*आकाशीय बिजली से 7 ग्रामीणों की मौत, मुख्यमंत्री ने जताया शोक*केबिनेट मंत्री टंकराम गांव पहुंचे*

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*रायपुर, 08 सितम्बर 2024* – बलौदाबाजार जिले के मोहतरा गांव में रविवार को आकाशीय बिजली गिरने से 7 ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई और 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब कुछ ग्रामीण महुआ पेड़ के नीचे बैठकर बारिश का इंतजार कर रहे थे। दोपहर 3:30 बजे के करीब अचानक बिजली गिरने से यह दुखद हादसा हुआ। मुख्यमंत्री का शोक संदेश: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा, “इस हृदयविदारक घटना से मन अत्यंत व्यथित है। मृतकों के परिजनों को मेरी सांत्वना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है। जिला प्रशासन को त्वरित इलाज और सभी जरूरी मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।” प्रशासन की तत्परता घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने घायलों को बलौदाबाजार जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है। प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, जबकि कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने मौके पर पहुंचकर प्रत्येक परिवार को तात्कालिक सहायता के रूप में 15-15 हजार रुपये वितरित किए। कैबिनेट मंत्री की प्रतिक्रिया आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने भी घटना स्थल का दौरा किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने घायलों का हाल जाना और जिला प्रशासन को पीड़ितों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “यह एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, और सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। राहत और पुनर्वास के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।” इस प्राकृतिक आपदा से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, और स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में तेजी से जुटा हुआ है।

*सरगुजा के कुदरगढ़ी एल्युमिनियम प्लांट में बड़ा हादसा, 4 मजदूरों की मौत**हादसे की खबर सुनते ही विधायक प्रबोध मिंज मौके पर पहुँचे हैं*

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  सरगुजा – छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें रघुनाथपुर चौकी के सिलसिला गांव में स्थित मां कुदरगढ़ी एल्युमिनियम प्लांट में 4 मजदूरों की जान चली गई। यह हादसा उस समय हुआ जब प्लांट में कोयला लोड हॉपर और 150 फीट लंबी बेल्ट अचानक गिर गई, जिससे मजदूर मलबे में दब गए। हादसा सुबह 11-12 बजे के बीच हुआ, जब प्लांट में काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोयले से लोड हॉपर नीचे गिर गया और उसके साथ-साथ बॉयलर तक कोयला पहुंचाने वाली बेल्ट भी फ्रेम सहित टूटकर गिर पड़ी। इससे वहां काम कर रहे मजदूर दब गए। हादसे के बाद प्लांट में अफरा-तफरी मच गई, और अन्य मजदूरों ने तुरंत हाइड्रा और जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मेहनत के बाद 5 मजदूरों को मलबे से बाहर निकाला गया, जिनमें से 2 मजदूरों को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया। जबकि 2 मजदूरों के शव मलबा हटाने के दौरान मिले हैं। हादसे में घायल अन्य मजदूरों का इलाज सरगुजा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही विधायक प्रबोध मिंज और पुलिस मौके पर पहुंचे। राहत कार्य तेजी से जारी है, और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मलबे में अभी भी 3-4 मजदूर दबे हो सकते हैं। गैस कटर की मदद से लोहे को काटकर मलबा हटाया जा रहा है।एक मजदूर का शव मिलने से अभी तक मृतकों की संख्या 4 बताई जा रही है। इस दर्दनाक हादसे के बाद से स्थानीय लोगों और मजदूरों के बीच आक्रोश व्याप्त है। हादसे की उच्चस्तरीय जांच की मांग की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

*मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने बगिया में मनाया तीज पर्व , पति की लंबी आयु और सुख समृद्धि की ईश्वर से कामना की*

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जशपुर 7 सितंबर 24/ तीजा पर्व बगिया में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने शिव पार्वती माता की विधि विधान से पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की ईश्वर कामना की । बगिया में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मिलकर तीज पर्व का उत्साह मनाया. तीज़ पर्व, विशेषकर महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व खासकर महिलाओं के लिए समर्पित है और इसे विभिन्न नामों से मनाया जाता है, जैसे कि हरितालिका तीज, कजरी तीज, और हरितालिका तीज। इस पर्व का महत्व महिलाएं इस दिन विशेष पूजा और व्रत करती हैं। वे अपनी पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व तीज़ पर्व के दौरान महिलाएं परंपरागत परिधान पहनती हैं, झूला झूलती हैं, गाती हैं और नाचती हैं। यह सामाजिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर को बनाए रखने का एक तरीका है। पर्व विशेष रूप से शिव और पार्वती के पूजा का अवसर होता है। इसके माध्यम से महिलाएं धार्मिक आस्था को प्रकट करती हैं और भगवान से आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। महिलाएं एक साथ मिलकर त्योहार मनाती हैं, जो सामाजिक – परिवारिक संबंधों को मजबूत करने में मदद करता है। महिलाओं के तीज़ पर्व न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व भी रखता है।

*महुआपानी गांव में पहली बार पहुंचेगी बिजली: पीएम जनमन योजना के तहत छत्तीसगढ़ की विष्णु सरकार का बड़ा कदम*

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*जशपुर, 7 सितंबर 2024:* आजादी के 75 वर्षों बाद, जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक के कोरवा जनजाति बाहुल्य गांव महुआपानी में पहली बार बिजली की रोशनी दस्तक देने वाली है। यह ऐतिहासिक कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनमन योजना के तहत छत्तीसगढ़ की मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से संभव हो पाया है। ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही इस मांग पर त्वरित कार्यवाही कर सरकार ने इस क्षेत्र को बिजली से जोड़ने का काम स्वीकृत किया है। बिजली पहुंचने की खबर मिलते ही पूरे गांव में उत्सव का माहौल है, और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद ज्ञापित किया है। **जनमन योजना से महुआपानी के लिए उम्मीद की नई किरण** महुआपनी, जो जशपुर जिला मुख्यालय से करीब 85 किलोमीटर दूर स्थित है और जहां 100 से अधिक विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा परिवार रहते हैं, वर्षों से बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित था। यह गांव पहाड़ी और वन क्षेत्रों से घिरा हुआ है, जिससे यहां तक बिजली पहुंचाना कठिन चुनौती थी। लेकिन पीएम जनमन योजना के तहत, इस गांव में बिजली पहुंचाने की स्वीकृति मिलने से अब अंधेरे के बीच जीवन जी रहे लोगों के लिए एक नई शुरुआत की उम्मीद जगी है। **कोरवा जनजाति के जीवन में बड़ा बदलाव** पीढ़ियों से जंगलों के बीच निवास करने वाले कोरवा समुदाय के लिए यह बिजली की रोशनी सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि उनके जीवन में एक बड़े बदलाव का प्रतीक है। बिजली से न केवल उनके जीवन में उजाला होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। तकनीक की पहुंच से ग्रामीणों को दुनिया से जुड़ने और अपने जीवन स्तर को सुधारने का मौका मिलेगा। महुआपानी गांव के निवासियों आलु राम, भदई राम, खुलु पैकरा और रामबिसाल यादव ने बताया कि बिजली की खबर उनके लिए एक उत्सव से कम नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “यह हमारे गांव के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। हमें उम्मीद है कि बिजली की सुविधा हमारे बच्चों की पढ़ाई से लेकर खेती और रोजगार तक के अवसरों को सुधारने में मदद करेगी।” **विष्णु सरकार की सुशासन की प्रतिबद्धता** प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनमन योजना के अंतर्गत, छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने प्रदेश के दूर-दराज और पिछड़े क्षेत्रों में सुशासन और आधारभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए व्यापक कार्य किए हैं। यह पहल दिखाती है कि राज्य सरकार गरीब और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए कितनी गंभीर और प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश के विशेष पिछड़ी जनजातियों को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों को बल मिला है। महुआपानी जैसे दुर्गम इलाकों में बिजली जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराकर राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रदेश के हर नागरिक को विकास का लाभ मिले। **आगे की राह** बिजली पहुंचने से महुआपनी में अब शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और आधुनिक तकनीक के प्रयोग को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा की व्यवस्था कर सकेंगे और खेती-बाड़ी में भी सुधार होगा। इसके अलावा, रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जो इस क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। महुआपानी की इस सफलता से यह संदेश मिलता है कि छत्तीसगढ़ की विष्णु सरकार प्रदेश के विकास और जनहित के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और आने वाले समय में प्रदेश के और भी क्षेत्रों में ऐसे सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

*तीजा महिलाओं के संकल्प शक्ति और दृढ़ता का प्रतीक त्यौहार: कौशल्या साय,भाजपा महिला मोर्चा का जिला स्तरीय तीजा महोत्सव संपन्न*

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जशपुर: तीजा सुहागिन महिलाओं का त्यौहार है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रख कर अपने पति और संतान की दीर्घायु की कामना करती है। यह पवित्र त्यौहर भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों का प्रतीक है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय ने उक्त बातें कही। वे शहर के वशिष्ट कम्युनिटी हाल में भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित जिला स्तरीय तीजा महोत्सव को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थी। उन्होनें कहा कि भारत धर्म,संस्कृति और त्यौहारों का देश है। यहां हम सब मिल कर त्यौहार मनाते हैं। त्यौहार का अवसर खुशियां बिखरने का होता है। इससे समाज में उत्साह का संचार होता है। कौशल्या साय ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नेतृत्व वाली भाजपा सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। सांसद राधे श्याम राठिया ने कहा कि तीजा पर्व छत्तीसगढ़ के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। इसे माता और बहने अपने सुहाग की लंबी उम्र की कामना के साथ मनाती है। भाजपा के जिलाध्यक्ष सुनिल गुप्ता ने कहा कि तीाज का पर्व घर से लेकर समाज तक हर्षोल्लास बिखेरता है। कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष शांति भगत एवं महिला मोर्चा अध्यक्ष ममता कश्यप ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव, शहर मण्डल अध्यक्ष संतोष सिंह, डीडीसी राना बरला,अनिता सिंह,पूर्व जनपद अध्यक्ष कमला निराला,अंजू टोप्पो,रेणु विश्वास,गुड़िया यादव,भारती शर्मा,मीना चौहान,सावित्री सिंह,नीतू गुप्ता,सावित्री निकुंज,सुजाता भगत,मुन्नी गुप्ता,प्रतिमा भगत सहित महिला मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

*जशपुर में आकाशीय बिजली से सरपंच की मौत, पत्नी घायल, छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने से जनहानि का सिलसिला जारी*

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  जशपुर। जशपुर जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। ग्राम पंचायत रौनी के सरपंच रामवृक्ष राम और उनकी पत्नी गुरुवार सुबह आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए, जिसमें सरपंच रामवृक्ष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी बुरी तरह झुलस गईं। घायल महिला को तुरंत उपचार के लिए बगीचा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जा रहा है। घटना उस समय हुई जब रामवृक्ष अपनी पत्नी के साथ गाँव के पास के जंगल में अपने पालतू मवेशियों को चरा रहे थे। अचानक शुरू हुई बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से यह हादसा हो गया। स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच कर कार्रवाई कर रही है। छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली से बढ़ रही जनहानि छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली से होने वाली मौतों में तेजी से इजाफा हो रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में हर साल लगभग 200 से 300 लोगों की जान आकाशीय बिजली गिरने से चली जाती है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं अधिक होती हैं, खासकर जंगल और खुले क्षेत्रों में। *सरकार द्वारा जागरूकता और सुरक्षा के प्रयास* राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए कई जागरूकता अभियान चलाए हैं। लोगों को सावधानी बरतने के लिए चेतावनी जारी की गई है, जैसे कि बारिश के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे शरण न लेना। इसके बावजूद, ग्रामीण इलाकों में बिजली गिरने से जनहानि का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रामवृक्ष राम की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामवासियों और मृतक के परिवार के सदस्यों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर किया नमन, शिक्षक दिवस पर दी शुभकामनाएं*

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रायपुर, 05 सितंबर 2024। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् भारतरत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने अपने निवास कार्यालय में डॉ. राधाकृष्णन के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया और शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी शिक्षकों और नागरिकों को शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि डॉ. राधाकृष्णन न केवल एक महान शिक्षक थे, बल्कि एक उत्कृष्ट दार्शनिक और विद्वान भी थे, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपार योगदान दिया।  डॉ. राधाकृष्णन के विचार और शिक्षण पद्धतियां आज भी समाज को प्रेरित करती हैं। श्री साय ने कहा, “मेरे जीवन में जो कुछ भी मैंने सीखा है, उसमें मेरे गुरुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। शिक्षक हमें जीवन के हर मोड़ पर चुनौतियों का सामना करने और सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन में उच्च नैतिक मूल्यों को उतारकर उन्हें एक बेहतर नागरिक बनाते हैं। डॉ. राधाकृष्णन के विचारों को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को सकारात्मक दिशा में ले जाने का माध्यम है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के शिक्षकगण डॉ. राधाकृष्णन के पदचिन्हों पर चलते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी को भी आज जानना जरूरी है डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुत्तनी नामक स्थान में हुआ था। उनका परिवार धार्मिक और परंपरागत ब्राह्मण परिवार था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा तिरुत्तनी और वेल्लोर में पूरी की, और बाद में मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से दर्शनशास्त्र में स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की। उनकी रुचि दर्शनशास्त्र में गहरी थी, और उन्होंने भारतीय दर्शन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। करियर और योगदान डॉ. राधाकृष्णन एक महान विद्वान और शिक्षक थे। उनका शिक्षण करियर मद्रास प्रेसीडेंसी कॉलेज से शुरू हुआ, जहां उन्होंने दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर के रूप में कार्य किया। इसके बाद उन्होंने कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में पढ़ाया, जिसमें कलकत्ता विश्वविद्यालय और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय शामिल हैं। उन्होंने पश्चिमी दर्शनशास्त्र और भारतीय विचारधारा के बीच एक सेतु का काम किया और भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया। उनकी सबसे प्रसिद्ध पुस्तक “इंडियन फिलॉसफी” है, जिसमें उन्होंने भारतीय दर्शन के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया है। वे यह मानते थे कि भारतीय दर्शन और आध्यात्मिकता में वह शक्ति है, जो पश्चिमी जगत को गहराई से प्रभावित कर सकती है। राजनीतिक और राजनयिक करियर 1947 में भारत के स्वतंत्र होने के बाद, डॉ. राधाकृष्णन ने राजनयिक और राजनीतिक भूमिकाएं भी निभाईं। वे 1949 से 1952 तक यूनेस्को में भारतीय प्रतिनिधि रहे और 1952 से 1962 तक सोवियत संघ में भारत के राजदूत रहे। उनकी कूटनीतिक क्षमताओं और ज्ञान का वहां बहुत सम्मान किया गया। ### उपराष्ट्रपति और राष्ट्रपति डॉ. राधाकृष्णन 1952 में भारत के पहले उपराष्ट्रपति बने और इसके बाद 1962 से 1967 तक भारत के दूसरे राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। उनके राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान उन्होंने शिक्षा, संस्कृति, और नैतिकता को विशेष महत्व दिया। उनके सम्मान में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने की परंपरा शुरू हुई, क्योंकि वे हमेशा शिक्षा और शिक्षकों के महत्व को सर्वोपरि मानते थे। ### पुरस्कार और सम्मान डॉ. राधाकृष्णन को उनके योगदान के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले। 1954 में उन्हें भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न” दिया गया। इसके अलावा, उन्हें कई विश्वविद्यालयों से मानद उपाधि मिली और वे कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सदस्य रहे। ### निधन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का निधन 17 अप्रैल 1975 को हुआ। उनका जीवन भारतीय शिक्षा, दर्शन और नैतिकता के प्रति समर्पण का प्रतीक था, और उनकी विचारधारा आज भी शिक्षकों और छात्रों को प्रेरित करती है। डॉ. राधाकृष्णन ने अपने जीवन के माध्यम से यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही दिशा में ले जाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम है।

शिक्षक दिवस विशेष – पढ़ाई के साथ चूल्हा भी सम्हाल रहे हैँ शिक्षक,पहाड़ी कोरवा बाहुल्य सिहारडांड में उजागर हुई संकुल की बड़ी लापरवही,

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  ( सोनू जायसवाल की रिपोर्ट ) जशपुर –  जी हाँ,आप ठीक पढ़ रहे हैँ, जिले में एक स्कूल ऐसा भी है जहां शिक्षक किताबों के साथ स्कूल का चूल्हा – चौका भी सम्हालते हैँ ताकि स्कूली बच्चो को ज्ञान और मध्यान भोजन दोनों मिलता रहे। मामला जिले के बगीचा ब्लॉक के ग्राम पंचायत कलिया के सिहारडांड पूर्व माध्यमिक स्कूल का है। इस स्कूल में निर्धारित समय पर स्कूल पहुंचने के साथ ही प्रधान पाठक सहित सारे शिक्षक मध्यान भोजन के लिए लकड़ी जुटाने के साथ अनाज को साफ करने और इसे पकाने की व्यवस्था करने में जुट जाते हैं। बीते 6 माह से यह काम निरंतर चला आ रहा है। इससे शिक्षकों को परेशानी तो हो रही है,लेकिन बच्चों की भूख और स्वास्थ्य को बनाएं रखने के लिए सभी शिक्षक मिल कर मध्यान भोजन पका कर खिलाने का आदर्श प्रस्तुत कर रहें हैं। यहां के प्रधान पाठक नारायण राम यादव ने बताया कि सितम्बर 2023 में बीमारी के कारण स्कूल में पदस्थ रसोईया की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से ही यह पद रिक्त है। उन्होनें बताया कि स्कूल में चालू शिक्षा सत्र में 33 बच्चे अध्ययनरत हैं। रसोईया के अभाव में बच्चों को मध्यान भोजन से वंचित करना ठीक नहीं था। इसलिए उन्होनें संस्था में पदस्थ शिक्षकों से चर्चा की। सबने मिल कर निर्णय किया कि जब तक रसोईया की नियुक्ति नहीं हो जाती है,सब मिल कर बच्चों के लिए मध्यान भोजन तैयार करेगें। स्कूल पहुंचने के साथ ही शिक्षक मध्यान भोजन की तैयारी में जुट जाते हैं। प्रधानपाठक ने बताया कि जिस शिक्षक का पिरीयड खाली होता है,वह अनाज को साफ करने,सब्जी काटने और चुल्हा जलाने के काम में सहयोग करते हैं। सब मिल कर बच्चों के लिए मध्यान भोजन पकाते हैं और उन्हें खिलाते है। प्रायः देखा जाता है कि रसोईया ना होने या कोई और समस्या होने पर शिक्षक रसोई बंद कर देते हैं,जिससे अक्सर विवाद की स्थिति बन जाती है। बच्चे और अभिभावक इसकी शिकायत लेकर उच्च अधिकारी और जनप्रतिनिधियों के पास पहुंच जाते हैं। शिक्षक दिवस पर ऐसे सेवाभावी शिक्षकों को खबर जनपक्ष का बारम्बार प्रणाम। प्रधान पाठक नारायण राम यादव ने कहा कि मध्यान भोजन संचालित करने में संस्था के सभी षिक्षकों का योगदान सराहनीय है। उन्होनें बताया कि रसोईया की नियुक्ति को लेकर वे पंचायत के साथ विभागिय अधिकारियों से लगातार संपर्क कर रहें हैं,उम्मीद है कि जल्द ही नियुक्ति हो जाएगी।

*राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह कुछ ही देर में* *प्रदेश के महान साहित्यकारों के नाम पर 3 शिक्षकों को स्मृति पुरस्कार* *52 राज्यपाल शिक्षक सम्मान से होंगे सम्मानित*

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रायपुर – शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 05 सितंबर 2024 को प्रातः 11 बजे से राजभवन के दरबार हॉल में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे। शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में 55 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें से 52 शिक्षक राज्यपाल शिक्षक सम्मान और 3 शिक्षकों को प्रदेश के महान साहित्यकारों के नाम पर राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। *राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार वर्ष 2024* शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह में प्रदेश के तीन महान साहित्यिक विभूतियों के नाम पर तीन शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान से नवाजा जाएगा। इनमें बिलासपुर जिले की व्याखाता डॉ. रश्मि सिंह धुर्वे को ’’डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी स्मृति पुरस्कार’’, कबीरधाम जिले के शिक्षक री राजर्षि पाण्डेय को ’’डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार’’, दुर्ग जिले की उच्च वर्ग शिक्षक डॉ. श्रीमती सरिता साहू को ’’डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार’’ प्रदान किया जाएगा। *राज्यपाल शिक्षक सम्मान पुरस्कार वर्ष 2023-24* राज्यपाल शिक्षक सम्मान पुरस्कार वर्ष 2023-24 से सम्मानित होने वाले 52 शिक्षकों में दंतेवाड़ा जिले की व्याख्याता श्रीमती नेहा नाथ और शिक्षक एलबी कुमारी माधुरी उके, सरगुजा जिले की प्रधान पाठक कुमारी मधु सोनवानी और व्याख्याता श्रीमती नीतु सिंह यादव, सूरजपुर जिले की व्याख्याता एलबी श्रीमती रीता गिरी और प्रधान पाठक कुमारी विनिता सिंह, बालोद जिले के व्याख्याता एलबी धमेंन्द्र कुमार और व्याख्याता डॉ. भरतलाल साहसी, जशपुर जिले के व्याख्याता एलबी  टुमनु गोसाई और अयोध किशोर गुप्ता, सुकमा जिले की प्रधान पाठक श्रीमती जयमाला और हपका मुत्ता, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के सहायक शिक्षक नीलकंठ कोमरे और अंगद सलामें, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की सहायक शिक्षक श्रीमती स्वप्निल सिंह पवार और शिक्षक एलबी अर्चना सामुएल मसीह, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के व्याख्याता एलबी श्री मानस साहू और सहायक शिक्षक एलबी श्री महादीप जंघेल, उत्तर बस्तर कांकेर जिले के व्याख्याता श्री सेवक राम निषाद और व्याख्याता एलबी श्री पवन कुमार सेन, कोण्डागांव जिले की व्याख्याता श्रीमती तनुजा देवांगन और उच्च श्रेणी शिक्षक श्रीमती सरस्वती नाग, कोरिया जिले की सहायक शिक्षक एलबी श्रीमती श्वेता सोनी और श्रीमती अर्पणा मिश्रा, राजनांदगांव जिले के व्याख्याता एलबी श्री गोकुल दास जंघेल और श्री जयप्रकाश साहू के नामों की विधिवत् घोषणा की। राज्यपाल शिक्षक सम्मान पुरस्कार 2023 के लिए चयनित शिक्षकों में नारायणपुर जिले की शिक्षक एलबी श्रीमती कविता हिरवानी और व्याख्याता एलबी श्रीमती लता मानिकपुरी, जांजगीर-चांपा जिले के व्याख्याता एलबी दिनेश कुमार चतुर्वेदी और सहायक शिक्षक एलबी  कामता प्रसाद सिंह, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सहायक शिक्षक एलबी सुनिता यादव और व्याख्याता श्री पूनम सिंह साहू, बेमेतरा जिले की सहायक शिक्षक एलबी सुश्री हिमकल्याणी और व्याख्याता एलबी  भुवनलाल साहू, महासमुंद जिले के व्याख्याता प्रमोद कुमार कन्नौजे और व्याख्याता एलबी शैलेन्द्र कुमार नायक, बलरामपुर जिले के शिक्षक  श्याम कुमार गुप्ता और प्रधान पाठक विनोद कुमार पंथ, मुंगेली जिले के शिक्षक एलबी डॉ. सत्यनारायण तिवारी और प्रधान पाठक  जितेन्द्र गेंदले, गरियाबंद जिले के सहायक शिक्षक एलबी  डिगेश्वर कुमार साहू और उच्च श्रेणी शिक्षक किशोर कुमार निर्मलकर, धमतरी जिले की व्याख्याता एलबी श्रीमती ज्योति मगर और डॉ. आशीष नायक, रायगढ़ जिले की प्रधान पाठक डॉ. मनीषा त्रिपाठी और सुशील कुमार गुप्ता, कोरबा जिले के व्याख्याता भुपेन्द्र कुमार राठौर और सहायक शिक्षक श्रीमती वसुंधरा कुर्रे, जगदलपुर जिले की व्याख्याता श्रीमती मीरा हिरवानी और मोहम्मद अकबर खान, बीजापुर जिले के प्रधान पाठक पवन कुमार सिन्हा और शिक्षक एलबी  ककेम नारायण के नाम शामिल हैं।

*संविधान बदलने का झूठ फैलाने वालों को ओपी चौधरी ने दी कड़ी चेतावनी: “देश को आपातकाल की आग में झोंकने वाले अब जनता को गुमराह कर रहे हैं”*

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*जशपुर:* छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री और जशपुर जिले के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला स्तरीय सदस्यता अभियान के शुभारंभ के दौरान संविधान बदलने की अफवाह फैलाने वालों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में आपातकाल थोपने वाली पार्टी अब संविधान बदलने और आरक्षण खत्म करने जैसी झूठी बातें फैलाकर जनता को भ्रमित कर रही है। चौधरी ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं के होते हुए, इस तरह की झूठी अफवाहें कभी भी सफल नहीं होंगी। चौधरी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वही पार्टी जो आज संविधान बदलने के झूठे आरोप लगा रही है, उसने देश की निर्वाचित सरकारों को गिराने के लिए धारा 356 का सौ बार दुरुपयोग किया है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से संगठन के काम को सर्वोपरि मानते हुए, पार्टी आलाकमान के आदेशों का पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनने के बाद जशपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में विकास की एक नई लहर आई है। भाजपा ने पिछले 8 महीनों में वह काम कर दिखाया है, जिसके बारे में कांग्रेस कभी सोच भी नहीं सकती थी। *वित्त मंत्री चौधरी ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां* वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छत्तीसगढ़ में 8 लाख गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस परिवारवाद में लिप्त है और वह इस योजना को इंदिरा आवास के नाम से चलाना चाहती है। चौधरी ने जोर देकर कहा कि भाजपा सरकार बनने के 12 दिन के अंदर ही किसानों को दो साल का बकाया धान बोनस और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर उनका भुगतान किया गया। इसके अलावा महतारी वंदना योजना के तहत 70 लाख माताओं और बहनों के खाते में राशि डाली गई है। *भाजपा का आंतरिक लोकतंत्र और संगठन की ताकत से सरकार बनती है: सुनील गुप्ता* कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसा राजनीतिक दल है, जिसमें आंतरिक लोकतंत्र है और जो अपने संविधान के तहत काम करती है। उन्होंने कहा कि सदस्यता अभियान पार्टी का मूल आधार है और सभी वर्ग, समाज, और आयु के लोग इसमें जुड़ने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने सभी पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से सदस्यता अभियान को रिकॉर्ड स्तर पर पूरा करने की अपील की। *राधेश्याम राठिया ने की कार्यकर्ताओं के निस्वार्थ सेवा की प्रशंसा* लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने भाजपा के कार्यकर्ताओं की निस्वार्थ सेवा की सराहना करते हुए कहा कि पार्टी ने अपनी विचारधारा को कायम रखने के लिए बड़ी तपस्या की है। उन्होंने कहा कि भाजपा गरीब कल्याण के लिए अंत्योदय की विचारधारा से प्रेरित होकर कार्य कर रही है और धारा 370 को समाप्त करके अपने विचार को पुष्ट किया है। कार्यक्रम के दौरान नगरपालिका अध्यक्ष राधेश्याम राम ने सदस्यता ग्रहण की, जिसके बाद सैकड़ों पदाधिकारियों ने भी भाजपा की सदस्यता ली। कार्यक्रम का संचालन सदस्यता अभियान के जिला संयोजक ओमप्रकाश सिन्हा ने किया और आभार व्यक्त जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने किया। इस अवसर पर जिला प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी, सांसद राधेश्याम राठिया, भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता, पूर्व विधायक रोहित साय, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नरेश नंदे, जिला महामंत्री भरत सिंह, मुकेश शर्मा समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।