BLACK FRIDAY : वारिसों को विष्णु सरकार दे 50-50 लाख,हाथी के हमले में 4 लोगों की मौत पर कांग्रेस ने की सियासत शुरू,,बगीचा शहर में हुई दर्दनाक मौतों से हिला छत्तीसगढ़,हाथियों का प्रवेश द्वार जशपुर में मौत का तांडव जारी

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  जशपुर – ब्लैक फ्राइडे हाँ, हाँ ब्लैक फ्राइडे ही कहेंगे क्योंकि शुक्रवार की आधी रात को घुप्प अंधेरे में जंगली हाथी ने बगीचा शहर के गम्हरिया मुहल्ले में 4 लोगों को कुचलकर मारा,जिनके खून के निशान सीसी रोड पर सूख रहे हैं।जो भी इस मंजर को देख रहा है उसके आंसू रुक नहीं रहे हैं।वहीं हाथी से मौत के मामले में प्रदेश कांग्रेस के सदस्य विनयशील ने 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग करके सियासत शुरू कर दी है। दरअसल,बगीचा के रिहायशी इलाकों आने वाला वार्ड नम्बर 09 गम्हरिया में सड़क किनारे हाथी ने एक घर पर हमला किया जहां 6 लोग सो रहे थे।हमले में घर का दीवार पूरी तरह ढह गया।जिसमें दो बहन दब गए जिसमें से एक बहन का पैर बाहर घा जिसे हाथी ने खींचकर मार डाला। घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि रात में हाथी मित्रदल की गाड़ी भी आई थी। सड़क पर स्ट्रीट लाइट नहीं है और घरों की बिजली गुल थी।इससे पहले कि शहरवासी कुछ समझ पाते हाथी ने सड़क किनारे रामकेश्वर सोनी के कच्चे मकान पर हमला कर दिया।घटना देर रात 12 बजे की है।बिजली नहीं होने के कारण लोगों  को कुछ समझ में नहीं आया और हाथी लगातार हमला करता गया।उसी घर में सो रहे पिता, पुत्री और चाचा को हाथी ने पटक पटक कर मार डाला।हो हल्ला सुनकर पड़ोस का एक युवक बाहर निकला उसपर भी हाथी ने हमला कर दिया।मृतकों में पिता रामकेश्वर सोनी उम्र 35 वर्ष,पुत्री रवीता सोनी उम्र 09 वर्ष,चाचा अजय सोनी उम्र 25 वर्ष,पड़ोसी अश्विन कुजूर उम्र 28 वर्ष हैं।  इस बड़ी घटना से पूरा प्रदेश सिहर उठा है।बताया जा रहा है कि भोजन की तलाश में लोनर बेहद आक्रमक हो गया है और बीते कई दिनों से कच्चे मकानों पर हमला कर रहा है।हमले में तीन दिन पहले ही कुनकुरी रेंज में 1 और बादलखोल अभ्यारण्य के अंदर 1 व्यक्ति की जान गई है। इन घटना पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ के सदस्य विनयशील ने गहरा दुःख जताया है।उन्होंने अपने सोशल एकाउंट X पर बीजेपी सरकार पर हमला करते हुए लिखा है कि CG में BJP सरकार और वन विभाग सब सो रहे हैं : आदिवासी मुख्यमंत्री के गृह ज़िले जशपुर में बगीचा के नगर पंचायत क्षेत्र में हाथी और मानव द्वन्द में 4 लोगों की जान चली गई । सरकार कह रही है कि 25 हज़ार रुपया मुआवज़ा देगी बेशर्मी की हद है. हम माँग करते हैं कि  – मृतिकों को 50- 50 लाख रुपये मुआवज़ा दिया जाना चाहिए. – जशपुर में हाथी मानव द्वन्द समस्या की समझ वाले IFS ऑफ़िसर की नियुक्ति कीजिए. – हाथियों का रास्ता ट्रैक करके स्थानीय स्तर पर लोगों को सूचना देने की व्यवस्था की कीजिए. – द्वन्द रोकने के लिए जंगल में हाथियों के लिए खाने की व्यवस्था की जाना चाहिए. – जंगल से सटे नगर क्षेत्र में हाईमास्क लाइट लगाएँ. – पास ही डीएवी स्कूल और छात्रावास भी स्थित है,वहाँ     बच्चों की सुरक्षा के लिए कदम उठाएँ. CM साहब सबसे अपने क्षेत्र के आदिवासी और रहवासियीं को प्रधानमत्री आवास बनवा के दीजिए. इन क्षेत्रों में बिजली कटौती रोकिए. @vishnudsai ji @INCChhattisgarh  1/1 बहरहाल,ये बड़ा सवाल है कि क्या छत्तीसगढ़ में हाथियों का प्रवेश द्वार जशपुर में हाथी-मानव संघर्ष को बढ़ने से रोकना किसी सरकार के बस की बात नहीं रही? घटते जंगल,बढ़ते लोग वन्यजीवों के लिए खतरा बन गए हैं।वन अधिकार पट्टा देकर पिछली सरकारों ने जंगल खत्म करने का रास्ता दिखा दिया है क्योंकि नियमों का पालन हर पट्टाधारी कर रहा हो,यह कोई नहीं मानता। फिलहाल,इस बड़ी घटना के बाद वन विभाग नुकसान का आंकलन कर मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की अंतरिम सहायता राशि देकर,लोनर हाथी को लगातार ट्रेस कर रहा है। वनमण्डलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने मीडिया से बात करते हुए जानकारी दी कि लोनर हाथी बीते दस दिनों में तपकरा रेंज से कुनकुरी रेंज होते हुए बादलखोल अभ्यारण्य पहुंचा था जहां से शुक्रवार की शाम को बगीचा की ओर आया था।जहां रात को गम्हरिया में एक मकान को नुकसान पहुंचाया,इसी दौरान घर मे सो रहे लोगों में से तीन लोगों की हाथी से सामना होने पर उनकी जान चली गई।वहीं पड़ोस का एक युवक भी हाथी के सामने आ गया।अभी जिले में 40 हाथी हैं जिसमें यह दल से अलग किया गया हाथी है।हाथी विशेषज्ञ अजित पांडे और महावत को बुलाया गया है।जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी।हाथी पर लगातार नजर रखे हुए है लेकिन अंधेरे और बस्तियों में लाइट नहीं  रहने से हाथी का लोकेशन मिस हो जाता है।हमारे द्वारा लगातार लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। .

विश्व आदिवासी दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी आदिवासी समुदाय को शुभकामनाएं*

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  रायपुर, 9 अगस्त 2024 – छत्तीसगढ़ राज्य के  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समुदाय को अपनी बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) और अपने फेसबुक पेज पर संदेश साझा करते हुए कहा, “जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में सदियों से तल्लीन, प्रकृति के सच्चे सेवक आदिवासी भाई-बहनों को विश्व आदिवासी दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।” विष्णुदेव साय ने आदिवासी समुदाय की महती भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा, “आप सभी सदियों से प्रकृति की उपासना करते हुए सभ्यता और संस्कृति को अक्षुण्ण बनाए रख रहे हैं एवं हमारी स्वर्णिम इतिहास की धरोहर का परचम थामे हुए हैं। राष्ट्र और समाज के उत्थान में आप सभी आदिवासी भाई-बहनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार गौरवशाली आदिम संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्यरत है और आदिवासियों की खुशहाल जिंदगी और उनकी प्रगति के लिए समर्पित है। अंत में उन्होंने पुनः आदिवासी समुदाय को विश्व आदिवासी दिवस की बधाई दी। साय का यह संदेश आदिवासी समुदाय के प्रति उनके सम्मान और संवेदनशीलता को दर्शाता है, जो इस दिवस को और भी खास बना देता है।

*मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता: जनदर्शन में नागरिक की पीड़ा सुनते ही तुरंत कार्रवाई के निर्देश**एसपी से कहा – गुम हुई पत्नी को ढूंढो*

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रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशीलता एक बार फिर सामने आई है। आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन में राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव निवासी नंदकिशोर ने अपनी पत्नी की गुमशुदगी की पीड़ा को मुख्यमंत्री के सामने रखा। नंदकिशोर ने बताया कि उनकी पत्नी पिछले छह महीनों से लापता है और तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें अब तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नंदकिशोर की बात को गंभीरता से सुना और तत्काल राजनांदगांव एसपी को फोन कर इस मामले की जांच करने और लापता पत्नी को ढूंढने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की इस त्वरित प्रतिक्रिया ने फरियादी को आशा की एक नई किरण दी है कि अब उसकी पत्नी का पता जल्द ही चल जाएगा। मुख्यमंत्री साय की जनदर्शन के दौरान नागरिकों की समस्याओं को सुनने और उन्हें जल्द से जल्द हल करने की यह पहल उनकी संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि हर गुरुवार को मुख्यमंत्री श्री साय जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनते हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रहते हैं। श्री साय ने अपने गृहजिले जशपुर में भी लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए “श्रीराम सदन” में सीएम कैम्प खोलकर जिलेवासियों को रायपुर जाने की परेशानी से भी निजात दिलाई है। यह कदम मुख्यमंत्री की जनसेवा के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री की इस संवेदनशीलता की सराहना हर ओर की जा रही है, जिससे जनमानस में उनके प्रति विश्वास और बढ़ा है।

छतीसगढ़ में मवेशी तस्करों के गांव साईंटाँगरटोली में पुलिस ने चलाया ‘ऑपरेशन शंखनाद’,,पढ़िए खास रिपोर्ट

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मवेशी तस्करों पर पुलिस के प्रहार की ख़ास खबर (खबर जनपक्ष) जशपुर: छत्तीसगढ़ राज्य के सीमावर्ती गांव साईं टांगरटोली में आज सुबह 4:00 बजे जशपुर पुलिस ने वृहद स्तर पर “ऑपरेशन शंखनाद” चलाकर पशु तस्करों के ठिकानों पर धावा बोला। इस अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सोनी ने किया, जिसमें 125 पुलिसकर्मी शामिल थे। हम आपको बता दें कि यह गांव मुस्लिम आबादी वाला बड़ा गांव है।जो लोदाम पुलिस चौकी के अंदर झारखण्ड बॉर्डर पर शँख नदी के तट पर बसा है।अन्तर्राज्यीय सीमा पर होने के कारण यह गांव अपराधियों के लिए काफी मुफ़ीद रही है।यह गांव खासकर मवेशी तस्करी को लेकर बदनाम है।ढाई हजार की आबादी वाले इस गांव के ज्यादातर लोग छोटी-बड़ी दुकान चलाते हैं और मेहनत -मजदूरी करते हैं।शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ी है लेकिन दसवीं कक्षा के बाद ड्रॉप आउट स्टूडेंट्स की संख्या चिंताजनक है।बीते दो माह से जशपुर पुलिस ने जिले को अपराधमुक्त बनाने के लिए मवेशी तस्करी को टारगेट किया है।जिसके कारण आज इस गांव में ऑपरेशन शंखनाद शुरू किया गया। **ऐसा चला ऑपरेशन शंखनाद कि…** एसपी शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सोनी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में 125 पुलिसकर्मियों ने पांच टीमों में बंटकर बलवा ड्रिल और आंसू गैस सामग्री के साथ गांव को चारों ओर से घेर लिया। ऑपरेशन के दौरान ड्रोन से निगरानी की गई।पुलिस ने 04 अलग-अलग बाड़ों से कुल 37 गौ-वंश को मुक्त कराया और 10 तस्करों को गिरफ्तार कर उनसे 09 पिकअप वाहन, 03 कार, 01 स्कॉर्पियो और 05 मोटरसाइकिलें जब्त कीं।गिरफ्तार आरोपियों पर कई न्यायालयों से स्थाई वारंट जारी थे।जप्त वाहनों को राजसात किया जाएगा। एसपी शशि मोहन सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, “जशपुर पुलिस द्वारा आज प्रातः साईं टांगरटोली में “ऑपरेशन शंखनाद” चलाते हुए 10 तस्करों को गिरफ्तार कर उनसे 09 पिकअप वाहन, 04 कार और 05 मोटरसाइकिलें जब्त की गई हैं। आने वाले दिनों में पूरे जिले में इस तरह की कार्रवाई की जाएगी और जिले को पशु तस्करों से पूर्णतः मुक्त कराया जाएगा।” *पुलिस आपकी दुश्मन नहीं है,हम आपको आईना दिखाने आये हैं*   कार्रवाई के दौरान एसपी शशि मोहन ने मुस्लिम बस्ती में युवाओं की स्टैंडिंग मीटिंग ली जिसमें उन्होंने कहा कि ढाई हजार की आबादी में से कुछ सौ-दो सौ लोग अपराध करते होंगे। जिनके चलते गांव की बदनामी होती है। बाकी लोग अपना सामान्य जीवन जी रहे है,कोई दुकान चलाता है,कोई मेहनत-मजदूरी करता है।ऐसे अपराधियों के कारण आपकी पीढ़ी बर्बाद हो रही है।उन्होंने बच्चों और युवाओं को पढ़-लिखकर अच्छा भविष्य बनाने की समझाइश दी। **पशु प्रेमियों की उम्मीदें:** यह गांव छत्तीसगढ़ के मवेशियों को तस्करी के जरिये झारखंड के रास्ते पश्चिम बंगाल होकर बांग्लादेश तक भेजने का प्रमुख EXIT GATE निकास द्वार है। पशु प्रेमी इस कार्रवाई को मवेशी तस्करी की अंतर्राष्ट्रीय चैनल तोड़ने की बड़ी सफलता मान रहे हैं। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि अब देसी नस्ल के मवेशी बच सकेंगे। इस ऑपरेशन में पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सोनी, एसडीओपी जशपुर  चंद्रशेखर परमा, एसडीओपी कुनकुरी  विनोद कुमार मंडावी, उप पुलिस अधीक्षक विजय सिंह राजपूत, उप पुलिस अधीक्षक भावेश समरथ, थाना प्रभारी लोदाम निरीक्षक राकेश यादव, निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे और उप निरीक्षक सरिता तिवारी सहित अन्य अधिकारी और पुलिस के जवान शामिल रहे।

छत्तीसगढ़ में पीटीएम कार्यक्रम का मुख्यमंत्री साय ने जशपुर से किया शुभारम्भ, 48000 सरकारी स्कूलों में हुआ पालक-शिक्षक मीटिंग,पत्रकारों से कहा – नहीं बनेगा नया जिला

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जशपुर – मुख्यमंत्री विष्णुदे साय सोमवार-मंगलवार को गृहजिले जशपुर के दौरे पर रहे।इस दौरान उन्होंने शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बन्दरचूंवा में प्रदेश स्तरीय पालक-शिक्षक बैठक का शुभारंभ किया।कार्यक्रम के बाद वनवासी कल्याण आश्रम के जिलाध्यक्ष बलराम भगत के घर दोकड़ा पहुंचकर उनकी माताजी के निधन पर शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री साय पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 बजे मेगा पालक-शिक्षक बैठक में शामिल होने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बन्दरचूंवा पहुंचे। यहां उन्होंने विद्यार्थियों और उनके पालकों से बातचीत की। यह कार्यक्रम शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है। शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने जानकारी दी कि प्रदेश के 5,500 संकुल में पालकों की बैठक आयोजित की जा रही है और 48,000 सरकारी स्कूलों में साल में तीन बार पालकों की बैठक होगी। यह पहली बैठक मुख्यमंत्री के निर्देश पर आयोजित की गई है। बैठक में पालकों को बच्चों की पढ़ाई के स्तर को बढ़ाने के लिए 12 बिंदुओं पर चर्चा की गई और जानकारी दी गई। बच्चों में पढ़ाई के कारण बढ़ते तनाव को दूर करने पर भी जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश में 20 बोली भाषाओं में पुस्तक बनाने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंच से कहा, ” यहां इस स्कूल में मैं पहले भी आ चुका हूं। मेरी पत्नी हर स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस यहीं मनाती हैं। शिक्षा का बड़ा महत्व है और विद्वानों ने इसे विकास का मूलमंत्र बताया है। शिक्षा केवल नौकरी पाने के लिए नहीं है, बल्कि जीवन को पूर्ण बनाने के लिए जरूरी है। शिक्षा के कारण हमारा देश विश्वगुरु कहलाता था और यहां नालंदा और तक्षशिला में दुनियाभर से विद्यार्थी आते थे।” उन्होंने आगे कहा, “मैकाले की शिक्षा पद्धति बहुत दिनों तक चली, लेकिन अब समय के साथ बदलते परिस्थितियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति 2020 लागू की गई है, जो युवाओं और बच्चों को डिग्री, संस्कार और रोजगार के लिए कौशल विकास करने का काम करेगी। अब साल में तीन बार शिक्षक-पालक की बैठक होगी। नई शिक्षा नीति में लोकल भाषा में पढ़ाई कराई जाएगी। जशपुर में पीएमश्री योजना के तहत 263 स्कूल शामिल किए गए हैं, जिससे वे स्कूल प्रायवेट स्कूलों की तरह सुविधाओं से लैस होंगे।” मुख्यमंत्री साय ने जशपुर में 500 सीटर और कुनकुरी में 200 सीटर नालंदा परिसर खोलने की घोषणा की। उन्होंने बन्दरचूंवा में सर्व सुविधायुक्त बस स्टैंड, प्राथमिक शाला से छेराघोघरा के लिए स्ट्रीट लाइट, बंदरचुंवा दोनों मंदिरों के जीर्णोद्धार का भी ऐलान किया। इसके अलावा, उन्होंने बन्दरचूंवा में एक मिनी स्टेडियम और छात्रावास को 50 सीट से बढ़ाकर 100 सीट करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने पालक हरिसेवक की तारीफ करते हुए कहा कि उनका पोता यहीं से पढ़कर एमएससी कर रहा है। उन्होंने कहा, “रायपुर में नालंदा परिसर खोला गया है, जहां प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए 24 घंटे खुला रहता है। ऐसे ही नालंदा परिसर 22 जिलों में खोलने जा रहे हैं।” इन सभी योजनाओं और घोषणाओं के साथ, मुख्यमंत्री साय ने शिक्षा और विकास के क्षेत्र में व्यापक सुधार और प्रगति का आश्वासन दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी सरकारी स्कूल के शिक्षकों को उनकी मेहनत के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि वे निजी तौर पर 1990 से स्कूलों में जाकर पालकों, विद्यार्थियों और गुरुजनों के साथ चर्चा करती आ रही हैं। उन्होंने कहा, “परीक्षा कोई भूत नहीं है जो आपको इतना डरा दे। परीक्षा के समय स्कूलों में जाकर बच्चों को समझाना, परिणाम को लेकर अच्छा वातावरण बनाने का काम हम सभी को करना चाहिए।” उन्होंने पालकों को यह भी याद दिलाया कि बच्चों को संस्कार देने का काम उनका है, जबकि शिक्षक उन्हें आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से बात करते हुए घोषणा की है कि रेडी टू ईट योजना, जिसे भूपेश सरकार के दौरान महिला स्वसहायता समूहों से छीन लिया गया था, अब फिर से इन्हीं समूहों को सौंपने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने सुबह बगिया निवास श्रीराम सदन में 59 कब्जाधारियों को वनभूमि के पट्टे सौंपे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने प्रदेश में नए जिले बनाने की योजना से फिलहाल इंकार किया।

 जशपुर में सड़क किनारे पहाड़ी कोरवा महिला ने दिया शिशु को जन्म, समय पर सहायता से सुरक्षित रहे जच्चा-बच्चा

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जशपुर: कुनकुरी तहसील के नारायणपुर गांव में आज सुबह 11 बजे एक असाधारण घटना घटी, जब एक पहाड़ी कोरवा महिला ने सड़क किनारे एक बाउंड्रीवाल के अंदर शिशु को जन्म दिया। इस घटना में मकान मालकिन, दुकानदार और स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता और सहयोग से समय से पहले हुए इस प्रसव में जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित रहे। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर श्रीमती किरण कांति कुजूर ने खबर जनपक्ष  को बताया कि प्रसूता बिंदेश्वरी बाई (21) अपने ससुराल बछरांव जाने के लिए नारायणपुर बस स्टेशन पर बस का इंतजार कर रही थीं। वह पिछले सप्ताह से अपने मायके जाताकोना में थीं और उनके भाई ने उन्हें बाइक से नारायणपुर छोड़ा था। अचानक, बिंदेश्वरी को पेट में तेज दर्द हुआ और वह सड़क किनारे एक बाउंड्रीवाल के अंदर चली गईं, जहां उनका मेम्ब्रेन फूटने से समय से 2 महीने पहले प्रसव हो गया। नवजात बालिका का वजन डेढ़ किलो है और उसे कुनकुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शिशु विशेषज्ञों द्वारा जांच के लिए ले जाया गया। घटना की सूचना मिलते ही बीएमओ ने ड्यूटी पर तैनात नर्सों को तत्काल मौके पर भेजा और जच्चा-बच्चा को सकुशल अस्पताल पहुंचाया। इस घटना में युवा व्यवसायी राहुल बंग और मकान मालकिन सपना सिंह की संवेदनशीलता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सपना सिंह ने बताया कि जब वह सावन सोमवार को शिव मंदिर से पूजा करके लौटीं, तो उन्होंने बाउंड्रीवाल के पास एक महिला को बच्चे को जन्म देते देखा। उन्होंने तुरंत पड़ोसी राहुल बंग को अस्पताल की सूचना देने के लिए कहा और खुद वाहन की व्यवस्था करने लगीं। महिला का बीपी बढ़ा हुआ था और खराब सड़कों पर बाइक से यात्रा करने के कारण यह घटना हुई थी। डॉ. मीना कुजूर, लैब टेक्नीशियन समाप्रिया खाखा, स्टाफ नर्स दीपा टोप्पो और लिपिक किरण मिंज ने भी मौके पर पहुंचकर तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की और महिला व शिशु को अस्पताल पहुंचाया। इन सभी की तत्परता और संवेदनशीलता ने एक जीवनरक्षक भूमिका निभाई और जच्चा-बच्चा को सुरक्षित रखा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भोरमदेव में कावड़ियों पर की पुष्प वर्षा**कहा – हर हर महादेव*

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रायपुर, 05 अगस्त 2024: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कबीरधाम जिले के भोरमदेव में शिव भक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा साथ थे। मुख्यमंत्री ने आज भोरमदेव में सावन सोमवार के अवसर पर हजारों की संख्या में पहुंचे शिव भक्तों, जो सैकड़ों किलोमीटर पैदल यात्रा कर शिवजी का जल अभिषेक करने आए हैं, पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की। यह आयोजन छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहा है, जब प्रदेश के मुखिया स्वयं कावड़ियों पर पुष्प वर्षा किये। *छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए ऐतिहासिक क्षण* मुख्यमंत्री द्वारा पुष्प वर्षा का यह क्षण श्रद्धालुओं के लिए ऐतिहासिक रहा। पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री स्वयं कावड़ियों पर पुष्प वर्षा किये, जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह और भी बढ़ गया। इस आयोजन से छत्तीसगढ़ की धार्मिक परंपराओं और संस्कृति को और भी सशक्त बनाएगा।

*मुख्यमंत्री ने सपरिवार हरेली तिहार में की पूजा-अर्चना**अच्छी फसल और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की*

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*मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की छटा बिखरी* रायपुर, 4 अगस्त 2024/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने निवास कार्यालय में आज परंपरागत रूप से छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार हरेली परिवार व आमजनों संग धूमधाम से मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं परिजनों के साथ विधिवत रूप से तुलसी माता, नांगर, कृषि उपकरणों, गेड़ी की पूजा कर अच्छी फसल, किसानों और प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। छत्तीसगढ़ की परंपराएं और संस्कृति मुख्यमंत्री निवास में पूरी तरह से जीवंत हो उठीं। हरेली, जो कि छत्तीसगढ़ का पहला और सबसे प्रमुख त्यौहार है, इसे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सपरिवार और आमजन के साथ धूमधाम से मना रहे हैं। मुख्यमंत्री निवास को छत्तीसगढ़ी ग्रामीण परिवेश में ढालते हुए, पारंपरिक सजावट और छत्तीसगढ़ी संस्कृति के अनुरूप सजाया गया है। इस मौके पर आयोजित हो रहे छत्तीसगढ़ी संगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक गड़वा बाजा, राउत नाचा और गेड़ी नृत्य का भी विशेष आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर परंपरागत कृषि उपकरणों के स्टॉल उपकरणों से छत्तीसगढ़ के कृषि संस्कृति जीवन्त हो उठी है। *मुख्यमंत्री ने कलाकारों का बढ़ाया उत्साह* राउत नाचा के कलाकारों के आग्रह पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ी पारंपरिक वेशभूषा धारण कर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया, जिससे हरेली के इस महोत्सव में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ।

बड़ी खबर : सरिता के ‘राशन’ पर मचा बवाल,भूपेश के पोस्ट पर भाजपा और कांग्रेस भिड़ी,विनयशील ने पूछा सवाल

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रायपुर – भूपेश सरकार में डेढ़ साल तक राशन मिला और विष्णु सरकार के आते ही पिछले 6 माह से राशन नहीं मिल रहा है।यह पढ़ते ही आपको लगेगा कि राशनकार्डधारी के परिवार के साथ ऐसे कैसे हो गया? दरअसल, जशपुर जिले के कुनकुरी विधानसभा की राशनकार्डधारी महिला को बीते 18 जनवरी 2024 के बाद से आज तक राशन नहीं मिल रहा है।इस मामले को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने X पर पोस्ट करते हुए सीधे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर हमला बोला है।वहीं बीजेपी ने इस मामले को ही खारिज करते हुए पार्टी के X एकाउंट से भूपेश बघेल को जवाब दिया है।इसके बाद छतीसगढ़ कांग्रेस के आधिकारिक एक्स X एकाउंट से महिला सरिता बाई का बयान पोस्ट कर भाजपा को फिर से कटघरे में खड़ा कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य विनयशील ने प्रेस कांफ्रेस में कहा कि क्या हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पोस्ट से भाजपा सरकार वंचितों को राशन देगी? दरअसल,यह मामला इसलिए बड़ा सियासी हो गया क्योंकि महिला जिस विधानसभा से आती है वह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सीट है ।ऐसे में मोदी की गारंटी के साथ डबल इंजन की सरकार में सुशासन जिनका नारा हो उनके ही एक परिवार की हांडी में सरकारी राशन क् चावल नहीं पकना कांग्रेस के लिए मुद्दा तो बन ही गया। सो,कांग्रेस के बड़े नेता भूपेश बघेल पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उछाल दिया।उन्होंने 31 जुलाई को X पर लिखा मुख्यमंत्री @vishnudsai जी सुनिए आपके कुनकुरी के ग़रीब परिवार के लोगों का दर्द। फ़रवरी से इस परिवार को राशन का चावल भी नहीं मिल रहा है। वे बता रहे हैं कि नया राशन कार्ड बना नहीं रहे हैं और पुराने राशन कार्ड से चावल नहीं दे रहे हैं। सोसायटी और अधिकारियों के पास गये तो बता रहे हैं कि ऊपर से चावल नहीं आ रहा है। इस पोस्ट के बाद सरकार हरकत में आई और मामले की तफ़्तीश बड़ी तेजी से कराई जिसके बाद प्रदेश भाजपा ने खाद्य अधिकारी का पत्र अटैच करके भूपेश बघेल पर पलटवार किया।पढ़िए , ठगेश जी, झूठ बोलने की कांग्रेसी यूनिवर्सिटी के आप टॉपर छात्र हैं। जिस विषय पर आपने जो रायता फैलाया है, उसकी सच्चाई जान लीजिए। महिला का राशनकार्ड झारखंड में बना था, जिसके कारण उनका कार्ड छत्तीसगढ़ में निरस्त किया गया। अब महिला ने झारखंड से अपना राशन कार्ड निरस्त करवा लिया है, जशपुर जिला प्रशासन को नए कार्ड के लिए आवेदन भी दे दिया है। विष्णु सरकार सुचारू रूप से कार्य कर रही है। आपकी सरकार में बैठे लोगों ने इतनी खोजबीन तब की होती तो आपके 9 मंत्री अपना चुनाव न हारते। अब इस पलटवार से जाहिर है भूपेश बघेल /कांग्रेस तिलमिला गई।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य विनयशील की भेजी एक वीडियो के साथ INC CHHATTISGARH ने X पर लिखा, लीपापोती से कुछ नहीं होगा @BJP4CGState जो पद्मव्यूह जनता के लिए रच रहे हो ना उसे जनता समझ रही है। राशन कार्डधारी सरिता बाई कह रही हैं कि उनका नाम झारखंड से 2021 में कट गया था। 2022 में उनके नाम से छत्तीसगढ़ में कार्ड बन गया था। डेढ़ साल राशन भी मिला और जनवरी से बंद हुआ। अब अपनी नाकामी छिपाने के लिए अधिकारी से चिट्ठी लिखवा रहे हो। तारीख़ तो डाल देते!!!! हड़बड़ी में वो भी भूल गए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का क्षेत्र है, कम से कम मुख्यमंत्री की बेइज़्ज़ती तो न करवाओ। इस सियासी उठाफ्टक से हटकर देखा जाए तो कुनकुरी विकासखंड के रायकेरा ग्राम पंचायत निवासी सरिता बाई पति दीपक राम को जनवरी 2024 से आज तक राशन नहीं मिला।जिसका कारण बताया जा रहा है कि वह शादी से पहले झारखण्ड राज्य के सिमडेगा जिले की निवासी थी,वहां के राशनकार्ड से नाम नहीं कटाया गया था। जनवरी में इसकी जानकारी हुई और छत्तीसगढ़ से प्राप्त राशनकार्ड में सरिता का नाम हटाया गया जिससे राशनकार्ड शून्य हो गया।जिसका असर सरिता के पति व बच्चों पर पड़ा।सरिता बाई का कहना है जैसा कि वीडियो में कांग्रेस को बताई, हमर राशनकार्ड बइन रहलक जे हमें चावल नी मिलत रहलक तो हमें मन मंत्री ठन शिकायत कईर रहली तो ओ मन कहलें,पँचायत के कहलें तो पँचायत से मोर ठन आलें और वीडियो बनाइकर लेगलें,कहलें कि झारखण्ड से तोर नाम नी कइट रहलक। विनयशील पूछते हैं – तोर नाम कब कईट रहलक? तब सरिता बताती है कि  मोर नाम 2021 में झारखण्ड से कटलक तब 2022 में छत्तीसगढ़ में कार्ड बनलक और डेढ़ साल तक राशन मिललक।जनवरी 24 तक मिललक ओखर बाद में अचानक नाम कट गेलक।6-7 महीना से चावल नी मिलअथे।फिर सोसायटी वाला आलक और मोर वीडियो बनालक कहलक कि झारखण्ड में तोर नाम जुडले आहे।अब नया कार्ड बनही।कार्ड लाइन देबुं,अगले महीना से राशन भी देबुं। इस मामले में खबर जनपक्ष ने जब भाजपा का पक्ष जानना चाहा तो एक भाजपा नेता ने वीडियो भेजा और अभी खबर लिखे जाने तक जिला अथवा मंडल भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।वीडियो में सरिता बाई अपने पति के साथ खड़ी है और हिंदी में में कह रही है कि झारखण्ड में मेरा मायके था वहां झारखण्ड में मेरा नाम था इसलिए छत्तीसगढ़ में मेरा राशनकार्ड कट गया।झारखण्ड का राशनकार्ड से मेरा नाम कटवा दी हूँ और छत्तीसगढ़ में राशनकार्ड बनवाने का कष्ट करें। इन दोनों वीडियो में सरिता की परेशानी एक ही है कि राशन नहीं मिल रहा है।बहरहाल,अब यह तो तय हो गया कि बीते 6 माह का राशन नहीं मिलेगा लेकिन अगस्त माह से सरिता को राशन मिलना शुरू हो जाएगा।जैसा कि राशन विक्रेता ने कहा है। खबर से सम्बंधित तस्वीरें देखें :  

**मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पत्थलगांव से गुमला तक हाई-स्पीड फोरलेन रोड की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर प्रदेशवासियों को दी बधाई**

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**रायपुर:** मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा रायपुर से रांची नेशनल हाईस्पीड कारीडोर प्रोजेक्ट के अंतर्गत पत्थलगांव, जशपुर (छत्तीसगढ़) से गुमला (झारखंड) तक के लिए हाई-स्पीड फोरलेन रोड की स्वीकृति मिलने पर प्रदेशवासियों को बधाई दी और प्रधानमंत्री का आभार जताया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विशेष रूप से जशपुर निवासियों को इस हाई-स्पीड फोरलेन रोड परियोजना की स्वीकृति पर बधाई देते हुए कहा कि पत्थलगांव से गुमला तक फोरलेन सड़क के निर्माण से रायपुर और रांची के मध्य यात्रा सुगम होने के साथ-साथ यात्रा में समय की भी बचत होगी। सड़क परियोजना पूर्ण होने से दोनों राज्यों में विकास कार्यों की गति में तेजी आएगी। यह महत्वपूर्ण सड़क परियोजना दोनों राज्यों के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय कैबिनेट में 50,655 करोड़ रूपए लागत और लगभग 936 किलोमीटर लंबाई की आठ राष्ट्रीय हाई-स्पीड रोड परियोजनाओं की स्वीकृति दिए जाने की जानकारी X पर साझा की है। उन्होंने कहा है कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से आर्थिक उन्नति के साथ-साथ देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यह बड़ा संयोग भी है कि दोनों आदिवासी बाहुल्य प्रदेश हैं और इस सड़क परियोजना से उन्हें विशेष लाभ होगा। नई सड़क से आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, और स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाओं तक पहुंच सुगम होगी। इससे दोनों प्रदेशों में आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा और स्थानीय समुदायों के जीवनस्तर में सुधार होगा।