*सीएम विष्णु देव साय की बड़ी पहल: झारखंड के लोगों को भी मिल रहा स्वास्थ्य सेवा लाभ* *छत्तीसगढ़ में इतने शिशुओं ने लिया जन्म*

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**जशपुर के स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार: झारखंड की जनता को मिला सीधा लाभ** *लोदाम सीएचसी में पिछले 4 महीनों में 27 झारखंड निवासियों के सफल प्रसव* जशपुरनगर, 16 सितंबर 2024 – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की स्वास्थ्य सुधार की मंशा से जशपुर जिले में हो रहे स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का फायदा न केवल छत्तीसगढ़ के लोगों को मिल रहा है, बल्कि पड़ोसी राज्य झारखंड के निवासियों को भी इससे सीधा लाभ हो रहा है। जशपुर जिला मुख्यालय से करीब 26 किलोमीटर दूर स्थित लोदाम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), जो झारखंड सीमा के निकट है, वहां पर झारखंड के कई गांवों के लोग इलाज कराने आ रहे हैं। लोदाम सीएचसी की बेहतर सुविधाओं की वजह से झारखंड के मांझा टोली और आसपास के गांवों के लोग नियमित रूप से यहां पहुंच रहे हैं। बीते 4 महीनों में ही यहां 27 झारखंड निवासियों के सफलतापूर्वक सामान्य प्रसव कराए गए हैं। इसके अलावा 10 से अधिक टाइफाइड मरीजों का इलाज भी यहां सफलतापूर्वक किया गया है। यह केंद्र एक्सरे, ब्लड टेस्ट, सामान्य प्रसव और आयुष्मान कार्ड जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी उपलब्ध कराता है, जिससे दूर-दराज के ग्रामीणों को बड़े अस्पतालों तक जाने की जरूरत नहीं पड़ती। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़े पैमाने पर कार्य हो रहा है। अभी तक 18 एबीबीएस और 7 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जा चुकी है। इसके अलावा, नवीन स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना और अत्याधुनिक मेडिकल उपकरणों की खरीदी के साथ-साथ नए कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस दरियादिली और प्रयासों से न केवल जशपुर बल्कि झारखंड के सीमावर्ती इलाकों के लोगों को भी बड़ी राहत मिली है। यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बना रही है, बल्कि राज्य की सीमाओं से बाहर तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत कर रही है।

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सार्थक प्रयास से बबीता का हुआ सफल आपरेशन,बच्ची के माता-पिता ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद

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जशपुर 16 सितंबर 24/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सार्थक प्रयास से गंभीर बीमारी के ईलाज के लिए बच्चों को तत्काल सहायता मिल रहा है। जिले में एक बार पुनः राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु की टीम ने जशपुर जिले के 10 साल की बबीता का रायपुर एम्स अस्पताल में सफल आपरेशन करवाया है । बबीता की मां जय कुमारी बाई और पिता झमेश राम ने बताया कि उनकी बेटी को जन्म से दिल में छेद था । बच्ची के माता-पिता ने मुख्यमंत्री बगिया कैम्प कार्यालय में आवेदन दिया था । मुख्यमंत्री ने तत्काल बबीता का ईलाज करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन और चिरायु टीम बच्ची का घर जाकर पालकों से सम्पर्क किया और ईलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई। चिरायु टीम के अमित भगत ने बताया बचपन से बबीता को दिल में छेद था सांस लेने और दौड़ने भागने में भी दिक्कत आती थी ।बबीता के पालकों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सायजी के सार्थक प्रयास से उनकी बच्ची पूरी तरह से ठीक हो गई है । वर्तमान में कक्षा 6 वी में पढ़ाई कर रहीं हैं। स्कूल आने जाने में भी किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं आ रही है। अपनी बच्ची को हंसता मुस्कुराता देखना अच्छा लगता है।

*आज डीजे वाले बाबू नहीं बजाएंगे डीजे**छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के निर्देशों पर प्रशासन ने कानफोड़ू डीजे पर लगाई रोक*

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जशपुर/कुनकुरी16 सितंबर 2024 छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए जशपुर प्रशासन ने कानफोड़ू डीजे साउंड पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गणेश विसर्जन, ईद मिलादुन्नबी या किसी अन्य धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के तहत, ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। शांति समिति की बैठकों में कुछ नागरिकों ने 75 डेसिबल से कम ध्वनि पर डीजे चलाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया कि ध्वनि प्रदूषण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। पत्थलगांव थाना प्रभारी विनीत पांडे ने सभी गणेश समितियों से अपील की है कि वे कानफोड़ू डीजे न बजाएं और नियमों का पालन करें। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायत मिलने पर डीजे साउंड सिस्टम जब्त कर लिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कुनकुरी थाना प्रभारी सुनील सिंह ने भी यही संदेश देते हुए कहा कि ईद मिलादुन्नबी और गणेश विसर्जन के दौरान डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि किसी ने हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन किया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आयोजकों से विसर्जन के दौरान केवल सीमित लोगों को शामिल करने और तालाब के पास उचित सुरक्षा, लाइटिंग और रस्सी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है। प्रशासन का यह कदम ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए है। हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत इस प्रकार की सख्ती से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ध्वनि प्रदूषण के नियमों का सख्ती से पालन हो।

*R.T.O. को आबंटित भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर*

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*गम्हरिया में अवैध अतिक्रमण हटाने हुई कार्यवाही* *तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी समेत पुलिस बल ने की संयुक्त कार्यवाही* *जशपुर, 14 सितम्बर 2024/* शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध शासन के सख्त निर्देश के तहत शनिवार को राजस्व विभाग द्वारा गम्हरिया में शासकीय भूमि पर किये जा रहे अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही की। जिसके तहत ग्राम गम्हरिया के पटवारी हल्का नंबर 8 में नीलेश पिता जयराम के द्वारा परिवहन विभाग को आवंटित भूमि पर अनाधिकृत रूप से कब्जा किया जा रहा था। जिसमें उसके द्वारा एक अस्थाई घर बनाकर नवीन निर्माण किया जा रहा था। जिसके विरुद्ध तहसीलदार न्यायालय में चले वाद के उपरांत आदेशानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई। बेदखली की कार्रवाई में राजस्व विभाग की ओर से नायब तहसीलदार राहुल कौशिक, नायब तहसीलदार राजेश यादव के नेतृत्व में राजस्व विभाग के राजस्व निरीक्षक, पटवारी, कोटवारों के द्वारा पुलिस बल के सहयोग से अतिक्रमण खाली कराते हुए कब्जाधारी लोगों को समझाइश दी गयी और अवैध अतिक्रमण हटाया गया। अतिक्रमण हटा कर भूमि को जिला परिवहन अधिकारी विजय निकुंज की उपस्थिति में विभाग को प्रदान कर दिया गया।

जनदर्शन में सीएम ने ओलावृष्टि से बर्बाद किसानों की फ़रियाद सुनी, 7 गांव के किसानों को मिली राहत,सीएम को बताया “सुशासन का देवता”

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  *रायपुर, 14 सितंबर 2024* – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निवास पर आयोजित मुख्यमंत्री जनदर्शन के दौरान किसानों को बड़ी राहत प्राप्त हुई है। बलोदाबाजार जिले के सोनाखान क्षेत्र में ओलावृष्टि से प्रभावित 7 गांवों के 772 किसानों के लिए 98 लाख 38 हजार 528 रुपये की सहायता राशि जारी की गई है। गांवों में सुखरी के 79, छतवन के 174, देवगांव के 44, गनौद के 59, कुशगढ़ के 156 और कुशभाटा के 174 किसानों को इस मुआवजे का सीधा लाभ मिला है। यह राशि तहसीलदार सोनाखान द्वारा आरटीजीएस के माध्यम से किसानों के खातों में जमा कर दी गई है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है। गौरतलब है कि 2023 में इन क्षेत्रों में ग्रीष्मकालीन धान की फसल पर ओलावृष्टि का कहर टूटा था। पक चुकी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा, और किसानों ने मुआवजे के लिए मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन को आवेदन किया था। उस समय कुल 33 गांवों के किसानों को मुआवजा मिल चुका था, लेकिन कुछ गांवों के किसान इस राहत से वंचित रह गए थे। अब उन किसानों को भी राहत मिल गई है। नगेड़ा गांव के किसान डीगेश पटेल ने बताया कि जनदर्शन में अपनी परेशानी बताई , श्री साय की किसान हित में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश के बाद अब परिवार के सदस्यों के खातों में मुआवजा राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री जनदर्शन के तहत मिली इस त्वरित राहत से प्रभावित किसानों के चेहरों पर खुशी देखने को मिल रही है, और यह सरकार के प्रति उनका विश्वास बढ़ा रही है।

*कलेक्टर डॉ. मित्तल ने की जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक, स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर*

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  *जशपुर, 10 सितंबर 2024* – कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल ने आज कलेक्टर सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक की, जिसमें जिले में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति का जायजा लिया गया। बैठक में यूनिसेफ से डॉक्टर गजेंद्र सिंह, सीएमओ डॉ. जी.एस. जात्रा, सिविल सर्जन डॉ. विपिन इंदवार और अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ कार्यक्रम के नोडल अधिकारी, बीएमओ, बीपीएम और बीडीएम मौजूद थे। कलेक्टर मित्तल ने अधिकारियों से जिले में चल रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में आ रही कमियों पर ध्यान देने और सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्य कर्मियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए और अच्छे कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की। स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने पिछले निर्देशों के क्रियान्वयन की स्थिति की भी जानकारी ली और सभी स्वास्थ्य सेवाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने हाइपरटेंशन जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों में ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का आदेश दिया, ताकि मरीजों का सही इलाज हो सके। अधिकारियों ने बताया कि 95% गैर-संक्रामक रोगियों की अब तक स्क्रीनिंग हो चुकी है। कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ब्लड डोनेशन कैंप प्राथमिकता के आधार पर आयोजित करने की बात कही, ताकि ब्लड बैंक की पर्याप्तता बनी रहे। इसके अलावा, उन्होंने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत यू-विन पोर्टल में प्रोपर इंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सिकल सेल एनीमिया और आयुष्मान योजना पर विशेष ध्यान सिकल सेल एनीमिया के मरीजों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और हाइड्रोक्सी यूरिया टेबलेट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। आयुष्मान योजना के तहत अधिक से अधिक लोगों को कार्ड जारी करने के निर्देश भी दिए गए। सर्पदंश से संबंधित जागरूकता और प्रसव सेवाओं में सुधार कलेक्टर मित्तल ने सर्पदंश के खिलाफ ग्रामीणों में जागरूकता फैलाने और अंधविश्वास से होने वाली जान-माल की हानि को रोकने के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए। लोदाम की स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि झारखंड बॉर्डर से लोग लोदाम में प्रसव और अन्य जांचों के लिए आते हैं। इस पर कलेक्टर ने सभी सीएससी, पीएससी, और एचएचसी में संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में कलेक्टर मित्तल ने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, क्षय नियंत्रण कार्यक्रम, कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम सहित अन्य स्वास्थ्य योजनाओं की भी समीक्षा की और सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्यक्रमों को समयबद्ध और प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए। सुशासन का उद्देश्य कलेक्टर मित्तल ने कहा कि सुशासन का उद्देश्य तभी सफल होगा जब योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को इस दिशा में और अधिक सटीकता और समर्पण के साथ काम करना होगा ताकि जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

*सीएम कैम्प ने तीजा पर्व पर महिलाओं को दिलाई अंधेरे से मुक्ति,24 घण्टे के भीतर बदला खराब ट्रांसफार्मर, ग्रामीणों ने जताया आभार*

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  *जशपुर, 7 सितंबर 2024*: मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय जशपुर जिले के लोगों के लिए उम्मीदों का नया केंद्र बनकर उभरा है। यहाँ लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है, जिससे जिले में सकारात्मक माहौल निर्मित हो रहा है। इसी कड़ी में, जिले के कुनकुरी विकासखंड के नारायणपुर ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम चिटकवाईन गंझूटोली में गुरुवार शाम को हुई तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने से ट्रांसफार्मर खराब हो गया, जिससे गाँव में बिजली संकट उत्पन्न हो गया। गाँववासियों ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के निज सहायक को व्हाट्सएप के माध्यम से जानकारी दी। कार्यालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग को निर्देशित किया। बिजली विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और पाया कि ट्रांसफार्मर खराब हो चुका था। इसके तुरंत बाद, 24 घंटे के भीतर शुक्रवार की शाम को ट्रांसफार्मर बदल दिया गया और गाँव की बिजली समस्या का समाधान हो गया। ग्रामीणों में इस त्वरित कार्रवाई से खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनके कैंप कार्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया। तीजा पर्व पर महिलाओं की मदद: हरितालिका तीज के पावन अवसर पर, जब महिलाएं निर्जला व्रत रख रही थीं, बिजली की समस्या ने उनकी कठिनाईयों को बढ़ा दिया था। लेकिन सीएम कैंप कार्यालय ने समय रहते बिजली विभाग को निर्देशित किया कि किसी भी स्थिति में बिजली बहाल की जाए, ताकि त्योहार के दौरान किसी को परेशानी न हो। ट्रांसफार्मर के बदले जाने से महिलाएं भी राहत महसूस कर रही हैं। बिजली विभाग के डीई भगत लगातार बारिश के मौसम में क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं और जहां भी बिजली समस्या सामने आती है, वहां कैंप लगाकर तब तक कार्यवाही करते हैं, जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता। उनकी इस कर्तव्यनिष्ठा के कारण जशपुर के ग्रामीण इलाकों में बिजली समस्या का त्वरित समाधान हो रहा है और लोग अब अंधकार से मुक्ति पा रहे हैं। ग्रामीणों ने जताया आभार: गाँववासियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और सीएम कैंप कार्यालय की सराहना करते हुए कहा कि यह त्वरित और प्रभावी कार्रवाई प्रशासन की जनता के प्रति संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाती है।

जिला प्रशासन ने एक बड़े आंदोलन को बड़ी समझदारी से खत्म किया,न हो-हल्ला न झूमा-झटकी,कैसे हुआ ये सब?

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जशपुर – राजी पड़हा समेत 6 उरांव समाज के संगठनों ने जिले के सभी उरांव जनजाति को 3 सितंबर की सुबह से हॉकी स्टेडियम में बुलाया गया।जिसमें दोपहर 1 से डेढ़ बजे तक बमुश्किल 8-9 सौ लोग इकट्ठा हो पाए थे।बाद में झारखण्ड और ओडिशा से आई भीड़ ने आयोजनकर्ताओं की लाज रख ली।राजी पड़हा शासन व्यवस्था को माननेवालों की जनाक्रोश रैली को जिला प्रशासन ने केवल सभा में समेट दिया।बिना कोई ढोल-तमाशे के कार्यक्रम शाम 5 बजे तक खत्म हो गया।   यह सब पूर्व कांग्रेस विधायक विनय भगत समेत कई सामाजिक नेताओं,संगठनों के लोगों पर शासन की सतर्क निगाहों और तगड़ी घेराबंदी के कारण हो पाया।मंगलवार 3 सितंबर को सम्भावित जनाक्रोश से निपटने के लिए चार दिन पहले से ही प्रशासन ने रणनीति बना ली थी।पूरे जशपुर को छावनी में तब्दील करते हुए जगह-जगह टीन की दीवार खड़ी कर दी गई।   दीवार,बेरिकेड के आगे जितनी फोर्स लगाई गई उसी के अनुपात में पीछे भी फोर्स रखी गई थी।हालांकि सरकार की इंटेलिजेंस ने बखूबी काम करते हुए इतना क्लियर कर दिया था कि लाठीचार्ज की नौबत नहीं आएगी।मंच पर हर भड़काऊ भाषण देनेवाले को सादे वेश में पुलिस के जवान कवर किये हुए थे।तैयारी यह थी कि अगर भीड़ को उकसाने की किसी ने कोशिश की तो उसे तत्काल सभा से हटा दें।भीड़ को भेड़ बनाकर बाड़े में रखने की योजना बेहद सफल रही।सभा खत्म होने के बाद राजी पड़हा के धर्म गुरु बंधन तिग्गा दीपू बगीचा की ओर जाने की योजना बनाते हुए सभस्थल से बाहर निकल रहे थे कि योजना भांपकर तत्काल एडिशनल एसपी अनिल कुमार सोनी, डिप्टी कलेक्टर आकांक्षा त्रिपाठी,इंस्पेक्टर रवि तिवारी के साथ आयोजकों को शर्तें याद दिलाने लगे ,जिसका तेजी से असर हुआ।वहीं फोर्स भी गेट की एक ओर तैनात हो गई।भीड़ निकलती जा रही थी और अधिकारी,फोर्स के जवानों के साथ उन्हें घोलेंग रोड पर रवाना करते रहे।इस तरह न कोई हो-हल्ला न कोई झूमा-झटकी हुई और आंदोलन शान्तिपूर्ण शहर के बाहर ही निपट गया। बलौदाबाजार हिंसा से झुलसा छत्तीसगढ़ शासन का यह पहला ड्रिल था।जिसे कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल,पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने सफलतापूर्वक पूरा किया।

राजी पड़हा जनाक्रोश महारैली को लेकर जशपुर छावनी में तब्दील,भारी फोर्स की तैनाती के साथ कई रोड ब्लॉक किये गए,,लोगों का आना शुरू,

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जशपुर – सरना पूजा स्थल दीपू बगीचा में राजी पड़हा के लोग शासन-प्रशासन के साथ ही उरांव समाज के कुछ नेताओं से नाराज चल रहे हैं।राजी पड़हा के आज 3 दिसम्बर को जिला मुख्यालय में आयोजित जनाक्रोश महारैली में उरांव आदिवासी समाज के लोगों का आना शुरू हो गया है।आंदोलन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। दरअसल,दीपू बगीचा जो उरांव जनजातीय समाज का पूजा स्थल है,जिसमें बीते माह राजी पड़हा मुख्यालय में संचालित छात्रावास प्रशासनिक जांच में अवैध पाया गया।जहां के छात्र-छात्राओं को शासकीय छात्रावासों में विधिवत प्रवेश दिलाया गया।एसडीएम जशपुर प्रशांत कुशवाहा ने बड़ी कुशलता से कार्रवाई की।इसके बाद राजी पड़हा के पदाधिकारी इसपर दबी जुबान से अपनी नाराजगी जताने लगे।जिसके बाद उरांव समाज के 6 संगठनों ने मिलकर सरना स्थल में तालाबंदी की बात कहते हुए 03 सितम्बर 2024, दिन-मंगलवार यानी आज जनाक्रोश रैली की अपील की।वहीं जशपुर विधायक रायमुनी भगत समेत उरांव समाज का एक वर्ग  इस रैली में समाज के लोगों को बहकावे में न आते हुए शामिल नहीं होने की अपील किया है। जो यह है, अपील, आप सभी उरांव समाज को सूचित किया जाता है कि उरांव समाज मुख्यालय दीपु बगीचा (सरना स्थल) दिनांक 10/08/2024 को उरांव आदिवासियों के रुढ़ि-प्रथा एवं संस्कृति आस्था व धरोहर का केन्द्र में सरहुल / खद्दी परब का सरना स्थल एवं राजी पड़हा मुख्यालय को नगरपालिका एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा ताला लगा दिया गया, जो कि हमारे पुरखों के द्वारा बरसों से इस दीपु बगीचा में उरांव आदिवासियों के द्वारा अपना सांस्कृतिक कार्यक्रम पूजा पाठ करते आ रहे हैं, परन्तु नगरपालिका के द्वारा दीपु बगीचा को अपने अन्दर में लेकर अन्य समाज के लोगों को कार्यक्रम करने समय-समय पर दिया जायेगा। उरांव समाज कहां पर सरहुल, करम, टुंटा मनाएगा। उरांव समाज का धरोहर एवं अस्तित्व समाप्त हो जाएगा अगर दीपु बगीचा को बचाना है तो उरांव समाज के जितने भी हमारे समाज के अगुवागणों से प्रार्थना है कि आप सभी अधिक से अधिक संख्या में आकर जन आक्रोश रैली को सफल बनावें । यह हमारा उरांव आदिवासियों का धरोहर का सवाल है। इस जन आक्रोश महारैली को सफल बनाने के लिए हमारे राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष-धरम गुरु श्री बंधन तिग्गा जी, श्री जगरनाथ उरांव (रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर) पधार रहे हैं। नोट :- उरांव समाज के सभी बन्धुगण एवं परिवार के सभी सदस्य गण जन आक्रोश महा रैली को सफल बनाने में योगदान दें निवेदक ( आयोजक) (1 ) शाखा-राजी पाड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत, बालाछापर जशपुर(2 ) उरांव समाज (पाड़हा व्यवस्था), (3) उरांव समाज के सभी संगठन,(4)सर्व आदिवासी समाज (5)नव युवा समाज,(6)रानी सिनगी दाई  महिला संगठन भारत, (7) समस्त मुली पाड़हा / डाड़ा पाड़हा/ अतखा पाड़हा (गांव स्तर)। इस अपील के अनुसार समाज के लोगों ने जिला प्रशासन से जनाक्रोश महारैली के लिए अनुमति मांगी।जिसपर प्रशासन ने इसकी अनुमति शर्तो के साथ दे दी। राजी पड़हा से जुड़े विनोद प्रधान ने बताया कि जनाक्रोश महारैली एस्टोटर्फ हॉकी मैदान में ,एनईएस कॉलेज के बगल में होगी।उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अलावे ओडिशा,झारखण्ड,बिहार,पश्चिम बंगाल और नेपाल देश में रहनेवाली राजी पड़हा की प्रजा उपस्थित होगी।हालांकि संख्या कितनी होगी यह उन्होंने नहीं बताया।कहा कि अभी लोगों का आना शुरू हुआ है। बहरहाल, सुरक्षा व्यवस्था की बात करें तो बलौदाबाजार हिंसा के बाद से छत्तीसगढ़ सरकार हर प्रकार के प्रदर्शनों पर बेहद सतर्क है।जिला मुख्यालय में जगह-जगह मजबूत बेरिकेड बनाये गए हैं।भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है।सादे वेश में पुलिसकर्मी कार्यक्रम में आने वाले लोगों पर नजर रख रहे हैं।सभा को शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

*राजी पड़हा जनाक्रोश रैली को लेकर उरांव समाज में हुआ दो फाड़ ! विधायक ने कहा – लोग रैली में न हों शामिल,प्रशासन अशांति फैलानेवालों पर सख्ती बरतने को तैयार *

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जशपुर, 2 सितंबर: शहर में कल 3 सितंबर को प्रस्तावित जनाक्रोश महारैली को लेकर माहौल गर्म है। राजी पड़हा सरना प्रार्थना समाज समेत छह सामाजिक संगठनों द्वारा जिला मुख्यालय में इस रैली का आयोजन किया जा रहा है, जिसे लेकर उरांव समाज में विभाजन की स्थिति उत्पन्न हो गई है। दरअसल, रैली के आयोजक प्रशासन पर दीपू बगीचा स्थित सरना पूजा स्थल को सील करने का आरोप लगा रहे हैं। इस मुद्दे पर उरांव समाज का एक वर्ग आक्रोशित है और उन्होंने हजारों लोगों के साथ रैली में शामिल होने का ऐलान किया है। छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है। हालांकि, समाज के दूसरे पक्ष ने रैली का विरोध करते हुए इसे समाज में फूट डालने की कोशिश करार दिया है। जशपुर विधायक रायमुनी भगत और देवलाल भगत ने अपील की है कि समाज के लोग इस रैली से दूर रहें। उनका दावा है कि पूजा स्थल को प्रशासन द्वारा सील नहीं किया गया है, बल्कि राजी पड़हा के कुछ पदाधिकारियों ने स्वयं ही मुख्य गेट पर ताला लगाकर अफवाह फैलाई है। इस पूरे विवाद की जड़ दीपू बगीचा में अवैध रूप से चलाए जा रहे छात्रावास से जुड़ी है। प्रशासन ने बिना अनुमति और समुचित व्यवस्था के नाबालिग लड़के-लड़कियों को एक ही कमरे में रखने के आरोप में छात्रावास को बंद करा दिया था। इसके बाद से राजी पड़हा सरना समूह ने प्रशासन पर धार्मिक स्थल के खिलाफ कार्रवाई का आरोप लगाया है, जिससे जनाक्रोश महारैली की योजना बनाई गई। स्थानीय प्रशासन एसडीएम प्रशांत कुशवाहा ने भी मीडिया को बताया कि पूजा स्थल में प्रशासन की ओर से कोई तालाबंदी नहीं की गई है।अफवाह फैलाने,अशांति फैलाने की कोशिश करनेवालों पर सख़्त कार्रवाई करने की तैयारी है। रैली के विरोध में स्थानीय हिंदू उरांव समाज ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने रैली से शहर की शांति और सामाजिक सौहार्द्र बिगड़ने की आशंका जताई है। जिला प्रशासन ने हालांकि रैली को सशर्त अनुमति दे दी है, और इसके मद्देनजर हॉकी स्टेडियम समेत पूरे शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने कहा, “समाज के लोगों को गुमराह करके रैली का आयोजन किया जा रहा है। दीपू बगीचा सरना पूजा स्थल के मुख्य गेट पर प्रशासन ने कोई ताला नहीं लगाया है। यह अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। मैं संपूर्ण उरांव समाज से अपील करती हूँ कि इस रैली में शामिल न हों।” कल की रैली को लेकर जिले भर में उत्सुकता और आशंका का माहौल है, और प्रशासन स्थिति पर कड़ी निगरानी बनाए हुए है।