*राजी पड़हा जनाक्रोश रैली को लेकर उरांव समाज में हुआ दो फाड़ ! विधायक ने कहा – लोग रैली में न हों शामिल,प्रशासन अशांति फैलानेवालों पर सख्ती बरतने को तैयार *

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जशपुर, 2 सितंबर: शहर में कल 3 सितंबर को प्रस्तावित जनाक्रोश महारैली को लेकर माहौल गर्म है। राजी पड़हा सरना प्रार्थना समाज समेत छह सामाजिक संगठनों द्वारा जिला मुख्यालय में इस रैली का आयोजन किया जा रहा है, जिसे लेकर उरांव समाज में विभाजन की स्थिति उत्पन्न हो गई है। दरअसल, रैली के आयोजक प्रशासन पर दीपू बगीचा स्थित सरना पूजा स्थल को सील करने का आरोप लगा रहे हैं। इस मुद्दे पर उरांव समाज का एक वर्ग आक्रोशित है और उन्होंने हजारों लोगों के साथ रैली में शामिल होने का ऐलान किया है। छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है। हालांकि, समाज के दूसरे पक्ष ने रैली का विरोध करते हुए इसे समाज में फूट डालने की कोशिश करार दिया है। जशपुर विधायक रायमुनी भगत और देवलाल भगत ने अपील की है कि समाज के लोग इस रैली से दूर रहें। उनका दावा है कि पूजा स्थल को प्रशासन द्वारा सील नहीं किया गया है, बल्कि राजी पड़हा के कुछ पदाधिकारियों ने स्वयं ही मुख्य गेट पर ताला लगाकर अफवाह फैलाई है। इस पूरे विवाद की जड़ दीपू बगीचा में अवैध रूप से चलाए जा रहे छात्रावास से जुड़ी है। प्रशासन ने बिना अनुमति और समुचित व्यवस्था के नाबालिग लड़के-लड़कियों को एक ही कमरे में रखने के आरोप में छात्रावास को बंद करा दिया था। इसके बाद से राजी पड़हा सरना समूह ने प्रशासन पर धार्मिक स्थल के खिलाफ कार्रवाई का आरोप लगाया है, जिससे जनाक्रोश महारैली की योजना बनाई गई। स्थानीय प्रशासन एसडीएम प्रशांत कुशवाहा ने भी मीडिया को बताया कि पूजा स्थल में प्रशासन की ओर से कोई तालाबंदी नहीं की गई है।अफवाह फैलाने,अशांति फैलाने की कोशिश करनेवालों पर सख़्त कार्रवाई करने की तैयारी है। रैली के विरोध में स्थानीय हिंदू उरांव समाज ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने रैली से शहर की शांति और सामाजिक सौहार्द्र बिगड़ने की आशंका जताई है। जिला प्रशासन ने हालांकि रैली को सशर्त अनुमति दे दी है, और इसके मद्देनजर हॉकी स्टेडियम समेत पूरे शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने कहा, “समाज के लोगों को गुमराह करके रैली का आयोजन किया जा रहा है। दीपू बगीचा सरना पूजा स्थल के मुख्य गेट पर प्रशासन ने कोई ताला नहीं लगाया है। यह अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। मैं संपूर्ण उरांव समाज से अपील करती हूँ कि इस रैली में शामिल न हों।” कल की रैली को लेकर जिले भर में उत्सुकता और आशंका का माहौल है, और प्रशासन स्थिति पर कड़ी निगरानी बनाए हुए है।

*राजी पड़हा सरना को शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति, कलेक्टर ने 17 शर्तों के साथ दी मंजूरी*

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  जशपुर – राजी पड़हा सरना जशपुर के प्रतिनिधियों ने आगामी 3 सितंबर 2024 को एक सभा और रैली के आयोजन के लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी थी। इस संबंध में आज 1 सितंबर 2024 को कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के कार्यालय में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोजन समिति के प्रमुख पदाधिकारियों और नागरिकों के साथ विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें कानून व्यवस्था और जनसुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रैली के लिए एन.ई.एस. कॉलेज के समीप हॉकी मैदान में कार्यक्रम की अनुमति दी गई। बैठक में शामिल पदाधिकारियों ने प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल और रैली मार्ग पर चर्चा की, जिसमें दीपू बगीचा से बिरसामुण्डा चौक, महाराजा चौक होते हुए रणजीता स्टेडियम तक की रैली को आयोजन स्थल के संवेदनशील होने के कारण नहीं चुना गया। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि रैली को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से आयोजित करने के लिए एन.ई.एस. कॉलेज के समीप हॉकी मैदान ही उपयुक्त रहेगा। कलेक्टर ने इस रैली के लिए 17 शर्तों के साथ अनुमति दी है, जिसमें प्रमुख रूप से कानून व्यवस्था बनाए रखने, किसी भी प्रकार के हथियार या नशीले पदार्थों के उपयोग पर प्रतिबंध, भीड़ नियंत्रण के लिए वालंटियर्स की नियुक्ति, और आयोजन की वीडियो रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करना शामिल है। आयोजकों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी प्रकार के उन्माद फैलाने वाले भाषण नहीं दिए जाएं, और आयोजन स्थल को साफ-सुथरा रखा जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यदि इन शर्तों का उल्लंघन होता है तो आयोजन समिति पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, और अनुमति तत्काल निरस्त की जा सकती है। आयोजकों से अपेक्षा की गई है कि वे जिला प्रशासन और पुलिस बल का पूरा सहयोग करेंगे, ताकि रैली शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

*बड़ी खबर: जशपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ जजासु का बड़ा आंदोलन 12 को, सन्ना में विशाल रैली की तैयारी शुरू*

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  **जशपुर, छत्तीसगढ़:** जशपुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। अखिल भारतीय जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मंत्री गणेश राम भगत के नेतृत्व में रविवार को सन्ना में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में खुड़िया क्षेत्र के लगभग 30 पंचायतों के सैकड़ों ग्राम प्रमुख, जजासु मंच के प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में प्रमुख रूप से क्षेत्र में फैले भ्रष्टाचार, मनरेगा में मजदूरी भुगतान में देरी, सामाजिक सुरक्षा पेंशन की लंबित राशि, और बगीचा ब्लॉक में आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई। विशेष रूप से, कांग्रेस सरकार के दौरान बगीचा ब्लॉक में आंगनबाड़ी भर्ती में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया था, जिसमें एफआईआर दर्ज करने की मांग की जा रही है। गणेश राम भगत ने बैठक में जोर देते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के अधिकारी जनता को परेशान कर रहे हैं और अब समय आ गया है कि जनता अपनी आवाज उठाए। **12 सितंबर को सन्ना में विशाल रैली का ऐलान** बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 12 सितंबर, गुरुवार को सन्ना के बस स्टैंड में एक विशाल रैली और आंदोलन किया जाएगा, जिसमें दावा किया गया है कि 10,000 से अधिक लोग भाग लेंगे। इस रैली के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। गणेश राम भगत ने जनता से अपील की है कि वे इस आंदोलन में बड़ी संख्या में शामिल होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं और अपने अधिकारों के लिए लड़ें। इस बैठक में विधिक सलाहकार रामप्रकाश पांडे, संरक्षक राजकुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष चंद्रदेव ग्वाला, अनिल भगत, सुखलाल यादव, राकेश गुप्ता, सल्लू राजवाड़े, प्रकाश यादव, शिव यादव, हरि राम नागवंशी, रतन शर्मा, और जगमोहन भगत जैसे प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित थे। खुड़िया क्षेत्र में इस आंदोलन को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, और प्रशासन भी इस विशाल रैली के लिए तैयारियों में जुट गया है।

छात्रों की लड़ाई में पिसता प्रिंसिपल,आत्मानन्द में हुई मारपीट के पीछे की सच और साजिश की क्या है कहानी?

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जशपुर/कुनकुरी – बीते 28 अगस्त को स्वामी आत्मानन्द विशिष्ट अंग्रेजी मीडियम हाईस्कूल कुनकुरी में छात्रों के बीच हुई मारपीट के मामले में पड़ी धुंध हटती जा रही है।पुलिसिया और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच खबर जनपक्ष को ऐसी जानकारियां मिलीं हैं, जिन्हें पाठकों के सामने रखना जरूरी समझा। क्यों हुई मारपीट? यह बताने से पहले हम छात्रों के बदले हुए नाम से सच्ची कहानी बताते हैं – इसमें चांद,सूरज और पृथ्वी तीन किरदार हैं।दरअसल,उस दिन और दिनों की तरह पढाई चल रही थी।रेसिस टाईम में करीब 10:10 बजे सुबह चांद और सूरज के बीच छात्र चुनाव को लेकर बहस होने लगी।जिसमें बात बढ़ते-बढ़ते हाथापाई पर उतर आई।पृथ्वी ने बताया कि सबसे पहले सूरज ने चांद के चेहरे पर मुक्का मारा,फिर चांद ने मुक्का मारा जो सूरज को नहीं लगा,दुबारा मुक्का मारा जो सूरज के कान के पीछे पड़ा,जिससे सूरज के सिर से खून बहने लगा।चांद ने फाइटर से मारा हालांकि चांद का कहना है पृथ्वी पूरा सच नहीं बता रहा है,मैंने अंगूठी पहनी थी,जिससे सूरज को चोट लगी है।खून निकलता देख सूरज का दोस्त पृथ्वी अपने दो-तीन दोस्तों के साथ बीच-बचाव किया।तब तक स्कूल के टीचर दीपक यादव, वाइस प्रिंसिपल चौहान स्टेज के पीछे हो-हल्ला सुनकर पहुंचे।उन्होंने घायल सूरज को अस्पताल पहुंचाया।जहां सिर में टांके लगने के बाद सूरज वापस स्कूल आ गया। घटना के समय प्रिंसिपल इकबाल खान कहाँ थे? इस घटना के दौरान स्कूल के प्रिंसिपल इकबाल खान आवश्यक बैठक में जशपुर कलेक्ट्रेट में थे।जैसे ही उन्हें पता चला वे बैठक से निकल गए।तब तक इधर मामला थाने तक जा पहुंचा।सूरज अपने साथियों के साथ थाने में और चांद सीधे घर।प्रिंसिपल सीधे थाने पहुंचे और घायल सूरज से मिले।मामला सुलझाने और समझौता करने-कराने की बात पर समय निकलता गया।छात्रों की लड़ाई में दो समुदाय का तड़का लगते ही एफआईआर हो गया।माहौल में गर्मी बढ़ता देख प्रिंसिपल इकबाल घर चले गए क्योंकि चांद तो उनका ही बेटा था।दूसरे दिन इस बात पर चिल्लम-चिल्ली होती रही कि चांद ने फाइटर से मारकर सिर फोड़ा है या चांद की अंगूठी से लगकर सूरज को गहरी चोट आई है। कलेक्टर के निर्देश पर जांच फिर प्रिंसिपल पर गिरी गाज मामला सुर्खियों में आने के बाद जिला शिक्षाधिकारी पी.के.भटनागर ने स्कूल में एक जांच टीम भेजी।जांच टीम ने सम्बंधित पक्षों उनके पालकों, शिक्षकों और छात्रों के बयान लिए और प्रतिवेदन बनाकर डीईओ श्री भटनागर को सौंप दिया गया।डीईओ ने इसे कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल के समक्ष प्रशासनिक कार्यवाही के लिए रखा।जिसका अवलोकन करने के बाद इस घटना में प्रिंसिपल की घोर लापरवाही पाई गई।जिसमें प्रमुख कारण यह माना गया कि अपने स्कूल में सक्षम प्राधिकारी के बिना अनुमति बाहरी स्कूल के 2 छात्रों को प्रवेश दिया गया।तीन दिन का समय देकर कारण बताओ नोटिस प्रिंसिपल को दिया गया। कैसा रहा है प्रिंसिपल इकबाल खान का शिक्षकीय व प्रशासकीय सफर? एक नजर —– 1988 से अपने शिक्षकीय जीवन की शुरुआत करनेवाले इकबाल अहमद खान नारायणपुर थाना अंतर्गत दाराखरिका गांव से आते हैं।इनके बारे में जब हमने जानकारी जुटानी शुरू की तो 36 वर्षों के शिक्षकीय,गैर शिक्षकीय व प्रशासनिक कार्यों में बेदाग रहे।ये राज्यपाल, मुख्यमंत्री व जिला कलेक्टरों द्वारा 2021 से अब तक अपनी कुशल अध्यापन व प्रशासनिक दक्षता से सम्मानित होते आये हैं।इन्होंने मानवता की मिसाल पेश करते हुए 3 नवम्बर 2013 को खेत से लौटते हुए एक बेसुध वृद्ध महिला को देखा,जिसके पैर में बड़ा घाव जिसमें कीड़े रेंग रहे थे।इकबाल उसे अपने घर ले गए और सेवा करने लगे।घाव से कीड़े खुद साफ करते,खाना खिलाते।इसका घर में विरोध भी हुआ लेकिन उन्होंने उसकी सेवा करते हुए उसे ठीक कर दिया।वृद्ध महिला की याददाश्त चली गई थी तो वह इकबाल को ही अपना बेटा मानकर घर में ही रही। सरबकोम्बो हाईस्कूल में प्रिंसिपल के पद पर रहते हुए अपने भाई सुल्तान से 51,000/- रुपये दान में लेकर छात्रों के लिए सायकिल स्टैंड बनवाया।वहीं हाईस्कूल के लिए रास्ते के लिए जनप्रतिनिधियों से बार-बार मांग कर रास्ता तैयार कराया।वर्ष 2022 में राज्य शासन से इन्हें प्रतिनियुक्ति में स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट अंग्रेजी विद्यालय का प्रिंसिपल बनाया।आत्मानन्द स्कूल के शिक्षकों ने इनके कार्यकाल को अनुशासन व अध्ययन-अध्यापन के लिए स्वर्णिम काल बताया है।वहीं 28 तारीख की घटना के बाद प्रिंसिपल खान के स्थानान्तरण की आशंका से कई विद्यार्थी और उनके अभिभावकों में निराशा है और अब बीच सत्र में ही टीसी लेकर दूसरे स्कूलों में जाने का मन बना रहे हैं। बहरहाल, दो छात्रों की लड़ाई में गैरहाजिर रहे प्रिंसिपल इकबाल खान पिसते नजर आ रहे हैं।जानकारों की मानें तो जब संकल्प कोचिंग के छात्र दूसरे स्कूल के छात्र हो सकते हैं तो प्रिंसिपल के बेटे-भतीजे अनुमति लेकर दूसरे स्कूल में पढ़ रहे हैं तो इसमें इतना बवाल क्यों? अब देखना होगा कि जो आरोप उनके ऊपर लगे हैं वो कितना सही है।

*रिश्तेदारी में गए युवक पर हमला, पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार, एक फरार*

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जशपुर/कुनकुरी, 1 सितंबर 2024: कुनकुरी थाने से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां दिनांक 15 अगस्त 2024 को उमेश चौहान, निवासी ग्राम हर्राडाड, पर हमला हुआ। इस मामले में थाना प्रभारी सुनील सिंह ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है,एक फरार आरोपी की तलाश जारी है। दरअसल,15 अगस्त को उमेश अपनी मोटरसाइकिल से ग्राम घटमुंडा में रिश्तेदारी में गया हुआ था। शाम लगभग 6:30 बजे, जब वह अपनी भाभी से रोड किनारे बातचीत कर रहा था, तभी गांव के अमित कुमार ने वहां आकर उमेश और उसकी भाभी को मां-बहन की भद्दी गालियां दीं और उमेश के साथ हाथ-मुक्का से मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में अमित कुमार के पिता परमानंद भी शामिल हो गए, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया। उमेश ने खुद को बचाने के लिए पास में अपने रिश्तेदार प्रहलाद चौहान के घर में शरण ली। हालांकि, हमलावरों ने वहां भी पीछा नहीं छोड़ा। अमित कुमार अपने भाई अजीत राम और पिता परमानंद के साथ दरवाजा तोड़कर घर में घुस गया और घर में रखे टीवी को क्षतिग्रस्त कर दिया। हमलावरों ने उमेश को जबरन खींचकर बाहर निकाला और अपने अन्य साथी भोलाराम और पंकज के साथ मिलकर उसे सड़क पर लात-घूंसों से पीटा। इस दौरान, उमेश को जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के कुछ समय बाद, वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया और उमेश को बचाया। उमेश चौहान की शिकायत पर कुनकुरी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशानुसार और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुनकुरी श्री विनोद कुमार मंडावी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सुनील सिंह द्वारा प्रकरण की सूक्ष्मता से विवेचना की गई। विवेचना के बाद, दिनांक 31 अगस्त 2024 को आरोपी अमित कुमार (22 वर्ष), अजीत राम (25 वर्ष), परमानंद भगत (47 वर्ष) और भोलाराम (65 वर्ष), सभी निवासी घटमुंडा नीमटोली, थाना कुनकुरी को धारा 296, 351(2), 115(2), 324(1), 331(5), 191(2) बी, एन, एस के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस प्रकरण में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है, और जल्द ही फरार आरोपी की गिरफ्तारी की उम्मीद है।

*जशपुर: राजी पड़हा की आक्रोश रैली को बताया राजनीतिक स्टंट, स्थानीय नेताओं ने जताई कड़ी आपत्ति* *विधायक रायमुनी भगत समेत कई आदिवासी नेता आये सामने*

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  जशपुर, 1 सितंबर: जशपुर जिले में 3 सितंबर को आयोजित की जाने वाली राजी पड़हा की आक्रोश रैली को स्थानीय नेताओं ने एक राजनीतिक स्टंट करार देते हुए इसका कड़ा विरोध किया है। जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने इस रैली को समाज के भोले-भाले आदिवासियों को गुमराह करने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि चंद लोग राजनीतिक फायदे के लिए समाज के लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। विधायक श्रीमती भगत ने स्पष्ट किया कि दीपू बगीचा में राजी पड़हा द्वारा अवैध रूप से संचालित किए जा रहे छात्रावास को जिला प्रशासन ने 10 अगस्त को बंद कराया था। इस कार्रवाई को लेकर राजी पड़हा द्वारा गलत जानकारी फैलाकर समाज में भ्रम पैदा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों पर कोई रोक नहीं है, और प्रशासन ने किसी प्रकार की सीलबंदी की कार्रवाई भी नहीं की है। श्रीमती शांति भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष, ने भी इस मामले में राजी पड़हा के नेताओं के ऐसे प्रयासों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज आक्रोश रैली का पुरजोर विरोध करता है। शांति भगत ने आरोप लगाया कि वे राजनीतिक लाभ के लिए भोले-भाले आदिवासियों का उपयोग कर रहे हैं और प्रशासन से इस रैली की अनुमति न देने की मांग की। कई आदिवासी नेताओं ने भी राजी पड़हा के नेताओं के निर्णय पर असंतोष जाहिर किया और इसे समाज को समाज से लड़ाने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि दीपू बगीचा में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर कोई रोक नहीं है और प्रशासन से अनुमति लेकर इन्हें आयोजित किया जा सकता है। नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम राम ने भी राजी पड़हा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राजी पड़हा ने कभी भी स्थानीय आदिवासियों को विश्वास में लेकर कार्य नहीं किया है और अब अवैध छात्रावास के मामले में समाज के लोगों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि वे राजी पड़हा के बहकावे में न आएं और इस रैली का विरोध करें। जशपुर के विभिन्न जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने 3 सितंबर को आयोजित की जाने वाली आक्रोश रैली को लेकर अपने कड़े विरोध के स्वर बुलंद कर दिए हैं। अब देखना यह है कि इस विरोध के बीच रैली का क्या परिणाम होता है।

आत्मानन्द के प्रिंसिपल पर गिरी गाज, कलेक्टर ने शो-कॉज नोटिस थमाया तो शासन ने हटा दिया,छात्रों के बीच मारपीट की घटना पर हुई कार्रवाई

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जशपुर/कुनकुरी – स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल कुनकुरी में दो दिन पहले दो छात्रों की आपसी लड़ाई के मामले में प्रिंसिपल इकबाल खान पर बड़ी कार्रवाई की गई है।उन्हें राज्य शासन ने स्कूल से हटा दिया है।वहीं कलेक्टर जशपुर ने शो-कॉज नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। दरअसल,घटना 28 जुलाई की है जब SAGES कुनकुरी के प्रिंसिपल इकबाल खान का बेटा और उसी स्कूल का एक छात्र आपस में भिड़ गए।उनके बीच हुई मारपीट में 12 वीं का एक छात्र का सिर फट गया।जिसकी बाकायदा कुनकुरी थाने में रिपोर्ट हुई है,जिसपर पुलिस कार्रवाई कर रही है। कलेक्टर जशपुर डॉ. रवि मित्तल ने शासकीय स्कूल परिसर के अंदर हुई इस घटना को गम्भीरता से लेते हुए कारण बताओ नोटिस देते हुए प्रिंसिपल इकबाल खान पर पदीय कर्तव्य निभाने में घोर लापरवाही बरतने जैसे शब्दों के साथ तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा है। वहीं संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, इंद्रावती रायपुर के पत्र क्रमांक 9051/30-08-2024 के आदेश पत्र के अनुसार प्रभारी प्राचार्य इकबाल खान की प्रतिनियुक्ति आदेश को समाप्त करते हुए मूलतः वापस भेजने के लिए प्रस्तावित किया गया है।वहीं आत्मानन्द स्कूल के व्याख्याता अनिल सिंह के प्रभारी प्राचार्य के लिए प्रस्तावित करने सम्बन्धी आदेश जारी किया गया है।इसके साथ ही इसी आदेश में कोतबा SEGES के प्राचार्य फिलमोन मिंज को हटाते हुए व्याख्याता जय कुमार सिदार को प्रशासनिक व्यवस्था के तहत प्रभारी प्राचार्य के पद पर प्रस्तावित किया गया है। हम आपको बता दें कि 28 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे 12 वीं के दो छात्र के बीच हुई मारपीट के समय प्राचार्य इकबाल खान कलेक्टर मीटिंग में शामिल होने जशपुर गए हुए थे।घटना में आरोपी छात्र प्रिंसिपल का बेटा है जो कथित रूप से विशेष अनुमति लेकर कक्षा 12 वीं में अध्ययनरत है।वहीं पीड़ित भी उसी कक्षा का छात्र है।प्रिंसिपल इकबाल खान पर आरोप है कि उन्होंने दूसरे स्कूल में दर्ज छात्र को गलत तरीके से अपने स्कूल में पुत्रमोह के कारण पढाई करने की अनुमति कैसे दे दी?जिसकी वजह से यह घटना हुई है। बहरहाल,सवाल कई हैं लेकिन यह बात स्पष्ट तौर पर कहा जा रहा है कि विष्णु के सुशासन में सबकुछ सांय-सांय चल रहा है।

*खेल अलंकरण समारोह में सुश्री एलिजाबेथ बेक को मिला शहीद पंकज विक्रम सम्मान*

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*जशपुरनगर, 30 अगस्त 2024*: राज्य के खेल जगत में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, जशपुर जिले की सायकलिस्ट सुश्री एलिजाबेथ बेक को शहीद पंकज विक्रम सम्मान 2022-23 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें साइक्लिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर दिया गया है। राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित इस राज्य खेल अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों से कुल 502 प्रतिभावान खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया गया और 01 करोड़ 36 लाख रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई। सुश्री एलिजाबेथ बेक, जो जशपुर जिले के बगीचा तहसील के महादेवडांड (दर्रीटोली) गांव की निवासी हैं, 2015 से साइक्लिंग में सक्रिय हैं और अब तक विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 7 मेडल जीत चुकी हैं। उन्होंने पुणे, केरल, कर्नाटक, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा, गुजरात और गोवा जैसी जगहों पर आयोजित नेशनल गेम्स और प्रतियोगिताओं में अपने कौशल का प्रदर्शन किया है। सम्मान प्राप्त करने के बाद, सुश्री बेक ने मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें आगे भी राज्य का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करेगा। उनकी इस उपलब्धि पर जशपुर जिले के कई गणमान्य व्यक्तियों, जैसे जिला हॉकी संघ के अध्यक्ष वाल्टर कुजूर, उपाध्यक्ष संतोष चौधरी, डॉ. पी.सी. कुजूर, नवीन रोशन बेक, ज्योति प्रकाश लकड़ा, डेविड कुजूर, अभय मिंज और प्रेस क्लब जशपुर के उपाध्यक्ष दीपक सिंह, संजीत यादव ने उन्हें बधाई दी। खेल अलंकरण समारोह में 2021-22 और 2022-23 के लिए कुल 97 पुरस्कारग्राही खिलाड़ियों को 76 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई, जबकि पदक विजेता 502 खिलाड़ियों के बैंक खातों में 60.33 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इस अवसर पर शहीद राजीव पांडेय, शहीद कौशल यादव, वीर हनुमान सिंह, शहीद पंकज विक्रम, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्रॉफी सहित विभिन्न पुरस्कार भी प्रदान किए गए। कुल मिलाकर खिलाड़ियों को 01 करोड़ 36 लाख 33 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई।

*कैसा सुशासन? आंगनबाड़ी भर्ती में भ्रष्टाचार साबित होने के बावजूद नहीं हुई कोई कार्यवाही, अब जनजाति सुरक्षा मंच करेगा आंदोलन*

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  *जशपुर/सन्ना:* जशपुर जिले में आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया में हुए भ्रष्टाचार के मामले में 9 महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए जनजाति सुरक्षा मंच ने बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में आगामी 1 सितंबर को कल्याण आश्रम के सामुदायिक भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया जा रहा है। इस बैठक में आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। जानकारी के अनुसार, जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक अंतर्गत सन्ना परियोजना में आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया में खुल्लमखुल्ला भ्रष्टाचार हुआ था। यह मामला तब उजागर हुआ जब दो अलग-अलग स्थानों पर फर्जी अंकसूचियां लगाकर अवैध तरीके से नियुक्तियां की गईं। पीड़िताओं ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी प्राप्त कर न्यायालय अपर कलेक्टर में प्रकरण दर्ज किया। जांच के बाद न्यायालय ने पाया कि फर्जी अंकसूचियों का उपयोग कर अधिकारियों ने ये नियुक्तियां की थीं। पीड़िताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय और सन्ना थाने में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन 9 महीने बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके बाद पीड़िताओं ने जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मंत्री गणेश राम भगत से संपर्क किया। भगत के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन ने पीड़िताओं को नियुक्ति आदेश तो जारी कर दिया, लेकिन भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जनजाति सुरक्षा मंच के कार्यकर्ताओं में इस मामले को लेकर गहरी नाराजगी है। मंच के रडार पर कई उच्च अधिकारी हैं, जिन पर कार्रवाई की मांग की जा रही है। 1 सितंबर की बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी, जिसमें सन्ना में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए जाने की संभावना है।

जशपुर विधायक श्रीमती भगत ने बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाकर की कार्यक्रम की शुरूआत

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राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस: पुत्रीशाला जशपुर में हुआ कार्यक्रम का आयोजन जशपुरनगर 30 अगस्त 2024/जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत की उपस्थिति में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर विगत दिवस शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पुत्रीशाला जशपुर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। विधायक श्रीमती भगत ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के संबंध में विस्तार से स्कूली बच्चों को बताते हुए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला गया और बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाकर कार्यक्रम की शुरूआत की। उन्होंने सभी जनों को कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु आहवान किया गया। जिला नोडल अधिकारी आशुतोष तिर्की ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 3 लाख 37 हजार का लक्ष्य रखा गया है। जिसे शत् प्रतिशत पूर्ण किया जाएगा। कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जिला कार्यक्रम प्रबंधक के द्वारा स्कूली शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास एवं अन्य विभाग के समन्वय से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 29 अगस्त 2024 एवं मॉपअप दिवस 04 सितम्बर 2024 को कार्यक्रम का सफल आयोजन कराया जाना सुनिश्चित है। कार्यक्रम अंतर्गत जिले के समस्त विकासखण्डों में 29 अगस्त 2024 को शास., अर्द्ध शासकीय शिक्षण स्थानों, अनुदान प्राप्त संस्थाओं, निजी शिक्षा संस्थानों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, महावि., मदरसों, तकनीकी शिक्षा के माध्यम से 1 वर्ष से 19 वर्ष तक समस्त छात्र-छात्राओं एवं शालात्यागी किशोर-किशोरियों को शासन के निर्देशानुसार कृमिनाशक दवा ऐलबेन्डाजोल की गोली दी जाएगी। जिसमें 1 वर्ष से 2 वर्ष के समस्त बच्चों को 200 एमपी आधी गोली पिसकर एवं 2 से 3 वर्ष के बच्चों को 1 गोली पिसकर एवं 3 वर्ष से 5 वर्ष के बच्चों को 1 गोली चबाकर एवं 5 से 19 वर्ष के बच्चों, किशोर-किशोरियों के लिए पूरी 1 गोली चबाकर के पानी के साथ सेवन कराई जाएगी। साथ ही मॉपअप दिवस के दौरान छुटे हुये छात्र- छात्राओं एवं शाला त्यागी किशोर एवं किशोररियों को कृमि नाशक दवा का सेवन कराया जाना है। जिसके फलस्वरूप स्वास्थ्य पोषण रक्त अल्पता एवं बच्चों के शारिरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास में सुधार हो सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा सर एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक गनपत कुमार नायक ने सभी आमजन से अपील की है कि अपने आस-पास व रिश्तेदारों में 1-19 वर्ष के सभी बच्चों को कृमि नाशक दवा खिलाने के लिए प्रेरित करेंगे।