*प्रधानमंत्री के किसान हितैषी निर्णयों से छत्तीसगढ़ के किसानों को मिलेगी बड़ी राहत: मुख्यमंत्री साय*

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*रायपुर, 14 सितंबर 2024* – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और उनकी समृद्धि के लिए लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों का छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बासमती चावल से न्यूनतम निर्यात शुल्क हटाने, खाद्य तेलों के आयात शुल्क में वृद्धि, और प्याज के निर्यात शुल्क में कमी जैसे कदम छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए लाभकारी साबित होंगे। मुख्यमंत्री साय ने इन फैसलों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “इन निर्णयों से छत्तीसगढ़ के किसानों की आय में वृद्धि होगी और उनकी उपज की बाजार में मांग भी बढ़ेगी।” उन्होंने कहा कि बासमती चावल, सोयाबीन, सरसों, सूरजमुखी, मूंगफली, और प्याज के उत्पादक किसानों को इन नीतिगत फैसलों का विशेष लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार द्वारा बासमती चावल पर न्यूनतम निर्यात शुल्क हटाने और खाद्य तेलों पर आयात शुल्क को शून्य से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने के साथ ही प्याज के निर्यात शुल्क को 40 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, रिफाइंड तेल पर बेसिक ड्यूटी को भी 32.5 प्रतिशत तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इन किसान हितैषी नीतियों से किसानों को अपनी उपज के बेहतर मूल्य मिलेंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह केंद्र सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है और इसका सकारात्मक असर राज्य के कृषि क्षेत्र पर भी पड़ेगा।

जनदर्शन में सीएम ने ओलावृष्टि से बर्बाद किसानों की फ़रियाद सुनी, 7 गांव के किसानों को मिली राहत,सीएम को बताया “सुशासन का देवता”

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  *रायपुर, 14 सितंबर 2024* – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निवास पर आयोजित मुख्यमंत्री जनदर्शन के दौरान किसानों को बड़ी राहत प्राप्त हुई है। बलोदाबाजार जिले के सोनाखान क्षेत्र में ओलावृष्टि से प्रभावित 7 गांवों के 772 किसानों के लिए 98 लाख 38 हजार 528 रुपये की सहायता राशि जारी की गई है। गांवों में सुखरी के 79, छतवन के 174, देवगांव के 44, गनौद के 59, कुशगढ़ के 156 और कुशभाटा के 174 किसानों को इस मुआवजे का सीधा लाभ मिला है। यह राशि तहसीलदार सोनाखान द्वारा आरटीजीएस के माध्यम से किसानों के खातों में जमा कर दी गई है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है। गौरतलब है कि 2023 में इन क्षेत्रों में ग्रीष्मकालीन धान की फसल पर ओलावृष्टि का कहर टूटा था। पक चुकी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा, और किसानों ने मुआवजे के लिए मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन को आवेदन किया था। उस समय कुल 33 गांवों के किसानों को मुआवजा मिल चुका था, लेकिन कुछ गांवों के किसान इस राहत से वंचित रह गए थे। अब उन किसानों को भी राहत मिल गई है। नगेड़ा गांव के किसान डीगेश पटेल ने बताया कि जनदर्शन में अपनी परेशानी बताई , श्री साय की किसान हित में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश के बाद अब परिवार के सदस्यों के खातों में मुआवजा राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री जनदर्शन के तहत मिली इस त्वरित राहत से प्रभावित किसानों के चेहरों पर खुशी देखने को मिल रही है, और यह सरकार के प्रति उनका विश्वास बढ़ा रही है।

सीएम के निर्देश पर वन विभाग द्वारा हाथी से सुरक्षा के लिए जन-जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन

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*जशपुर, 14 सितंबर 2024*: जंगली हाथियों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वन विभाग के अधिकारियों को गांव-गांव में जन-जागरूकता लाने के लिए कार्यशालाओं और संगोष्ठियों का आयोजन करने का निर्देश दिए हैं। इसी दिशा में जशपुर जिले के ग्राम पंचायत खंटाडाड में “झांसी की रानी संकुल संगठन” की कार्यकारी समिति द्वारा वन विभाग और वन धन संरक्षण के सहयोग से एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हाथियों से बचाव के महत्वपूर्ण उपायों पर चर्चा की गई। संगोष्ठी में बताया गया कि यदि लोग जंगल या हाथियों की उपस्थिति वाले क्षेत्रों में हों, तो उन्हें समूह में रहना चाहिए और सुरक्षित स्थानों या वाहनों में रहने की सलाह दी गई। साथ ही, हाथियों के भोजन और पानी के स्रोतों से दूर रहने की अपील की गई। संगोष्ठी के दौरान यह भी बताया गया कि जंगल सफारी या जंगल भ्रमण के समय गाइड या प्रशिक्षकों के निर्देशों का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। इन सावधानियों के माध्यम से लोग हाथियों के साथ सुरक्षित सह-अस्तित्व में रह सकते हैं और उनका प्राकृतिक आवास भी संरक्षित रह सकता है। गौरतलब है कि विष्णु देव साय कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं, जिसे हाथियों का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। उन्होंने खुद हाथियों के हमले में अपने करीबी लोगों को खोने का दुख सहा है और कई घरों की क्षति भी देखी है। इस पहल से क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि हाथी-मानव संघर्ष की घटनाओं में कमी आएगी और सरकार के सुशासन के तहत हाथी-मानव सह-अस्तित्व को बढ़ावा मिलेगा।

*कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कॉन्फ्रेंस: दूसरा दिन : मुख्यमंत्री आज करेंगे कानून व्यवस्था की समीक्षा

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रायपुर, 13 सितम्बर 2024/    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ जिलों में कानून व्यवस्था सहित विभिन्न मुद्दों की समीक्षा करेंगे। राजधानी रायपुर में आयोजित कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कॉन्फ्रेंस स्थानीय न्यू सर्किट हाउस में प्रातः 10 बजे से शुरू होगी। हम आपको बता दें कि कलेक्टर-एसपी कांफ्रेंस के पहले दिन सीएम श्री साय ने कलेक्ट्रेट के सभी विभागों की समीक्षा की।समीक्षा के दौरान सीएम के तेवर कई जिलों के कमजोर प्रदर्शन पर तल्ख़ रहे।आज लॉ एंड ऑर्डर पर सीएम दिन भर समीक्षा करने जा रहे हैं।देखना होगा कि प्रदेश में विभिन्न मुद्दों को लेकर जारी आंदोलनों ,प्रदर्शनों से निपटने व शांति कायम रखने के लिए क्या निर्देश देंगे। बीते दिनों मुख्यमंत्री के गृहजिले जशपुर में दीपू बगीचा सरना विवाद को लेकर सरना आदिवासियों ने बड़ी जनाक्रोश रैली करने वाले थे,जिसे कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल ने बड़ी कुशलता के साथ शहर के बाहर एस्टोटर्फ हॉकी स्टेडियम में जनसभा में बदल दिया।वहीं एसपी शशिमोहन सिंह ने पूरे शहर को छावनी में तब्दील करते हुए एक भी प्रदर्शनकारी को शहर में घुसने नहीं दिया।तकरीबन 4 घण्टे चली सभा पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से खत्म करा दी गई।आज की समीक्षा में सम्भवतः कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए इसे एक सफल उदाहरण के रूप में कांफ्रेंस में रखा जाएगा।

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विभागों की समीक्षा की,कलेक्टर-एसपी कांफ्रेंस का आज पहला दिन, सीएम की दो टूक : सुशासन लाने के लिए तत्परता से काम करें अधिकारी*

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रायपुर, 12 सितंबर 2024– मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कलेक्टर्स कांफ्रेंस में नगरीय प्रशासन, खाद्य, सहकारिता, सुशासन एवं अभिसरण विभाग, सामान्य प्रशासन, और उच्च शिक्षा विभागों के कार्यों की समीक्षा की। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय और निर्देश दिए गए, जिनका उद्देश्य प्रदेश के समग्र विकास और सुशासन को मजबूत करना है। नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन के तहत जनसमस्या निवारण पखवाड़े में प्राप्त आवेदनों के शत प्रतिशत निराकरण पर जोर दिया। उन्होंने शहरों में प्रधानमंत्री आवास योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कलेक्टरों की सराहना की और कहा कि गरीब परिवारों को आवास दिलाना सरकार का अहम लक्ष्य है। साथ ही, अमृत मिशन 2.0 योजना को समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए। खाद्य विभाग की समीक्षा खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने राशन कार्ड नवीनीकरण की प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी पात्र हितग्राहियों का राशन कार्ड बने और ग्रामीणों को सुगमता से राशन मिले। सहकारिता विभाग की समीक्षा मुख्यमंत्री ने गोदाम निर्माण कार्यों को समय पर पूर्ण करने का आदेश दिया। साथ ही, पैक्स में माइक्रो एटीएम और कंप्यूटरीकरण का काम शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया। सुशासन और सामान्य प्रशासन विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने भूमिहीन परिवारों को जाति प्रमाण पत्र मिलने में होने वाली परेशानी को प्राथमिकता से हल करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने जरूरतमंदों को 15 दिनों के भीतर स्वेच्छानुदान की राशि स्वीकृत करने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि “भूमिहीनों की पीड़ा मेरा व्यक्तिगत अनुभव है।हमें उनकी परेशानियों को समझना होगा और दूर करना होगा।” उच्च शिक्षा पर जोर मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि शिक्षित युवा ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला हैं। उन्होंने युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

*सड़क दुर्घटना में घायल छात्र अंकित अब पूरी तरह स्वस्थ, परिजनों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार*

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  जशपुर, 12 सितंबर,2024– करीब एक साल पहले गंभीर सड़क दुर्घटना का शिकार हुए छात्र अंकित अब पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट आया है। ढोलचुवा निवासी अंकित के परिजनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनकी सरकार का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान की और समुचित इलाज सुनिश्चित किया। इस मौके पर परिजनों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया। अंकित की दुर्घटना स्कूल जाते समय हुई थी, जिसमें उसे गंभीर चोटें आई थीं और उसकी स्थिति नाजुक हो गई थी। स्थानीय चिकित्सा केंद्र से उसे रायपुर के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया था। हालत गंभीर होने के कारण अंकित के परिजनों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में मदद की गुहार लगाई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंकित के इलाज की समुचित व्यवस्था करवाई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर रायपुर के अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने अंकित का सफल इलाज किया। लंबे उपचार और रिहैबिलिटेशन के बाद, अब अंकित पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है और सामान्य जीवन जी रहा है। परिजनों ने कहा, “अगर हमें समय पर मुख्यमंत्री कार्यालय से सहायता न मिली होती, तो शायद अंकित का उपचार इतना प्रभावी नहीं हो पाता।” सीएम कैम्प बगिया में जरूरतमंदों के आवेदन पर तत्काल सुनवाई होने लगी है।जिससे जिलेवासियों सहित पूरे प्रदेश से लोगों का आना लगातार बढ़ता जा रहा है।

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ले रहे कलेक्टरों की क्लास, विकास के सभी विषयों पर बेहद तल्ख़ी के साथ दे रहे हैं निर्देश,ख़राब प्रदर्शन वाले जिलों के कलेक्टरों पर गिरा सकते हैं गाज*

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रायपुर – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज दो दिवसीय कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस का पहला दिन कलेक्टरों से शुरू हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव, विभागीय सचिव, सभी संभागायुक्त और कलेक्टर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जिलों की प्रगति को लेकर कई अहम निर्देश दिए। भाषा संयम पर विशेष जोर मुख्यमंत्री ने कुछ जिलों में आम जनता और स्कूली छात्रों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “अधिकारियों को अपने भाषा संयम पर ध्यान देना होगा। यदि आपके अधिकारियों की भाषा में संयम नहीं रहा तो उन पर कार्यवाही करें, यदि आपसे गलती हुई तो मैं कार्यवाही करूंगा।” शासन की योजनाओं में पारदर्शिता की आवश्यकता मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि शासन की सभी योजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा, “सभी फ्लैगशिप योजनाओं में सैचुरेशन के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य करें, ताकि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।” राजस्व मामलों पर मुख्यमंत्री के सख्त तेवर राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान सारंगढ़, बस्तर और खैरागढ़ जिलों में राजस्व मामलों की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि राजस्व से जुड़े मामलों का समय सीमा के भीतर निपटारा हो। सीमांकन, नामांतरण, खाता विभाजन जैसे मामलों को तेजी से निपटाने का आदेश दिया गया, ताकि नागरिकों को छोटे-छोटे त्रुटियों के लिए भटकना न पड़े। मनरेगा और आवास योजना पर निर्देश मनरेगा में मानव दिवस सृजन की कमी पर बस्तर, कबीरधाम और बिलासपुर के कलेक्टरों को मुख्यमंत्री की नाराजगी झेलनी पड़ी। उन्होंने अमृत सरोवर योजना को जन अभियान का स्वरूप देने की बात कही। प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कहा, “हमें बड़ी संख्या में आवास प्राप्त हुए हैं। 15 सितंबर को प्रधानमंत्री जी द्वारा पहली किश्त जारी होगी। सभी जिलों को इसे प्राथमिकता देनी चाहिए।” प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल विकास योजना में शून्य प्रगति पर नाराजगी मुख्यमंत्री ने खैरागढ़, सारंगढ़, शक्ति और रायगढ़ जिलों में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल विकास योजना की शून्य प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “यह आंकड़े चिंताजनक हैं। सभी कलेक्टर ध्यान दें और योजनाओं को गति प्रदान करें।” सूपेबेड़ा के किडनी रोगियों पर चिंता सूपेबेड़ा में किडनी रोगियों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने दिल्ली से विशेषज्ञ बुलाकर समस्या के समाधान के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम का लाभ रोगियों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा मुख्यमंत्री ने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत रायपुर और बिलासपुर जिलों के अच्छे प्रदर्शन की सराहना की। अन्य जिलों से भी इस दिशा में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सख्त निर्देश मुख्यमंत्री ने खैरागढ़ के पोषण पुनर्वास केंद्र में बेड ऑक्यूपेंसी और क्योर रेट जीरो होने पर नाराजगी जताई। सभी जिलों में आयुष्मान भारत योजना के तहत शत प्रतिशत पंजीयन कराने और पीएम जनऔषधि केंद्रों की प्रभावी संचालन की बात कही। शिक्षा विभाग में लापरवाही पर नाराजगी मुख्यमंत्री ने कुछ जिलों में साइकिल वितरण में देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सत्र की शुरुआत के साथ ही साइकिल का वितरण सुनिश्चित होना चाहिए। जर्जर स्कूलों की मरम्मत और गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्यों पर भी सख्त निर्देश देते हुए संबंधित ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया। आदिम जाति विकास विभाग की समीक्षा आदिवासी विकास योजनाओं की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने वन अधिकार पट्टा और पीएम जनमन योजना के कार्यों में सुधार के निर्देश दिए। आश्रमों और छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता और छात्रों की सुविधाओं का ध्यान रखने के लिए भी निर्देश जारी किए गए। इस दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में विभिन्न विभागों की प्रगति पर मुख्यमंत्री ने गहन समीक्षा की और कई अहम निर्णय लिए, जिनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के विकास और जनता के कल्याण को सुनिश्चित करना है।

*अच्छी खबर**हीराकुंड बांध से पानी छोड़ा गया, सीएम साय के अनुरोध पर ओडिशा सीएम ने तत्काल दिया आदेश,इतने गांव डूबने से बचे*

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*हीराकुंड बांध के डुबान क्षेत्र में आने वाले छत्तीसगढ़ के गांवों को इस वर्ष नहीं झेलनी पड़ेगी बाढ़ की विपदा* *संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हीराकुंड बांध के डुबान क्षेत्रों में बाढ़ विपदा की आशंका को देखते हुए ओडिसा के मुख्यमंत्री से की चर्चा* *मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अनुरोध पर ओडिसा के मुख्यमंत्री ने हीराकुंड बांध से आवश्यक मात्रा में पानी छोड़ने के दिए निर्देश* *ओडिसा के मुख्यमंत्री की बाढ़ रोकने की पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया आभार प्रकट* *पहली बार दोनो राज्यों की जनहितैषी सरकारों के मध्य अपूर्व सामंजस्य से लोकहित में लिया गया त्वरित निर्णय* रायपुर 12 सितंबर 2024/मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विगत कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश की वजह से हीराकुंड बांध के डुबान क्षेत्रों के अंतर्गत रायगढ़ के गांवों में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर त्वरित गति से पहल करते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से गत रात्रि चर्चा कर हीराकुंड बांध से पानी छोड़ने का अनुरोध किया जिससे बाढ़ की संभावित आपदा से बचाव हो सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर ओडिसा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दोनों प्रदेशों के हितों को ध्यान में रखते हुए तत्काल हीराकुंड बांध से आवश्यक मात्रा में पानी छोड़ने का आदेश दिया जिससे दो दर्जन से ज्यादा गांवों में होने वाली जन-धन की संभावित हानि से ग्रामवासियों का बचाव हो सके । मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री  मोहन चरण माझी की इस संवेदनशील पहल के लिए उन्हें हृदय से आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व प्रतिवर्ष भारी बारिश की वजह से हीराकुड बांध के डुबान क्षेत्र में आने के कारण छत्तीसगढ़ के लगभग दो दर्जन से ज्यादा गांवों को बाढ़ की विपदा झेलनी पड़ती थी। इस वर्ष छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनो राज्यों में जनकल्याण को प्राथमिकता देने वाली जनहितैषी सरकारों के रहने से पहली बार दोनो राज्यों के मध्य अपूर्व सामंजस्य के साथ त्वरित निर्णय लेकर लोकहित में कार्य किए जा रहे हैं। दोनो राज्यों की सरकारों के मध्य ऐसा सामंजस्य पहली बार देखा जा रहा है जिसका यह सुपरिणाम है की अब दोनो राज्यों में प्रत्येक वर्ष भीषण रूप से बाढ़ग्रस्त रहने वाले क्षेत्र वर्तमान में बाढ़ की विपदा से ग्रस्त नही है।

*आज सीएम लेंगे कलेक्टरों की क्लास,कल एसपी**न्यू सर्किट हाउस में होगी कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कॉन्फ्रेंस *

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  रायपुर, 12 सितम्बर 2024/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 12 और 13 सितम्बर को राजधानी रायपुर में कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कॉन्फ्रेंस लेंगे। राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आयोजित इस कॉन्फ्रेंस के पहले दिन मुख्यमंत्री 12 सितम्बर को जिलों के कलेक्टर और संभाग के कमिश्नर से राज्य और केन्द्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। वहीं कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन 13 सितम्बर को मुख्यमंत्री कलेक्टर और संभागायुक्त के साथ पुलिस अधीक्षक और पुलिस महानिरीक्षक के साथ जिलों में कानून व्यवस्था सहित विभिन्न मुद्दों की समीक्षा करेंगे। कलेक्टर कॉन्फ्रेंस राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में प्रातः 10 बजे से शुरू होगी।

*किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे किसान को मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से मिला नया जीवन* *बिलकिस बानो ने सीएम साय को दिया धन्यवाद*

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  *परिवार ने जताया मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार, योजना से 131 मरीजों को मिला लाभ* रायपुर, 11 सितंबर 2024। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से बिलासपुर जिले के मंगला निवासी किसान मुजफ्फर खान को किडनी की गंभीर बीमारी के इलाज में आर्थिक सहायता मिली है, जिससे उनका इलाज अब आसानी से हो रहा है। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत उन्हें इस वर्ष के दौरान इलाज के लिए राशि स्वीकृत हुई, जिससे खान परिवार को बड़ी राहत मिली है। इस योजना से अब तक जिले के 131 मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। मुजफ्फर खान, जो पिछले दो वर्षों से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे, का इलाज किसी बड़े निजी अस्पताल में चल रहा था। लेकिन हर तीसरे दिन होने वाले महंगे डायलिसिस के खर्च ने उनकी आर्थिक स्थिति को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया। उनके बेटे मुश्ताक खान ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के बारे में जानकारी हासिल की और तत्काल आवेदन किया। कुछ ही समय में उनके पिता के इलाज के लिए आवश्यक राशि स्वीकृत हो गई, जिससे उनका डायलिसिस और दवाओं का खर्च पूरा हो रहा है। खान परिवार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहा कि सरकार की इस मदद से उनके पिता को नया जीवन मिला है। मुजफ्फर खान की पत्नी बिल्किस बानों ने कहा, “मुख्यमंत्री की ओर से मिली इस सहायता ने हमारी सारी परेशानियों को हल कर दिया। अब हम बिना किसी आर्थिक चिंता के उनके इलाज को जारी रख सकते हैं।” मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को 25 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस वर्ष, बिलासपुर जिले में 131 मरीजों को इस योजना का लाभ मिला है, जिससे उनकी जिंदगियों में नई उम्मीद और राहत आई है। विष्णु देव साय का संवेदनशील और स्वस्थ शासन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की यह योजना न केवल मरीजों को जीवनदान दे रही है, बल्कि गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को भी कम कर रही है।