प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर होगा पौधा रोपण,कौशल्या साय ने हर घर में दीप जलाने की अपील की

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जशपुर,15 सितंबर 2025 – सत्रह सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय प्रातः 9 बजे बगिया के श्री फलेश्वर नाथ मंदिर परिसर में पौधा रोपण करेंगी एवं सांय 6 बजे कुनकुरी के छठ घाट में शहरवासियों के साथ दीप प्रज्वलन कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना कर राष्ट्र प्रगति की कामना करेंगी। इस मौके पर भव्य कार्यक्रम के साथ छठ घाट को दीपों से सजा कर रोशन किया जाएगा।कुनकुरी के नगरवासियों ने इस आयोजन की तैयारी उत्साहपूर्वक शुरू कर दी है। श्रीमती कौशल्या साय ने समस्त प्रदेश वासियों से अपील किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर को सभी लोग अपने घरों में पौधारोपण कर शाम को दीपक जला कर एकजुटता का संदेश दें और राष्ट्र प्रगति की कामना करें। उन्होनें आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी बीते 11 साल से लगातार देश के विकास के लिए पूरे समर्पण भाव से काम कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत विश्व गुरू बनने की ओर अग्रसर है। देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा मजबूत हुई है। देश का आर्थिक विकास एक नई उंचाई को छू रहा है। अंर्तराष्ट्रीय मंच में भारत की उपस्थिति पहले से अधिक मजबूत हुई है। बीते दो साल में नक्सल मुक्ति की ओर छत्तीसगढ़ ने तेजी से कदम बढ़ाया है।ऐसे में हम सब प्रदेश वासियों का दायित्व है कि हम जन्म दिवस के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एकजुटता का संदेश देकर उनका उत्साहवर्द्वन करे ताकि वे एक नई उर्जा के साथ देश और देशवासियों की सेवा कर सकें।

कुनकुरी में अग्रवाल समाज का विरोध प्रदर्शन, नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील गुप्ता बोले – मेरा उद्देश्य किसी समाज को ठेस पहुँचाना नहीं, लड़ाई सरकार से है

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कुनकुरी, 11 सितम्बर 2025/ कुनकुरी शहर में नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील गुप्ता की फेसबुक पोस्ट को लेकर अग्रवाल समाज ने विरोध प्रदर्शन किया। जिसपर विनयशील ने बयान जारी कर खेद प्रकट किया है। इस बीच नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील गुप्ता का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि “मेरे द्वारा बगीचा के जुरूडांड में जो घटना घटी, वहां के पीड़ित और मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की मांग लगातार की जा रही है। इसके संदर्भ में मैंने एक पोस्ट लिखा था जिससे अग्रवाल समाज के लोगों की भावना आहत हुई। मैंने फेसबुक पर ही उस पर खेद प्रकट किया था। मेरा उद्देश्य कभी भी किसी समाज की भावना को ठेस पहुँचाने का नहीं रहा है। मेरी मांग भारतीय जनता पार्टी की वर्तमान सरकार, विष्णु साय जी की सरकार से है और मृतकों के आश्रितों, पीड़ितों के लिए मेरी मांग जारी रहेगी। यदि मेरे किसी कथन से किसी समाज को ठेस पहुँची है तो मैं पुनः खेद प्रकट करता हूं और मेरी लड़ाई सरकार से है, जो जारी रहेगी।” इससे पहले,अग्रवाल समाज के नेताओं ने आरोप लगाया कि बगीचा के जुरूडांड में गणेश विसर्जन के दौरान हुए हादसे में मृतकों को मिले मुआवज़े को लेकर विनयशील गुप्ता ने फेसबुक पर टिप्पणी की, जिसमें अग्रवाल समाज को अलग से टारगेट करते हुए समाजों के बीच भेदभावपूर्ण बातें लिखी गईं। नेताओं का कहना है कि यह जातिवाद को बढ़ावा देने वाला कदम है जिससे समाज में आक्रोश और विद्वेष फैल रहा है। उन्होंने कहा कि अग्रवाल समाज के लोग सभी राजनीतिक दलों में हैं और ऐसे बयानों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बहरहाल,इस मामले को लेकर सोशल मीडिया में कांग्रेस और भाजपा की लड़ाई छिड़ी हुई है।सियासी पंडित मान रहे हैं कि लोग बगीचा के जुरुडांड में गणेश विसर्जन के दौरान हुए पांच लोगों की मौत और घायलों की पीड़ा से हटते हुए सियासी लड़ाई का आनंद उठाने में व्यस्त होने लगे हैं।वहीं विनयशील कांग्रेस की मांग को अपनी जिद बनाकर मैदान में कूद पड़े हैं।

डॉ. ग्रेस ने जुमाइकेला में स्कूली बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य और लक्ष्य निर्धारण के दिए टिप्स

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जशपुर,10 सितम्बर 2025 –  ख्यातिप्राप्त मनोचिकित्सक डॉ. ग्रेस कुजूर मंगलवार को कांसाबेल विकासखंड के जुमईकेला स्थित डॉन बोस्को इंग्लिश मीडियम स्कूल और जनता हायर सेकेंडरी स्कूल की विशेष कार्यशाला में पहुँचीं। इस अवसर पर विद्यालयों के प्राचार्यों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यशाला में डॉ. ग्रेस ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझाते हुए बुद्धि बढ़ाने के कई उपयोगी टिप्स दिए। उन्होंने मोबाइल फोन के जिम्मेदाराना उपयोग की बात करते हुए कहा कि “मोबाइल को पढ़ाई और ज्ञान बढ़ाने का साधन बनाना चाहिए, न कि केवल मनोरंजन का।’’ साथ ही उन्होंने स्क्रीन टाइम को कम करने और उसका सही उपयोग करने के उपाय भी बताए। डॉ. ग्रेस ने छात्रों को जीवन में लक्ष्य निर्धारण और मानसिक तैयारी पर जोर देते हुए कहा कि चाहे कोई भी सपना हो—डॉक्टर, इंजीनियर, पुलिस अधिकारी, शिक्षक या किसान बनने का—उसे हासिल करने के लिए पहले मानसिक रूप से तैयार होना जरूरी है। उन्होंने चेतन और अवचेतन मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को सरल भाषा में समझाते हुए बताया कि जब हम किसी लक्ष्य के बारे में लगातार सोचते हैं तो हमारा दिमाग उसी दिशा में काम करने लगता है। इस अवसर पर डॉन बोस्को इंग्लिश मीडियम स्कूल के प्रिंसिपल पॉल तिर्की ने कहा कि “छात्र जीवन सीखने का काल है और इसे दिमाग से सीखा जाता है।” वहीं जनता हायर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल कांति तिर्की ने छात्रों को डॉ. ग्रेस की बातों को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी भी साझा की गई कि डॉ. ग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को समर्थन देने के लिए अपनी जीवनगाथा पर बन रही फिल्म ‘अर्पण’ को समर्पित किया है। मानसिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले व्यक्तित्व आज के युग में विरले ही देखने को मिलते हैं। आभार व्यक्त करने मंच पर पहुँची छात्रा आलिया ने कहा कि इस कार्यशाला ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच और लक्ष्य निर्धारण के प्रति एक नई दृष्टि दी।

*जशपुर जिले में 56 करोड़ 57 लाख की लागत से 484 नए आंगनबाड़ी भवन निर्माण की मिली स्वीकृति , मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से बच्चों और माताओं के पोषण, शिक्षा व स्वास्थ्य को मिलेगा नया आयाम*

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*जशपुर जिले में 56 करोड़ 57 लाख की लागत से 484 नए आंगनबाड़ी भवन निर्माण की मिली स्वीकृति , मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से बच्चों और माताओं के पोषण, शिक्षा व स्वास्थ्य को मिलेगा नया आयाम* जशपुर,09 सितंबर 2025 । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्राथमिकता हमेशा से प्रदेश के बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य एवं शिक्षा को लेकर रही है। इसी दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए जशपुर जिले में 56 करोड़ से भी अधिक की लागत से 484 नए आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रत्येक आंगनबाड़ी भवन पर 11 लाख 69 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। इस प्रकार करोड़ों रुपए की राशि सीधे तौर पर जिले में आंगनबाड़ी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार पर लगाई जाएगी। इससे न केवल बच्चों और माताओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी बल्कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी एक स्थायी और सुसज्जित कार्यस्थल प्राप्त होगा। *जर्जर भवन एवं अस्थाई से स्थायी भवन की ओर* अब तक अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र भवन जर्जर हालत में या किराए के मकानों में संचालित होते थे।ऐसे स्थानों में न तो बच्चों को बैठने की समुचित सुविधा मिलती थी और न ही साफ-सफाई का पर्याप्त वातावरण। लेकिन नए भवन बनने के बाद बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और अनुकूल माहौल उपलब्ध होगा, जिससे उनकी शिक्षा और पोषण संबंधी गतिविधियाँ व्यवस्थित ढंग से संचालित होंगी। *बच्चों और माताओं के लिए एक संपूर्ण केंद्र* नए आंगनबाड़ी भवन सिर्फ पढ़ाई या आहार वितरण का स्थान नहीं होंगे, बल्कि ये ग्रामीण समाज में पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और जागरूकता का केंद्र बनेंगे। इन भवनों में बच्चों को पौष्टिक आहार ,खेल-खेल में सीखने की व्यवस्था,नियमित स्वास्थ्य जांच,माताओं के लिए पोषण व स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे जिले में कुपोषण को कम करने और शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने में बड़ी भूमिका निभाई जाएगी। *मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प अब कोई भी बच्चा शिक्षा की कमी से नहीं होगा वंचित* मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा का संकल्प है कि जशपुर का कोई भी बच्चा अब कुपोषण और शिक्षा की कमी से वंचित नहीं रहेगा। सरकार का लक्ष्य है कि हर बच्चे और हर माता को स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। नए आंगनबाड़ी भवन आने वाली पीढ़ी के जीवन स्तर को बेहतर बनाएंगे और प्रदेश में पोषण क्रांति की नींव मजबूत करेंगे। *ग्रामीणों की खुशी और सीएम साय के प्रति आभार* ग्रामीण अंचलों के लोगों ने इस नए आंगनबाड़ी भवन की स्वीकृति का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि यह पहल आने वाली पीढ़ी के भविष्य को उज्ज्वल बनाने वाली साबित होगी। अब बच्चे अस्थायी कमरों में नहीं, बल्कि सुसज्जित भवनों में शिक्षा और पोषण प्राप्त करेंगे।

जशपुर में गणेश विसर्जन हादसे पर बवाल, मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर उतरी कांग्रेस

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Iजशपुर,03 सितंबर 2025 – बगीचा थाना क्षेत्र के जुरूडांड गांव में गणेश विसर्जन के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। तेज रफ्तार बोलेरो की चपेट में आने से तीन श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं और जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं।   घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने त्वरित राहत की घोषणा करते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की बात कही है। हालांकि कांग्रेस पार्टी ने इस घोषणा को नाकाफी बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।   सोमवार को जुरूडांड में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने पूर्व अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह के नेतृत्व में सड़क पर बैठकर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस की मांग है कि मृतकों के परिवार को 50-50 लाख रुपये और घायलों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।   फायरब्रांड नेता विनयशील ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “दो-तीन साल पहले पत्थलगांव में दुर्गा विसर्जन हादसे में भाजपा ने सड़क पर उतरकर मृतकों के परिजनों के लिए 50 लाख रुपये की मांग की थी और तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वह मुआवजा दिया भी था। अब भाजपा सरकार क्यों पीछे हट रही है?”   प्रदर्शन के चलते मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि हालात काबू से बाहर न हों। वहीं प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर शव का अंतिम संस्कार कराने की अपील कर रहे हैं।  

जशपुर के बगीचा में गणेश विसर्जन के दौरान हादसे को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा शोक, मृतक के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता राशि का ऐलान, घायलों के समुचित इलाज के लिए दिए निर्देश

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Update News : जशपुर के बगीचा में गणेश विसर्जन के दौरान हादसे को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा शोक, मृतक के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता राशि का ऐलान, घायलों के समुचित इलाज के लिए दिए निर्देश….*   जशपुर,03 सितम्बर 2025  जशपुर जिले के जुरुडांड, बगीचा में गणेश विसर्जन की झांकी के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मृत्यु तथा कई अन्य के घायल होने की दुखद खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए घायलों की समुचित चिकित्सा एवं आवश्यक मदद के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुःखद घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार मृतकों के परिजनों एवं घायलों के साथ खड़ी है। राज्य सरकार द्वारा मृतकों के परिजनों को पाँच-पाँच लाख रुपए एवं घायलों को पचास-पचास हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की है। हम आपको बता दें कि घायलों में इस हादसे में घायल हुए 22 लोगों को बेहतर उपचार किए जाने की जानकारी जिला प्रशासन ने दी है। इनमें से 15 का इलाज अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में तथा 7 का इलाज निजी अस्पताल में किया जा रहा है। शेष 8 घायलों का इलाज बगीचा सीएचसी में चल रहा है। घायलों में 2 की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

जशपुर से हिमालय तक: जनजातीय युवाओं की ऐतिहासिक चढ़ाई की तैयारी

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जशपुर –  26 अगस्त 2025/ छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला जो अब तक अपनी हरियाली, झरनों और शांत वनों के लिए प्रसिद्ध रहा है, देशदेखा क्लाइम्बिंग सेक्टर की स्थापना के बाद अब एक और नई पहचान बनाने जा रहा है।जिले के आदिवासी युवा हिमालय की चोटियों पर अल्पाइन तरीके की रॉक क्लाइम्बिंग चढ़ाई के लिए निकलने की तैयारी कर रहे हैं। मियार वैली ट्राइबल अल्पाइन एक्सपेडिशन 2025 केवल एक पर्वतारोहण अभियान नहीं है, बल्कि यह पूरे प्रदेश और देश के लिए गर्व और उम्मीद की कहानी बन रहा है। इस अभियान के लिए अंतिम चरण में पाँच युवाओं का चयन किया गया है, जिनकी अपनी-अपनी कहानियाँ प्रेरणादायक हैं। रुसनाथ भगत जो एम.ए. हिस्ट्री के छात्र और एनसीसी कैडेट हैं, शहर में अपने लोकप्रिय नेपोलियन चाउमिन सेंटर चलाते हैं और कंटेंट क्रिएशन में भी सक्रिय हैं। तेजल भगत एम.एससी. बॉटनी की छात्रा, अपने गाँव बस्ता में एकता क्लब के ज़रिए शिक्षा और बाल अधिकारों के लिए काम करती हैं। सचिन कुजूर, एम.ए. हिस्ट्री के छात्र, जय हो एनजीओ से जुड़े रह चुके हैं और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के साथ-साथ मंडार, एक पारंपरिक जनजातीय वाद्य, बजाने में माहिर हैं। प्रतीक, बी.कॉम स्नातक और एनएसएस वॉलंटियर, खेती करना पसंद करते हैं और परिवार का सहारा बनने के लिए बर्तन की दुकान में काम भी कर चुके हैं। वहीं रवि सिंह, बाइक मैकेनिक और साइकिलिंग के शौकीन, ने हाल ही में जशपुर का पहला देशदेखा क्लाइम्बिंग को. नामक एडवेंचर गाइडिंग कार्य बाकी प्रशिक्षित युवाओं के साथ शुरू किया है। टीम को जशपुर के जंगलों और आसपास की चट्टानों में कठोर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहाँ उन्हें कैंपिंग, ट्रैड क्लाइम्बिंग, रूट ओपनिंग, वाइल्डरनेस फर्स्ट एड और माउंटेन एथिक्स जैसी अहम तकनीकें सिखाई जा रही हैं। प्रशिक्षण की कमान स्वप्निल शिरीष रचेलवार, अमेरिका से डेव गेट्स, रनर्सग्च से सागर दुबे, प्रसिद्ध भारतीय कोच प्रतीक निनवाने वर्तमान में यू मुम्बा कबड्डी टीम के प्रमुख फिटनेस कोच और काफी मीडिया से ईशान गुप्ता जैसे अनुभवी प्रशिक्षकों के हाथों में है। यह प्रशिक्षण केवल शारीरिक तैयारी नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर भी केंद्रित है। जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार के इस अभियान को स्थानीय लोगों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़े पैमाने पर समर्थन मिला है। विश्व की सबसे बड़ी पर्वतारोहण उपकरण निर्माता कंपनी पेटज़ल ने भारत में अपने साझेदार अलाइड सेफ्टी इक्विपमेंट के साथ मिलकर आधिकारिक उपकरण प्रायोजक की भूमिका निभाई है। अद्वेनोम एडवेंचर और जय जंगल ने पौष्टिक और ऑर्गेनिक भारतीय शैली के एडवेंचर फ़ूड उपलब्ध कराने का जिम्मा उठाया है। रनर्सग्च्, एक प्रतिष्ठित एथलीट कोचिंग ब्रांड, टीम की शारीरिक और मानसिक मजबूती पर काम कर रहा है। इसके साथ स्पेन की प्रसिद्ध बार्सिलोना क्लाइम्ब्स और मिस्टिक हिमालयन ट्रेल्स ने गाइडिंग और बेसकैंप गतिविधियों में सहयोग दिया है। इस अभियान का संचालन पहाड़ी बकरा एडवेंचर कर रहा है। वहीं छत्तीसगढ़ का प्रमुख औद्योगिक समूह हिरा ग्रुप इस पहल से प्रेरित होकर आधिकारिक प्रायोजक बना है। रेकी ऑउटडोर्स ने टीम को आधिकारिक पर्वतीय परिधान मुहैया कराए हैं, जबकि रेडपांडा ऑउटडोर्स और गोल्डन बोल्डर्स ने उपकरण सपोर्ट दिया है। आदि कैलाश वेलनेस पार्टनर के रूप में टीम के स्वास्थ्य और रिकवरी में सहयोग कर रहा है। मुख्य प्रायोजकों के अलावा कुल मिलाकर 15 कंपनियों ने अपना सहयोग प्रदान कर इसे शुरुआत से ही एक सफल अभियान बना दिया है। जशपुर से निकले ये पाँच युवा अब हिमालय की मियार वैली की ऊँचाइयों को छूने के सपने के साथ आगे बढ़ रहे हैं। ज्ञात रहे कि यह टीम 31 अगस्त को जशपुर से हिमाचल प्रदेश की ओर गंतव्य के लिए निकलेगी। एक महीने के इस अभियान पर जनजातीय युवक देश-विदेश के प्रसिद्ध माउंटेन क्लाइम्बर्स के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लीडर के तौर पर प्रतिभाग करेंगे। यह पहल केवल उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए एक प्रेरणा है। यह साबित कर रही है कि अवसर और सहयोग मिलने पर जंगलों और गाँवों से भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्वतारोही तैयार हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान आने वाले समय में भारतीय हिमालयी पर्वतारोहण की दिशा बदल सकता है और अगली पीढ़ी के अल्पाइन क्लाइम्बर्स इन्हीं अप्रत्याशित इलाकों से निकल सकते हैं। यह केवल एक चढ़ाई नहीं, बल्कि बदलाव की चढ़ाई है।

कुनकुरी खेल मैदान में ऐसे मनाया गया स्वतंत्रता दिवस,मुख्यमंत्री का संदेश पढ़ा गया, प्रभात फेरी और सांस्कृतिक कार्यक्रम ने मोहा मन

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  कुनकुरी,16 अगस्त 2025 – स्वतंत्रता दिवस का पर्व इस वर्ष कुनकुरी में ऐतिहासिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। नगर के खेल मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी एवं समारोह की मुख्य अतिथि श्रीमती कौशल्या साय ने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी। इस अवसर पर उनकी बड़ी बहन एवं जनपद पंचायत अध्यक्षा श्रीमती सुशीला साय विशेष रूप से उपस्थित रहीं। ध्वजारोहण के बाद श्रीमती कौशल्या साय ने मंच से मुख्यमंत्री का जनता के नाम संदेश पढ़ा। इससे पूर्व नगर के सभी स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने प्रभात फेरी निकालकर शहर का भ्रमण किया। प्रभात फेरी का समापन जय स्तंभ चौक पर हुआ, जहां नगर पंचायत अध्यक्ष श्री विनयशील ने परंपरानुसार जय स्तंभ पर माल्यार्पण कर शहीद स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। जय स्तंभ उन वीर बलिदानियों की स्मृति का प्रतीक है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को आजादी दिलाई।   प्रभात फेरी के बाद खेल मैदान में मुख्य समारोह आयोजित हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि श्रीमती कौशल्या साय, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री विनयशील सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बच्चों ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीत, नृत्य और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिसने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन अरविंद मिश्रा ने किया। स्वतंत्रता दिवस समारोह में पूरा वातावरण देशभक्ति के रंग से सराबोर रहा।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, परेड की सलामी ली और पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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जशपुरनगर, 15 अगस्त 2025/ राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आजादी का तिरंगा फहराया और उनके गृहजिले में स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने तिरंगा फहराया। जिला मुख्यालय जशपुर में 79वां स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति और हर्षोल्लास के साथ रणजीता स्टेडियम में आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली और मुख्यमंत्री का स्वतंत्रता दिवस संदेश वाचन किया। उन्होंने कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों के साथ परेड का निरीक्षण किया तथा शांति के प्रतीक रंगीन गुब्बारे उड़ाए। समारोह में 13 प्लाटूनों ने हिस्सा लिया, जिसका नेतृत्व मुख्य परेड कमांडर अमरजीत खूंटे ने किया। मंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिजनों से भेंट कर उन्हें शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने बैंड, सामूहिक व्यायाम और देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 152 अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सर्किट हाउस प्रांगण में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान अंतर्गत पौधारोपण भी किया गया। मंत्री ने सिंदूरी, विधायक रायमुनी भगत ने सीता अशोक, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने गुलमोहर,नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद भगत ने नागकेशरी का पौधा लगाया। सभी ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, स्कूली बच्चे और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। संचालन डी. आर. राठिया एवं जयेश सौरभ टोपनो ने किया।

बड़ी खबर: बच्चे चप्पल पहनकर स्कूल आए तो प्रिंसिपल ने कहा – भागो यहां से,अभिभावकों में रोष,लोयोला हाईस्कूल का मामला

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रिपोर्ट – संतोष चौधरी जशपुर/कुनकुरी, 2 अगस्त – एक तरफ सरकार हर बच्चे को शिक्षा दिलाने की कोशिश में करोड़ों खर्च कर रही है, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विधानसभा से ही ऐसी तस्वीर सामने आई है जो न केवल अमानवीय है बल्कि “शिक्षा का अधिकार कानून” (RTE Act, 2009) की खुलेआम अवहेलना है। दरअसल, जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित प्रतिष्ठित लोयोला हायर सेकेंडरी स्कूल, जहां से खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पढ़ाई की है, वहां शनिवार को कुछ छात्रों को सिर्फ इसलिए स्कूल से बाहर निकाल दिया गया क्योंकि वे बारिश में भीगने के कारण जूते नहीं पहन सके और चप्पल पहनकर आ गए थे। बताया गया कि शुक्रवार को स्कूल से लौटते समय बारिश के चलते कई बच्चों के जूते भीग गए। शनिवार को जब वे सूखे नहीं तो मजबूरी में बच्चों ने चप्पल पहनकर स्कूल आना उचित समझा, पर प्रिंसिपल फादर सुशील टोप्पो ने इसे “अनुशासनहीनता” मानते हुए बच्चों को स्कूल परिसर से बाहर निकाल दिया। छात्र हर्ष राम (कक्षा 9वीं) का कहना है – “हमने पहले भी देखा है कि पुराने प्रिंसिपल हमारी परिस्थितियों को समझते थे, लेकिन नए प्रिंसिपल बहुत सख्त हैं। आज हम लोग को बिना पढ़ाई के घर भेज दिए।बहुत खराब लग रहा है।” वहीं अभिभावक विष्णु राम और श्रवण यादव ने इसे बच्चों के शिक्षा के अधिकार का हनन बताया और जिला प्रशासन से मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की है। क्या कहता है कानून? “शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009” (Right to Education Act) के तहत कोई भी स्कूल 6 से 14 वर्ष की आयु के किसी भी बच्चे को इस तरह शिक्षा से वंचित नहीं कर सकता। यूनिफॉर्म संबंधी नियमों के पालन में लचीलापन आवश्यक है, विशेषकर जब मामला गरीब परिवारों या प्राकृतिक परिस्थितियों से जुड़ा हो। प्रिंसिपल ने रखा अपना पक्ष इस घटना के बारे में जब हमने लोयोला हाईस्कूल हिंदी मीडियम के प्रिंसिपल फादर सुशील तिग्गा से बात की तो उन्होंने यह स्वीकार किया कि बिना जूता पहने स्कूल आने वाले छात्रों को बिना आवेदन के क्लास में बैठने नहीं दिया जाता।सुशील ने बताया कि हमने बच्चों को जुलाई तक रियायत दी थी।आज तीन छात्र मेरे पास आए थे,उन्होंने बारिश में जूता भींगने की बात बताई थी तो मैने उन्हें आवेदन देने को कहा था लेकिन उन्होंने आवेदन नहीं दिया और स्कूल से बाहर चले गए। प्रशासन से अपील इस मामले की जानकारी मिलने पर कई अभिभावकों ने कहा – “यह मामला न सिर्फ संवेदनशील है, बल्कि कानूनन भी गलत है। ज़रूरत है कि जिला शिक्षा अधिकारी, बाल संरक्षण आयोग और प्रशासन इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराए और बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ा जाए। साथ ही स्कूल प्रशासन को निर्देशित किया जाए कि बच्चों की समस्याओं को मानवीय दृष्टिकोण से समझें।”