मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर गांव-गांव पहुंच रहा पोषण रथ, महिलाओं और बच्चों को सिखा रहा है सुपोषण का मंत्र

IMG 20240919 WA0020

जशपुर, 19 सितंबर 2024 – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर पूरे प्रदेश में सुपोषण अभियान जोर पकड़ रहा है। इसी क्रम में, राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जशपुर जिले में गांव-गांव पोषण रथ संचालित किए जा रहे हैं। यह रथ न केवल बच्चों और महिलाओं को स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक जानकारी दे रहा है, बल्कि टीकाकरण, एनीमिया उन्मूलन और सम्पूर्ण पोषण के प्रति जागरूकता भी फैला रहा है। बुधवार को यह पोषण रथ जशपुरनगर के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों जैसे गढ़ाटोली, डीपाटोली, तेलीटोली, चीरबगीचा और बघीमा पहुंचा। यहां, महिलाओं और बच्चों को पौष्टिक आहार, टीकाकरण, एनीमिया के लक्षण और उससे बचने के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों का महत्व, गर्भवती और शिशुवती महिलाओं की देखभाल, और डायरिया से बचने के उपायों को वीडियो के माध्यम से समझाया गया। वजन त्योहार के तहत जागरूकता अभियान पोषण रथ के माध्यम से प्रदेशभर में ‘वजन तिहार’ का आयोजन किया जा रहा है, जो 12 से 23 सितंबर तक चलेगा। इस अभियान में बच्चों के वजन में बढ़ोत्तरी मापी जा रही है, और इसके साथ ही सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है। पोषण रथ अब तक पत्थलगांव, लुडेंग, बागबहार, तपकरा, फरसाबहार, दोकड़ा, कांसाबेल, कुनकुरी, केराडीह, दुलदुला, जशपुर, और लोदाम जैसे क्षेत्रों में पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में यह रथ मनोरा, आस्ता, सन्ना, और बगीचा जैसे क्षेत्रों में भी जाएगा, जहां सुपोषण का संदेश प्रसारित किया जाएगा। सुपोषण चौपाल और अन्य गतिविधियां पोषण माह के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सुपोषण चौपाल, अन्नप्राशन दिवस, परिवार चौपाल, पोषण मेला और व्यंजन प्रदर्शन जैसे आयोजन किए जा रहे हैं। इन आयोजनों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। बच्चों के बीच पोषण के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए स्कूलों में नारा लेखन, निबंध, चित्रकला और दीवार लेखन प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं। गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के लिए खास ध्यान ग्रामीण महिलाओं को 0 से 6 साल के बच्चों और किशोरी बालिकाओं के खान-पान और स्वास्थ्य देखभाल के बारे में विशेष जानकारी दी जा रही है। साथ ही गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार का महत्व समझाया जा रहा है, ताकि वे अपने और अपने बच्चे के स्वास्थ्य को बेहतर बना सकें। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल से प्रदेशभर में बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सरकारी योजनाओं का लाभ हर गांव और कस्बे तक पहुंचाना और लोगों को सुपोषण के महत्व से अवगत कराना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।  

कोरवा जनजाति की बेटी बनी लखपति दीदी,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएँ,,,कहा – डबल इंजन की सरकार का मिल रहा बड़ा लाभ

Picsart 24 09 18 16 17 34 193 1

जशपुर, 18 सितंबर 2024: “डबल इंजन की सरकार का लाभ उन दीदियों को भी मिल रहा है, जो अब लखपति दीदी बन रही हैं। हमारी सरकार सभी बहनों को आत्मनिर्भर बनाने और लखपति दीदी बनाने के लिए काम कर रही है,” यह बात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कही, जब उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति की सुमन्ती बाई की सफलता की सराहना की। सुमन्ती बाई, जो कोरवा जनजाति से आती हैं, आज “लखपति दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। कुछ साल पहले तक उनका जीवन संघर्षों से भरा हुआ था। वह एक साधारण किसान परिवार से थीं और उनकी सालाना आय केवल 38,000 रुपये थी, जो उनके परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी नहीं थी। लेकिन सुमन्ती बाई ने इस स्थिति को बदलने का निश्चय किया और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत कमल स्व सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद सुमन्ती बाई को वित्तीय सहयोग और सरकारी योजनाओं का भरपूर लाभ मिला। उन्हें बिहान योजना के अंतर्गत आरएफ से 15,000 रुपये, सीआईएफ से 60,000 रुपये और बैंक लिंकेज से 1 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इस सहयोग ने सुमन्ती बाई की जिंदगी में एक बड़ा बदलाव लाया। नए आजीविका के साधनों ने बदली जिंदगी समूह से मिली आर्थिक मदद से सुमन्ती बाई ने मिर्च और टमाटर उत्पादन, साथ ही बकरी पालन जैसे विभिन्न आजीविका के साधन अपनाए। आज उनकी सालाना आय 1,80,000 रुपये तक पहुंच चुकी है। मिर्च उत्पादन से उन्हें 80,000 रुपये, टमाटर उत्पादन से 40,000 रुपये, और बकरी पालन से 60,000 रुपये की आय हो रही है। इस तरह सुमन्ती बाई ने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया। सुमन्ती बाई ने कहा  – “स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक बदलाव भी आया है। आज वह अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर रही हैं और अपने परिवार की जीवनशैली में भी सुधार कर पाई हैं।” मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुमन्ती बाई और उन सभी “लखपति दीदियों” को बधाई दी, जिन्होंने अपनी मेहनत और सरकारी योजनाओं के सहयोग से अपने जीवन को बेहतर बनाया है। सरकार का यह उद्देश्य है कि सभी बहनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जाए, ताकि वे भी अपने परिवार और समाज की भलाई के लिए योगदान दे सकें। सुमन्ती बाई की यह सफलता, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) और स्व सहायता समूह के माध्यम से सशक्तिकरण का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।  

*मीनाक्षी शेषाद्रि ने चक्रधर समारोह में शास्त्रीय नृत्य से मोहा मन, 30 साल बाद भारत में किया यादगार प्रदर्शन*

Picsart 24 09 12 07 46 17 183

  *रायगढ़ 12 सितंबर 2024 – चक्रधर समारोह की बीती रात बेहद खास रही, जब दिग्गज अभिनेत्री और नृत्यांगना मीनाक्षी शेषाद्रि ने 30 साल बाद भारत में अपने पहले शास्त्रीय नृत्य प्रदर्शन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रायगढ़ में आयोजित इस प्रतिष्ठित सांस्कृतिक समारोह के मंच पर मीनाक्षी ने भरतनाट्यम और ओडिशी की जादुई प्रस्तुति दी, जिसने सभी का दिल जीत लिया।  नृत्य से की भगवान गणेश की स्तुति अपने प्रदर्शन की शुरुआत मीनाक्षी ने भगवान गणेश की स्तुति, गणेश वंदना के साथ की। उनका हर भाव, हर मुद्रा और ताल से ताल मिलाता कदम दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गहराई और सुंदरता में खोने पर मजबूर कर रहा था। लंबे समय तक भारतीय मंच से दूर रहने के बावजूद मीनाक्षी का प्रदर्शन पूरी तरह से लाजवाब था। हर बार जब उन्होंने मंच पर अपनी कला दिखाई, पूरे सभागार में तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई दी।  30 साल बाद वापसी से चौंकाया मीनाक्षी शेषाद्रि ने 30 साल पहले भारतीय फिल्म और नृत्य जगत को अलविदा कह दिया था, और उसके बाद अमेरिका में अपने परिवार के साथ बस गई थीं। हालांकि, उन्होंने कभी भी नृत्य को खुद से दूर नहीं होने दिया। अमेरिका में भी उन्होंने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की शिक्षा दी और इसे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुत किया। चक्रधर समारोह में उनकी वापसी के बारे में किसी ने यह नहीं सोचा था कि इतने सालों के बाद भी वह अपनी कला में उतनी ही प्रवीण होंगी। लेकिन मीनाक्षी ने अपने प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया और यह साबित किया कि कला और कलाकार कभी पुराने नहीं होते। रायगढ़ के चक्रधर समारोह में मीनाक्षी के प्रदर्शन को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे। हर उम्र के दर्शकों ने उनके नृत्य को बेहद सराहा।जशपुर से पहुंचे दर्शक दिलीप राम ने कहा, “यह एक ऐतिहासिक पल था। मीनाक्षी शेषाद्रि को इतने सालों बाद लाइव देखना और उनका नृत्य देखना एक अविस्मरणीय अनुभव था।”  मीनाक्षी का संदेश प्रदर्शन के बाद मीनाक्षी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “भारत में 30 साल बाद नृत्य करना मेरे लिए बेहद खास है। रायगढ़ के दर्शकों का जो प्यार और समर्थन मिला, उससे मैं अभिभूत हूं। मैं हमेशा से भारतीय शास्त्रीय नृत्य से जुड़ी रही हूं और आगे भी इसे बढ़ावा देने का प्रयास करती रहूंगी।”उन्होंने कोलकाता में हुए दुष्कर्म की घटना पर अपनी फिल्म दामिनी को याद करते हुए कहा कि “हम कब इंसान बनेंगे?हिंसा और अपराध इंसान की कमजोरी है।”उन्होंने फिल्मी दुनिया मे वापसी करने के सवाल पर कहा कि “अभी इंतजार कीजिये।” इस साल के चक्रधर समारोह में मीनाक्षी शेषाद्रि की प्रस्तुति निस्संदेह मुख्य आकर्षण रही। उनके नृत्य ने समारोह की गरिमा को और बढ़ा दिया, और उनके प्रदर्शन को समारोह के इतिहास में एक यादगार पल के रूप में दर्ज किया जाएगा। 60 वर्षीया मीनाक्षी शेषाद्रि की इस शानदार वापसी ने एक बार फिर से साबित किया कि कला की कोई उम्र नहीं होती, और एक सच्चा कलाकार हर समय अपने दर्शकों का दिल जीत सकता है।

*मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने बगिया में मनाया तीज पर्व , पति की लंबी आयु और सुख समृद्धि की ईश्वर से कामना की*

IMG 20240907 WA0026 1

जशपुर 7 सितंबर 24/ तीजा पर्व बगिया में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने शिव पार्वती माता की विधि विधान से पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की ईश्वर कामना की । बगिया में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मिलकर तीज पर्व का उत्साह मनाया. तीज़ पर्व, विशेषकर महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व खासकर महिलाओं के लिए समर्पित है और इसे विभिन्न नामों से मनाया जाता है, जैसे कि हरितालिका तीज, कजरी तीज, और हरितालिका तीज। इस पर्व का महत्व महिलाएं इस दिन विशेष पूजा और व्रत करती हैं। वे अपनी पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व तीज़ पर्व के दौरान महिलाएं परंपरागत परिधान पहनती हैं, झूला झूलती हैं, गाती हैं और नाचती हैं। यह सामाजिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर को बनाए रखने का एक तरीका है। पर्व विशेष रूप से शिव और पार्वती के पूजा का अवसर होता है। इसके माध्यम से महिलाएं धार्मिक आस्था को प्रकट करती हैं और भगवान से आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। महिलाएं एक साथ मिलकर त्योहार मनाती हैं, जो सामाजिक – परिवारिक संबंधों को मजबूत करने में मदद करता है। महिलाओं के तीज़ पर्व न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व भी रखता है।

*सीएम कैम्प ने तीजा पर्व पर महिलाओं को दिलाई अंधेरे से मुक्ति,24 घण्टे के भीतर बदला खराब ट्रांसफार्मर, ग्रामीणों ने जताया आभार*

IMG 20240907 WA0002

  *जशपुर, 7 सितंबर 2024*: मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय जशपुर जिले के लोगों के लिए उम्मीदों का नया केंद्र बनकर उभरा है। यहाँ लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है, जिससे जिले में सकारात्मक माहौल निर्मित हो रहा है। इसी कड़ी में, जिले के कुनकुरी विकासखंड के नारायणपुर ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम चिटकवाईन गंझूटोली में गुरुवार शाम को हुई तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने से ट्रांसफार्मर खराब हो गया, जिससे गाँव में बिजली संकट उत्पन्न हो गया। गाँववासियों ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के निज सहायक को व्हाट्सएप के माध्यम से जानकारी दी। कार्यालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग को निर्देशित किया। बिजली विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और पाया कि ट्रांसफार्मर खराब हो चुका था। इसके तुरंत बाद, 24 घंटे के भीतर शुक्रवार की शाम को ट्रांसफार्मर बदल दिया गया और गाँव की बिजली समस्या का समाधान हो गया। ग्रामीणों में इस त्वरित कार्रवाई से खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनके कैंप कार्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया। तीजा पर्व पर महिलाओं की मदद: हरितालिका तीज के पावन अवसर पर, जब महिलाएं निर्जला व्रत रख रही थीं, बिजली की समस्या ने उनकी कठिनाईयों को बढ़ा दिया था। लेकिन सीएम कैंप कार्यालय ने समय रहते बिजली विभाग को निर्देशित किया कि किसी भी स्थिति में बिजली बहाल की जाए, ताकि त्योहार के दौरान किसी को परेशानी न हो। ट्रांसफार्मर के बदले जाने से महिलाएं भी राहत महसूस कर रही हैं। बिजली विभाग के डीई भगत लगातार बारिश के मौसम में क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं और जहां भी बिजली समस्या सामने आती है, वहां कैंप लगाकर तब तक कार्यवाही करते हैं, जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता। उनकी इस कर्तव्यनिष्ठा के कारण जशपुर के ग्रामीण इलाकों में बिजली समस्या का त्वरित समाधान हो रहा है और लोग अब अंधकार से मुक्ति पा रहे हैं। ग्रामीणों ने जताया आभार: गाँववासियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और सीएम कैंप कार्यालय की सराहना करते हुए कहा कि यह त्वरित और प्रभावी कार्रवाई प्रशासन की जनता के प्रति संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाती है।

*तीजा महिलाओं के संकल्प शक्ति और दृढ़ता का प्रतीक त्यौहार: कौशल्या साय,भाजपा महिला मोर्चा का जिला स्तरीय तीजा महोत्सव संपन्न*

IMG 20240905 WA0050

जशपुर: तीजा सुहागिन महिलाओं का त्यौहार है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रख कर अपने पति और संतान की दीर्घायु की कामना करती है। यह पवित्र त्यौहर भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों का प्रतीक है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय ने उक्त बातें कही। वे शहर के वशिष्ट कम्युनिटी हाल में भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित जिला स्तरीय तीजा महोत्सव को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थी। उन्होनें कहा कि भारत धर्म,संस्कृति और त्यौहारों का देश है। यहां हम सब मिल कर त्यौहार मनाते हैं। त्यौहार का अवसर खुशियां बिखरने का होता है। इससे समाज में उत्साह का संचार होता है। कौशल्या साय ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नेतृत्व वाली भाजपा सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। सांसद राधे श्याम राठिया ने कहा कि तीजा पर्व छत्तीसगढ़ के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। इसे माता और बहने अपने सुहाग की लंबी उम्र की कामना के साथ मनाती है। भाजपा के जिलाध्यक्ष सुनिल गुप्ता ने कहा कि तीाज का पर्व घर से लेकर समाज तक हर्षोल्लास बिखेरता है। कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष शांति भगत एवं महिला मोर्चा अध्यक्ष ममता कश्यप ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव, शहर मण्डल अध्यक्ष संतोष सिंह, डीडीसी राना बरला,अनिता सिंह,पूर्व जनपद अध्यक्ष कमला निराला,अंजू टोप्पो,रेणु विश्वास,गुड़िया यादव,भारती शर्मा,मीना चौहान,सावित्री सिंह,नीतू गुप्ता,सावित्री निकुंज,सुजाता भगत,मुन्नी गुप्ता,प्रतिमा भगत सहित महिला मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

*खेल अलंकरण समारोह में सुश्री एलिजाबेथ बेक को मिला शहीद पंकज विक्रम सम्मान*

IMG 20240831 WA0007

*जशपुरनगर, 30 अगस्त 2024*: राज्य के खेल जगत में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, जशपुर जिले की सायकलिस्ट सुश्री एलिजाबेथ बेक को शहीद पंकज विक्रम सम्मान 2022-23 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें साइक्लिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर दिया गया है। राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित इस राज्य खेल अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों से कुल 502 प्रतिभावान खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया गया और 01 करोड़ 36 लाख रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई। सुश्री एलिजाबेथ बेक, जो जशपुर जिले के बगीचा तहसील के महादेवडांड (दर्रीटोली) गांव की निवासी हैं, 2015 से साइक्लिंग में सक्रिय हैं और अब तक विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 7 मेडल जीत चुकी हैं। उन्होंने पुणे, केरल, कर्नाटक, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा, गुजरात और गोवा जैसी जगहों पर आयोजित नेशनल गेम्स और प्रतियोगिताओं में अपने कौशल का प्रदर्शन किया है। सम्मान प्राप्त करने के बाद, सुश्री बेक ने मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें आगे भी राज्य का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करेगा। उनकी इस उपलब्धि पर जशपुर जिले के कई गणमान्य व्यक्तियों, जैसे जिला हॉकी संघ के अध्यक्ष वाल्टर कुजूर, उपाध्यक्ष संतोष चौधरी, डॉ. पी.सी. कुजूर, नवीन रोशन बेक, ज्योति प्रकाश लकड़ा, डेविड कुजूर, अभय मिंज और प्रेस क्लब जशपुर के उपाध्यक्ष दीपक सिंह, संजीत यादव ने उन्हें बधाई दी। खेल अलंकरण समारोह में 2021-22 और 2022-23 के लिए कुल 97 पुरस्कारग्राही खिलाड़ियों को 76 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई, जबकि पदक विजेता 502 खिलाड़ियों के बैंक खातों में 60.33 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इस अवसर पर शहीद राजीव पांडेय, शहीद कौशल यादव, वीर हनुमान सिंह, शहीद पंकज विक्रम, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्रॉफी सहित विभिन्न पुरस्कार भी प्रदान किए गए। कुल मिलाकर खिलाड़ियों को 01 करोड़ 36 लाख 33 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई।

*कैसा सुशासन? आंगनबाड़ी भर्ती में भ्रष्टाचार साबित होने के बावजूद नहीं हुई कोई कार्यवाही, अब जनजाति सुरक्षा मंच करेगा आंदोलन*

IMG 20240831 WA0004 1

  *जशपुर/सन्ना:* जशपुर जिले में आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया में हुए भ्रष्टाचार के मामले में 9 महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए जनजाति सुरक्षा मंच ने बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में आगामी 1 सितंबर को कल्याण आश्रम के सामुदायिक भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया जा रहा है। इस बैठक में आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। जानकारी के अनुसार, जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक अंतर्गत सन्ना परियोजना में आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया में खुल्लमखुल्ला भ्रष्टाचार हुआ था। यह मामला तब उजागर हुआ जब दो अलग-अलग स्थानों पर फर्जी अंकसूचियां लगाकर अवैध तरीके से नियुक्तियां की गईं। पीड़िताओं ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी प्राप्त कर न्यायालय अपर कलेक्टर में प्रकरण दर्ज किया। जांच के बाद न्यायालय ने पाया कि फर्जी अंकसूचियों का उपयोग कर अधिकारियों ने ये नियुक्तियां की थीं। पीड़िताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय और सन्ना थाने में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन 9 महीने बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके बाद पीड़िताओं ने जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मंत्री गणेश राम भगत से संपर्क किया। भगत के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन ने पीड़िताओं को नियुक्ति आदेश तो जारी कर दिया, लेकिन भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जनजाति सुरक्षा मंच के कार्यकर्ताओं में इस मामले को लेकर गहरी नाराजगी है। मंच के रडार पर कई उच्च अधिकारी हैं, जिन पर कार्रवाई की मांग की जा रही है। 1 सितंबर की बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी, जिसमें सन्ना में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए जाने की संभावना है।

**जशपुर की बेटी अर्चना बुनकर ने कूडो चैंपियनशिप में जीता कांस्य पदक, नेशनल में बनाई जगह**

IMG 20240829 WA0010 1

जशपुर/मनोरा:छत्तीसगढ़ राज्य के दुर्ग में आयोजित 4th छत्तीसगढ़ स्टेट कूडो ट्रेनिंग सेमिनार एवं 3rd छत्तीसगढ़ स्टेट कूडो टूर्नामेंट 2024-2025 में जशपुर जिले की ग्राम मनोरा की बेटी अर्चना बुनकर ने कांस्य पदक जीतकर अपने जिले का नाम रोशन किया है। यह प्रतियोगिता 20 से 24 अगस्त तक स्वामी विवेकानंद हॉल में आयोजित की गई थी, जिसमें छत्तीसगढ़ के 21 जिलों के महिला और पुरुष खिलाड़ियों ने भाग लिया। अर्चना बुनकर ने सबजूनियर, जूनियर, और सीनियर वर्ग के विभिन्न वजन श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करते हुए इस पदक को हासिल किया। उनकी इस सफलता ने न केवल उनके गांव, बल्कि पूरे जशपुर जिले का मान बढ़ाया है। अब अर्चना गुजरात में होने वाले राष्ट्रीय कूड़ो चैंपियनशिप 2024-25 में हिस्सा लेंगी, जहां वह अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी और अपने राज्य के लिए पदक जीतने का प्रयास करेंगी। बलरामपुर कूड़ो संघ के अध्यक्ष विकास दोहरे, सरगुजा संभाग के सेंसई हेमलाल पनिका, प्रदेश संघ के अध्यक्ष राजा कौशल, और राष्ट्र कूड़ो संघ के हेड कोच सिहान जैस्मिन मकवाना ने अर्चना और अन्य खिलाड़ियों को इस उपलब्धि पर बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। कूड़ो प्रशिक्षक सेंसई विकास दोहरे ने यह जानकारी साझा की और बताया कि अर्चना की मेहनत और समर्पण ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। **कूड़ो खेल के बारे में:** कूड़ो एक मार्शल आर्ट और स्पोर्ट्स डिसिप्लिन है, जो जापान में उत्पन्न हुआ और इसमें कराटे, जूडो, और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स जैसी तकनीकों का समावेश होता है। इस खेल में खिलाड़ी अपनी मानसिक और शारीरिक ताकत के साथ-साथ तकनीकी कौशल का प्रदर्शन करते हैं। कूड़ो का अभ्यास न केवल आत्मरक्षा के लिए किया जाता है, बल्कि यह शरीर और मन की मजबूती को भी बढ़ावा देता है। छत्तीसगढ़ में कूड़ो खेल धीरे-धीरे लोकप्रियता हासिल कर रहा है, और राज्य के कई युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।

**राष्ट्रपति से मुलाकात कर लौटी छात्राओं ने की श्रीमती कौशल्या साय से सौजन्य भेंट,श्रीमती साय ने दी बधाई,शुभकामना**

IMG 20240824 WA0027

  *जशपुर, 25 अगस्त 2024* – राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर लौटीं शासकीय हाईस्कूल बगिया की दो छात्राएं, रजनी चौहान और रिया साय, ने शनिवार को श्रीमती कौशल्या साय से सौजन्य भेंट की। दोनों छात्राएं कक्षा 9 में पढ़ाई कर रही हैं और हाल ही में रक्षाबंधन के अवसर पर सरगुजा संभाग के पांच छात्राओं के साथ राष्ट्रपति से मिली थीं। श्रीमती कौशल्या साय, जो मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी हैं, ने छात्राओं का स्वागत किया और उन्हें उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी। उन्होंने छात्राओं को मेहनत और लगन से पढ़ाई जारी रखने की प्रेरणा दी और कहा कि सच्चे मन से किया गया परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। रजनी और रिया ने श्रीमती साय के साथ अपने दिल्ली यात्रा के अनुभवों को साझा किया, जिसमें राष्ट्रपति से मुलाकात और राजधानी के महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण शामिल था। इस मौके पर शासकीय हाईस्कूल बगिया के प्रिंसिपल,  दिनेश शर्मा भी उपस्थित थे। गौरतलब है कि खेल, संगीत और अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर इन छात्राओं का चयन किया गया था, जिसके अंतर्गत सरगुजा संभाग से पांच छात्राएं राष्ट्रपति से मिलने गईं थीं, जिनमें जशपुर जिले से रजनी और रिया का चयन हुआ था।