*छत्तीसगढ़ के किसानों को मिल रहा देश में धान का सर्वाधिक मूल्य**धान की बिक्री से 24 लाख 72 हजार किसानों के खाते में आए 32 हजार करोड़*

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फाइल फोटो : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय किसानों के मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करते हुए *किसानों को मिला 13,320 करोड़ रूपए का बकाया धान बोनस* रायपुर, 02 अगस्त 2024/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की गारंटी छत्तीसगढ़ की जनता के लिए विश्वास, विकास और बदलाव की गारंटी बन चुकी है। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान कल्याण की नीतियों से खेती में किसानों का मुनाफा बढ़ा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कई अहम निर्णय लिए गए हैं, जिनसे किसान परिवार अधिक सशक्त और फसल उगाने से लेकर उसे बेचे जाने तक की प्रक्रिया बेहद आसान हुई है। सरकार के परिवर्तनकारी फैसलों से छत्तीसगढ़ देश का एकमात्र ऐसा राज्य बन गया है, जहां किसानों को उनके धान का उच्चतम मूल्य मिल रहा है। कृषक उन्नति योजना के जरिए छत्तीसगढ़ के किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीद की गारंटी दी जा रही है। इस फैसले से किसानों में उत्साह दिख रहा है। किसानों से अपना वादा निभाते हुए छत्तीसगढ़ में की विष्णु देव साय की सरकार ने 25 दिसंबर 2023 को सुशासन दिवस के अवसर पर 13 लाख किसानों के बैंक खातों में पिछले दो वर्ष का लंबित धान बोनस का 3,716 करोड़ रुपये का भुगतान किया। किसानों को मिल रहे प्रोत्साहन का ही परिणाम है कि वर्ष 2023-24 में 24.75 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर 144.92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया, जिसके एवज में उन्हें 31,913 करोड़ रुपये का भुगतान कियागया। 12 जनवरी, 2024 को धान के मूल्य की अंतर राशि के रूप में 24.75 लाख किसानों को 13,320 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान भी किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन करने का निर्णय भी लिया गया, जिसके लागू होने से अब अन्य प्रदेश के मंडी बोर्ड अथवा समिति के एकल पंजीयन अथवा अनुज्ञप्तिधारी, व्यापारी एवं प्रसंस्करणकर्ता भारत सरकार द्वारा संचालित ई-नाम पोर्टल (राष्ट्रीय कृषि बाजार) के माध्यम से अधिसूचित कृषि उपज की खरीदी-बिक्री बिना पंजीयन के कर सकेंगे, इससे छत्तीसगढ़ राज्य के किसानों और विक्रेताओं को अधिकतम मूल्य मिल सकेगा। छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन के अनुसार मंडी फीस के स्थान पर अब मंडी फीस तथा कृषक कल्याण शुल्क शब्द जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही कृषक कल्याणकारी गतिविधियों के लिए मंडी बोर्ड अपनी वार्षिक आय की 10 प्रतिशत राशि छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण निधि में जमा करेगा। खेतों में काम करने वाले मजदूरों की समस्याओं को दूर करते हुए छत्तीसगढ़ की सरकार द्वारा दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना संचालित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी, इस योजना के लिए सरकार ने वर्ष 2024-2025 के बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, इसके साथ ही सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीजों का वितरण भी समय के भीतर ही हो सके।

NEET 2024: जानें कैसे पाएँ सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में प्रवेश – पूरी जानकारी यहाँ

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सर्वप्रथम यह सुनिश्चित करें कि आप NEET 2024 के एग्जाम में अच्छे अंक अर्जित किये है। क्योकि उचित नंबर से की आपको मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिलगा। सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों की कट-ऑफ अलग-अलग होती है। छत्तीसगढ़ में कुल 10 सरकारी कॉलेज और 5 प्राइवेट कॉलेज हैं। NEET 2024 कट-ऑफ मार्क्स सरकारी कॉलेज की कट-ऑफ हाई होती है, जबकि प्राइवेट कॉलेज की कट-ऑफ उससे कम होती है। हालाँकि छत्तीसगढ़ के प्राइवेट कॉलेजों की कट-ऑफ अन्य राज्यों की तुलना में अधिक होती है। एडमिशन की प्रक्रिया एडमिशन के लिए सबसे पहले आपको काउंसलिंग में भाग लेना होगा। यह दो प्रकार की होती है: छत्तीसगढ़ के निवासी : अगर आपको छत्तीसगढ़ के सरकारी कॉलेज में ही एडमिशन चाहिए, तो आपको सीजीडीएमई के माध्यम से काउंसलिंग करनी होगी। ऑल इंडिया कोटा: अगर आपको एम्स या अन्य राज्यों के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन चाहिए, तो आपको MCC के माध्यम से काउंसलिंग करनी होगी। उचित मार्गदर्शन अगर आप सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेना चाहते हैं और आपको एडमिशन की प्रक्रिया के बारे में कोई जानकारी नहीं है, तो उचित मार्गदर्शन अत्यंत आवश्यक है। एक डॉक्यूमेंट की कमी से भी आप एडमिशन से चूक सकते हैं। जानकारी के लिए आप यूट्यूब और इंटरनेट का सहारा ले सकते हैं, अन्यथा आप 8602453099 इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। यह नंबर करण कुमार जी का है, जिन्हें एडमिशन के क्षेत्र में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है। काउंसलिंग प्रक्रिया छत्तीसगढ़ के लिए काउंसलिंग: (CGDME): छत्तीसगढ़ के सरकारी कॉलेजों में एडमिशन के लिए। ऑल इंडिया कोटा के लिए काउंसलिंग: MCC(Medical Counselling Committee): एम्स और अन्य राज्यों के मेडिकल कॉलेजों के लिए। आवश्यक दस्तावेज़ एडमिशन प्रक्रिया के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी: नीट स्कोरकार्ड 10वीं और 12वीं के मार्कशीट जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) डोमिसाइल प्रमाण पत्र पासपोर्ट साइज फोटो आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र कॉलेज चयन के लिए महत्वपूर्ण बातें मान्यता और पहचान: मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) या नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से मान्यता प्राप्त होनी चाहिए। संबद्धता: कॉलेज को एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से संबद्ध होना चाहिए। इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं : उच्च गुणवत्ता के क्लासरूम, लैब्स, लाइब्रेरी, और अस्पताल की सुविधाएं। शिक्षक और स्टाफ: शिक्षकों की योग्यता और अनुभव की जानकारी लें। क्लीनिकल एक्सपोजर : प्रैक्टिकल अनुभव के लिए अस्पताल की गुणवत्ता और मरीजों की संख्या। फीस और वित्तीय योजना : ट्यूशन फीस, होस्टल फीस, और अन्य खर्चों की जानकारी लें। स्कॉलरशिप और वित्तीय सहायता के विकल्प तलाशें। लोकेशन और पहुंच : कॉलेज का स्थान और आपके घर से उसकी दूरी पर विचार करें। स्थानीय वातावरण, सुरक्षा और जीवन-यापन की लागत को समझें। छात्र समीक्षाएं और पूर्व छात्र फीडबैक : वर्तमान और पूर्व छात्रों से फीडबैक लें। कॉलेज की ऑनलाइन समीक्षाएं पढ़ें। भविष्य के अवसर : कॉलेज की प्लेसमेंट दर और इंटर्नशिप के अवसरों की जांच करें। उच्च शिक्षा के अवसरों को भी ध्यान में रखें। संपर्क जानकारी काउंसलिंग और मार्गदर्शन के लिए संपर्क करें: श्री करण कुमार फोन नंबर: 8602453099 उचित मार्गदर्शन और सही जानकारी से आप अपने मेडिकल करियर को सफल बना सकते हैं। छत्तीसगढ़ एजुकेशन एवं कैरियर गाइडेंस संस्था आपके सपनों को साकार करने में आपकी मदद करेगी।

*शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने पर है हमारा विशेष जोर: मुख्यमंत्री श्री साय* *स्वर्णशारदा स्कॉलरशिप 2024 कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री*

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रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  राजधानी रायपुर में आयोजित स्वर्णशारदा स्कॉलरशिप 2024 कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का आयोजन एक टीवी चैनल द्वारा किया गया, जिसमें 33 जिलों के 37 टॉपर बेटियों सहित कुल 42 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस पुरस्कार से न केवल बेटियों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि उन्हें आर्थिक सहायता भी मिल रही है। उन्होंने कहा, “गरीब परिवार के होनहार बच्चों के लिए यह एक बड़ी मदद है। खासकर, कॉलेज के दाखिले के समय पर इस स्कॉलरशिप से आगे की पढ़ाई सुगमता से हो पाएगी।” श्री साय ने बताया कि उनकी सरकार का विशेष जोर प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने पर है। बेटियों की पढ़ाई में स्कूल की दूरी बाधा न बने, इसके लिए सरस्वती सायकल योजना को पुनः शुरू किया गया है। उन्होंने अनुसूचित जाति और जनजाति के बच्चों के लिए दिल्ली में ट्राइबल यूथ होस्टल की क्षमता को 80 से 185 सीटर बढ़ाने का भी उल्लेख किया, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को निःशुल्क व्यवस्था मिल सके। मुख्यमंत्री ने श्रमवीर परिवारों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की चिंता करते हुए बताया कि उन्हें 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है, जिसमें एक लाख स्कूटी खरीदने के लिए और एक लाख आगे की पढ़ाई के लिए है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पीएम श्री योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 211 स्कूलों को शामिल करने की भी घोषणा की गई। इस योजना के तहत एक स्कूल को 2 करोड़ की राशि दी जा रही है, जिससे स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए नई शिक्षा नीति लागू की गई है और बच्चों की स्किलिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि वे रोजगार के लिए भी तैयार हों। इस अवसर पर विधायक श्रीमती भावना वोहरा तथा आयोजक समूह के सदस्यगण उपस्थित थे।

**मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जिले में हाथी से जनहानि रोकने के लिए सक्रिय हुआ एनीमल ट्रेकर डिवाइस** **जशपुर में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन**

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जशपुर, 31 जुलाई 2024: छत्तीसगढ़ के सबसे अधिक हाथी प्रभावित जिलों में शामिल जशपुर में जनहानि को रोकने के लिए वन विभाग ने एक नया प्रयोग शुरू किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर जिले को एनीमल ट्रेकर डिवाइस उपलब्ध कराया गया है। इस डिवाइस के माध्यम से हाथियों की हलचल से होने वाले जनहानि को रोका जा सकेगा। डीएफओ जितेंद्र उपाध्याय ने बताया कि क्षेत्र में हाथी के आने की सूचना मिलते ही एनीमल ट्रेकर ऐप पर बीट गार्ड ऑनलाइन सूचना एंट्री करेंगे। इसमें हाथियों की संख्या और उनके जाने की संभावना का विवरण दर्ज होगा। जैसे ही सूचना ऐप में दर्ज होती है, उस बीट क्षेत्र के 10,000 लोगों को एसएमएस और वॉइस मेसेज के माध्यम से सूचना पहुंच जाएगी। उपाध्याय ने बताया कि टेक्स्ट मैसेज के साथ ही वॉइस मेसेज भी ऐप में पंजीबद्ध मोबाइल पर पहुंचेगा। विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों तक हाथियों की हलचल की सूचना पहुंचा कर, उन्हें विचरण वाले क्षेत्र से दूर रखना है, ताकि जनहानि ना हो। इस प्रयास के तहत जिला पंचायत में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशिक्षु आईपीएस एसडीओपी निखिल अग्रवाल, वन विभाग के एसडीओ, वन परिक्षेत्र अधिकारी, बीट गार्ड, और स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे।

नवनियुक्त राज्यपाल रमेन डेका छत्तीसगढ़ पहुंचे,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया आत्मीय स्वागत,बुधवार को चीफ जस्टिस दिलाएंगे शपथ

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*छत्तीसगढ़ तेजी से उभरता प्रदेश, विकास को नई ऊंचाइयां देंगे* *मनोनीत राज्यपाल श्री रमेन डेका का छत्तीसगढ़ आगमन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया आत्मीय स्वागत* *पारंपरिक लोकनृत्यों और लोक धुनों के साथ हुआ मनोनीत राज्यपाल का स्वागत* *शपथ ग्रहण समारोह बुधवार को सवा दस बजे राजभवन के दरबार हाल में* रायपुर, 30 जुलाई, 2024। प्रदेश के मनोनीत राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रानी डेका काकोटी के छत्तीसगढ़ आगमन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्टेट हेंगर में आत्मीय स्वागत किया। इस मौके पर मनोनीत राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ विकास के परिदृश्य में तेजी से उभर रहा है। यहां विकास को नये स्तरों पर पहुंचाने हम काम करेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का राज्यपाल नियुक्त करने के लिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह को धन्यवाद व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच फैसिलिटेटर की भूमिका निभाएंगे ताकि प्रदेश का विकास तेजी से हो। उन्होंने कहा कि वे असम और छत्तीसगढ़ के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए भी काम करेंगे। श्री डेका ने कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदेश के विकास को लेकर है। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह ने भी पुष्पगुच्छ भेंटकर राज्यपाल का अभिवादन किया। साथ ही मंत्रिमंडल के सदस्य उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी मनोनीत राज्यपाल का अभिवादन किया। स्टेट हेंगर में मनोनीत राज्यपाल को गार्ड आफ आनर दिया गया। राज्यपाल का स्वागत छत्तीसगढ़ के पारंपरिक नृत्यों सुआ, कर्मा, डंडा और राउत नाचा से किया गया। इस मौके पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन तथा पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। *दसवें राज्यपाल के रूप में लेंगे शपथ* उल्लेखनीय है कि प्रदेश के मनोनीत राज्यपाल श्री डेका प्रदेश के दसवें राज्यपाल के रूप में बुधवार 31 जुलाई को सवा दस बजे राजभवन के दरबार हाल में शपथ लेंगे। उन्हें यह शपथ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश माननीय रमेश सिन्हा शपथ दिलाएंगे।

‘बाल सक्षम अभियान’ मनोरा विकासखंड के इन गांवों में चलाया गया,बच्चों का किया गया चिन्हांकन,कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल के निर्देश पर टीम गांवों में पहुंच रही

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जशपुर जिले में कलेक्टर डॉ रवि मित्तल के निर्देश अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग (मिशन वात्सल्य) द्वारा “बाल सक्षम” अभियान चलाया जा रहा है इस अभियान के तहत बाल श्रमिक, भिक्षावृत्ति, मादक द्रव्यों के शिकार बच्चों के सर्वेक्षण, रेस्क्यू, पुनर्वास, एवं “एक युध्द नशे के विरुद्ध” हेतु दिनाँक 15/07/2024 से 14/08/2024 तक विशेष अभियान संचालित किया गया है।जिसके तहत आज मनोरा विकासखंड के गांवों में जाकर टीम के सदस्यों ने बच्चों का चिन्हांकन किया। टीम की सदस्या कंचन ने बताया कि बाल सक्षम अभियान के तहत हर वह बालक/बालिका जो * सड़क जैसी परिस्थिति में बिना किसी सहयोग के अकेले रहता है। * सड़क जैसी परिस्थितियों में अपने परिवार के साथ रहता है और * दिन में सड़क जैसी परिस्थितियों में और रात को अपने परिवार, जो पास की झुग्गी/ झोपड़ियों में रहते है, के साथ घर में जीवन यापन कर रहा/रही है। उक्त श्रेणी के बच्चे अपनी उत्तरजीविता, भोजन, पानी, वस्त्र, आश्रय एवं संरक्षण हेतु प्रतिदिन विभिन्न प्रकार के संघर्षो एवं चुनौतियों का सामना करते हैं। उपरोक्त के तारतम्य में यह अवश्यक है कि सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें संरक्षण प्रदान किया जाकर उनको शिक्षा एवं अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएगी। साथ ही उनके परिवारों को भी शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाते हुए, उनको प्रशिक्षण एवं रोजगार की व्यवस्था की जाए। इन बच्चों के चिन्हाँकन कर संरक्षण एवं पुनर्वास हेतु राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा जारी SOP अनुसार चरणबद्ध रूप से कर्यवाही की जानी है । इस हेतु आज जशपुर ब्लॉक के मनोरा बस स्टैंड, बाजार डांड, केसरा, भीमसिला, आस्ता, कांताबेल में रेस्क्यू टीम द्वारा जिसमें जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्प लाइन, की संयुक्त टीम शामिल थी के द्वारा सर्वे किया गया। तथा बच्चों का चिन्हाँकन किया गया है।

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जिले में स्थापित होगा प्रदेश का पांचवां विद्युत 400 केव्ही सबस्टेशन* *कुनकुरी के हर्राडांड़ में 18.20 एकड़ भूमि कलेक्टर ने की आबंटित* *बिजली आपूर्ति में बाधा और लो वोल्टेज की समस्या से मिलेगी मुक्ति*

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जशपुर 30 जुलाई 2024 /  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की पहल पर जिले में 400 केव्ही विद्युत सब स्टेशन स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। सब स्टेशन स्थापित करने के लिए कुनकुरी ब्लाक के हर्राडांड़ में 18.20 एकड़ भूमि राज्य विद्युत वितरण कंपनी को कलेक्टर डॉ रवि मित्तल ने आबंटित कर दिया है। विद्युत विभाग के डीई एन आर भगत ने बताया कि इस सब स्टेशन के बन जाने से जिले में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में आमूलचूल सुधार आएगा। उन्होनें बताया कि फिलहाल जिले में 132 केव्ही लाइन में बिजली की आपूर्ति बिलासपुर स्थित सब स्टेशन से होती है। दूरी अधिक होने के कारण तकनीकि समस्या आती रहती है। जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित होती है। कई बार लो वोल्टेज की समस्या का सामना भी करना पड़ता है। उन्होनें बताया कि इस सब स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा हो जाने से ये सारी समस्याएं बीते दिनों की बात हो जाएगी और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। इसके साथ ही पड़ोसी राज्य झारखंड को होने वाली बिजली आपूर्ति भी सुचारू और बेहतर हो सकेगी। जिले में सब स्टेशन बन जाने से झारखंड जाने वाली ट्रांसमिशन लाइन की गुणवत्ता में सुधार आ सकेगा। जिससे वहां के उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी।उल्लेखनिय है कि जिले में बुनियादी सुविधा पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क में सुधार लाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार तेजी से काम कर रही है। बीते 8 माह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जिले में 220 बिस्तर वाले सर्वसुविधा अस्पताल की स्वीकृति के साथ ही जिले को 7 विशेषज्ञ चिकित्सक मिल चुके हैं। इसके साथ ही कुनकुरी में कृषि अनुसंधान केन्द्र और मयाली नेचर कैम्प को देश के पर्यटन नक्शे में लाने के लिए 10 करोड़ रूपये की स्वीकृति केन्द्र सरकार दे चुकी है। विद्युत व्यवस्था दुरस्त करने जिले में स्थापित हुए 176 नए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में विद्युत वितरण व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन तेजी से काम कर रही है। डीई भगत ने बताया कि जिले में विद्युत व्यवस्था को सुधार के लिए जिले को अतिरिक्त 274 ट्रांसफार्मर की स्वीकृति मिली हैं। इनमें से 176 ट्रांसफार्मर को लगाया जा चुका है। बिजली व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए लाइन और ट्रांसफार्मर को मेन्टेनेंस पर जोर दिया जा रहा है। खराब मौसम सहित अन्य कारणों से फाल्ट आने पर विद्युतकर्मी तत्काल इसमें सुधार के लिए पहल करते हैं। इसके लिए विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को alert पर रखा गया है।साथ कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।जिससे जिले की विद्युत आपूर्ति सुचारू रूप से सप्लाई की जा सके।

हाथी ने दो भाइयों को दी दर्दनाक मौत,भोजन की तलाश में जंगली हाथी ने तोड़ा मकान,इंसान को देखकर हाथी को आया गुस्सा

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जशपुर, 27 जुलाई 2024: जशपुर जिले के तपकरा वन परिक्षेत्र के केरसई (रापाडांड) में  रात लगभग 2:30 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ। घर में हाथी के हमले के कारण दीवार गिर गई और घर में मौजूद दो सगे भाई कोकडे पिता रामसाय (45 वर्ष) और पड़वा पिता रामसाय (43 वर्ष) बाहर की ओर भागते समय हाथी के सामने आ गए। हाथी ने उन दोनों को मार डाला। घर के अन्य सदस्य जान बचाकर भागने में सफल रहे। घटना की पुष्टि डीएफओ जितेंद्र उपाध्याय ने की है। **वन विभाग और पुलिस की त्वरित कार्रवाई** घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। डीएफओ जितेंद्र उपाध्याय ने बताया, “बीते तीन महीने से तपकरा रेंज में 9 लोनर हाथी विचरण कर रहे हैं। ये हाथी जंगल के किनारे अकेले मकानों पर भोजन की तलाश में हमला करते हैं। बीती रात एक लोनर हाथी ने घर पर हमला किया, जिसमें दो भाइयों की जान चली गई। वन विभाग जंगल के पास बने मकानों में रह रहे लोगों को सामुदायिक भवन में शिफ्ट करने में जुट गया है।” वहीं जनपद सदस्य संगीता कालो ने कहा, “रापाडांड में बिजली नहीं है, जिससे वन्य जीव घरों तक बेधड़क पहुंच जा रहे हैं।” **हाथी मित्र दल और गश्ती दल की सक्रियता** हाथी मित्र दल और हाथी गश्ती दल दिन-रात इन हाथियों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। बावजूद इसके, हाथियों के हमलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में हाथी के हमलों में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2019 से अब तक 200 से अधिक लोग हाथियों के हमलों में मारे जा चुके हैं। यह आंकड़ा बताता है कि वन्यजीवों और मानवों के बीच संघर्ष बढ़ रहा है। इस तरह की घटनाएँ वन्यजीवों के साथ सहअस्तित्व के महत्व और चुनौती को रेखांकित करती हैं। इस तरह की घटनाएं जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए गंभीर खतरे का संकेत हैं और यह आवश्यक है कि सरकार और वन विभाग मिलकर इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालें।

*हिंदू धर्म के खिलाफ अपशब्द कहने पर चार एक्टिविस्ट गिरफ्तार: जशपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई*27 फरवरी 2024 को भरी सभा में लोगों को कथित तौर पर भड़काने का मामला*कई और एक्टविस्ट पुलिस के राडार पर*

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जशपुर – हिंदू धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने पर जशपुर पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी चंद्रपुर, बागबहार, कांसाबेल और कुनकुरी क्षेत्रों से की गई है। आरोपियों के विरुद्ध थाना कुनकुरी में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण का विवरण प्रार्थी करनेल सिंह (उम्र 52 साल, निवासी चरईडांड़) ने 28 फरवरी 2024 को थाना कुनकुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 27 फरवरी 2024 को सुनील कुमार खलखो, श्याम सुंदर मरावी, रेमिश तिर्की और संजय सक्सेना ने भारत मुक्ति मोर्चा राष्ट्रीय किसान मोर्चा के संयुक्त तत्वाधान में कुनकुरी सलियाटोली के मिनी स्टेडियम में एक आमसभा का आयोजन किया। इस सभा में हिंदू धर्म के बारे में आपत्तिजनक एवं अपशब्द टिप्पणियां की गईं, जिसमें हिंदू धर्म को धर्म न मानते हुए मौलिक अधिकारों का हनन करने, एसटी/एससी एवं अन्य पिछड़ा वर्ग को सताने, अनुच्छेद-25 का उल्लंघन करने और धार्मिक गुरुओं के बारे में अपशब्द कहने के आरोप लगाए गए थे। **पुलिस की छापामार कार्रवाई से हुई आरोपियों की गिरफ्तारी** जशपुर के पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी कुनकुरी विनोद मंडावी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर सुनील कुमार खलखो (उम्र 37 साल, निवासी गोढ़ी बी, थाना बागबहार), श्याम सुंदर मरावी (उम्र 47 साल, निवासी कुनकुरी), रेमिश तिर्की (उम्र 56 साल, निवासी कांसाबेल) और संजय सक्सेना (उम्र 47 साल, निवासी कापू विजय नगर) को गिरफ्तार किया और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया। **पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका** इस पूरे ऑपरेशन में निरीक्षक सरोज टोप्पो, उप निरीक्षक सुनील सिंह, स.उ.नि. मनोज साहू, प्र.आर. आदित्य साय, आर. धनेष्वर राम, आर. गणेश यादव, आर. छवि पैंकरा और आर. जितेंद्र गुप्ता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन अधिकारियों की तत्परता और समर्पण के कारण यह कार्रवाई सफल रही। **जांच और गिरफ्तारियां जारी** जशपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले की जांच जारी है और इसमें और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस ने यह भी संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार की भड़काऊ और आपत्तिजनक टिप्पणियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। **संदेश स्पष्ट: भड़काऊ टिप्पणियों पर सख्त कार्रवाई** यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश है कि जशपुर पुलिस किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक भड़काऊ गतिविधियों को सहन नहीं करेगी। सभी नागरिकों से अपील की जाती है कि वे आपसी सौहार्द और शांति बनाए रखें और किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

*जशपुर को पर्यटन नक्शे में शामिल करने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की बड़ी पहल* *प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मयाली नेचर कैम्प स्वदेश दर्शन योजना में शामिल* *विकास के लिए दस करोड़ रुपये की मिली स्वीकृति*

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जशपुर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जिले के प्रसिद्ध प्राकृतिक और धार्मिक पर्यटन स्थल मयाली को पर्यटन विभाग ने स्वदेश दर्शन योजना के दूसरे चरण में शामिल कर लिया है। इस योजना में शामिल होने से पर्यटन स्थल में बुनियादी सुविधाओं का विकास तेजी से हो सकेगा। साथ ही इसके प्रचार-प्रसार से यहां पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि की संभावना है। मयाली नेचर कैम्प, जिले के कुनकुरी ब्लाक में चराईडांड़ बगीचा स्टेट हाईवे पर स्थित है।यहां बेलसोंगा डेम और एशिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग माना जाने वाला मधेश्वर पहाड़ का विहंगम और मनमोहक दृश्य पर्यटकों को घंटों समय व्यतीत करने का अवसर प्रदान करता है। वन विभाग ने इस स्थल पर पर्यटकों की सुविधा के लिए टेंट की व्यवस्था भी की है, जहाँ परिवार के साथ रात्रि विश्राम का आनंद उठाया जा सकता है। विशेषकर वीकेंड के दिनों में यहां पर्यटकों की हलचल अधिक रहती है। पर्यटकों को मयाली नेचर कैंप में बोटिंग का आनंद उठाने की सुविधा भी दी गई है, जिसके लिए गाइड और सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए हैं। फ़िल्म ‘ज़हर जिनगी गहि’ मैनेजमेंट से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार संतोष चौधरी ने सावन के पवित्र महीने में मुख्यमंत्री की इस पहल का स्वागत किया है।उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।उन्होंने बताया कि इस स्थान पर दो साल पहले विश्व की पहली कुड़ुख भाषा की फीचर जहर जिनगी गहि फिल्म के कई दृश्य शूट किए गए।फ़िल्म ने भी इसे विश्व स्तर पर सुर्खियों में लाया। राज्य सरकार के सहयोग से मयाली नेचर कैम्प में कैक्टस गार्डन का विकास भी किया जा रहा है। इस विशेष गार्डन में देशभर में पाए जाने वाले कैक्टस की प्रजातियों को समेटा गया है ताकि युवा पीढ़ी कैक्टस से भली-भांति परिचित हो सके। इसका एक उद्देश्य लोगों को जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना भी है। **विकास के लिए दस करोड़ की स्वीकृति** स्वदेश दर्शन योजना में शामिल करने के साथ ही पर्यटन विभाग ने मयाली के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसके लिए जिला स्तरीय संचालन समिति का गठन करते हुए, विकास के लिए एक्शन प्लान और डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया गया है।