएँ,,,कहा – डबल इंजन की सरकार का मिल रहा बड़ा लाभ

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जशपुर, 18 सितंबर 2024: “डबल इंजन की सरकार का लाभ उन दीदियों को भी मिल रहा है, जो अब लखपति दीदी बन रही हैं। हमारी सरकार सभी बहनों को आत्मनिर्भर बनाने और लखपति दीदी बनाने के लिए काम कर रही है,” यह बात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कही, जब उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति की सुमन्ती बाई की सफलता की सराहना की। सुमन्ती बाई, जो कोरवा जनजाति से आती हैं, आज “लखपति दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। कुछ साल पहले तक उनका जीवन संघर्षों से भरा हुआ था। वह एक साधारण किसान परिवार से थीं और उनकी सालाना आय केवल 38,000 रुपये थी, जो उनके परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी नहीं थी। लेकिन सुमन्ती बाई ने इस स्थिति को बदलने का निश्चय किया और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत कमल स्व सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद सुमन्ती बाई को वित्तीय सहयोग और सरकारी योजनाओं का भरपूर लाभ मिला। उन्हें बिहान योजना के अंतर्गत आरएफ से 15,000 रुपये, सीआईएफ से 60,000 रुपये और बैंक लिंकेज से 1 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इस सहयोग ने सुमन्ती बाई की जिंदगी में एक बड़ा बदलाव लाया। नए आजीविका के साधनों ने बदली जिंदगी समूह से मिली आर्थिक मदद से सुमन्ती बाई ने मिर्च और टमाटर उत्पादन, साथ ही बकरी पालन जैसे विभिन्न आजीविका के साधन अपनाए। आज उनकी सालाना आय 1,80,000 रुपये तक पहुंच चुकी है। मिर्च उत्पादन से उन्हें 80,000 रुपये, टमाटर उत्पादन से 40,000 रुपये, और बकरी पालन से 60,000 रुपये की आय हो रही है। इस तरह सुमन्ती बाई ने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया। सुमन्ती बाई ने कहा  – “स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक बदलाव भी आया है। आज वह अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर रही हैं और अपने परिवार की जीवनशैली में भी सुधार कर पाई हैं।” मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुमन्ती बाई और उन सभी “लखपति दीदियों” को बधाई दी, जिन्होंने अपनी मेहनत और सरकारी योजनाओं के सहयोग से अपने जीवन को बेहतर बनाया है। सरकार का यह उद्देश्य है कि सभी बहनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जाए, ताकि वे भी अपने परिवार और समाज की भलाई के लिए योगदान दे सकें। सुमन्ती बाई की यह सफलता, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) और स्व सहायता समूह के माध्यम से सशक्तिकरण का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।  

खबर विशेष: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रोत्साहन से जशपुरिया खिलाड़ियों ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान,जिला प्रशासन की देखरेख में बढ़ते खिलाड़ियों पर एक रिपोर्ट,,,,

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जशपुर, 18 सितंबर 2024: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन और खेल-कूद के प्रति समर्पण का परिणाम है कि जशपुर जिले के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आज सम्मान और पहचान मिल रही है। विशेष रूप से जिले के दूरस्थ अंचल की पहाड़ी कोरवा जनजाति के बच्चों को तीरंदाजी और अन्य खेलों में नई पहचान मिल रही है, जो जिले की गौरवपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। जशपुर जिला मुख्यालय में छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन की पहल पर तीरंदाजी केंद्र और एकलव्य खेल अकादमी संचालित की जा रही है। यहां बच्चों को नि:शुल्क रहने, खाने और पढ़ाई की सुविधा के साथ-साथ खेल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल के दिशा-निर्देशन में यह अकादमी सफलतापूर्वक खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है। पहाड़ी कोरवा जनजाति के अनिल राम की सफलता तीरंदाजी केंद्र से प्रशिक्षित पहाड़ी कोरवा जनजाति के बालक अनिल राम ने कबीरधाम में आयोजित राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा तीरंदाजी प्रतियोगिता 2022 में स्वर्ण पदक जीता था और राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित हुए थे। 2023 में कोण्डागांव में हुई राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा तीरंदाजी प्रतियोगिता में अनिल ने अंडर-14 कंपाउंड राउंड में रजत पदक हासिल कर एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर के लिए चुने गए। उन्होंने गुजरात में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विपिन कुमार भगत की राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी विपिन कुमार भगत, जो इस अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, ने बताया कि उन्हें यहां सभी आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क मिल रही हैं। वे उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने गए थे। अकादमी के प्रशिक्षक राजेन्द्र देवांगन के मार्गदर्शन में बच्चे प्रतिदिन तीरंदाजी का गहन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं और नेशनल स्तर पर भी पदक जीत चुके हैं। खिलाड़ियों की उपलब्धियों से जशपुर में उत्साह राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने के बाद बच्चों के चेहरों पर एक अलग आत्मविश्वास और मुस्कान दिखाई दे रही है। प्रशिक्षक देवांगन ने कहा कि अगर इसी तरह से अकादमी चलती रही, तो बच्चे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय और ओलंपिक स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ेंगे। वर्तमान में, तीरंदाजी, तैराकी, और ताइक्वांडो में 30 बच्चे प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को सर्व सुविधाएं उपलब्ध कराने और खेल के प्रति समर्पण के लिए धन्यवाद दिया। यह विष्णु सरकार की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है कि जशपुर के युवा खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं और अपनी प्रतिभा को निखारने का मौका पा रहे हैं।  

पीडब्ल्यूडी विभाग बरसाती गड्ढों को भर रहा सांय-सांय,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर सड़कों की मरम्मत में आई तेजी

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, *लुड़ेग-तपकरा-लवाकेरा राज्य मार्ग के गढ्डों को डब्ल्यू. एम.एम. भरकर किया जा रहा ठीक* जशपुर 18 सितम्बर 2024/लुड़ेग-तपकरा रोड़ के संबंध में लोक निर्माण विभाग संभाग पत्थलगांव के कार्यपालन अभियंता ने जानकारी देते हुए बताया है कि लुड़ेग-तपकरा-लवाकेरा राज्य मार्ग क्र.-04, जिसकी लंबाई 40.80 कि.मी. है जिसमें 9.20 लंबाई का नवीनीकरण कार्य वर्ष 2022 में पूर्ण कराया गया है, तथा 31.60 कि.मी. लंबाई में लगभग 6 से 9 वर्ष पूर्व नवीनीकरण कार्य विभिन्न कि.मी. में कराये गये थे। वर्तमान में बारिश से बने गढ्डों को नियमित रूप से डब्ल्यू. एम.एम. भरकर ठीक किया जा रहा है, तथा मार्ग के नवीन निर्माण हेतु रू. 117.00 करोड का प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया गया है। कुछ स्थानों को छोड़कर शेष मार्ग की स्थिति संतोषप्रद है, तथा नियमित रूप से गढढा भराई का कार्य किया जा रहा है। वर्षा ऋतु पश्चात डामरीकरण द्वारा पैच रिपेयर कार्य किया जाएगा।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के द्वारा सड़कों की मरम्मत ,रखरखाव और नए सड़कों के निर्माण के लिए सभी विभागों को निर्देश दिया गया है।

*DIG यातायात संजय शर्मा ने किया ब्लैक स्पॉट पतराटोली एन.एच. 43 का आकस्मिक निरीक्षण: सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदम*

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जशपुर, 17 सितंबर 2024 – जिले के सर्वाधिक दुर्घटना-प्रवण क्षेत्र पतराटोली एन.एच. 43 (थाना दुलदुला) के ब्लैक स्पॉट का आज आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का नेतृत्व संजय शर्मा, सहायक पुलिस महानिरीक्षक (यातायात) पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर ने किया। उनके साथ जिला सड़क सुरक्षा समिति के अधिकारी भी उपस्थित रहे। पिछले आंकड़े और निरीक्षण का उद्देश्य: उक्त ब्लैक स्पॉट पर वर्ष 2020 से 2023 (31 मई तक) के बीच कुल 15 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 8 लोगों की मृत्यु हो गई और 16 लोग घायल हुए। जिला सड़क सुरक्षा समिति द्वारा पूर्व में भी निरीक्षण किया गया था, जिसके बाद कई सुधारात्मक उपाय लागू किए गए। आज का निरीक्षण इन सुधार कार्यों की समीक्षा और अतिरिक्त सुधार की संभावनाओं का आकलन करने के उद्देश्य से किया गया। अब तक किए गए सुधारात्मक कार्य: पतराटोली चौक के दोनों ओर बस स्टॉप के लिए मार्किंग की गई। यात्री प्रतीक्षालय की मरम्मत कराई गई। चौक के पास स्थित अनूप गुप्ता की मोबाइल दुकान के सामने बैरिकेड्स लगाए गए। पतराटोली चौक से दुलदुला की ओर जाने वाली सड़क के किनारे फल की दुकानें हटाई गईं। क्रॉस बैरियर और बैरिकेड्स पर रिफ्लेक्टिव रेडियम स्ट्रिप्स लगाई गईं। वाहन गति नियंत्रण के लिए सहायक मार्ग में जिक-जैक स्टॉपर्स लगाए गए। ग्राम सड़क सुरक्षा समिति का गठन किया गया। श्री शर्मा और अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान कुछ और खामियों की पहचान की और सुधार के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए: सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले “सड़क सुरक्षा मितान” और ग्राम सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया जाए।ब्लैक स्पॉट पर चेतावनी सूचक बोर्ड लगाए जाएं।गति नियंत्रण के लिए रम्बलर स्ट्रिप्स और ट्रैफिक कैलमिंग सूचक बोर्ड लगाए जाएं।ई-चालान प्रणाली के तहत कैमरे लगाए जाएं।नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कठोर चालानी कार्रवाई की जाए।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, दुलदुला में एएलएस सिस्टम से लैस एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाए।हेलमेट के उपयोग के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाए।स्पीड रडार गन की सहायता से तेज गति से चलने वाले वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाए।पतराटोली चौक से दुलदुला जाने वाले सहायक मार्ग पर स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं। इस अवसर पर चंद्रशेखर परमा, एसडीओपी जशपुर; श्री अजय बंजारे, उप अभियंता, लोक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग);  विजय निकुंज, जिला परिवहन अधिकारी; निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू, थाना प्रभारी दुलदुला; उप निरीक्षक प्रदीप मिश्रा, यातायात प्रभारी, जशपुर;  जगनारायण सिदार, सरपंच ग्राम पतराटोली, और ग्राम सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य उपस्थित थे। जिला प्रशासन और सड़क सुरक्षा विभाग इन सुधारात्मक उपायों को जल्द ही अमल में लाने की योजना बना रहे हैं, जिससे इस क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।  

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रमवीरों को दी बड़ी सौगात,हजारों श्रमिक हुए लाभान्वित* *श्रमवीरों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया*

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*जशपुर 17 सितम्बर 2024/* विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में 57 हजार श्रमिकों के खातों में 49.43 करोड़ रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की। जिसमें जिला जशपुर के 1326 श्रमिकों को 1.47 करोड़ रुपये की राशि का अंतरण विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत किया गया है। जिसमें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत कुल 1052 श्रमिकों को कुल राशि 81 लाख 50 हजार एवं असंगठित कर्मकार राज्य समाजिक सुरक्षा मंडल अंतर्गत कुल 274 श्रमिकों को राशि 65 लाख 84 हजार रुपये हस्तातंरित किया गया। जिसमें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 13 श्रमिकों को 13 लाख रुपये, मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत 190 श्रमिकों को 38 लाख रुपये, नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 248 श्रमिकों को 4 लाख 48 हज़ार रुपये, नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत 43 श्रमिकों को 8 लाख 60 हज़ार रुपये, मुख्यमंत्री आवास सहायता योजना के अंतर्गत 6 श्रमिकों को 06 लाख रुपये, निर्माण श्रमिक के बच्चे हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना के अंतर्गत 543 श्रमिकों को 7 लाख 57 हज़ार रुपये, मुख्यमंत्री सियान सहायता योजना के अंतर्गत 4 श्रमिकों को 80 हज़ार रुपये, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 5 श्रमिकों को 3 लाख 05 हज़ार रुपये प्रदान किये। वहीं छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल की ओर से असंगठित कर्मकार मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 15 श्रमिकों को 15 लाख रुपये, असंगठित कर्मकार प्रसूति सहायता योजना के अंतर्गत 139 श्रमिकों को 27 लाख 80 हज़ार रुपये, ठेका श्रमिक, घरेलू महिला कामगार एवं हमाल श्रमिक के बच्चों हेतु छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 5 श्रमिकों को 4 हजार 500 रुपए, ठेका श्रमिक, घरेलू महिला कामगार एवं हमाल श्रमिक प्रसूति योजना के अंतर्गत 115 श्रमिकों को 23 लाख रुपये प्रदान किये गए हैं।

नंदकुमार ने कृत्रिम पैर मिलने पर मुख्यमंत्री का जताया आभार,सड़क हादसे में खोया था एक पैर,अब जागी नई उम्मीद

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*मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर सड़क दुर्घटना में एक पैर गंवा चुके नंदकुमार को मिला कृत्रिम पैर* *सीएम कैंप कार्यालय से मांगी थी मदद* *मुख्यमंत्री का जताया आभार* *जशपुरनगर 17 सितम्बर 2024/* मूकं करोति वाचालं पंगुं लंघयते गिरि । यत् कृपा तमहं वंदे परमानंद माधवम् ॥ इस सूक्ति को छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने जीवन में उतारकर जरूरतमंदों की सहायता कर रहे हैं।सड़क दुर्घटना में अपना एक पैर गंवा चुके नंदकुमार के लिए एक नई उम्मीद की किरण तब आई जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर उन्हें कृत्रिम पैर उपलब्ध कराया गया। इससे नंदकुमार की जिंदगी में फिर से एक नई शुरुआत हुई है और उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। *मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में नंदकुमार ने किया था आवेदन* एक पैर गंवा चुके नंदकुमार जो दुर्घटना के बाद जीवन में कई परेशानियों से जूझ रहे थे। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में जाकर अपनी समस्या का आवेदन दिया था। उन्होंने मुख्यमंत्री से कृत्रिम पैर की मांग करते हुए अपनी स्थिति को साझा किया। इस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नंदकुमार को जल्द से जल्द कृत्रिम पैर उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद इन्हें रायपुर भेज कर कृत्रिम पैर दिलाया गया। अब वह फिर से बिना परेशानी से अच्छे से चल फिर रहा है और बहुत खुश है। उन्होंने सीएम साय का आभार जताते हुए धन्यवाद दिया है। *नंदकुमार के चेहरे पर फिर से लौटी मुस्कान* मुख्यमंत्री की इस पहल के बाद जिले के फरसाबहार तहसील क्षेत्र के केरसई निवासी नंदकुमार को कृत्रिम पैर प्रदान किया गया, जिसके बाद उनके चेहरे पर एक नई मुस्कान देखने को मिली। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह कृत्रिम पैर उनके लिए एक नई जिंदगी जैसा है। अब वे सामान्य जीवन की तरफ वापसी कर सकते हैं और एक बार फिर से अपने पैरों पर खड़े होकर जीवन की चुनौतियों का सामना करने को तैयार हैं। *बगिया कैंप कार्यालय जरूरतमंदों के लिए बना आशा का केंद्र* मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया, जो इस तरह की जनसहायक पहलों के लिए जाना जाता है, अब लोगों के बीच आशा का केंद्र बन चुका है। यहां न केवल नंदकुमार जैसे व्यक्तियों को मदद मिल रही है, बल्कि अन्य जरूरतमंद लोग भी अपनी समस्याओं को लेकर यहां आकर सहायता प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल की व्यापक स्तर पर सराहना हो रही है, क्योंकि यह साबित करता है कि राज्य सरकार समाज के कमजोर और जरूरतमंद तबके की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है। बगिया कैंप कार्यालय अब उन लोगों के लिए एक प्रतीक बन गया है जो जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं और किसी प्रकार की सहायता की उम्मीद कर रहे हैं।इस प्रकार, नंदकुमार की यह कहानी एक उदाहरण बन गई है कि कैसे सरकार और समाज के सहयोग से जीवन में नई उम्मीदें और खुशियाँ लौट सकती हैं।

सीएम विष्णुदेव साय की कुनकुरी में पानी को लेकर क्या है अर्धशतायु योजना? विष्णु का सुशासन जानकर लोगों में जागेगा नया विश्वास,,पढ़िए पूरी खबर

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जशपुर,17 सितंबर2024: कुनकुरी के लोगों को पेयजल की समस्या से जल्द ही राहत मिलने वाली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, नगर पंचायत कुनकुरी के लिए 48 करोड़ रुपये की जल आवर्द्धन योजना को मंजूरी दिलवाई है। यह योजना अमृत मिशन 2.0 के तहत आएगी, जिससे अगले 50 सालों तक कुनकुरी के निवासियों को जल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। योजना का विस्तार कुनकुरी नगर पंचायत के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) प्रवीण कुमार उपाध्याय ने बताया कि इस योजना के तहत फरसाकानी में ईब नदी के किनारे इंटकवेल, पम्पिंग स्टेशन, 3.50 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, और कुल 5713 मीटर रॉ वाटर पाइपलाइन का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही 4010 मीटर क्लियर वाटर पाइपलाइन, 36,930 मीटर जल आपूर्ति पाइपलाइन और 940 किलोलीटर क्षमता का एक ओवरहेड टैंक भी बनाया जाएगा। क्या होंगे लाभ? नगर पंचायत का अनुमान है कि इस जल आवर्द्धन योजना के पूरा हो जाने पर कुनकुरी के लगभग 13,648 लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में नगर के 15 वार्डों में 2,495 घर हैं, जिनमें से कई को पर्याप्त जल आपूर्ति नहीं हो पाती है। गर्मियों में पानी की कमी से जूझने वाले कुनकुरी के निवासी टैंकरों पर निर्भर होते हैं, जिससे जल वितरण को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न होती रहती है। निवासियों को मिलेगी राहत योजना के पूर्ण होने पर कुनकुरी में घर-घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। सीएमओ प्रवीण कुमार उपाध्याय ने बताया कि निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जल्द ही निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा। इससे न केवल मौजूदा जल संकट हल होगा, बल्कि भविष्य में कुनकुरीवासियों को किसी प्रकार की जल समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। अगले 50 सालों तक पानी की समस्या से मुक्ति अमृत मिशन के तहत स्वीकृत यह योजना कुनकुरी के लिए एक स्थायी समाधान साबित होगी, जिससे अगले 50 सालों तक पानी की किल्लत से निजात मिल सकेगी।  

ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री पर एसपी शशिमोहन सिंह करेंगे खुलासा,11 बजे होगी प्रेस कांफ्रेंस

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जशपुर,17 सितंबर 2024 – 12 सितंबर को कुनकुरी थाना क्षेत्र में हुई अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए कुछ देर बाद पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह पुलिस सभागार में प्रेस कांफ्रेंस लेंगे। उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले को अपराधमुक्त करने का बीड़ा उठाकर पुलिस कप्तान शशिमोहन सिंह ने मवेशी तस्करी,नशे का नेक्सस तोड़ने का काम किया है।इसके साथ ही हत्या,बलात्कार,गुमशुदगी जैसे गम्भीर अपराधों में कामयाबी पाई है। 12 सितंबर को कुनकुरी थाना इलाके में स्टीट हाइवे के किनारे ‘अभी’ नामक 25 वर्षीय युवक की निर्मम हत्या ने सनसनी फैला दी थी।यह जशपुर पुलिस के बड़ी चुनौती थी।इस ब्लाइंड मर्डर को अपराधियो ने बड़े शातिराना अंदाज में अंजाम दिया था लेकिन पुलिस अधीक्षक शशिमोहन ने इसे सुलझा लिया है।कुछ देर बाद सबके सामने खुलासा होगा कि कातिल कौन?

*सीएम विष्णु देव साय की बड़ी पहल: झारखंड के लोगों को भी मिल रहा स्वास्थ्य सेवा लाभ* *छत्तीसगढ़ में इतने शिशुओं ने लिया जन्म*

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**जशपुर के स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार: झारखंड की जनता को मिला सीधा लाभ** *लोदाम सीएचसी में पिछले 4 महीनों में 27 झारखंड निवासियों के सफल प्रसव* जशपुरनगर, 16 सितंबर 2024 – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की स्वास्थ्य सुधार की मंशा से जशपुर जिले में हो रहे स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का फायदा न केवल छत्तीसगढ़ के लोगों को मिल रहा है, बल्कि पड़ोसी राज्य झारखंड के निवासियों को भी इससे सीधा लाभ हो रहा है। जशपुर जिला मुख्यालय से करीब 26 किलोमीटर दूर स्थित लोदाम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), जो झारखंड सीमा के निकट है, वहां पर झारखंड के कई गांवों के लोग इलाज कराने आ रहे हैं। लोदाम सीएचसी की बेहतर सुविधाओं की वजह से झारखंड के मांझा टोली और आसपास के गांवों के लोग नियमित रूप से यहां पहुंच रहे हैं। बीते 4 महीनों में ही यहां 27 झारखंड निवासियों के सफलतापूर्वक सामान्य प्रसव कराए गए हैं। इसके अलावा 10 से अधिक टाइफाइड मरीजों का इलाज भी यहां सफलतापूर्वक किया गया है। यह केंद्र एक्सरे, ब्लड टेस्ट, सामान्य प्रसव और आयुष्मान कार्ड जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी उपलब्ध कराता है, जिससे दूर-दराज के ग्रामीणों को बड़े अस्पतालों तक जाने की जरूरत नहीं पड़ती। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़े पैमाने पर कार्य हो रहा है। अभी तक 18 एबीबीएस और 7 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जा चुकी है। इसके अलावा, नवीन स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना और अत्याधुनिक मेडिकल उपकरणों की खरीदी के साथ-साथ नए कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस दरियादिली और प्रयासों से न केवल जशपुर बल्कि झारखंड के सीमावर्ती इलाकों के लोगों को भी बड़ी राहत मिली है। यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बना रही है, बल्कि राज्य की सीमाओं से बाहर तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत कर रही है।