अबूझमाड़ में नक्सल मुठभेड़ में शहीद हुए एसटीएफ जवान नितेश एक्का को राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई,शहीद की झलक पाने के लिए उमड़ी भीड़

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**जशपुर, छत्तीसगढ़:** अबूझमाड़ में नक्सलियों के खिलाफ अद्वितीय साहस और वीरता का प्रदर्शन करते हुए शहीद हुए विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) के जवान नितेश एक्का के पार्थिव शरीर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव चरईडांड,पोर्टेंगा में दफनाया गया। इस अवसर पर आईजी अंकित गर्ग और एएसपी अनिल सोनी ने शहीद को कंधा देकर अंतिम विदाई दी। शहीद का पार्थिव शरीर सेना के हेलीकॉप्टर से जशपुर हेलीपैड लाया गया, जहां से नगर में शहीद शौर्य यात्रा निकाली गई।   नितेश एक्का का जन्म 28 फरवरी 1997 को जशपुर जिले के पोरतेंगा गांव में हेलारियूस एक्का के घर हुआ था। उनके पिता की पिछले वर्ष 23 जून 2023 को बीमारी से मृत्यु हो गई थी। इस दुखद घटना ने उनकी माता नीलिमा एक्का और बड़े भाई अशोक एक्का को गहरे सदमे में डाल दिया है। नितेश एक्का विशेष टास्क फोर्स के अग्रिम दल की स्काउट पार्टी का हिस्सा थे, जो किसी भी अभियान में सबसे आगे रहती है और सबसे जोखिम भरी स्थिति में होती है। उन्होंने अपनी बहादुरी और कुशलता से कई अभियानों को सफल बनाया। बड़े भाई अशोक ने  बताया कि उनके शहीद भाई के प्रेरणास्रोत बालोद एसपी चाचा सुरजन राम भगत थे। नितेश को हथियार और वर्दी पहनने का शौक था, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने सेना में भर्ती होने का प्रयास किया, लेकिन ऊंचाई कम होने के कारण वह सेना में भर्ती नहीं हो सके। इसके बाद, 2017 में उन्होंने छत्तीसगढ़ सुरक्षा बल में भर्ती होकर एसटीएफ में अपनी सेवाएं शुरू कीं और 28 नवंबर 2020 से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हुए। 15 जून 2024 को अबूझमाड़ में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में सिर में गोली लगने से वह शहीद हो गए। अशोक ने कहा कि नितेश की शहादत उनके वर्दीधारी जीवन की चरम सफलता थी। आईजी सरगुजा अंकित गर्ग ने श्रद्धांजलि संदेश में कहा, “नितेश एक्का ने राष्ट्र के दुश्मनों के खिलाफ अद्वितीय वीरता का प्रदर्शन करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है। यह गर्व का विषय है और इस परिवार का बेटा चला गया तो दुख भी है।” उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय से नक्सलियों का दंश झेल रहा है, लेकिन अब नक्सलवाद अंतिम चरण में है। हमारा लक्ष्य है नक्सलवाद का समूल नाश करना और नक्सलियों का अंत करना ही शहीद नितेश एक्का को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर बालोद एसपी ने भी अपने श्रद्धांजलि संदेश में नितेश की बहादुरी की सराहना की। शहीद नितेश एक्का को अंतिम विदाई देने के लिए पूरा इलाका उमड़ पड़ा और “शहीद जवान अमर रहें” के नारे गूंजते रहे। नितेश की अद्वितीय बहादुरी और समर्पण हमेशा याद रखे जाएंगे और उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।सामाजिक रीति रिवाज से मृत देह का अंतिम संस्कार पोर्टेंगा पल्ली पुरोहित सरजियूस किंडो ने कराया।प्रशासन की ओर से एसडीएम कुशवाहा,एसडीओपी चंद्रशेखर परमा उपस्थित थे।अंतिम विदाई के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष शांति भगत उमेश प्रधान, अनिल किस्पोट्टा,वाल्टर कुजूर,संदीप मिंज सैंडी,अभिनंद खलखो,रजनी प्रधान,विनोद प्रधान,देवधन नायक विशेष रूप से सक्रिय रहे।

बड़ी खबर : बच्चेदानी के ऑपरेशन से हुई मौत पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई,लक्ष्मी हॉस्पिटल को किया सील,मरीजों को दूसरे अस्पतालों में किया गया शिफ्थ

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रायपुर – गरियाबंद जिले के छुरा स्थिति लक्ष्मी नारायण अस्पताल को आज स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया है।पुलिस फोर्स की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के बाद से अस्पताल प्रबंधन मीडिया के सामने आने से बच रहा है। दरअसल, 10 मई 2024 को कुल्हाड़ीघाट निवासी आदिवासी महिला गैंदी बाई की मौत हो गई थी।पीड़िता का इलाज इसी अस्पताल में चला था,आरोप था लापरवाही पूर्वक महिला के बच्चे दानी का ऑपरेशन करने के कारण उसकी तबियत बिगडी और बाद मे उसकी मौत हुई थी।परिजनों ने 22 मई को जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर उक्त मौत पर कार्यवाही की मांग की । सीएमएचओ गार्गी यदु ने मामले में जांच कमेटी गठन किया।कमेटी को आरंभिक जांच में अस्पताल प्रबंधन की कई गलतियां मिली है। डॉक्टर हरीश चौहान जांच अधिकारी ने यह भी खुलासा किया है कि मृतिका उपचार के दरम्यान कई किसम की लापरवाही की गई थी, ऑपरेशन के पूर्व जो विभिन्न तरह के जांच होते हैं उन जांचों का भी समुचित ढंग से पालन नहीं किया गया था जिसके चलते जांच टीम ने प्रथम दृष्टि लक्ष्मी हॉस्पिटल छुरा को गलत पाते हुए अस्पताल को सिल्क सील कर दिया है तथा वहां भर्ती मरीज को जिला अस्पताल एवं अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर इलाज की व्यवस्था की गई है।

आज फिर ओडिशा में धुंआधार सभाएं लेंगे छग के सीएम विष्णुदेव साय, कई लोकसभा क्षेत्रों के वोटरों को साधने की करेंगे कोशिश

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जशपुर – पूरे देश में जहां एक तरफ लोकसभा चुनाव का माहौल गर्म है, तो ओडिशा में लोकसभा के साथ-साथ विधासनभा चुनाव भी होने वाले हैं। ओडिशा में 13 और 20 मई को दो चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे प्रदेश में लोकसभा चुनाव भी हो रहे हैं। उड़ीसा में होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के कई बड़े नेता लगातार प्रदेश का दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी में छग के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी लगातार ओडिशा सहित अन्य राज्यों में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में चुनावी सभाएं ले रहे हैं। उनकी सभाओं में लोगों की अच्छी भीड़ भी जुट रही है। *यहां लेंगे जनसभाएं* भाजपा के दिग्गज नेताओं के दौरों के बीच स्टार प्रचारक व छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय भी ओडिशा के दौरे पर जा रहे हैं।  इस दौरान सीएम साय प्रदेश से सटे सुंदरगढ़ लोकसभा क्षेत्र के तलसरा, बरगढ़ लोकसभा क्षेत्र के बिजेपुर और बलांगीर लोकसभा क्षेत्र के बिरमहराजपुर में जनसभा के माध्यम से चुनाव प्रचार करेंगे।सीएम साय आज सुबह 11.30 बजे रायपुर से हेलीकॉप्टर से रवाना होंगे और चुनाव प्रचार के बाद शाम 5.45 बजे वापस राजधानी रायपुर लौटेंगे।

 धनवंतरी के नाम पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी में अतिक्रमण का खिलाड़ी कौन?नगरपंचायत और सीएसची के बीच रस्साकशी का कागजी खेल जारी,,पढ़ते रहिए खबर JANपक्ष

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जशपुर – सत्ता की सरपरस्ती में भ्रष्टाचार का नँगा नाच करने वाले धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर के प्रोपराइटर की करतूत सामने आई है।पिछली खबर के दौरान जो जानकारी हमें मिली है वो काफ़ी हैरान कर देने वाली है।वहीं अवैध रूप से बने गुमास्ता लाईसेंस पर नगर पंचायत प्रशासन मौन है। पूरे छत्तीसगढ़ में आपने ऐसा मामला कहीं और नहीं देखा होगा कि हड़बड़ी में क्रेडिट लेने के चक्कर में, भूपेश सरकार का चेहरा चमकाने के लिए सत्ताधीशों ने एक दवा बेचनेवाले को अस्पताल की गोद दे दी।अब वो सिर पर चढ़ बैठा है।   दरअसल,कुनकुरी के बड़े सरकारी अस्पताल के कक्ष क्रमांक 10 में बिना लिखित अनुमति के सरकारी योजना श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर में भ्रष्टाचार की कलई खुलने लगी है। बता दें कि मामला केवल स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में अवैध अतिक्रमण तक ही सीमित नही है, योजना को लेकर की जा रही काली कमाई के साथ साथ अनेक प्रकार के भ्रष्टाचार से भी जुड़ता जा रहा है। अब तक की पड़ताल में अवैध तरीके से अस्पताल प्रबंधन एवं नगरीय प्रशासन को अंधेरे में रखकर अवैध दुकान के निर्माण की पोल खुली तो अस्पताल प्रशासन अब खुलकर सामने आ गया है।इस निर्माण को अवैध बताकर कार्यवाही करने की बात करने लगा है। गुमाश्ता में पंजीकृत दुकान के कागजात के अनुसार श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर को प्रोपराईटर विशाल गुप्ता पिता जंगली निवासी बगीचा द्वारा 16 जनवरी 2023 से संचालित किया जा रहा है तथा फार्मासिस्ट के रूप में प्रभु तिग्गा दवा दुकान में बैठते है। दुकान के संचालन के दौरान मरीजों से जानकारी मिली कि दवा का किसी प्रकार का बिल नही दिया जाता है। भुगतान भी केवल नगद के रूप में लिया जाता है, जिसके कारण अधिक भुगतान लेने पर इसे प्रमाणित भी नही किया जा सकता है। जबकि यह दुकान इसी कक्ष क्रमांक 10 में 20 अक्टूबर 2021 से यानि कि लगभग तीन सालों से चल रहा है।अस्पताल से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के अनुसार श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर को अस्थायी तौर पर शासन की महत्वपूर्ण योजना के नाम पर स्थान दिया गया था। जिसे अस्पताल प्रबंधन ने कुछ दिनों बाद स्थान की कमी के कारण अन्यत्र संचालन करने कई बार नगरीय प्रशासन को पत्र लिखा भी था। जिसपर कोई कार्यवाही नही हुई। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुनकुरी के विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक द्वारिका निकुंज द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर का संचालन अस्पताल परिसर से बाहर करने का प्रावधान है, जिससे अस्पताल के मरीजों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी इस योजना का लाभ प्राप्त हो सके। परिसर में हो रहे अवैध निर्माण के सवाल पर उन्होने निर्माण हेतु किसी प्रकार की स्वीकृति न दिये जाने की जानकारी दी तथा अवैध निर्माण की सूचना उच्चधिकारियों को देकर जल्द ही कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। नगर पंचायत के इंजीनियर सुशांत मिंज द्वारा दवा दुकान संचालन के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि दवा दुकान को अस्पताल भवन से अन्यत्र स्थानांतरण हेतु अस्पताल प्रबंधन द्वारा पत्र लिखा गया था। नगर पंचायत द्वारा आबंटित स्थल दूर होने के कारण अस्पताल प्रबंधन को परिसर में स्थल देने हेतु आग्रह किया गया है। चल रहे निर्माण हेतु नगर पंचायत को किसी प्रकार की सूचना नही दी गई है। निर्माण दवा दुकान के संचालक द्वारा स्वयं कराया जा रहा है। इस प्रकरण की पड़ताल के दौरान चौकाने वाली जानकारी सामने आई है, जशपुर जिले के पांचों नगरीय निकाय में एक ही व्यक्ति विशाल गुप्ता के नाम पर श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर संचालित किया जा रहा है। एक ही व्यक्ति का एकाधिकार होने के कारण मरीजों से दवा का मनमाना मूल्य लिया जाना जानकारी में आया है। इस प्रकरण की भी गहन जांच करने से और भी कई अनियमित्ता सामने आने की संभावना है। मरीजों एवं आम नागरिकों को सस्ते मूल्य पर दवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य की प्राप्ति के लिये इस पूरी व्यवस्था का पोस्टमार्टम कर जनता की सुविधा के अनुकूल व्यवस्था स्थापित करने में शासन और प्रशासन को ध्यान देना होगा। बहरहाल,पिछली :खबर का असर यह हुआ है कि अवैध तरीके से अतिक्रमण कर बन रही दुकान में शटर भी लग गया।ताज़्जुब इस बात पर कि जो अस्पताल नगर पंचायत को चिट्ठी लिखकर निवेदन कर रहा है कि धनवंतरी जेनेरिक दवा की दुकान को बाहर ले जाओ।उसी अस्पताल की बाउंड्री के अंदर बल्कि बाउंड्री तोड़कर धड़ल्ले से नई दुकान बनाई जा रही है।

भूपेश सरकार में संचालित जनस्वास्थ्य की दुकान अवैध तरीके से चल रही है,सांय सांय..बड़ा खुलासा जारी है,,पढ़ते रहिए ख़बर JANपक्ष

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नियमों की धज्जियां उड़ाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुनकुरी में श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर का किया जा रहा संचालन, काली कमाई के लिये अस्पताल की जमीन पर किया जा रहा अतिक्रमणबाहरी मरीज़ों को नही मिलता सस्ती दवाओं का लाभ भ्रामक जानकारी देकर नगर पंचायत में कराया गया गुमाश्ता पंजीयन जशपुर  : आम जनता को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तत्कालीन भूपेश सरकार ने धन्वंतरि जेनेरिक मेडिसिन सेंटर खोला जो विष्णु सरकार में भी चल रहा है।कुनकुरी में संचालित सेंटर का मुआयना करने पर जानकारी मिली कि यहां दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करके राजनैतिक संरक्षण में बड़ा काम किया जा रहा है। दरअसल, जनस्वास्थ्य के नाम पर इस खेल की शुरूवात राजनैतिक हस्तक्षेप में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन के अंदर 10 नम्बर के कमरे में अवैधानिक रूप से दवा दुकान खोलने के साथ हुई। अवैधानिक इसलिए क्योंकि इस दवा दुकाम को खोलने के लिये किसी भी प्रकार की न तो अनुमति ली गई और न ही अस्पताल प्रशासन को इसकी सूचना दी गई। यह जांच का विषय है कि यह दवा दुकान नियमों के विपरित अस्पताल भवन में खुली कैसे ? इस मामले की पड़ताल प्रारंभ होने पर पता चला कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुनकुरी के भवन मं संचालित हो रही श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर से जुड़ा हुआ है और इसी दवा दुकान को इसी परिसर में संचालित करने के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की शासकीय जमीन पर अतिक्रमण कर एक दुकान का निर्माण कराया जा रहा है। पड़ताल में ज्ञात हुआ कि इस दवा दुकान का गुमास्ता पंजीयन में भी वैध दस्तावेज की जानकारी दिये बगैर रहस्यमय ढ़ंग से कराया गया। अस्पताल प्रशासन की ओर से इस दुकान के संचालन को अन्यत्र किये जाने हेतु नगर पंचायत को कई बार पत्र लिखे जाने की भी जानकारी प्राप्त हुई है लेकिन लम्बा समय बीत जाने के बाद भी इस संबंध में कोई कार्यवाही नही हुई है। अस्पताल परिसर में हो रहे इस अतिक्रमण के बारे में अस्पताल प्रशासन द्वारा भी किसी प्रकार की कार्यवाही किये जाने की जानकारी नही मिली है। इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के कर्मचारियों से जानकारी लेने पर ज्ञात हुआ कि इस दवा दुकान को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन से हटाये जाने हेतु प्रारंभ से लिखा जा रहा है। अस्पताल परिसर में हो रहे अवैध निर्माण कार्य से अस्पताल प्रशासन जानकारी नही होने की बात कह रहा है। इस दवा दुकान से मरीजों को बेची जा रही दवा में भी अधिक मूल्य वसूल करने की मरीजों से जानकारी मिली है। दुकानदार द्वारा मरीजों को दवा का बिल भी नही दिये जाने की शिकायत प्राप्त हुई है। दुकान से मनमाने मूल्य पर दवा विक्रय किये जाने की भी जांच की मांग उठ रही है।

आज झारखण्ड की इन लोकसभा सीटों पर स्टार प्रचारक सीएम साय का तूफानी दौरा,पड़ोसी राज्यों में भी साय के सांय-सांय की चर्चा

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जशपुर – भाजपा के स्टार प्रचारक सीएम छत्तीसगढ़ विष्णुदेव साय प्रदेश की सभी 11 सीटों में लोकसभा चुनाव खत्म कर झारखण्ड और ओडिशा में चुनाव प्रचार की कमान संभाले हैं।श्री साय शुरु से ही पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के गुड बुक में हैं। इस लोकसभा चुनाव में भी वे भाजपा के स्टार प्रचारक के रूप में दूसरे राज्यों में जनसभाओं में भाजपा के पक्ष में प्रचार करने जा रहे हैं। दरअसल, मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश में जिस तरह सीएम श्री साय  मोदी गारंटी के तहत किए वादे सांय सांय पूरे कर रहे हैं,उसे लेकर विष्णुदेव साय को झारखंड प्रदेश में चुनावी सभाएं करने का बड़ा दायित्व दिया गया है। 10 मई शुक्रवार को श्री साय सुबह 11 बजे से 11.45 बजे तक झारखंड के पश्चिम सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र के मणिपुर ग्राउंड में, दोपहर 12.50 से 1.35 बजे तक खूंटी लोकसभा क्षेत्र के  गाताडीह प्रखंड ग्राउंड में और 2.40 बजे से 3.25 बजे तक लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के छतरपुर गार्डन ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करेंगे। झारखंड के इन तीनों लोकसभा क्षेत्रों में आदिवासी मतदाताओं की संख्या बहुतायत में है। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के कार्यों और हर समुदाय खासकर आदिवासी समुदाय में उनकी गहरी पैठ को देखकर माना जा रहा है कि वे झारखंड में भी मतदाताओं को भाजपा के पक्ष में करने में और पार्टी के लिए माहौल बनाने में सफल होंगे।

बड़ी खबर: सड़क हादसे में 8 लोगों की मौत,खड़ी ट्रक को पिकप ने मारी टक्कर,घायलों के ईलाज में जुटा पूरा प्रशासन

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बेमेतरा – देर रात छठी कर्यक्रम से लौट रहे दर्जनों लोग सड़क हादसे का शिकार हो गए।एसपी रामकृष्ण साहू ने घटना की पुष्टि की है।जिसमें तेज रफ्तार पिकप ने सड़क किनारे खड़ी ट्रक को टक्कर मार दी।हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हैं। दरअसल,घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार पिकप में 40 से ज्यादा लोग सवार थे जो सिमगा से लगे तिरैया गांव में छठी ( जन्म का छठवां दिन ) कार्यक्रम मनाकर लौट रहे थे।लगभग 2 बजे से 3 बजे के बीच यह एक्सीडेंट हुआ है। अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतकों में 5 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल हैं।4 लोगों की हालत गम्भीर है जिन्हें कलेक्टर , एसपी और स्थानीय विधायक बेहतर इलाज के लिए रायपुर एम्स भेज रहे हैं।वहीं 23 घायलों का इलाज जारी है।पुलिस ने सभी 8 मृतकों की शिनाख्ती कर ली है । जिनके नाम भूरी निषाद (50), नीरा साहू (55), गीता साहू (60), अग्निया साहू (60), खुशबू साहू (39), मधु साहू (5), रिकेश निषाद (6) और ट्विंकल निषाद (6) है।

जैव विविधताओं से भरे जशपुर में वीआईपी मूवमेंट से पहले बनानी होगी रणनीति,वीआईपी सुरक्षा बेहतर समन्वय से ही सम्भव

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  @संतोष चौधरी आपने फिल्मी गाना जरूर सुना होगा एक बरस के मौसम चार-मौसम चार,पांचवां मौसम प्यार का’।इस गाने को गुनगुनाते हुए जानिए की यह छत्तीसगढ़ राज्य का एकमात्र जिला जशपुर है जहां एक बरस नहीं बल्कि बारहों महीने चार मौसम होते हैं।अधिक ठंडा,कम ठंडा,कम गर्म,अधिक गर्म।यही वजह है कि यहां जैव विविधता भी ज्यादा है। तो मैं हाल की एक घटना से अपनी बात शुरू करना चाहूंगा जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दीपू बगीचा में सरहुल पूजा उत्सव मनाने बतौर मुख्य अतिथि आने वाले थे।जिसमें सुबह तकरीबन साढ़े दस बजे के करीब धरती माता की पूजा करते समय बैगा (आदिवासियों के पुजारी) धूप-अगरबत्ती जला दिए जिसके धुँए से पूजा स्थल के ऊपर पीपल पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता था,वे नाराज हो गए और बैगाओं पर बरस पड़े।इस कारण आनन-फानन में मुख्यमंत्री श्री साय का कार्यक्रम स्थल बदलकर कल्याण आश्रम स्कूल परिसर करना पड़ा। इस कार्यक्रम के बाद से एक चर्चा सीएम सिक्योरिटी को लेकर चलने लगी।जिस पर मुझे लगता है कि ठीकरा फोड़ने से ज्यादा अच्छा होगा कि इस घटना से सबक लेते हुए आनेवाले हर वीआइपी, वीवीआइपी या कहूँ तो बड़े आयोजनों से पहले बेहतर समन्वय के साथ रणनीति बनानी होगी। जल-जंगल और जमीन से अमीर जशपुर जिले में वीआईपी की सुरक्षा को लेकर हाथियों के मूवमेंट को देखते हुए, मधुमक्खियों के छत्तों को बिना छेड़े कार्यक्रम कराने के कई उदाहरण प्रशासन के पास होंगे।मुझे याद आ रहा है कि पम्पशाला में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कंवर समाज के बड़े उत्सव में आने से पहले उनकी सुरक्षा से जुड़ी सारी चीजें बारीकी से जांची-परखी जा चुकी थी जिसमें कार्यक्रम से महज सौ मीटर बाद मधुमक्खियों के पचासों छत्ते थे।समय रहते यह पता चल गया और पुल के पास प्रस्तावित भोजन पकाने की तैयारी बंद कर दी गई।जिससे कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इससे पहले की एक घटना पूर्व सीएम भूपेश बघेल से जुड़ी है जिसमें कुनकुरी पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में भेंट मुलाकात के समय रेस्ट हाउस के बगल में पानी टँकी में कई सारे छत्ते थे जिन्हें वन विभाग के मना करने के बावजूद अन्य विभाग के द्वारा जला दिया गया था। जिससे मधुमक्खियों की नाराजगी बढ़ी और रेस्ट हाउस में हर जगह भिनभिनाने लगी।सीएम का समाज के लोगों के साथ मुलाकात के कार्यक्रम व्यवधान पैदा हो गया। समन्वय का एक उदाहरण और, जैसा कि भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने मुझे बताया कि विधानसभा चुनाव प्रचार में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह विजयी रथ से कांसाबेल पहुंचे थे जहाँ से कुछ ही दूरी पर पीपल पेड़ पर मधुमक्खियों के कई सारे छत्ते थे,जिन्हें उनके आने से पहले व्यवस्थित कर लिया गया था। एक बार गर्ल्स कॉलेज जशपुर में भी एक आयोजन के दौरान सांप घुस आया था।जिसे भी प्राचार्य विजय रक्षित द्वारा भगदड़ मचने से पहले हटा दिया गया। तो यह बात समझने की है कि जब भी कोई उच्च पदधारी व्यक्ति का जिले में आगमन हो तो सभी विभाग समय से पहले हर बारीकियों और दिशा निर्देशों का पालन करें और आयोजकों से करावें। धर्म-आस्था से जुड़ी कई ऐसी चीजें भी हैं जिन्हें हमें सम्मान देते हुए समझना भी होगा।हमारे जिले की बात करूं तो यहां मधुमक्खियों को देवीसेना के रूप में मान्यता है।जिसके कारण इन्हें जलाकर हटाने की बजाए बैगा द्वारा मंत्रोच्चार कर बांधा जाता है।यदि प्रशासन इसे अंधविश्वास मानकर बिना इनकी अनुमति के छत्ते हटाने की कोशिश करेगा तो मधुमक्खियों से पहले यहां के लोग भिन्ना जाएंगे। एक्सपर्ट बताते हैं कि मधुमक्खियों को हटाने की पूरी प्रक्रिया पांच दिनों की है।पहले दिन बैगा या जानकार व्यक्ति द्वारा मंत्रोच्चार कर मधुक्खियों को भगाया जाता है । उनके छत्ता छोड़ने के बाद छत्ते को जलाया जाता है ।इसके बाद मधुमक्खियां दो दिन तक छत्ते के आसपास मंडराती रहेंगी और जब उन्हें यह मालूम हो जाएगा कि कोई नुकसान नहीं हुआ है तो फिर वे शांत हो जाएंगी और दूसरे स्थान पर नया छत्ता बनाने लगेंगी। 5 दिन के बाद ही माना जाता है कि अब वे नहीं लौटेंगी। अतः मेरे विचार से ऐसे विशिष्ट व्यक्तियों के आगमन की जानकारी होते ही समय से पहले सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ रणनीति बनाएंगे तो कभी यूँ न होगा।सब काम सांय-सांय होगा।

CRPF 76 जवानों की शहीदी पर उनके गाँव पहुंचा,दी श्रद्धांजलि,अब हर वर्ष इसी दिन ताड़मेटला के शहीदों को करेंगे याद

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जशपुर –  जिले के बरांगजोर गांव का बेटा शहीद लेओस खेस के स्मारक में सीआरपीएफ ने शहीद की विधवा,ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के साथ शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।आज ही के दिन 6 अप्रैल 2010 को दंतेवाड़ा के ताड़मेटला गांव में नक्सलियों ने सीआरपीएफ के 76 जवानों की निर्मम हत्या की थी।जिसमें सिपाही लेओस खेस शहीद हुए। दरअसल,सीआरपीएफ के डायरेक्टर जनरल आईपीएस अनीस दयाल सिंह के निर्देशानुसार व साकेत कुमार सिंह,IPSमहानिरीक्षक छत्तीसगढ़ सेक्टर, राज कुमार,उप महानिरीक्षक ग्रुप सेंटर बिलासपुर के मार्गदर्शन में आज के दिन चिंतलनार ताड़मेटला नक्सली हमले में शहीद हुए सभी 76 जवानों के गांवों में सीआरपीएफ के अधिकारी पहुंचकर उन्हें अपनी श्रद्धासुमन अर्पित कर रहे हैं।इसी कड़ी में कुनकुरी थाना इलाके के बरांगजोर गांव में भी लेओस खेस के शहीद स्मारक पर ग्रुप सेंटर बिलासपुर से असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार ,इंस्पेक्टर मोहम्मद परवेज जवानों के साथ पहुंचे हैं। असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार ने इस मौके पर बताया कि 62 बटालियन के शहीद सिपाही लेओस खेस का जन्म 1 मार्च 1968 को हुआ था। 26 दिसम्बर 1995 में लेओस ग्रुप केंद्र रामपुर और 62 बटालियन में तैनात रहे।दंतेवाड़ा में तैनाती के दौरान 6 अप्रैल 2010 को चिंतलनार से नक्सली गतिविधियों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए तलाशी अभियान में अपनी पार्टी के साथ निकले थे।तभी ताड़मेटला गांव में घात लगाए बैठे नक्सलियों ने उनकी पार्टी पर हमला कर दिया जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के बहादुर सिपाही लेओस खेस समेत 76 जवान शहीद हो गए।जिन्हें याद करते हुए परिवार के लोग भावुक हो रहे हैं और अपने बेटे/भाई के बलिदान पर गर्व भी कर रहे हैं। इससे पहले सीआरपीएफ की ओर से शहीद की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर सलामी दी गई।फिर असिस्टेंट कमांडेंट ने शहीद लेओस की विधवा कलिस्ता को शाल ओढ़ाकर सम्मानित करते हुए हौसला बढ़ाया। कलिस्ता अपनी दो बेटियों के साथ अपने पति को याद करते हुए बार-बार भावुक हो रही थी।गांव के सरपँच पेत्रुस खेस ने इस मौके पर कहा कि आज के दिन मेरा दोस्त देश के लिए उग्रवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गया।यह परिवार के लिए काफी दुखदायी है।हम सब गांव के लोग देश के अपनी जान देने वाले जवान के परिवार के साथ खड़े हैं और शहीद की पत्नी को हर राष्ट्रीय पर्व में मुख्य अतिथि बनाकर उनका सम्मान भी करते हैं। शहीद जवान की बहन सरोज खेस ने कहा कि मुझे मेरे भाई की शहादत पर गर्व है।उसकी कुर्बानी बेकार नहीं गई है।उसकी वीरता की कहानी सुनकर बेटी भी फौज में जाने की तैयारी कर रही है।

ढेकी चावल होता है ज्यादा स्वादिष्ट एवं फायदेमंद- भरत तुकाराम खिरारी

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*महाराष्ट्र के किसानों ने ढेकी चावल, मिल्लेट्स कोदो, कुटकी एवं रागी प्रसंस्करण सेंटर का किया अवलोकन* *डिहाइड्रेशन यूनिट, मंथन फ़ूड लैब, जिला संग्रहालय एवं जैविक खेती के ट्रेनिगं सेंटर में पहुंचकर विभिन्न प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग तकनीक का लिया प्रशिक्षण* जशपुर – महाराष्ट्र के जव्हार से आए कृषक ने आज जशपुर विकासखण्ड के बालाछापर स्थित ढेकी चावल, मिल्लेट्स कोदो, कुटकी एवं रागी प्रसंस्करण सेंटर के साथ-साथ डिहाइड्रेशन यूनिट, मंथन फ़ूड लैब, जिला संग्रहालय एवं जैविक खेती के ट्रेनिगं सेंटर का अवलोकन किया। वैदिक वाटिका द्वारा विभिन्न प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग तकनीक पर प्रशिक्षण भी दिया गया। जय जंगल फार्मर्स प्रोडूसर कम्पनी की मास्टर ट्रेनर अनेश्वरी भगत ने अतिथि किसानों को बालाछापर में किए जा रहे ढेकी से देसी चावल एवं मोटे अनाज (मिल्लेट्स) प्रसंस्करण का प्रशिक्षण दिया। ढेकी से देसी चावल एवं मोटे अनाज (मिल्लेट्स) प्रसंस्करण को देखकर कृषक काफी उत्साहित हुए।  आदिवासी किसान भरत तुकाराम खिरारी ने बताया कि उन्हें ये तो पता था की ढेकी चावल ज्यादा स्वादिस्ट होता है एवं ज्यादा फायदेमंद होता है पर जशपुर आकर उन्होंने पहली बार जाना की वैज्ञानक जांच के बाद इनमें सच में कई सो गुना ज्यादा पौष्टीकता होती है एवं इसका बहुत ज्यादा मांग बाजारों में है, वहीं महेश शंकर पवार ने कहा की हमारे यहाँ कोदो और कुटकी की पहले खेती होती थी पर कुटाई की सुविधा एवं साधन नहीं होने से उसका खेती कोई नहीं करता, यहाँ आकर पता चला की बहुत आसानी से इसका प्रसंकरण कर इसको बाजार में बेचा जा सकता है। सभी कृषक इसके बाद मंथन फ़ूड लैब गए। जहां पर एनआरएलएम के जिला प्रमुख विजय शरण प्रसाद ने विस्तार से चर्चा करके विभिन पैकेजिंग उपकरण के कार्यपद्धति को बताया एवं खाद्य प्रसंस्करण से होने वाले फायदों के बारे में जानकारी दी।