स्पेशल 72,ब्लाइंड मर्डर केस : दुष्कर्म के बाद पैसे मांगने पर परिचितों ने कर दी हत्या,हत्यारे जेल की सलाखों में

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हवस की आग में महिला की हत्या करने का सनसनीखेज मामले का खुलासा क्राइम किलर एसपी शशिमोहन सिंह ने खुद के दिये टारगेट 72 घण्टे के भीतर करते हुए दरिंदों को जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिया। पढ़िए क्राइम स्टोरी,,,, जशपुर, 21 सितंबर 2024: जशपुर जिले में घटित अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने महज 72 घंटों के भीतर सुलझा लिया है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम भभरी में 30 फीट गहरी खाई से एक अज्ञात महिला का शव मिला था, जिसकी पहचान और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए जशपुर पुलिस ने सघन अभियान चलाया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी राजेन्द्र राम मिंज (30) और उसके सहयोगी संजय राम भगत (30) को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी शशिमोहन सिंह ने अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए बताया कि 17 सितंबर की रात, आरोपियों ने महिला के साथ दुष्कर्म किया और पैसे मांगने पर उसकी हत्या कर दी। मृतिका ने आरोपी से पूर्व में लंबित एक केस की पेशी में जाने के लिए 4000 रुपये मांगे थे। पैसे न देने पर महिला ने आरोपी को किसी केस में फंसा देने की धमकी दी, जिसके बाद आरोपी ने गला दबाकर और डंडे से मारकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद, शव को भभरी के जंगल में फेंक दिया गया। उन्होंने आगे बताया,आरोपी राजेन्द्र राम मिंज के कपड़ों पर खून के धब्बे मिलने से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिससे जांच की दिशा और स्पष्ट हुई। आरोपियों से घटना में इस्तेमाल की गई मोटर साइकिल, लकड़ी, डंडा और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए गए हैं। सिटी कोतवाली मेंअपराध क्रमांक 225/2024 के तहत धारा 103(1), 70(1), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में इस मामले की विवेचना की गई और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। इस कठिन और संवेदनशील मामले को सुलझाने वाली पुलिस टीम को एसपी द्वारा नगद इनाम से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है। स्पेशल 72,ब्लाइंड मर्डर केस की विवेचना कार्यवाही एवं आरोपियों की गिरफ्तारी में एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा, निरीक्षक रविशंकर तिवारी, उप निरीक्षक सरिता तिवारी, स.उ.नि. चंद्रप्रकाश त्रिपाठी, आर. 350 हेमंत कुजूर, आर. 178 विनोद तिर्की, आर. शोभनाथ सिंह, न.सै. थानेश्वर देशमुख, सायबर सेल से उप निरीक्षक नसरूद्दीन अंसारी, स.उ.नि. हरिशंकर सिंह, आर. अनिल सिंह, आर. संदीप  का योगदान रहा है।

*दर्दनाक हादसा: प्लांट में काम कर रहे मजदूर की ऊंचाई से गिरकर मौत,सेफ्टी रूल्स की अनदेखी बनी वजह,पुलिस जांच में जुटी*

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बड़ी खबर : प्लांट में मजदूर की मौत से प्रबंधन की सुरक्षा मानकों के पालन में गम्भीर चूक सामने आई है,पुलिस घटनास्थल पहुंचकर जांच में जुटी रायगढ़, 21 सितंबर: रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र अंतर्गत अंजनी स्टील प्लांट में एक और दर्दनाक हादसा सामने आया है। बिना सेफ्टी बेल्ट के ऊंचाई पर काम कर रहे एक मजदूर की गिरने से मौत हो गई। मृतक मजदूर की पहचान राकेश (28), निवासी बिहार के रूप में हुई है। हादसे के बाद घायल मजदूर को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। राकेश बिना सेफ्टी बेल्ट के काम कर रहा था, जिसके चलते यह हादसा हुआ। प्लांट में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय मजदूरों का कहना है कि इस तरह की दुर्घटनाएं नियमित रूप से हो रही हैं, लेकिन प्रबंधन द्वारा सुरक्षा उपायों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। घटना के बाद पूंजीपथरा थाना ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि प्लांट प्रबंधन द्वारा सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। प्रारंभिक जांच में लापरवाही की बात सामने आ रही है, जिससे प्रबंधन की जिम्मेदारी तय हो सकती है। रायगढ़ जिले के विभिन्न औद्योगिक प्लांटों में आए दिन इस तरह की दुर्घटनाएं हो रही हैं। मजदूरों का कहना है कि प्लांट प्रबंधन सुरक्षा उपायों की अनदेखी कर रहा है, जिसके कारण मजदूरों की जान जोखिम में पड़ रही है। बावजूद इसके, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है। मजदूरों की लगातार हो रही मौतों के बावजूद प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर से रायगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। जिले के कई प्लांटों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे मजदूरों की जान जोखिम में है।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आज दुर्ग दौरा, सरोज पांडेय के पिता स्व. श्याम पांडेय को देंगे श्रद्धांजलि

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दुर्ग, 21 सितम्बर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आज दुर्ग दौरा निर्धारित किया गया है, जहां वे स्वर्गीय श्याम पांडेय के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम मैत्री नगर, रिसाली के दशहरा मैदान में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दोपहर 1:15 बजे दुर्ग पहुंचेंगे और स्व. श्याम पांडेय, जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय के पिता थे, को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस अवसर पर कई अन्य गणमान्य नेता और अधिकारियों के भी मौजूद रहने की संभावना है। मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर Z प्लस श्रेणी की व्यवस्था की गई है, और इस दौरे के दौरान उनके साथ सुरक्षा अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। जिला प्रशासन और पुलिस को सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 2:15 बजे मैत्री नगर, रिसाली से रवाना होकर रायपुर लौटेंगे।  

बड़ी खबर:आईजी ने थाना के पूरे स्टाफ को ही हटा दिया,दो अधिकारी सस्पेंड,जांच कर रहे डीएसपी को भी बदला,,,,

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 प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईजी दीपक झा ने बड़ा खुलासा किया,जिसमें लोहारीडीह आगजनी कांड में 170 में 60 गिरफ्तार,विवेचना में लापरवाही पर    कवर्धा, 21 सितम्बर: लोहारीडीह आगजनी कांड के बाद प्रशासनिक और पुलिस विभाग की कार्रवाई में तेजी आई है। कवर्धा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईजी दीपक झा ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि लोहारीडीह प्रकरण में अब तक पांच एफआईआर दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 170 लोगों को नामजद किया गया है और 60 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, विवेचना के दौरान कई खामियां पाई गईं, जिसके चलते रेंगाखार थाना के सभी 28 स्टाफ को लाइन अटैच कर दिया गया है। आईजी दीपक झा ने स्वीकार किया कि घटना की जांच में लापरवाही हुई है और कई गिरफ्तारियां वैधानिक तरीके से नहीं की गई थीं। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए रेंगाखार थाना के सभी स्टाफ को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है। साथ ही, दो अधिकारियों को नामजद शिकायत के आधार पर निलंबित किया गया है। इसके अलावा, जांच में एसडीओ पी की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं, जिसके चलते उन्हें हटाकर नए डीएसपी को रेंगाखार थाना का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। महिलाओं पर अत्याचार के खिलाफ कार्रवाई: प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आईजी दीपक झा ने यह भी कहा कि लोहारीडीह में महिलाओं पर अत्याचार और मारपीट के मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, और सभी दोषियों के खिलाफ वैधानिक दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही, मारपीट का शिकार हुए पांच लोगों को इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है। निर्दोष लोगों की गिरफ्तारी पर पुनर्विचार: आईजी ने कहा कि अगर किसी निर्दोष व्यक्ति को गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया है, तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारी पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह, आईजी ने यह स्पष्ट कर दिया कि मामले की जांच निष्पक्ष और गहनता से की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।    

ताजा खबर:विष्णु सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक खत्म,लिए महत्त्वपूर्ण निर्णय,विस्तार से पढ़ें,,,

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*रायपुर,20 सितम्बर 2024* मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –  मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण तथा बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। राज्य मंत्रिमण्डल ने राज्य में गठित पांचों विकास प्राधिकरणों के पुनर्गठन आदेश में आंशिक रूप से संशोधन की मंजूरी दी है। इस संशोधन से पांचों प्राधिकरणों में जनप्रतिनिधित्व का दायरा काफी विस्तृत किया गया है। पांचों प्राधिकरणों में अब राज्य मंत्रिमण्डल के सभी मंत्रीगणों को सदस्य के रूप में शामिल करने के साथ ही संबंधित क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद एवं प्राधिकरण क्षेत्रों के जिला पंचायत अध्यक्षों को अब इसका सदस्य बनाया गया है। पांचों प्राधिकरणों में प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। शेष सभी सदस्य यथावत रहेंगे। *छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण* छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में प्रस्तावित संशोधन को मंत्रिमण्डल ने मंजूरी दी, जिसके तहत मुख्यमंत्री प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं क्षेत्र के विधायक उपाध्यक्ष होंगे। इस प्राधिकरण में सदस्य के रूप में शामिल पूर्व में मात्र तीन विभागों के मंत्री के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त माननीय मंत्रीगणों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण क्षेत्र के जिला पंचायत अध्यक्ष प्राधिकरण के सदस्य होंगे। प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को प्राधिकरण के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुसार पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल 35 विधायकगणों को और अन्य सदस्यों को यथावत रखा गया है। *सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण* सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में संशोधन किया गया है। माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं क्षेत्र के विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) उपाध्यक्ष होंगे। पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल आदिम जाति कल्याण विभाग मंत्री एवं वित्त मंत्री के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगण प्राधिकरण के सदस्य होंगे। प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण क्षेत्र के जनजाति बाहुल्य जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष भी अब प्राधिकरण के सदस्य होंगे। आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुसार इसमें सदस्य के रूप में शामिल 14 विधायकगणों को यथावत शामिल किया गया है। *अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण* माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा विधायक (अ.जा. आरक्षित) प्राधिकरण के उपाध्यक्ष होंगे। राज्य मंत्रिमण्डल के दो मंत्रियों के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के सभी मंत्रीगणों, संबंधित क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण के जिला पंचायत अध्यक्ष (अ.जा.), अनुसूचित जाति विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव इस प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुरूप सदस्य के रूप में शामिल किए गए 10 विधायकों को यथावत रखा गया है। *मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण* मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा क्षेत्र के विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) उपाध्यक्ष होंगे। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में किए गए संशोधन के अनुसार अब दो मंत्रीगणों के स्थान पर राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगणों तथा प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद एवं जिला पंचायत अध्यक्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इस प्राधिकरण में आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को सदस्य के रूप मंे तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे। इस प्राधिकरण में पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल 12 विधायकों को यथावत रखा गया है। *बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण* माननीय मुख्यमंत्री जी इस प्राधिकरण के अध्यक्ष और प्राधिकरण क्षेत्र के निर्वाचित विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) इसके उपाध्यक्ष होंगे। पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल मात्र दो मंत्रियों के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगणों, प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद तथा प्राधिकरण क्षेत्र के जनजातीय बाहुल्य जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग इस प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे। प्राधिकरण में सदस्य के रूप में पूर्व में शामिल 12 विधायकगणों को यथावत सदस्य रखा गया है।  मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान मद से 262 व्यक्ति एवं संस्थाओं को 4 करोड़ 56 लाख 72 हजार रूपये स्वीकृत राशि का अनुमोदन किया गया।  राज्य के शहरों के सुव्यवस्थित विकास और राज्य की विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मंत्रिपरिषद द्वारा एक बड़ा निर्णय लिया गया। जिसके तहत भूखण्डों का पुनर्गठन और प्रदेश में स्वीकृत विकास योजना के क्रियान्वयन हेतु शहरी विकास नीति (टी.डी.एस.) का अनुमोदन किया गया। इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने हेतु आवास एवं पर्यावरण विभाग को अधिकृत किया गया है। प्रदेश में विकास योजनाओं में प्रस्तावित जनोपयोगी भूमि के समुचित रूप से विकास करने, अतिक्रमण तथा अवैध निर्माणों को हतोत्साहित करने एवं शहरी आबादी को आधुनिक नागरिक सुविधाओं के अभाव और असुविधाओं के निराकरण के लिए इस शहरी विकास नीति का निर्धारण किया गया है। नगर विकास योजना आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक अथवा अन्य प्रयोजन हेतु क्रियान्वित की जा सकेगी।

जरूरी खबर: दशहरा से लेकर गर्मी छुट्टी में 64 दिन स्कूल रहेंगे बंद,शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश,आदेश आज से प्रभावी

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 रायपुर,20 सितंबर 2024/ यह खबर छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक संस्थानों और उनमें पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए महत्त्वपूर्ण है। आज एक आदेश छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी किया गया है, जिसमें शैक्षणिक सत्र 2024-25 के दौरान शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर-अनुदान प्राप्त शालाओं और महाविद्यालयों में अवकाश की तारीखों की घोषणा की गई है। आदेश के अनुसार निम्नलिखित अवकाश घोषित किए गए हैं: 1. दशहरा अवकाश: 7 अक्टूबर 2024 से 12 अक्टूबर 2024 तक, कुल 6 दिन। 2. दीपावली अवकाश: 28 अक्टूबर 2024 से 2 नवंबर 2024 तक, कुल 6 दिन। 3. शीतकालीन अवकाश: 23 दिसंबर 2024 से 28 दिसंबर 2024 तक, कुल 6 दिन। 4. ग्रीष्मकालीन अवकाश: 1 मई 2025 से 15 जून 2025 तक, कुल 46 दिन।   कुल मिलाकर, इन अवकाशों की अवधि 64 दिन की रहेगी। यह आदेश सभी संबंधित अधिकारियों, बोर्डों, और स्कूलों को सूचित कर दिया गया है ताकि वे इसके अनुसार आवश्यक कार्यवाही कर सकें। अवकाश की घोषणा शासकीय, अनुदान प्राप्त और गैर-अनुदान प्राप्त शालाओं/महाविद्यालयों के लिए समान रूप से लागू।यह आदेश राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों को अवकाश की स्पष्ट योजना बनाने और छात्रों एवं शिक्षकों को इसके अनुसार तैयार होने में मदद करेगा।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक निलंबित

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  रायपुर, 20 सितंबर 2024: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कार्रवाई कर रही है। हाल ही में छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा छापी गई 2024-25 सत्र की नई पाठ्यपुस्तकों को कबाड़ में बेचे जाने की गंभीर घटना सामने आई, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लिया। इस मामले में लापरवाही पाए जाने पर पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक प्रेम प्रकाश शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक शिथिलता को लेकर कोई समझौता न करने का स्पष्ट संदेश देते हुए, घटना की जांच के निर्देश अपर मुख्य सचिव रेणु पिल्ले को दिए थे। जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर श्री शर्मा के खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत त्वरित कार्रवाई की गई है। यह निलंबन मुख्यमंत्री द्वारा प्रशासनिक शिथिलता और भ्रष्टाचार पर उनकी कड़ी नीति का प्रमाण है। सुशासन की सरकार में भ्रष्टाचार को कोई स्थान नहीं मुख्यमंत्री श्री साय ने हाल ही में आयोजित कलेक्टर एसपी कांफ्रेंस में स्पष्ट किया था कि भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए सुशासन और पारदर्शिता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। पाठ्य पुस्तक निगम के इस प्रकरण पर त्वरित कार्रवाई से यह संदेश और भी स्पष्ट हो गया है कि सरकार अब लापरवाह अधिकारियों पर सख्त नज़र रख रही है। प्रमुख विभागों में सख्त निगरानी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को पूरी तरह से खारिज किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह सुशासन की सरकार है, और भ्रष्टाचार के प्रति हमारा रुख पूरी तरह स्पष्ट है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतेंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” पाठ्य पुस्तक निगम की इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय का यह कड़ा प्रहार एक उदाहरण है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नई नियुक्तियों से विधायकों को मिली बड़ी जिम्मेदारी,सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष बनीं पत्थलगांव विधायक गोमती साय

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रायपुर, 20 सितंबर 2024: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विधायकों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के साथ बड़ी भूमिका दी गई है। हाल ही में जारी आदेश के अनुसार, पत्थलगांव की विधायक गोमती साय को सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो इस क्षेत्र के विकास के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं।   सरगुजा क्षेत्र के विकास को गति देने के उद्देश्य से गोमती साय को दी गई इस जिम्मेदारी से उनके राजनीतिक कद में भी बड़ा इजाफा हुआ है। इसके साथ ही बस्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी कोंडागांव की विधायक लता उसेंडी को सौंपी गई है। मध्य क्षेत्र और अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण में भी बड़ी नियुक्तियां की गई है। विष्णु सरकार ने मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर मरवाही के विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची को नियुक्त किया है, जो अब इस क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वहीं, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी विधायक गुरु खुशवंत साहेब को सौंपी गई है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में दुर्ग ग्रामीण के विधायक ललित चंद्राकर को नियुक्त किया गया है, जिनसे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई योजनाओं के क्रियान्वयन की उम्मीद की जा रही है। भाजपा जिला अध्यक्ष सुनील गुप्ता ने इन नियुक्तियों का स्वागत किया है।उन्होंने कहा कि  मुख्यमंत्री श्री साय की यह नियुक्तियां छत्तीसगढ़ के सभी क्षेत्रों में समग्र और संतुलित विकास के लिए एक महत्वपूर्ण  हैं। इन नियुक्तियों से न केवल स्थानीय विधायक सशक्त होंगे, बल्कि राज्य के दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों में विकास की नई उम्मीदें भी जागृत होंगी।सरकार की इस पहल से नवनियुक्त उपाध्यक्षों को क्षेत्रीय विकास में नई गति देने और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का मौका मिलेगा।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुस्कुटी गांव को दी करोड़ों की सौगात,ग्रामीणों ने बगिया में धर्मपत्नी कौशल्या साय से मिलकर जताया आभार, गीत गाकर कहा-दुःख भरे दिन बीते रे भैया,अब सुख आयो रे

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*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर मुस्कूटी से मुख्य मार्ग तक सड़क निर्माण के लिए मिली स्वीकृति**4 करोड़ 28 लाख रूपए की लागत से बनेगी डामरीकरण सड़क**ग्रामीणों में खुशी की लहर, मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर जताया सीएम साय का आभार*   जशपुर 20 सितंबर 2024/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल से जिले के कांसाबेल तहसील क्षेत्र के मुस्कूटी से मुख्य मार्ग तक सड़क निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग से 4 करोड़ 28 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। यह सड़क निर्माण स्थानीय जनता के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी, क्योंकि इससे न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।स्थानीय ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री निवास बगिया पहुंच कर सीएम की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय से मुलाकात कर सीएम साय का आभार जताया। *इस सड़क निर्माण से 6 किलोमीटर की दूरी होगी कम* मुस्कुटी के ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क निर्माण के पूरा होने के बाद क्षेत्र के लोगों को कुनकुरी एवं जिला मुख्यालय तक की यात्रा में लगभग 6 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी।यह मार्ग बगिया के मुस्कूटी होते हुए ईब नदी पुल के एनएच 43 में जुड़ती है,जो केवल यात्रा समय को घटाएगा, बल्कि ग्रामीणों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित परिवहन का माध्यम भी प्रदान करेगा। सड़क की स्वीकृति मिलने पर क्षेत्र के ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास बगिया पहुंचकर सीएम की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय से मुलाकात कर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से कीचड़ और खराब सड़क की वजह से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब इस सड़क के निर्माण से उनकी समस्या का समाधान हो सकेगा।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का नक्सलवाद पर बड़ा मानसिक प्रहार, सीएम की प्रेरणा से नक्सल पीड़ितों ने जंतर-मंतर में किया प्रदर्शन,गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर अपनी पीड़ा बताएंगे

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नई दिल्ली, 19 सितंबर 2024 – पिछले 5 वर्षों में बस्तर क्षेत्र में माओवादी हमलों के कारण 400 से अधिक नागरिकों की जान गई है। माओवादी हिंसा से पीड़ित लोगों ने अपनी आवाज़ राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए आज दिल्ली के जंतर मंतर पर “कैंजा नक्सली-मनवा माटा” (सुनो नक्सली हमारी बात) आंदोलन किया। इस आंदोलन को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का समर्थन प्राप्त है। नक्सली हिंसा से लगातार जूझ रहे ग्रामीणों ने बताया कि कैसे इन हमलों ने उनके जीवन को तबाह कर दिया है। पिछले 5 सालों में 400 से अधिक निर्दोष नागरिकों ने अपनी जान गंवाई है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। इन हमलों ने बस्तर के गाँवों में विकास की प्रक्रिया को भी बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे इलाके में शांति और सुरक्षा की मांग बढ़ी है। मुख्यमंत्री साय ने इस आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा, “हमारी सरकार नक्सल पीड़ितों के साथ खड़ी है। बस्तर में शांति स्थापित करना और विकास को गति देना हमारी प्राथमिकता है। हम केंद्र सरकार के साथ मिलकर नक्सलवाद के खात्मे के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।” मुख्यमंत्री साय ने इन पीड़ितों की समस्याओं को समझते हुए उन्हें दिल्ली में अपनी आवाज़ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कई बार माओवादी हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर ग्रामीणों के दुख-दर्द को नजदीक से सुना और महसूस किया कि इन समस्याओं को केवल राज्य स्तर पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की जरूरत है। आंदोलन के दौरान नक्सल पीड़ितों ने सरकार से नक्सलवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि नक्सलियों की हिंसा ने न केवल उनके जीवन को खतरे में डाला है, बल्कि उनके गाँवों में विकास की हर कोशिश को विफल कर दिया है। इस आंदोलन के बाद, नक्सल पीड़ितों का एक दल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेगा और बस्तर में शांति बहाली, विकास कार्यों में तेजी और सुरक्षा बलों की उचित तैनाती के लिए ज्ञापन सौंपेगा। वे बस्तर की वर्तमान स्थिति और माओवादी हिंसा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।