ईसाई समुदाय क्यों सादगी से मना रहा है क्रिसमस? एशिया के बड़े चर्च की क्या है तैयारी? पढ़िए,,

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जशपुर,24 दिसम्बर 2024 – जिले में एशिया के दूसरे सबसे बड़े चर्च रोजरी की महारानी गिरिजाघर कुनकुरी में आज ईसा मसीह के जन्मदिन मनाने की तैयारी जोरों से चल रही है।हालांकि इस वर्ष क्रिसमस पर्व को लेकर वह उत्साह नजर नहीं आ रहा है जो बीते वर्षों में देखने को मिला करता था। उल्लेखनीय है कि चर्च की ओर से इस बार का त्यौहार सादगी से मनाने का फरमान सुनाया गया है।इसकी बड़ी वजह भाजपा विधायक श्रीमती रायमुनी भगत के उस कथित विवादित भाषण को बताया जा रहा है,जिसमें उन्होंने ईसा मसीह व ईसाई धर्म के बारे में अमर्यादित टिप्पणी की थी। इस मामले में युवा जयंत लकड़ा ने बताया कि क्रिसमस पर्व को सादगी से मनाने के फैसले के बाद से बाजार की खरीदारी में भारी कमी आई है।सभी ईसाई परिवार अपने संसाधन व पुराने सामानों के साथ क्रिसमस पर्व मनाने जा रहे हैं।चूंकि चर्च में पूजा -पाठ करने समुदाय के लोग बड़ी संख्या में यहां जुटेंगे तो यहां थोड़ी-बहुत रौनक देखने को मिलेगी। काथलिक सभा के विशेष सदस्य डॉ. किशोर मिंज ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रभु यीशु के जन्मदिन पर आज 24 दिसम्बर की रात 10 बजे से बिशप इमानुएल केरकेट्टा मुख्य अधिष्ठाता सारे अनुष्ठान कराएंगे।बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए चर्च के बाहर पंडाल और स्टेज तैयार किया गया है।

बांग्लादेशी नाव में मछलियों को लेकर विवाद, ओडिशा मरीन फिश प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग की

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कोलकाता,13 दिसम्बर 2024 – भारतीय जलक्षेत्र में मछली पकड़ते पकड़ी गईं दो बांग्लादेशी नावों और 78 मछुआरों को तटरक्षक बल द्वारा जब्त किया गया था। हालांकि, इन नावों और मछुआरों को गृह और विदेश मंत्रालय की अनुमति मिलने के बाद ही छोड़ा जा सकेगा। लेकिन इसी बीच नावों में मौजूद 170 टन मछलियों को लेकर विवाद गहरा गया है। ओडिशा मरीन फिश प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन का विरोध ओडिशा मरीन फिश प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने इस मामले पर सवाल उठाते हुए सरकार को चेतावनी दी है। संघ ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कहा कि यह मछलियां भारतीय मछुआरों का अधिकार हैं और उन्हें किसी भी हाल में बांग्लादेश को नहीं सौंपा जाना चाहिए। इस विवाद को लेकर संघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा है। संघ का आरोप: संघ ने आरोप लगाया कि 16 अक्टूबर को भारतीय नाव “जय जगन्नाथ” और “बसंती” को बांग्लादेश तटरक्षक बल ने पकड़ा और उनमें मौजूद 30 टन मछलियों को वहीं नीलाम कर दिया।हमारे 60 मछुआरे अभी तक रिहा नहीं किये गए हैं। इसके बावजूद भारतीय सरकार ने बांग्लादेशी नावों और मछुआरों को तुरंत माफी देकर वापस जाने दिया। सरकार पर सवाल ओडिशा मरीन फिश प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रीकांत कुमार परिडा ने कहा, “हमारी सरकार का रवैया बांग्लादेश के प्रति नरम क्यों है? 170 टन भारतीय मछलियां हमारे मछुआरों की आजीविका हैं। सरकार चाहे नावें छोड़ दे, लेकिन हम मछलियों को नहीं छोड़ेंगे।” संघ की चेतावनी उन्होंने आगे कहा कि यदि सरकार ने तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया, तो 15 लाख मछुआरे विरोध प्रदर्शन करेंगे और बांग्लादेशी नावों को रोकने के लिए मजबूर होंगे। — प्रधानमंत्री के नाम पत्र का सारांश (हिंदी अनुवाद) सेवा में, माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी, विषय: बांग्लादेशी नावों से जब्त की गई मछलियों की नीलामी के संबंध में हस्तक्षेप की मांग श्रीकांत परिडा, अध्यक्ष, ओडिशा मरीन फिश प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने पत्र के माध्यम से लिखा है कि जब भारतीय नावें बांग्लादेश द्वारा पकड़ी जाती हैं, तो न केवल नाव और मछुआरों को दंडित किया जाता है, बल्कि उनकी मछलियों को भी जब्त कर नीलाम कर दिया जाता है। पत्र में उन्होंने आग्रह किया कि जब्त की गई 170 टन मछलियों को तुरंत नीलाम किया जाए और उससे होने वाली आय को स्थानीय मछुआरा समुदाय के कल्याण के लिए उपयोग किया जाए। उन्होंने लिखा: “यह न केवल हमारी राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन है, बल्कि स्थानीय मछुआरों की आजीविका पर भी प्रभाव डालता है। यदि सरकार तुरंत कार्रवाई नहीं करती, तो यह स्थानीय मछुआरों और समुद्री पारिस्थितिकी पर बुरा प्रभाव डालेगा।” निवेदन: “आपके नेतृत्व में हमें विश्वास है कि यह मुद्दा जल्द ही भारतीय मछुआरों के अधिकारों और हितों की रक्षा करते हुए सुलझाया जाएगा।” Yours faithfully, श्रीकांत परिडा अध्यक्ष, ओडिशा मरीन फिश प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन  

जशपुर में आज हिंदू सुरक्षा मंच की आक्रोश रैली, राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने की तैयारी

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जशपुर, 3 दिसंबर 2024 – आज जशपुर नगर में हिंदू सुरक्षा मंच के बैनर तले एक विशाल आक्रोश रैली का आयोजन किया जाएगा। यह रैली दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक महाराजा चौक से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक निकाली जाएगी। इस रैली का उद्देश्य बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ विरोध जताना है। हिंदू सुरक्षा मंच के संयोजक एवं सह-संयोजक द्वारा जारी सूचना के अनुसार, रैली के माध्यम से बांग्लादेश में हिंदुओं पर इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा हमले, लूटपाट, आगजनी और महिलाओं-बच्चों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आक्रोश जताया जाएगा। रैली के अंत में मंच के प्रतिनिधि राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपेंगे। रैली के मद्देनज़र जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है ताकि रैली के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो। हिंदू सुरक्षा मंच ने जशपुर के नागरिकों से इस रैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपना समर्थन देने की अपील की है।  

जशपुर: कुसमी से गायब महिला और दो बच्चों के कंकाल मिलने के बाद परिवार ने किया अंतिम संस्कार, दोषियों को फांसी देने की मांग

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जशपुर,16 नवम्बर 2024 // बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र में सितंबर माह में गायब हुई महिला कौशल्या ठाकुर और उनके दो बच्चों के कंकाल मिलने के बाद आज मृतिका के मायकेवालों ने जशपुर जिले के गांव बंदरचुवां में उनका अंतिम संस्कार किया। घटना को लेकर परिजनों और सर्व नाई समाज ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और कुसमी थाना प्रभारी को बर्खास्त करने की मांग की है। गायब होने की घटना और पुलिस पर लापरवाही का आरोप 27 सितंबर को जितिया पर्व के अगले दिन, कौशल्या ठाकुर अपने पति को बाजार जाने की बात कहकर दोनों बच्चों के साथ घर से निकली थीं। जाते समय उन्होंने अपने पति से कहा था कि देर हो सकती है, इसलिए चूल्हा जला देना। इसके बाद वह घर नहीं लौटीं। कौशल्या के पति सूरजदेव ठाकुर ने बताया, “हमने दो दिन इंतजार किया और फिर मायकेवालों के साथ कुसमी थाने में सूचना दी। लेकिन थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और 1 अक्टूबर तक गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। 5 अक्टूबर को दोबारा जाने पर रिपोर्ट दर्ज हुई। हमने संदिग्धों के नाम और अंतिम लोकेशन के बारे में भी पुलिस को जानकारी दी, लेकिन जांच में काफी देरी की गई। अब जाकर उनकी हत्या की पुष्टि हुई है।” सर्व नाई समाज की नाराजगी इस हत्याकांड से नाई समाज में भारी रोष है। सर्व नाई समाज के जिला अध्यक्ष उमाशंकर ठाकुर ने दोषियों को फांसी देने की मांग की। उन्होंने कहा, “मृतिका के परिवार को न्याय दिलाना जरूरी है। सरकार को मृतिका की इकलौती बची बेटी के भविष्य की चिंता करनी चाहिए।” सर्व नाई समाज के विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष अर्जुन ठाकुर ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा, “जब महिला और बच्चे गायब हुए थे, तब केवल गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करना और मामले को हल्के में लेना गंभीर लापरवाही है। पुलिस को इस मामले में सक्रिय होकर पहले ही कार्रवाई करनी चाहिए थी।” मामले में दो संदिग्ध गिरफ्तार परिजनों ने बताया कि बलरामपुर पुलिस ने हत्याकांड में शामिल दो लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, घटना का विस्तृत खुलासा अभी बाकी है। मृतिका के भांजे बिट्टू श्रीवास ने कहा, “पुलिस की लापरवाही की वजह से हमने अपनी बुआ और उनके बच्चों को खो दिया। हम दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग करते हैं।” परिजनों की मांग परिजनों और नाई समाज ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से अपील की है कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी दोषियों को फांसी की सजा दी जाए और लापरवाह थाना प्रभारी को तुरंत बर्खास्त किया जाए। अपनों का दर्द कुछ यूँ छलका –  सूरजदेव ठाकुर, मृतिका के पति: “कौशल्या और बच्चों के गायब होने के बाद हमने पुलिस को जानकारी दी थी। लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अगर समय पर कार्रवाई होती, तो शायद आज वे हमारे साथ होते।”  उमाशंकर ठाकुर, जिलाध्यक्ष सर्व नाई समाज: “यह घटना न सिर्फ परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए दुखद है। दोषियों को फांसी दी जानी चाहिए और परिवार की आर्थिक मदद होनी चाहिए।” अर्जुन ठाकुर, प्रदेश उपाध्यक्ष, विधि प्रकोष्ठ, सर्व नाई समाज: “पुलिस ने शुरू से ही इस मामले में लापरवाही दिखाई। ऐसे अधिकारियों को बर्खास्त किया जाना चाहिए।” बिट्टू श्रीवास, मृतिका का भांजा: “हम चाहते हैं कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले और यह सुनिश्चित हो कि भविष्य में ऐसा किसी और परिवार के साथ ऐसा बुरा न हो।”  

जनजातीय गौरव यात्रा का भव्य आयोजन 13 नवंबर को,कलेक्टर  ने समाज प्रमुखों के साथ  तैयारी को लेकर की बैठक

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जशपुर, 09 नवंबर 2024: भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में 13 नवंबर को जशपुर में जनजातीय गौरव यात्रा का आयोजन किया जाएगा। इस यात्रा का उद्देश्य जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा देना, आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान और बलिदानों को स्मरण करना, और युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ना है। इस विशेष अवसर के सफल आयोजन हेतु कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में शनिवार को जिला कार्यालय में समाज प्रमुखों की बैठक हुई। “यह आयोजन आदिवासी महापुरुषों के कार्यों और बलिदानों को सम्मान देने के साथ-साथ आदिवासी समाज के संरक्षण और प्रोत्साहन के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस यात्रा से जनजातीय समुदाय के हितों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, जिसमें समाज प्रमुखों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।” – रोहित व्यास,कलेक्टर जशपुर बैठक में उरांव, गोंड, पहाड़ी कोरवा, खैरवार, मुंडा सहित अन्य जनजातीय समाज प्रमुखों के अलावा जशपुर के व्यापारी संघ, जैन समाज, स्वर्णकार समाज और अन्य समुदायों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। सभी ने एकमत होकर इस गौरव यात्रा के आयोजन को सफल बनाने के लिए अपने-अपने समाज से जुड़े सांस्कृतिक और परंपरागत कलाओं का प्रदर्शन करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर वरिष्ठ जनजातीय नागरिकों, स्वतंत्रता सेनानियों, विशेष पिछड़ी जनजातियों के विशिष्ट सदस्यों और जनजातीय विकास में योगदान करने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया जाएगा। जनजातीय खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इस आयोजन का हिस्सा होंगे। यात्रा का रूट: जनजातीय गौरव यात्रा पुरनानगर से शुरू होगी और विभिन्न मार्गों जैसे बालाछापर चौक, फॉरेस्ट डिपो, गम्हरिया चौक, हाउसिंग बोर्ड, बांकी नदी, जैन मंदिर, बिरसा मुंडा चौक, महाराजा चौक और बालाजी मंदिर से होते हुए रणजीता स्टेडियम तक जाएगी, जहां समापन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस तैयारी बैठक में अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू, सीईओ जिला पंचायत रायगढ़ जितेंद्र यादव, एसडीएम जशपुर प्रशांत कुशवाहा सहित विभिन्न समाजों के प्रमुख मौजूद थे।  

जिला प्रशासन-पहाड़ी बकरा-जशप्योर की कोशिश रंग लाई,देशभर से बाइकर्स जुटे

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जशपुर 08 नवम्बर 2024- प्रशासन और पहाड़ी बकरा और जशप्योर के सहयोग से जशपुर में पर्यटन एवं एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए आयोजित होने वाली बाइक यात्रा में दूर-दूर से लोग आकर्षित हो रहे हैं। जशपुर में 6 से 10 नवम्बर तक विभिन्न पर्यटन स्थल का यात्रा करेंगे पुणे से तुषार गोवर्धन और सागर तथा मुंबई से शुभम गंभीर के साथ-साथ ओडिशा से आकाश, उत्तम, उत्कर्ष और बंगाल से अमित घोष जैसे बाइकर्स ने वेबसाइट पर देशदेखा क्लाइंबिंग सेक्टर के बारे में पढ़ने के बाद इस खूबसूरत जगह की यात्रा करने के लिए प्रेरित हुए हैं और बिलासपुर से अपनी यात्रा शुरू कर दी है। पहला पड़ाव जशपुर बनाएंगे। यहां वे स्थानीय व्यंजनों का स्वाद चखेंगे और देशदेखा क्लाइंबिंग सेक्टर में रॉक क्लाइंबिंग का रोमांच अनुभव करेंगे। इसके बाद, यात्री पांड्रापाट में ऑफबीट कैंपिंग का आनंद लेने के लिए रवाना होंगे, और फिर मक्करभंजा जलप्रपात की यात्रा करेंगे। यात्रा के दौरान, वे स्वच्छ भारत अभियान को बढ़ावा देने के लिए कई स्थानों की सफाई भी करेंगे। जशपुर टूर के दौरान सभी पर्यटकों को जशप्योर के सेहतमंद एवं पौष्टिक उत्पाद जैसे की मिलेट कूकीज, पास्ता, लाडू एवं विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक चायों के स्वाद से भी रूबरू कराया जायेगा ।पर्यटक महुआ सेंटर और मंथन फ़ूड लैब में जशपुर की आदिवासी महिलाओं से उनके अनुभव साझा करंगे | बातचीत करके बाइकर्स स्थानीय संस्कृति और जीवनशैली के बारे में अधिक जान पाएंगे। खासकर, तुषार जो खुद एक जैविक किसान भी हैं, वे स्थानीय आदिवासियों से जैविक खेती के तरीकों के बारे में सीखने के लिए उत्सुक हैं। इस तरह की पहल न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी फैलाएगी। बाइकर्स के इस साहसिक कार्यक्रम से जशपुर और आसपास के क्षेत्रों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। स्थानीय लोगों के लिए भी यह एक अवसर होगा कि वे अपने क्षेत्र की खूबसूरती को एक नए नजरिए से देखें। यह यात्रा जशपुर जिला प्रशासन के उन प्रयासों का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिनके माध्यम से जिले को एक ऐसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है जहां पर्यावरण अनुकूल और स्थायी पर्यटन मॉडल को बढ़ावा दिया जाता है। यह यात्रा न केवल पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव करने का अवसर प्रदान करती है, बल्कि स्थानीय समुदायों के जीवन और संस्कृति से भी रूबरू कराती है। जशपुर जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों से न केवल जिले का विकास होगा बल्कि यह अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

बागेश्वर धाम के पंडित धीरेन्द्र शास्त्री का बड़ा बयान, नक्सलवाद से बड़ा खतरा है धर्मांतरण, बस्तर और जशपुर को लेकर किया बड़ा खुलासा

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कांकेर,04 नवंबर2024 – बागेश्वर धाम सरकार के पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने रविवार को कांकेर में धर्मांतरण को लेकर एक बड़ा और कड़ा बयान दिया। धीरेन्द्र शास्त्री ने इसे नक्सलवाद से भी गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि धर्मांतरण का निशाना केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरा समाज है। उन्होंने धर्मांतरण को रोकने के लिए देशभर में पदयात्रा करने का संकल्प लिया है और जल्द ही छत्तीसगढ़ के बस्तर और जशपुर में कथावाचन करने की घोषणा की है। मीडिया से बात करते हुए धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कई आदिवासी क्षेत्रों में आज भी भोले-भाले लोगों को लालच देकर धर्मांतरण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां अन्य समुदायों में एकता है, वहीं हिन्दू समाज में एकजुटता की कमी है, जिसे दूर करने के लिए वह कार्य कर रहे हैं। उनका उद्देश्य हिन्दू समाज को एकत्रित करना है ताकि धर्मांतरण जैसी समस्याओं का सामना किया जा सके। इसके साथ ही, उन्होंने मिशनरियों के स्कूलों की शिक्षा के बजाय गुरुकुल शिक्षा पद्धति अपनाने की सलाह दी। कांकेर में धर्म वापसी, 11 परिवारों ने लिया हिन्दू धर्म में लौटने का संकल्प पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण घटना भी घटी, जब मिशनरी समाज में शामिल हो चुके 11 परिवारों ने वापस हिन्दू धर्म में लौटने का संकल्प लिया। इस धर्म वापसी से धीरेन्द्र शास्त्री के मिशन को और भी बल मिला। पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने अपने कांकेर से पुराने संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह कई साल पहले कांकेर में लंबा समय बिता चुके हैं और यहां के पहाड़ा वाली मां भुनेश्वरी के दरबार में उनकी आस्था गहरी है। आने वाले समय में बस्तर और जशपुर में होंगे कथावाचन,देशभर में करेंगे पदयात्रा धर्मांतरण को रोकने के संकल्प के तहत पंडित धीरेन्द्र शास्त्री जल्द ही बस्तर और जशपुर में भी कथावाचन करेंगे। उन्होंने कहा कि ये क्षेत्र उनकी प्राथमिकता में हैं, जहां वह धर्मांतरण की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करेंगे और लोगों को धर्मांतरण से बचने के लिए प्रेरित करेंगे। पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने धर्मांतरण को रोकने के लिए देशभर में पदयात्रा करने की घोषणा की है। उनका मानना है कि यह एक सामाजिक आंदोलन है, जिसे समाज के सभी वर्गों का समर्थन चाहिए। उन्होंने कहा, “नक्सलवाद से भी ज्यादा खतरनाक धर्मांतरण है, इसे रोकना हमारी प्राथमिकता है।” इस कड़े और दृढ़ संकल्प के साथ धीरेन्द्र शास्त्री का “मिशन अगेंस्ट धर्मांतरण” न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में हिन्दू समाज को जोड़ने और धर्मांतरण के खिलाफ एकजुट करने के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।  

फोटो एलबम देकर छत्तीसगढ़ यात्रा को आपने चिरस्मरणीय बना दिया – महामहिम मुर्मू : सीएम साय की सक्रियता पर हुईं खुश

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*राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का मुख्यमंत्री निवास में आत्मीय स्वागत* रायपुर, 26 अक्टूबर 2024/राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज नवा रायपुर सेक्टर 24 स्थित नवीन मुख्यमंत्री निवास पहुंची। उनके यहां पहुंचने पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय सहित परिजनों ने परंपरागत रूप से उनका आत्मीय स्वागत किया। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने मुख्यमंत्री के परिवारजनों से आत्मीय मुलाकात की। राष्ट्रपति ने सबके साथ सामूहिक फोटो खिंचवाई। श्रीमती मुर्मु ने बच्चों को आशीष दिया और राष्ट्रपति भवन की पुस्तक और चॉकलेट उपहार स्वरूप दिया। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु के सम्मान में मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने निवास में भोज का आयोजन किया था। *मुख्यमंत्री ने भेंट किया छायाचित्र का एलबम* राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनके दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान की विभिन्न अवसरों पर ली गई छायाचित्र का एलबम नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में भेंट किया। महामहिम मुर्मु ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय डिजिटल का है और फोटो डिजिटल रूप में तुरंत मिल जाती हैं। लेकिन आपने इतने सीमित समय में इसका एल्बम तैयार कर मुझे दिया है। आपने इस फोटो एल्बम के माध्यम से मेरे छत्तीसगढ़ प्रवास को चिरस्मरणीय बना दिया है।

* द्रौपदी मुर्मु , राज्यपाल रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महाप्रभु श्री जगन्नाथ भगवान के किए दर्शन………*

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रायपुर ,26 अक्टूबर 2024/ राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु और राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज सुबह गायत्री नगर रायपुर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में महाप्रभु श्री जगन्नाथ भगवान की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों सहित देशवासियों की समृद्धि एवं सुख-शांति की कामना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा एवं मंदिर समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे।

आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में प्रगतिरत कार्याे को दो माह में पूर्ण करने के निर्देश प्राधिकरण की बजट राशि 50 से बढ़ाकर 75 करोड़ की गई, मयाली में पर्यटन को बढ़ावा देने 10 करोड़ की घोषणा खराब सड़कों की होगी शीघ्र मरम्मत जशपुर, 22 अक्टूबर 2024: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के मयाली में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक ली। उन्होंने विधायक रेणुका सिंह की मांग पर प्राधिकरण की बजट राशि को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ करने की घोषणा की। साथ ही मयाली में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ रुपये की राशि देने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बैठक में प्राधिकरण अंतर्गत स्वीकृत कार्याे की समीक्षा की और निर्देश दिए कि अप्रारंभ कार्याे को निरस्त कर प्रगतिरत कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने वन-टू-वन चर्चा कर सदस्यों की समस्याओं और मांगों की जानकारी ली और संबंधित विभागों को उनके निराकरण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार बस्तर से लेकर सरगुजा तक विकास के लिए निरंतर काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं के तहत पिछड़े क्षेत्रों में बजट का प्रावधान कर विकास कार्याे को गति दी जा रही है।” बैठक में उन्होंने जशपुर जिले की खनिज संपदा और वन संसाधनों का जिक्र करते हुए वनोपज के वैल्यू एडिशन पर जोर दिया और कहा कि इससे ग्रामीणों और किसानों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि मयाली में पर्यटन को बढ़ावा देने से जिले के विकास में मदद मिलेगी और राजधानी से आए अधिकारियों से जिले के उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की। बैठक के दौरान लुण्ड्रा-बतौली क्षेत्र में गन्ना खरीदी केंद्र को पुनः प्रारंभ करने, हाथी से जनहानि रोकने के उपाय, और बिजली से जुड़ी समस्याओं को हल करने के निर्देश दिए गए। साथ ही राशन की कमी से संबंधित शिकायतों को भी सुलझाने के निर्देश दिए गए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरगुजा और बस्तर क्षेत्रों का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की इस बैठक से इन क्षेत्रों में विकास कार्यों में तेजी आएगी और जन-जीवन को बेहतर बनाया जाएगा। बैठक में कृषि विकास मंत्री रामविचार नेताम, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े समेत कई प्रमुख नेताओं ने अपने क्षेत्र की समस्याओं और विकास योजनाओं को लेकर चर्चा की। सभी ने अपनी-अपनी मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा, जिन्हें शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए।