बिलासपुर गांव में दबंगई: धार्मिक-सामाजिक अशांति फैलाने और सीसी रोड पर कब्जा कर मकान निर्माण का आरोप, ग्रामीणों ने पट्टा निरस्तीकरण की उठाई मांग

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जशपुर/कुनकुरी, 24 जुलाई 2025/ कुनकुरी विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत रेंगारघाट के आश्रित ग्राम बिलासपुर में झूलन राम चौहान पिता स्व. गुरबारु राम द्वारा किए जा रहे मकान निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि झूलन राम न केवल सीमेंट-कांक्रीट (सीसी) सड़क से सटाकर मकान बना रहा है, बल्कि गांव में धार्मिक और सामाजिक अशांति भी फैला रहा है। ग्रामीणों ने 8 जुलाई 2025 को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगीचा में आवेदन प्रस्तुत कर शासन से मांग की है कि झूलन राम को प्रदाय किया गया आवासीय पट्टा शासन के नियमों के विरुद्ध है और इसे तत्काल निरस्त किया जाए। मुख्यमंत्री को सौंपे गए आवेदन में ग्रामीणों ने जो बिंदु प्रस्तुत किए, वे इस प्रकार हैं— झूलन राम को दिया गया पट्टा गलत तरीके से जारी हुआ है। वह जिस वार्ड का निवासी है, वह प्लॉट उस क्षेत्र में नहीं आता। मकान निर्माण सीसी रोड से बिल्कुल सटा हुआ है और दूसरी ओर सड़क किनारे बोर खनन भी किया गया है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाई हो रही है। वहीं गांव में धार्मिक-सामाजिक वातावरण को बिगाड़ने की नियत से लगातार दबाव और टकराव की स्थिति उत्पन्न की जा रही है। ग्राम पंचायत व तहसील स्तर पर शिकायतों के बावजूद झूलन राम किसी भी निर्णय का पालन नहीं कर रहा है। उसके पास पहले से ही ग्राम बिलासपुर में 2.1920 हेक्टेयर और मकरिबन्धा (दुलदुला) में 1.7200 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है। वह हर साल 73 क्विंटल से अधिक धान का उत्पादन कर मंडी में बिक्री करता है। वर्ष 2024-25 में उसने 72 क्विंटल मोटा धान बेचकर सरकार से ₹1,55,892.50 की राशि प्राप्त की है, जो प्रमाण सहित है। टीप स्वरूप तीन और गंभीर आरोप लगाए गए हैं— 1. झूलन राम ने ईब नदी से लगी हुई लगभग 3 एकड़ भूमि पर भी अवैध कब्जा कर रखा है। 2. गांव के स्थायी निवासी और पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ संतोष भगत पर झूठा आरोप लगाया गया है कि वह गांव वालों को भड़का रहा है, जबकि गांव वाले इसके साक्षी हैं कि यह आरोप निराधार है। 3. तहसील और पंचायत स्तर से प्राप्त आवेदन की प्रतिलिपि भी सलग्न की गई है। *आवेदन के बाद की स्थिति:* 8 जुलाई 2025 को यह आवेदन सीएम कैंप बगिया में दिया गया। इस आवेदन पर तहसीलदार स्तर पर जांच हुई है, जिससे डरकर झूलन राम अब सड़क के ऊपर बनाए छज्जे को तोड़ा है, लेकिन सड़क से मकान नहीं हटाया है। ग्रामीणों ने इस बात का प्रमाण खबर जनपक्ष को देते हुए बताया कि खरीफ वर्ष 2024-25 में झूलन ने 72 क्विंटल मोटा धान बेचकर सरकार से ₹1,55,892.50 प्राप्त किया है। ऐसे में उसे भूमिहीन कैसे माना जाए? अब ग्रामीणों ने झूलन की करतूतों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि शासन इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए तत्काल उक्त विवादित पट्टा को निरस्त करे ताकि ग्राम का सामाजिक सौहार्द बना रह सके। राजनीतिक संदर्भ में भी मामला संवेदनशील उल्लेखनीय है कि यह वही ग्राम बिलासपुर है, जो कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में आता है और जहां वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को बंपर वोट मिला था।भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं में यह चिंता है कि यदि शासन को गुमराह कर बड़े किसान को लाभ पहुंचाने वाले इस पट्टे को निरस्त नहीं किया गया, तो इसका सीधा नुकसान पार्टी को आगामी चुनाव में हो सकता है।

बड़ी खबर:रानी दरहा वाटरफॉल बना फिर हादसे का गवाह, तीन युवक बहे – एक की मौत, एक को बचाया गया, तीसरे की तलाश जारी

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छत्तीसगढ़ के एक प्रसिद्ध प्राकृतिक पर्यटन स्थल रानी दरहा जलप्रपात में रविवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। पिकनिक मनाने पहुंचे तीन युवक पानी के तेज बहाव में बह गए। हादसे के बाद मौके पर पुलिस और रेस्क्यू टीम तुरंत पहुंची। एक युवक को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि एक अन्य की मौत हो चुकी है। तीसरे युवक की तलाश अब भी जारी है।   मृतक की पहचान नरेंद्र पाल सिंह छाबड़ा, पिता अवतार सिंह, निवासी मुंगेली के रूप में हुई है। पुलिस ने मृतक का शव बरामद कर लिया है। फिलहाल राहत व बचाव कार्य जारी है और प्रशासन मौके पर पूरी निगरानी बनाए हुए है।   गौरतलब है कि यह हादसा कवर्धा जिले के बोडला ब्लॉक स्थित रानी दरहा जलप्रपात में हुआ है, जहां पूर्व में भी ऐसे हादसे हो चुके हैं। स्थानीय लोग लगातार यहां सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग करते रहे हैं। इस दुखद घटना की पुष्टि एडिशनल एसपी ने भी की है।  

💥 मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति पर बम्हनी में भारी पड़ता भ्रष्टाचार, ग्रामीणों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग 💥

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जशपुर/दुलदुला,13 जुलाई 2025 –  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ‘भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस’ की नीति को उनके ही अधिकारी और पार्टी कार्यकर्ता दुलदुला क्षेत्र में चुनौती दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बम्हनी पंचायत में सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के अंतर्गत शंकर घर से महादेव चट्टान तक करीब 5 लाख 20 हजार रुपए की लागत से बनी सीसी रोड की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सड़क पंचायत के एक कथित “ठेकेदार” ने बनाई है, जो पहले कांग्रेस शासनकाल में विधायक यूडी मिंज का करीबी था और अब बीजेपी सरकार में पाला बदलकर नए विधायक और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इर्द-गिर्द सक्रिय हो गया है। हैरानी की बात यह है कि सरकार बदलती है, लेकिन इंजीनियर नहीं बदलते — जो तब भी काम देख रहा था और आज भी वही जिम्मेदार अधिकारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बने महज दो महीने हुए हैं और गिट्टी सीमेंट छोड़ने लगी है, बालू बहने लगा है। न तो निर्माण से पहले जमीन की ठीक से तैयारी की गई, और न ही निर्माण के दौरान वाइब्रेटर जैसी आवश्यक तकनीक का इस्तेमाल किया गया। इसका नतीजा – बारिश में सड़क की परतें उधड़ने लगी हैं। सबसे गंभीर आरोप यह है कि दुलदुला विकासखंड में सीसी रोड निर्माण के नाम पर ठेकेदारों और तकनीकी अधिकारियों की मिलीभगत से साइड में मोटी परत और बीच में कमज़ोर सामग्री डालकर लाखों का घोटाला किया जा रहा है। इन रोडों की हालत देखकर “विकास की रफ्तार को राफेल से जोड़ना” ग्रामीणों की नजर में व्यंग्य बन गया है।   जब इस मामले में सरपंच से बात की गई, तो उन्होंने खुद को “टेक्निकल नहीं हूँ” कहकर पल्ला झाड़ लिया। यह जवाब अपने आप में ग्रामीण व्यवस्था की एक बड़ी विडंबना को उजागर करता है। ग्रामीणों की मांग: 1. सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय जांच। 2. महादेव चट्टान के पास तत्काल पुलिया निर्माण, जिसे बारिश से ठीक पहले जेसीबी लगाकर खोद दिया गया है, जिससे आने-जाने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने पवित्र सावन मास में भगवान शिव के मार्ग पर भ्रष्टाचार की परतें बिछाने वालों के खिलाफ मुख्यमंत्री से स्वयं संज्ञान लेने की अपील की है।

संपादकीय : कुनकुरी की राजनीति में चाचा-भतीजे का नया अध्याय

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कुनकुरी की राजनीति इन दिनों छत्तीसगढ़ की सियासत में अलग ही पहचान बना रही है। कभी चावल घोटाले के कारण चर्चा में रहा यह छोटा सा नगर अब राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील के रिश्ते और रवैये को लेकर राजनीतिक विश्लेषणों का केंद्र बन गया है। विष्णुदेव साय का मुख्यमंत्री बनना कुनकुरी के लिए बड़े गौरव की बात है। यह पहला मौका है जब इस अंचल से कोई शीर्ष पद तक पहुंचा है। लेकिन इससे भी ज्यादा दिलचस्प यह है कि मुख्यमंत्री के गृहक्षेत्र में हुए नगर पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में जनता ने कांग्रेस के विनयशील को जिताकर एक नया संदेश दिया। यह लोकतंत्र की ताकत है, जहां व्यक्ति के काम और नीयत को प्राथमिकता दी जाती है, न कि सिर्फ पार्टी को।   विनयशील की कार्यशैली इस वक्त खास चर्चा में है। वे मुख्यमंत्री के “भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस” की नीति का खुलकर समर्थन करते हैं और यही कारण है कि चाहे कांग्रेस हो या भाजपा, दोनों दलों के भीतर बैठे भ्रष्टाचार के संरक्षक उन्हें पसंद नहीं करते। लेकिन आम जनता में विनयशील का प्रभाव बढ़ता जा रहा है – चाहे वह राशन दुकानों की शुरुआत हो, वार्डों में सक्रियता हो, या पारदर्शिता की कोशिश।   राजनीतिक समीकरणों को अगर सूक्ष्म दृष्टि से देखा जाए, तो स्पष्ट होता है कि विनयशील और विष्णुदेव साय के बीच ‘राजनीतिक मतभेद’ नहीं बल्कि ‘कार्यशैली का संतुलन’ है। विनयशील, जिन्हें विष्णुदेव साय व्यक्तिगत रूप से स्नेह देते हैं, ने कभी भी उनके प्रति असम्मानजनक व्यवहार नहीं किया। नालंदा परिसर के कार्यक्रम में मंच के सामने रहकर भी उन्होंने राजनीतिक मर्यादा का उदाहरण पेश किया। अब ये भी जान लीजिए विनयशील का विष्णुदेव साय से क्या रिश्ता है तो विनयशील उन्हें चाचा कहता ही नहीं बल्कि जहां तक मुझे अंदाजा है मानता भी है।दरअसल,विनयशील के पिता विष्णु गुप्ता आजीवन संघ विचारधारा के साथ भाजपा से जुड़े रहे।कोरोना में उनकी मृत्यु हो गई।विष्णुदेव साय अपने प्रिय की मृत्यु पर दुखी हुए और मृत्युभोज पर आकर दुःखी परिवार को हिम्मत दी थी।   और यही विनयशील की राजनीति की परिपक्वता है – वे सीधे टकराव नहीं करते, लेकिन चुपचाप बड़े दांव खेलते हैं। नालंदा परिसर का नाम धरती आबा बिरसा मुंडा के नाम करने की मांग इस बात का प्रमाण है। यह सिर्फ एक नामकरण नहीं बल्कि भाजपा की आदिवासी राजनीति के भीतर सेंध लगाने की चतुर चाल भी है। अब यूथ कांग्रेस इस मुद्दे को विश्व आदिवासी दिवस तक आंदोलन का रूप देने की तैयारी में है।   इस सबके बीच भाजपा खेमे में असहजता दिखती है। विनयशील पर काम रोकने के आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आए। वहीं, विनयशील के विरोधी भी इस बात को नकार नहीं सकते कि वे न सिर्फ जनता के छोटे-छोटे काम करवा रहे हैं, बल्कि कागजी सबूतों के साथ भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर कर रहे हैं – जो स्थानीय राजनीति में दुर्लभ है।   कुनकुरी की राजनीति एक दिलचस्प मोड़ पर है। चाचा-भतीजे की इस जोड़ी को जनता उम्मीद भरी नजरों से देख रही है। जनता को इससे फर्क नहीं पड़ता कि कोई भाजपा में है या कांग्रेस में, उसे बस यह दिखना चाहिए कि उसके इलाके में काम हो रहा है, पारदर्शिता है और उसकी आवाज सुनी जा रही है।   अब देखना यह है कि कुनकुरी की यह ‘सियासी कैमिस्ट्री’ वास्तव में जनता के लिए ‘सुनहरे विकास’ का सूत्र बनेगी या आने वाले चुनावों में यह समीकरण एक नए संघर्ष की ओर बढ़ेगा।   – संपादक संतोष चौधरी ख़बर जनपक्ष  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को रथयात्रा की दी बधाई,आज रथ यात्रा में गजपति की भूमिका में लोकराजा विष्णुदेव करेंगे महाप्रभु की सेवा

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रायपुर 27 जून 2025/मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ से सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है।वे आज शाम तीन बजे जशपुर जिले में दोकड़ा गाँव के जगन्नाथ मंदिर में गजपति की भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महाप्रभु जगन्नाथ के धाम पुरी सहित विभिन्न स्थानों पर रथयात्रा बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ निकाली जाती है। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक एकता और सौहार्द्र का सशक्त प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्राचीन काल से ही छत्तीसगढ़वासियों की भगवान जगन्नाथ में गहरी आस्था रही है। उत्कल समाज के साथ मिलकर सभी छत्तीसगढ़वासी प्रतिवर्ष भक्ति-भाव के साथ भगवान जगन्नाथ, उनके भ्राता बलभद्र और भगिनी देवी सुभद्रा की रथयात्रा निकालते हैं। यह महापर्व श्रद्धा, भक्ति और आस्था का प्रतीक है, जो हमें एकता, सद्भाव और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

परीक्षा अवधि पूर्ण होने पर सहायक शिक्षकों ने सौंपा सामूहिक निवेदन पत्र, जिला शिक्षा अधिकारी ने दिया शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन

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🟢 खबर जनपक्ष। शिक्षा संवाद | 23 जून 2025 🟢 📍 जशपुर, छत्तीसगढ़ जशपुर जिले में वर्ष 2022 की सीधी भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्त सहायक शिक्षकों ने सोमवार को परीक्षा अवधि समाप्ति एवं सेवा नियमितीकरण की मांग को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी श्री पी.के. भटनागर को औपचारिक निवेदन पत्र सौंपा। शिक्षकों ने बताया कि 20 जून 2025 को उनकी तीन वर्ष की निर्धारित परीक्षा अवधि पूर्ण हो चुकी है, ऐसे में नियमानुसार उन्हें नियमित सेवा में शामिल किया जाए। ✅ शिक्षकों ने रखी यह प्रमुख मांगें: परीक्षा अवधि समाप्ति की औपचारिक कार्रवाई शीघ्र पूरी की जाए। नियमितीकरण आदेश जारी कर भविष्य की सेवाओं को स्थायित्व प्रदान किया जाए। सेवा लाभ और शासकीय योजनाओं में पात्रता सुनिश्चित की जाए। 👥 ये शिक्षक रहे उपस्थित: देवकी प्रधान, मुकेश कुमार, विजय पैंकरा, अंजना यादव, मधु पैंकरा, अनुपमा कुजूर, बांग्ला रात्रे समेत अन्य कई शिक्षक प्रतिनिधि इस मौके पर उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि तीन वर्षों तक नियमों के पालन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य करने के बाद अब वे नियमित आदेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। — 🗣️ शिक्षकों का बयान: देवकी प्रधान: “तीन वर्षों की सेवा में हमने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव प्रयास किए हैं, अब नियमितीकरण की प्रक्रिया समय पर होनी चाहिए।” मधु पैंकरा: “परीक्षा अवधि समाप्ति का आदेश मिलने से शिक्षक समुदाय का मनोबल बढ़ेगा और सेवा के प्रति समर्पण और गहराएगा।” मुकेश कुमार: “हमने कर्तव्यपरायणता से कार्य किया है, प्रशासन से उम्मीद है कि जल्द आदेश जारी होंगे।” — 📌 जिला शिक्षा अधिकारी की प्रतिक्रिया: जिला शिक्षा अधिकारी श्री पी.के. भटनागर ने शिक्षकों की मांग को न्यायोचित और नियमसम्मत बताया। उन्होंने कहा— “यह रूटीन प्रक्रिया है, शिक्षकों की तीन वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण हो चुकी है। हम शीघ्र आवश्यक कार्रवाई कर आदेश जारी करेंगे।” — 📢 प्रक्रिया का महत्व: परीक्षा अवधि समाप्ति के आदेश से शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में नियमितता दर्ज होती है। उन्हें शासकीय योजनाओं और लाभों का पात्र माना जाता है। भविष्य की स्थिरता और पदोन्नति जैसे विषयों पर यह आदेश निर्णायक भूमिका निभाता है। — 📍जशपुर के सहायक शिक्षकों का यह सामूहिक प्रयास उनके अधिकारों के प्रति सजगता और एकजुटता को दर्शाता है। अब सभी की निगाहें जिला शिक्षा विभाग पर टिकी हैं कि नियमितीकरण की दिशा में अगला कदम कब उठाया जाता है। 👉 शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, समयबद्ध कार्रवाई और शिक्षकों के मनोबल के लिए यह निर्णय अत्यंत आवश्यक है। — इस तरह की शैक्षणिक खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ 📸 फोटो सौजन्य: शिक्षक प्रतिनिधिमंडल

जशपुर में बाढ़ का कहर: ईब नदी में तीन मछुआरे फंसे, SDRF की रेस्क्यू टीम तैनात, अंधेरे ने बढ़ाई मुश्किलें

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जिले के नदी-नालों में उफान, मनोरा में ट्रैक्टर समेत चालक भी फंसा जशपुर, 19 जून 2025: जशपुर जिले में मानसून की जोरदार दस्तक के साथ ही जनजीवन अस्त-व्यस्त होता जा रहा है। जिले में भारी बारिश का सिलसिला लगातार तीसरे दिन भी जारी है, जिससे नदी-नाले उफान पर हैं। इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है—दोकड़ा पुलिस चौकी अंतर्गत डोढ़ीबहार गांव के पास ईब नदी में तीन मछुआरे बाढ़ में फंस गए हैं। तीनों मछुआरे मछली पकड़ने नदी के बीच चट्टानों पर पहुंचे थे, तभी अचानक जलस्तर तेजी से बढ़ गया और वे चारों ओर से पानी से घिर गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। वहीं, एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है, लेकिन तेज बहाव और बढ़ते अंधेरे के कारण बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। मौके पर मौजूद एसडीएम नंदजी पांडे ने बताया कि तीनों मछुआरे फिलहाल नदी के बीच एक बड़ी चट्टान पर फंसे हुए हैं। पानी का बहाव बेहद तेज है, जिससे स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी है और प्रशासन उन्हें सुरक्षित निकालने का हर संभव प्रयास कर रहा है। उधर, मनोरा पुलिस चौकी क्षेत्र में भी एक एनीकट पार करते वक्त एक ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर समेत बाढ़ में फंस गया है। प्रशासन की टीम वहां भी मौके पर मौजूद है।   जिले भर में नदी-नालों के उफान पर होने से आमजन को सचेत रहने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे बिना आवश्यकता नदी-नालों को पार न करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। यह घटना न सिर्फ बाढ़ की गंभीरता को दर्शाती है बल्कि आपदा प्रबंधन की तत्परता की भी परीक्षा बन गई है। अब सभी की निगाहें ईब नदी में फंसे मछुआरों की सलामती और रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता पर टिकी हैं।

जनपद कार्यालय में हंगामा करने वाले को भेजा गया जेल

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जशपुर, 19 जून 2025 : जनपद पंचायत दुलदुला कार्यालय में आयोजित एक बैठक के दौरान ग्राम दुलदुला निवासी अमर साहू द्वारा शराब के नशे में किए गए हंगामे के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने आरोपी को जेल भेजने के आदेश दिए हैं। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दिनांक 18 जून 2025 को लगभग 1:30 बजे से लेकर 1:45 बजे के बीच जनपद कार्यालय में आयोजित बैठक में अमर साहू ने नशे की हालत में 15 से 20 मिनट तक लगातार हंगामा किया। इस दौरान वह जनपद सीईओ को खोजते हुए कार्यालय परिसर में घुसा और मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी को सीईओ समझकर उनके साथ झूमाझटकी करने लगा। घटना की सूचना जनपद सीईओ पुष्कर पटले ने तत्काल थाना दुलदुला को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां अमर साहू ने पुलिस के साथ भी अभद्र व्यवहार किया। मौके पर मौजूद कई व्यक्तियों ने इस घटना की पुष्टि की, जिनमें पंचायत सदस्य, कर्मचारी और ग्रामीण शामिल हैं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 126 और 135(3) के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए आरोपी के विरुद्ध इस्तगाशा तैयार कर तहसील न्यायालय में प्रस्तुत किया। तहसील न्यायालय ने मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी अमर साहू को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है। इस मामले में थाना प्रभारी दुलदुला के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई कर कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाई। 📝 विशेष जानकारी: यह घटना जनसामान्य व शासकीय कर्मियों की गरिमा से जुड़ी होने के कारण प्रशासन द्वारा गंभीरता से ली गई। आरोपी के खिलाफ विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाते हुए न्यायालयीन कार्रवाई की गई है।

विष्णु के सुशासन का एक शासकीय प्राथमिक विद्यालय दास डुमरटोली : शिक्षा, संस्कार और सफलता की अनोखी पाठशाला

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जशपुरनगर,18 जून 2025 – जशपुर नगर से सन्ना रोड पर मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय दास डुमरटोली शिक्षा, संस्कार और सर्वांगीण विकास का आदर्श केंद्र बन चुका है। नया शैक्षणिक सत्र 2025-26 प्रारंभ हो चुका है और विद्यालय में प्रवेश के लिए पंजीयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। यदि आप अपने बच्चों को निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा दिलाना चाहते हैं, तो यह विद्यालय आपके लिए सर्वोत्तम विकल्प है। 172 सीटों पर प्रवेश प्रारंभ : संवारें अपने बच्चे का भविष्य इस सत्र विद्यालय में कुल 172 सीटें रिक्त हैं। कक्षा 1 में 40 सीटें, कक्षा 2 में 37, कक्षा 3 में 29, कक्षा 4 में 37 और कक्षा 5 में 29 सीटें उपलब्ध हैं। विद्यालय की प्रधान पाठिका श्रीमती फिरदौस खानम और शिक्षक  मुकेश कुमार ने जानकारी दी कि पंजीयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभिभावक मोबाइल नंबर 9406269786 या 6263793075 पर संपर्क करके पंजीयन करा सकते हैं। विद्यालय पूर्णतः शासकीय है और यहाँ किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाता। नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप श्रेष्ठ शिक्षा का केंद्र शासकीय प्राथमिक विद्यालय दास डुमरटोली नई शिक्षा नीति 2020 के मूल्यों के अनुरूप बच्चों को मातृभाषा हिंदी में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान कर रहा है। यहाँ शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रहती बल्कि बच्चों के बौद्धिक, नैतिक और सामाजिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। यही वजह है कि यह विद्यालय जशपुर जिले के उत्कृष्ट शासकीय विद्यालयों में गिना जाता है। फ्री सुविधाएँ, बेहतरीन माहौल विद्यालय में शासन द्वारा दी जाने वाली सभी सुविधाएँ विद्यार्थियों को निःशुल्क प्रदान की जाती हैं। प्रत्येक बच्चे को मुफ्त यूनिफॉर्म, पाठ्यपुस्तकें, मध्यान्ह भोजन, कक्षा 3 से ऊपर की एससी/एसटी बालिकाओं को छात्रवृत्ति, मिलेट बार बिस्कुट और खेल सामग्री दी जाती है। विद्यालय परिसर स्वच्छता और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी आदर्श है। सत्र 2024-25 से यहाँ बालवाड़ी की शुरुआत हो चुकी है, जिससे प्रारंभिक शिक्षा को और सुदृढ़ किया गया है। अतिरिक्त गतिविधियाँ : रचनात्मकता और आत्मविश्वास का विकास यहाँ बच्चों को केवल पाठ्यक्रम की पढ़ाई नहीं कराई जाती बल्कि उनकी प्रतिभा और रचनात्मकता को निखारने के लिए विशेष गतिविधियाँ कराई जाती हैं। हर शनिवार को बैगलेस डे के रूप में मनाया जाता है, जिसमें हस्तशिल्प, पताशिल्प, मरकम, आर्ट क्राफ्ट, पेपर बैग मेकिंग, वेस्ट टू बेस्ट और मिट्टी के खिलौने बनाने जैसी गतिविधियाँ होती हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, एकलव्य विद्यालय और जवाहर उत्कर्ष की तैयारी भी कराई जाती है। साथ ही बच्चों को अंग्रेजी बोलचाल सिखाने के लिए नियमित इंग्लिश स्पोकन क्लास भी आयोजित की जाती है। अनुभवी और प्रशिक्षित शिक्षकगण : सफलता की मजबूत नींव विद्यालय के शिक्षकगण पूरी तरह समर्पित और प्रशिक्षित हैं। प्रधान पाठिका फिरदौस खानम ने बताया कि सभी शिक्षक प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे CCRT उदयपुर से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। अंग्रेजी शिक्षण को मजबूत बनाने के लिए  मुकेश कुमार ने SCERT रायपुर से ELTI प्रशिक्षण प्राप्त किया है और उसका लाभ विद्यार्थियों को मिल रहा है। सपनों को साकार करने वाला शिक्षण संस्थान शासकीय प्राथमिक विद्यालय दास डुमरटोली केवल शिक्षा का केंद्र नहीं बल्कि एक ऐसी पाठशाला है जहाँ बच्चों के भविष्य की नींव रखी जाती है। यहाँ शिक्षा को जीवन के मूल्यों से जोड़कर पढ़ाया जाता है ताकि बच्चे जागरूक नागरिक, संस्कारी और आत्मनिर्भर बन सकें। अभिभावकों से अपील : आज ही प्रवेश कराएँ और संवारें भविष्य यदि आप चाहते हैं कि आपका बच्चा गुणवत्ता से परिपूर्ण शिक्षा और संस्कारयुक्त वातावरण में अध्ययन करे तो शासकीय प्राथमिक विद्यालय दास डुमरटोली आपके लिए आदर्श विकल्प है। विद्यालय जशपुर नगर से सन्ना रोड पर केवल तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और यहाँ पहुँचने की सुविधा सरल है। पंजीयन और अन्य जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9406269786 या 6263793075 पर संपर्क करें और अपने बच्चों का भविष्य संवारें। तो आइए, अपने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाने के इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएँ और उन्हें इस आदर्श विद्यालय का हिस्सा बनाएँ।

महतारी वंदन योजना की पृष्ठभूमि में दर्दनाक घटना: शराब की लत ने ले ली सुमित्रा की जान, बेटी की आपबीती ने किया भावुक

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जशपुर/कुनकुरी, 12 जून 2025: छत्तीसगढ़ सरकार की बहुप्रचारित महतारी वंदन योजना, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, अब एक दुखद घटना को लेकर चर्चा में है। नारायणपुर थाना इलाके के केराडीह बरटोली गांव की एक महिला सुमित्रा बाई (35 वर्ष) की मौत ने सभी को झकझोर दिया है। घटना के पीछे घरेलू कलह, नशे की लत और गरीबी की पृष्ठभूमि साफ झलकती है। परिजनों की माने तो सुमित्रा बाई को उसके पति जयनंदन राम ने 10 जून को नशे की हालत में जोकारी गांव से घर लाया था। बताया जा रहा है कि सुमित्रा अक्सर महतारी वंदन योजना के पैसे से शराब खरीदकर पीती थी। उसी रात दोनों में जमकर झगड़ा हुआ, मारपीट भी हुई और पति ने उसे कथित रूप से एक सुई भी लगवाई।दूसरे दिन भी इलाज चला लेकिन  रात को उसकी तबीयत बिगड़ गई, उल्टियां होने लगीं और फिर वह बेहोश हो गई। चौथे दिन सुबह करीब 6 बजे उसे कुनकुरी होलीक्रॉस अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पूरी घटना की सबसे मार्मिक बात यह रही कि मृतका की 14 वर्षीय बेटी कल्पना बाई, जो आठवीं कक्षा में पढ़ती है, ने कैमरे में जो बयान दिया, वह दिल को छू लेने वाला था। कल्पना ने कहा –”पापा ने जानबूझकर मम्मी को नहीं मारा। मम्मी की शराब पीने की आदत से पापा बहुत परेशान रहते थे। पापा राजमिस्त्री हैं, रोज काम पर जाते हैं। मम्मी कई बार दो-दो दिन घर नहीं आती थी। मैं ही घर का सारा काम करती हूं। मम्मी जब निमत (होश में) रहती थी, तो सबका ख्याल रखती थी।” पति जयनंदन राम ने बताया कि “पत्नी महतारी वंदन का पैसा शराब पीने में उड़ा देती थी।शराब की लत इतनी ज्यादा थी कि वह खाना भी नहीं खाती थी और कमजोर हो गई थी। दो-दो दिन से बाहर शराब पी रही थी तो उसे घर लाने के बाद गुस्से में पीट दिया।” यह बयान कुनकुरी थाना परिसर में मीडियाकर्मी को दी है। चूंकि घटना में घरेलू झगड़ा, मारपीट और इलाज के दौरान मौत की बात सामने आई है, इसलिए पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। अब देखना यह होगा कि पुलिस की विवेचना में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं, और क्या यह मामला अस्वाभाविक मृत्यु तक सीमित रहेगा या फिर गंभीर अपराध में तब्दील होगा।