हिमालय अभियान पर निकली जशपुर की युवा टीम,कलेक्टर रोहित व्यास ने दी शुभकामनाएं

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जशपुर, 31 अगस्त 2025/ जशपुर से एक विशेष पर्वतारोहण दल हिमालयी अभियान के लिए रवाना हुआ है। दल में शामिल जशपुर के युवा पर्वतारोही हैं – रवि सिंह, तेजल भगत, रूसनाथ भगत, सचिन कुजुर और प्रतीक नायक। इस अभियान का एक और महत्वपूर्ण पहलू है – आदिवासी संस्कृति और उसकी जड़ों से जुड़ाव। जशपुर की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय परंपराओं, प्रकृति-आधारित जीवनशैली और सामूहिकता की भावना से है। हिमालय की ऊँचाइयों पर इन युवाओं का पहुँचना केवल एक खेल उपलब्धि नहीं बल्कि इस बात का प्रतीक है कि कैसे आदिवासी समाज अपनी सांस्कृतिक ताकत और प्रकृति से गहरे रिश्ते को लेकर दुनिया के सामने खड़ा हो रहा है। दल के सदस्य अपनी संस्कृति और साहस अपने साथ लिए हिमालय की ओर बढ़ रहे हैं।   यह अभियान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन से संचालित हो रहा है। दल जशपुर से रांची के लिए रवाना हुआ, जहां से वे ट्रेन द्वारा दिल्ली पहुँचेंगे। दिल्ली से आगे टीम जगतसुख पहुँचेगी, जहाँ वे 4 सितम्बर तक की प्रक्रिया पूरी करेंगे। इसके बाद 5 सितम्बर को टीम आधार शिविर (Base Camp) की ओर प्रस्थान करेगी।   दल को विदा करने के लिए जशपुर जिला प्रशासन एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। जशपुर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जशपुर के डीएफओ श्री शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार और एसडीएम श्री विश्वास मस्के ने टीम को शुभकामनाएँ दीं और उनके सुरक्षित एवं सफल अभियान की कामना की।   इस अवसर पर कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि जशपुर की युवा प्रतिभाएँ इस अभियान के द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन करने में योगदान प्रदान कर रही हैं। वहीं डीएफओ श्री शशि कुमार ने इसे जिले की उभरती खेल एवं साहसिक गतिविधियों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। विशेष रूप से, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, जो स्वयं एक अनुभवी पर्वतारोही हैं, ने दल के युवाओं को पर्वतारोहण और ट्रेकिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने सुरक्षा उपायों, ऊँचाई पर स्वास्थ्य प्रबंधन और टीम भावना की अहमियत पर बल देते हुए बच्चों को प्रेरित किया।   जशपुर के लोग भी इस अभियान को लेकर उत्साहित और गर्वित हैं। साथ ही स्थानीय जय जंगल कंपनी जो इस एक्सपीडिशन के स्पान्सर में से एक है, के संस्थापक समर्थ जैन का कहना है कि यह दल पूरे जिले के लिए प्रेरणा है और आने वाली पीढ़ियों को पर्वतारोहण तथा साहसिक खेलों की ओर अग्रसर करेगा। जगह-जगह लोग बच्चों के हौसले और साहस की चर्चा कर रहे हैं और सभी को उम्मीद है कि वे हिमालय से सफलता और गौरव की नई कहानियाँ लेकर लौटेंगे।   इस अभियान का नेतृत्व पर्वतारोही स्वप्निल राचेलवार एवं राहुल ओगरा कर रहे हैं।   साथ ही इस अभियान का एक और महत्वपूर्ण संदेश है – पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति की दिशा में जागरूकता। यह पहल न केवल युवाओं को प्रकृति से जोड़ने का कार्य करेगी, बल्कि उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। हिमालय अभियान से यह संदेश भी जाएगा कि साहसिक खेलों और पर्वतारोहण के माध्यम से समाज को एक नई दिशा दी जा सकती है। इससे न केवल जशपुर बल्कि पूरे राज्य में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

जशपुर से हिमालय तक: जनजातीय युवाओं की ऐतिहासिक चढ़ाई की तैयारी

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जशपुर –  26 अगस्त 2025/ छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला जो अब तक अपनी हरियाली, झरनों और शांत वनों के लिए प्रसिद्ध रहा है, देशदेखा क्लाइम्बिंग सेक्टर की स्थापना के बाद अब एक और नई पहचान बनाने जा रहा है।जिले के आदिवासी युवा हिमालय की चोटियों पर अल्पाइन तरीके की रॉक क्लाइम्बिंग चढ़ाई के लिए निकलने की तैयारी कर रहे हैं। मियार वैली ट्राइबल अल्पाइन एक्सपेडिशन 2025 केवल एक पर्वतारोहण अभियान नहीं है, बल्कि यह पूरे प्रदेश और देश के लिए गर्व और उम्मीद की कहानी बन रहा है। इस अभियान के लिए अंतिम चरण में पाँच युवाओं का चयन किया गया है, जिनकी अपनी-अपनी कहानियाँ प्रेरणादायक हैं। रुसनाथ भगत जो एम.ए. हिस्ट्री के छात्र और एनसीसी कैडेट हैं, शहर में अपने लोकप्रिय नेपोलियन चाउमिन सेंटर चलाते हैं और कंटेंट क्रिएशन में भी सक्रिय हैं। तेजल भगत एम.एससी. बॉटनी की छात्रा, अपने गाँव बस्ता में एकता क्लब के ज़रिए शिक्षा और बाल अधिकारों के लिए काम करती हैं। सचिन कुजूर, एम.ए. हिस्ट्री के छात्र, जय हो एनजीओ से जुड़े रह चुके हैं और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के साथ-साथ मंडार, एक पारंपरिक जनजातीय वाद्य, बजाने में माहिर हैं। प्रतीक, बी.कॉम स्नातक और एनएसएस वॉलंटियर, खेती करना पसंद करते हैं और परिवार का सहारा बनने के लिए बर्तन की दुकान में काम भी कर चुके हैं। वहीं रवि सिंह, बाइक मैकेनिक और साइकिलिंग के शौकीन, ने हाल ही में जशपुर का पहला देशदेखा क्लाइम्बिंग को. नामक एडवेंचर गाइडिंग कार्य बाकी प्रशिक्षित युवाओं के साथ शुरू किया है। टीम को जशपुर के जंगलों और आसपास की चट्टानों में कठोर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहाँ उन्हें कैंपिंग, ट्रैड क्लाइम्बिंग, रूट ओपनिंग, वाइल्डरनेस फर्स्ट एड और माउंटेन एथिक्स जैसी अहम तकनीकें सिखाई जा रही हैं। प्रशिक्षण की कमान स्वप्निल शिरीष रचेलवार, अमेरिका से डेव गेट्स, रनर्सग्च से सागर दुबे, प्रसिद्ध भारतीय कोच प्रतीक निनवाने वर्तमान में यू मुम्बा कबड्डी टीम के प्रमुख फिटनेस कोच और काफी मीडिया से ईशान गुप्ता जैसे अनुभवी प्रशिक्षकों के हाथों में है। यह प्रशिक्षण केवल शारीरिक तैयारी नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर भी केंद्रित है। जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार के इस अभियान को स्थानीय लोगों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़े पैमाने पर समर्थन मिला है। विश्व की सबसे बड़ी पर्वतारोहण उपकरण निर्माता कंपनी पेटज़ल ने भारत में अपने साझेदार अलाइड सेफ्टी इक्विपमेंट के साथ मिलकर आधिकारिक उपकरण प्रायोजक की भूमिका निभाई है। अद्वेनोम एडवेंचर और जय जंगल ने पौष्टिक और ऑर्गेनिक भारतीय शैली के एडवेंचर फ़ूड उपलब्ध कराने का जिम्मा उठाया है। रनर्सग्च्, एक प्रतिष्ठित एथलीट कोचिंग ब्रांड, टीम की शारीरिक और मानसिक मजबूती पर काम कर रहा है। इसके साथ स्पेन की प्रसिद्ध बार्सिलोना क्लाइम्ब्स और मिस्टिक हिमालयन ट्रेल्स ने गाइडिंग और बेसकैंप गतिविधियों में सहयोग दिया है। इस अभियान का संचालन पहाड़ी बकरा एडवेंचर कर रहा है। वहीं छत्तीसगढ़ का प्रमुख औद्योगिक समूह हिरा ग्रुप इस पहल से प्रेरित होकर आधिकारिक प्रायोजक बना है। रेकी ऑउटडोर्स ने टीम को आधिकारिक पर्वतीय परिधान मुहैया कराए हैं, जबकि रेडपांडा ऑउटडोर्स और गोल्डन बोल्डर्स ने उपकरण सपोर्ट दिया है। आदि कैलाश वेलनेस पार्टनर के रूप में टीम के स्वास्थ्य और रिकवरी में सहयोग कर रहा है। मुख्य प्रायोजकों के अलावा कुल मिलाकर 15 कंपनियों ने अपना सहयोग प्रदान कर इसे शुरुआत से ही एक सफल अभियान बना दिया है। जशपुर से निकले ये पाँच युवा अब हिमालय की मियार वैली की ऊँचाइयों को छूने के सपने के साथ आगे बढ़ रहे हैं। ज्ञात रहे कि यह टीम 31 अगस्त को जशपुर से हिमाचल प्रदेश की ओर गंतव्य के लिए निकलेगी। एक महीने के इस अभियान पर जनजातीय युवक देश-विदेश के प्रसिद्ध माउंटेन क्लाइम्बर्स के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लीडर के तौर पर प्रतिभाग करेंगे। यह पहल केवल उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए एक प्रेरणा है। यह साबित कर रही है कि अवसर और सहयोग मिलने पर जंगलों और गाँवों से भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्वतारोही तैयार हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान आने वाले समय में भारतीय हिमालयी पर्वतारोहण की दिशा बदल सकता है और अगली पीढ़ी के अल्पाइन क्लाइम्बर्स इन्हीं अप्रत्याशित इलाकों से निकल सकते हैं। यह केवल एक चढ़ाई नहीं, बल्कि बदलाव की चढ़ाई है।

छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ डॉ. हरविंदर मांकड़ की नई फिल्म ‘अर्पण’ का सफर, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को समर्पित,

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कुनकुरी (जशपुर, छत्तीसगढ़): 22/08/2025 कुनकुरी की धरती पर आयोजित एक अद्वितीय और यादगार संध्या ने पूरे जशपुर ज़िले के लिए एक ऐतिहासिक पल रच दिया। इस अवसर पर प्रसिद्ध लेखक, कार्टूनिस्ट और फिल्म निर्देशक डॉ. हरविंदर मांकड़ को जी.के. साइकोथेरेपी एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर द्वारा विशेष रूप से मुंबई से आमंत्रित किया गया।   आदिवासी नृत्य से हुआ स्वागत डॉ. मांकड़ के आगमन पर सबसे पहले केरसई गाँव की आदिवासी जनजाति ने परंपरागत कर्मा नृत्य प्रस्तुत किया। इस नृत्य में आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली। स्थानीय कलाकारों ने ढोल-नगाड़ों और लोकगीतों की थाप पर डॉ. मांकड़ का स्वागत कर कार्यक्रम को और भी गरिमामयी बना दिया। आदिवासी समाज की कला और संस्कृति को इस अवसर पर विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया, जिसे देखकर सभी अतिथि भाव-विभोर हो उठे। इसके बाद महान कार्टूनिस्ट कुनकुरी जीके साइकोथेरेपी एंड रिहैबिलिटी सेंटर पहुंचे जहां छत्तीसगढ़ और झारखंड से पहुंचे लोगों ने आत्मीय स्वागत किया।मुख्य अतिथि के रूप में श्री मांकड़ ने विशिष्ट अतिथियों दीपक बड़ा,रोशन किरो ,नितेश महतो के साथ दीप जलाकर अर्पण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। श्री मांकड़ ने ‘प्योर सोल चिल्ड्रेन’ कुमारी नीति के हाथों अपनी किताब Journey of Soul का विमोचन हुआ। इसके बाद डॉ. हरविंदर मांकड़ ने अपनी प्रेरणादायी मोटिवेशनल क्लास में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा – “बच्चे सभी ईश्वर की अनुपम देन हैं। इन्हें भरपूर प्यार दीजिए, ये किसी से कम नहीं हैं। बस इन्हें सही इलाज और अपनापन दीजिए, यही इनकी असली ताक़त बनेगी।” उनके शब्दों ने न केवल विशेष बच्चों के अभिभावकों के दिलों को छुआ, बल्कि हर उस व्यक्ति को नई सोच दी जो समाज सेवा और मानवता की राह पर चलना चाहता है। विशेष बच्चों के उपचार में मील का पत्थर मानी जाने वाली डॉ. ग्रेस कुजूर ने अपने विचार रखते हुए कहा –“डॉ. हरविंदर मांकड़ का कुनकुरी आना किसी करिश्मे से कम नहीं है। उनका यहां आना और हमें अपना कीमती समय देना, हमारे लिए सौभाग्य की बात है। वे जिस आत्मीयता से विशेष बच्चों से जुड़े, वह इस क्षेत्र के लिए प्रेरणादायी है।” नई फिल्म “अर्पण” का निर्माण शुरू इस अवसर पर यह भी घोषणा की गई कि डॉ. हरविंदर मांकड़ कुनकुरी में ही डॉ. ग्रेस कुजूर पर एक डॉक्यूमेंट्री फिक्शन फिल्म का निर्माण कर रहे हैं। इस फिल्म का नाम है – “अर्पण”। यह फिल्म छत्तीसगढ़ के पर्यावरण अभियानों को बढ़ावा देने और प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को समर्पित है। इस फिल्म को स्वयं डॉ. हरविंदर मांकड़ ने लिखा और निर्देशित किया है। फिल्म के माध्यम से न केवल डॉ. ग्रेस कुजूर की अनूठी सेवाओं को दिखाया जाएगा, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया जाएगा कि प्रकृति और मानवता का संरक्षण साथ-साथ चलना चाहिए।   छत्तीसगढ़ की सुंदरता की सराहना की कार्यक्रम का संचालन  संतोष चौधरी ने किया। उन्होंने बताया कि डॉ. मांकड़ छत्तीसगढ़ की सुंदरता से गहराई तक प्रभावित हुए हैं। डॉ. मांकड़ के शब्दों में –“मैंने छत्तीसगढ़ से अधिक सुंदर जगह आज तक नहीं देखी। कुनकुरी की धरती सचमुच स्वर्ग के समान है। यहाँ की सादगी, अपनापन और प्राकृतिक सौंदर्य मन को छू लेने वाला है।” कुनकुरी के गणमान्य नागरिक और गायक अजय मूंदड़ा ने बताया कि यह ऐतिहासिक शाम न केवल विशेष बच्चों और उनके परिवारों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आई, बल्कि पूरे जशपुर ज़िले के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई। आदिवासी कला, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और मानवता की महक से सजी इस संध्या ने यह संदेश दिया कि सच्ची समृद्धि तभी संभव है जब हम समाज और प्रकृति दोनों को समानता और प्रेम के साथ आगे बढ़ने का अवसर दें। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने मोटू पतलू कॉमिक सीरीज लिखनेवाले लेखक और उन्हें उकेरनेवाले कार्टूनिस्ट डॉ हरविंदर को अपने संस्मरण बताए।

स्वतंत्रता दिवस पर जीके साइकोथेरेपी एंड रिहैबिलिटी सेंटर कुनकुरी में भव्य आयोजन

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मुख्य अतिथि संतोष चौधरी और विशिष्ट अतिथि अजय मूंदड़ा ने फहराया तिरंगा, डॉ. ग्रेस ने दिया समाज को सजग रहने का संदेश कुनकुरी,16अगस्त 2025 – जीके साइकोथेरेपी एंड रिहैबिलिटी सेंटर कुनकुरी में 79वां स्वतंत्रता दिवस बड़ी धूमधाम और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सेंटर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें इलाजरत बच्चे, उनके अभिभावक और नगर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।   अतिथियों ने की भारत माता की पूजा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संतोष चौधरी और विशिष्ट अतिथि अजय मूंदड़ा ने सेंटर की बालिका नीति के साथ भारत माता की पूजा की और ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान गाया गया। संस्था की डायरेक्टर डॉ. ग्रेस कुजूर ने सभी आगंतुकों का स्वागत परंपरागत तरीके से आजादी का टीका और बैज लगाकर किया।   आजादी के बदलते मायने बताए मुख्य अतिथि संतोष चौधरी ने स्वतंत्रता संग्राम के किस्से सुनाते हुए वर्तमान समय में आजादी के बदलते मायनों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल शासन से मुक्ति का नाम नहीं है, बल्कि यह जिम्मेदारियों और कर्तव्यों के निर्वहन का भी दायित्व है। विशिष्ट अतिथि अजय मूंदड़ा ने कहा कि भारत की एकता और अखंडता बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर उपस्थित जनों को भावविभोर कर दिया।   मानसिक स्वास्थ्य और नशाखोरी पर चिंता कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्था की डायरेक्टर डॉ. ग्रेस कुजूर ने कहा कि आजादी के बाद से सरकारों ने लगातार विकास कार्य किए हैं, लेकिन बढ़ते बोझ और घटते जल-जंगल-जमीन ने इंसानों के जीवन को प्रभावित किया है। परिवारों में मुखिया बच्चों की मानसिक स्थिति और व्यवहार पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पा रहे, जिसके कारण मानसिक रोग बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज में फैलती नशाखोरी युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों के जीवन को भी खोखला कर रही है, जो समाज को कमजोर बना रही है। इस पर घर-परिवार और गांव-समाज में चर्चा करने की आदत डालनी होगी।   देशभक्ति गीत से गूंजा परिसर   अपने उद्बोधन के अंत में डॉ. ग्रेस ने “प्यारा हिंदुस्तान, मेरा प्यारा हिंदुस्तान” गीत प्रस्तुत किया, जिसने पूरे परिसर को देशभक्ति की भावना से सराबोर कर दिया।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, परेड की सलामी ली और पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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जशपुरनगर, 15 अगस्त 2025/ राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आजादी का तिरंगा फहराया और उनके गृहजिले में स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने तिरंगा फहराया। जिला मुख्यालय जशपुर में 79वां स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति और हर्षोल्लास के साथ रणजीता स्टेडियम में आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली और मुख्यमंत्री का स्वतंत्रता दिवस संदेश वाचन किया। उन्होंने कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों के साथ परेड का निरीक्षण किया तथा शांति के प्रतीक रंगीन गुब्बारे उड़ाए। समारोह में 13 प्लाटूनों ने हिस्सा लिया, जिसका नेतृत्व मुख्य परेड कमांडर अमरजीत खूंटे ने किया। मंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिजनों से भेंट कर उन्हें शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने बैंड, सामूहिक व्यायाम और देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 152 अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सर्किट हाउस प्रांगण में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान अंतर्गत पौधारोपण भी किया गया। मंत्री ने सिंदूरी, विधायक रायमुनी भगत ने सीता अशोक, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने गुलमोहर,नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद भगत ने नागकेशरी का पौधा लगाया। सभी ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, स्कूली बच्चे और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। संचालन डी. आर. राठिया एवं जयेश सौरभ टोपनो ने किया।

कुनकुरी में जय स्तंभ पर माल्यार्पण: नपं अध्यक्ष विनयशील ने दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं,बीते चार महीने की विकास उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी साझा की

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कुनकुरी, 15 अगस्त 2025/ आजादी के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कुनकुरी नगरपंचायत अध्यक्ष विनयशील ने जय स्तंभ चौक पर माल्यार्पण कर नगरवासियों को संबोधित किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने बीते चार महीने में नगर के लिए किए गए कार्यों और विभिन्न विकास योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर नगर के गणमान्य नागरिकों में मुरारी लाल अग्रवाल, कैलाश नाथ गुप्ता, खालिद सिद्धकी, सुखदेव साय, दिलीप जैन, एस इलियास, दीपक मिश्रा, विनीत जिंदल, बृजलाल राणा, सुनील अग्रवाल, मयूर गर्ग, नीरज पारीक, संतोष सहाय, गजानन गुप्ता, राजकुमार सिंह, उपेंद्र यादव, नायक मिश्रा, राजकुमार गुप्ता, रामदेव कायता, विवेक बजाज, जयंत लकड़ा उपस्थित रहे। नगर पंचायत के उपाध्यक्ष दीपक केरकेट्टा, पार्षदगण मुक्ति मिंज, नील कुजूर, रुकसाना बानो, अजीत किस्पोट्टा, मुकेश नायक, राजेश ताम्रकार, रोहित सिंह, शीतल बजाज, अनीता गुप्ता, सावित्री चौहान सहित नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सूदबल यादव और अजेम टोप्पो भी शामिल हुए। कार्यक्रम में कुनकुरी के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं और प्राचार्य, साथ ही प्रशासन की ओर से SDM नंद पांडेय, तहसीलदार प्रमोद पटेल, जनपद CEO प्रमोद सिंह और CMO राजेन्द्र पात्रे उपस्थित रहे।

हॉलीक्रॉस हायर सेकंडरी स्कूल, घोलेंग में भव्य परेड और ध्वजारोहण के साथ मना 79वां स्वतंत्रता दिवस

स्कूल बैंड की धुनों संग मुख्य अतिथि का स्वागत, परेड निरीक्षण कर दी शुभकामनाएं जशपुर, 15 अगस्त 2025/ आजादी के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हॉलीक्रॉस हायर सेकंडरी स्कूल, घोलेंग में राष्ट्रभक्ति और उत्साह से भरा भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समाजसेविका श्रीमती अन्ना मिंज का विद्यालय बैंड दल ने मधुर धुनों के साथ परेड ग्राउंड से मंच तक स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने परेड का निरीक्षण कर छात्र-छात्राओं के अनुशासन और जोश की सराहना की। तत्पश्चात उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का विधिवत एवं ससम्मान ध्वजारोहण किया। अपने सारगर्भित उद्बोधन में श्रीमती मिंज ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान को नमन करते हुए देश-प्रदेश के नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम, देशभक्ति गीत और कविताएं सभी को भावविभोर कर गईं। समारोह में विद्यालय परिवार, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

स्वतंत्रता दिवस : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुलिस परेड ग्राउंड में किया ध्वजारोहण, देखिए तस्वीरों में झलक…

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रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रायपुर पुलिस ग्राउंड में भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ध्वजारोहण किया. इसके बाद स्वतंत्रता दिवस परेड का निरीक्षण करने के बाद मार्चपास्ट की सलामी ली. स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान 34 पुलिस जवानों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया. इस अवसर पर आयोजित मार्चपास्ट में 792 जवान शामिल हुए. जवानों के साथ एनसीसी कैडेट भी मार्चपास्ट में शामिल हुए. इसके बाद अश्वरोही दल ने करतब दिखाया. इसके अलावा हर साल की तरह स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों के नाम अपने उद्बोधन में कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभी वीर सपूतों को नमन करता हूं. छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष को छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनी है. ऑपरेशन सिंदूर भारत के पराक्रमऔर दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक है.

स्वर्गीय एडविन बेकमैन : सादगी, अनुशासन और सेवा का प्रेरणास्पद जीवन

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कुनकुरी 07 अगस्त 2025 – छत्तीसगढ़ एंग्लो-इंडियन समुदाय के वरिष्ठ सदस्य, सरलता और अनुशासन के प्रतीक स्वर्गीय एडविन बेकमैन अब हमारे बीच नहीं रहे। 02 अगस्त 2025 को प्रातः 10:16 बजे उन्होंने रांची स्थित ऑर्किड मेडिकल सेंटर में अंतिम सांस ली। वे 93 वर्ष के थे। स्व. बेकमैन, छत्तीसगढ़ राज्य में भाजपा के प्रथम शासनकाल के दौरान एंग्लो-इंडियन समुदाय से मनोनीत विधायक सुश्री रोजलिन बेकमैन के पूज्य पिताजी थे। उनका जन्म 24 अगस्त 1932 को झारखंड राज्य के लोहरदगा ज़िले में माता स्व. बिन्थसबा और पिता स्व. जे.पी.एस. बेकमैन के परिवार में हुआ था। नौ भाई-बहनों में वे छठे स्थान पर थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा नदिया हाई स्कूल, लोहरदगा में हुई। स्व. एडविन बेकमैन अपने जीवन में अत्यंत सादगीप्रिय, समय के पाबंद और अनुशासन में विश्वास रखने वाले व्यक्ति के रूप में पहचाने जाते थे। वे मिलनसार, सहृदय और सबके प्रिय थे। उनका विवाह 11 फरवरी 1957 को स्व. रेजिना बेकमैन से हुआ। दोनों ने मिलकर कुनकुरी खेल मैदान में एक आदर्श परिवार की नींव रखी। बीते 19 जुलाई को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें रांची के ऑर्किड मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया, जहाँ 14 दिनों के इलाज के बाद, अपनी दोनों बेटियों – सुश्री रोजलिन बेकमैन और रोज़ बेकमैन – के सामने वे शांतचित्त विदा हो गए। उनका अंतिम संस्कार 4 अगस्त को कुनकुरी के आज़ाद मोहल्ला स्थित ईसाई कब्रिस्तान में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। इस अवसर पर परिवार, रिश्तेदारों और बड़ी संख्या में परिचितों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। स्वर्गीय एडविन बेकमैन अपने पीछे तीन पुत्र, पांच पुत्रियाँ, तीन पोतियाँ और चार पोते का भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनका जीवन हम सभी के लिए सादगी, सेवा और संयम की प्रेरणा है। उनका जाना परिवार और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं। ख़बर जनपक्ष परिवार इस दुख की घड़ी में बेकमैन परिवार के साथ है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।

*बीते दस दिनों से चोरी हुआ 14 चक्का ट्रक जशपुर के बालाछापर में मिला* *डीजल खत्म होने पर चोर ट्रक को वहीं छोड़कर भाग निकले*

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जशपुर,04 अगस्त 2025 – जशपुर जिले से बड़ी खबर है, बीते दस दिन पहले बलौदाबाजार से चोरी हुआ 14 चक्का ट्रक आखिरकार जशपुर जिले के बालाछापर में मिला। मिली जानकारी के अनुसार ट्रक को चोर काफी दूर तक ले आए थे, लेकिन डीजल खत्म हो जाने पर उसे सड़क किनारे छोड़कर वहां से भाग निकले। ड्राईवर संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि संगठन के द्वारा लगातार प्रयास और निगरानी के चलते ट्रक का लोकेशन पता चला, जिसकी सूचना तत्काल जशपुर पुलिस को दी गई। वहीं पुलिस की मौजूदगी में ट्रक में डीजल डलवाकर वाहन को सुरक्षित जशपुर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। वहीं छत्तीसगढ़ ड्राईवर महासंगठन ने इस कार्य में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया है तथा भविष्य में भी वाहन चोरी की घटनाओं के खिलाफ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।