महामहिम द्रौपदी मुर्मू ने नक्सल पीड़ितों की कहानी उनकी जुबानी सुनी,पीड़ितों ने मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जताया आभार

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  नई दिल्ली, 22 सितंबर 2024 – छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र से 70 लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल आज राष्ट्रपति भवन पहुंचा, जहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा की। बस्तर में दशकों से माओवाद के आतंक का सामना कर रहे ये लोग, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल के तहत अपनी आवाज देश की सर्वोच्च सत्ता तक पहुंचाने में सक्षम हुए। राष्ट्रपति ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को अवगत कराया कि बस्तर के लोग पिछले 40 वर्षों से माओवादी आतंक का शिकार हो रहे हैं।जिनमें से कुछ लोग आपके सामने जीवित बचकर आये हैं।उन्होंने बताया कि माओवादियों के हमलों में हजारों लोग मारे गए हैं और सैकड़ों स्थायी रूप से अपंग हो चुके हैं। बारूदी सुरंगों और बम विस्फोटों ने न केवल उनके शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि मानसिक रूप से भी उन्हें गहरा आघात दिया है। उन्होंने बताया कि माओवादी आतंक ने उनके घरों, जमीन और सांस्कृतिक धरोहर को बर्बाद कर दिया है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले ढाई दशकों में 8,000 से अधिक लोग इस हिंसा के शिकार हुए हैं, और आज भी कई लोग नक्सलियों के डर में जी रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के सामने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सराहना करते हुए बताया कि  बस्तर में शांति बहाली और विकास के कई महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय की संवेदनशील पहल के तहत बस्तर के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उनकी योजनाओं ने बस्तरवासियों में एक नई उम्मीद का संचार किया है। प्रतिनिधियों ने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने न केवल नक्सल उन्मूलन के लिए ठोस कदम उठाए हैं, बल्कि वहां के लोगों को एक बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करने के लिए भी काम किया है। उनके नेतृत्व में बस्तर में शांति बहाली और पुनर्निर्माण के लिए गम्भीर प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर शांति समिति के प्रतिनिधियों मंगऊ राम कावड़े और जयराम दास ने राष्ट्रपति से अपील की कि बस्तर को माओवादी आतंक से मुक्त कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने बस्तर को फिर से उसकी प्राकृतिक सुंदरता और शांति लौटाने की मांग की। महामहिम द्रौपदी मुर्मू ने प्रतिनिधियों की पीड़ा को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि सरकार बस्तर में शांति और विकास के लिए हरसंभव कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि बस्तरवासियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नक्सलवाद से मुक्ति पाने के लिए  छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री की नई पहल की राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है।यह मुलाकात नक्सल पीड़ितों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है। वहीं,राष्ट्रपति से मिलने का यह अवसर बस्तरवासियों के लिए एक आशा की किरण साबित हो सकता है, जो वर्षों से नक्सली हिंसा के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।नक्सल प्रभावित लोगों में उम्मीद जागी है,जो आने वाले समय में बस्तर के भविष्य को एक नई दिशा दे सकता है।  

*विख्यात पंडवानी गायिका श्रीमती तीजन बाई के स्वास्थ्य पर रखी जा रही निगरानी**मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर चिकित्सकों का दल उपचार और देखभाल के लिए तैनात*

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रायपुर, 21 सितम्बर 2024/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय विख्यात पंडवानी गायिका पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने श्रीमती तीजन बाई के बेहतर स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन को श्रीमती तीजन बाई के बेहतर उपचार और देखभाल के लिए जरूरी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर चिकित्सकों का दल द्वारा श्रीमती तीजन बाई के स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों के दल द्वारा दुर्ग जिले के ग्राम गनियारी स्थित आवास में उनकी नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच की जा रही है।  

*भर्तियों की सुनामी : साय सरकार में युवाओं के दुख भरे दिन बीते* *मुख्यमंत्री ने ग्रामीण आजीविका मिशन में 237 पदों पर भर्ती को दी मंजूरी*

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रायपुर 21 सितम्बर 2024/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने के लिए व्यक्तिगत रूचि लेकर विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती को मंजूरी दे रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा स्वास्थ्य विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में रिक्त पदों की भर्ती के प्रस्ताव को हरी झण्डी दी गई है। इसके तहत राष्ट्रीय आजीविका मिशन में 237 पदों पर नई भर्ती की जाएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में भर्ती के प्रस्ताव को वित्त विभाग ने मंजूरी प्रदान कर दी है। जिसमें राज्य स्तर के कुल 09 और जिला स्तरीय 228 पद शामिल हैं। राज्य स्तरीय पदों में सहायक राज्य कार्यक्रम प्रबंधक (वित्तीय प्रबंधन), सहायक राज्य कार्यक्रम प्रबंधक (फार्म आजीविका), प्रोग्रामर व लेखापाल के एक-एक पद एवं भृत्य के दो पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी गई है। जिला मिशन प्रबंधन इकाई के 228 पदों में जिला मिशन प्रबंधक के 02, जिला कार्यक्रम प्रबंधक के विभिन्न 21, विकास खण्ड परियोजना प्रबंधक के 23 पद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय समन्वयक के 98, लेखापाल के 10 एवं लेखा सह एमआईएस सहायक के 49, कार्यालय सहायक, ऑपरेटर के 17 और भृत्य के 8 पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी गई है। इन पदों पर भर्ती होने से मिशन की योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा, जिससे ग्रामीण समुदायों को सीधा लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा हाल में ही पीएचई में इंजीनियर्स सहित 181 पदों और स्वास्थ्य विभाग में 650 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में 76 हजार से ज्यादा बच्चों तक पहुंचेगा पोषण,आईआईटी मुम्बई भी बना सहयोगी

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*जशपुर में अब तक 60 हज़ार से अधिक बच्चों की वजन त्यौहार में हुई जांच* *जनप्रतिनिधियों से लेकर जनसमुदाय तक सभी बन रहे अभियान के सहभागी* *जशपुर, 20 सितम्बर 2024/* जशपुर जिले में 01 से 30 सितंबर तक पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, मितानिन, 0 से 6 वर्ष के बच्चों के अभिभावकों को शामिल करते हुए महिला बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा संयुक्त रूप से प्रत्येक आंगनबाड़ी में कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तहत महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं, सहायिकाएं प्रतिदिन आंगनबाड़ियों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। जिसके अंतर्गत महिलाओं के साथ एनीमिया पर चर्चा के साथ उनकी एनीमिया की जांच भी की जा रही है, पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण के ऊपर जन समुदाय को जागरूक करने के साथ टेक्नोलॉजी का सरकारी कामकाज अनुप्रयोग विषय पर भी चर्चा की जा रही है जिसका थीम है ‘टेक्नोलॉजी फॉर गवर्नेंस एरियाज इनफ्लुएंसिंग न्यूट्रिशन‘। इसके माध्यम से सरकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का लाभ प्रथम गर्भवती महिलाओं को दिलाना, जिसकी एंट्री ऑनलाइन होती है एवं आंगनबाड़ी में बच्चों की सभी जानकारियों की एंट्री पोस्ट ट्रैकर में करते हुए उन्हें लाभान्वित करना आदि किया जा रहा है। *पोषण माह से समुदाय में आ रही जागरूकता* मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप पोषण माह के अंतर्गत महिलाओं बच्चों को लाभान्वित करने के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ उन्हें पहुंचा जा रहा है जैसे प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत जो माताएं लाभान्वित होने से छूट गई थी उन्हें लाभ दिलाया जा रहा है।पोषक आहार पर दिए गए ज्ञान से गर्भवती महिलाओं के खान-पान में सुधार देखने को मिल रहा है ।वे अब प्रोटीन को अपने आहार में शामिल कर रही हैं, पोषण माह मानने से आंगनबाड़ी में जन समुदाय की भागीदारी बढ़ी है साथ ही साथ वजन त्यौहार भी मनाया जा रहा है जिसमें जनप्रतिनिधि भी शामिल होकर जनसमुदाय को स्वस्थ एवं पोषण के संबंध में जागरूक करने सामने आ रहे हैं और अपनी भागीदारिता निभा रहे हैं। *आईआईटी मुम्बई भी पोषण अभियान में है साथी* जशपुर में आईआईटी मुम्बई के द्वारा पोषण माह में अपना योगदान दिया जा रहा है। जिसमें आईआईटी मुम्बई के मार्गदर्शन में सभी को सही पोषण, स्वस्थ बच्चा एवं सही स्तनपान के महत्व को अच्छे से लोगों समझाने में मदद की जा रही है। वजन त्यौहार में 0 से 6 वर्ष के सभी बच्चों का वजन लेकर बच्चों की पोषण स्थित उनके अभिभावकों को बताया जा रहा है एवं उनके आहार में सुधार एवं पोषण पुनर्वास केंद्रों में भेजने के लिए सलाह भी दिया जा रहा है। *जिले के 76 हज़ार बच्चों को मिलेगा लाभ* जशपुर जिले के लगभग 4115 आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण माह अभियान चलाया जा रहा है। जिसका लाभ जिले के 76 हजार से अधिक बच्चों को प्राप्त होगा। अभी तक के वजन त्यौहार में 60 हज़ार बच्चों का वजन लेकर ऑनलाइन एंट्री की जा चुकी है।

सीएम साय के गृह जिले में राष्ट्रीय पोषण माह की धूम, पोषण रथ बच्चों के पौष्टिक आहार और समय पर टीकाकरण करवाने की दे रही जानकारी

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  *जशपुर, 21/ सितम्बर 2024*/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय बच्चों को पोष्टिक आहार देने और समय पर टीकाकरण करवाने के निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत संचालित वजन त्यौहार के तहत लोगों को जागरूक करने के लिए गांव गांव में पोषण रथ का संचालन किया जा रहा है। पोषण रथ द्वारा महिलाओं एवं बच्चों को पौष्टिक आहार, टीकाकरण, एनीमिया एवं उससे बचने के उपाय, आयरन फोलिक एसिड की गोली लेने, गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं के सम्पूर्ण देखभाल, डायरिया से बचने के उपाय इत्यादि के संबंध वीडियो महिलाओं एवं अन्य लोगों को दिखाया गया। ज्ञात हो कि पोषण रथ जशपुर जिले में निरंतर गांव गांव घूमकर लोगों को जागरूक और प्रसार कर रही है। उल्लेखनीय है कि जिसमें 12 से 23 सितम्बर तक चलने वाले वजन तिहार में बच्चों के वजन में बढ़ोत्तरी को मापने के साथ ही सामुदायिक जागरूकता का कार्य किया जा रहा है। पोषण माह के तहत सुपोषण चौपाल, अन्नप्राशन दिवस, परिवार चौपाल, पोषण मेला, व्यंजन प्रदर्शन जैसे आयोजन पंचायत और शहरी क्षेत्रों में किए जा रहे हैं। पोषण के प्रति बच्चों को जागरूक करने के लिए स्कूलों में नारा लेखन, निबंध, चित्रकला और दीवार लेखन प्रतिस्पर्धाएं भी आयोजित किये जा रहे हैं। ग्रामीण महिलाओं को 0 से 6 साल के बच्चे, किशोरी बालिकाओं के खान-पान और स्वास्थ्य देखभाल के बारे में बताया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार भोजन में शामिल करने का आग्रह किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आज दुर्ग दौरा, सरोज पांडेय के पिता स्व. श्याम पांडेय को देंगे श्रद्धांजलि

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दुर्ग, 21 सितम्बर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आज दुर्ग दौरा निर्धारित किया गया है, जहां वे स्वर्गीय श्याम पांडेय के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम मैत्री नगर, रिसाली के दशहरा मैदान में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दोपहर 1:15 बजे दुर्ग पहुंचेंगे और स्व. श्याम पांडेय, जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय के पिता थे, को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस अवसर पर कई अन्य गणमान्य नेता और अधिकारियों के भी मौजूद रहने की संभावना है। मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर Z प्लस श्रेणी की व्यवस्था की गई है, और इस दौरे के दौरान उनके साथ सुरक्षा अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। जिला प्रशासन और पुलिस को सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 2:15 बजे मैत्री नगर, रिसाली से रवाना होकर रायपुर लौटेंगे।  

कवर्धा लोहारीडीह आगजनी कांड के बाद प्रशासनिक बदलाव, नए कलेक्टर और एसपी की नियुक्ति

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कवर्धा, 21 सितम्बर: कवर्धा के लोहारीडीह गांव में हाल ही में हुए आगजनी कांड के बाद प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से कवर्धा के कलेक्टर और एसपी का तबादला कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया। कवर्धा के नए कलेक्टर के रूप में गोपाल वर्मा की नियुक्ति की गई है, वहीं राजेश अग्रवाल को जिले के नए पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह बदलाव लोहारीडीह में हुई हिंसा और आगजनी की गंभीरता को देखते हुए किया गया है, जिससे कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके और क्षेत्र में शांति बहाल हो। दरअसल, लोहारीडीह में कुछ दिनों पहले तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, जिसके परिणामस्वरूप कुछ घरों और संपत्तियों को आग के हवाले कर दिया गया।जिसमें पूर्व सरपंच की जली हुई लाश मिली थी। इस घटना ने जिले में भय का माहौल पैदा कर दिया और प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की त्वरित प्रतिक्रिया: घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तत्काल गृहमंत्री विजय शर्मा के साथ आपात बैठक की। बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि कवर्धा के वर्तमान कलेक्टर और एसपी को बदल दिया जाए, ताकि क्षेत्र में बेहतर प्रशासनिक और पुलिस प्रबंधन स्थापित किया जा सके। IAS गोपाल वर्मा और IPS राजेश अग्रवाल दोनों ही अपने अनुभव और कार्यकुशलता के लिए जाने जाते हैं। इनकी नियुक्ति से उम्मीद की जा रही है कि वे जल्द से जल्द लोहारीडीह और कवर्धा में स्थिरता और शांति स्थापित करेंगे, साथ ही दोषियों को सख्त सजा दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। सरकार की इस त्वरित कार्रवाई को जनता ने सराहा है और उम्मीद जताई है कि नए प्रशासनिक अधिकारी क्षेत्र की स्थिति में सुधार करेंगे तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कठोर कदम उठाएंगे।  

ताजा खबर:विष्णु सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक खत्म,लिए महत्त्वपूर्ण निर्णय,विस्तार से पढ़ें,,,

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*रायपुर,20 सितम्बर 2024* मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –  मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण तथा बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। राज्य मंत्रिमण्डल ने राज्य में गठित पांचों विकास प्राधिकरणों के पुनर्गठन आदेश में आंशिक रूप से संशोधन की मंजूरी दी है। इस संशोधन से पांचों प्राधिकरणों में जनप्रतिनिधित्व का दायरा काफी विस्तृत किया गया है। पांचों प्राधिकरणों में अब राज्य मंत्रिमण्डल के सभी मंत्रीगणों को सदस्य के रूप में शामिल करने के साथ ही संबंधित क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद एवं प्राधिकरण क्षेत्रों के जिला पंचायत अध्यक्षों को अब इसका सदस्य बनाया गया है। पांचों प्राधिकरणों में प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। शेष सभी सदस्य यथावत रहेंगे। *छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण* छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में प्रस्तावित संशोधन को मंत्रिमण्डल ने मंजूरी दी, जिसके तहत मुख्यमंत्री प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं क्षेत्र के विधायक उपाध्यक्ष होंगे। इस प्राधिकरण में सदस्य के रूप में शामिल पूर्व में मात्र तीन विभागों के मंत्री के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त माननीय मंत्रीगणों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण क्षेत्र के जिला पंचायत अध्यक्ष प्राधिकरण के सदस्य होंगे। प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को प्राधिकरण के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुसार पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल 35 विधायकगणों को और अन्य सदस्यों को यथावत रखा गया है। *सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण* सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में संशोधन किया गया है। माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं क्षेत्र के विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) उपाध्यक्ष होंगे। पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल आदिम जाति कल्याण विभाग मंत्री एवं वित्त मंत्री के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगण प्राधिकरण के सदस्य होंगे। प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण क्षेत्र के जनजाति बाहुल्य जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष भी अब प्राधिकरण के सदस्य होंगे। आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुसार इसमें सदस्य के रूप में शामिल 14 विधायकगणों को यथावत शामिल किया गया है। *अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण* माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा विधायक (अ.जा. आरक्षित) प्राधिकरण के उपाध्यक्ष होंगे। राज्य मंत्रिमण्डल के दो मंत्रियों के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के सभी मंत्रीगणों, संबंधित क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण के जिला पंचायत अध्यक्ष (अ.जा.), अनुसूचित जाति विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव इस प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुरूप सदस्य के रूप में शामिल किए गए 10 विधायकों को यथावत रखा गया है। *मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण* मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा क्षेत्र के विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) उपाध्यक्ष होंगे। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में किए गए संशोधन के अनुसार अब दो मंत्रीगणों के स्थान पर राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगणों तथा प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद एवं जिला पंचायत अध्यक्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इस प्राधिकरण में आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को सदस्य के रूप मंे तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे। इस प्राधिकरण में पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल 12 विधायकों को यथावत रखा गया है। *बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण* माननीय मुख्यमंत्री जी इस प्राधिकरण के अध्यक्ष और प्राधिकरण क्षेत्र के निर्वाचित विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) इसके उपाध्यक्ष होंगे। पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल मात्र दो मंत्रियों के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगणों, प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद तथा प्राधिकरण क्षेत्र के जनजातीय बाहुल्य जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग इस प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे। प्राधिकरण में सदस्य के रूप में पूर्व में शामिल 12 विधायकगणों को यथावत सदस्य रखा गया है।  मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान मद से 262 व्यक्ति एवं संस्थाओं को 4 करोड़ 56 लाख 72 हजार रूपये स्वीकृत राशि का अनुमोदन किया गया।  राज्य के शहरों के सुव्यवस्थित विकास और राज्य की विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मंत्रिपरिषद द्वारा एक बड़ा निर्णय लिया गया। जिसके तहत भूखण्डों का पुनर्गठन और प्रदेश में स्वीकृत विकास योजना के क्रियान्वयन हेतु शहरी विकास नीति (टी.डी.एस.) का अनुमोदन किया गया। इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने हेतु आवास एवं पर्यावरण विभाग को अधिकृत किया गया है। प्रदेश में विकास योजनाओं में प्रस्तावित जनोपयोगी भूमि के समुचित रूप से विकास करने, अतिक्रमण तथा अवैध निर्माणों को हतोत्साहित करने एवं शहरी आबादी को आधुनिक नागरिक सुविधाओं के अभाव और असुविधाओं के निराकरण के लिए इस शहरी विकास नीति का निर्धारण किया गया है। नगर विकास योजना आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक अथवा अन्य प्रयोजन हेतु क्रियान्वित की जा सकेगी।

‘विष्णु सरकार’ का जश प्योर: वर्ल्ड फ़ूड इंडिया में जशपुर का महुआ प्रोडक्ट को ग्राहकों ने हाथों-हाथ लिया,कलेक्टर रवि मित्तल की मेहनत रंग लाई

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*वर्ल्ड फूड इंडिया में जशप्योर स्टॉल को लोगों की मिली शानदार प्रतिक्रिया* *जशपुर 20 सितम्बर 2024/* वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में जशप्योर स्टॉल को आगंतुकों, विशेष रूप से पोषण के प्रति जागरूक और स्वस्थ जीवन शैली जीने वालों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। भारत मंडपम दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में महुआ उत्पादों की धारणा में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा गया है, जिसका श्रेय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन सहित टीम जशप्योर के समर्पित प्रयासों को जाता है। कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल के मार्गदर्शन में महुआ से विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाया जा रहा है। महुआ के बारे में बदल रही हैं धारणाएं खाद्य प्रसंस्करण सलाहकार और वैज्ञानिक समर्थ जैन ने आयोजन के दूसरे दिन अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने महुआ के लाभों और आयुर्वेदिक महत्व के बारे में लोगों को बताया, एक जो धारणा थी सिर्फ शराब बनाने के काम आता है इस धारणा को जशपुर ने बदल दिया है, महुआ आधारित उत्पाद स्वादिष्ट और अत्यधिक पौष्टिक दोनों हो सकते हैं। पोषण संबंधी नवाचारों पर प्रकाश डाला गया जशप्योर स्टॉल में विभिन्न प्रकार के नवीन उत्पाद हैं, जिनमें महुआ वन्यप्राश, कुट्टू महुआ कुकीज़, रागी महुआ लड्डू और महुआ कैंडी शामिल हैं। प्रदर्शन देखने वाले आम लोगों ने बेहद पंसद किया। ग्राहकों की प्रतिक्रिया और अनुभव जशप्योर स्टॉल देखने आए लोगों ने अपने प्रतिक्रिया देते हुए बताया महुआ फूल से इतने सारे स्वाद उत्पाद बना सकते हैं। इसकी जानकरी मिली। महुआ स्वादिष्ट हैं और पोषक तत्वों से भरपूर हैं। एक युवा मां ने कहा-महुआ कैंडी को मेरे बच्चे बहुत पसंद कर रहे हैं। मास्टर ट्रेनर अणेश्वरी भगत ने बताया कि मिलेट पर केंद्रित दो संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं पर वर्तमान में चर्चा की जा रही है। इसका उददेश्य इन पारंपरिक सामग्रियों के पोषण संबंधी लाभों का पता लगाना है। वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में जशप्योर स्टॉल की सफलता प्राकृतिक और पौष्टिक खाद्य उत्पादों में बढ़ती रुचि को रेखांकित करती है। टीम के प्रयासों ने न केवल महुआ और मिलेट की बहुमुखी प्रतिभा को निखारा है बल्कि भविष्य के नवाचारों और सहयोग का मार्ग भी प्रशस्त किया है। जैसे-जैसे आयोजन आगे बढ़ता है, टीम जशप्योर संभावित ग्राहकों और अनुसंधान भागीदारों के साथ अपनी साझेदारी जारी रखने के लिए तत्पर है।

*युवाओं के कौशल विकास और सशक्तिकरण के लिए प्रदेश में तेजी से हो रहा है कार्य : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

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*मुख्यमंत्री भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित युवा उत्सव 3.0 में हुए शामिल* रायपुर 20 सितंबर 2024// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित युवा उत्सव 3.0 में शामिल हुए।मुख्य अतिथि के रूप में संघ ने उनका स्वागत किया। सीएम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का नारा दिया है और वे हमेशा कहते हैं कि युवाओं को जॉब गिवर बनना चाहिए ना की जॉब सीकर। निश्चित रूप से विकसित भारत बनाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं पर है और इस लक्ष्य को पाने में छत्तीसगढ़ की युवाशक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है । मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह खुशी की बात है कि आपने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत की संकल्पना को अपने आयोजन की थीम बनाया है। युवा उत्सव के दौरान अलग-अलग विषयों को लेकर पैनल डिस्कशन होंगे, जिसमें युवाओं के लिए उद्यम में अवसर पर बात होगी। सीआईआई और यंग इंडियन्स की इस पहल से वर्तमान और भावी पीढ़ी को सफल उद्यमी बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत नए जमाने की प्रौद्योगिकी और रोजगार जरूरतों के मुताबिक स्किल डेवलपमेंट करने और शिक्षा देने की बात पर जोर दे रहा है। इसी कड़ी में हम प्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्र के युवाओं को अब रोबोटिक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे तकनीकी विषय पढ़ा रहे हैं। प्रदेश के स्कूलों में स्किल डेवलपमेंट का कोर्स शामिल करने से पढ़ाई के साथ ही बच्चे हुनरमंद भी हो रहे हैं। श्री साय ने कहा कि हमारे साथ उद्योग जगत के लोग बैठे हैं। आप सभी जानते है कि प्रदेश में प्रशिक्षित कुशल इंजीनियरों की बहुत अधिक मांग है। इस मांग को पूरी करने हम छत्तीसगढ़ में नए प्रौद्योगिकी संस्थान आरंभ करने जा रहे हैं। इस बजट में हमने आईआईटी की तर्ज पर पांच सीआईटी आरंभ करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके पैदा कर रही है। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग में 650 पदों पर मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। एक हफ्ते पहले हमने पुलिस में विभिन्न पदों में भर्तियों के लिए स्वीकृति दी है। नालंदा की तर्ज पर हम सभी नगरीय निकायों में हाईटेक लाइब्रेरी बनवा रहे हैं। नवा रायपुर को हम आईटी हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने सिंगल विण्डो सिस्टम 2.0 लागू किया है और नई उद्योग नीति भी ला रहे है। छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना के माध्यम से हम युवा उद्यमियों को बढ़ावा देंगे। इसके लिए प्रदेश के युवाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ ब्याजमुक्त ऋण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश मूलतः कृषि आधारित होने से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग क्षेत्र में विकास की बड़ी संभावनाएं है। छत्तीसगढ़ फूड प्रोसेसिंग का वैश्विक केंद्र बनेगा। हवाई कार्गाे सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि इन उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ा जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सरगुजा और बस्तर को विकास की मुख्यधारा में शामिल कर अर्थव्यवस्था को विस्तार दे रहे हैं। इन दोनों ही संभागों में आप लोगों के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। दोनों ही जगहों में जैविक उत्पाद और लघु वनोपज को लेकर भी बड़ा काम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए हम प्रदेश में कार्य कर रहे हैं। हमने अपना बजट वर्ष 2047 के विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्यों को देखते हुए तैयार किया है। श्री साय ने कहा कि मुझे उम्मीद है हमारे छत्तीसगढ़ प्रदेश सहित देशभर का युवा राष्ट्र की मज़बूती में अपना योगदान देने में पीछे नहीं रहेगा। इस अवसर पर  संजय जैन, श्रीमती अनुजा भंडारी, गौरव अग्रवाल, श्रीमती श्वेता सहित सीआईआई छत्तीसगढ़ के पदाधिकारी उपस्थित थे।