जशपुर की मिशन संस्था में धर्मांतरण का खेल! नन्हें-मुन्नों को धार्मिक शिक्षा का कैसे दिया जा रहा लॉलीपॉप?सरकारी अनुदान के पैसों का दुरुपयोग कर मिशनरी स्कूल से कौन कर रहा है काली कमाई? सवाल कई जवाब भी पढ़िए –

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जशपुर,17 जनवरी 2025 – जिले के पोरतेंगा स्थित सरकारी अनुदान प्राप्त विनय प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा से संबंधित गंभीर अव्यवस्थाएं उजागर हुई हैं। स्थानीय जागरूक निवासियों ने इन मुद्दों को लेकर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नितिन राय को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। छात्रावास में दुर्व्यवस्था का आरोप छात्रावास में साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। बच्चों को अस्वच्छ और असुरक्षित वातावरण में रखा जा रहा है, जिससे उनका स्वास्थ्य खतरे में पड़ सकता है।बच्चों ने बताया कि खाट,मच्छरदानी,कम्बल घर से लाएं हैं। बच्चों पर धार्मिक और सांस्कृतिक दबाव डालने का आरोप बच्चों को जबरदस्ती धर्म और परंपराओं का पालन करने के लिए विवश किया जा रहा है।बच्चों ने बताया कि छात्रावास चर्च से सटा हुआ है।यहाँ चर्च में प्रार्थना करने के लिए सभी को जाना होता है चाहे बच्चे किसी भी धर्म को मानने वाले हों।छात्रावास में दैनिक समय सारणी,शनिवार समय सारणी,रविवार समय सारणी चस्पा किया हुआ है।जिसे कार्यालय,विनय बालक छात्रावास पोरतेंगा ने 1 सितंबर 2023 से जारी किया हुआ है।जिसके अनुसार दैनिक समय सारणी में छात्रावासी बालकों को सुबह उठकर 6 बजे मिस्सा करना शाम को 4 बजे बागवानी,शाम 6 बजे रोजरी अन्य गतिविधियों के साथ करना है।इसी तरह शनिवार समय सारणी में सुबह उठकर 6 बजे मिस्सा फिर शाम 3 बजे बागवानी,5:30 बजे रोजरी अन्य गतिविधियों के साथ करना है।वहीं रविवार समय सारणी के अनुसार सुबह उठकर 6 बजे मिस्सा,11 बजे गाना अभ्यास, शाम 5 बजे बेनेदिक्सन व अन्य गतिविधियां लिखी हुई हैं। ये बात समझा जा सकता है कि सभी बालकों को रोज सुबह उठने के बाद मिस्सा पूजा कर दिन की शुरुआत करनी है।रोज बागवानी करनी है।शाम को भी ईसाई धर्म के अनुसार रोजरी विनती आदि करना है। अवैध वसूली का आरोप प्रति बच्चे से ₹1000 की अवैध वसूली की जा रही है, जिसका कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता।बच्चों को बाकायदा इसकी रसीद दी जाती है,जिसकी पुष्टि बच्चों ने और खुद संस्था प्रमुख फादर अमित बेक ने कैमरे में की है। शराब पीकर अनुशासनहीनता का आरोप: विद्यालय प्रशासन पर शराब और अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया गया है, जिससे बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर बुरा असर पड़ रहा है। शोषण और जबरदस्ती मजदूरी का आरोप: बच्चों से जबरदस्ती मजदूरी करवाई जा रही है।जैसा कि बच्चों ने बताया ,”हम सभी को बागान में रोज काम करना होता है।उससे जो सब्जी उगती है उसे हमें खिलाया जाता है।जब बागान में सब्जी खत्म हो जाती है तो हमें सुकटी भात दिया जाता है।(सुकटी मतलब पत्तियों का पावडर)।खाना भी दिन में जो मिड डे मील स्कूल में मिलता है उसी को शाम को छात्रावास में दुबारा खिलाया जाता है।छुट्टी के दिन सरकारी चावल,सोयाबीन बड़ी को हॉस्टल में लाकर रखे हैं,उसे पकाया जाता है।जबकि हर महीने एक हजार की फीस ली जाती है।  सरकारी अनुदान के दुरुपयोग का आरोप छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए प्रदान किए गए ₹79 लाख के अनुदान के बावजूद, विद्यालय प्रशासन की लापरवाही और बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन चिंता का विषय है।जिसकी जांच सरकारी ऑडिटर से कराई जाने की मांग है। संस्था प्रमुख फादर अमित बेक ने आरोपों को किया खारिज वहीं सरकारी अनुदान प्राप्त स्कूल विनय प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय के प्रमुख व चर्च परिसर में कथित छात्रावास चलानेवाले फादर अमित बेक ने बाल कल्याण समिति को की गई सभी शिकायतों पर अपना पक्ष रखा।उन्होंने बताया कि वह हॉस्टल नहीं है,दूर-दराज से गरीब बच्चों के अभिभावकों की सहमति-पत्र लेकर पढ़ाई करने के लिए स्थान दिया गया है।वहीं सभी बच्चे किसान के बेटे हैं,सभी को नौकरी तो नहीं मिल सकती इसलिए उन्हें खेती-किसानी साथ मे बागवानी करते हुए सीखा रहा हूँ।धर्म विशेष की पढाई करने,पूजा पाठ करने,चर्च भेजे जाने पर कहा कि किसी पर दबाव नहीं है।जो जाना चाहता है वह जा सकता है।उन्होंने यह भी बताया कि यहां अभी 23 बच्चे रहकर पढ़ रहे हैं जिसमें ज्यादातर ईसाई धर्म के बच्चे हैं दूसरे हिन्दू धर्म के हैं,मुस्लिम धर्म के बच्चे नहीं हैं। शिकायत पर CWC ने लिया संज्ञान बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नितिन राय ने शिकायत में उल्लेखित बिंदुओं को बेहद गम्भीर माना है।उन्होंने कहा – “शिकायत मिली है।ऐसे सभी सरकारी अनुदान प्राप्त स्कूलों में चल रहे छात्रावासों,अवैध छात्रावासों की सूची मंगा रहा हूँ।सम्बंधित विभागों को पत्र भेजा जा रहा है।इस मामले में बाल कल्याण समिति एक्शन लेगी।जांच में बाल अधिकारों का हनन और शिक्षा देने के नाम पर धर्मांतरण की कोशिश करना पाए जाने पर कानून सम्मत कार्रवाई जाएगी।” बहरहाल, शिकायत के साथ यह भी मांग की गई है कि विद्यालय और छात्रावास में बच्चों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण प्रदान किया जाए।दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की जांच के लिए एक टीम का गठन हो।यदि इन गंभीर मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि वे बच्चों के अधिकारों और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए ठोस कदम उठाएं।

प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकता में आदिवासी उत्थान: जशपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की 87 करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा

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जशपुर, 15 जनवरी 2025:. मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर 14 जनवरी को जशपुर जिले के पमशाला में आयोजित अखिल भारतीय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आदिवासी समाज के समग्र विकास को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि ‘आदिवासी उत्थान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनकी दूरदर्शी सोच का ही परिणाम है कि आज देश की राष्ट्रपति एक आदिवासी महिला हैं और छत्तीसगढ़ में आदिवासी मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें सेवा का अवसर मिला है। उन्होंने प्रधानमंत्री की “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विजन 2047 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। विकास कार्यों और योजनाओं की घोषणा मुख्यमंत्री श्री साय ने फरसाबहार में स्नेक पार्क और तपकरा को तहसील बनाने की घोषणा की। साथ ही पमशाला के स्टेडियम के समतलीकरण के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत किए। इस अवसर पर उन्होंने 87 करोड़ 31 लाख रुपये की लागत से 507 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसमें 85.08 करोड़ रुपये के 483 कार्यों का भूमिपूजन और 2.23 करोड़ रुपये की लागत से 24 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार के माध्यम से केंद्र और राज्य की योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण की दर को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा कर दिया गया है, जिससे वनवासी समुदाय के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। आदिवासी विकास योजनाओं का ज़िक्र मुख्यमंत्री ने पीएम जनमन, धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष योजना जैसी योजनाओं की सफलता का जिक्र किया और बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से आदिवासियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार और आवास की सभी जरूरतों का ध्यान रखा गया है।  “जो समाज अपनी समस्याओं पर चर्चा करता है, कुरीतियों को दूर करता है, और विकास के अवरोधों को पहचानकर उन्हें हल करता है, वह समाज निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर होता है।”- VDS पुस्तक विमोचन और सम्मान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी  महेश्वर साय द्वारा लिखित पुस्तकें ‘कंवर जनजाति के सामाजिक एवं आर्थिक विकास’ और ‘बदलता अबूझमाड़ एवं अन्य कहानियां’ का विमोचन किया। सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की श्रीमती गोमती साय ने कंवर समाज के विकास के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा की। इस आयोजन में पूर्व सांसद नंदकुमार साय, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, कंवर समाज के अध्यक्ष भरत साय समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री का संदेश मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा, “हमारा प्रयास छत्तीसगढ़ के हर वर्ग, विशेषकर आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का है। राज्य के उत्थान में समाज की भूमिका अहम है। यह अवसर हमें एक-दूसरे से सीखने और प्रेरणा लेने का मौका देता है।”

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने SP शशिमोहन सिंह को SSP के पद पर पदोन्नत होने पर लगाया बैच व रिबन

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जशपुर, 15 जनवरी 2025: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बीती रात अपने बगिया स्थित निजी निवास पर जशपुर के पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के पद पर पदोन्नति के अवसर पर बैच और स्टार पहनाकर सम्मानित किया। यह समारोह पीपींग सेरेमनी के रूप में आयोजित किया गया। इस अवसर पर सरगुजा रेंज के कमिश्नर नरेन्द्र सिंह दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग, जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक कुमार सहित, शशिमोहन सिंह की पत्नी रेखा सिंह और पुत्र रिभु समर्थ सिंह भी मौजूद रहे। शशिमोहन सिंह, जो 1997 बैच के डीएसपी रहे हैं और 2012 में आईपीएस अवार्ड प्राप्त कर चुके हैं, ने पिछले एक वर्ष से जशपुर जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं देते हुए अपराध पर अंकुश लगाया है। मीडिया को धन्यवाद प्रेषित किया इस गौरवपूर्ण अवसर पर शशिमोहन सिंह ने मीडिया से जुड़े अपने पत्रकार साथियों का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप पर जानकारी साझा करते हुए लिखा: “दोस्तों, कल माननीय मुख्यमंत्री जी के द्वारा स्टार और रिबन लगाया गया उनके निवास स्थान बगिया में। साथ में सरगुजा रेंज के कमिश्नर साहब और आईजी सर भी उपस्थित थे। मेरी पत्नी और बेटा भी इस गौरवपूर्ण पल के साक्षी थे। हालांकि यह समाचार ग्रुप है, लेकिन मैं आप सभी पत्रकार साथियों को भी इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर हृदय से धन्यवाद देता हूं। इस यात्रा में सदैव आप लोगों का सकारात्मक सहयोग और उपयोगी सुझाव मिलता रहा। आगे भी यह प्रेम और समन्वय बना रहे। जय हिंद।” सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने सहयोगियों और पत्रकारों के समन्वय को देते हुए भविष्य में भी सकारात्मक संबंध बनाए रखने की बात कही। यह उपलब्धि उनके सेवा कार्य और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक है, जो जिले के पुलिस तंत्र को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।  

तातापानी महोत्सव: वर्ष का प्रथम उत्सव, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हुए शामिल, शाम 4 बजे पहुंचेंगे जशपुर के कँवरधाम

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बलरामपुर,14 जनवरी 2025 –  छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में मनाए जाने वाले प्रसिद्ध तातापानी महोत्सव में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज दोपहर 1 बजकर 50 मिनट पर पहुंचे। तातापानी महोत्सव को वर्ष के प्रथम उत्सव के रूप में विशेष मान्यता प्राप्त है और यह क्षेत्रीय संस्कृति और परंपराओं का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है।यहां भगवान शंकर की विशाल मूर्ति के अंदर 12 ज्योतिर्लिंग की प्रतिकृति बनी है,जो दिव्य अनुभूति कराती है। मुख्यमंत्री के आगमन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने उत्सव में शामिल होकर इसकी गरिमा को बढ़ाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवासियों से संवाद किया और महोत्सव की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। तातापानी महोत्सव को यहां के गरम जलस्रोतों और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है। हर वर्ष इस महोत्सव में हजारों लोग शामिल होते हैं। इस उत्सव के माध्यम से स्थानीय शिल्प, कला और पारंपरिक व्यंजन भी प्रदर्शित किए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने  कहा, “तातापानी महोत्सव छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। यह हमारी परंपराओं को सहेजने और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक बेहतरीन अवसर है।” महोत्सव के दौरान क्षेत्रीय नृत्य, लोकगीत, और हस्तशिल्प प्रदर्शनी ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। जिला प्रशासन ने महोत्सव को सफल बनाने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। तातापानी महोत्सव ने न केवल स्थानीय बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों के लोगों को भी अपनी ओर आकर्षित किया है। यह महोत्सव छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण है।  

मकर संक्रांति पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का व्यस्त दौरा: तातापानी संक्रांति पर्व और जशपुर के कार्यक्रमों में होंगे शामिल

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रायपुर, 13 जनवरी 2025 – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मकर संक्रांति के अवसर पर 14 जनवरी 2025 को विभिन्न जिलों के कार्यक्रमों में भाग लेंगे। वे बलरामपुर के “तातापानी संक्रांति पर्व – 2025” में शामिल होंगे और जशपुर जिले में आयोजित प्रमुख कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री का भ्रमण कार्यक्रम मुख्यमंत्री सुबह 10:30 बजे अपने निवास, रायपुर से प्रस्थान करेंगे। वे हेलीकॉप्टर द्वारा रायपुर पुलिस ग्राउंड से तातापानी, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के लिए रवाना होंगे। तातापानी संक्रांति पर्व में शामिल होंगे मुख्यमंत्री दोपहर 12:00 बजे बलरामपुर के तातापानी में आयोजित “संक्रांति पर्व – 2025” में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम बलरामपुर जिले का प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जहां मुख्यमंत्री श्रद्धालुओं के साथ जुड़कर इस पारंपरिक पर्व को मनाएंगे। भाजपा कार्यालय का उद्घाटन दोपहर 2:00 बजे मुख्यमंत्री बलरामपुर में नवीन जिला भाजपा कार्यालय का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री प्रशासनिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। जशपुर में आदिवासी केंद्र सम्मान कार्यक्रम में होंगे शामिल मुख्यमंत्री दोपहर 3:50 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा जशपुर जिले के पगुराभाठा पहुंचेंगे। यहां वे शाम 5:00 बजे आयोजित “भारतीय आदिवासी केंद्र सम्मान कार्यक्रम” में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम जशपुर जिले के आदिवासी समुदाय की परंपराओं और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री शाम 5:20 बजे पगुराभाठा से प्रस्थान कर जशपुर स्थित अपने निवास पहुंचेंगे और दिन का समापन करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मकर संक्रांति पर्व पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। उनकी उपस्थिति तातापानी और जशपुर के आयोजनों को और भी विशेष बनाएगी। “तातापानी संक्रांति पर्व” बलरामपुर जिले का प्रमुख आयोजन है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। वहीं, जशपुर का भारतीय आदिवासी केंद्र सम्मान कार्यक्रम क्षेत्रीय आदिवासी संस्कृति और उनके योगदान को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आयोजित होता है।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशीलता ने दिलाया न्याय, 32 साल बाद बच्चन को मिला मुआवजा

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जशपुर,12 जनवरी 2025 –   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मानवीय दृष्टि और त्वरित निर्णय क्षमता ने 32 साल पुराने एक पीड़ादायक प्रकरण को न्याय की राह दिखा दी। भालू के हमले में अपनी दोनों आंखें गंवाने वाले केंदपानी गांव के बाल बच्चन सिंह को आखिरकार मुआवजा राशि का चेक सौंपा गया। यह ऐतिहासिक क्षण मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय ने बगिया में आयोजित एक कार्यक्रम में भावुक वातावरण के बीच चेक प्रदान कर साकार किया। 1992 की त्रासदी और तीन दशक का संघर्ष 24 सितंबर 1992 की सुबह जब बाल बच्चन जंगल में नित्यकर्म के लिए गए थे, तभी एक भालू के प्राणघातक हमले ने उनकी जिंदगी अंधकारमय कर दी। दोनों आंखें गंवाने के बाद उनका जीवन आर्थिक तंगी और मानसिक पीड़ा से गुजरता रहा। परिवार ने पूरी हिम्मत के साथ उनका साथ दिया, लेकिन वन विभाग का मुआवजा देने का आश्वासन दशकों तक अधूरा रहा। जब हर दरवाजा बंद हो गया, तब बाल बच्चन ने 25 सितंबर 2024 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जनदर्शन कार्यक्रम में अपनी आपबीती सुनाई। मुख्यमंत्री ने इस दुखद प्रकरण पर गहरी संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल वन विभाग को मुआवजा राशि जारी करने का निर्देश दिया। बाल बच्चन को मिले 2 लाख रुपये से उनकी उम्मीदें फिर से जाग उठी हैं। उन्होंने कहा, “इस राशि से मैं अपनी बेटियों की पढ़ाई पूरी करूंगा और उनके विवाह में इसका उपयोग करूंगा। मुख्यमंत्री ने हमें नई रोशनी दी है।” मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने न केवल एक पीड़ित परिवार की दशकों पुरानी पीड़ा को समझा, बल्कि अपनी त्वरित कार्रवाई से एक मिसाल कायम की। यह घटना उनकी जनसेवा, न्यायप्रियता और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट परिचायक है।  

बड़ी खबर: गौतम अडानी ने मुख्यमंत्री साय से की मुलाकात,छत्तीसगढ़ में ऊर्जा और सीमेंट परियोजनाओं में अडानी का ₹65,000 करोड़ का निवेश

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रायपुर,12 जनवरी 2025 –  उद्योगपति गौतम अडानी ने रविवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर राज्य में ऊर्जा और सीमेंट परियोजनाओं में ₹65,000 करोड़ के बड़े निवेश की घोषणा की। राज्य के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी बयान के अनुसार, अडानी ने मुख्यमंत्री साय से उनके आधिकारिक निवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि अडानी समूह छत्तीसगढ़ के रायपुर, कोरबा और रायगढ़ में स्थित अपने पावर प्लांट्स के विस्तार के लिए ₹60,000 करोड़ का निवेश करेगा। इस विस्तार से राज्य की कुल ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 6,120 मेगावाट की वृद्धि होगी। इसके अलावा, अडानी समूह राज्य में अपने सीमेंट संयंत्रों के विकास और विस्तार के लिए ₹5,000 करोड़ का निवेश करेगा। मुख्यमंत्री साय की सलाह पर अडानी ने राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अगले चार वर्षों में ₹10,000 करोड़ खर्च करने का भी आश्वासन दिया। यह धनराशि कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) और अन्य माध्यमों से दी जाएगी। बैठक में रक्षा उपकरण निर्माण, डेटा सेंटर्स और छत्तीसगढ़ में एक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। यह निवेश छत्तीसगढ़ के विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।  

सीएम साय की पहल : गौ संरक्षण पर आधारित परीक्षा का सफल आयोजन, 100 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

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जशपुर,11 जनवरी2025 – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आह्वान पर प्रदेशभर में गौ संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विद्यार्थियों के लिए “गौ: धर्म और विज्ञान” विषय पर परीक्षा का आयोजन किया गया। इसी क्रम में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बंदरचुवा में भी यह परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस परीक्षा में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया और गौ माता से जुड़ी धार्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक जानकारियों पर आधारित प्रश्नों का उत्तर दिया। विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष पुस्तकों की व्यवस्था की गई थी, जिसमें गौ माता के महत्व और संरक्षण की जानकारी दी गई थी। परीक्षा का आयोजन प्राचार्य गुप्तेश्वर साय के मार्गदर्शन में हुआ, जबकि नोडल अधिकारी रविंद्र शर्मा ने इसके सफल संचालन में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा, इस आयोजन में अयोध किशोर गुप्ता, विमल मनहर और शांता एक्का ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया। इस परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें धार्मिक व वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रेरित करना था। आयोजन को लेकर विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच उत्साह देखा गया, और इसे समाज में गौ संरक्षण की भावना को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। गौ संरक्षण के प्रति यह पहल न केवल विद्यार्थियों को ज्ञानवर्धक बना रही है, बल्कि समाज को एक नई दिशा देने का भी प्रयास कर रही है।  

#justiceformukesh : प्रेस क्लब रायपुर ने सीएम साय से की मुलाकात,गृहमन्त्री विजय शर्मा पहुंचे प्रेस क्लब

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रायपुर,06 जनवरी 2025 – पत्रकार साथी मुकेश चंद्राकर की हत्या के मामले में त्वरित और पारदर्शी जांच की मांग को लेकर रायपुर प्रेस क्लब और वरिष्ठ पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बीते शाम 5 जनवरी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने भरोसा दिलाया कि मामले की गहन जांच कर दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। मुख्यमंत्री से मुलाकात रायपुर प्रेस क्लब के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की और उन्हें घटना की पूरी जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने कुछ अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका पर भी सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह जघन्य हत्याकांड बेहद गंभीर है। दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने त्वरित और निष्पक्ष जांच का आश्वासन देते हुए कहा कि सभी संदिग्ध पहलुओं पर गंभीरता से कार्रवाई होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल में प्रेस क्लब के महासचिव डॉ. वैभव शिव पांडेय, उपाध्यक्ष संदीप शुक्ला, कोषाध्यक्ष रमन हलवाई, संयुक्त सचिव तृप्ति सोनी एवं अरविंद सोनवानी, कार्यकारिणी सदस्य सुधीर तम्बोली, वरिष्ठ पत्रकार उचित शर्मा और पीसी रथ शामिल रहे। गृहमंत्री से संवाद रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित श्रद्धांजलि सभा और संवाद कार्यक्रम में पत्रकारों ने राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा को घटना की जानकारी दी। गृहमंत्री अपनी अन्य बैठक के कारण प्रारंभ में उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन बैठक समाप्त होते ही वे प्रेस क्लब पहुंचे। पत्रकारों ने एसआईटी में स्थानीय अधिकारियों के बजाय साफ-सुथरी छवि के अधिकारियों को शामिल करने की मांग की। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा, “मुख्यमंत्री से चर्चा कर एसआईटी में बदलाव पर विचार किया जाएगा। जांच की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और हर बिंदु पर ध्यान दिया जाएगा। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।” श्रद्धांजलि सभा में जुटा पत्रकार समुदाय पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या से पत्रकार समुदाय में गहरा आक्रोश है। रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए और घटना की निंदा की। सभा में मांग की गई कि हत्याकांड की जांच निष्पक्षता और पारदर्शिता से की जाए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। हम आपको बता दें कि पत्रकार मुकेश    चंद्राकर की हत्या के तीन आरोपी पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं।मुख्य आरोपी, ठेकदार सुरेश चन्द्रकार अभी भी फरार है । मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की ओर से मिले आश्वासन के बाद पत्रकार समुदाय को उम्मीद है कि मामले में जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।पत्रकार साथी की हत्या से देशभर के पत्रकार एकजुट हैं।  

स्वतंत्र पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या पर आक्रोश, पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग,सौंपा ज्ञापन

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महासमुंद,04 जनवरी2025 –  छत्तीसगढ़ के बीजापुर में स्वतंत्र पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। घटना को लेकर महासमुंद के पत्रकारों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों ने इस नृशंस हत्या की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री, कलेक्टर, और डीजीपी के नाम एएसपी को ज्ञापन सौंपा। दरअसल, पत्रकार मुकेश चंद्राकर, जो बीजापुर जिले में निर्भीक पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे, 1 जनवरी की शाम से लापता थे। 3 जनवरी को उनका शव ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के परिसर में स्थित सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ। जानकारी के अनुसार, मुकेश ने हाल ही में करोड़ों के भ्रष्टाचार से जुड़ी एक खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद उनकी हत्या की बात सामने आ रही है। घटना में शामिल होने के आरोप में ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के भाई रितेश चंद्राकर और दो मजदूरों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल: महासमुंद के पत्रकारों ने घटना को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में पत्रकारों की बढ़ती असुरक्षा को देखते हुए तत्काल पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की है। पत्रकारों का कहना है कि यह घटना केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र पर हमला है। ज्ञापन में मुख्य मांगें: 1. मुकेश चंद्राकर हत्याकांड की निष्पक्ष और त्वरित जांच। 2. दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा। 3. पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए।   पत्रकारों का बयान: महासमुंद के पत्रकारों ने कहा, “यह घटना किसी भी पत्रकार के लिए भयावह है। मुकेश ने भ्रष्टाचार को उजागर करने का साहस दिखाया, लेकिन इसके लिए उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी। अगर दोषियों को सजा नहीं मिली, तो यह समाज और लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा होगा।” सरकार से उम्मीद: पत्रकार समुदाय ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि इस घटना को प्राथमिकता से लेते हुए दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाए। मुकेश चंद्राकर की हत्या ने राज्य में पत्रकारों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना न केवल न्याय की मांग करती है, बल्कि यह भी बताती है कि निर्भीक पत्रकारिता के लिए मजबूत सुरक्षा तंत्र की कितनी आवश्यकता है।