BLACK FRIDAY : वारिसों को विष्णु सरकार दे 50-50 लाख,हाथी के हमले में 4 लोगों की मौत पर कांग्रेस ने की सियासत शुरू,,बगीचा शहर में हुई दर्दनाक मौतों से हिला छत्तीसगढ़,हाथियों का प्रवेश द्वार जशपुर में मौत का तांडव जारी

IMG 20240810 WA0008

  जशपुर – ब्लैक फ्राइडे हाँ, हाँ ब्लैक फ्राइडे ही कहेंगे क्योंकि शुक्रवार की आधी रात को घुप्प अंधेरे में जंगली हाथी ने बगीचा शहर के गम्हरिया मुहल्ले में 4 लोगों को कुचलकर मारा,जिनके खून के निशान सीसी रोड पर सूख रहे हैं।जो भी इस मंजर को देख रहा है उसके आंसू रुक नहीं रहे हैं।वहीं हाथी से मौत के मामले में प्रदेश कांग्रेस के सदस्य विनयशील ने 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग करके सियासत शुरू कर दी है। दरअसल,बगीचा के रिहायशी इलाकों आने वाला वार्ड नम्बर 09 गम्हरिया में सड़क किनारे हाथी ने एक घर पर हमला किया जहां 6 लोग सो रहे थे।हमले में घर का दीवार पूरी तरह ढह गया।जिसमें दो बहन दब गए जिसमें से एक बहन का पैर बाहर घा जिसे हाथी ने खींचकर मार डाला। घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि रात में हाथी मित्रदल की गाड़ी भी आई थी। सड़क पर स्ट्रीट लाइट नहीं है और घरों की बिजली गुल थी।इससे पहले कि शहरवासी कुछ समझ पाते हाथी ने सड़क किनारे रामकेश्वर सोनी के कच्चे मकान पर हमला कर दिया।घटना देर रात 12 बजे की है।बिजली नहीं होने के कारण लोगों  को कुछ समझ में नहीं आया और हाथी लगातार हमला करता गया।उसी घर में सो रहे पिता, पुत्री और चाचा को हाथी ने पटक पटक कर मार डाला।हो हल्ला सुनकर पड़ोस का एक युवक बाहर निकला उसपर भी हाथी ने हमला कर दिया।मृतकों में पिता रामकेश्वर सोनी उम्र 35 वर्ष,पुत्री रवीता सोनी उम्र 09 वर्ष,चाचा अजय सोनी उम्र 25 वर्ष,पड़ोसी अश्विन कुजूर उम्र 28 वर्ष हैं।  इस बड़ी घटना से पूरा प्रदेश सिहर उठा है।बताया जा रहा है कि भोजन की तलाश में लोनर बेहद आक्रमक हो गया है और बीते कई दिनों से कच्चे मकानों पर हमला कर रहा है।हमले में तीन दिन पहले ही कुनकुरी रेंज में 1 और बादलखोल अभ्यारण्य के अंदर 1 व्यक्ति की जान गई है। इन घटना पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ के सदस्य विनयशील ने गहरा दुःख जताया है।उन्होंने अपने सोशल एकाउंट X पर बीजेपी सरकार पर हमला करते हुए लिखा है कि CG में BJP सरकार और वन विभाग सब सो रहे हैं : आदिवासी मुख्यमंत्री के गृह ज़िले जशपुर में बगीचा के नगर पंचायत क्षेत्र में हाथी और मानव द्वन्द में 4 लोगों की जान चली गई । सरकार कह रही है कि 25 हज़ार रुपया मुआवज़ा देगी बेशर्मी की हद है. हम माँग करते हैं कि  – मृतिकों को 50- 50 लाख रुपये मुआवज़ा दिया जाना चाहिए. – जशपुर में हाथी मानव द्वन्द समस्या की समझ वाले IFS ऑफ़िसर की नियुक्ति कीजिए. – हाथियों का रास्ता ट्रैक करके स्थानीय स्तर पर लोगों को सूचना देने की व्यवस्था की कीजिए. – द्वन्द रोकने के लिए जंगल में हाथियों के लिए खाने की व्यवस्था की जाना चाहिए. – जंगल से सटे नगर क्षेत्र में हाईमास्क लाइट लगाएँ. – पास ही डीएवी स्कूल और छात्रावास भी स्थित है,वहाँ     बच्चों की सुरक्षा के लिए कदम उठाएँ. CM साहब सबसे अपने क्षेत्र के आदिवासी और रहवासियीं को प्रधानमत्री आवास बनवा के दीजिए. इन क्षेत्रों में बिजली कटौती रोकिए. @vishnudsai ji @INCChhattisgarh  1/1 बहरहाल,ये बड़ा सवाल है कि क्या छत्तीसगढ़ में हाथियों का प्रवेश द्वार जशपुर में हाथी-मानव संघर्ष को बढ़ने से रोकना किसी सरकार के बस की बात नहीं रही? घटते जंगल,बढ़ते लोग वन्यजीवों के लिए खतरा बन गए हैं।वन अधिकार पट्टा देकर पिछली सरकारों ने जंगल खत्म करने का रास्ता दिखा दिया है क्योंकि नियमों का पालन हर पट्टाधारी कर रहा हो,यह कोई नहीं मानता। फिलहाल,इस बड़ी घटना के बाद वन विभाग नुकसान का आंकलन कर मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की अंतरिम सहायता राशि देकर,लोनर हाथी को लगातार ट्रेस कर रहा है। वनमण्डलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने मीडिया से बात करते हुए जानकारी दी कि लोनर हाथी बीते दस दिनों में तपकरा रेंज से कुनकुरी रेंज होते हुए बादलखोल अभ्यारण्य पहुंचा था जहां से शुक्रवार की शाम को बगीचा की ओर आया था।जहां रात को गम्हरिया में एक मकान को नुकसान पहुंचाया,इसी दौरान घर मे सो रहे लोगों में से तीन लोगों की हाथी से सामना होने पर उनकी जान चली गई।वहीं पड़ोस का एक युवक भी हाथी के सामने आ गया।अभी जिले में 40 हाथी हैं जिसमें यह दल से अलग किया गया हाथी है।हाथी विशेषज्ञ अजित पांडे और महावत को बुलाया गया है।जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी।हाथी पर लगातार नजर रखे हुए है लेकिन अंधेरे और बस्तियों में लाइट नहीं  रहने से हाथी का लोकेशन मिस हो जाता है।हमारे द्वारा लगातार लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। .

 जशपुर में सड़क किनारे पहाड़ी कोरवा महिला ने दिया शिशु को जन्म, समय पर सहायता से सुरक्षित रहे जच्चा-बच्चा

IMG 20240805 WA0019

जशपुर: कुनकुरी तहसील के नारायणपुर गांव में आज सुबह 11 बजे एक असाधारण घटना घटी, जब एक पहाड़ी कोरवा महिला ने सड़क किनारे एक बाउंड्रीवाल के अंदर शिशु को जन्म दिया। इस घटना में मकान मालकिन, दुकानदार और स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता और सहयोग से समय से पहले हुए इस प्रसव में जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित रहे। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर श्रीमती किरण कांति कुजूर ने खबर जनपक्ष  को बताया कि प्रसूता बिंदेश्वरी बाई (21) अपने ससुराल बछरांव जाने के लिए नारायणपुर बस स्टेशन पर बस का इंतजार कर रही थीं। वह पिछले सप्ताह से अपने मायके जाताकोना में थीं और उनके भाई ने उन्हें बाइक से नारायणपुर छोड़ा था। अचानक, बिंदेश्वरी को पेट में तेज दर्द हुआ और वह सड़क किनारे एक बाउंड्रीवाल के अंदर चली गईं, जहां उनका मेम्ब्रेन फूटने से समय से 2 महीने पहले प्रसव हो गया। नवजात बालिका का वजन डेढ़ किलो है और उसे कुनकुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शिशु विशेषज्ञों द्वारा जांच के लिए ले जाया गया। घटना की सूचना मिलते ही बीएमओ ने ड्यूटी पर तैनात नर्सों को तत्काल मौके पर भेजा और जच्चा-बच्चा को सकुशल अस्पताल पहुंचाया। इस घटना में युवा व्यवसायी राहुल बंग और मकान मालकिन सपना सिंह की संवेदनशीलता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सपना सिंह ने बताया कि जब वह सावन सोमवार को शिव मंदिर से पूजा करके लौटीं, तो उन्होंने बाउंड्रीवाल के पास एक महिला को बच्चे को जन्म देते देखा। उन्होंने तुरंत पड़ोसी राहुल बंग को अस्पताल की सूचना देने के लिए कहा और खुद वाहन की व्यवस्था करने लगीं। महिला का बीपी बढ़ा हुआ था और खराब सड़कों पर बाइक से यात्रा करने के कारण यह घटना हुई थी। डॉ. मीना कुजूर, लैब टेक्नीशियन समाप्रिया खाखा, स्टाफ नर्स दीपा टोप्पो और लिपिक किरण मिंज ने भी मौके पर पहुंचकर तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की और महिला व शिशु को अस्पताल पहुंचाया। इन सभी की तत्परता और संवेदनशीलता ने एक जीवनरक्षक भूमिका निभाई और जच्चा-बच्चा को सुरक्षित रखा।

हाथी के हमले में बाल-बाल बचे दंपत्ति, बाउंड्रीवाल व घर को किया क्षतिग्रस्त

IMG 20240805 WA0006

जशपुर – बादलखोल अभ्यारण्य से सटे ग्राम बुटंगा में बीती रात एक दंतैल हाथी ने आतंक मचाया। एलासीयूस एक्का और उनकी पत्नी घर में गहरी नींद में सो रहे थे जब हाथी ने उनके घर पर हमला किया। घटना रात करीब 3 बजे की है, जब हाथी दल से बिछड़कर बस्ती में घुस आया। हाथी ने सबसे पहले एलासीयूस के घर की बाउंड्रीवाल को तोड़ा और फिर घर की दीवार में छेद कर धान के बोरों तक पहुंचने की कोशिश की। दीवार गिरने की आवाज से एलासीयूस जाग गए और उन्होंने तुरंत अपनी पत्नी को जगाया। दोनों ने समझदारी दिखाते हुए पड़ोसियों को आवाज देकर बुलाया। लगभग आधे घंटे तक हाथी घर के बाहर खड़ा रहा। ग्रामीणों के शोर-शराबे के बाद हाथी ख्रीस्तोफर के खेत में लगी धान की फसल को नुकसान पहुंचाते हुए जंगल की ओर लौट गया।   गेम रेंजर बुधेश्वर साय ने बताया कि अभयारण्य का स्टाफ लगातार गांव-गांव जाकर लोगों को हाथी से बचाव के उपाय बता रहा है। रविवार को बादलखोल अभयारण्य के स्टाफ ने साहीडांड़, रामसमा, सेंद्रीगुंडा, बच्छरांव, कलिया और सरायटोली गांवों में मुनादी कर ग्रामीणों को हाथियों से छेड़खानी न करने की सलाह दी और आवश्यक जानकारी दी। इस घटना से ग्रामीणों में हाथियों के हमले के प्रति जागरूकता बढ़ी है और अधिकारियों द्वारा चलाए जा रहे बचाव अभियानों की महत्वपूर्णता और भी स्पष्ट हो गई है।

बड़ी खबर : सरिता के ‘राशन’ पर मचा बवाल,भूपेश के पोस्ट पर भाजपा और कांग्रेस भिड़ी,विनयशील ने पूछा सवाल

Picsart 24 08 03 18 16 40 724

रायपुर – भूपेश सरकार में डेढ़ साल तक राशन मिला और विष्णु सरकार के आते ही पिछले 6 माह से राशन नहीं मिल रहा है।यह पढ़ते ही आपको लगेगा कि राशनकार्डधारी के परिवार के साथ ऐसे कैसे हो गया? दरअसल, जशपुर जिले के कुनकुरी विधानसभा की राशनकार्डधारी महिला को बीते 18 जनवरी 2024 के बाद से आज तक राशन नहीं मिल रहा है।इस मामले को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने X पर पोस्ट करते हुए सीधे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर हमला बोला है।वहीं बीजेपी ने इस मामले को ही खारिज करते हुए पार्टी के X एकाउंट से भूपेश बघेल को जवाब दिया है।इसके बाद छतीसगढ़ कांग्रेस के आधिकारिक एक्स X एकाउंट से महिला सरिता बाई का बयान पोस्ट कर भाजपा को फिर से कटघरे में खड़ा कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य विनयशील ने प्रेस कांफ्रेस में कहा कि क्या हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पोस्ट से भाजपा सरकार वंचितों को राशन देगी? दरअसल,यह मामला इसलिए बड़ा सियासी हो गया क्योंकि महिला जिस विधानसभा से आती है वह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सीट है ।ऐसे में मोदी की गारंटी के साथ डबल इंजन की सरकार में सुशासन जिनका नारा हो उनके ही एक परिवार की हांडी में सरकारी राशन क् चावल नहीं पकना कांग्रेस के लिए मुद्दा तो बन ही गया। सो,कांग्रेस के बड़े नेता भूपेश बघेल पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उछाल दिया।उन्होंने 31 जुलाई को X पर लिखा मुख्यमंत्री @vishnudsai जी सुनिए आपके कुनकुरी के ग़रीब परिवार के लोगों का दर्द। फ़रवरी से इस परिवार को राशन का चावल भी नहीं मिल रहा है। वे बता रहे हैं कि नया राशन कार्ड बना नहीं रहे हैं और पुराने राशन कार्ड से चावल नहीं दे रहे हैं। सोसायटी और अधिकारियों के पास गये तो बता रहे हैं कि ऊपर से चावल नहीं आ रहा है। इस पोस्ट के बाद सरकार हरकत में आई और मामले की तफ़्तीश बड़ी तेजी से कराई जिसके बाद प्रदेश भाजपा ने खाद्य अधिकारी का पत्र अटैच करके भूपेश बघेल पर पलटवार किया।पढ़िए , ठगेश जी, झूठ बोलने की कांग्रेसी यूनिवर्सिटी के आप टॉपर छात्र हैं। जिस विषय पर आपने जो रायता फैलाया है, उसकी सच्चाई जान लीजिए। महिला का राशनकार्ड झारखंड में बना था, जिसके कारण उनका कार्ड छत्तीसगढ़ में निरस्त किया गया। अब महिला ने झारखंड से अपना राशन कार्ड निरस्त करवा लिया है, जशपुर जिला प्रशासन को नए कार्ड के लिए आवेदन भी दे दिया है। विष्णु सरकार सुचारू रूप से कार्य कर रही है। आपकी सरकार में बैठे लोगों ने इतनी खोजबीन तब की होती तो आपके 9 मंत्री अपना चुनाव न हारते। अब इस पलटवार से जाहिर है भूपेश बघेल /कांग्रेस तिलमिला गई।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य विनयशील की भेजी एक वीडियो के साथ INC CHHATTISGARH ने X पर लिखा, लीपापोती से कुछ नहीं होगा @BJP4CGState जो पद्मव्यूह जनता के लिए रच रहे हो ना उसे जनता समझ रही है। राशन कार्डधारी सरिता बाई कह रही हैं कि उनका नाम झारखंड से 2021 में कट गया था। 2022 में उनके नाम से छत्तीसगढ़ में कार्ड बन गया था। डेढ़ साल राशन भी मिला और जनवरी से बंद हुआ। अब अपनी नाकामी छिपाने के लिए अधिकारी से चिट्ठी लिखवा रहे हो। तारीख़ तो डाल देते!!!! हड़बड़ी में वो भी भूल गए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का क्षेत्र है, कम से कम मुख्यमंत्री की बेइज़्ज़ती तो न करवाओ। इस सियासी उठाफ्टक से हटकर देखा जाए तो कुनकुरी विकासखंड के रायकेरा ग्राम पंचायत निवासी सरिता बाई पति दीपक राम को जनवरी 2024 से आज तक राशन नहीं मिला।जिसका कारण बताया जा रहा है कि वह शादी से पहले झारखण्ड राज्य के सिमडेगा जिले की निवासी थी,वहां के राशनकार्ड से नाम नहीं कटाया गया था। जनवरी में इसकी जानकारी हुई और छत्तीसगढ़ से प्राप्त राशनकार्ड में सरिता का नाम हटाया गया जिससे राशनकार्ड शून्य हो गया।जिसका असर सरिता के पति व बच्चों पर पड़ा।सरिता बाई का कहना है जैसा कि वीडियो में कांग्रेस को बताई, हमर राशनकार्ड बइन रहलक जे हमें चावल नी मिलत रहलक तो हमें मन मंत्री ठन शिकायत कईर रहली तो ओ मन कहलें,पँचायत के कहलें तो पँचायत से मोर ठन आलें और वीडियो बनाइकर लेगलें,कहलें कि झारखण्ड से तोर नाम नी कइट रहलक। विनयशील पूछते हैं – तोर नाम कब कईट रहलक? तब सरिता बताती है कि  मोर नाम 2021 में झारखण्ड से कटलक तब 2022 में छत्तीसगढ़ में कार्ड बनलक और डेढ़ साल तक राशन मिललक।जनवरी 24 तक मिललक ओखर बाद में अचानक नाम कट गेलक।6-7 महीना से चावल नी मिलअथे।फिर सोसायटी वाला आलक और मोर वीडियो बनालक कहलक कि झारखण्ड में तोर नाम जुडले आहे।अब नया कार्ड बनही।कार्ड लाइन देबुं,अगले महीना से राशन भी देबुं। इस मामले में खबर जनपक्ष ने जब भाजपा का पक्ष जानना चाहा तो एक भाजपा नेता ने वीडियो भेजा और अभी खबर लिखे जाने तक जिला अथवा मंडल भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।वीडियो में सरिता बाई अपने पति के साथ खड़ी है और हिंदी में में कह रही है कि झारखण्ड में मेरा मायके था वहां झारखण्ड में मेरा नाम था इसलिए छत्तीसगढ़ में मेरा राशनकार्ड कट गया।झारखण्ड का राशनकार्ड से मेरा नाम कटवा दी हूँ और छत्तीसगढ़ में राशनकार्ड बनवाने का कष्ट करें। इन दोनों वीडियो में सरिता की परेशानी एक ही है कि राशन नहीं मिल रहा है।बहरहाल,अब यह तो तय हो गया कि बीते 6 माह का राशन नहीं मिलेगा लेकिन अगस्त माह से सरिता को राशन मिलना शुरू हो जाएगा।जैसा कि राशन विक्रेता ने कहा है। खबर से सम्बंधित तस्वीरें देखें :  

**मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पत्थलगांव से गुमला तक हाई-स्पीड फोरलेन रोड की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर प्रदेशवासियों को दी बधाई**

FB IMG 1722682247949

**रायपुर:** मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा रायपुर से रांची नेशनल हाईस्पीड कारीडोर प्रोजेक्ट के अंतर्गत पत्थलगांव, जशपुर (छत्तीसगढ़) से गुमला (झारखंड) तक के लिए हाई-स्पीड फोरलेन रोड की स्वीकृति मिलने पर प्रदेशवासियों को बधाई दी और प्रधानमंत्री का आभार जताया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विशेष रूप से जशपुर निवासियों को इस हाई-स्पीड फोरलेन रोड परियोजना की स्वीकृति पर बधाई देते हुए कहा कि पत्थलगांव से गुमला तक फोरलेन सड़क के निर्माण से रायपुर और रांची के मध्य यात्रा सुगम होने के साथ-साथ यात्रा में समय की भी बचत होगी। सड़क परियोजना पूर्ण होने से दोनों राज्यों में विकास कार्यों की गति में तेजी आएगी। यह महत्वपूर्ण सड़क परियोजना दोनों राज्यों के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय कैबिनेट में 50,655 करोड़ रूपए लागत और लगभग 936 किलोमीटर लंबाई की आठ राष्ट्रीय हाई-स्पीड रोड परियोजनाओं की स्वीकृति दिए जाने की जानकारी X पर साझा की है। उन्होंने कहा है कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से आर्थिक उन्नति के साथ-साथ देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यह बड़ा संयोग भी है कि दोनों आदिवासी बाहुल्य प्रदेश हैं और इस सड़क परियोजना से उन्हें विशेष लाभ होगा। नई सड़क से आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, और स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाओं तक पहुंच सुगम होगी। इससे दोनों प्रदेशों में आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा और स्थानीय समुदायों के जीवनस्तर में सुधार होगा।

*छत्तीसगढ़ के किसानों को मिल रहा देश में धान का सर्वाधिक मूल्य**धान की बिक्री से 24 लाख 72 हजार किसानों के खाते में आए 32 हजार करोड़*

IMG 20240510 WA0003

फाइल फोटो : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय किसानों के मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करते हुए *किसानों को मिला 13,320 करोड़ रूपए का बकाया धान बोनस* रायपुर, 02 अगस्त 2024/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की गारंटी छत्तीसगढ़ की जनता के लिए विश्वास, विकास और बदलाव की गारंटी बन चुकी है। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान कल्याण की नीतियों से खेती में किसानों का मुनाफा बढ़ा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कई अहम निर्णय लिए गए हैं, जिनसे किसान परिवार अधिक सशक्त और फसल उगाने से लेकर उसे बेचे जाने तक की प्रक्रिया बेहद आसान हुई है। सरकार के परिवर्तनकारी फैसलों से छत्तीसगढ़ देश का एकमात्र ऐसा राज्य बन गया है, जहां किसानों को उनके धान का उच्चतम मूल्य मिल रहा है। कृषक उन्नति योजना के जरिए छत्तीसगढ़ के किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीद की गारंटी दी जा रही है। इस फैसले से किसानों में उत्साह दिख रहा है। किसानों से अपना वादा निभाते हुए छत्तीसगढ़ में की विष्णु देव साय की सरकार ने 25 दिसंबर 2023 को सुशासन दिवस के अवसर पर 13 लाख किसानों के बैंक खातों में पिछले दो वर्ष का लंबित धान बोनस का 3,716 करोड़ रुपये का भुगतान किया। किसानों को मिल रहे प्रोत्साहन का ही परिणाम है कि वर्ष 2023-24 में 24.75 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर 144.92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया, जिसके एवज में उन्हें 31,913 करोड़ रुपये का भुगतान कियागया। 12 जनवरी, 2024 को धान के मूल्य की अंतर राशि के रूप में 24.75 लाख किसानों को 13,320 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान भी किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन करने का निर्णय भी लिया गया, जिसके लागू होने से अब अन्य प्रदेश के मंडी बोर्ड अथवा समिति के एकल पंजीयन अथवा अनुज्ञप्तिधारी, व्यापारी एवं प्रसंस्करणकर्ता भारत सरकार द्वारा संचालित ई-नाम पोर्टल (राष्ट्रीय कृषि बाजार) के माध्यम से अधिसूचित कृषि उपज की खरीदी-बिक्री बिना पंजीयन के कर सकेंगे, इससे छत्तीसगढ़ राज्य के किसानों और विक्रेताओं को अधिकतम मूल्य मिल सकेगा। छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन के अनुसार मंडी फीस के स्थान पर अब मंडी फीस तथा कृषक कल्याण शुल्क शब्द जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही कृषक कल्याणकारी गतिविधियों के लिए मंडी बोर्ड अपनी वार्षिक आय की 10 प्रतिशत राशि छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण निधि में जमा करेगा। खेतों में काम करने वाले मजदूरों की समस्याओं को दूर करते हुए छत्तीसगढ़ की सरकार द्वारा दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना संचालित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी, इस योजना के लिए सरकार ने वर्ष 2024-2025 के बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, इसके साथ ही सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीजों का वितरण भी समय के भीतर ही हो सके।

बड़ी खबर : हाथी भोजन की तलाश में मकान तोड़ रहे,बदहवास इंसान बेमौत मर रहे,वन विभाग का अलर्ट सायरन बेअसर,6 में 1 की मौत,5 ऐसे बचे,,,

IMG 20240801 100646

जशपुर/कुनकुरी, 1 अगस्त 2024: जिले के नारायणपुर रेंज के अंतर्गत बिलासपुर डुमरटोली बस्ती में बीती रात एक जंगली हाथी ने 55 वर्षीय जगरनाथ राम चौहान को उनके घर पर हमला कर मार डाला। यह घटना रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच हुई, जब हाथी ने उनके घर को तोड़ दिया। ग्रामीणों ने बताया कि  घटना के दौरान, हाथी गश्ती दल ने समय रहते ग्रामीणों को अलर्ट किया था, जिससे परिवार के बाकी सदस्य पक्के मकान में सुरक्षित चले गए। हालांकि, जगरनाथ राम चौहान मिट्टी के मकान में ही रह गए और जब हाथी ने मकान को तोड़ा, तो बाहर निकलते समय उनका हाथी से सामना हो गया। हाथी ने उन्हें सूंड में लपेटकर कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।इससे पहले 27 जुलाई को तपकरा रेंज के केरसाई में हाथी के हमले में दो सगे भाइयों की मौत हो गई थी। वनमण्डलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय के निर्देश पर कुनकुरी रेंज के रेंजर सुरेंद्र होता और वनकर्मियों की टीम घटनास्थल पर तुरंत पहुंची। रेंज अफसर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हाथी का लोकेशन मिलने के बाद से गश्ती दल लोगों को लाउडस्पीकर से अलर्ट कर रहा था। मृतक का मकान बस्ती से थोड़ी दूर जंगल के पास होने के कारण यह हादसा हुआ। वहीं खबर आ रही है कि फरसाबहार तहसील के खुटगांव और ओरिजोर में भी एक हाथी ने कई मकान तोड़े हैं, जहां ग्रामीणों ने भागकर अपनी जान बचाई। इधर,जनहानि होने की जानकारी मिलते ही वन अधिकारी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और विधिक कार्रवाई शुरू की। हाथी गश्ती दल लगातार क्षेत्र में लोगों को अलर्ट कर रहा है और हाथी के विचरण क्षेत्र में नहीं जाने की हिदायत दे रहा है। इस दुखद घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और वन विभाग हाथी के हमलों से निपटने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

नवनियुक्त राज्यपाल रमेन डेका छत्तीसगढ़ पहुंचे,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया आत्मीय स्वागत,बुधवार को चीफ जस्टिस दिलाएंगे शपथ

IMG 20240730 WA0023

*छत्तीसगढ़ तेजी से उभरता प्रदेश, विकास को नई ऊंचाइयां देंगे* *मनोनीत राज्यपाल श्री रमेन डेका का छत्तीसगढ़ आगमन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया आत्मीय स्वागत* *पारंपरिक लोकनृत्यों और लोक धुनों के साथ हुआ मनोनीत राज्यपाल का स्वागत* *शपथ ग्रहण समारोह बुधवार को सवा दस बजे राजभवन के दरबार हाल में* रायपुर, 30 जुलाई, 2024। प्रदेश के मनोनीत राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रानी डेका काकोटी के छत्तीसगढ़ आगमन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्टेट हेंगर में आत्मीय स्वागत किया। इस मौके पर मनोनीत राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ विकास के परिदृश्य में तेजी से उभर रहा है। यहां विकास को नये स्तरों पर पहुंचाने हम काम करेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का राज्यपाल नियुक्त करने के लिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह को धन्यवाद व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच फैसिलिटेटर की भूमिका निभाएंगे ताकि प्रदेश का विकास तेजी से हो। उन्होंने कहा कि वे असम और छत्तीसगढ़ के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए भी काम करेंगे। श्री डेका ने कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदेश के विकास को लेकर है। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह ने भी पुष्पगुच्छ भेंटकर राज्यपाल का अभिवादन किया। साथ ही मंत्रिमंडल के सदस्य उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी मनोनीत राज्यपाल का अभिवादन किया। स्टेट हेंगर में मनोनीत राज्यपाल को गार्ड आफ आनर दिया गया। राज्यपाल का स्वागत छत्तीसगढ़ के पारंपरिक नृत्यों सुआ, कर्मा, डंडा और राउत नाचा से किया गया। इस मौके पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन तथा पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। *दसवें राज्यपाल के रूप में लेंगे शपथ* उल्लेखनीय है कि प्रदेश के मनोनीत राज्यपाल श्री डेका प्रदेश के दसवें राज्यपाल के रूप में बुधवार 31 जुलाई को सवा दस बजे राजभवन के दरबार हाल में शपथ लेंगे। उन्हें यह शपथ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश माननीय रमेश सिन्हा शपथ दिलाएंगे।

हाथी ने दो भाइयों को दी दर्दनाक मौत,भोजन की तलाश में जंगली हाथी ने तोड़ा मकान,इंसान को देखकर हाथी को आया गुस्सा

rps20240727 130127

जशपुर, 27 जुलाई 2024: जशपुर जिले के तपकरा वन परिक्षेत्र के केरसई (रापाडांड) में  रात लगभग 2:30 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ। घर में हाथी के हमले के कारण दीवार गिर गई और घर में मौजूद दो सगे भाई कोकडे पिता रामसाय (45 वर्ष) और पड़वा पिता रामसाय (43 वर्ष) बाहर की ओर भागते समय हाथी के सामने आ गए। हाथी ने उन दोनों को मार डाला। घर के अन्य सदस्य जान बचाकर भागने में सफल रहे। घटना की पुष्टि डीएफओ जितेंद्र उपाध्याय ने की है। **वन विभाग और पुलिस की त्वरित कार्रवाई** घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। डीएफओ जितेंद्र उपाध्याय ने बताया, “बीते तीन महीने से तपकरा रेंज में 9 लोनर हाथी विचरण कर रहे हैं। ये हाथी जंगल के किनारे अकेले मकानों पर भोजन की तलाश में हमला करते हैं। बीती रात एक लोनर हाथी ने घर पर हमला किया, जिसमें दो भाइयों की जान चली गई। वन विभाग जंगल के पास बने मकानों में रह रहे लोगों को सामुदायिक भवन में शिफ्ट करने में जुट गया है।” वहीं जनपद सदस्य संगीता कालो ने कहा, “रापाडांड में बिजली नहीं है, जिससे वन्य जीव घरों तक बेधड़क पहुंच जा रहे हैं।” **हाथी मित्र दल और गश्ती दल की सक्रियता** हाथी मित्र दल और हाथी गश्ती दल दिन-रात इन हाथियों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। बावजूद इसके, हाथियों के हमलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में हाथी के हमलों में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2019 से अब तक 200 से अधिक लोग हाथियों के हमलों में मारे जा चुके हैं। यह आंकड़ा बताता है कि वन्यजीवों और मानवों के बीच संघर्ष बढ़ रहा है। इस तरह की घटनाएँ वन्यजीवों के साथ सहअस्तित्व के महत्व और चुनौती को रेखांकित करती हैं। इस तरह की घटनाएं जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए गंभीर खतरे का संकेत हैं और यह आवश्यक है कि सरकार और वन विभाग मिलकर इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालें।

विशेष खबर : यहाँ के आदिवासी मिर्ची खिलाकर पता करते हैं कि सांप का जहर चढ़ रहा है या नहीं, सर्पदंश की शिकार महिला की LIVE STORY

rps20240725 134718 1

जशपुर/कुनकुरी – बीती रात कुनकुरी थानांतर्गत लोधमा निवासी एक 35 वर्षीय महिला अलकिस्था बरवा की सर्पदंश से मृत्यु हो गई।  मृतिका के पति, विनोद बरवा ने बताया कि कल वह खेत में धान रोपाई का काम करके शाम को घर लौटे थे। रात को खाना खाकर सोने के बाद, पत्नी कलिस्ता अकेले पलंग पर सोई थी, जबकि विनोद दूसरे कमरे में सो रहे थे और बच्चे तीसरे कमरे में नानी के साथ सो रहे थे। कुनकुरी थाने में मर्ग इंटिमेशन लिखाने पहुंचे मृतिका के पति विनोद ने बताया कि रात के करीब ढाई बजे,खपरैल मकान के ऊपर से पलंग में सोई अलकिस्था पर एक करैत सांप गिर गया और पेटिकोट में घुस गया। अलकिस्था ने इसे गिरगिट समझकर हटाने की कोशिश की, लेकिन जल्द ही समझ गई कि यह करैत सांप था और उसे सांप ने डस लिया था। अलकिस्था की चिल्लाने की आवाज सुनकर बगल कमरे में सोया भांजा सिमोन तुरंत कमरे में आया और सांप को मार दिया। इसके बाद, घर के सभी लोग जाग गए और पता करने लगे कि अलकिस्था को वास्तव में सांप ने डसा है या नहीं। गाँव की मान्यता के अनुसार, उन्होंने उसे मिर्ची खिलाई ताकि यह पता चल सके कि उसे सांप ने डसा है या नहीं। यदि सांप का जहर शरीर में होता तो मिर्ची का तीखापन महसूस नहीं होता। लेकिन मृतिका को तीखापन महसूस हुआ, जिससे उन्हें लगा कि सांप का जहर प्रभावी नहीं हुआ है। इस भ्रम के कारण घरवाले उसे तत्काल अस्पताल नहीं ले गए और बैगा गुनिया से झाड़-फूंक कराने लगे। जब तबियत बहुत ज्यादा बिगड़ने लगी और गले से पानी भी नहीं उतरने लगा, तब घरवाले उसे ऑटो से कुनकुरी अस्पताल ले गए, जहाँ चिकिसकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह मामला अंधविश्वास और लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण है। ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश से होने वाली मौतें एक गंभीर समस्या बनी हुई है। जबकि सरकार ने सर्पदंश से बचाव के लिए अस्पतालों में पर्याप्त एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराए हैं, जागरूकता की कमी और अंधविश्वास के कारण लोग समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं ले पाते हैं। सर्पदंश से होने वाली मौतों के आंकड़े चिंताजनक हैं। भारत में हर साल लगभग 58,000 लोग सर्पदंश के कारण अपनी जान गंवा देते हैं। इनमें से अधिकांश मौतें ग्रामीण क्षेत्रों में होती हैं, जहाँ चिकित्सा सुविधाओं की कमी और अंधविश्वास का बोलबाला है। स्वास्थ्य विभाग और मितानिन बहनें लगातार सर्पदंश से बचने और सही समय पर चिकित्सा सहायता लेने के लिए जागरूकता अभियान चला रही हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं दिखाती हैं कि अभी भी बहुत काम किया जाना बाकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सर्पदंश के प्रति जागरूक करने और समय पर चिकित्सा सहायता लेने के लिए शिक्षित करने की आवश्यकता है। सर्प संरक्षण व जागरूकता कार्यक्रम में सक्रिय शिक्षक कैसर छत्तीसगढ़िया ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि  “अंधविश्वास और लापरवाही को दूर करके ही हम सर्पदंश से होने वाली मौतों को रोक सकते हैं। समय पर चिकित्सा सहायता लेना और सही जानकारी के साथ जागरूकता फैलाना ही इस समस्या का समाधान है।”