धान खरीदी: 734 बोरी अवैध धान से भरा ट्रक जब्त, कलेक्टर के निर्देश पर सख्त कार्रवाई

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छत्तीसगढ़ में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान देश मे सबसे ज्यादा कीमत 3100 ₹ प्रति क्विंटल धान खरीदने वाली भाजपा सरकार में बिचौलिए-किसान और फड़ प्रभारियों की सांठगांठ जारी है।धान खरीदी शुरू होने के बाद धान परिवहन का मामला पकड़ा जाना इसका प्रमाण है। कबीरधाम,15 नवम्बर 2024 – जिले में धान खरीदी के दौरान अवैध धान परिवहन पर सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश पर एक संयुक्त टीम ने पंडरिया ब्लॉक के ग्राम रहमान काँपा के लघुवनोपजन नाके पर एक ट्रक (क्रमांक सीजी 16 सी एल 1676) को जब्त किया, जिसमें 314 क्विंटल (734 बोरी) अवैध धान लदा हुआ था। यह धान मध्य प्रदेश से लाकर कबीरधाम के राजनांदगांव में खपाने की तैयारी थी, जिससे अंतराज्यीय धान परिवहन का मामला सामने आया है। कबीरधाम जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू हो गई है, और इसे अवैध रूप से खपाए जाने की संभावनाओं को देखते हुए कड़ी निगरानी की जा रही है। कलेक्टर वर्मा ने इस सख्ती के निर्देश दिए हैं ताकि जिले में किसानों का धान सही और उचित मूल्य पर बिक सके। जब्त किए गए अवैध धान को आगामी आदेश तक मंडी परिसर कृषि उपज मंडी, पंडरिया में सुरक्षित रखा गया है। कबीरधाम में समर्थन मूल्य पर खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए धान खरीदी आरंभ हो चुकी है। पहले दिन 94 केंद्रों पर 1189 किसानों को टोकन जारी कर 56,520 क्विंटल धान खरीदा गया। 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से इस बार धान खरीदी हो रही है। जिले के 108 धान खरीदी केंद्रों पर कुल 1,24,787 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है, जिनके पास 1,24,411 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल है। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जिले में अवैध धान परिवहन और भंडारण पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं ताकि किसानों को उनके मेहनत का सही लाभ मिल सके और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके।  

प्रकाश पर्व पर हम सभी प्रेम,सद्भाव और सेवाभाव का संकल्प लें – विष्णुदेव साय

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*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को गुरुनानक देव जयंती ‘प्रकाश पर्व’ की दी बधाई* रायपुर 14 नवंबर 2024/मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने गुरुनानक देव की जयंती पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को विशेषकर सिख समुदाय के लोगों को गुरू नानक जयंती की बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरू नानकदेव की जयंती को गुरूपरब और प्रकाश पर्व के रूप में उल्लास के साथ मनाया जाता है। गुरूनानक देव जी ने विश्व को प्रेम, एकता, समानता और भाईचारे का संदेश दिया है। गुरु नानक देव जी के उपदेश हम सभी को प्रेम और सद्भाव के साथ सेवाभाव से जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हैं।

*मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशव्यापी धान खरीदी महापर्व का किया शुभारंभ,किसानों ने भांठागांव (बी) खरीदी केन्द्र में बेचा अपना धान*

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*सहकारी बैंक मोहंदीपाट की नवनिर्मित भवन का किया लोकार्पण* रायपुर, 15 नवम्बर 2024/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 14 नवम्बर को छत्तीसगढ़ राज्य में समर्थन मूल्य पर किसानों से प्रदेशव्यापी धान खरीदी महापर्व का शुभारंभ बालोद जिले के भांठागांव (बी) धान खरीदी केन्द्र से किया। इसी के साथ राज्य में किसानों से धान खरीदी की शुरूआत हो गई है, जो 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने भांठागांव (बी) उपार्जन केन्द्र पहुंचने के बाद इलेक्ट्रॉनिक तौल एवं अन्य यंत्रों का पूजन और वहां उपस्थित किसानों को माला पहना कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने किसान भाईयों को धान खरीदी महापर्व के शुभारंभ की बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में ग्राम भांठागांव के किसान भागबली ने कुल 148 क्विंटल और  हरिराम ने 65 क्विंटल 20 किलो धान की बिक्री की। मुख्यमंत्री के सामने अपने धान की बिक्री होते देख किसान भागबली और हरिराम बहुत ही खुश नजर आ रहे थे। उक्त उपार्जन केन्द्र में 14 नवम्बर को धान खरीदी हेतु कुल 06 किसानों का टोकन काटा गया है। इस अवसर पर सीएम साय ने गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम मोहंदीपाट में 30 लाख रूपये की लागत से नवनिर्मित जिला सेवा सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा मर्यादित दुर्ग के नवीन शाखा भवन का लोकार्पण भी किया।उन्होंने इससे पूर्व छत्तीसगढ़ महतारी के तैल चित्र पर माल्यार्पण करते हुए शहीद बिरसा मुंडा एवं गहिरा गुरु के तैल चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य में पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 31 जनवरी 2025 तक होगी। किसानों को उनके द्वारा बेचे गए धान के एवज में राज्य शासन द्वारा 72 घंटे भीतर उनके बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। राज्य में धान खरीदी के लिए 2,739 स्थापित किए गए हैं। इस साल धान बेचने के लिए 27,01,109 पंजीकृत किसानों द्वारा बोये गए धान का कुल रकबा 34,51,729 हेक्टेयर है। पंजीकृत किसानों में 1,35,891 नये किसान हैं। कार्यक्रम में सांसद भोजराज नाग, विधायक  कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सोनादेवी देशलहरा, पूर्व विधायक बीरेंद्र साहू एवं राजेंद्र राय, कंवर समाज के प्रदेश अध्यक्ष हरबंश मिरी, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि पवन साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देवलाल ठाकुर, कंवर समाज के जिला अध्यक्ष केश कुमार ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधियो एवं विभिन्न समाज के पदाधिकारी, किसान एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

बड़ी खबर : जमीन डायवर्सन करने के लिए रिश्वत लेते एसडीएम गिरफ्तार,एसीबी की कार्रवाई में ये भी गया जेल

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विष्णु के सुशासन में भ्रष्टाचार का खेल बर्दाश्त नहीं,बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप बेमेतरा, 14 नवम्बर 2024 – बेमेतरा जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) रायपुर की टीम ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए साजा के एसडीएम और डिप्टी कलेक्टर टेकराम माहेश्वरी को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इस मामले में एक होम गार्ड सिपाही गौकरण सिंह बघेल को भी गिरफ्तार किया गया है, जो पीड़ित और एसडीएम के बीच मीडियेटर की भूमिका निभा रहा था। क्या है पूरा मामला? जानकारी के मुताबिक, दिव्यांग युवक तुकाराम पटेल, जो ग्राम भठगांव, तहसील देवकर का निवासी है, ने एसीबी रायपुर में शिकायत की थी। शिकायत में उसने बताया कि उसने अपनी माता के नाम पर नगर पंचायत परपोड़ी में स्थित भूमि के डायवर्सन अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के लिए साजा एसडीएम कार्यालय में आवेदन किया था। इस प्रक्रिया के लिए एसडीएम टेकराम माहेश्वरी ने एक लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी। तुकाराम ने इस रिश्वत को देने के बजाय एसीबी से मदद मांगने का फैसला किया। एसीबी ने शिकायत की जांच की और सत्यापित करने के बाद एक जाल बिछाया गया। एसडीएम को 20 हजार की रिश्वत पर सहमति जताई गई, जिसमें 10 हजार रुपए एडवांस दिए गए और शेष 10 हजार रुपए गुरुवार को देने का तय किया गया था। एसीबी ने ऐसे की कार्रवाई गुरुवार को जैसे ही एसडीएम टेकराम माहेश्वरी ने शेष 10 हजार रुपए लिए, एसीबी की टीम ने उन्हें और उनके सहयोगी होम गार्ड गौकरण सिंह बघेल को रंगे हाथों पकड़ लिया। फिलहाल दोनों आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर उनके निवास और अन्य स्थानों पर तलाशी ली जा रही है। कार्रवाई के तहत धाराएं और आरोप दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई बेमेतरा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की सख्त पहल के रूप में देखी जा रही है। इस घटना ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता को दर्शाया है। एसीबी की इस कार्रवाई ने न केवल स्थानीय प्रशासन को झकझोर दिया है, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आम लोगों को भी प्रेरित किया है कि वे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं।  

आज से छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू,अवैध धान के परिवहन पर सरकार सख़्त,,,

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*मुख्यमंत्री के निर्देश पर धान खरीदी की सभी आवश्यक तैयारी पूर्ण* *राज्य में 2739 उपार्जन केन्द्रों में किसानों से समर्थन मूल्य पर होगी धान खरीदी* *14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के दौरान किसान कर सकेंगे धान का समर्थन मूल्य पर विक्रय* *राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध धान परिवहन पर रखी जाएगी कड़ी निगरानी* रायपुर 14 नवंबर 2024/ राज्य में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 14 नवंबर से प्रारंभ होने जा रही है। प्रदेश के किसानों से धान खरीदी की योजना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता में हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशानिर्देश पर प्रदेश के सभी 2739 उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। इस खरीफ सीजन के लिए प्रदेश में पंजीकृत कुषकों की संख्या 27 लाख 1 हजार 109 है। इस वर्ष 1 लाख 35 हजार 891 नये किसान पंजीकृत हुए हैं और 1 लाख 36 हजार 263 हेक्टेयर नवीन रकबों का पंजीयन किया गया है। सभी उपार्जन केन्द्रों में बायोमैट्रिक डिवाईस के माध्यम से उपार्जन की व्यवस्था की गई है। छोटे, सीमांत और बडे़ कृषकों के द्वारा उपजाये गए धान को निर्धारित समर्थन मूल्य में खरीदा जाएगा। इसके लिए 7 नवंबर से ही टोकन आवेदन की व्यवस्था आरंभ कर दी गई है। खरीदी सीजन में लघु एवं सीमांत कृषकों को अधिकतम 2 टोकन एवं बडे़ कृषकों को 3 टोकन की पात्रता होगी। धान खरीदी अवधि 14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के दौरान किसान अपना धान, खरीदी केन्द्रों में लाकर समर्थन मूल्य पर विक्रय कर सकते है। खरीदी केंद्रों में तौल हेतु इलेक्ट्रानिक कांटा-बांट की व्यवस्था की गई है। खरीदी केंद्रों से धान का उठाव मिलर एवं परिवहनकर्ता के माध्यम से समयानुसार कराने के निर्देश दिये गये है। सभी खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था से लेकर छांव, पानी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है। धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर भी चस्पा कर दिये गये हैं। विपणन संघ मुख्यालय स्तर पर शिकायत निवारण हेतु कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है जिसका नं. 0771-2425463 है। धान बेचने वाले किसानों को समय पर भुगतान हेतु मार्कफेड द्वारा राशि की व्यवस्था कर ली गई है। समितियों में राशि आहरण हेतु ‘‘माइक्रो एटीएम’’ की व्यवस्था भी दी जा रही है, जिससे कि किसानों को सुविधा हो। किसानों द्वारा समिति में धान विक्रय के 72 घंटे के भीतर राशि किसानों के बैंक खाते में अंतरित कर दी जायेगी। खाद्य मंत्री श्री बघेल के निर्देश पर धान रिसाइकलिंग बोगस खरीदी पर नियंत्रित करने के लिए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय टीम द्वारा राज्य के अलग अलग संभागों में विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है एवं चेक पोस्ट की स्थापना की गई है। मंडी विभाग द्वारा मंडी अधिनियम के तहत जिलों में अधिकृत व्यापारियों की सूची जिला प्रशासन के साथ साझा किया गया है। एनआईसी द्वारा तैयार मोबाइल एप्प के माध्यम से गिरदावरी के खसरों का पुनः सत्यापन लगातार जारी है। मार्कफेड द्वारा राज्य स्तर पर एकीकृत कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित कर राईस मिल एवं उपार्जन केन्द्रों पर रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी। राज्य स्तर पर अलग अलग जिलों के लिए राज्य स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों की जांच टीम बनाई गई है, जो लगातार जिले में हो रही धान खरीदी की मानिटरिंग करेंगे। विभागीय मंत्री द्वारा निर्देशित किया गया है कि राज्य स्तरीय दल आबंटित जिलों में खरीदी के दौरान कम से कम तीन बार भ्रमण करेंगे। प्राप्त शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्यवाही की जाएगी और की गई कार्यवाही के संबंध में अवगत भी कराया जाएगा।

कल जशपुर में ऐतिहासिक ‘माटी के वीर पदयात्रा’ का पूरा कार्यक्रम देखिए,,,सुबह से लेकर शाम तक जनजातीय समुदायों के भव्य प्रदर्शन के साक्षी बनेंगे दिग्गज नेता

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पूरे संभाग के जनजातीय कलाओं, व्यंजन, आभूषण संस्कृति का ‘माटी के वीर पदयात्रा’ में होगा प्रदर्शन युवाओं को जनजातीय संस्कृति की समृद्धि से कराया जाएगा अवगत जशपुर, 12 नवम्बर 2024/ जनजातीय युवाओं को जनजातीय संस्कृति से परिचित कराते हुए युवाओं को जागरूक करने एवं उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने हेतु भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर 13 नवम्बर को सुबह 9 बजे से जनजातीय गौरव यात्रा ‘माटी के वीर पदयात्रा’ का आयोजन किया गया है। इस पदयात्रा में केंद्रीय युवा कार्यक्रम, खेल, श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ 10 हज़ार से अधिक माई भारत यूथ वालंटियर्स पदयात्रा करेंगे। इस पदयात्रा के लिए पूरे जिले में तैयारियां तीव्र गति से की जा रहीं हैं। इस पदयात्रा में पूरे संभाग की जनजातीय संस्कृति, नृत्यों, आभूषण, व्यंजन एवं परम्पराओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें पुरनानगर पेट्रोल पंप के निकट बस्तर से आये गौर सिंग नाचा दल द्वारा स्वागत के साथ संभाग के सभी जिलों के हस्तशिल्प से बने आभूषणों का प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें जशपुर के बांस के पीढ़ा, छिन्द की चटाई, छोपी माहुल पत्ती की टोपी, छिन्द एवं कांसा की टोकरी, खोमरा (गुंगु), अम्बिकापुर की काष्टकला, बांसशिल्प कला, गोदना कला, सूरजपुर की बांस कला, बलरामपुर की वाद्ययंत्र, देवगुड़ी, जनजातीय आभूषण, मनेन्द्रगढ़ कोरिया की लकड़ी की बनी वस्तुओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही सभी जिलों के बने जनजातीय व्यंजनों का भी प्रदर्शन होगा। बालाछापर में पदयात्रा का स्वागत मुंडा नृत्य द्वारा किया जाएगा। वहीं गम्हरिया स्थित काष्ठागार के समीप काष्ठ कला के लाइव प्रदर्शन के साथ माई भारत कियोस्क पंजीयन, एवं जनजातीय खेलों का आयोजन होगा। इसके साथ ही करमा नृत्य द्वारा पदयात्रा का स्वागत किया जाएगा। गम्हरिया में दिया, खप्पर एवं हवनकुंड के निर्माण का प्रदर्शन किया जाएगा। अघोर पीठ के निकट गहिरा गुरु के भक्तों द्वारा गहिरा भजनों का पाठ किया जाएगा। इसके साथ ही मुंडारी नृत्य दल द्वारा नृत्य करते हुए पदयात्रा की अगुवाई की जाएगी। रंगोली ढाबा के निकट जनजातीय दलों द्वारा जयद्रा नाचा एवं करमा नृत्य के अतिरिक्त सरगुजा संभाग में रहने वाली विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदाय पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, पंडों एवं बैगा जनजाति के लोगों के द्वारा अपनी पारम्परिक वेशभूषा एवं संस्कृति का प्रदर्शन किया जाएगा। डोड़काचौरा बस्ती में कोरिया जिले के दल द्वारा शैला नृत्य एवं करमा नृत्य करते हुए पदयात्रा की अगुवाई करते हुए छिन्द की टोकरी, बांस की कलाकृति बनाने की जनजातीय कला का प्रदर्शन किया जाएगा। बांकी नदी पर स्थित पुल पर अम्बिकापुर के शैला नृत्य दल द्वारा पदयात्रा की अगुवाई करते हुए जनजातीय खेलों जैसे कबड्डी एवं खोखो का प्रदर्शन किया जाएगा। जैन मंदिर के समीप महादेवनाचा करते हुए बगीचा के दल के द्वारा पदयात्रा की अगुवाई की जाएगी जहां बांस की कलाकृति निर्माण के प्रदर्शन के साथ शास्त्रीय भजन संगीत का प्रदर्शन किया जाएगा। बिरसा मुंडा चौक पर भगवान बिरसा मुंडा को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनकी जीवन पर प्रकाश डालती आकर्षक प्रदर्शनी के साथ बगीचा के दल द्वारा मुण्डारी नृत्य द्वारा पदयात्रा का स्वागत किया जाएगा। महाराजा चौक पर करमा नृत्य एवं गुदुम बाजा के साथ सिहार पताई की टोपी निर्माण का प्रदर्शन किया जाएगा। ऐतिहासिक काली मंदिर एवं बालाजी मंदिर के निकट कैशव रामायण मण्डली के द्वारा रामायण पाठ द्वारा लोगों को अभिभूत किया जायेगा। वहीं जनजातीय दलों द्वारा अगरबत्ती एवं फूल माला निर्माण का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं बाला साहब देशपाण्डे उद्यान के निकट सूरजपुर के बायर नाचा दल द्वारा एवं अम्बेडकर चौक में मनेंद्रगढ़ के सुआ दल द्वारा पदयात्रा की अगुवाई की जाएगी। कुमार दिलीप सिंह जूदेव की प्रतिमा के पास नगाड़ा बाजा के साथ नारायणपुर जिले के नृत्य दल द्वारा ककसार नृत्य का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं रणजीता स्टेडियम में जनजातीय समाज के युवाओं एवं माई भारत युवा स्वयंसेवकों को संबोधित किया जाएगा।

हाईकोर्ट ने वन्यजीव संरक्षण पर की कड़ी टिप्पणी,वन विभाग को 10 दिन में जवाब देने कहा

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बिलासपुर (छत्तीसगढ़),11 नवंबर 2024 – माननीय छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी याचिका पर महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति गहरी चिंता जताई। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की डबल बेंच ने सोमवार को राज्य में बाघों की लगातार हो रही मौतों का संज्ञान लेते हुए सरकार और वन विभाग के प्रयासों पर सवाल उठाए। न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा, “वन्यजीव और जंगल नष्ट हो रहे हैं। अगर यही स्थिति रही, तो छत्तीसगढ़ में क्या बचा रहेगा?” सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुई बाघों की मौतों को लेकर कोर्ट ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीरता से विचार किया। हाल ही में 8 नवंबर 2024 को सरगुजा के कोरिया वन मंडल के पास एक बाघ का शव मिला था, जिसे वन विभाग ने जहर के सेवन से मौत की घटना बताया है। राज्य सरकार के महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत ने कोर्ट को अवगत कराया कि मामले में कड़ी कार्रवाई की जा रही है। फिर भी, कोर्ट ने राज्य में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों पर विस्तृत जानकारी मांगी है। मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट रूप से कहा, “टाइगर जैसे दुर्लभ प्रजाति के जानवरों की संख्या घट रही है। संरक्षण की योजनाएँ बनाने और उन्हें जमीन पर उतारने में असफलता चिंता का विषय है।” बेंच ने प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (APCCF) को नोटिस जारी कर 10 दिन के भीतर व्यक्तिगत शपथपत्र के माध्यम से यह बताने का आदेश दिया कि वन्यजीव संरक्षण के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। छत्तीसगढ़, जो वन्यजीवों और जंगलों के लिए प्रसिद्ध है, पर इस गंभीर टिप्पणी ने राज्य सरकार और वन विभाग के लिए चेतावनी का संकेत दे दिया है। हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर अगली सुनवाई की तिथि 21 नवंबर 2024 निर्धारित की है।  

*विशेष लेख* *मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयास से जशपुर बना एडवेंचर पर्यटन का मुख्य आकर्षण*

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*देश-प्रदेश में जशपुर जिला एडवेंचर टूरिज्म के लिए एक नई पहचान बन चुका**जशपुर, 11 नवम्बर 2024* /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने पर्यटन को प्रोत्साहित करने और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए पिछले वर्ष से व्यापक प्रयास शुरू किए गए हैं। मुख्यमंत्री साय ने जशपुर की प्राकृतिक संपदा और रोमांचक गतिविधियों की संभावनाओं को देखते हुए इसे साहसिक खेलों के एक नए केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है। उनके कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी नीतियों के कारण, यह क्षेत्र अब न केवल राज्य में बल्कि पूरे देश में एक प्रमुख साहसिक पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध हो रहा है। जशप्योर और पहाड़ी बकरा एडवेंचर द्वारा हाल ही में आयोजित एक बाइक ट्रिप ने पूरे देश भर के राइडर्स को आकर्षित किया। देशभर से आए इन साहसी बाइकर्स ने जशपुर की घुमावदार सड़कों, कठिन ट्रेल्स, और हरे-भरे जंगलों का रोमांचक अनुभव लिया। इन राइडर्स को हिमालय राज्य जैसे लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कठिन रास्तो पर बाइकिंग अनुभव प्राप्त है और उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य की अनछुई प्राकृतिक सुंदरता को एक नए नजरिये से देखा। जशपुर का अनोखा प्राकृतिक आकर्षण जैसे रानी दह जलप्रपात, सारुडीह चाय बागान, किनकेल पाठ, चुरी और मक्करभज्जा जलप्रपात एवं यहाँ के जनजातीय संस्कृति एवं खाद्य उत्पाद उनके लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने। इसके अलावा, देशदेखा क्लाइंबिंग सेक्टर में रॉक क्लाइम्बिंग एवं कैंपिंग तथा पंड्रापाठ में स्टार गेजिंग का रोमांचक अनुभव भी उनके लिए खास था। साहसिक खेल और पर्यटन केवल मनोरंजन के साधन नहीं हैं, बल्कि ये स्थानीय युवाओं के रोजगार का एक प्रमुख स्रोत भी बन सकते हैं। – विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन उनके मार्गदर्शन में स्थानीय युवाओं एवं जनजातीय लोगो को एडवेंचर खेलों की बारीकियों में अंतराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित किया जा चूका है। जशपुर के “देशदेखा क्लाइंबिंग सेक्टर” में स्थानीय गाइडों की मदद से रॉक क्लाइम्बिंग का आयोजन हुआ, जो अब देशभर में एडवेंचर खेलों के शौकीनों के बीच चर्चा में है। शुभम नामक एक अनुभवी रॉक क्लाइंबर ने बताया कि जशपुर का यह क्षेत्र अद्वितीय है। इसे देखकर समझ नहीं आता कि इतने सुंदर और साहसिक अनुभवों से लोग अनजान क्यों हैं। इस क्षेत्र को एडवेंचर पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थान मिलना चाहिए। इस टूर के दौरान पंड्रापाठ और सन्नापाठ जैसे क्षेत्रों में स्टार गेजिंग की संभावनाएं भी उजागर हुई हैं। इस यात्रा के दौरान एक विशेष स्टार गेजिंग सत्र का भी आयोजन किया गया था, जिसमें प्रतिभागियों ने खुली रात के आकाश में खगोलीय पिंडों को देखा और एस्ट्रोलॉजी के बारे में जाना। जशपुर का यह हिस्सा अब राष्ट्रीय स्तर पर स्टार गेजिंग के लिए उपयुक्त स्थान के रूप में देखा जा रहा है, जो पर्यटकों को एक विशेष और अनोखा अनुभव देने की क्षमता रखता है। बाइकर्स ने यहां के स्थानीय आदिवासी खान-पान और संस्कृति का भी आनंद लिया। जशप्योर द्वारा बनाये गए महुआ और मिलेट के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद, और आदिवासी घरों का दौरा कर उनके रहन-सहन और सांस्कृतिक धरोहर के बारे में जानना, उनके लिए यादगार अनुभव रहा। अंतराष्ट्रीय पर्वतारोहण गाइड, एक्सट्रीम एडवेंचर स्पोर्ट ट्रेनर एवं जिला एडवेंचर टूरिज्म के सलाहकार के स्वप्निल राचेलवार ने कहा की यह क्षेत्र विविध सम्भावनावो से परिपूर्ण है। यहाँ के स्थानीय एवं जनजातीय लोग ऐसे खेलो में प्राकृतिक एवं मानसिक रूप से सशक्त होते हैं, और उचित मार्गदर्शन पाकर यहाँ से कई अन्तराष्ट्रीय स्तर के खिलाडी एवं पेशेवर गाइड उभर कर बहार आ सकते हैं। जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार की इसी क्रमबद्ध पहल ने यह भी सुनिश्चित किया कि इस क्षेत्र का विकास पर्यावरण संरक्षण और आदिवासी संस्कृति के सम्मान के साथ हो। उनका सपना है कि जशपुर साहसिक खेलों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरे और इसके माध्यम से स्थानीय समुदाय को सशक्त बनाया जाए। जशपुर अब एडवेंचर खेलों का छत्तीसगढ़ में एक नया केंद्र बनकर उभर चूका है। यह न केवल केंद्रीय भारत बल्कि सपूर्ण राष्ट्र में एडवेंचर खेलों का हॉटस्पॉट बनने की ओर अग्रसर है, जहाँ पर्यटक एक अलग और अनोखा अनुभव पा सकते हैं। स्रोत – जनसम्पर्क विभाग, जशपुर

झारखण्ड के विकास के लिए भाजपा का समर्थन जरूरी है – कौशल्या साय, चुनावी समर में कुशल संवाद से मतदाताओं को डबल इंजन के फायदे गिनाए,, देखें तस्वीरें

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पत्नी कौशल्या साय ने संभाला चुनावी मोर्चा, झारखंड में भाजपा के लिए मांगा समर्थन जशपुर,11 नवम्बर 2024 – झारखंड विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी चुनावी गतिविधियों में तेजी ला दी है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी झारखंड के सिमडेगा जिले में भाजपा के पक्ष में प्रचार किया। रविवार को उन्होंने सिमडेगा के कूटमाकछार, डुमरडीह, दर्रीपारा, चाडरीमुंडा, मेसना और बनगांव जैसे महत्वपूर्ण गांवों में चुनावी सभाएं कीं और भाजपा के लिए समर्थन की अपील की। कौशल्या साय ने अपने संबोधनों में भाजपा की नीतियों, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं और पार्टी के घोषणापत्र पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी श्रद्धानंद बेसरा का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी जीत से क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी। उन्होंने जनता से भाजपा को वोट देने का आग्रह करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए भाजपा की जीत जरूरी है। अपने भाषणों में कौशल्या साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन और किसानों के लिए समर्थन मूल्य जैसी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। भाजपा के घोषणापत्र के मुख्य बिंदुओं पर चर्चा करते हुए कौशल्या साय ने गोगो दीदी योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल तय करने और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के वादों का जिक्र किया। “झारखंड के विकास के लिए भाजपा का समर्थन जरूरी है। प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा इस राज्य के विकास को प्राथमिकता दी है। हमारे घोषणापत्र में झारखंड की जनता के सभी सवालों का समाधान है।” – कौशल्या साय वहीं भाजपा प्रत्याशी श्रद्धानन्द बेसरा ने कहा कि “श्रीमती साय के इस दौरे से भाजपा के चुनावी अभियान में जोश और गति आई है। उनकी सहज भाषण शैली और जनता से सीधा संवाद स्थापित करने की क्षमता ने भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने में उनकी भूमिका जीत की ओर ले जानेवाली है।  

डॉ. मनसुख मांडविया जशपुर में जनजातीय गौरव दिवस समारोह में सीएम साय के साथ पदयात्रा करेंगे,जिला प्रशासन तैयारियों में जुटा

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*भगवान बिरसा मुंडा की विरासत और राष्ट्र निर्माण में आदिवासी समुदायों के योगदान का उत्सव मनाने के लिए पदयात्रा* *10,000 से अधिक माई भारत यूथ वालंटियर्स भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में पदयात्रा में शामिल होंगे* रायपुर 10 नवंबर 2024/ केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया 13 नवंबर को छत्तीसगढ़ के जशपुर में जनजातीय गौरव दिवस पर माई भारत यूथ वालंटियर्स के साथ पदयात्रा करेंगे। इस पदयात्रा में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ राज्य के अन्य मंत्री भी शामिल होंगे। यह कार्यक्रम भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में उनकी विरासत और देश के विकास में आदिवासी समुदायों के महत्वपूर्ण योगदान के सम्मान में मनाया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम में आदिवासी विरासत को याद करने, समावेशिता को बढ़ावा देने और आदिवासी समुदायों को लाभ पहुंचाने वाली सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 10,000 से अधिक माई भारत यूथ वालंटियर्स भाग लेंगे। ये वालंटियर्स आदिवासी संस्कृति, विरासत और विरासत की रक्षा और संरक्षण की भावना को बढ़ावा देंगे। पदयात्रा कोमड़ो गांव से शुरू होगी और लगभग 7 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए रणजीत स्टेडियम में समाप्त होगी। यह पदयात्रा युवाओं, आदिवासी नेताओं और समुदाय के सदस्यों को आदिवासी विरासत और भावना के जीवंत उत्सव में एकजुट करेगी। इस कार्यक्रम की शुरुआत भारत की स्वतंत्रता में आदिवासी नेताओं के योगदान को दर्शाने वाले सांस्कृतिक अभिनय और आदिवासी विरासत की प्रचुरता को दर्शाने वाले नृत्यों से होगी। इस पदयात्रा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के अनुरूप वृक्षारोपण से होगी। इस पदयात्रा के दौरान, एक प्रदर्शनी स्थल पर ऐतिहासिक आदिवासी आंदोलनों, आदिवासी नायकों को श्रद्धांजलि और भारत के आदिवासी समुदायों की अनूठी कलात्मकता और शिल्प कौशल का प्रदर्शन किया जाएगा। इस पदयात्रा के मार्ग के ठहराव स्थलों पर आदिवासी संस्कृति, सुंदर रंगोली कलाकृतियां, पेंटिंग और पारंपरिक आदिवासी कला का उत्सव मनाने वाले नाटकों का प्रदर्शन किया जाएगा। सीधी प्रसारित कार्यशालाएं उपस्थित लोगों को आदिवासी नृत्य, संगीत और साहित्य के साथ एक परस्पर अनुभव प्रदान करेंगी जबकि आदिवासी खाद्य पदार्थों का चयन उनके स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताएगा। पदयात्रा के मुख्य आकर्षण में शामिल हैं: सांस्कृतिक कार्यक्रम: सांस्कृतिक समृद्धि का उत्‍सव मनाते आदिवासी नृत्य और संगीत। आदिवासी आंदोलनों और कलाओं पर प्रदर्शनी: नाटकों और झांकियों द्वारा ऐतिहासिक आदिवासी आंदोलनों, वीरता और शिल्प कौशल का प्रदर्शन। जागरूकता कियोस्क: सरकारी योजनाओं और महिला लाभार्थियों के बारे में जानकारी। कलात्मक कार्यक्रम: रंगोली, पेंटिंग और आदिवासी कला और साहित्य को बढ़ावा देने वाली कार्यशालाएं। युवाओं के योगदान का उत्सव: माय भारत पोर्टल और एनवायकेएस उपलब्धियां दर्शाना। आदिवासी नेताओं को श्रद्धांजलि: प्रतिभागी प्रमुख आदिवासी हस्तियों की वेशभूषा में होंगे। आदिवासी उत्कृष्टता को सम्मान: पद्म पुरस्कार विजेताओं का अभिनंदन और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना। आदिवासी भोजन: स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार के आदिवासी खाद्य पदार्थ परोसना। मंत्रालय इस आयोजन के माध्यम से आदिवासी विरासत और संस्कृति की गहन समझ को बढ़ावा देना चाहता है साथ ही सरकारी कल्याणकारी पहलों में आदिवासी समुदाय को सक्रिय रूप से शामिल करना चाहता है। इस उत्सव का उद्देश्य युवाओं को भारत की आदिवासी विरासत की समृद्ध विरासत से जुड़ने, उसे समझने और उसका सम्मान करने के लिए एक मंच प्रदान करना है। युवा कार्यक्रम विभाग देश भर के युवाओं को www.mybharat.gov.in पर माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण करके और आदिवासी विरासत की अपनी समझ को गहरा करने और अपनी आदिवासी विरासत का सम्मान करने के लिए इस पदयात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता है। संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक साल तक चलने वाले उत्सव में युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के अंतर्गत माय भारत, भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को अपनाने और प्रदर्शित करने के लिए पूरे भारत में पदयात्राओं का आयोजन करेगा।