मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गांव बगिया में शिव भक्ति की बही बयार,तीन दिनों तक हुआ शिव महापुराण का वाचन

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और,,, जशपुर –  बगिया के श्री फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय 51 हजार पार्थिव शिवलिंग, रुद्राभिषेक हवन पूजन के साथ समापन हुआ।इस मौके पर शिव महापुराण की कथा का भी शुक्रवार को विशाल भंडारा के साथ संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय की उपस्थिति में सैकड़ों श्रद्वालुओं ने 51 हजार पार्थिव शिवलिंग बना कर भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चन कर,शिव महापुराण की कथा का श्रवण किया। उल्लेखनिय है कि बगिया के श्रीफलेश्वर नाथ महादेव मंदिर में शिव कथा महापुराण एवं पार्थिव शिवलिंग निर्माण पूजन का आयोजन हर साल किया जाता है। इस साल यह आयोजन बुधवार को भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ था। बीते तीन दिनों से सुप्रसिद्व कथा वाचिका किशोरी राजकुमारी तिवारी शास्त्री की कथा सुनने के लिए श्रद्वालु यहां जुट रहे थे। आयोजन के अंतिम दिन पंडित राधेश्याम मिश्रा,गगन शर्मा,केयूर भूषण तिवारी,आजाद शर्मा,नवीन शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से भगवान महादेव की पूजा संपन्न कराया। कथा वाचिका किशोरी राजकुमारी तिवारी शास्त्री ने श्रद्वालुओं को कथा सुनाते हुए कहा कि पार्थिव शिव लिंग की पूजा कभी खाली नहीं जाती। भगवान महादेव श्रद्वालुओं की मनोकामना अवश्य पूरी करते हैं। उन्होनें कहा कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए दिखावा नहीं,श्रद्वा की जरूरत होती है। हवन और पूजन के बाद विशाल भंडारा का आयोजन किया गया। यहां हजारों श्रद्वालुओं ने भगवान महादेव की प्रसाद ग्रहण किया। शिव महापुराण की कथा का सफलता पूर्वक आयोजन संपन्न होने पर कौशल्या साय ने आयोजन में सहयोग देने वाले कार्यकर्ताओं और श्रद्वालुओं का आभार जताया है।

*उत्कल ब्राह्मण महिला मंडल ने मनाया भव्य सावन मिलन समारोह* *नई पीढ़ी को सांस्कृतिक मूल्यों के बारे में मिली जानकारी*

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**जशपुर/कुनकुरी, 3 अगस्त 2023** – उत्कल ब्राह्मण महिला मंडल द्वारा शनिवार को आयोजित सावन मिलन समारोह एक भव्य और हर्षोल्लासपूर्ण आयोजन के रूप में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाज की महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए और इस आयोजन को विशेष बना दिया। समारोह की शुरुआत समाज की महिलाओं द्वारा प्रस्तुत विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुई। महिलाओं ने सावन के गीतों और पारंपरिक नृत्यों से सबका मन मोह लिया। इस अवसर पर ‘मां के नाम एक पेड़ लगाने’ का संकल्प लेते हुए सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और ‘प्लास्टिक मुक्त कुनकुरी’ का संकल्प भी लिया। समाज की वरिष्ठ महिलाओं को विशेष सम्मान देते हुए उन्हें श्रीफल और सुहाग सामग्री भेंट की गई, साथ ही उनसे सदा सुहागन रहने का आशीर्वाद लिया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ महिलाओं के अनुभवों और समाज के प्रति उनके योगदान को भी याद किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों की उत्साही भागीदारी से आयोजन में नई ऊर्जा का संचार हुआ। सावन मिलन समारोह ने न केवल समाज को एकजुट किया बल्कि हिंदू संस्कृति और परंपराओं को भी सजीव रूप में प्रस्तुत किया। इस भव्य आयोजन ने समाज के बीच भाईचारे और एकजुटता को मजबूत किया और आने वाले समय में समाज सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के संकल्प को दोहराया। समारोह की सफलता के लिए सभी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का सराहनीय योगदान रहा। यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज की प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करता है। ऐसे आयोजनों से समाज में एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत होती है और नई पीढ़ी को अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का सुअवसर मिलता है।