*पत्थलगांव को मिला नगर पालिका का दर्जा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा से क्षेत्र में खुशी की लहर*

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  रायपुर, 5 सितंबर 2024– छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने पत्थलगांव को नगर पालिका का दर्जा देने की अधिसूचना जारी कर दी है। छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 5 के तहत, राज्य सरकार ने पत्थलगांव नगर पंचायत को अपग्रेड कर नगर पालिका बनाने की घोषणा की। इस अधिसूचना को गुरुवार को छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित किया गया। राज्यपाल की ओर से जारी इस अधिसूचना में बताया गया है कि पत्थलगांव नगर पंचायत, जिसकी जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 16,613 थी, अब नगर पालिका बनेगी। इस नए दर्जे के तहत पत्थलगांव नगर पालिका की सीमाएं पूर्व की नगर पंचायत की सीमाओं के अनुरूप ही रहेंगी। जनता में उत्साह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस घोषणा से पत्थलगांव के निवासियों में भारी उत्साह है। नगर पालिका बनने से यहां के बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि नगर पालिका का दर्जा मिलने से शहर में न सिर्फ सुविधाएं बढ़ेंगी बल्कि प्रशासनिक सेवाओं में भी सुधार होगा। सरकार की अधिसूचना के अनुसार, इस घोषणा के खिलाफ कोई भी स्थानीय व्यक्ति या प्राधिकारी अगले 21 दिनों के भीतर अपनी आपत्ति या सुझाव जशपुर कलेक्टर को लिखित रूप में भेज सकता है।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से कंवर समाज के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य मुलाकात* *करमा महोत्सव का आमंत्रण दिया*

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  रायपुर, 10 सितंबर 2024/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के यहां उनके निवास कार्यालय में कंवर समाज के प्रतिनिधि मंडल ने छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज के अध्यक्ष श्री हरवंश सिँह मिरी के नेतृत्व में सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को युवा कंवर समाज द्वारा आयोजित होने वाले *करमा महोत्सव के कार्यक्रम* में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधि मंडल को धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर कंवर समाज के महासचिव श्री नकुल चंद्रवंशी, श्री टूकेश कंवर भी उपस्थित थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के साथ उत्तर बस्तर कांकेर जिले के चारामा विकासखंड के जेपरा सहित विभिन्न गांवों में विकास कार्यों से संबंधित विषयों पर विचार विमर्श किया।

*जशपुर: गोल्ड ब्लॉक्स की नीलामी रद्द, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन का परिणाम – सुनील गुप्ता, जिला भाजपा अध्यक्ष*

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  *जशपुर, 10 सितंबर 2024* – जशपुर जिले में सोने की खदानों के लिए जारी नीलामी प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया है। संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म छत्तीसगढ़, रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम मेंडरबहार-भगोरा और बनगांव नॉर्थ स्थित गोल्ड ब्लॉक्स के लिए 30 जुलाई 2024 को जारी एनआईटी (नोटिस इनवाइटिंग टेंडर) को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। जशपुर के जिला भाजपाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने इस फैसले का स्वागत किया और इसे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, “स्वयं मुख्यमंत्री भी नहीं चाहते कि जनभावनाओं के खिलाफ कोई उद्योग यहां शुरू हो।” यह फैसला तब आया है जब फरसाबहार ब्लॉक मुख्यालय में सोना खदान की नीलामी को लेकर दो बार लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति उत्पन्न हो चुकी थी। नीलामी के खिलाफ स्थानीय लोगों में व्यापक असंतोष था, और लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। **नीलामी रद्द होने के पीछे जनभावनाओं का सम्मान** नीलामी समिति की बैठक में विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया कि जनभावनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। समिति की अनुशंसा के आधार पर, मेंदरबहार-भगोरा और बनगांव नॉर्थ स्थित गोल्ड ब्लॉक्स की नीलामी को रद्द कर दिया गया है। जिला भाजपाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने विरोध प्रदर्शनों को “बेवजह का हंगामा” करार देते हुए कहा कि सरकार जनहित में काम कर रही है और मुख्यमंत्री का यह कदम स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्णय से सरकार के सुशासन और जनसमर्थन की छवि और मजबूत हुई है। **फरसाबहार में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति** फरसाबहार ब्लॉक मुख्यालय में नीलामी के विरोध में स्थानीय लोगों ने दो बार प्रदर्शन किया था, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की नौबत आई थी। हालांकि, प्रशासन ने स्थिति को काबू में रखा और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में कदम उठाए गए। यह निर्णय जशपुर जिले के विकास और स्थानीय जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, और इससे यह साबित होता है कि राज्य सरकार स्थानीय समुदायों की अपेक्षाओं और अधिकारों का सम्मान करती है। अब देखना यह होगा कि भविष्य में इस क्षेत्र में खनन और अन्य उद्योगों से संबंधित नीतियों में क्या बदलाव होते हैं, और किस तरह से सरकार इन परियोजनाओं को जनता की सहमति के साथ आगे बढ़ाती है।

*जशपुर: विधायक रायमुनी भगत की विवादित टिप्पणी से ईसाई समुदाय में आक्रोश, थानों में दर्ज कराई गई शिकायतें*

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  *जशपुर, 10 सितंबर 2024* – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर में एक बार फिर धार्मिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। जशपुर की विधायक श्रीमती रायमुनी भगत द्वारा ईसाई धर्म और यीशु मसीह को लेकर की गई विवादित टिप्पणी से ईसाई समुदाय आक्रोशित हो गया है। इस बयान के बाद जिले के विभिन्न थानों में ईसाई समुदाय के नेताओं ने विधायक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब विधायक रायमुनी भगत का 1 सितंबर 2024 को ग्राम ढंगनी, थाना आस्ता, तहसील मनोरा में आयोजित भुंईहर समाज के सामुदायिक भवन के भूमिपूजन कार्यक्रम में दिया गया भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में विधायक ने ईसाई धर्म और यीशु मसीह पर कथित रूप से आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी की, जिससे ईसाई समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। ईसाई नेता वाल्टर कुजूर, क्रिस्तोफर खलखो, अनिमानंद,अभिनंद,कुंदन,जुलियस,जयंत ने कुनकुरी थाने में ज्ञापन सौंपा और विधायक के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि विधायक ने अपने भाषण में ईसाई धर्म और यीशु मसीह का अपमान करते हुए उन्हें सूली पर चढ़ाने और उनके पुनर्जीवित होने के विश्वास पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। ईसाई समुदाय के नेताओं ने विधायक पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने, धर्म के आधार पर वैमनस्य और घृणा फैलाने का आरोप लगाते हुए  की सुसंगत धाराओं के तहत अपराध दर्ज करने की मांग की है। इस घटना ने जिले में धार्मिक और सामुदायिक सौहार्द को चुनौती दी है, और राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इसकी चर्चा जोर-शोर से हो रही है। धार्मिक नेताओं और विभिन्न संगठनों ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

*मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता ने बचाई जान: आर्थिक सहायता से रामविलास पाठक की सफल हार्ट सर्जरी*

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*रायपुर, 10 सितम्बर 2024* – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति समर्पण ने एक बार फिर से एक परिवार को नई उम्मीद और जीवन की सौगात दी है। बालोद जिले के दल्लीराजरा निवासी  रामविलास पाठक, जिन्हें इस वर्ष जून माह में अचानक दिल का दौरा पड़ा था, अब स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। यह संभव हो पाया मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत मिली आर्थिक मदद से, जिसने रामविलास पाठक की हार्ट सर्जरी का खर्च उठाया। श्री पाठक के परिवार के लिए यह एक बहुत ही कठिन समय था। जब उनके दिल की जटिल स्थिति का पता चला और डॉक्टरों ने सर्जरी की सलाह दी, तो परिवार की आर्थिक स्थिति ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया। 5 लाख रुपये का खर्च परिवार के लिए असंभव था। लेकिन ऐसे कठिन समय में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सहायता ने एक किरण बनकर परिवार को राहत दी। श्री रामविलास पाठक के बेटे रजनीश कुमार ने बताया, “हमारी संयुक्त परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि हम पिताजी की सर्जरी का खर्च उठा सकें। हमने लगभग उम्मीद छोड़ दी थी। परंतु, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के बारे में पता चलने के बाद, हमें एक नई आशा मिली।” श्री रजनीश ने अपने पिताजी के इलाज का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री निवास पहुँचकर मदद की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री श्री साय ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की। उनके हस्तक्षेप से 5 लाख 29 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई, जिससे एम्स रायपुर में रामविलास पाठक की सफल सर्जरी हो पाई। आज, श्री पाठक पूर्णतः स्वस्थ हैं और अपने परिवार के साथ खुशी-खुशी जीवन बिता रहे हैं। उनका परिवार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त करता है। परिवार ने कहा, “मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता ने हमारे परिवार में एक पिता, पति और दादा को नया जीवन दिया है।” श्री साय के इस संवेदनशील और सहायक रवैये ने एक बार फिर साबित किया है कि उनका शासन केवल नीतिगत निर्णयों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें एक मानवीय पक्ष भी है, जो जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति रखता है।

*व्याख्याता अयोध किशोर गुप्ता को राज्यपाल से मिला राज्य स्तरीय उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान* *परिजनों के साथ स्कूली विद्यार्थियों में खुशी का माहौल*

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  *जशपुर, 8 सितम्बर 2024* – शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बंदरचुवा के व्याख्याता अयोध किशोर गुप्ता को शिक्षक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल श्री रामेन डेका जी द्वारा “राज्य स्तरीय उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान” से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में दरबार हाल, राजभवन में यह सम्मान प्रदान किया गया। श्री गुप्ता, जो कि जशपुर जिले के बंदरचुवा निवासी हैं, अपने मिलनसार व्यक्तित्व और शिक्षण के क्षेत्र में अपने समर्पण के लिए जाने जाते हैं। वह रामजी गुप्ता और माता पार्वती गुप्ता के सुपुत्र हैं और 2009 से अपने शिक्षकीय जीवन की शुरुआत की थी। बच्चों के शैक्षिक उन्नयन और उनके समग्र विकास के लिए उनके द्वारा किए गए नवाचार और प्रयास प्रशंसनीय हैं। गणित जैसे जटिल विषय को सरल तरीके से समझाना, आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की मदद करना, और छात्रों में नैतिकता और मानव मूल्यों का विकास करना उनकी प्राथमिकताएँ हैं। श्री गुप्ता के मार्गदर्शन में बच्चों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ कैरियर गाइडेंस और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं। वह यूनिसेफ के साथ मिलकर बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने और बाल लैंगिक अपराध से बचाव पर भी काम कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, श्री गुप्ता बच्चों को रोजगारोन्मुख शिक्षा और स्वरोजगार की ओर प्रेरित करने के लिए विभिन्न व्यवसायिक संस्थानों से जुड़े हुए हैं। शिक्षा क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें पूर्व में राष्ट्रपति रजत पदक और मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण से भी नवाजा जा चुका है। इस सम्मान पर श्री गुप्ता ने अपनी सफलता का श्रेय ईश्वर, माता-पिता, गुरुजनों, और मित्रों के आशीर्वाद को दिया है। शुभकामनाओं का तांता उनकी इस उपलब्धि पर विद्यालय के छात्रों, सहयोगियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। संयुक्त संचालक  संजय गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी पी.के. भटनागर, और विकासखंड शिक्षा अधिकारी कुनकुरी ने बधाई संदेश भेजे। बीआरसी विपिन अंबस्त ने कहा कि यह कुनकुरी विकासखंड के लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि यह पहली बार है जब इस क्षेत्र से किसी को राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त हुआ है। श्री गुप्ता की इस सफलता ने न केवल विद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र में एक प्रेरणा का संचार किया है, और उनके द्वारा किए जा रहे कार्य शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।

*आकाशीय बिजली से 7 ग्रामीणों की मौत, मुख्यमंत्री ने जताया शोक*केबिनेट मंत्री टंकराम गांव पहुंचे*

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*रायपुर, 08 सितम्बर 2024* – बलौदाबाजार जिले के मोहतरा गांव में रविवार को आकाशीय बिजली गिरने से 7 ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई और 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब कुछ ग्रामीण महुआ पेड़ के नीचे बैठकर बारिश का इंतजार कर रहे थे। दोपहर 3:30 बजे के करीब अचानक बिजली गिरने से यह दुखद हादसा हुआ। मुख्यमंत्री का शोक संदेश: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा, “इस हृदयविदारक घटना से मन अत्यंत व्यथित है। मृतकों के परिजनों को मेरी सांत्वना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है। जिला प्रशासन को त्वरित इलाज और सभी जरूरी मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।” प्रशासन की तत्परता घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने घायलों को बलौदाबाजार जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है। प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, जबकि कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने मौके पर पहुंचकर प्रत्येक परिवार को तात्कालिक सहायता के रूप में 15-15 हजार रुपये वितरित किए। कैबिनेट मंत्री की प्रतिक्रिया आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने भी घटना स्थल का दौरा किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने घायलों का हाल जाना और जिला प्रशासन को पीड़ितों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “यह एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, और सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। राहत और पुनर्वास के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।” इस प्राकृतिक आपदा से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, और स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में तेजी से जुटा हुआ है।

*मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने बगिया में मनाया तीज पर्व , पति की लंबी आयु और सुख समृद्धि की ईश्वर से कामना की*

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जशपुर 7 सितंबर 24/ तीजा पर्व बगिया में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने शिव पार्वती माता की विधि विधान से पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की ईश्वर कामना की । बगिया में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मिलकर तीज पर्व का उत्साह मनाया. तीज़ पर्व, विशेषकर महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व खासकर महिलाओं के लिए समर्पित है और इसे विभिन्न नामों से मनाया जाता है, जैसे कि हरितालिका तीज, कजरी तीज, और हरितालिका तीज। इस पर्व का महत्व महिलाएं इस दिन विशेष पूजा और व्रत करती हैं। वे अपनी पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व तीज़ पर्व के दौरान महिलाएं परंपरागत परिधान पहनती हैं, झूला झूलती हैं, गाती हैं और नाचती हैं। यह सामाजिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर को बनाए रखने का एक तरीका है। पर्व विशेष रूप से शिव और पार्वती के पूजा का अवसर होता है। इसके माध्यम से महिलाएं धार्मिक आस्था को प्रकट करती हैं और भगवान से आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। महिलाएं एक साथ मिलकर त्योहार मनाती हैं, जो सामाजिक – परिवारिक संबंधों को मजबूत करने में मदद करता है। महिलाओं के तीज़ पर्व न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व भी रखता है।

*महुआपानी गांव में पहली बार पहुंचेगी बिजली: पीएम जनमन योजना के तहत छत्तीसगढ़ की विष्णु सरकार का बड़ा कदम*

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*जशपुर, 7 सितंबर 2024:* आजादी के 75 वर्षों बाद, जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक के कोरवा जनजाति बाहुल्य गांव महुआपानी में पहली बार बिजली की रोशनी दस्तक देने वाली है। यह ऐतिहासिक कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनमन योजना के तहत छत्तीसगढ़ की मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से संभव हो पाया है। ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही इस मांग पर त्वरित कार्यवाही कर सरकार ने इस क्षेत्र को बिजली से जोड़ने का काम स्वीकृत किया है। बिजली पहुंचने की खबर मिलते ही पूरे गांव में उत्सव का माहौल है, और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद ज्ञापित किया है। **जनमन योजना से महुआपानी के लिए उम्मीद की नई किरण** महुआपनी, जो जशपुर जिला मुख्यालय से करीब 85 किलोमीटर दूर स्थित है और जहां 100 से अधिक विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा परिवार रहते हैं, वर्षों से बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित था। यह गांव पहाड़ी और वन क्षेत्रों से घिरा हुआ है, जिससे यहां तक बिजली पहुंचाना कठिन चुनौती थी। लेकिन पीएम जनमन योजना के तहत, इस गांव में बिजली पहुंचाने की स्वीकृति मिलने से अब अंधेरे के बीच जीवन जी रहे लोगों के लिए एक नई शुरुआत की उम्मीद जगी है। **कोरवा जनजाति के जीवन में बड़ा बदलाव** पीढ़ियों से जंगलों के बीच निवास करने वाले कोरवा समुदाय के लिए यह बिजली की रोशनी सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि उनके जीवन में एक बड़े बदलाव का प्रतीक है। बिजली से न केवल उनके जीवन में उजाला होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। तकनीक की पहुंच से ग्रामीणों को दुनिया से जुड़ने और अपने जीवन स्तर को सुधारने का मौका मिलेगा। महुआपानी गांव के निवासियों आलु राम, भदई राम, खुलु पैकरा और रामबिसाल यादव ने बताया कि बिजली की खबर उनके लिए एक उत्सव से कम नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “यह हमारे गांव के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। हमें उम्मीद है कि बिजली की सुविधा हमारे बच्चों की पढ़ाई से लेकर खेती और रोजगार तक के अवसरों को सुधारने में मदद करेगी।” **विष्णु सरकार की सुशासन की प्रतिबद्धता** प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनमन योजना के अंतर्गत, छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने प्रदेश के दूर-दराज और पिछड़े क्षेत्रों में सुशासन और आधारभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए व्यापक कार्य किए हैं। यह पहल दिखाती है कि राज्य सरकार गरीब और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए कितनी गंभीर और प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश के विशेष पिछड़ी जनजातियों को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों को बल मिला है। महुआपानी जैसे दुर्गम इलाकों में बिजली जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराकर राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रदेश के हर नागरिक को विकास का लाभ मिले। **आगे की राह** बिजली पहुंचने से महुआपनी में अब शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और आधुनिक तकनीक के प्रयोग को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा की व्यवस्था कर सकेंगे और खेती-बाड़ी में भी सुधार होगा। इसके अलावा, रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जो इस क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। महुआपानी की इस सफलता से यह संदेश मिलता है कि छत्तीसगढ़ की विष्णु सरकार प्रदेश के विकास और जनहित के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और आने वाले समय में प्रदेश के और भी क्षेत्रों में ऐसे सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

*सीएम कैम्प ने तीजा पर्व पर महिलाओं को दिलाई अंधेरे से मुक्ति,24 घण्टे के भीतर बदला खराब ट्रांसफार्मर, ग्रामीणों ने जताया आभार*

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  *जशपुर, 7 सितंबर 2024*: मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय जशपुर जिले के लोगों के लिए उम्मीदों का नया केंद्र बनकर उभरा है। यहाँ लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है, जिससे जिले में सकारात्मक माहौल निर्मित हो रहा है। इसी कड़ी में, जिले के कुनकुरी विकासखंड के नारायणपुर ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम चिटकवाईन गंझूटोली में गुरुवार शाम को हुई तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने से ट्रांसफार्मर खराब हो गया, जिससे गाँव में बिजली संकट उत्पन्न हो गया। गाँववासियों ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के निज सहायक को व्हाट्सएप के माध्यम से जानकारी दी। कार्यालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग को निर्देशित किया। बिजली विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और पाया कि ट्रांसफार्मर खराब हो चुका था। इसके तुरंत बाद, 24 घंटे के भीतर शुक्रवार की शाम को ट्रांसफार्मर बदल दिया गया और गाँव की बिजली समस्या का समाधान हो गया। ग्रामीणों में इस त्वरित कार्रवाई से खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनके कैंप कार्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया। तीजा पर्व पर महिलाओं की मदद: हरितालिका तीज के पावन अवसर पर, जब महिलाएं निर्जला व्रत रख रही थीं, बिजली की समस्या ने उनकी कठिनाईयों को बढ़ा दिया था। लेकिन सीएम कैंप कार्यालय ने समय रहते बिजली विभाग को निर्देशित किया कि किसी भी स्थिति में बिजली बहाल की जाए, ताकि त्योहार के दौरान किसी को परेशानी न हो। ट्रांसफार्मर के बदले जाने से महिलाएं भी राहत महसूस कर रही हैं। बिजली विभाग के डीई भगत लगातार बारिश के मौसम में क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं और जहां भी बिजली समस्या सामने आती है, वहां कैंप लगाकर तब तक कार्यवाही करते हैं, जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता। उनकी इस कर्तव्यनिष्ठा के कारण जशपुर के ग्रामीण इलाकों में बिजली समस्या का त्वरित समाधान हो रहा है और लोग अब अंधकार से मुक्ति पा रहे हैं। ग्रामीणों ने जताया आभार: गाँववासियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और सीएम कैंप कार्यालय की सराहना करते हुए कहा कि यह त्वरित और प्रभावी कार्रवाई प्रशासन की जनता के प्रति संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाती है।