*मुख्यमंत्री विष्णुदेव की पहल पर किसानों को सुगमता के साथ 13.63 लाख मीट्रिक टन खाद और 8.92 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज बांटा गया*

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रायपुर, 18 सितम्बर 2024/मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के किसान हितैषी फैसलों पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों को उनकी मांग के अनुरूप प्रमाणित खाद-बीज का वितरण किया जा रहा है। कृषि विभाग के प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में लगभग  99 प्रतिशत बोनी पूर्ण हो चुका है। इसके साथ ही राज्य के किसानों को अब तक 13.63 लाख मीट्रिक टन खाद का वितरण हो चुका है जो लक्ष्य के विरूद्ध लगभग शत-प्रतिशत है। इसी प्रकार किसानों को 8.92 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 91 प्रतिशत है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून की काफी अच्छी स्थिति है। राज्य में अब तक 48.16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र याने 99 प्रतिशत क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है। राज्य सरकार द्वारा इस खरीफ सीजन में 48.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी का लक्ष्य रखा गया है। *किसानों को लक्ष्य का लगभग शत-प्रतिशत रासायनिक खाद वितरित* प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए किसानों को विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का वितरण जारी है। 17 सितम्बर 2024 की स्थिति में किसानों को लगभग 13.63 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका हैं, जो लक्ष्य का 96 प्रतिशत है। वितरित किए गए उर्वरकों में 6 लाख 81 हजार 374 मीट्रिक टन यूरिया, 2 लाख 83 हजार 444 मीट्रिक टन डीएपी, 1 लाख 73 हजार 352 मीट्रिक टन एनपीके, 55 हजार 836 मीट्रिक टन पोटाश तथा 2 लाख 8 हजार 172 मीट्रिक टन सुपर फास्फेट का वितरण शामिल है। चालू खरीफ सीजन के लिए राज्य में सहकारिता एवं निजी क्षेत्र के माध्यमों से किसानों को 13 लाख 68 हजार मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके विरूद्ध अब तक 16.08 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भण्डारण करा लिया गया है। भण्डारण के विरूद्ध लगभग 13.63 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किसानों को किया जा चुका है। किसानों को सुगमता पूर्वक खाद का वितरण सोसायटी और निजी विक्रेताओं द्वारा किया जा रहा है। किसानों को किसी प्रकार से परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा खाद-बीज वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। *किसानों को 8.92 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित* प्रदेश के किसानों को चालू खरीफ सीजन में विभिन्न फसलों की बोनी के लिए सहकारी समितियों एवं निजी क्षेत्र के माध्यम से सुगमता के साथ प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक किसानों को विभिन्न खरीफ फसलों के 8 लाख 92 हजार क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण किए गए हैं, जो कि राज्य में बीज की मांग का 91 प्रतिशत है। गौरतलब है कि राज्य में खरीफ की विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीज की कुल मांग 9 लाख 78 हजार क्विंटल है, इसके विरूद्ध 9 लाख 31 हजार क्विंटल प्रमाणित बीज भण्डारण किया जा चुका है। किसानों को अब तक 8.92 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया गया है, जो मांग का 91 प्रतिशत है। *राज्य में लक्ष्य का 99 प्रतिशत बोनी पूर्ण* चालू खरीफ सीजन में अब तक लक्ष्य का 99 प्रतिशत बोनी पूर्ण हो चुका है, जबकि इस सीजन में राज्य सरकार द्वारा 48.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों के बोनी का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 48.16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है। *राज्य में अब तक 1094.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज* राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 1094.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से 03 सितम्बर 2024 सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 2282.0 मिमी और बेमेतरा जिले में सबसे कम 570.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1236 मिलीमीटर है। *प्रदेश के किसानों को मिला 6606 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण* मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य के अधिक से अधिक किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण किया जा रहा है। प्रदेश में किसानों को अब तक राज्य सहकारी बैंकों के द्वारा 2058 सहकारी समितियों के माध्यम से लगभग 6606 करोड़ रूपए का अल्पकालीन ब्याज मुक्त कृषि ऋण वितरण किया गया है। इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा किसानों को 7300 करोड़ रूपए ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को उनके मांग और रकबे के अनुरूप अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान किया जा रहा है, जबकि पिछले वर्ष आज की स्थिति में 6 हजार 544 करोड़ रूपए के अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किए गए थे। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को खेती-किसानी की प्रारंभिक जरूरतों को पूरा करने तथा खेती-किसानी में सहूलियत प्रदान करने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना प्रारंभ किया गया हैं। इसके अलावा किसानों को साहूकारों के चंगुलों से बचाना इसका एक प्रमुख उद्देश्य था। वर्तमान समय में इस योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं। किसानों को प्रारंभिक और खेती-किसानी की जरूरतों के लिए न सिर्फ राहत मिली है, बल्कि फसलों के उत्पाद में लगातार वृद्धि भी हो रही है।

20 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक, अहम फैसलों पर होगी चर्चा

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रायपुर, 18 सितंबर 2024: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 20 सितंबर को कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया है। यह बैठक सुबह 11:30 बजे मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित होगी, जहां कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। विकास योजनाओं पर रहेगा फोकस इस कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण योजनाओं और नीतियों पर चर्चा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में यह बैठक आगामी वित्तीय वर्ष के बजट, नई नीतियों के निर्माण, और राज्य में चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा पर केंद्रित होगी। साथ ही, कई बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है, जिनका सीधा असर राज्य की जनता पर होगा। ये प्रमुख मुद्दे हो सकते हैं एजेंडे में बैठक के दौरान राज्य में चल रही विभिन्न सामाजिक और आर्थिक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, कृषि, और रोजगार से संबंधित मुद्दों पर भी गहन विचार-विमर्श होने की संभावना है। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का आकलन भी इस बैठक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। कैबिनेट में नए प्रस्तावों पर होगी चर्चा कैबिनेट बैठक में कई नए प्रस्तावों पर भी चर्चा की जा सकती है, जिनमें ग्रामीण विकास, शहरी ढांचा, औद्योगिक निवेश और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित मुद्दे शामिल हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार राज्य में सुशासन को प्राथमिकता देते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन पर विशेष जोर दे रही है। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ-साथ कैबिनेट के सभी मंत्री, मुख्य सचिव, विभागीय सचिव और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी अपने-अपने विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को बैठक में प्रस्तुत करेंगे। राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण यह कैबिनेट बैठक राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि राज्य सरकार आने वाले समय में कई बड़ी परियोजनाओं को लागू करने की तैयारी में है। इस बैठक के निर्णयों से राज्य में विकास की गति और दिशा निर्धारित होगी। कैबिनेट की इस बैठक से कई महत्वपूर्ण निर्णयों की उम्मीद की जा रही है, जिनसे राज्य के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आ सकता है।  

मुख्यमंत्री निवास में जनदर्शन: 19 सितंबर को सीएम विष्णुदेव साय सुनेंगे जनता की समस्याएं

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रायपुर, 18 सितंबर 2024: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 19 सितंबर को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में जनदर्शन का आयोजन करेंगे, जिसमें वे प्रदेशभर से आए लोगों की समस्याएं सीधे सुनेंगे। यह जनदर्शन कार्यक्रम सुबह 11:00 बजे से 1:00 बजे तक आयोजित किया जाएगा, जहां मुख्यमंत्री लोगों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं के तत्काल निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देंगे। इस जनदर्शन कार्यक्रम की खास बात यह है कि मुख्यमंत्री के साथ कई कैबिनेट मंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी समेत राज्य स्तर के सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। इससे जनता की समस्याओं और मांगों का त्वरित समाधान करने में आसानी होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह सुनिश्चित किया है कि जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुना और सुलझाया जाए। जनदर्शन में शामिल होने वाले लोगों को विभिन्न विभागों के अधिकारियों से मिलने और अपनी समस्याओं के हल के लिए सीधा संवाद करने का मौका मिलेगा। समस्याओं का समाधान, जनता की उम्मीदें यह जनदर्शन कार्यक्रम प्रदेश की जनता के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जहां वे अपनी समस्याओं को लेकर सीधे मुख्यमंत्री और राज्य के अधिकारियों से मुलाकात कर सकते हैं। मुख्यमंत्री साय की पहल जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, जो प्रशासन और आम जनता के बीच की दूरी को कम करता है। जनदर्शन कार्यक्रम से न केवल लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा, बल्कि यह सरकार और जनता के बीच भरोसे को भी मजबूत करेगा।  

बड़ी खबर : पति की लाश के साथ 4 दिन से रह रही थी पत्नी,लाश की बदबू से हुआ खुलासा,पुलिस परेशान

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सिरकटी लाश की गुत्थी अभी जशपुर पुलिस ने सुलझाई ही थी कि एक घर में पति की सड़ी-गली लाश के साथ रह रही पत्नी से उसकी मौत की वजह जानने के लिए पुलिस परेशान है। जशपुर ,18सितंबर 2024/ जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के चिटकवाइन गांव से बड़ी खबर निकलकर सामने आई है,जिसमें अमरनाथ मिंज के मकान से उसकी 4 दिन से ज्यादा पुरानी लाश मिली है।चौंकाने वाली बात है कि इस लाश के साथ दिन-रात उसकी पत्नी इंद्रावती मौजूद मिली। थाना प्रभारी सतीश सोनवानी ने दूरभाष पर बताया कि लाश मिली है लेकिन इसकी हत्या हुई है या किसी और कारण से मौत हुई है,यह कहना अभी मुश्किल है।लाश सड़ गई है और पत्नी इंद्रावती की मानसिक हालत ठीक नहीं लग रही है।मृतक अमरनाथ मिंज 35 वर्ष अपने पहले पति को छोड़कर आई महिला इंद्रावती बाई के साथ रह रहा था। अमरनाथ की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इन्तजार कर रही है।वहीं गांव वालों की मानें तो मृतक को मिरगी बीमारी थी।आसपड़ोस के लोग भी इसे सीधे तौर पर हत्या नहीं बता पा रहे हैं।वहीं 4 दिनों तक लाश के साथ पत्नी के रहने और किसी को नहीं बताने पर गांव में तरह-तरह की चर्चा हो रही है। घटना की सूचना पाकर नारायणपुर पुलिस घटनास्थल पर है।शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए कुनकुरी चीरघर भेजा गया है।

सर्पदंश : अंधविश्वास के कारण बुजुर्ग की मौत, समय पर चिकित्सा न मिलने से मासूम की हालत गंभीर

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बड़ी खबर आई है जिसमें सर्पदंश के बाद झाड़फूंक के चक्कर में नाना जी चल बसे वहीं नाती गम्भीर हालत में अस्पताल के आईसीयू में ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। कोरबा – करतला थाना क्षेत्र के ग्राम सलिहाभांठा डोंगदरहा में अंधविश्वास और झाड़फूंक के चक्कर में एक बुजुर्ग की जान चली गई, जबकि उसका 16 वर्षीय नाती गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। घटना बीती रात की है, जब 70 वर्षीय टिकैतराम यादव और उसके नाती सतीश कुमार यादव को एक जहरीले सर्प ने डस लिया। दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय परिजनों ने पहले झाड़फूंक और गांव के डॉक्टर से इलाज कराने की कोशिश की, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। परिजनों ने बताया कि रात में अचानक दोनों को पेट और गले में दर्द होने लगा, लेकिन इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर दिया गया। जब स्थिति गंभीर हो गई और सतीश के मुंह से झाग आने लगे, तब भी परिजन अंधविश्वास के चलते इलाज के लिए अस्पताल नहीं गए। झाड़फूंक और गांव के डॉक्टर के पास समय बर्बाद करने के बाद, उन्हें सुबह करीब 6:30 बजे कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद टिकैतराम यादव को मृत घोषित कर दिया, जबकि सतीश की हालत गंभीर बताई गई, और उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है। मृतक के परिजनों ने बताया कि समय पर 108 एंबुलेंस सुविधा नहीं मिल पाई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। उनका मानना है कि अगर एंबुलेंस समय पर आ जाती, तो टिकैतराम की जान बच सकती थी। 108 के जिला प्रभारी प्रिंस पांडे ने कहा कि एंबुलेंस सेवा में देरी नेटवर्क समस्या के कारण हो सकती है, लेकिन इस मामले में परिजन पहले झाड़फूंक कराने गए थे, जिससे कीमती समय बर्बाद हो गया। इस घटना से एक बार फिर अंधविश्वास और झाड़फूंक की पुरानी परंपराओं पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्पदंश जैसे मामलों में तत्काल चिकित्सा सहायता बेहद आवश्यक होती है। झाड़फूंक या अन्य पारंपरिक उपाय करने से समय बर्बाद होता है, जिससे जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है। जागरूकता की कमी से बढ़ रहा खतरा इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण लोग सही समय पर चिकित्सा सहायता नहीं ले पाते, जिससे अंधविश्वास के चलते उनकी जान पर बन आती है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग को इस दिशा में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश और अन्य आपात स्थितियों में प्राथमिक चिकित्सा का महत्व समझाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है। सर्पदंश के मामले में तुरंत अस्पताल पहुंचना जीवन बचाने का सबसे महत्वपूर्ण कदम है, जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।  

*मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के पांव पखारकर जनसेवा का दिया अद्वितीय उदाहरण*

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रायपुर, 17 सितम्बर 2024:मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘मोर आवास मोर अधिकार’ कार्यक्रम में अपने प्रशासनिक और राजनीतिक जीवन का एक भावुक और अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। मोर आवास मोर अधिकार कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जनसेवा की नई मिसाल कायम करते हुए हितग्राहियों के पांव पखारकर उनका आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री द्वारा किया गया यह कार्य मानवीय संदेश दिया है, जो जनप्रतिनिधियों और आम जनता के बीच विश्वास और सेवा का प्रतीक बन गया है।

*सीएम साय ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा की,श्रमवीरों को दी बधाई*

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना* *प्रदेशवासियों को विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दी* *मुख्यमंत्री निवास में आयोजित भगवान विश्वकर्मा के हवन-पूजन में हुए शामिल* रायपुर, 17 सितंबर 2024/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज भगवान विश्वकर्मा की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में पूर्ण विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की। उन्होंने संसार के प्रथम वास्तुकार, निर्माण और सृजन के देवता, भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर सभी श्रमवीरों सहित प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विधायक  अनुज शर्मा और मुख्यमंत्री निवास के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि, हमारे श्रमवीर छत्तीसगढ़ को गढ़ने में सार्थक भागीदारी निभा रहे हैं। श्रम से सृजन की सार्थकता को विश्वकर्मा जी ने ही समाज में स्थापित किया। विश्वकर्मा जयंती का दिन हमें श्रम के लिए संकल्पित होने की प्रेरणा देता है। विश्वकर्मा जी का तकनीक कौशल और श्रमशीलता प्रेरणादायी है।

*मोर आवास, मोर अधिकार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हितग्राहियों को गृहप्रवेश पर दी शुभकामनाएं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए उन्हें ‘भारत का भगवान विश्वकर्मा’ बताया

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  रायपुर, 17 सितम्बर 2024 – प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण और शहरी) के तहत छत्तीसगढ़ में हजारों लोगों का सपना आज साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘मोर आवास, मोर अधिकार’ कार्यक्रम के तहत 8 लाख 46 हजार 932 ग्रामीण और 23 हजार 71 शहरी हितग्राहियों को बधाई दी। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने नए घरों के लाभार्थियों का अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर भी शुभकामनाएं दीं और उनके दीर्घायु जीवन की कामना की, उन्हें आधुनिक भारत का विश्वकर्मा बताया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष श्री रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, श्री दयाल दास बघेल और मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थे। इस अवसर पर श्री साय ने योजना की तकनीकी मार्गदर्शिका का विमोचन किया और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जारी इस महत्वाकांक्षी योजना को जनहित के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। मुख्यमंत्री साय ने कहा, “आज छत्तीसगढ़ के हजारों परिवारों का घर का सपना पूरा हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उड़ीसा से इस योजना की पहली किश्त जारी की है, जिससे हितग्राहियों का गृहप्रवेश समारोह भी संभव हुआ। विश्वकर्मा जयंती के इस पावन अवसर पर मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं।” इस कार्यक्रम से छत्तीसगढ़ के हजारों लाभार्थी अब अपने नए घरों में प्रवेश कर रहे हैं, जो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने हैं।  

*सीएम विष्णु देव साय की बड़ी पहल: झारखंड के लोगों को भी मिल रहा स्वास्थ्य सेवा लाभ* *छत्तीसगढ़ में इतने शिशुओं ने लिया जन्म*

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**जशपुर के स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार: झारखंड की जनता को मिला सीधा लाभ** *लोदाम सीएचसी में पिछले 4 महीनों में 27 झारखंड निवासियों के सफल प्रसव* जशपुरनगर, 16 सितंबर 2024 – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की स्वास्थ्य सुधार की मंशा से जशपुर जिले में हो रहे स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का फायदा न केवल छत्तीसगढ़ के लोगों को मिल रहा है, बल्कि पड़ोसी राज्य झारखंड के निवासियों को भी इससे सीधा लाभ हो रहा है। जशपुर जिला मुख्यालय से करीब 26 किलोमीटर दूर स्थित लोदाम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), जो झारखंड सीमा के निकट है, वहां पर झारखंड के कई गांवों के लोग इलाज कराने आ रहे हैं। लोदाम सीएचसी की बेहतर सुविधाओं की वजह से झारखंड के मांझा टोली और आसपास के गांवों के लोग नियमित रूप से यहां पहुंच रहे हैं। बीते 4 महीनों में ही यहां 27 झारखंड निवासियों के सफलतापूर्वक सामान्य प्रसव कराए गए हैं। इसके अलावा 10 से अधिक टाइफाइड मरीजों का इलाज भी यहां सफलतापूर्वक किया गया है। यह केंद्र एक्सरे, ब्लड टेस्ट, सामान्य प्रसव और आयुष्मान कार्ड जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी उपलब्ध कराता है, जिससे दूर-दराज के ग्रामीणों को बड़े अस्पतालों तक जाने की जरूरत नहीं पड़ती। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़े पैमाने पर कार्य हो रहा है। अभी तक 18 एबीबीएस और 7 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जा चुकी है। इसके अलावा, नवीन स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना और अत्याधुनिक मेडिकल उपकरणों की खरीदी के साथ-साथ नए कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस दरियादिली और प्रयासों से न केवल जशपुर बल्कि झारखंड के सीमावर्ती इलाकों के लोगों को भी बड़ी राहत मिली है। यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बना रही है, बल्कि राज्य की सीमाओं से बाहर तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत कर रही है।

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सार्थक प्रयास से बबीता का हुआ सफल आपरेशन,बच्ची के माता-पिता ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद

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जशपुर 16 सितंबर 24/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सार्थक प्रयास से गंभीर बीमारी के ईलाज के लिए बच्चों को तत्काल सहायता मिल रहा है। जिले में एक बार पुनः राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु की टीम ने जशपुर जिले के 10 साल की बबीता का रायपुर एम्स अस्पताल में सफल आपरेशन करवाया है । बबीता की मां जय कुमारी बाई और पिता झमेश राम ने बताया कि उनकी बेटी को जन्म से दिल में छेद था । बच्ची के माता-पिता ने मुख्यमंत्री बगिया कैम्प कार्यालय में आवेदन दिया था । मुख्यमंत्री ने तत्काल बबीता का ईलाज करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन और चिरायु टीम बच्ची का घर जाकर पालकों से सम्पर्क किया और ईलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई। चिरायु टीम के अमित भगत ने बताया बचपन से बबीता को दिल में छेद था सांस लेने और दौड़ने भागने में भी दिक्कत आती थी ।बबीता के पालकों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सायजी के सार्थक प्रयास से उनकी बच्ची पूरी तरह से ठीक हो गई है । वर्तमान में कक्षा 6 वी में पढ़ाई कर रहीं हैं। स्कूल आने जाने में भी किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं आ रही है। अपनी बच्ची को हंसता मुस्कुराता देखना अच्छा लगता है।