वर्ल्ड रिकार्ड: विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक प्रतिकृति शिवलिंग बना मधेश्वर पर्वत,गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड ने सीएम साय को दिया सर्टिफिकेट

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गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएँ जशपुर, 11 दिसंबर 2024: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्थित मधेश्वर पहाड़ को शिवलिंग की विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति के रूप में मान्यता मिलने का ऐतिहासिक गौरव प्राप्त हुआ है। इसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में ‘लार्जेस्ट नेचुरल फैक्सिमिली ऑफ शिवलिंग’ के रूप में दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक क्षण बताते हुए जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के समृद्ध प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का काम करेगी। मुख्यमंत्री को सौंपा गया वर्ल्ड रिकॉर्ड का मान्यता प्रमाणपत्र  गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड के प्रतिनिधि श्रीमती हेमल शर्मा और अमित सोनी ने मुख्यमंत्री श्री साय को वर्ल्ड रिकॉर्ड सर्टिफिकेट सौंपा। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े भी उपस्थित थे। जशपुर जिले को मिली नई पहचान यह उपलब्धि जशपुर जिले के पर्यटन को एक नई ऊंचाई तक ले जाएगी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में जशपुर को प्रसिद्ध पर्यटन वेबसाइट EaseMyTrip.com पर शामिल किया गया था, जिससे यह छत्तीसगढ़ का पहला ऐसा जिला बना जिसने इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त की। अब मधेश्वर पहाड़ को मिली यह मान्यता न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र को और मजबूती देगी बल्कि जशपुर को पर्यटन और रोमांचक खेलों का हब बनाने में भी सहायक होगी। मधेश्वर पहाड़: आस्था और रोमांच का संगम मधेश्वर पहाड़, जशपुर जिले के कुनकुरी ब्लॉक में मयाली गांव से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित है। शिवलिंग के आकार में बनी इसकी प्राकृतिक संरचना इसे अद्वितीय बनाती है। स्थानीय ग्रामीण इसे विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग मानते हैं और यह स्थान धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण 1. धार्मिक महत्व: यहाँ हर साल बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं। विशेष रूप से महाशिवरात्रि और सावन के महीनों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती है। 2. प्राकृतिक सुंदरता: मधेश्वर पहाड़ अपनी नैसर्गिक सुंदरता और शांत वातावरण के कारण प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करता है। 3. एडवेंचर स्पोर्ट्स: पर्वतारोहण और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए यह स्थान तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। जशपुर जिले में इन गतिविधियों के लिए असीम संभावनाएँ मौजूद हैं। जशपुर का बढ़ता पर्यटन महत्व जशपुर को हाल ही में EaseMyTrip.com में शामिल किया गया था, जो जिले की प्राकृतिक खूबसूरती और पर्यटन स्थलों को वैश्विक मंच पर लाने में मदद करेगा। मुख्यमंत्री ने की अपील मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे मधेश्वर पहाड़ जैसे प्राकृतिक धरोहरों का संरक्षण करें और इसे एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जशपुर जिले को छत्तीसगढ़ का पर्यटन गढ़ बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। भविष्य की संभावनाएँ इस उपलब्धि के बाद राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास और पर्यटकों की सुविधा के लिए नई योजनाओं पर काम करने का निर्णय लिया है। मधेश्वर पहाड़ को जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल बनाने की योजना तैयार की जा रही है।  

छत्तीसगढ़ कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक: विकास, रोजगार और खेलों को बढ़ावा देने के कई निर्णय

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रायपुर, 11 दिसंबर 2024 – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के विकास, रोजगार, खेल और आर्थिक सुदृढ़ीकरण से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय निम्नलिखित हैं: द्वितीय अनुपूरक बजट अनुमोदन वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए द्वितीय अनुपूरक अनुमान को मंजूरी दी गई। इसे विधानसभा में प्रस्तुत करने हेतु छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2024 का अनुमोदन किया गया। आदिवासी युवाओं को पुलिस भर्ती में राहत अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं के लिए पुलिस भर्ती में ऊंचाई और सीने के मापदंडों में एक बार के लिए छूट प्रदान की गई। वर्ष 2024 की सीधी भर्ती प्रक्रिया में इन मापदंडों को कम करते हुए रोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया गया। विधेयकों का अनुमोदन कैबिनेट ने विभिन्न विधेयकों को मंजूरी दी, जिनमें छत्तीसगढ़ विधानसभा सदस्य वेतन, भत्ता तथा पेंशन (संशोधन) विधेयक, भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक, और छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक शामिल हैं। डेयरी उद्यमिता को बढ़ावा प्रदेश में डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन देने हेतु राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर का निर्णय लिया गया। यह कदम दुग्ध उत्पादन लागत घटाने और किसानों को सुदृढ़ विपणन व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए उठाया गया है। खेल संस्कृति को बढ़ावा खेलों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खेल क्लबों की स्थापना, पारंपरिक खेलों का पुनर्जीवन, और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। वाहनों पर रोड टैक्स में छूट रायपुर में 15 जनवरी से 15 फरवरी 2025 तक आयोजित ऑटो एक्सपो के दौरान वाहनों पर 50% रोड टैक्स की छूट दी जाएगी। इस निर्णय से ऑटोमोबाइल सेक्टर में वृद्धि की उम्मीद है। धान उपार्जन और कस्टम मिलिंग खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के निपटान के लिए नीलामी का प्रावधान किया गया है। साथ ही फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाओं का अनुमोदन किया गया। नवाचार और प्रशासनिक सुधार पंचायत राज अधिनियम और नगर पालिका अधिनियमों में संशोधन के विधेयकों को मंजूरी दी गई। जीएसटी संशोधन विधेयक को भी मंजूरी मिली, जिससे कर प्रणाली में सुधार होगा। आर्थिक प्रोत्साहन राईस मिलों को लंबित प्रोत्साहन राशि का वितरण प्रारंभ करने और कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर ₹80 करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “आज के फैसले प्रदेश के विकास, रोजगार सृजन और खेल संस्कृति को सशक्त बनाएंगे। ये कदम छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।”  

बड़ी खबर : लव ट्राइएंगल के चक्कर में आउट हाऊस में हुई मौत,प्रेमी समेत दो गिरफ्तार,जांच जारी

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जशपुर – 5 माह पहले अपने जीजा के घर से गायब हुई नाबालिग बच्ची का शव कुनकुरी थाना इलाके के महुआटोली गांव के खेत में मिली है।एसपी शशिमोहन सिंह ने घटना का कारण त्रिकोणीय प्रेम से उपजे विवाद को बताया है जिसमें नाबालिग द्वारा प्रेमी के आउट हाउस में खुदकुशी करने के बाद लाश को प्रेमी ने दो रिश्तेदारों के साथ मिलकर अपने ही खेत मे दफना दिया।जिसका खुलासा प्रेमी हेमंत प्रधान ने पुलिस के समक्ष किया है। दरअसल, घटना 6 अगस्त 2024 की है जब दुलदुला थाना क्षेत्र के 5 अगस्त को एक गांव में नाबालिग बच्ची अपने जीजा के घर आई हुई थी जो दूसरे दिन रात को अचानक गायब हो गई।बाद में फोन करने पर बालिका ने अपनी सहेली के यहां होना बताई।जिसके बाद घरवालों की चिंता खत्म हो गई। लेकिन इधर जैसा कि पुलिस ने बताया, लाश को ठिकाने लगाने वाला मुख्य आरोपी हेमंत प्रधान का 16 वर्षीय नाबालिग बालिका से प्रेम सम्बन्ध था।जिसे वह लेकर अपने खेत के पास आउट हाउस में रखा था।इसी दौरान प्रेमी के मोबाइल से किसी और लड़की से बातचीत होना देखकर मृतिका ने विवाद किया और दूसरी प्रेमिका को भी बुला लिया।इसको लेकर मृतिका काफी नाराज हुई और आउट हाउस में फांसी लगा ली।जब प्रेमी कमरे में आया तो शव लटकते देखकर अपने बड़े भाई नितेश प्रधान और चाचा सचनन्दन प्रधान को बताया।फिर तीनों ने मिलकर सौ मीटर दूर अपने खेत मे दफना दिया और उसके ऊपर धान की रोपाई कर दी।घटना के दूसरे दिन आरोपी हैदराबाद चला गया।   इधर जब एक माह बीतने के बाद बालिका घर नहीं लौटी तो परिजनों ने सितंबर माह में दुलदुला थाने में बच्ची के अपहरण का एफआईआर दर्ज कराया।एसपी शशिमोहन सिंह ने घटना की गम्भीरता को देखते हुए तत्काल एक टीम गठित कर मामले की छानबीन करने के निर्देश दिए।विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि अपहृत बालिका का प्रेम प्रसंग कुनकुरी थाना क्षेत्र के महुआटोली गांव के युवक हेमंत प्रधान से चल रहा था।जिसकी पता-तलाश में उसका पता हैदराबाद में होना बताया गया।जिसे जशपुर पुलिस की टीम बड़ी मशक्कत के बाद हैदराबाद से लेकर आई।   आरोपी और सहआरोपियों की निशानदेही पर खेत मे दफन शव का विधिवत उत्खनन कराया गया।शव की शिनाख्ती मृतिका की माँ ने की है।मौके पर फोरेंसिक एक्सपर्ट व डॉक्टरों की टीम पहुंची हुई है।इस सनसनीखेज मामले की जाँच जारी है।घटनास्थल पर एसपी शशिमोहन सिंह,डीएसपी चंद्रशेखर परमा,एसडीओपी कुनकुरी विनोद कुमार मंडावी,थाना प्रभारी दुलदुला कृष्णा साहू,कुनकुरी सुनील सिंह ,हेड कांस्टेबल निर्मल बड़ा, मोहन बंजारे,छविकान्त पैंकरा,आरक्षक नन्दलाल यादव,गणेश यादव कार्रवाई में जुटे हुए हैं।  

जशपुर बना EASEMYTRIP पर शामिल होने वाला पहला जिला, पर्यटन विकास को मिली नई पहचान

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जशपुर, 8 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जशपुर को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिली है। जशपुर, www.easemytrip.com पर शामिल होने वाला छत्तीसगढ़ का पहला जिला बन गया है। इस पहल से पर्यटक अब जशपुर की यात्रा के लिए ऑनलाइन जानकारी प्राप्त कर बुकिंग कर सकते हैं। पर्यटन की खासियतें: जशपुर अपनी हरी-भरी वादियों, चाय बागानों, और समृद्ध आदिवासी संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहां पर्यटक रॉक क्लाइम्बिंग, आदिवासी परंपराओं का अनुभव, और स्थानीय व्यंजन का आनंद ले सकते हैं। प्रमुख स्थलों में दमेरा, देशदेखा, चाय बगान, रानीदाह, कैलाश गुफा, एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च, और मयाली नेचर कैंप शामिल हैं। कैसे पहुंचें: रांची या झारसुगुड़ा के माध्यम से सड़क, ट्रेन या हवाई यात्रा से जशपुर आसानी से पहुंचा जा सकता है। ठहरने के लिए सरना एथनिक रिज़ॉर्ट और स्थानीय होटलों की सुविधा उपलब्ध है। जिला प्रशासन ने जशपुर को पर्यटन का केंद्र बनाने के लिए अनेक गतिविधियां आयोजित की हैं। यहां का शांत वातावरण, प्राकृतिक सौंदर्य, और सांस्कृतिक विविधता पर्यटकों को सुकून का अनुभव प्रदान करता है।  

धान खरीदी पर भ्रम फैलाने वालों को मुख्यमंत्री साय की सीधी चेतावनी

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रायपुर, 23 नवंबर 2024: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धान खरीदी को लेकर भ्रम फैलाने वालों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को इस विषय में किसी प्रकार की शंका या भ्रम नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, “धान खरीदी प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों के हितों की रक्षा के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर रही है। यदि कोई इस संबंध में भ्रम फैलाने का प्रयास करेगा, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।” धान खरीदी अभियान के अंतर्गत किसानों को सहूलियत प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने उपार्जन केंद्रों पर माईक्रोएटीएम के माध्यम से 2000 से 10,000 रुपये तक की राशि निकालने की सुविधा दी है। इससे किसानों को परिवहन और मजदूरी का भुगतान करने में आसानी होगी। धान खरीदी अभियान 14 नवंबर से शुरू होकर 31 जनवरी 2025 तक चलेगा। इस वर्ष कुल 27.68 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल हैं। राज्य के 2739 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान प्रदेश के किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक है। उन्होंने सभी किसानों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और धान खरीदी प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लें। धान खरीदी पर किसी भी प्रकार की राजनीति या गलत जानकारी को सहन नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय के इस स्पष्ट संदेश ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि सरकार किसानों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।  

सीएम साय कल बागबहार में : 33 वें ओपन चैलेंज ट्रॉफी फूटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में होंगे शामिल

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जशपुर 23 नवम्बर 24// मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 24 नवम्बर को पत्थलगांव विकास खंड के बागबहार में दोपहर 2 बजे ओपन चैलेंज ट्रॉफी फूटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल होंगे और फूटबॉल खिलाड़ियों का उत्साह वर्धन करते हुए विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करेंगे उल्लेखनीय है कि बागबहार में हर वर्ष युवा क्रीड़ा क्लब एवं बागबहार के ग्रामवासियों द्वारा फूटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। बागबहार में 33 वर्ष से फूटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 23 अक्टूबर से 24 नवम्बर 24 तक मिनी स्टेडियम बागबहार आयोजित की गई है। लगभग 1 माह तक प्रतियोगिता चली इसमें छत्तीसगढ़, झारखंड और उड़ीसा के लगभग 600 खिलाड़ी और कोच शामिल हुए हैं।

संघर्ष की मिट्टी से खिली रितिका: बैडमिंटन रैकेट ने बदली तकदीर, मुख्यमंत्री साय ने वीडियो कॉल कर दी शाबासी

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रायपुर, 17 नवंबर 2024: संघर्ष और समर्पण की कहानी धमतरी की रितिका ध्रुव की है, जिसने बैडमिंटन के प्रति अपने जुनून से न सिर्फ अपनी पहचान बनाई, बल्कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सीधे संवाद करने का मौका भी पाया। वीडियो कॉल पर मुख्यमंत्री ने न केवल रितिका के जज़्बे को सराहा, बल्कि उसकी हर संभव मदद का वादा कर छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को प्रेरित करने की मिसाल पेश की। खेल के प्रति जुनून ने रचा इतिहास मजदूर पिता और आंगनबाड़ी सहायिका मां की बेटी रितिका ने कभी नहीं सोचा था कि उसकी मेहनत और लगन एक दिन उसे मुख्यमंत्री के सामने ला खड़ा करेगी। बचपन से ही बैडमिंटन के खेल में रुचि रखने वाली रितिका ने संसाधनों की कमी के बावजूद अपनी इच्छाशक्ति से वह मुकाम हासिल किया, जिसे पाना कई के लिए सपना बनकर रह जाता है। रितिका ने मुख्यमंत्री से बताया कि उसने बेंगलुरु में खेलो-इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स और ओडिशा में नेशनल टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। उसकी तमन्ना है कि वह ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीते। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस सपने को साकार करने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री का स्नेह और समर्थन वीडियो कॉल पर मुख्यमंत्री ने रितिका से आत्मीयता से बातचीत की। उन्होंने न सिर्फ उसकी खेल प्रतिभा को सराहा, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि उसे बैडमिंटन में आगे बढ़ने के लिए राज्य सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “खूब आगे बढ़िए, अपने माता-पिता और प्रदेश का नाम रोशन कीजिए। छत्तीसगढ़ सरकार आपकी हर जरूरत में आपके साथ खड़ी है।” खेल और शिक्षा दोनों में मिसाल रितिका केवल एक होनहार खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि एक समर्पित छात्रा भी है। वह वर्तमान में बीए अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही है। मुख्यमंत्री ने उसे खेल के साथ पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान देने की सलाह दी और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। रितिका का कहना है कि मुख्यमंत्री से हुई बातचीत ने उसकी हिम्मत को नया पंख दिया है। खेल प्रतिभाओं को पंख दे रहे मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री श्री साय लगातार प्रयासरत हैं। हाल ही में उन्होंने पर्वतारोही निशा को किलिमंजारो पर्वत फतह करने के लिए मदद का वादा किया था। अब रितिका के संघर्ष और लगन को देखकर उन्होंने उसकी हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है। संघर्ष की कहानी, सफलता की उड़ान रितिका की यह कहानी बताती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन हों, जज़्बा और मेहनत हर मुश्किल को पार कर सकते हैं। मुख्यमंत्री से हुए संवाद ने रितिका को न केवल प्रेरित किया, बल्कि यह भी दिखाया कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को अब वह समर्थन मिल रहा है, जिसकी उन्हें दरकार थी। रितिका ध्रुव जैसी प्रतिभाएं न केवल राज्य का गौरव हैं, बल्कि उनके संघर्ष और सफलता की कहानी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी।  

जशपुर: कुसमी से गायब महिला और दो बच्चों के कंकाल मिलने के बाद परिवार ने किया अंतिम संस्कार, दोषियों को फांसी देने की मांग

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जशपुर,16 नवम्बर 2024 // बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र में सितंबर माह में गायब हुई महिला कौशल्या ठाकुर और उनके दो बच्चों के कंकाल मिलने के बाद आज मृतिका के मायकेवालों ने जशपुर जिले के गांव बंदरचुवां में उनका अंतिम संस्कार किया। घटना को लेकर परिजनों और सर्व नाई समाज ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और कुसमी थाना प्रभारी को बर्खास्त करने की मांग की है। गायब होने की घटना और पुलिस पर लापरवाही का आरोप 27 सितंबर को जितिया पर्व के अगले दिन, कौशल्या ठाकुर अपने पति को बाजार जाने की बात कहकर दोनों बच्चों के साथ घर से निकली थीं। जाते समय उन्होंने अपने पति से कहा था कि देर हो सकती है, इसलिए चूल्हा जला देना। इसके बाद वह घर नहीं लौटीं। कौशल्या के पति सूरजदेव ठाकुर ने बताया, “हमने दो दिन इंतजार किया और फिर मायकेवालों के साथ कुसमी थाने में सूचना दी। लेकिन थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और 1 अक्टूबर तक गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। 5 अक्टूबर को दोबारा जाने पर रिपोर्ट दर्ज हुई। हमने संदिग्धों के नाम और अंतिम लोकेशन के बारे में भी पुलिस को जानकारी दी, लेकिन जांच में काफी देरी की गई। अब जाकर उनकी हत्या की पुष्टि हुई है।” सर्व नाई समाज की नाराजगी इस हत्याकांड से नाई समाज में भारी रोष है। सर्व नाई समाज के जिला अध्यक्ष उमाशंकर ठाकुर ने दोषियों को फांसी देने की मांग की। उन्होंने कहा, “मृतिका के परिवार को न्याय दिलाना जरूरी है। सरकार को मृतिका की इकलौती बची बेटी के भविष्य की चिंता करनी चाहिए।” सर्व नाई समाज के विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष अर्जुन ठाकुर ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा, “जब महिला और बच्चे गायब हुए थे, तब केवल गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करना और मामले को हल्के में लेना गंभीर लापरवाही है। पुलिस को इस मामले में सक्रिय होकर पहले ही कार्रवाई करनी चाहिए थी।” मामले में दो संदिग्ध गिरफ्तार परिजनों ने बताया कि बलरामपुर पुलिस ने हत्याकांड में शामिल दो लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, घटना का विस्तृत खुलासा अभी बाकी है। मृतिका के भांजे बिट्टू श्रीवास ने कहा, “पुलिस की लापरवाही की वजह से हमने अपनी बुआ और उनके बच्चों को खो दिया। हम दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग करते हैं।” परिजनों की मांग परिजनों और नाई समाज ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से अपील की है कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी दोषियों को फांसी की सजा दी जाए और लापरवाह थाना प्रभारी को तुरंत बर्खास्त किया जाए। अपनों का दर्द कुछ यूँ छलका –  सूरजदेव ठाकुर, मृतिका के पति: “कौशल्या और बच्चों के गायब होने के बाद हमने पुलिस को जानकारी दी थी। लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अगर समय पर कार्रवाई होती, तो शायद आज वे हमारे साथ होते।”  उमाशंकर ठाकुर, जिलाध्यक्ष सर्व नाई समाज: “यह घटना न सिर्फ परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए दुखद है। दोषियों को फांसी दी जानी चाहिए और परिवार की आर्थिक मदद होनी चाहिए।” अर्जुन ठाकुर, प्रदेश उपाध्यक्ष, विधि प्रकोष्ठ, सर्व नाई समाज: “पुलिस ने शुरू से ही इस मामले में लापरवाही दिखाई। ऐसे अधिकारियों को बर्खास्त किया जाना चाहिए।” बिट्टू श्रीवास, मृतिका का भांजा: “हम चाहते हैं कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले और यह सुनिश्चित हो कि भविष्य में ऐसा किसी और परिवार के साथ ऐसा बुरा न हो।”  

राष्ट्रीय प्रेस दिवस: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रेस की भूमिका को बताया लोकतंत्र की आधारशिला,दी शुभकामनाएं

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रायपुर, 16 नवंबर 2024 – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर मीडिया से जुड़े सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर प्रेस और पत्रकारिता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमारे लोकतंत्र की विशेषता और आधारशिला है। मुख्यमंत्री ने कहा, “निष्पक्ष प्रेस और निर्भीक पत्रकारिता स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आवश्यक हैं। मीडिया न केवल नागरिकों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करता है, बल्कि देश और समाज के हित में जनमत तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाता है।” राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर श्री साय ने भारतीय प्रेस की स्वतंत्रता और निष्पक्षता के महत्व को याद करते हुए कहा कि यह दिन हमारे जैसे जीवंत लोकतंत्र में प्रेस के योगदान को सम्मान देने का अवसर है। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से लोकतंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में हम सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विश्वास जताया कि मीडिया अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए देश को प्रगति के पथ पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। राष्ट्रीय प्रेस दिवस हर वर्ष 16 नवंबर को मनाया जाता है, जो प्रेस की स्वतंत्रता और समाज में उसके योगदान को रेखांकित करने का अवसर प्रदान करता है।  

मुख्यमंत्री साय का फोन बना निशा के सपनों का सहारा, किलिमंजारो पर फहरेगा छत्तीसगढ़ से तिरंगा

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रायपुर, 15 नवंबर 2024 // आज सुबह बिलासपुर की निशा यादव के जीवन में एक ऐसा पल आया, जिसने उनके सपनों को नई उड़ान दी। अलसुबह, जब उनका फोन बजा और दूसरी तरफ से एक सौम्य आवाज सुनाई दी, तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ। आवाज आई, “बेटा, मैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोल रहा हूं। तुम्हें किलिमंजारो पर तिरंगा फहराने जाना है, और तुम्हें पैसों की कोई चिंता नहीं करनी है।” पहले तो निशा को लगा कि कोई मजाक कर रहा है। संकोच के साथ उन्होंने पूछा, “क्या आप सच में मुख्यमंत्री बोल रहे हैं?” लेकिन जब मुख्यमंत्री ने निशा के सपने और उनकी पर्वतारोहण यात्रा के बारे में विस्तार से चर्चा की, तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। “आपने मेरे सारे डर दूर कर दिए” निशा, जो एक साधारण परिवार से आती हैं, ने बताया कि उनके पिता एक ऑटो चालक हैं। पर्वतारोहण जैसे महंगे शौक को पूरा करना उनके परिवार के लिए मुश्किल था। निशा ने भावुक होकर कहा, “मुख्यमंत्री जी, मैं कई दिनों से सो नहीं पा रही थी। मेरे सपने को पूरा करने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था। आज आपने मेरी सारी चिंताओं को दूर कर दिया। मैं आपको तहे दिल से धन्यवाद देती हूं।” निशा ने मुख्यमंत्री को यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस पर अपनी चढ़ाई और वहां तिरंगा फहराने के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि पर्वतारोहण न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक मजबूती की भी परीक्षा लेता है। अब उनका अगला सपना अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो को फतह करना है, और इसके बाद वे माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराना चाहती हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निशा के जज्बे की तारीफ करते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ को अपनी बेटियों पर गर्व है। आपका आत्मविश्वास और जुनून आपको आपके लक्ष्य तक जरूर पहुंचाएगा। हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ की बेटी माउंट एवरेस्ट पर भी तिरंगा फहराए। आर्थिक तंगी कभी किसी के हौसले को रोक नहीं सकती। हमारी सरकार आपके साथ है।” मुख्यमंत्री के इस स्नेह और समर्थन से निशा का उत्साह दोगुना हो गया। उन्होंने कहा कि अब वे और भी ज्यादा मेहनत करेंगी और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगी। निशा की कहानी न केवल उनके जैसे युवाओं के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह भी साबित करती है कि जब सरकार और नेतृत्व का सहयोग मिलता है, तो कोई भी सपना असंभव नहीं रहता। जल्द ही निशा तिरंगे के साथ किलिमंजारो की ऊंचाइयों को छूने की तैयारी शुरू करेंगी। छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पल न केवल निशा के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण होगा।