कुनकुरी नगरपंचायत अध्यक्ष ने दिखाए भ्रष्टाचार के पोस्टर, सीएमओ पर गंभीर आरोप, मुख्यमंत्री से की कार्रवाई की मांग

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जशपुर/कुनकुरी, 13 मई 2025 — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के “जीरो टॉलरेंस फॉर करप्शन” के नारे को सच साबित करने की चुनौती अब खुद उनकी ही विधानसभा कुनकुरी से उठी है। कुनकुरी नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील ने आज अपने ही नगर पंचायत कार्यालय में प्रेसवार्ता आयोजित कर सीएमओ प्रवीण उपाध्याय पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। विनयशील ने कहा कि यह कोई राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि दस्तावेजों पर आधारित तथ्य हैं और मुख्यमंत्री को स्वयं इस मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। खास बात यह रही कि कांग्रेस से ताल्लुक रखने वाले नगर अध्यक्ष ने किसी भी राजनीतिक रंग से परे जाकर सिर्फ नगर पंचायत के सीएमओ को घेरते हुए सीधा मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है क्योंकि यह मुख्यमंत्री की विधानसभा है और इकलौता नगर पंचायत भी।ऊपर से ये कि आखिर विनयशील यह क्यों चाहते हैं कि सीएम विष्णुदेव साय का भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस सफल हो? तीन प्रमुख घोटाले उजागर! 1. छठघाट तालाब टेंडर घोटाला: नगर अध्यक्ष के अनुसार, पारिस्थितिक पुनर्स्थापन (संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण) के नाम पर छठघाट तालाब के लिए 97.50 लाख रुपए का टेंडर निकाला गया। यह ठेका डुगडुगिया के सिविल ठेकेदार राजकुमार गुप्ता को दिया गया, जिन्हें पूर्व में ऐसे किसी कार्य का अनुभव नहीं था । इसके बाद CMO और इंजीनियर द्वारा बिना कार्य की MB रिकॉर्ड लिए ही 48.75 लाख रुपए की पहली किश्त सीधे ठेकेदार को दे दी गई । विनयशील ने इसे स्पष्ट रूप से टेंडर प्रक्रिया का उल्लंघन और भ्रष्टाचार बताया। 2. सीएमओ की “हवेली” और दरवाजा विवाद: विनयशील ने आरोप लगाया कि सीएमओ ने पुराने नगर पंचायत कार्यालय पर अवैध रूप से कब्जा कर निजी निवास बना लिया है, जिसका बिजली बिल भी नगर पंचायत से भुगतान हो रहा है। इतना ही नहीं, वहां पर एक गेट की मरम्मत के नाम पर 1.48 लाख रुपए खर्च कर दिए गए, जिसकी ऊंचाई 30 मीटर बताई गई है। नगर अध्यक्ष ने इसे मजाकिया लहजे में सम्राट अशोक के किले से भी ऊंचा बताया। 3. प्लेसमेंट कर्मचारी घोटाला: नगर पंचायत के कर्मचारियों की प्लेसमेंट व्यवस्था में भी भारी घोटाले का आरोप लगाया गया है। अध्यक्ष के मुताबिक, 60 लाख रुपए की स्वीकृत राशि को बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपए कर दिया गया। यहां तक कि विवाद की स्थिति में निर्णय का अधिकार नगर पंचायत भटगांव को देना भी गंभीर सवाल खड़े करता है।इस टेंडर उन्होंने निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी।   मुख्यमंत्री से की खुली अपील प्रेसवार्ता के अंत में विनयशील ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सार्वजनिक अपील करते हुए कहा, “आपकी ही विधानसभा के नगर पंचायत में इस तरह के खुलेआम भ्रष्टाचार से जनता का भरोसा डगमगा रहा है। यदि आप जीरो टॉलरेंस की बात करते हैं, तो इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें और सीएमओ प्रवीण उपाध्याय को तत्काल निलंबित करें।” नगर अध्यक्ष द्वारा जारी किए गए पोस्टरों में भी “गरीब नगर पंचायत के अमीर सीएमओ एंड ठेकेदार” जैसे वाक्य लिखे गए हैं, जो पूरे मामले को और अधिक सुर्ख़ियों में ले जा रहा है। बहरहाल,इस पूरे मामले में सीएमओ प्रवीण उपाध्याय से संपर्क नहीं हो पाया है।कार्यालय से जानकारी मिली है कि वे अभी अवकाश पर हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में दंतेवाड़ा विज्ञान केन्द्र की प्रशंसा की, मुख्यमंत्री ने जताया आभार*

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*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ सुनी ‘मन की बात’ की 121वीं कड़ी* रायपुर 27 अप्रैल 2025/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 121वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘मन की बात’ को जनजागरण और राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम देशवासियों को सकारात्मक दिशा प्रदान करने और जनभागीदारी को बढ़ावा देने का अद्वितीय मंच है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विचार और संदेश आज पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों, सामाजिक पहलों और सकारात्मक परिवर्तनों की जानकारी आमजन तक पहुँचती है, जिससे पूरे समाज में जागरूकता और ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल प्रेरणा देता है, बल्कि समाज में सक्रिय भागीदारी और रचनात्मक परिवर्तन को भी प्रोत्साहित करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस बार ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थापित विज्ञान केन्द्र की विशेष रूप से सराहना की है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताते हुए प्रधानमंत्री के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा कि आज भारत के युवा तेजी से साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे इलाके, जो कभी पिछड़ेपन और हिंसा के लिए पहचाने जाते थे, अब नवाचार के केन्द्र बन रहे हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थापित विज्ञान केन्द्र की सराहना करते हुए कहा कि जहाँ कभी हिंसा और अशांति का साया था, वहाँ आज बच्चे विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दंतेवाड़ा का विज्ञान केन्द्र आज पूरे देश का ध्यान आकर्षित कर रहा है, जहाँ बच्चों को थ्री-डी प्रिंटर, रोबोटिक कार जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है। बच्चों का तकनीक के प्रति यह जुड़ाव भारत के उज्ज्वल भविष्य की दिशा को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विज्ञान और नवाचार के प्रति देश के युवाओं में बढ़ता आकर्षण भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दंतेवाड़ा का विज्ञान केन्द्र अब वैज्ञानिक चेतना और नवाचार का केन्द्र बन रहा है, जो विशेषकर आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को विज्ञान, तकनीक और नवाचार की दुनिया से जोड़ने का प्रेरक माध्यम बन गया है। प्रधानमंत्री द्वारा की गई यह सराहना न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए एक उत्साहवर्धक संकेत है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को ‘मन की बात’ के जरिए देशवासियों से संवाद करते हैं और देश भर में हो रहे सकारात्मक प्रयासों को साझा कर एक प्रेरक वातावरण तैयार करते हैं। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी द्वारा ‘मन की बात’ कार्यकम में दंतेवाड़ा विज्ञान केन्द्र की प्रशंसा छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्र, जो कभी हिंसा के लिए जाने जाते थे, आज विज्ञान और नवाचार के प्रतीक बन रहे हैं। प्रधानमंत्री जी की सराहना से प्रदेश के बच्चों और युवाओं को विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलेगी। यह छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

कुनकुरी का सरकारी अस्पताल बना किडनी मरीजों के लिए नई उम्मीद की किरण,मरीजों ने कहा- ‘जीवन वापसी के लिए धन्यवाद’

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जशपुर,कुनकुरी 19 अप्रैल 2025 – आदिवासी बहुल जिला जशपुर के हृदयस्थल कुनकुरी में अब किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत और जीवन की नयी उम्मीद का केंद्र बन चुका है – कुनकुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत संचालित किडनी डायलिसिस सेंटर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच और दृढ़ संकल्प से यह सेंटर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और पीएमएनडीपी के तहत 21 फरवरी 2025 से शुरू किया गया। दीपचंद्र डायलिसिस सेंटर, दिल्ली के सहयोग से संचालित यह सुविधा आज सैकड़ों मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं। मरीजों की जुबानी – जीवन वापसी की कहानी   फरसाबहार विकासखंड के देवरी गांव से आये विजय कुमार एक्का, एक रिटायर्ड फौजी हैं। वे सीकेडी स्टेज 5 से पीड़ित हैं और पहले रांची व अंबिकापुर जाकर डायलिसिस कराने की परेशानी झेलते थे। अब कुनकुरी में उपचार मिल रहा है तो विजय एक्का और उनकी पत्नी को राहत की सांस मिली है। विजय कहते हैं, ” जीने की उम्मीद छोड़ दिया था,अब लगता है जीवन लंबा और आसान रहेगा। बस एक ब्लड बैंक की सुविधा और हो जाए तो  किडनी मरीजों को और राहत मिल जाएगी।” बेमताटोली के प्रदीप पाल पहले रायपुर जाकर डायलिसिस कराते थे। हर यात्रा में 8 से 10 हजार रुपये खर्च हो जाते थे। वे बताते हैं, “अब कुनकुरी में फ्री डायलिसिस से राहत मिली है, जिससे मुझे कर्ज से निकलने की राह दिखाई दे रही है।” चटकपुर के लाल बहादुर सिंह को सप्ताह में चार बार डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। वे अब आसानी से हर बार मोटरसाइकिल से 50 रुपये के पेट्रोल से कर आ-जा पाते हैं। उनका कहना है, “सरकार ने सारी सुविधाएं मुफ्त दी हैं, हम जैसे गरीबों के लिए यह बहुत बड़ी बात है।” ऐसे ही अनुभव और भी मरीजों ने ख़बरजनपक्ष से शेयर किए। आधुनिक मशीनें ,महानगरों जैसी सुविधा भी सेंटर मैनेजर अभिषेक कुमार गिरी और सीनियर टेक्नीशियन सुमित मिश्रा मरीजों की सेवा में पूरी तल्लीनता से जुटे हैं। मरीजों को समय पर डायलिसिस, परामर्श और जीवन जीने की प्रेरणा भी दी जा रही है। अब तक सेंटर पर – 21 से 28 फरवरी के बीच 14 डायलिसिस सेशन हुए, मार्च महीने में 185 डायलिसिस सेशन, 17 एक्टिव मरीजों के साथ, और 1 से 18 अप्रैल तक 116 सेशन हो चुके हैं। सेंटर हर दिन सुबह 7:30 से शाम 4:30 तक चालू रहता है। एक मरीज के डायलिसिस में करीब 4 घंटे का समय लगता है। खास बात यह है कि यहाँ की मशीनें अत्याधुनिक हैं, जो किसी भी बड़े शहर के अस्पताल से कम नहीं। जरूरत – बंद ब्लड बैंक शुरू करने की कई मरीजों ने बताया  कि डायलिसिस से पहले ब्लड की आवश्यकता होती है, पर कुनकुरी में ब्लड बैंक बंद होने के कारण जशपुर जाकर ब्लड चढ़वाना पड़ता है। इससे न सिर्फ आर्थिक बल्कि शारीरिक और मानसिक रूप से भी वे परेशान होते हैं। यदि कुनकुरी में ही ब्लड बैंक की सुविधा मिले तो मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। जानकारी का आभाव-बाकी विकासखंडों तक पहुंचे यह संदेश इस बेहतरीन सुविधा की जानकारी अभी केवल कुनकुरी और आसपास के क्षेत्र तक सीमित है। जबकि दुलदुला, कांसाबेल, बगीचा और फरसाबहार जैसे विकासखंडों के कई मरीज अभी तक इससे अनजान हैं। जरूरत है कि शासन और प्रशासन द्वारा इन इलाकों में जागरूकता फैलाकर अधिक से अधिक मरीजों को इसका लाभ दिलाया जाए। कुनकुरी का यह डायलिसिस सेंटर एक मिसाल बन चुका है – जहां सरकार की नीतियां, तकनीकी उन्नति और संवेदनशीलता का संगम दिखाई देता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह पहल आदिवासी क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। यह सिर्फ एक हेल्थ सेंटर नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों की मुस्कान और उम्मीदों का केंद्र बन गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर को दी 100 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक चिकित्सालय सहित 63 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

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जशपुर, 07 अप्रैल 2025 – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिलेवासियों को एक साथ दो बड़ी सौगातें दीं। उन्होंने एक ओर जहां 35 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से बनने वाले स्वर्गीय जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का भूमि पूजन किया, वहीं दूसरी ओर 63.43 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास कर जिले के विकास को नई दिशा दी। कलेक्टरेट के समीप बनने वाले 100 बिस्तरों वाले इस चिकित्सालय में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिसमें 15 ओपीडी, 4 आईसीयू, 4 ऑपरेशन थिएटर, फिजियोथेरेपी सेंटर, डायग्नोस्टिक लैब, सीटी स्कैन, डायालिसिस, एक्स-रे, एमआरआई, ईसीजी और इमरजेंसी वार्ड शामिल हैं। यह अस्पताल एनटीपीसी लारा के सीएसआर फंड से निर्मित होगा, जिसके लिए एनटीपीसी के महाप्रबंधक रविशंकर ने जिला कलेक्टर रोहित व्यास को 35 करोड़ 53 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने ‘सेवांकुर भारत – एक सप्ताह देश के नाम’ कार्यक्रम की भी शुरुआत की। इस कार्यक्रम के तहत 5 से 13 अप्रैल तक आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने इस सेवा कार्य के लिए संस्था और डॉक्टरों की सराहना की और 45 वर्षों से जनजातीय क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे डॉ. मृगेन्द्र सिंह को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 364.59 लाख रुपये के 5 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और 59.75 करोड़ रुपये के 22 कार्यों का भूमि पूजन भी किया। इन कार्यों में नगर पालिका क्षेत्र में बी.टी. रोड, सी.सी. रोड, नाली, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक भवन, स्टेडियम सौंदर्यीकरण, पार्क उन्नयन, छात्रावास निर्माण से लेकर 90 किमी से अधिक लंबाई की ग्रामीण सड़कों का निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद से ही जनकल्याणकारी योजनाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना के लिए बजट में प्रावधान किए जाने की जानकारी दी। कार्यक्रम में सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, कमिश्नर  नरेन्द्र दुग्गा, आईजी  अंकित गर्ग, जनसंपर्क आयुक्त डॉ. रवि मित्तल समेत अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे

जशपुर पुलिस की नई पहचान: ‘केवल प्रकरण नहीं, अब फिल्म भी’ | आज होगा SSP शशिमोहन सिंह की शॉर्ट फिल्म ‘कजरी – द बैटल फॉर फ्रीडम’ का भव्य विमोचन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे रिलीज

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जशपुर पुलिस की नई पहचान: ‘केवल प्रकरण नहीं, अब फिल्म भी’ | आज होगा SSP शशिमोहन सिंह की शॉर्ट फिल्म ‘कजरी – द बैटल फॉर फ्रीडम’ का भव्य विमोचन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे रिलीज जशपुर, 6 अप्रैल 2025 | जशपुर पुलिस अब अपराध के विरुद्ध केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक बदलाव के लिए रचनात्मक माध्यमों को भी अपनाने लगी है। इसी क्रम में आज एक ऐतिहासिक क्षण जशपुर में जुड़ने जा रहा है, जब जिले के पुलिस अधीक्षक आईपीएस शशिमोहन सिंह द्वारा निर्देशित शॉर्ट फिल्म ‘कजरी – द बैटल फॉर फ्रीडम’ का विमोचन स्वयं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय करेंगे। यह फिल्म मानव तस्करी जैसे संवेदनशील और गंभीर विषय पर आधारित है। खास बात यह है कि इस फिल्म के निर्देशक, स्क्रिप्ट राइटर और प्रमुख कलाकार स्वयं SSP शशिमोहन सिंह हैं। उन्होंने फिल्म में एसपी की भूमिका निभाई है और पूरी कहानी को जमीनी हकीकत से जोड़ा है। फिल्म की मुख्य विशेषताएं: कहानी: फिल्म एक आदिवासी लड़की ‘कजरी’ की है, जो मानव तस्करी के जाल में फंस जाती है और फिर अपनी आजादी की लड़ाई लड़ती है। लोकेशन: फिल्म की शूटिंग जशपुर जिले के विभिन्न स्थलों पर की गई है, जिससे दर्शकों को स्थानीय संस्कृति और वातावरण की सजीव झलक मिलती है। कलाकार: इस फिल्म में पत्रकारों, स्थानीय शिक्षक व सर्पविशेषज्ञ केसर हुसैन सहित कई स्थानीय कलाकारों ने अभिनय किया है। यह फिल्म एक प्रयास है जन-जागरूकता फैलाने का, ताकि समाज मानव तस्करी जैसे अपराधों के खिलाफ सजग हो सके। आज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों इसका औपचारिक विमोचन होना है। फिल्म को लेकर पूरे जिले में उत्सुकता का माहौल है, और यह उम्मीद जताई जा रही है कि यह फिल्म राज्य ही नहीं, देशभर में एक संदेशवाहक के रूप में उभरेगी।

रामनवमी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय घर आएंगे, श्रीराम सदन बगिया में करेंगे विशेष पूजा,दो कार्यों का करेंगे लोकार्पण

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जशपुर/बगिया, 6 अप्रैल 2025- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रामनवमी के पावन अवसर पर अपने गृहग्राम बगिया पहुंचेंगे, जहाँ वे सपत्नीक,भाई-बंधुओं क्पके साथ अपने निवास श्रीराम सदन में विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों को रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामराज्य का आदर्श शासन आज भी विकास, न्याय और धर्म का प्रेरणास्त्रोत है। मुख्यमंत्री का आज का विस्तृत कार्यक्रम इस प्रकार है: 11:00 AM – मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन्स रायपुर से प्रस्थान 11:10 AM – श्रीराम मंदिर, G.E. रोड रायपुर आगमन और आरती 11:40 AM से 12:20 PM – भाजपा स्थापना दिवस कार्यक्रम, प्रदेश कार्यालय रायपुर 12:35 PM से 1:00 PM – ग्राम फुंडहर, रायपुर में लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम 1:15 PM – पुलिस ग्राउंड हेलीपैड रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान 2:35 PM – हेलीपैड बगिया, जिला जशपुर आगमन 2:45 PM से 3:00 PM – ग्राम बगिया स्थित पर्यावरण वाटिका का लोकार्पण 3:05 PM से 3:15 PM – ग्राम बगिया स्थित हेलीपैड लाउंज का लोकार्पण 3:20 PM – निज निवास श्रीराम सदन, बगिया में आगमन इसके उपरांत – आरक्षित  

कल्याण आश्रम चिकित्सालय अब 35.53 करोड़ में 100 बिस्तर का बनेगा आधुनिक अस्पताल,7 अप्रैल को सीएम साय करेंगे शिलान्यास

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जशपुर,05 अप्रैल 2025 – जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा देने जा रहा है एक ऐतिहासिक कदम। स्व. जगदेव राम उरांव स्मृति कल्याण आश्रम धर्मार्थ चिकित्सालय, जो वर्षों से गरीब और जरूरतमंदों की सेवा में समर्पित है, अब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 35 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत आएगी, जिसे एनटीपीसी लारा द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) फंड के तहत वहन किया जाएगा। इस परियोजना का शिलान्यास समारोह 7 अप्रैल 2025 को प्रातः 11 बजे आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय शामिल होंगे। साथ ही, कार्यक्रम में वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री योगेश बापट, सेवांकुर प्रमुख डॉ ज्ञानेश गव्हाणकर, डॉ पूर्णेंदु सक्सेना और सेवांकुर के अन्य वरिष्ठ सदस्यगण भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। वनवासी कल्याण आश्रम का चिकित्सा आयाम – सेवा की परंपरा का प्रतीक राष्ट्रीय महामंत्री योगेश बापट ने बताया कि कल्याण आश्रम चिकित्सा आयाम 1964 से चल रहा है। जिसके तहत वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा संचालित यह धर्मार्थ चिकित्सालय वर्ष 1974 से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सतत कार्य कर रहा है। यह अस्पताल क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों और आर्थिक रूप से पिछड़े नागरिकों के लिए एक भरोसेमंद चिकित्सा केंद्र रहा है। यहां प्रतिदिन 150 से 200 मरीज ओपीडी में परामर्श लेने पहुंचते हैं।अस्पताल में पहले से ही नेत्र चिकित्सा, मोतियाबिंद ऑपरेशन, फिजियोथेरपी, ईसीजी, पैथोलॉजी जैसी अन्य सुविधाएं पहले उपलब्ध हैं। विशेष चिकित्सा शिविरों के आयोजन के माध्यम से भी लोगों को विभिन्न रोगों की जांच एवं इलाज की सुविधा दी जाती है। आधुनिकीकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम अस्पताल के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण की मांग लम्बे समय से की जा रही थी। इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ जिले के लारा स्थित एनटीपीसी प्रबंधन से संपर्क किया और उनके सहयोग से इस बड़ी परियोजना को मूर्त रूप दिया गया। एनटीपीसी द्वारा स्वीकृत 35.53 करोड़ रुपये की राशि से अस्पताल का नया भवन बनाया जाएगा और अत्याधुनिक चिकित्सीय उपकरणों की खरीद की जाएगी। स्थानीय जनता को मिलेगा सीधा लाभ इस अस्पताल के उन्नयन से जशपुर शहर के साथ-साथ आसपास के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों लोगों को आधुनिक, सुलभ और किफायती चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। यह अस्पताल न केवल स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा, बल्कि यह आदिवासी बहुल इस क्षेत्र में स्वास्थ्य एवं मानव सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी बनेगा। सेवा भावना को इस प्रोजेक्ट से नई दिशा मिलने जा रही है।

विष्णु के सुशासन में दारूबाजों की खैर नहीं, पार्टी कर रहे हो तो सावधान हो जाओ,,,

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रायपुर,05 अप्रैल 2025 – छत्तीसगढ़ सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत 1 अप्रैल 2025 से शादी, पार्टी और अन्य सामाजिक आयोजनों में शराब परोसने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए शुल्क भी निर्धारित किया गया है। लाइसेंस शुल्क विवरण: निजी भवन में आयोजन: यदि कोई अपने निजी भवन (फार्म हाउस को छोड़कर) में निजी कार्यक्रम में शराब परोसना चाहता है, तो उसे एक दिन के लिए ₹10,000 का लाइसेंस शुल्क देना होगा। होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज हॉल या फार्म हाउस में आयोजन: इन स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों के लिए एक दिन का लाइसेंस शुल्क ₹15,000 निर्धारित किया गया है। इवेंट, कंसर्ट, लाइव संगीत, नृत्य कार्यक्रम, नव वर्ष समारोह आदि: ऐसे बड़े आयोजनों में शराब परोसने के लिए एक दिन का लाइसेंस शुल्क ₹30,000 होगा। लाइसेंस प्राप्ति की प्रक्रिया: आयोजकों को संबंधित आयोजन से पूर्व स्थानीय आबकारी विभाग में आवेदन कर निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। बिना लाइसेंस के शराब परोसने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य: आबकारी विभाग के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य शराब के अवैध सेवन और बिक्री पर नियंत्रण रखना है, साथ ही सरकारी राजस्व में वृद्धि करना है। इस वर्ष सरकार का लक्ष्य 12 हजार करोड़ का है। शराब की कीमतों में कमी: नई आबकारी नीति के तहत, 1 अप्रैल 2025 से शराब की कीमतों में लगभग 4% की कमी आएगी, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। यह नई नीति राज्य में शराब के उपभोग और बिक्री को अधिक संगठित और नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कुनकुरी के विकास के लिए विनयशील की पहल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आगामी दौरे में मुलाकात का कर रहे इंतजार

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जशपुर,04 अप्रैल 2025 – कुनकुरी नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील ने 3 अप्रैल को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बगिया प्रवास की सूचना मिलते ही उनसे भेंट का समय मांगा। हालांकि, मुख्यमंत्री के व्यस्त निजी कार्यक्रम और शीघ्र रायपुर वापसी के कारण, उनके ओएसडी ने आगामी दौरे में मुलाकात का आश्वासन दिया है। विनयशील ने बताया कि वे शहर के विकास और प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री से संवाद स्थापित कर उनका विश्वास प्राप्त करना चाहते हैं। उन्होंने ‘ख़बर जनपक्ष’ को बताया कि सरकार की मूल भावना के अनुरूप कुनकुरी के नागरिकों को विकास के हर संभव मॉडल से जोड़ना उनकी प्राथमिकता है। इसी दिशा में स्थानीय विधायक के साथ मुख्यमंत्री से भेंट कर जरूरी विषयों पर चर्चा करना आवश्यक है। विनयशील का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनकी व्यक्तिगत पहचान भी है, और वे इस अवसर को कुनकुरी के समग्र विकास के लिए उनका आशीर्वाद लेने के रूप में भी देखते हैं। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री से संवाद के माध्यम से स्थानीय समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति संभव है। इस बीच, नगर में चल रहे विकास कार्यों को लेकर नगर पंचायत में हलचल बनी हुई है। बीते तीन दिनों से डेम की सफाई को लेकर अध्यक्ष और सीएमओ के बीच तनातनी की स्थिति बनी हुई है। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि अध्यक्ष को फाइल देखने के लिए सीएमओ को आधिकारिक पत्र लिखना पड़ा। नगर विकास से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए विनयशील मुख्यमंत्री से मुलाकात को आवश्यक मानते हैं। अब देखना होगा कि आगामी दौरे में यह बहुप्रतीक्षित भेंट कब और किस दिशा में अग्रसर होती है।

चर्चा सरेआम : कुनकुरी को क्या हो गया है? धर्मांतरण और भ्रष्टाचार को लेकर कुनकुरी की सियासत गरमाई है,आज ‘सरकार’ आ रहे हैं

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जशपुर,03 अप्रैल2025 और क्या माहौल है… कुनकुरी यह कुनकुरी विधानसभा का मुख्य शहर है,जो नगरपंचायत क्षेत्र में आता है।मतलब इस कुनकुरी से भाजपा विधायक बने विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ के ‘सरकार’ हैं और कुनकुरी शहर से नगरपंचायत अध्यक्ष बने विनयशील गुप्ता कुनकुरी के ‘सरकार’ हैं। इस शहर ने बीते एक दिन में दो बड़ी घटनाएं देखी।एक,हॉलीक्रॉस नर्सिंग कॉलेज में सिस्टर विंसी जोसफ, जिसपर छात्रा का धर्मांतरण नहीं करा पाने पर उसे फेल करने की साजिश का गम्भीर आरोप। दूसरा,कुनकुरी डेम जिसकी सफाई के 97 लखिया टेंडर पर नगरपंचायत अध्यक्ष विनयशील का प्रेस कांफ्रेंस।जिसमें विनयशील कुनकुरी डेम की सफाई भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने की बात कह रहे हैं। वे यह भी कह रहे हैं कि सीएमओ प्रवीण उपाध्याय उन्हें डेम सफाई की फाइल नहीं दिखा रहे हैं,उन पर दबाव है।बता दें कि सीएमओ नगर पंचायत का सेक्रेटरी होता है जो अध्यक्ष के नीचे प्रशासनिक व्यवस्था की बड़ी जिम्मेदारी निभाता है।सीएमओ का बयान आया कि फाइल यहीं है और जब अध्यक्ष जी कहेंगे सभी पार्षदों के सामने उसे रख देंगे।(केवल अध्यक्ष को नहीं दिखाएंगे!)सीएमओ ने यह भी बड़ी बात कह दी की अध्यक्ष जी का आरोप निराधार है,बेबुनियाद है। मतलब नगर सरकार में मुखिया और सेक्रेटरी के बीच तलवार खिंच गई है। बहरहाल,विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री और विनयशील नगर पंचायत अध्यक्ष में एक बात तो कॉमन है वह यह कि दोनों कुनकुरी शहर का खूब विकास चाहते हैं। खबर ज़नपक्ष को पुख्ता जानकारी है कि सरकार अपने गृहनिवास बगिया में नवरात्र के दौरान माँ पराशक्ति की पूजा करने आ रहे हैं।ऐसे शुभ अवसर पर दो प्रश्न हैं – धर्मांतरण के ख़िलाफ़ कोई बड़ा कदम उठनेवाला है क्या?विनयशील भ्रष्टाचार और विकास को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात करेंगे क्या?