*कवर्धा में कुर्मी समाज के 53वें अधिवेशन में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, 5 एकड़ जमीन देने की घोषणा*

IMG 20240907 WA0023

कवर्धा,14 सितंबर 2024 – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कवर्धा में कुर्मी समाज के 53वें अधिवेशन में हिस्सा लिया और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने की बात कही। अधिवेशन के बाद प्रेस से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कुर्मी समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली और समृद्ध रहा है। शिवाजी महाराज से लेकर सरदार वल्लभभाई पटेल तक, इस समाज ने देश की शिक्षा, राजनीति और कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “कुर्मी समाज ने हमेशा शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में नेतृत्व किया है। यह देखकर खुशी हो रही है कि कवर्धा क्षेत्र में समाज द्वारा एक महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है। समाज की इस पहल को समर्थन देते हुए राज्य सरकार 5 एकड़ जमीन उपलब्ध कराएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन की स्थापना के लिए उनकी सरकार प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिवेशन में उपस्थित विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा, “कुर्मी समाज छत्तीसगढ़ के विकास में हमेशा भागीदार रहा है। शिवाजी महाराज और सरदार वल्लभभाई पटेल के वंशज अपने मेहनत और परिश्रम से कृषि आधारित छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रहे हैं। आज का यह भव्य आयोजन समाज के सामूहिक प्रयासों का प्रतीक है।” उन्होंने महाविद्यालय के लिए जमीन देने की मुख्यमंत्री की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री जी ने समाज की मांग को समझते हुए 5 एकड़ जमीन देने का ऐलान किया है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करता हूं।” कुर्मी समाज के इस भव्य अधिवेशन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, और इसे समाज के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

*प्रधानमंत्री के किसान हितैषी निर्णयों से छत्तीसगढ़ के किसानों को मिलेगी बड़ी राहत: मुख्यमंत्री साय*

IMG 20240904 175532

*रायपुर, 14 सितंबर 2024* – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और उनकी समृद्धि के लिए लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों का छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बासमती चावल से न्यूनतम निर्यात शुल्क हटाने, खाद्य तेलों के आयात शुल्क में वृद्धि, और प्याज के निर्यात शुल्क में कमी जैसे कदम छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए लाभकारी साबित होंगे। मुख्यमंत्री साय ने इन फैसलों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “इन निर्णयों से छत्तीसगढ़ के किसानों की आय में वृद्धि होगी और उनकी उपज की बाजार में मांग भी बढ़ेगी।” उन्होंने कहा कि बासमती चावल, सोयाबीन, सरसों, सूरजमुखी, मूंगफली, और प्याज के उत्पादक किसानों को इन नीतिगत फैसलों का विशेष लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार द्वारा बासमती चावल पर न्यूनतम निर्यात शुल्क हटाने और खाद्य तेलों पर आयात शुल्क को शून्य से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने के साथ ही प्याज के निर्यात शुल्क को 40 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, रिफाइंड तेल पर बेसिक ड्यूटी को भी 32.5 प्रतिशत तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इन किसान हितैषी नीतियों से किसानों को अपनी उपज के बेहतर मूल्य मिलेंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह केंद्र सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है और इसका सकारात्मक असर राज्य के कृषि क्षेत्र पर भी पड़ेगा।

जनदर्शन में सीएम ने ओलावृष्टि से बर्बाद किसानों की फ़रियाद सुनी, 7 गांव के किसानों को मिली राहत,सीएम को बताया “सुशासन का देवता”

IMG 20240914 WA0002

  *रायपुर, 14 सितंबर 2024* – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निवास पर आयोजित मुख्यमंत्री जनदर्शन के दौरान किसानों को बड़ी राहत प्राप्त हुई है। बलोदाबाजार जिले के सोनाखान क्षेत्र में ओलावृष्टि से प्रभावित 7 गांवों के 772 किसानों के लिए 98 लाख 38 हजार 528 रुपये की सहायता राशि जारी की गई है। गांवों में सुखरी के 79, छतवन के 174, देवगांव के 44, गनौद के 59, कुशगढ़ के 156 और कुशभाटा के 174 किसानों को इस मुआवजे का सीधा लाभ मिला है। यह राशि तहसीलदार सोनाखान द्वारा आरटीजीएस के माध्यम से किसानों के खातों में जमा कर दी गई है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है। गौरतलब है कि 2023 में इन क्षेत्रों में ग्रीष्मकालीन धान की फसल पर ओलावृष्टि का कहर टूटा था। पक चुकी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा, और किसानों ने मुआवजे के लिए मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन को आवेदन किया था। उस समय कुल 33 गांवों के किसानों को मुआवजा मिल चुका था, लेकिन कुछ गांवों के किसान इस राहत से वंचित रह गए थे। अब उन किसानों को भी राहत मिल गई है। नगेड़ा गांव के किसान डीगेश पटेल ने बताया कि जनदर्शन में अपनी परेशानी बताई , श्री साय की किसान हित में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश के बाद अब परिवार के सदस्यों के खातों में मुआवजा राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री जनदर्शन के तहत मिली इस त्वरित राहत से प्रभावित किसानों के चेहरों पर खुशी देखने को मिल रही है, और यह सरकार के प्रति उनका विश्वास बढ़ा रही है।

ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री की गुत्थी सुलझाने एसपी शशिमोहन कर रहे मॉनिटरिंग,दुबारा फॉरेंसिक टीम पहुंची

IMG 20240913 114822

Khabar Update जशपुर/कुनकुरी – श्रीनदी जंगल में हुए ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने विशेष टीम का गठन किया है।थाना प्रभारी ने सोशल मीडिया में मृतक की तस्वीर व अन्य पहचान चिन्ह जारी करते हुए आम लोगों, सोशल मीडिया से जुड़े लोगों से शव की शिनाख्त करने/कराने की अपील की है। ज्ञात हो कि कल 12 सितंबर को स्टेट हाइवे 17 में सड़क से करीब 50 मीटर अंदर जंगली मशरूम उठाने गए एक ग्रामीण को लाश मिली जिसका सिर धड़ से अलग था।जिसकी सूचना खारिझारिया के जागरूक नागरिक गणेश बारीक को हुई।गणेश की सूचना पर पुलिस मौके ओर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। वारदात वाली जगह पर एक रस्सी मिली है जिसमें खून के निशान हैं।वहीं शव के पास एक छोटा चाकू,एक जोड़ी हवाई चप्पल मिला है।सड़क से जंगल की ओर घसीटे जाने के निशान हैं।जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि मृतक को अज्ञात हत्यारों ने पकड़कर जंगल के अंदर ले जाकर पहले रस्सी से गला घोंटा होगा और तेज धारदार हथियार से सिर धड़ से अलग कर दिया होगा। थाना प्रभारी सुनील सिंह ने बताया कि सिर का अवलोकन करने पर मृतक के मूंछ और सिर के बाल दो-तीन दिन के अंदर कलर किये हुए लग रहे हैं।मृतक का धड़ पर गहरा नारंगी रंग का स्पोर्ट्स बनियान पहना मिला है जिसमें COOL लिखा हुआ है। OO चश्मे के आकार में है।वहीं मृतक के दाहिने हाथ में टैटू गुदा हुआ है जिसमें कलाई पर aBHi लिखा हुआ है।मृतक का काले रंग का स्पोर्ट्स लोअर भी पड़ा मिला है। फिलहाल,वारदात की जांच में डॉग स्क्वायड के साथ ही फोरेंसिक की टीम लगी हुई है।वहीं अभी तक मृतक की शिनाख्ती नहीं हुई है।पुलिस ने आसपास के जिलों समेत पड़ोसी राज्यों ओडिशा और झारखण्ड के सीमावर्ती जिलों के पुलिस थानों में इसकी जानकारी देते हुए फोटो शेयर किया है।

*कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कॉन्फ्रेंस: दूसरा दिन : मुख्यमंत्री आज करेंगे कानून व्यवस्था की समीक्षा

IMG 20240912 WA0039 1

रायपुर, 13 सितम्बर 2024/    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ जिलों में कानून व्यवस्था सहित विभिन्न मुद्दों की समीक्षा करेंगे। राजधानी रायपुर में आयोजित कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कॉन्फ्रेंस स्थानीय न्यू सर्किट हाउस में प्रातः 10 बजे से शुरू होगी। हम आपको बता दें कि कलेक्टर-एसपी कांफ्रेंस के पहले दिन सीएम श्री साय ने कलेक्ट्रेट के सभी विभागों की समीक्षा की।समीक्षा के दौरान सीएम के तेवर कई जिलों के कमजोर प्रदर्शन पर तल्ख़ रहे।आज लॉ एंड ऑर्डर पर सीएम दिन भर समीक्षा करने जा रहे हैं।देखना होगा कि प्रदेश में विभिन्न मुद्दों को लेकर जारी आंदोलनों ,प्रदर्शनों से निपटने व शांति कायम रखने के लिए क्या निर्देश देंगे। बीते दिनों मुख्यमंत्री के गृहजिले जशपुर में दीपू बगीचा सरना विवाद को लेकर सरना आदिवासियों ने बड़ी जनाक्रोश रैली करने वाले थे,जिसे कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल ने बड़ी कुशलता के साथ शहर के बाहर एस्टोटर्फ हॉकी स्टेडियम में जनसभा में बदल दिया।वहीं एसपी शशिमोहन सिंह ने पूरे शहर को छावनी में तब्दील करते हुए एक भी प्रदर्शनकारी को शहर में घुसने नहीं दिया।तकरीबन 4 घण्टे चली सभा पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से खत्म करा दी गई।आज की समीक्षा में सम्भवतः कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए इसे एक सफल उदाहरण के रूप में कांफ्रेंस में रखा जाएगा।

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विभागों की समीक्षा की,कलेक्टर-एसपी कांफ्रेंस का आज पहला दिन, सीएम की दो टूक : सुशासन लाने के लिए तत्परता से काम करें अधिकारी*

IMG 20240912 WA0039 1

रायपुर, 12 सितंबर 2024– मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कलेक्टर्स कांफ्रेंस में नगरीय प्रशासन, खाद्य, सहकारिता, सुशासन एवं अभिसरण विभाग, सामान्य प्रशासन, और उच्च शिक्षा विभागों के कार्यों की समीक्षा की। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय और निर्देश दिए गए, जिनका उद्देश्य प्रदेश के समग्र विकास और सुशासन को मजबूत करना है। नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन के तहत जनसमस्या निवारण पखवाड़े में प्राप्त आवेदनों के शत प्रतिशत निराकरण पर जोर दिया। उन्होंने शहरों में प्रधानमंत्री आवास योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कलेक्टरों की सराहना की और कहा कि गरीब परिवारों को आवास दिलाना सरकार का अहम लक्ष्य है। साथ ही, अमृत मिशन 2.0 योजना को समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए। खाद्य विभाग की समीक्षा खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने राशन कार्ड नवीनीकरण की प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी पात्र हितग्राहियों का राशन कार्ड बने और ग्रामीणों को सुगमता से राशन मिले। सहकारिता विभाग की समीक्षा मुख्यमंत्री ने गोदाम निर्माण कार्यों को समय पर पूर्ण करने का आदेश दिया। साथ ही, पैक्स में माइक्रो एटीएम और कंप्यूटरीकरण का काम शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया। सुशासन और सामान्य प्रशासन विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने भूमिहीन परिवारों को जाति प्रमाण पत्र मिलने में होने वाली परेशानी को प्राथमिकता से हल करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने जरूरतमंदों को 15 दिनों के भीतर स्वेच्छानुदान की राशि स्वीकृत करने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि “भूमिहीनों की पीड़ा मेरा व्यक्तिगत अनुभव है।हमें उनकी परेशानियों को समझना होगा और दूर करना होगा।” उच्च शिक्षा पर जोर मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि शिक्षित युवा ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला हैं। उन्होंने युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ले रहे कलेक्टरों की क्लास, विकास के सभी विषयों पर बेहद तल्ख़ी के साथ दे रहे हैं निर्देश,ख़राब प्रदर्शन वाले जिलों के कलेक्टरों पर गिरा सकते हैं गाज*

IMG 20240804 WA0005

रायपुर – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज दो दिवसीय कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस का पहला दिन कलेक्टरों से शुरू हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव, विभागीय सचिव, सभी संभागायुक्त और कलेक्टर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जिलों की प्रगति को लेकर कई अहम निर्देश दिए। भाषा संयम पर विशेष जोर मुख्यमंत्री ने कुछ जिलों में आम जनता और स्कूली छात्रों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “अधिकारियों को अपने भाषा संयम पर ध्यान देना होगा। यदि आपके अधिकारियों की भाषा में संयम नहीं रहा तो उन पर कार्यवाही करें, यदि आपसे गलती हुई तो मैं कार्यवाही करूंगा।” शासन की योजनाओं में पारदर्शिता की आवश्यकता मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि शासन की सभी योजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा, “सभी फ्लैगशिप योजनाओं में सैचुरेशन के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य करें, ताकि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।” राजस्व मामलों पर मुख्यमंत्री के सख्त तेवर राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान सारंगढ़, बस्तर और खैरागढ़ जिलों में राजस्व मामलों की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि राजस्व से जुड़े मामलों का समय सीमा के भीतर निपटारा हो। सीमांकन, नामांतरण, खाता विभाजन जैसे मामलों को तेजी से निपटाने का आदेश दिया गया, ताकि नागरिकों को छोटे-छोटे त्रुटियों के लिए भटकना न पड़े। मनरेगा और आवास योजना पर निर्देश मनरेगा में मानव दिवस सृजन की कमी पर बस्तर, कबीरधाम और बिलासपुर के कलेक्टरों को मुख्यमंत्री की नाराजगी झेलनी पड़ी। उन्होंने अमृत सरोवर योजना को जन अभियान का स्वरूप देने की बात कही। प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कहा, “हमें बड़ी संख्या में आवास प्राप्त हुए हैं। 15 सितंबर को प्रधानमंत्री जी द्वारा पहली किश्त जारी होगी। सभी जिलों को इसे प्राथमिकता देनी चाहिए।” प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल विकास योजना में शून्य प्रगति पर नाराजगी मुख्यमंत्री ने खैरागढ़, सारंगढ़, शक्ति और रायगढ़ जिलों में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल विकास योजना की शून्य प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “यह आंकड़े चिंताजनक हैं। सभी कलेक्टर ध्यान दें और योजनाओं को गति प्रदान करें।” सूपेबेड़ा के किडनी रोगियों पर चिंता सूपेबेड़ा में किडनी रोगियों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने दिल्ली से विशेषज्ञ बुलाकर समस्या के समाधान के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम का लाभ रोगियों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा मुख्यमंत्री ने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत रायपुर और बिलासपुर जिलों के अच्छे प्रदर्शन की सराहना की। अन्य जिलों से भी इस दिशा में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सख्त निर्देश मुख्यमंत्री ने खैरागढ़ के पोषण पुनर्वास केंद्र में बेड ऑक्यूपेंसी और क्योर रेट जीरो होने पर नाराजगी जताई। सभी जिलों में आयुष्मान भारत योजना के तहत शत प्रतिशत पंजीयन कराने और पीएम जनऔषधि केंद्रों की प्रभावी संचालन की बात कही। शिक्षा विभाग में लापरवाही पर नाराजगी मुख्यमंत्री ने कुछ जिलों में साइकिल वितरण में देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सत्र की शुरुआत के साथ ही साइकिल का वितरण सुनिश्चित होना चाहिए। जर्जर स्कूलों की मरम्मत और गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्यों पर भी सख्त निर्देश देते हुए संबंधित ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया। आदिम जाति विकास विभाग की समीक्षा आदिवासी विकास योजनाओं की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने वन अधिकार पट्टा और पीएम जनमन योजना के कार्यों में सुधार के निर्देश दिए। आश्रमों और छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता और छात्रों की सुविधाओं का ध्यान रखने के लिए भी निर्देश जारी किए गए। इस दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में विभिन्न विभागों की प्रगति पर मुख्यमंत्री ने गहन समीक्षा की और कई अहम निर्णय लिए, जिनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के विकास और जनता के कल्याण को सुनिश्चित करना है।

*अच्छी खबर**हीराकुंड बांध से पानी छोड़ा गया, सीएम साय के अनुरोध पर ओडिशा सीएम ने तत्काल दिया आदेश,इतने गांव डूबने से बचे*

Picsart 24 09 12 13 45 54 105

*हीराकुंड बांध के डुबान क्षेत्र में आने वाले छत्तीसगढ़ के गांवों को इस वर्ष नहीं झेलनी पड़ेगी बाढ़ की विपदा* *संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हीराकुंड बांध के डुबान क्षेत्रों में बाढ़ विपदा की आशंका को देखते हुए ओडिसा के मुख्यमंत्री से की चर्चा* *मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अनुरोध पर ओडिसा के मुख्यमंत्री ने हीराकुंड बांध से आवश्यक मात्रा में पानी छोड़ने के दिए निर्देश* *ओडिसा के मुख्यमंत्री की बाढ़ रोकने की पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया आभार प्रकट* *पहली बार दोनो राज्यों की जनहितैषी सरकारों के मध्य अपूर्व सामंजस्य से लोकहित में लिया गया त्वरित निर्णय* रायपुर 12 सितंबर 2024/मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विगत कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश की वजह से हीराकुंड बांध के डुबान क्षेत्रों के अंतर्गत रायगढ़ के गांवों में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर त्वरित गति से पहल करते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से गत रात्रि चर्चा कर हीराकुंड बांध से पानी छोड़ने का अनुरोध किया जिससे बाढ़ की संभावित आपदा से बचाव हो सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर ओडिसा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दोनों प्रदेशों के हितों को ध्यान में रखते हुए तत्काल हीराकुंड बांध से आवश्यक मात्रा में पानी छोड़ने का आदेश दिया जिससे दो दर्जन से ज्यादा गांवों में होने वाली जन-धन की संभावित हानि से ग्रामवासियों का बचाव हो सके । मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री  मोहन चरण माझी की इस संवेदनशील पहल के लिए उन्हें हृदय से आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व प्रतिवर्ष भारी बारिश की वजह से हीराकुड बांध के डुबान क्षेत्र में आने के कारण छत्तीसगढ़ के लगभग दो दर्जन से ज्यादा गांवों को बाढ़ की विपदा झेलनी पड़ती थी। इस वर्ष छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनो राज्यों में जनकल्याण को प्राथमिकता देने वाली जनहितैषी सरकारों के रहने से पहली बार दोनो राज्यों के मध्य अपूर्व सामंजस्य के साथ त्वरित निर्णय लेकर लोकहित में कार्य किए जा रहे हैं। दोनो राज्यों की सरकारों के मध्य ऐसा सामंजस्य पहली बार देखा जा रहा है जिसका यह सुपरिणाम है की अब दोनो राज्यों में प्रत्येक वर्ष भीषण रूप से बाढ़ग्रस्त रहने वाले क्षेत्र वर्तमान में बाढ़ की विपदा से ग्रस्त नही है।

*कुनकुरी थाना क्षेत्र के श्रीनदी जंगल में सिर कटी लाश मिलने से हड़कंप, नृशंस हत्या की आशंका*

IMG 20240912 114325 1

  **जशपुर, कुनकुरी** – जशपुर जिले के कुनकुरी थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया जब श्रीनदी से सटे घने जंगल में एक अज्ञात व्यक्ति की सिर कटी लाश बरामद हुई।जिससे नृशंस हत्या की आशंका जताई जा रही है। इस भयावह घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है, और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर इकट्ठा हो गए हैं।लाश कुनकुरी – तपकरा रोड पर श्रीनदि पुल से सौ मीटर ऊपर सड़क से 70 मीटर अंदर मिली है। घटना की जानकारी मिलते ही कुनकुरी थाना प्रभारी सुनील सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और इलाके को सील कर दिया। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक टीम को बुलाया है ताकि घटनास्थल से कोई अहम सुराग मिल सके। पुलिस फिलहाल मृतक की पहचान और हत्या के पीछे की वजह जानने के लिए गहन जांच कर रही है। प्रत्यक्षदर्शी दिलीप राम, जो लाश के आसपास सबसे पहले पहुंचे, ने बताया, “मृतक के शरीर पर भगवा रंग का बनियान है और उसके बाएं हाथ में एक टैटू के रूप में रिंग का निशान था। ऐसा लगता है कि उसे पहले सड़क से घसीटकर जंगल में लाया गया और फिर उसकी बेरहमी से हत्या की गई।” थाना प्रभारी सुनील सिंह ने इस मामले को लेकर कहा, “यह घटना गंभीर है और हम हर संभावित पहलू से इसकी जांच कर रहे हैं। अभी तक मृतक की पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन जल्द ही स्थिति स्पष्ट होगी।” घटनास्थल की स्थिति और लाश की स्थिति को देखते हुए पुलिस का मानना है कि यह हत्या बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से की गई है। हत्या के तरीके और मृतक के शरीर पर मिले निशान यह इशारा कर रहे हैं कि यह मामला व्यक्तिगत दुश्मनी या कोई पुरानी रंजिश का नतीजा हो सकता है। फिलहाल, पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा किया जा रहा है।

*मीनाक्षी शेषाद्रि ने चक्रधर समारोह में शास्त्रीय नृत्य से मोहा मन, 30 साल बाद भारत में किया यादगार प्रदर्शन*

Picsart 24 09 12 07 46 17 183

  *रायगढ़ 12 सितंबर 2024 – चक्रधर समारोह की बीती रात बेहद खास रही, जब दिग्गज अभिनेत्री और नृत्यांगना मीनाक्षी शेषाद्रि ने 30 साल बाद भारत में अपने पहले शास्त्रीय नृत्य प्रदर्शन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रायगढ़ में आयोजित इस प्रतिष्ठित सांस्कृतिक समारोह के मंच पर मीनाक्षी ने भरतनाट्यम और ओडिशी की जादुई प्रस्तुति दी, जिसने सभी का दिल जीत लिया।  नृत्य से की भगवान गणेश की स्तुति अपने प्रदर्शन की शुरुआत मीनाक्षी ने भगवान गणेश की स्तुति, गणेश वंदना के साथ की। उनका हर भाव, हर मुद्रा और ताल से ताल मिलाता कदम दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गहराई और सुंदरता में खोने पर मजबूर कर रहा था। लंबे समय तक भारतीय मंच से दूर रहने के बावजूद मीनाक्षी का प्रदर्शन पूरी तरह से लाजवाब था। हर बार जब उन्होंने मंच पर अपनी कला दिखाई, पूरे सभागार में तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई दी।  30 साल बाद वापसी से चौंकाया मीनाक्षी शेषाद्रि ने 30 साल पहले भारतीय फिल्म और नृत्य जगत को अलविदा कह दिया था, और उसके बाद अमेरिका में अपने परिवार के साथ बस गई थीं। हालांकि, उन्होंने कभी भी नृत्य को खुद से दूर नहीं होने दिया। अमेरिका में भी उन्होंने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की शिक्षा दी और इसे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुत किया। चक्रधर समारोह में उनकी वापसी के बारे में किसी ने यह नहीं सोचा था कि इतने सालों के बाद भी वह अपनी कला में उतनी ही प्रवीण होंगी। लेकिन मीनाक्षी ने अपने प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया और यह साबित किया कि कला और कलाकार कभी पुराने नहीं होते। रायगढ़ के चक्रधर समारोह में मीनाक्षी के प्रदर्शन को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे। हर उम्र के दर्शकों ने उनके नृत्य को बेहद सराहा।जशपुर से पहुंचे दर्शक दिलीप राम ने कहा, “यह एक ऐतिहासिक पल था। मीनाक्षी शेषाद्रि को इतने सालों बाद लाइव देखना और उनका नृत्य देखना एक अविस्मरणीय अनुभव था।”  मीनाक्षी का संदेश प्रदर्शन के बाद मीनाक्षी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “भारत में 30 साल बाद नृत्य करना मेरे लिए बेहद खास है। रायगढ़ के दर्शकों का जो प्यार और समर्थन मिला, उससे मैं अभिभूत हूं। मैं हमेशा से भारतीय शास्त्रीय नृत्य से जुड़ी रही हूं और आगे भी इसे बढ़ावा देने का प्रयास करती रहूंगी।”उन्होंने कोलकाता में हुए दुष्कर्म की घटना पर अपनी फिल्म दामिनी को याद करते हुए कहा कि “हम कब इंसान बनेंगे?हिंसा और अपराध इंसान की कमजोरी है।”उन्होंने फिल्मी दुनिया मे वापसी करने के सवाल पर कहा कि “अभी इंतजार कीजिये।” इस साल के चक्रधर समारोह में मीनाक्षी शेषाद्रि की प्रस्तुति निस्संदेह मुख्य आकर्षण रही। उनके नृत्य ने समारोह की गरिमा को और बढ़ा दिया, और उनके प्रदर्शन को समारोह के इतिहास में एक यादगार पल के रूप में दर्ज किया जाएगा। 60 वर्षीया मीनाक्षी शेषाद्रि की इस शानदार वापसी ने एक बार फिर से साबित किया कि कला की कोई उम्र नहीं होती, और एक सच्चा कलाकार हर समय अपने दर्शकों का दिल जीत सकता है।