बड़ी खबर : मवेशी तस्करी की गाड़ियां होंगी सांय-सांय नीलाम,कलेक्टर रवि मित्तल ने 13 वाहनों को राजसात कर नीलामी के दिये आदेश, मवेशी तस्करों में मचा हड़कंप

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  जशपुर 21 अगस्त 2024/ छत्तीसगढ़ से झारखंड की ओर बुचड़खाना के लिए अवैध रूप से परिवहित किए जा रहे 13 मवेशी वाहनों को जब्त कर राजसात की कार्रवाई की गई है। कार्रवाई छत्तीसगढ़ कृषक पशु परीरक्षण अधिनियम 2004 के तहत की गई है। राजसात किए गए वाहन को नियमानुसार नीलामी करने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रक क्रमांक जेएच 01 ईपी 9416 जेयारूल पिता साजिद अंसारी निवासी लोहरदगा (झारखण्ड), पिकअप क्रमांक जेएच 01 ईभी 4710 सूर्यकान्त पिता सुकुल साहू निवासी लातेहार (झारखण्ड), टाटा सूमो क्रमांक जेएच 08 ए 7899 खोरसा केरकेट्टा पिता मसीह चरण निवासी रायडीह (झारखण्ड), पिकअप क्रमांक सीजी 10 ए 5617 महफुज पिता मकसूद आलम निवासी साईटांगरटोली लोदाम (छत्तीसगढ़),पिकअप क्रमांक जेएच 01 एफआर 2481 आलिम साई पिता फिरोज साई निवासी सिसई जिला गुमला (झारखण्ड), पिकअप क्रमांक जेएच 01 ईटी 1547, वाहन स्वामी रईस मिरधा पिता मनिर मिरधा निवासी हण्डरू रांची (झारखण्ड), पिकअप क्रमांक जेएच 01 एफएफ 4925, आरिफ खान पिता सेराज खानडोरण्डा रांची (झारखण्ड), पिकअप क्रमांक जेएच 19 ई 7804 मो अफरोज अंसारी पिता अकबर हुसैन, धावाडीहलेसलीगंज पलामू (झारखण्ड),पिकअप क्रमांक जेएच 03 एल 9806 सुहेल खान पिता दिलजान खान डालटेनगंज पलामू (झारखण्ड),पिकअप क्रमांक जेएच 01 एफई 9799 अजमद अंसारी पिता जाहिर असारी निवासी लोहरदगा (झारखण्ड),पिकअप क्रमांक जेएच 01 एफआर 2481 कुर्बान पिता जैनुल खान निवासी सोसो रांची (झारखण्ड), पिकअप क्रमांकजेएच 01 एफजे 2568 समरन खातून पिता जमीन खान निवासी बरगीडाड़ जिला गुमला (झारखण्ड), पिकअप क्रमांक जेएच 19 ई 7954 अमित भगत पिता विरसेन भगत निवासी महुआडाड़ जिला लातेहार (झारखण्ड) को जब्त कर राजसात की कार्रवाई की गई है।

‘बाल सक्षम अभियान’ मनोरा विकासखंड के इन गांवों में चलाया गया,बच्चों का किया गया चिन्हांकन,कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल के निर्देश पर टीम गांवों में पहुंच रही

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जशपुर जिले में कलेक्टर डॉ रवि मित्तल के निर्देश अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग (मिशन वात्सल्य) द्वारा “बाल सक्षम” अभियान चलाया जा रहा है इस अभियान के तहत बाल श्रमिक, भिक्षावृत्ति, मादक द्रव्यों के शिकार बच्चों के सर्वेक्षण, रेस्क्यू, पुनर्वास, एवं “एक युध्द नशे के विरुद्ध” हेतु दिनाँक 15/07/2024 से 14/08/2024 तक विशेष अभियान संचालित किया गया है।जिसके तहत आज मनोरा विकासखंड के गांवों में जाकर टीम के सदस्यों ने बच्चों का चिन्हांकन किया। टीम की सदस्या कंचन ने बताया कि बाल सक्षम अभियान के तहत हर वह बालक/बालिका जो * सड़क जैसी परिस्थिति में बिना किसी सहयोग के अकेले रहता है। * सड़क जैसी परिस्थितियों में अपने परिवार के साथ रहता है और * दिन में सड़क जैसी परिस्थितियों में और रात को अपने परिवार, जो पास की झुग्गी/ झोपड़ियों में रहते है, के साथ घर में जीवन यापन कर रहा/रही है। उक्त श्रेणी के बच्चे अपनी उत्तरजीविता, भोजन, पानी, वस्त्र, आश्रय एवं संरक्षण हेतु प्रतिदिन विभिन्न प्रकार के संघर्षो एवं चुनौतियों का सामना करते हैं। उपरोक्त के तारतम्य में यह अवश्यक है कि सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें संरक्षण प्रदान किया जाकर उनको शिक्षा एवं अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएगी। साथ ही उनके परिवारों को भी शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाते हुए, उनको प्रशिक्षण एवं रोजगार की व्यवस्था की जाए। इन बच्चों के चिन्हाँकन कर संरक्षण एवं पुनर्वास हेतु राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा जारी SOP अनुसार चरणबद्ध रूप से कर्यवाही की जानी है । इस हेतु आज जशपुर ब्लॉक के मनोरा बस स्टैंड, बाजार डांड, केसरा, भीमसिला, आस्ता, कांताबेल में रेस्क्यू टीम द्वारा जिसमें जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्प लाइन, की संयुक्त टीम शामिल थी के द्वारा सर्वे किया गया। तथा बच्चों का चिन्हाँकन किया गया है।

कलेक्टर रवि मित्तल की पहल पर जिले में शुरू हुआ “बाल सक्षम” अभियान

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जशपुर –  जिले में कलेक्टर डॉ रवि मित्तल के निर्देश अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग (मिशन वात्सल्य) द्वारा “बाल सक्षम” अभियान चलाया जा रहा है इस अभियान के तहत बाल श्रमिक, भिक्षावृत्ति, मादक द्रव्यों के शिकार बच्चों के सर्वेक्षण, रेस्क्यू, पुनर्वास, एवं “एक युध्द नशे के विरुद्ध” हेतु दिनाँक 15/07/2024 से 14/08/2024 तक विशेष अभियान संचालित किया गया है। इसके तहत वे बच्चे जो सड़क जैसी परिस्थिति में बिना किसी सहयोग के अकेले रहते हैं अथवा परिस्थितियों में अपने परिवार के साथ रहते हैं और दिन में सड़क जैसी परिस्थितियों में और रात को अपने परिवार, जो पास की झुग्गी/ झोपड़ियों में रहते है, के साथ घर में रहता है। उक्त श्रेणी के बच्चे अपनी उत्तरजीविता, भोजन, पानी, वस्त्र, आश्रय एवं संरक्षण हेतु प्रतिदिन विभिन्न प्रकार के संघर्षो एवं चुनौतियों का सामना करते हैं।ऐसे में यह अवश्यक है कि सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें संरक्षण प्रदान किया जाकर उनको शिक्षा एवं अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएगी। साथ ही उनके परिवारों को भी शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाते हुए, उनको प्रशिक्षण एवं रोजगार की व्यवस्था की जाएगी। बच्चों का चिन्हाँकन कर संरक्षण एवं पुनर्वास हेतु राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा जारी SOP अनुसार चरणबद्ध रूप से कार्यवाही की जानी है । जिसके लिए जशपुर के डीपाटोली, बस स्टैंड, गढाटोली, बरटोली, बालाछापार, डोडकाचौरा, गम्हरिया में रेस्क्यू टीम द्वारा जिसमें जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्प लाइन, बाल गृह बालक एवं बालिका, तथा पुलिस विभाग की संयुक्त टीम शामिल थी के द्वारा सर्वे किया गया और बच्चों का चिन्हाँकन भी किया गया है।