विष्णु के सुशासन की सुंदर तस्वीर बनकर कैसे आगे बढ़ रहा घुघरी पँचायत? पढ़िए विकास की यह कहानी,,,

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*विष्णु के सुशासन में तेजी से बदल रही गांव की तस्वीर* *विकास और समाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ग्राम पंचायत घुघरी विकास और बदलाव की नई परिभाषा गढ़ रहा* *महिला सशक्तिकरण के तहत् स्व सहायता समूहों की 412 महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गया* जशपुर 10 अक्टूबर 2024/छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में  राज्य के गांवों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। शासन के प्रयासों और पंचायती राज योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश के गांव अब विकास और समाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में नई कहानियां लिख रहे हैं। ऐसी ही एक कहानी है जशपुर जिले के बगीचा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत घुघरी की। जिला मुख्यालय जशपुर से 93 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव विकास और बदलाव की नई परिभाषा गढ़ रहा है। यहां पंचायत की बैठकों में जनभागीदारी के माध्यम से गांव के हर चुनौतीका समाधान किया जाता है। गांव में 567 लोगों का राशन कार्ड बनाया गया हैं जिनमें 37 एपीएल कार्ड, 407 बीपीएल कार्ड शामिल हैं। आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से 216 बच्चों को पोषण का लाभ मिल रहा है। धात्री और गर्भवती महिलाओं के लिए भी पोषण की व्यवस्था की गई है। समाजिक सुरक्षा के लिए 2 लाख 10 हजार खर्च किए गए हैं। साथ ही 342 लोगों को पेंशन योजनाओं से जोड़ा गया है। घुघरी निवासी मंगरी बाई ने बताया कि उन्हें हर महिना 500 रूपए पेंशन मिलती है। उसी पैसे से अपना जीवन यापन करती हैं। परिवार के पालन पोषण करने में सहायता मिल रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् 56 जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। 483 परिवारों के मनरेगा जॉब कार्ड बनाए गए हैं। पीछे दो वर्षाे में मनरेगा के 20 व्यक्तिगत तालाबों का निर्माण कराया गया है। ग्राम पंचायत घुघरी के विनोद राम ने बताया कि उनके गांव में अक्टूबर और नवम्बर में मनरेगा का कार्य चालू होता है। उसमें गांव के लोग काम करने जाते हैं। गांव के लोगों का जॉब कार्ड है। मनरेगा में कार्य करके सभी परिवार मिलकर 28 हजार रूपए कमा लेते हैं। इसे घर परिवार अच्छा से चल रहा है। महिला सशक्तिकरण के उददेश्य से 36 स्व सहायता समूहों का गठन कर 412 महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। ग्राम पंचायत घुघरी की यह कहानी संवरते छत्तीसगढ़ के सुरक्षित होते भविष्य की कहानी है।

“शक्तिमान” बनकर जय हो टीम बाल विवाह रोकने कर रही जन जागरूकता

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जशपुर, 6 अक्टूबर 2024 – जिला प्रशासन और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयास से जिले में बाल विवाह के खिलाफ एक विशेष जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत लोगों को बाल विवाह के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें इससे बचने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल के मार्गदर्शन में जय हो टीम के स्वयंसेवकों ने एक अनोखा तरीका अपनाया। आज शहर के बस स्टेशन और मुख्य बाज़ार में स्वयंसेवक शक्तिमान के रूप में नजर आए। उन्होंने बाल विवाह रोकने के संदेश के साथ लोगों से संवाद किया और उन्हें इसके कानूनी और सामाजिक पहलुओं पर जानकारी दी। शक्तिमान का यह अनूठा अवतार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा और बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों, सभी ने इस प्रयास की सराहना की। टीम के सदस्यों ने बताया कि बाल विवाह से बच्चों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, उनके स्वास्थ्य और शिक्षा पर बुरा असर पड़ता है, और इसे रोकने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। कलेक्टर डॉ. मित्तल ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास जशपुर में बाल विवाह को जड़ से मिटाने के लिए बहुत कारगर सिद्ध होगा। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने आस-पास किसी भी बाल विवाह की जानकारी मिलने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें। यह अभियान लोगों को जागरूक करने और समाज में बाल विवाह के खिलाफ एक मजबूत संदेश फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

प्राचार्य का ट्रांसफर रद्द कराने छात्र संघ सड़क पर उतरा,सुबह 8 बजे से सड़क पर हैं छात्र-छात्राएं,पुलिस मौके पर

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जशपुर/कोतबा 05 अक्टूबर 2024– बड़ी खबर कोतबा-लवाकेरा स्टेट हाइवे से आई है,जहां स्वामी आत्मानन्द विशिष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल का छात्र संघ प्रिंसिपल फिलमोन एक्का के ट्रांसफर आर्डर आने की खबर से आक्रोशित होकर सड़क पर है। सुबह करीब 8 बजे छात्र – संघ के आह्वान पर कक्षा 1 से लेकर 12 वीं तक के सभी स्टूडेंट्स प्रिंसिपल का ट्रांसफर रद्द कराने की मांग को लेकर नारे लगा रहे हैं।हाथों में तख्तियां लेकर शनिवार की सुबह की क्लास छोड़कर स्कूल ड्रेस में ही सड़क किनारे नारेबाजी कर रहे हैं।मौके पर कोतबा पुकिस चौकी प्रभारी राकेश सिंह दल-बल के साथ मौजूद हैं।

सिरफोड़वा कांड 3 : हेडमास्टर स्कूल से बाहर,मैडम स्कूल के अंदर, दो बच्चों में मारपीट, एक का सिर फूटा,लोगों में शिक्षकों के खिलाफ गुस्सा

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जशपुर/कुनकुरी – स्वामी आत्मानन्द में सिरफोड़वा कांड 2 के बाद अब एक ग्रामीण प्राथमिक शाला में सिरफोड़वा कांड हो गया है।घटना शुक्रवार 4 अक्टूबर की है।घायल बच्चे के सिर में टांके लगे हैं।इस घटना में गांव में लोगों का गुस्सा हेडमास्टर और टीचर के खिलाफ भड़का हुआ है। दरअसल, कुनकुरी विकासखंड के ढोढ़ीडांड ग्राम पंचायत के प्राथमिक शाला नवाटोली में खेल छुट्टी के दौरान यह घटना हुई है।स्कूल में पढ़नेवाले छात्रों ने बताया कि सभी बच्चे खेल रहे थे।उसी समय कक्षा 5 वीं के छात्र और कक्षा 4 थी के छात्र के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा शुरू हुआ।4 ने 5  को एक थप्पड़ मारा तो 5 चप्पल से 4 को मारा और भागने लगा,4 ने पत्थर से फेंककर मारा तो 5 के सिर में गड्ढा हो गया खून निकला।इस समय स्कूल में एक शिक्षिका कविता सिदार थी।हेडमास्टर मनोज गुप्ता 12 बजे के बाद भाग गया था।टीचर को जब छात्रों ने घटना की जानकारी दी तो वह बाहर आकर 4 को एक थप्पड़ मारी और घायल छात्र को अपनी स्कूटी में बिठाकर अस्पताल के गई। इस घटना के बारे में पूछे जाने पर ढोढ़ीडांड सरपँच श्रीमती कलिस्ता ने बताया कि ‘मुझे अभी तक स्कूल के हेडमास्टर ने नहीं बताया है।जाकर देखती हूँ।वैसे हेडमास्टर मनोज गुप्ता स्कूल से ज्यादा अपने निजी धंधे में ज्यादा ध्यान देता है।उसकी बहुत शिकायत है।दो अक्टूबर को विशेष ग्रामसभा में इसको हटाने के लिए चर्चा भी हुई है।’ वहीं ग्रमीणों ने बताया कि घटना के बाद टीचर कविता सिदार घायल बच्चे को सरकारी अस्पताल कुनकुरी ले गई जहां हेडमास्टर मनोज गुप्ता पहुंचा और हल्का मरहम-पट्टी कराकर बच्चे को घर भेज दिया।उसके सिर में गड्ढा ज्यादा होने से खून रिस रहा था।परिजन बच्चे को कुनकुरी के निजी अस्पताल पहुंचे जहां उसे टांका लगाया गया।हालांकि इन सब का खर्च टीचर कविता सिदार ने उठाया। बहरहाल,कुनकुरी विकासखंड में डेढ़ महीने के अंदर ऐसी तीन घटनाओं से साफ है सरकारी स्कूलों के जिम्मेदार शिक्षक,प्रशासकों पर शासन-प्रशासन का नियंत्रण मजबूत नहीं है।देखना यह होगा कि इस घटना पर जिला प्रशासन का क्या एक्शन होता है?

*जिले में संचालित विकास कार्यों को तीव्र गति से पूरा करने कलेक्टर ने दिए निर्देश**निर्माण से जुड़े विभागों के कार्यों की हुई समीक्षा*

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*जशपुर, 02 अक्टूबर 2024/* जिले विभिन्न विभागों के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की समीक्षा हेतु मंगलवार को कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल द्वारा समीक्षा बैठक आहूत की गई। इस बैठक में लोक निर्माण विभाग, सेतु निर्माण विभाग, गृह निर्माण मंडल छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड, आदिम जाति कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। जिसमें कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की विभिन्न परियोजनाओं के प्रस्ताव निर्माण, तकनीकी, वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति हेतु तीव्र गति से किये गए उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए, सभी स्वीकृति प्राप्त कार्यों की निविदा प्रक्रिया उपरांत जल्द से जल्द कार्य को पूर्ण कराने के निर्देश दिए। वहीं निर्माणाधीन कार्यों की स्थिति का जायजा लेते हुए उन्होंने सभी को समयानुसार पूर्ण कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीडब्लूडी के सेतु उपसंभाग के अधिकारियों को सेतु निर्माण में तीव्रता लाते हुए बाढ़ संवेदनशील क्षेत्रों में प्राथमिकता से कार्य करने को कहा। इसके अतिरिक्त उन्होंने आदिम जाति विकास विभाग के अंतर्गत आश्रम छात्रावासों के निर्माण स्थिति का जायजा लेते हुए उन्हें समयानुसार पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त कलेक्टर ने गृह निर्माण मंडल एवं सीजीएमएससी के कार्यों की भी समीक्षा की। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर हरिओम द्विवेदी, ईई पीडब्लूडी पत्थलगांव मोचन कश्यप, ईई पीडब्लूडी जशपुर वीरेन्द्र कुमार चौधरी, सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग संजय कुमार सिंह, पीडब्लूडी के सेतु उपसंभाग से अनुविभागीय अधिकारी मनोज मरकाम, गृह निर्माण मंडल से अनुविभागीय अधिकारी सर्वे पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सायकिल रैली : आयुष्मान पखवाड़ा के तहत 28 को स्कूली बच्चों के साथ जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि कहेंगे ‘आयुष्मान भवः’

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जशपुर 27 सितंबर 24 / जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में जिले आयुष्मान पखवाड़ा मनाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 28 सितंबर24 को सायकल रैली का आयोजन किया जा रहा है। रैली प्रातः 8 बजे से रंजीता स्टेडियम से महाराजा चौक , सन्ना रोड, हनुमान मंदिर, जैन मंदिर, बस स्टैंड, नीचे रोड से होते हुए रंजिता स्टेडियम में रैली का समापन होगा। जिला प्रशासन ने जनप्रतिनिधिगण, अधिकारियों, कर्मचारियों। स्कूली बच्चों को सायकल रैली में शामिल होने का आग्रह किया है।

भारी बारिश : सीएम के निर्देश पर कलेक्टर ने नदी पुल पर की कर्मचारियों की तैनाती

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  जशपुर, 27 सितंबर 2024 – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले में भारी वर्षा के मद्देनजर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस निर्देश के तहत जिला प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति से निपटने और निगरानी बढ़ाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। विशेष रूप से कुनकुरी विकासखंड के ग्राम ढोढ़ीडांड़ स्थित ईब नदी पुल पर लगातार बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसे नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कर्मचारियों की एक टीम गठित की है, जिनमें राजस्व निरीक्षक, पटवारी, और कोटवारों को शामिल किया गया है। बाढ़ नियंत्रण में तैनात प्रमुख अधिकारी: 1. श्री चन्द्रविजय साय (राजस्व निरीक्षक) – 8223960203 2. श्री विकास खलखो (पटवारी) – 8103015506 3. श्री बसंत राम (कोटवार) – 9907483152 4. श्री जगदीर कुजूर (कोटवार) – 6260919776 5. श्री रोहित कुमार सुकरा (राजस्व निरीक्षक) – 9827964811 6. श्री निशीकांत गुप्ता (पटवारी) – 7828169535 7. श्री सातु राम (कोटवार) – 6265271343 8. श्री रूबेन केरकेट्टा (कोटवार) – 9285195379   प्रशासन ने पुल के दोनों ओर बैरियर सहायक और अन्य कर्मियों को तैनात कर दिया है, ताकि स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा सके और आपातकालीन स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।  

ताजा खबर : अवैध रेत उत्खनन और भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, 140 ट्रिप रेत जप्त कर तहसीलदार ने माफियाराज को दिया बड़ा झटका

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नदी का जलस्तर घटते ही रेत माफिया अपने कारोबार का मकड़जाल फैलाने लगे हैं,जिसे हटाने के लिए जिला कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार ने बड़ी कार्रवाई करके सरकार की मंशा स्पष्ट कर दी है। जांजगीर-चांपा,20 सितंबर 2024/ जिले के शिवरीनारायण में अवैध रेत उत्खनन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। तहसीलदार अविनाश चौहान के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में अलग-अलग जगहों पर अवैध रूप से भंडारित 140 ट्रिप रेत को जप्त किया गया है। महानदी का जल स्तर घटते ही रेत माफियाओं ने अपनी गतिविधियों को फिर से तेज कर दिया था। ये माफिया लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन और भंडारण के जरिए काली कमाई कर रहे थे। लेकिन प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। शिवरीनारायण क्षेत्र में रेत माफियाओं का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा था। प्रशासन द्वारा पहले भी कई बार कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन रेत माफिया लगातार सक्रिय बने हुए थे। अवैध कारोबारियों पर नकेल कसने के लिए तहसीलदार अविनाश चौहान और उनकी टीम ने मिलकर यह कार्रवाई अंजाम दी। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध रेत उत्खनन में संलिप्त माफियाओं में हड़कंप मच गया है। उम्मीद है कि इस सख्ती से क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार पर कुछ हद तक लगाम लगाई जा सकेगी। जांजगीर-चांपा प्रशासन अवैध रेत उत्खनन और भंडारण के खिलाफ कड़ा रुख अपना रहा है। तहसीलदार अविनाश चौहान और उनकी टीम की इस कार्रवाई को स्थानीय लोगों ने भी सराहा है। प्रशासन का कहना है कि अवैध रेत कारोबार को खत्म करने के लिए आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।  

सफलता की कहानी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा का नया अध्याय,नवसंकल्प शिक्षण संस्थान से सैकड़ों युवाओं के सपनों को मिला पंख

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जशपुर, 20 सितंबर 2024: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की शिक्षा के क्षेत्र में सार्थक पहल ने आदिवासी और विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के जीवन को नई दिशा दी है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन की इस पहल से युवाओं के लिए जशपुर में स्थापित नवसंकल्प शिक्षण संस्थान उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी करवा रहा है, जिसका लाभ अब तक सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उठाया है। संस्थान में पुलिस, शिक्षक, पीएससी, नेट, स्लेट, व्यापम, बैंकिंग, अग्निवीर, और एसएससी जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की जाती है। विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही इस कोचिंग के परिणामस्वरूप अब तक 150 से अधिक छात्र विभिन्न शासकीय सेवाओं में चयनित हो चुके हैं। आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए उम्मीद की किरण जशपुर जिले के बेलडीपा गाँव के रहने वाले नेहरूलाल राम, जिन्होंने एसएससी जीडी में सफलता पाई, बताते हैं कि पहले उन्हें परीक्षा की तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब जशपुर में ही नवसंकल्प संस्थान के माध्यम से निःशुल्क तैयारी की जा सकती है। इसी तरह सोगड़ा के सोनकश्यप प्रधान ने बताया कि उनके परिवार के पास बाहर जाकर कोचिंग कराने का खर्च उठाने की क्षमता नहीं थी, लेकिन संस्थान ने उन्हें एक नई उम्मीद दी है। संस्थान के प्रयास से हो रहा सर्वांगीण विकास संस्थान के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नवसंकल्प शिक्षण संस्थान आवासीय सुविधा के साथ छात्रों को न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराता है, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास का भी ख्याल रखता है। छात्र शैलेश खोसले ने बताया कि यहां नियमित फिजिकल ट्रेनिंग से लेकर साप्ताहिक और मासिक टेस्ट तक की सुविधा दी जाती है, जिससे छात्र शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बन रहे हैं। संस्थान के 22 छात्रों ने एसएससी जीडी की लिखित परीक्षा पास की है, जबकि 2 छात्रों ने अग्निवीर परीक्षा में सफलता पाई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल ने आदिवासी अंचलों में शिक्षा का नया अध्याय लिखा है, जिससे वहां के युवा बेहद खुश हैं और उनका भविष्य अब सुरक्षित नजर आ रहा है।  

कोरवा जनजाति की बेटी बनी लखपति दीदी,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएँ,,,कहा – डबल इंजन की सरकार का मिल रहा बड़ा लाभ

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जशपुर, 18 सितंबर 2024: “डबल इंजन की सरकार का लाभ उन दीदियों को भी मिल रहा है, जो अब लखपति दीदी बन रही हैं। हमारी सरकार सभी बहनों को आत्मनिर्भर बनाने और लखपति दीदी बनाने के लिए काम कर रही है,” यह बात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कही, जब उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति की सुमन्ती बाई की सफलता की सराहना की। सुमन्ती बाई, जो कोरवा जनजाति से आती हैं, आज “लखपति दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। कुछ साल पहले तक उनका जीवन संघर्षों से भरा हुआ था। वह एक साधारण किसान परिवार से थीं और उनकी सालाना आय केवल 38,000 रुपये थी, जो उनके परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी नहीं थी। लेकिन सुमन्ती बाई ने इस स्थिति को बदलने का निश्चय किया और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत कमल स्व सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद सुमन्ती बाई को वित्तीय सहयोग और सरकारी योजनाओं का भरपूर लाभ मिला। उन्हें बिहान योजना के अंतर्गत आरएफ से 15,000 रुपये, सीआईएफ से 60,000 रुपये और बैंक लिंकेज से 1 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इस सहयोग ने सुमन्ती बाई की जिंदगी में एक बड़ा बदलाव लाया। नए आजीविका के साधनों ने बदली जिंदगी समूह से मिली आर्थिक मदद से सुमन्ती बाई ने मिर्च और टमाटर उत्पादन, साथ ही बकरी पालन जैसे विभिन्न आजीविका के साधन अपनाए। आज उनकी सालाना आय 1,80,000 रुपये तक पहुंच चुकी है। मिर्च उत्पादन से उन्हें 80,000 रुपये, टमाटर उत्पादन से 40,000 रुपये, और बकरी पालन से 60,000 रुपये की आय हो रही है। इस तरह सुमन्ती बाई ने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया। सुमन्ती बाई ने कहा  – “स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक बदलाव भी आया है। आज वह अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर रही हैं और अपने परिवार की जीवनशैली में भी सुधार कर पाई हैं।” मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुमन्ती बाई और उन सभी “लखपति दीदियों” को बधाई दी, जिन्होंने अपनी मेहनत और सरकारी योजनाओं के सहयोग से अपने जीवन को बेहतर बनाया है। सरकार का यह उद्देश्य है कि सभी बहनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जाए, ताकि वे भी अपने परिवार और समाज की भलाई के लिए योगदान दे सकें। सुमन्ती बाई की यह सफलता, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) और स्व सहायता समूह के माध्यम से सशक्तिकरण का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।