मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लैलूंगा में उरांव करमा महोत्सव में की कई घोषणाएं

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रायगढ़, 14 अक्टूबर 2024 / लैलूंगा में आयोजित उरांव समाज के करमा महोत्सव में आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय विशेष रूप से शामिल हुए। उनका हेलिकॉप्टर कुंजारा हैलीपैड पर लैंड हुआ, जिसके बाद वे सड़क मार्ग से सीधे इंद्रप्रस्थ मिनी स्टेडियम पहुंचे और उरांव समाज को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्टेडियम के जीर्णोद्धार के लिए 40 लाख रुपए, उरांव समाज भवन के निर्माण के लिए 49 लाख रुपए, और बास्केटबॉल स्टेडियम के लिए 20 लाख रुपए की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अन्य विकास कार्य भी जल्द ही पूरे किए जाएंगे। अपने भाषण में मुख्यमंत्री साय ने उरांव जनजाति के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए उनकी संस्कृति और परंपराओं की सराहना की। इस अवसर पर उरांव समाज के नेताओं ने मुख्यमंत्री को रोहतासगढ़ किले की तस्वीर भेंट की, जो उरांव जनजाति के राजा का किला था और जहां से उन्होंने मुगलों के खिलाफ युद्ध किया था। मंच पर हिंदू स्वाभिमानी सूर्य की उपाधि प्राप्त प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया और उरांव समाज के कई प्रमुख नेता उपस्थित थे।  

गिनाबहार में ईसाई उरांव समाज ने करम त्यौहार मनाया,आदिवासी परम्परा से पूजा सम्पन्न

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 जशपुर/कुनकुरी 13 अक्टूबर2024 – आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में इन दिनों करम त्यौहार की धूम मची हुई है।गिनाबहार में निर्माणाधीन उरांव सामाजिक भवन के सामने कुनकुरी क्षेत्र के ईसाई उरांव जनजाति के लोगों ने पवित्र करम त्यौहार मनाया। उरांव समाज के एमेरियुस लकड़ा ने करम त्यौहार के बारे में बताया कि यह उरांव जनजाति के उन युवाओं के लिए खास त्यौहार है जो विवाह योग्य हो गए हैं।करम गाड़ने की विधि बताते हुए कहा कि पहले अखड़ा(नृत्य स्थल) की साफ-सफाई की जाती है,जिसे गोबर से लिपाई कर पूजा के लिए तैयार किया जाता है।इसके बाद उपवास किये हुए कुंवारे युवक-युवतियां जंगल जाते हैं और करम वृक्ष के नीचे इकट्ठा होकर हल्दी पानी छिड़ककर स्थल शुद्धिकरण किया जाता है।फिर कुंवारा युवक करम वृक्ष की डाल काटता है जिसे जमीन में गिरने से पहले ही कुंवारी युवतियां उसे अपने हाथों में ले लेती हैं।इसके बाद विधि-विधान से अखड़ा में करम डाल गाड़ा गया।इसके बाद करम पर्व से जुड़ी कथा कुँड़ुख़ भाषा ( उरांव जनजाति की भाषा) में कही गई। उन्होंने आगे बताया कि दिन भर उपवास रहते हुए करम राजा के चारों ओर नृत्य करते हैं।शाम को उपवास तोड़ने के बाद पाहन करम डाल को उखाड़ते हैं और फिर कुंवारी लड़कियां उन्हें लेकर पास के नदी-तालाब में ले जाकर विसर्जन किया गया। इस आयोजन में ईसाई आदिवासी महासभा के जिलाध्यक्ष वाल्टर कुजूर, उरांव समाज के शिक्षाविद डॉ. किशोर एक्का,अनिमानन्द,हेमंत, रॉबर्ट,दिलीप केरकेट्टा,अलमा सहित बड़ी संख्या में युवक-युवती,महिला-पुरुष शामिल होकर मांदर की थाप पर नृत्य करते दिखे।

सड़क पर अघोरियों का अभ्यंकर प्रदर्शन, खेल मैदान में भव्य आतिशबाजी, मुख्य अतिथि कौशल्या साय ने कहा – रामराज्य का सपना हमारे आपके विष्णु सरकार पूरा कर रहे हैं

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जशपुर/कुनकुरी,13 अक्टूबर 2024 – दशहरा का पर्व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के मुख्य आतिथ्य में भारी आतिशबाजी के साथ मनाया गया।शहर में 4 स्थानों पर मां दुर्गा विराजीं थीं।जिन्हें बड़ी सुंदर झांकियों के साथ तालाब में विसर्जित किया गया। जशपुर जिले के हृदयस्थल कुनकुरी शहर में इस बार नवरात्र पर ऐतिहासिक कार्यक्रम हुए।जिसका आनंद नगरवासियों ने खूब उठाया।सनातन दुर्गा पूजा समिति ने शिव मंदिर प्रांगण में दुर्गा पंडाल सजाया था।जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम,रास गरबा नृत्य का आयोजन किया गया।नवरात्रि के अंतिम दिन आयोजको ने प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया।वहीं माँ दुर्गा की झांकी निकली तो अघोरी रूप में कानपुर से आये कलाकारों का प्रदर्शन देखकर नगरवासी महाकाल की जय जयकार करने लगे।शक्ति की आराधना के दृश्य रोंगटे खड़े कर दे रहे थे। बजरंगनगर दुर्गा पूजा समिति ने शहर के इतिहास में पहली बार माँ गंगा आरती का भव्य आयोजन किया।सप्तमी के दिन विसर्जन तालाब के घाट पर बनारस से आये पुजारियों ने गंगा आरती की,जिसे देखने पूरा शहर उमड़ पड़ा था। हम आपको बता दें कि कुनकुरी खेल maidan में सालों से रावण दहन का आयोजन किया जाता है।जिसमें इस बार 60 फीट का रावण बनाया गया। रावण दहन समिति के अध्यक्ष महेश त्रिपाठी ने बताया कि छाल के कारीगरों ने बड़ा सुंदर रावण बनाया।आतिशबाजी के लिए विशेष तौर पर राऊरकेला से बमबाज बुलाये गए जिनकी आतिशबाजी देखकर दर्शकों को खूब आनंद मिला। खेल मैदान में रावण दहन कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि श्रीमती कौशल्या साय ने अपने संबोधन में कुनकुरी विधानसभा के लोगों को दशहरा पर्व की बधाई दी।उन्होंने लोगों से राम का आचरण जीवन मे उतारने की बात कही।साथ ही नारी शक्ति का सम्मान करने को कहा।साथ ही मुख्यमंत्री बिष्णुदेव साय की ओर से सभी को दशहरा पर्व की बधाई और शुभकामना संदेश दिया। सनातन पूजा समिति के अध्यक्ष संतोष गुप्ता ने बताया कि कुनकुरी धर्मनगरी है।यहां का दशहरा पर्व देखने सभी धर्म-समाज के लोग बड़े उत्साह से आते हैं।इस बार कानपुर से आये कलाकारों ने भगवान शिव के अघोरी रूप में उनकी कई कहानियों को नृत्य नाटिका के माध्यम से दिखाया।बारिश के बावजूद खेल मैदान में लोग भर गए।इसके साथ ही मैदान के चारो ओर हजारों लोग मकानों की छतों पर खड़े होकर कार्यक्रम का भरपूर आनंद उठाया।

विचार : असाध्य को साधने के लिए राम को भी शक्ति साधना का अनुष्ठान करना पड़ा

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असाध्य को साधने के लिए राम को भी शक्ति साधना का अनुष्ठान करना पड़ा और आज हम शक्ति की महत्ता को नकारते जा रहे हैं। रावण अतुल बलशाली और अत्यन्त ज्ञानी पुरुष था… उसके पास साधारण व्यक्तियों की तुलना में दस व्यक्तियों के बराबर बुद्धि थी… परंतु असाधारण बुद्धि होने के उपरांत भी वह विवेकशून्य था! रावण त्रिकालदर्शी महाकाल महादेव का अनन्य भक्त था… जनश्रुति अनुसार रावण जब महादेव की पूजा के कैलाश जाता था तो अहंकारी स्वभाव वश स्वयं शीश नवाकर महादेव को नमन करने के बजाय महादेव को कैलाश सहित उठाकर अपने शीश पर रख लेता था… रावण के अनुसार दोनों बातें एक ही थी… कि चाहें महादेव के चरणों में वह अपना शीश नवाए या महादेव के चरण उठाकर अपने शीश पर धर लें! क्योंकि उसके पास ज्ञान तो बहुत था पर विवेक जिसे हम कॉमनसेंस कहते हैं, नहीं था। क्योंकि जब आप किसी के दरवाजे कुछ मांगने जाते हैं या उससे मात्र मिलने ही जाते हैं तो आपके स्वभाव में मृदुलता और सौम्यता होनी चाहिए… रावण सुरों और वाद्य यंत्रों का कुशल ज्ञाता था इसलिए रावण जब कैलाश के प्रांगण में प्रवेश करता था वो वह नानाप्रकार से महादेव की स्तुति करके महादेव को प्रसन्न करता था… उसकी सारी प्रार्थनाएं ध्वनि और स्वरों पर आधारित थी। आज भी उसकी गायी स्तुतियां पढ़ते, सुनते या गाते समय शरीर में विभिन्न प्रकार की ओज शक्ति और आनंद का भान होता है… लेकिन यह ऊर्जा नकारात्मकता से भरी हुई हैं। रावण की गाई हुई स्तुतियों में रावण का अहंकार और दम्भ स्पष्ट झलकता है। परंतु राम विनीत भाव से अत्यन्त सरल मना होकर करबद्ध निवेदन की भंगिमा में महादेव की स्तुति करते हैं। जिससे प्रसन्न होकर महादेव कहते हैं… “रावण जैसा भी है… परंतु मेरा अनन्य भक्त है.. मैं रावण के विपक्ष में खड़ा नहीं हो सकता इसलिए मैं आपको विजय का आशीर्वाद नहीं दे सकता” अब जिस पक्ष में स्वयं देवों के देव स्वयं महादेव खड़े हो उस पक्ष से जीत पाना कठिन नहीं वरन असम्भव है। तब राम महादेव के कहने पर शक्ति की साधना करते हैं! परंतु शक्ति की विशेषता है कि वह सदैव योग्य पात्र का ही चयन करती हैं। शक्ति महादेव की वामांगी हैं इसलिए राम से उच्चतर पात्र और कौन हो सकता है, जिसके पक्ष में वह खड़ी हों! कोई भी व्यक्ति मात्र एक लोटा जल चढ़ाकर भी महादेव को अपने पक्ष में कर सकता है परन्तु शक्ति बिना योग्यता का परीक्षण किये किसी के पक्ष में नहीं जाती हैं। नौ दिवस के अन्तिम दिवस के शक्ति अनुष्ठान में एक कमलपुष्प कम होने पर कमलनयन राम अपनी आंख निकालकर चढ़ाने का प्रयोजन करते है तभी शक्ति प्रकट होकर उन्हें विजय का आशीर्वाद देती हैं। जिस पक्ष में शक्ति है, स्त्री है वह पक्ष स्वयं ही बहुत बलशाली हो जाता है। शक्ति के समक्ष जब महादेव करबद्ध प्रणाम कर रहे हैं तो शक्ति की महिमा पर संदेह ही नहीं उठता है। लेकिन वर्तमान में पुरुष इतना दंभी है कि वह शक्ति को ही नकार रहा है… या शक्ति को ही प्रताड़ित कर रहा है! अब ऐसी परिस्थितियों में आप कैसे विजय और सफल होगें यह निर्णय आप स्वयं कीजिए! *विजयदशमी की शुभकामनाएं* 🚩 यह विचार मेरे प्रिय भाई अभिषेक बनारसी ने मेरे व्हाट्सएप में भेजा।उनका यह विचार आज के समय मे जब धर्म की मजबूती चारों ओर दिखाई दे रही है लेकिन धर्म जीवनचर्या में नहीं दिखने पर उपजा है। खबर जनपक्ष अपने पाठकों से अपील करता है कि आपके विचार सम्समयिकजनसरोकर से जुड़े हों तो हमें भी अवगत कराएं।हमारे पोर्टल के माध्यम से आपके विचार भी जनमानस तक पहुंचाने का काम करेंगे। 8103015433 पर व्हाट्सएप करें।

*मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विजयादशमी पर्व के अवसर पर किया शस्त्र पूजन*

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रायपुर 12 अक्टूबर 2024// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज विजयादशमी के शुभ अवसर पर अपने निवास कार्यालय में आयोजित शस्त्र पूजन में शामिल हुए। उन्होंने विधि-विधान से शस्त्रों की पूजा की और मां भगवती की आराधना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएं दी। इस दौरान मुख्यमंत्री सचिवालय और मुख्यमंत्री सुरक्षा के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।

बस्तर दशहरा: दन्तेश्वरी माई की डोली जगदलपुर के लिए निकली,मावली परघा के साथ विजयादशमी मनाने लाखों लोग जुटने लगे

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दंतेवाड़ा,12 अक्टूबर 2024 – बस्तर दशहरा, जिसे विश्व का सबसे लंबा और अनोखा दशहरा पर्व माना जाता है।इस महापर्व में मां दंतेश्वरी की डोली और छत्र का विशेष महत्व होता है। माता दंतेश्वरी की डोली शुक्रवार को जगदलपुर के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर आंवराभाटा में परंपरागत विधियों से विशेष पूजा-अर्चना की गई, जिसमें दंतेवाड़ा पुलिस के जवानों ने डोली को सलामी दी। हर वर्ष की तरह इस बार भी डोली के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जो माता के आशीर्वाद के लिए बड़ी श्रद्धा से उपस्थित थे। माता की डोली और छत्र को जगदलपुर तक 10 विशेष स्थानों पर ही पूजा-अर्चना के लिए रोका जाएगा, जहां श्रद्धालु माता के दर्शन-पूजन कर सकेंगे। मंदिर के पुजारी विजेंद्र नाथ जिया के अनुसार, इस वर्ष का आयोजन कुछ खास है, क्योंकि 50 वर्षों में पहली बार डोली नवमी तिथि को प्रस्थान कर रही है। अष्टमी और नवमी की तिथियों के एकसाथ आने के कारण यह बदलाव किया गया है। डोली की यात्रा के दौरान 28 विश्राम स्थलों पर माता का विश्राम होगा, जहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर सकेंगे। इस अवसर पर आंवराभाटा, कारली, हारम पारा, और गीदम सहित अन्य स्थानों पर माता की डोली के स्वागत की भव्य तैयारियां की गई। बस्तर दशहरा में शामिल होने के बाद डोली दंतेवाड़ा लौटेगी, जहां बोधराज देव के लिए उपहार भी लाए जाएंगे। बस्तर दशहरा में माता दंतेश्वरी की डोली की यह परंपरा सदियों पुरानी है, जो सामाजिक और धार्मिक एकता का प्रतीक है। विश्व के सबसे लंबा 75 दिनों तक चलने वाला बस्तर दशहरा के बारे में आपको ज्यादा जानना है तो बस्तर टॉकीज Bastar Talkies यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिये।जिसमें आपको हर वर्ष दशहरे की पूरी खबर देखने को मिलेगी।  

कुनकुरी शहर में निकली ‘लाल चुनरिया यात्रा’,माता के जयकारे से गूँज उठा आकाश

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जशपुर/कुनकुरी,11 अक्टूबर 2024 – कुनकुरी शहर में दुर्गा पूजा की धूम मची हुई है।सुबह बजरंग नगर दुर्गा पूजा उत्सव समिति ने शक्तिस्वरूपा माता-बहनों के साथ भव्य चुनरी यात्रा निकाली। 108 मीटर लंबी माता की लाल चुनरी के निकलते ही पूरे शहर में जय माता दी के गनगनभेदी जयकारे गूँजने लगे। समिति के वरिष्ठ सदस्य राजेश ताम्रकार ने बताया कि चुनरी यात्रा दुर्गा पंडाल से शुरू हुई जो जय स्तम्भ चौक,खेल मैदान,बस स्टेशन,बाजारडांड होते हुए नगर भ्रमण कर वापस माता के दरबार में आकर सम्पन्न हुई।शहर के माता भक्तों,राहगीरों ने चुनरी को प्रणाम किया और लाल चुनरिया वाली माँ भवानी का जयकारा लगाया। इस यात्रा के दौरान कुनकुरी थाना प्रभारी सुनील सिंह के निर्देश पर सुबह 8 बजे से सब-इंस्पेक्टर सन्तोष तिवारी, एएसआई ईश्वर वारले,एएसआई मनोजकुमार साहू, प्रधान आरक्षक रामानुजम पांडेय, आरक्षक नन्दलाल यादव,महिला आरक्षक रीना केरकेट्टा, गीता यादव सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने नेशनल हाइवे,स्टेट हाइवे पर यातायात नियंत्रित करते हुए चुनरी यात्रा को शांतिपूर्वक पूरा कराया। आचार्य राहुल मिश्रा के मार्गदर्शन में  अध्यक्ष कृष्णा साहू,राजेश ताम्रकार,प्रकाश राणा,सह आचार्य अशोक मिश्र,आशीष कंसारी,दिलीप ताम्रकार,गिरधारी कंसारी,रिक्की ठक्कर, विशु, जीवन चटर्जी,रोशन, तेजस्व,अनिल भगत,पारस ताम्रकार,विशाल ,बिट्टू, जोगी,कन्हैया समेत समिति के सभी कार्यकर्ता -पदाधिकारी चुनरी रैली को पूरे उत्साह के साथ सम्पन्न कराने में सक्रिय रहे।

*नारी का सम्मान सनातनी परंपरा है – विष्णुदेव साय* *मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को दुर्गाष्टमी और महानवमी की दी बधाई*

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रायपुर,11 अक्टूबर 2024/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को दुर्गाष्टमी और महानवमी की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर श्री साय ने मां दुर्गा से प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। अपने शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा है कि शक्ति की उपासना का महापर्व नवरात्रि पूरे देश में नौ दिनों तक भक्तिभाव से मनाया जाता है। इस दौरान देवी के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के आठवें दिन माता शक्ति के आठवें स्वरूप माता महागौरी और नवमी पर देवी सिद्धिदात्रि स्वरुप की पूजा अर्चना की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शक्ति का यह पर्व हमें मातृशक्ति की आराधना और सम्मान की प्रेरणा देता है। यह त्यौहार हमें सिखाता है कि नारी का सम्मान हमारी परम्परा और संस्कृति का हिस्सा होने के साथ ही हमारे मूल्यों में रचा बसा है। इन मूल्यों को जीवंत बनाए रखना हम सबकी महती जिम्मेदारी है।

*मुख्यमंत्री ने माता को 108 मीटर लंबी लाल चुनरी भेंटकर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना*

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की अंगार मोती दाई की पूजा-अर्चना* रायपुर, 5 अक्टूबर 2024/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले के प्रसिद्ध अंगार मोती दाई मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने अंगारमोती माता को 108 मीटर लंबी लाल चुनरी भेंट कर उनसे प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या उपस्थित भक्तगण भी मुख्यमंत्री के साथ पूजा-अर्चना में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंगार मोती दाई के प्रति लोगों की अगाध श्रद्धा है। भक्तगण बड़ी श्रद्धा और मनोकामना के साथ दाई के दरबार में आते है। मां अंगारमोती देवी आदिवासी समाज की प्रथम आराध्य देवी है, जो मन्नत के लिए सुविख्यात है। मुख्यमंत्री श्री साय इस मौके पर मंदिर परिसर स्थित मनकेशरी माता, बूढ़ा देव और भंगाराम बाबा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस अवसर कैबिनेट मंत्री  केदार कश्यप,  टंकराम वर्मा, कांकेर सांसद भोजराज नाग, महासमुंद सांसद श्रीमति रूपकुमारी चौधरी, कुरूद विधायक अजय चंद्राकर, कांकेर विधायक आशाराम नेताम सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर जताई खुशी, जशपुर जिले ने राष्ट्रीय पोषण माह में रचा इतिहास,5 लाख से ज्यादा गतिविधियों के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर

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  जशपुरनगर, 28 सितंबर 2024/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में छत्तीसगढ़ के आंगनबाड़ी केंद्रों में राष्ट्रीय पोषण माह के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान में जशपुर जिले ने कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल के मार्गदर्शन में प्रदेश में सबसे अधिक सफलता हासिल की है और पहले स्थान पर पहुंच गया है। जशपुर जिले में अब तक 5 लाख 68 हजार से अधिक गतिविधियों का संचालन किया जा चुका है, जिससे जिले ने प्रदेश भर में अपनी अलग पहचान बनाई है। राष्ट्रीय पोषण माह अभियान: जनआंदोलन के रूप में इस साल 1 से 30 सितंबर तक आयोजित ‘राष्ट्रीय पोषण माह’ का मुख्य उद्देश्य जनसमुदाय तक स्वास्थ्य, पोषण, और स्वच्छता के महत्व को पहुंचाना है। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में इसे जनआंदोलन के रूप में संचालित किया जा रहा है, जिसमें जनप्रतिनिधि, पंचायतीराज संस्थाएं, स्वयंसेवी संस्थाएं, महिला स्व-सहायता समूह, युवा संगठन और अन्य सामाजिक संस्थाएं सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण 2.0 कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता बढ़ाने, स्वच्छता बनाए रखने और कुपोषण की रोकथाम के लिए बड़े पैमाने पर गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल ने जनमानस में सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जशपुर जिला पूरे राज्य में राष्ट्रीय पोषण माह अभियान की सबसे उत्कृष्ट मिसाल पेश कर रहा है। 5 लाख से अधिक गतिविधियों के सफल आयोजन से यह स्पष्ट है कि जिला प्रशासन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, और स्थानीय समुदाय इस जनहितकारी अभियान को सफल बनाने के लिए एकजुट होकर काम कर रहे हैं। कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल ने कहा, “यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह जनआंदोलन है, जिसका उद्देश्य हमारे समाज के सबसे निचले तबके तक पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता का संदेश पहुंचाना है। जशपुर के लोग इस अभियान में पूरी सक्रियता से भाग ले रहे हैं और यही हमारी सफलता की कुंजी है।” इस अभियान में पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधि, महिला मंडल, नेहरू युवा केंद्र, नेशनल कैडेट कोर (NCC), और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) जैसे संगठन भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन सभी की सामूहिक भागीदारी ने इसे और अधिक प्रभावी बनाया है, जिससे जशपुर जिले में अभूतपूर्व परिणाम सामने आए हैं। इस अभियान ने जशपुर जिले में न केवल पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई है, बल्कि स्थानीय समुदायों को एक साथ लाने और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में भी अहम भूमिका निभाई है। इस प्रेरणादायक पहल से प्रदेश के अन्य जिलों को भी सीख मिल रही है और वे भी इसे सफल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।