मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक निलंबित

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  रायपुर, 20 सितंबर 2024: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कार्रवाई कर रही है। हाल ही में छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा छापी गई 2024-25 सत्र की नई पाठ्यपुस्तकों को कबाड़ में बेचे जाने की गंभीर घटना सामने आई, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लिया। इस मामले में लापरवाही पाए जाने पर पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक प्रेम प्रकाश शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक शिथिलता को लेकर कोई समझौता न करने का स्पष्ट संदेश देते हुए, घटना की जांच के निर्देश अपर मुख्य सचिव रेणु पिल्ले को दिए थे। जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर श्री शर्मा के खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत त्वरित कार्रवाई की गई है। यह निलंबन मुख्यमंत्री द्वारा प्रशासनिक शिथिलता और भ्रष्टाचार पर उनकी कड़ी नीति का प्रमाण है। सुशासन की सरकार में भ्रष्टाचार को कोई स्थान नहीं मुख्यमंत्री श्री साय ने हाल ही में आयोजित कलेक्टर एसपी कांफ्रेंस में स्पष्ट किया था कि भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए सुशासन और पारदर्शिता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। पाठ्य पुस्तक निगम के इस प्रकरण पर त्वरित कार्रवाई से यह संदेश और भी स्पष्ट हो गया है कि सरकार अब लापरवाह अधिकारियों पर सख्त नज़र रख रही है। प्रमुख विभागों में सख्त निगरानी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को पूरी तरह से खारिज किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह सुशासन की सरकार है, और भ्रष्टाचार के प्रति हमारा रुख पूरी तरह स्पष्ट है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतेंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” पाठ्य पुस्तक निगम की इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय का यह कड़ा प्रहार एक उदाहरण है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नई नियुक्तियों से विधायकों को मिली बड़ी जिम्मेदारी,सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष बनीं पत्थलगांव विधायक गोमती साय

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रायपुर, 20 सितंबर 2024: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विधायकों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के साथ बड़ी भूमिका दी गई है। हाल ही में जारी आदेश के अनुसार, पत्थलगांव की विधायक गोमती साय को सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो इस क्षेत्र के विकास के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं।   सरगुजा क्षेत्र के विकास को गति देने के उद्देश्य से गोमती साय को दी गई इस जिम्मेदारी से उनके राजनीतिक कद में भी बड़ा इजाफा हुआ है। इसके साथ ही बस्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी कोंडागांव की विधायक लता उसेंडी को सौंपी गई है। मध्य क्षेत्र और अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण में भी बड़ी नियुक्तियां की गई है। विष्णु सरकार ने मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर मरवाही के विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची को नियुक्त किया है, जो अब इस क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वहीं, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी विधायक गुरु खुशवंत साहेब को सौंपी गई है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में दुर्ग ग्रामीण के विधायक ललित चंद्राकर को नियुक्त किया गया है, जिनसे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई योजनाओं के क्रियान्वयन की उम्मीद की जा रही है। भाजपा जिला अध्यक्ष सुनील गुप्ता ने इन नियुक्तियों का स्वागत किया है।उन्होंने कहा कि  मुख्यमंत्री श्री साय की यह नियुक्तियां छत्तीसगढ़ के सभी क्षेत्रों में समग्र और संतुलित विकास के लिए एक महत्वपूर्ण  हैं। इन नियुक्तियों से न केवल स्थानीय विधायक सशक्त होंगे, बल्कि राज्य के दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों में विकास की नई उम्मीदें भी जागृत होंगी।सरकार की इस पहल से नवनियुक्त उपाध्यक्षों को क्षेत्रीय विकास में नई गति देने और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का मौका मिलेगा।  

सफलता की कहानी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा का नया अध्याय,नवसंकल्प शिक्षण संस्थान से सैकड़ों युवाओं के सपनों को मिला पंख

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जशपुर, 20 सितंबर 2024: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की शिक्षा के क्षेत्र में सार्थक पहल ने आदिवासी और विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के जीवन को नई दिशा दी है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन की इस पहल से युवाओं के लिए जशपुर में स्थापित नवसंकल्प शिक्षण संस्थान उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी करवा रहा है, जिसका लाभ अब तक सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उठाया है। संस्थान में पुलिस, शिक्षक, पीएससी, नेट, स्लेट, व्यापम, बैंकिंग, अग्निवीर, और एसएससी जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की जाती है। विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही इस कोचिंग के परिणामस्वरूप अब तक 150 से अधिक छात्र विभिन्न शासकीय सेवाओं में चयनित हो चुके हैं। आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए उम्मीद की किरण जशपुर जिले के बेलडीपा गाँव के रहने वाले नेहरूलाल राम, जिन्होंने एसएससी जीडी में सफलता पाई, बताते हैं कि पहले उन्हें परीक्षा की तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब जशपुर में ही नवसंकल्प संस्थान के माध्यम से निःशुल्क तैयारी की जा सकती है। इसी तरह सोगड़ा के सोनकश्यप प्रधान ने बताया कि उनके परिवार के पास बाहर जाकर कोचिंग कराने का खर्च उठाने की क्षमता नहीं थी, लेकिन संस्थान ने उन्हें एक नई उम्मीद दी है। संस्थान के प्रयास से हो रहा सर्वांगीण विकास संस्थान के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नवसंकल्प शिक्षण संस्थान आवासीय सुविधा के साथ छात्रों को न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराता है, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास का भी ख्याल रखता है। छात्र शैलेश खोसले ने बताया कि यहां नियमित फिजिकल ट्रेनिंग से लेकर साप्ताहिक और मासिक टेस्ट तक की सुविधा दी जाती है, जिससे छात्र शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बन रहे हैं। संस्थान के 22 छात्रों ने एसएससी जीडी की लिखित परीक्षा पास की है, जबकि 2 छात्रों ने अग्निवीर परीक्षा में सफलता पाई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल ने आदिवासी अंचलों में शिक्षा का नया अध्याय लिखा है, जिससे वहां के युवा बेहद खुश हैं और उनका भविष्य अब सुरक्षित नजर आ रहा है।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुस्कुटी गांव को दी करोड़ों की सौगात,ग्रामीणों ने बगिया में धर्मपत्नी कौशल्या साय से मिलकर जताया आभार, गीत गाकर कहा-दुःख भरे दिन बीते रे भैया,अब सुख आयो रे

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*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर मुस्कूटी से मुख्य मार्ग तक सड़क निर्माण के लिए मिली स्वीकृति**4 करोड़ 28 लाख रूपए की लागत से बनेगी डामरीकरण सड़क**ग्रामीणों में खुशी की लहर, मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर जताया सीएम साय का आभार*   जशपुर 20 सितंबर 2024/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल से जिले के कांसाबेल तहसील क्षेत्र के मुस्कूटी से मुख्य मार्ग तक सड़क निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग से 4 करोड़ 28 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। यह सड़क निर्माण स्थानीय जनता के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी, क्योंकि इससे न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।स्थानीय ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री निवास बगिया पहुंच कर सीएम की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय से मुलाकात कर सीएम साय का आभार जताया। *इस सड़क निर्माण से 6 किलोमीटर की दूरी होगी कम* मुस्कुटी के ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क निर्माण के पूरा होने के बाद क्षेत्र के लोगों को कुनकुरी एवं जिला मुख्यालय तक की यात्रा में लगभग 6 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी।यह मार्ग बगिया के मुस्कूटी होते हुए ईब नदी पुल के एनएच 43 में जुड़ती है,जो केवल यात्रा समय को घटाएगा, बल्कि ग्रामीणों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित परिवहन का माध्यम भी प्रदान करेगा। सड़क की स्वीकृति मिलने पर क्षेत्र के ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास बगिया पहुंचकर सीएम की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय से मुलाकात कर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से कीचड़ और खराब सड़क की वजह से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब इस सड़क के निर्माण से उनकी समस्या का समाधान हो सकेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से पैरालिसिस पीड़ित मानकुवेर नाग को मिला व्हीलचेयर

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मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने किया वितरण, परिवार ने जताया आभार जशपुर, 19 सितंबर 2024 मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल के तहत जरूरतमंदों की सहायता का सिलसिला लगातार जारी है। इस बार बगीचा तहसील के महादेवडांड टुकुपानी की निवासी श्रीमती मानकुवेर नाग को व्हीलचेयर प्रदान की गई। मानकुवेर नाग पैरालिसिस बीमारी से पीड़ित हैं और चलने-फिरने में असमर्थ थीं। मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर उनके परिवार को यह मदद मिली, जिससे उनका जीवन थोड़ा आसान हो सकेगा। मानकुवेर नाग के परिजनों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, बगिया में जाकर मदद की गुहार लगाई थी। उनकी इस अपील पर मुख्यमंत्री ने गंभीरता से विचार करते हुए तत्काल सहायता का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के तहत आज मानकुवेर नाग को व्हीलचेयर प्रदान की गई। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने खुद जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और मानकुवेर नाग को व्हीलचेयर दी। उन्होंने परिवार की समस्याओं को सुना और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। इस मदद से मानकुवेर नाग और उनके परिवार की चेहरे पर खुशी झलकने लगी। अब व्हीलचेयर मिलने से मानकुवेर नाग अपने दैनिक कामों को आसानी से कर पाएंगी। श्रीमती मानकुवेर नाग और उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उनकी धर्मपत्नी के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि इस सहायता से उनके जीवन में नई आशा जगी है और अब वे अपने जीवन को कुछ हद तक सामान्य रूप से जी सकेंगे।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर गांव-गांव पहुंच रहा पोषण रथ, महिलाओं और बच्चों को सिखा रहा है सुपोषण का मंत्र

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जशपुर, 19 सितंबर 2024 – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर पूरे प्रदेश में सुपोषण अभियान जोर पकड़ रहा है। इसी क्रम में, राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जशपुर जिले में गांव-गांव पोषण रथ संचालित किए जा रहे हैं। यह रथ न केवल बच्चों और महिलाओं को स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक जानकारी दे रहा है, बल्कि टीकाकरण, एनीमिया उन्मूलन और सम्पूर्ण पोषण के प्रति जागरूकता भी फैला रहा है। बुधवार को यह पोषण रथ जशपुरनगर के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों जैसे गढ़ाटोली, डीपाटोली, तेलीटोली, चीरबगीचा और बघीमा पहुंचा। यहां, महिलाओं और बच्चों को पौष्टिक आहार, टीकाकरण, एनीमिया के लक्षण और उससे बचने के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों का महत्व, गर्भवती और शिशुवती महिलाओं की देखभाल, और डायरिया से बचने के उपायों को वीडियो के माध्यम से समझाया गया। वजन त्योहार के तहत जागरूकता अभियान पोषण रथ के माध्यम से प्रदेशभर में ‘वजन तिहार’ का आयोजन किया जा रहा है, जो 12 से 23 सितंबर तक चलेगा। इस अभियान में बच्चों के वजन में बढ़ोत्तरी मापी जा रही है, और इसके साथ ही सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है। पोषण रथ अब तक पत्थलगांव, लुडेंग, बागबहार, तपकरा, फरसाबहार, दोकड़ा, कांसाबेल, कुनकुरी, केराडीह, दुलदुला, जशपुर, और लोदाम जैसे क्षेत्रों में पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में यह रथ मनोरा, आस्ता, सन्ना, और बगीचा जैसे क्षेत्रों में भी जाएगा, जहां सुपोषण का संदेश प्रसारित किया जाएगा। सुपोषण चौपाल और अन्य गतिविधियां पोषण माह के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सुपोषण चौपाल, अन्नप्राशन दिवस, परिवार चौपाल, पोषण मेला और व्यंजन प्रदर्शन जैसे आयोजन किए जा रहे हैं। इन आयोजनों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। बच्चों के बीच पोषण के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए स्कूलों में नारा लेखन, निबंध, चित्रकला और दीवार लेखन प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं। गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के लिए खास ध्यान ग्रामीण महिलाओं को 0 से 6 साल के बच्चों और किशोरी बालिकाओं के खान-पान और स्वास्थ्य देखभाल के बारे में विशेष जानकारी दी जा रही है। साथ ही गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार का महत्व समझाया जा रहा है, ताकि वे अपने और अपने बच्चे के स्वास्थ्य को बेहतर बना सकें। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल से प्रदेशभर में बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सरकारी योजनाओं का लाभ हर गांव और कस्बे तक पहुंचाना और लोगों को सुपोषण के महत्व से अवगत कराना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।  

जनदर्शन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिखाई मानवीय संवेदना, राजूराम वाचम को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल भेंट

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रायपुर, 19 सितंबर 2024 – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक बार फिर मानवीय सहायता की मिसाल पेश करते हुए जनदर्शन के दौरान बीजापुर के राजूराम वाचम को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की। राजूराम, जो पोलियो से प्रभावित हैं और चलने में कठिनाई का सामना करते हैं, आईटीआई की पढ़ाई कर रहे हैं और अब उनकी रोजमर्रा की जिंदगी कुछ आसान हो गई है। दरअसल,राजूराम वाचम बीजापुर के रहने वाले हैं और रायपुर के हीरापुर आईटीआई में कंप्यूटर ट्रेड की पढ़ाई कर रहे हैं। पोलियो की वजह से उन्हें हर दिन 11 किलोमीटर का सफर तय करने में मुश्किल होती थी। पिछले जनदर्शन में राजूराम ने मुख्यमंत्री से अपनी तकलीफ साझा की थी और मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल की मांग की थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनकी पीड़ा को समझते हुए तत्काल इस सहायता को मंजूरी दी, और आज राजूराम को वह मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल भेंट की गई। राजूराम ने बताया कि वह सुंदरनगर, रायपुर में रहते हैं और वहां से हीरापुर आईटीआई जाने के लिए उन्हें रोजाना 11 किलोमीटर का सफर करना पड़ता था। अब मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने के बाद उनका सफर आसान हो जाएगा। राजूराम ने इस मदद के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि इससे उनकी पढ़ाई और भविष्य के सपनों को साकार करने में बड़ी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री साय की इस संवेदनशील पहल से न केवल राजूराम की कठिनाइयाँ कम हुई हैं, बल्कि यह घटना उनकी मानवीय सोच और प्रशासन के प्रति उनकी संवेदनशीलता को भी दर्शाती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, “हमारी सरकार ऐसे हर व्यक्ति की मदद के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्हें सहायता की जरूरत है। राजूराम जैसे युवाओं के सपनों को पूरा करने में उनकी कठिनाइयों को दूर करना हमारा कर्तव्य है।” जनदर्शन के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान करने और उन्हें सहायता प्रदान करने की मुख्यमंत्री की यह पहल कई जरूरतमंदों के लिए आशा की किरण बन रही है। राजूराम वाचम को मिली यह मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल इस बात का उदाहरण है कि विष्णु सरकार हर नागरिक की सहायता के लिए तत्पर है।  

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का नक्सलवाद पर बड़ा मानसिक प्रहार, सीएम की प्रेरणा से नक्सल पीड़ितों ने जंतर-मंतर में किया प्रदर्शन,गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर अपनी पीड़ा बताएंगे

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नई दिल्ली, 19 सितंबर 2024 – पिछले 5 वर्षों में बस्तर क्षेत्र में माओवादी हमलों के कारण 400 से अधिक नागरिकों की जान गई है। माओवादी हिंसा से पीड़ित लोगों ने अपनी आवाज़ राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए आज दिल्ली के जंतर मंतर पर “कैंजा नक्सली-मनवा माटा” (सुनो नक्सली हमारी बात) आंदोलन किया। इस आंदोलन को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का समर्थन प्राप्त है। नक्सली हिंसा से लगातार जूझ रहे ग्रामीणों ने बताया कि कैसे इन हमलों ने उनके जीवन को तबाह कर दिया है। पिछले 5 सालों में 400 से अधिक निर्दोष नागरिकों ने अपनी जान गंवाई है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। इन हमलों ने बस्तर के गाँवों में विकास की प्रक्रिया को भी बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे इलाके में शांति और सुरक्षा की मांग बढ़ी है। मुख्यमंत्री साय ने इस आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा, “हमारी सरकार नक्सल पीड़ितों के साथ खड़ी है। बस्तर में शांति स्थापित करना और विकास को गति देना हमारी प्राथमिकता है। हम केंद्र सरकार के साथ मिलकर नक्सलवाद के खात्मे के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।” मुख्यमंत्री साय ने इन पीड़ितों की समस्याओं को समझते हुए उन्हें दिल्ली में अपनी आवाज़ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कई बार माओवादी हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर ग्रामीणों के दुख-दर्द को नजदीक से सुना और महसूस किया कि इन समस्याओं को केवल राज्य स्तर पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की जरूरत है। आंदोलन के दौरान नक्सल पीड़ितों ने सरकार से नक्सलवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि नक्सलियों की हिंसा ने न केवल उनके जीवन को खतरे में डाला है, बल्कि उनके गाँवों में विकास की हर कोशिश को विफल कर दिया है। इस आंदोलन के बाद, नक्सल पीड़ितों का एक दल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेगा और बस्तर में शांति बहाली, विकास कार्यों में तेजी और सुरक्षा बलों की उचित तैनाती के लिए ज्ञापन सौंपेगा। वे बस्तर की वर्तमान स्थिति और माओवादी हिंसा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।  

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव की पहल पर किसानों को सुगमता के साथ 13.63 लाख मीट्रिक टन खाद और 8.92 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज बांटा गया*

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रायपुर, 18 सितम्बर 2024/मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के किसान हितैषी फैसलों पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों को उनकी मांग के अनुरूप प्रमाणित खाद-बीज का वितरण किया जा रहा है। कृषि विभाग के प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में लगभग  99 प्रतिशत बोनी पूर्ण हो चुका है। इसके साथ ही राज्य के किसानों को अब तक 13.63 लाख मीट्रिक टन खाद का वितरण हो चुका है जो लक्ष्य के विरूद्ध लगभग शत-प्रतिशत है। इसी प्रकार किसानों को 8.92 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 91 प्रतिशत है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून की काफी अच्छी स्थिति है। राज्य में अब तक 48.16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र याने 99 प्रतिशत क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है। राज्य सरकार द्वारा इस खरीफ सीजन में 48.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी का लक्ष्य रखा गया है। *किसानों को लक्ष्य का लगभग शत-प्रतिशत रासायनिक खाद वितरित* प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए किसानों को विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का वितरण जारी है। 17 सितम्बर 2024 की स्थिति में किसानों को लगभग 13.63 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका हैं, जो लक्ष्य का 96 प्रतिशत है। वितरित किए गए उर्वरकों में 6 लाख 81 हजार 374 मीट्रिक टन यूरिया, 2 लाख 83 हजार 444 मीट्रिक टन डीएपी, 1 लाख 73 हजार 352 मीट्रिक टन एनपीके, 55 हजार 836 मीट्रिक टन पोटाश तथा 2 लाख 8 हजार 172 मीट्रिक टन सुपर फास्फेट का वितरण शामिल है। चालू खरीफ सीजन के लिए राज्य में सहकारिता एवं निजी क्षेत्र के माध्यमों से किसानों को 13 लाख 68 हजार मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके विरूद्ध अब तक 16.08 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भण्डारण करा लिया गया है। भण्डारण के विरूद्ध लगभग 13.63 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किसानों को किया जा चुका है। किसानों को सुगमता पूर्वक खाद का वितरण सोसायटी और निजी विक्रेताओं द्वारा किया जा रहा है। किसानों को किसी प्रकार से परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा खाद-बीज वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। *किसानों को 8.92 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित* प्रदेश के किसानों को चालू खरीफ सीजन में विभिन्न फसलों की बोनी के लिए सहकारी समितियों एवं निजी क्षेत्र के माध्यम से सुगमता के साथ प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक किसानों को विभिन्न खरीफ फसलों के 8 लाख 92 हजार क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण किए गए हैं, जो कि राज्य में बीज की मांग का 91 प्रतिशत है। गौरतलब है कि राज्य में खरीफ की विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीज की कुल मांग 9 लाख 78 हजार क्विंटल है, इसके विरूद्ध 9 लाख 31 हजार क्विंटल प्रमाणित बीज भण्डारण किया जा चुका है। किसानों को अब तक 8.92 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया गया है, जो मांग का 91 प्रतिशत है। *राज्य में लक्ष्य का 99 प्रतिशत बोनी पूर्ण* चालू खरीफ सीजन में अब तक लक्ष्य का 99 प्रतिशत बोनी पूर्ण हो चुका है, जबकि इस सीजन में राज्य सरकार द्वारा 48.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों के बोनी का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 48.16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है। *राज्य में अब तक 1094.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज* राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 1094.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से 03 सितम्बर 2024 सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 2282.0 मिमी और बेमेतरा जिले में सबसे कम 570.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1236 मिलीमीटर है। *प्रदेश के किसानों को मिला 6606 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण* मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य के अधिक से अधिक किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण किया जा रहा है। प्रदेश में किसानों को अब तक राज्य सहकारी बैंकों के द्वारा 2058 सहकारी समितियों के माध्यम से लगभग 6606 करोड़ रूपए का अल्पकालीन ब्याज मुक्त कृषि ऋण वितरण किया गया है। इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा किसानों को 7300 करोड़ रूपए ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को उनके मांग और रकबे के अनुरूप अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान किया जा रहा है, जबकि पिछले वर्ष आज की स्थिति में 6 हजार 544 करोड़ रूपए के अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किए गए थे। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को खेती-किसानी की प्रारंभिक जरूरतों को पूरा करने तथा खेती-किसानी में सहूलियत प्रदान करने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना प्रारंभ किया गया हैं। इसके अलावा किसानों को साहूकारों के चंगुलों से बचाना इसका एक प्रमुख उद्देश्य था। वर्तमान समय में इस योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं। किसानों को प्रारंभिक और खेती-किसानी की जरूरतों के लिए न सिर्फ राहत मिली है, बल्कि फसलों के उत्पाद में लगातार वृद्धि भी हो रही है।

20 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक, अहम फैसलों पर होगी चर्चा

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रायपुर, 18 सितंबर 2024: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 20 सितंबर को कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया है। यह बैठक सुबह 11:30 बजे मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित होगी, जहां कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। विकास योजनाओं पर रहेगा फोकस इस कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण योजनाओं और नीतियों पर चर्चा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में यह बैठक आगामी वित्तीय वर्ष के बजट, नई नीतियों के निर्माण, और राज्य में चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा पर केंद्रित होगी। साथ ही, कई बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है, जिनका सीधा असर राज्य की जनता पर होगा। ये प्रमुख मुद्दे हो सकते हैं एजेंडे में बैठक के दौरान राज्य में चल रही विभिन्न सामाजिक और आर्थिक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, कृषि, और रोजगार से संबंधित मुद्दों पर भी गहन विचार-विमर्श होने की संभावना है। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का आकलन भी इस बैठक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। कैबिनेट में नए प्रस्तावों पर होगी चर्चा कैबिनेट बैठक में कई नए प्रस्तावों पर भी चर्चा की जा सकती है, जिनमें ग्रामीण विकास, शहरी ढांचा, औद्योगिक निवेश और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित मुद्दे शामिल हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार राज्य में सुशासन को प्राथमिकता देते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन पर विशेष जोर दे रही है। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ-साथ कैबिनेट के सभी मंत्री, मुख्य सचिव, विभागीय सचिव और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी अपने-अपने विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को बैठक में प्रस्तुत करेंगे। राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण यह कैबिनेट बैठक राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि राज्य सरकार आने वाले समय में कई बड़ी परियोजनाओं को लागू करने की तैयारी में है। इस बैठक के निर्णयों से राज्य में विकास की गति और दिशा निर्धारित होगी। कैबिनेट की इस बैठक से कई महत्वपूर्ण निर्णयों की उम्मीद की जा रही है, जिनसे राज्य के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आ सकता है।