प्रकृति की गोद में ऐतिहासिक बैठक आज: *सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में लगेगी विकास की मुहर* ऐसी हुई है तैयारी,,देखें ताजा तस्वीरे

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जशपुर 22 अक्टूबर 2024/ नैसर्गिक सुंदरताओं को समेटे जशपुर की खूबसूरती को भला कौन निहारना नहीं चाहेगा..। सिन्दूरी सुबह और गुलाबी ठण्ड के दस्तक के बीच नीले आकाश, पक्षियों के चहचहाहट, कलरव के साथ हरे-भरे वातावरण और स्वच्छ पानी में अपना रूप झाँकते मधेश्वर पर्वत के प्रतिबिम्ब के बीच मयाली में  सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक होने जा रही है। ग्राम खण्डसा से मयाली में बैठक स्थल तक जलविहार करते हुए तमाम अतिथि नाव से पहुँचेंगे। यहाँ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित सभी मंत्रियों अन्य अतिथियों के स्वागत सत्कार के लिए स्थानीय ग्रामीण भी बेताब है। मयाली में गेंदे सहित आसपास खिलने वाले अन्य पीले फूलों और जवाफूल, बासमती धान की बालियों,पीले मक्के के साथ मन को मोह लेने वाले स्वागत द्वार तैयार किए गए हैं। यह स्वागत द्वार मयाली आने वाले सभी आगंतुकों को भावविह्वल करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय के गृह जिले जशपुर के मयाली में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक के लिए खास तैयारी की गई है। यहाँ ग्रामीण महिलाओं ने मुख्यमंत्री सहित अन्य सभी अतिथियों के लिए स्वागत द्वार तैयार किया है। यहाँ की संस्कृति से मेल कराने के साथ जशपुर जिले में उगाई जाने वाली जवाफूल, बासमती धान के बालियों, मक्के और फूलों को इस तरह सजाया गया है कि इसे देखने वाले इस ओर आकर्षित होने के साथ यहाँ के दृश्यों और स्वागत सत्कार को हमेशा अपने जेहन में बसा लेंगे। रामवती, कमला यादव सहित अन्य महिलाओं ने बताया कि यह खुशी और गौरवान्वित करने का क्षण है कि उनके खण्डसा ग्राम पंचायत में हमारे मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्री, सांसद,जनप्रतिनिधि, बड़े अधिकारी भी यहाँ आएंगे। ग्राम खण्डसा से नाव में चढ़कर बैठक स्थल पर पहुँचेंगे। इस दौरान स्थानीय आदिवासी महिलाओं को सभी के स्वागत, अभिनन्दन का अवसर मिला है। महिलाओं ने बताया कि उन्होंने धान की बालियों,गेंदे सहित आसपास के फूलों और मक्के सहित अन्य सामग्रियों से स्वागत द्वार तैयार किया है। इधर मयाली नेचर कैम्प स्थल पर जिला प्रशासन द्वारा भी व्यापक तैयारी की गई है। पत्थरों में उकेरे गए खूबसूरत दृश्य, रंगीन लाइट में आकर्षित करते पानी के फव्वारे,  मयाली बांध में भरे हुए पानी के बीच जुगनुओं की तरह टिमटिमाती रोशनी बहुत दूर से ही सभी का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। एक ओर जहां मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय अपने सभी मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सरगुजा सम्भाग के विकास की नई गाथा लिखेंगे, वही दिन के उजाले में अपनी खूबसूरती से मयाली बांध और आसपास का दिव्य नैसर्गिक सौंदर्य जशपुर जिले से निकलकर एक नई पहचान बनाने को तैयार है।

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘दिव्यांगता: चुनौतियों से अवसर तक’ पुस्तक का किया विमोचन* *लेखकों के बारे में जानिए,,,*

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  रायपुर, 20 अक्टूबर 2024/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार शाम को अपने निवास कार्यालय में दिव्यांगता पर आधारित पुस्तक दिव्यांगता: चुनौतियों से अवसर तक का विमोचन किया। इस कृति को सुश्री के. शारदा, श्रीमती प्रीति शांडिल्य और डॉ. अभिनव मिश्रा ने सह-लेखक के रूप में तैयार किया है। मुख्यमंत्री को पुस्तक के लेखकों ने बताया कि यह किताब छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण हेतु चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं, संसाधनों और सुविधाओं का व्यापक विवरण प्रस्तुत करती है। इसके अतिरिक्त, यह दिव्यांगता प्रमाणपत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया, दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं और अधिकारों से संबंधित जानकारी प्रदान करती है। समाज में संवेदनशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से यह पुस्तक शिक्षकों और दिव्यांगजनों के परिवारजनों को प्रशिक्षण देने और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने पर भी केंद्रित है। इसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों के दिव्यांगजनों की 15 प्रेरणादायक कहानियों को भी शामिल किया गया है, जो उनकी अदम्य इच्छाशक्ति, चुनौतियों पर विजय और असाधारण धैर्य की मिसाल पेश करती हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लेखकों द्वारा इस महत्वपूर्ण विषय को उजागर करने की पहल की प्रशंसा की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पुस्तक न केवल दिव्यांग समुदाय बल्कि समूचे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि यह पुस्तक समाज में दिव्यांगजनों के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने और उनके जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उल्लेखनीय है कि इस पुस्तक के लेखकगण सुश्री के. शारदा एवं श्रीमती प्रीति शांडिल्य शासकीय विद्यालयों में शिक्षिकाएं हैं, जबकि डॉ. अभिनव मिश्रा एक पत्रकार हैं। दुर्ग जिले की सुश्री के. शारदा, जो स्वयं भी दिव्यांग हैं, को हाल ही में भारत की राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया है। धमतरी जिले की शासकीय विद्यालय की शिक्षिका श्रीमती प्रीति शांडिल्य को राज्यपाल पुरस्कार 2024 के लिए चयनित गया है। वहीं, डॉ. अभिनव मिश्रा को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अंग्रेज़ी पत्रकारिता के क्षेत्र में किए गए उनके कार्यों के लिए सराहा जा चुका है। पुस्तक विमोचन के अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप व  शांतनु सिन्हा भी उपस्थित थे।

वरिष्ठ पत्रकार ईरा झा का निधन, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

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रायपुर,18 अक्टूबर 2024 / वरिष्ठ पत्रकार ईरा झा का आज दुखद निधन हो गया, जिससे मीडिया जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईरा झा का पत्रकारिता के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान रहा है। उनके निष्पक्ष और प्रखर लेखन ने हमेशा समाज को सही दिशा दिखाने का काम किया। ईरा झा का पत्रकारिता में एक लंबा और सम्मानजनक करियर रहा है, जिसमें उन्होंने राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर गहन लेखन किया। उनकी लेखनी में न केवल बेबाकी थी, बल्कि सच्चाई की झलक भी दिखाई देती थी। उन्होंने छत्तीसगढ़ के मीडिया परिदृश्य में अपनी पहचान बनाई और अनेक राष्ट्रीय और स्थानीय मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का काम किया। ईरा झा को हमेशा उनके स्पष्ट विचारों और निर्भीक पत्रकारिता के लिए याद किया जाएगा। उनके निधन से छत्तीसगढ़ के पत्रकारिता जगत में एक बड़ी रिक्तता आ गई है। उनके योगदान और उनकी आवाज को हमेशा याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने ईरा झा के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे राज्य और मीडिया जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।  

बड़ी खबर: तांत्रिक विद्या सीख रहे दो सगे भाइयों की मौत से मचा हड़कंप,परिवार के अन्य सदस्यों की मानसिक हालत बिगड़ी,पुलिस जांच में जुटी

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बिलासपुर,18 अक्टूबर 2024/ सक्ती जिले के बाराद्वार थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत लोहराकोट के आश्रित ग्राम तांडूलडीह में तंत्र-मंत्र विद्या सीखने के दौरान दो सगे भाइयों की मौत से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। मृतकों की पहचान विक्की सिदार (22) और विक्रम सिदार (25) के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में भय और अंधविश्वास का माहौल बन गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मां के साथ कर रहे थे जाप, मानसिक स्थिति बिगड़ी सूत्रों के अनुसार, मृतकों की मां अपने तीन बेटों और दो बेटियों के साथ पिछले 6-7 दिनों से लगातार तंत्र-मंत्र के नाम पर किसी प्रकार का जाप कर रही थी। इसी दौरान परिवार के चार सदस्यों की मानसिक स्थिति अचानक खराब हो गई। इसमें महिला और उसके तीन बच्चे शामिल हैं। फिलहाल इन सभी का इलाज सक्ती के जिला अस्पताल में चल रहा है। तंत्र-मंत्र का शक, पुलिस जांच में जुटी घटना के बाद गांव में यह चर्चा हो रही है कि परिवार पर तंत्र-मंत्र का असर हो सकता है, जिसने उनकी मानसिक स्थिति को प्रभावित किया। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि घटना तांत्रिक क्रियाओं का परिणाम है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और इस दिशा में भी देख रही है कि कहीं यह किसी तांत्रिक क्रिया का नतीजा तो नहीं है। अंधविश्वास का शिकार बना परिवार? इस दुखद घटना ने एक बार फिर से समाज में व्याप्त अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र जैसी प्रथाओं के खतरों को उजागर किया है। इलाके में लोग इस घटना को लेकर सदमे में हैं और दहशत का माहौल है। पुलिस ने सभी संभावित पहलुओं पर काम करना शुरू कर दिया है और जांच जारी है। इस घटना ने तंत्र-मंत्र के अंधविश्वास के कारण होने वाले खतरों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो अक्सर परिवारों को नुकसान पहुंचाते हैं।  

*सफलता की कहानी: जशपुर की बेटियों का क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन,राष्ट्रीय अंडर-17 महिला क्रिकेट टीम में इन छात्राओं का हुआ चयन*

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जशपुर, 17 अक्टूबर 2024: जशपुर जिले की बेटियों ने खेल के मैदान में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। सरगुजा संभाग की टीम में शानदार प्रदर्शन करते हुए जशपुर की 13 बेटियों ने रजत पदक जीता है। इस उपलब्धि के साथ ही इचकेला स्थित प्री-मेट्रिक बालिका छात्रावास की 3 बेटियों, एंजल लकड़ा, झुमुर तिर्की और वर्षा बाई का चयन राष्ट्रीय अंडर-17 महिला क्रिकेट टीम में हो गया है। ये तीनों खिलाड़ी अब आगामी राष्ट्रीय अंडर-17 महिला क्रिकेट प्रतियोगिता 2024-25 में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। जशपुर की बेटियों का सरगुजा संभाग में दबदबा जशपुर की बेटियां राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में अपने अद्वितीय प्रदर्शन से न सिर्फ संभाग का नाम रौशन कर रही हैं बल्कि राष्ट्रीय टीम तक पहुंच रही हैं। सरगुजा संभाग की क्रिकेट टीम में जशपुर की 13 बेटियों का चयन यह दर्शाता है कि जिले में खेल के प्रति बढ़ती रुचि और संभावनाओं को कैसे साकार किया जा रहा है। इन खिलाड़ियों में से 11 बालिकाएं इचकेला छात्रावास की हैं, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। छात्रावास अधीक्षिका पंडरी बाई का महत्वपूर्ण योगदान छात्रावास की अधीक्षिका पंडरी बाई ने छात्राओं के इस विकास में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने छात्रावास में अभ्यास पिच बनवाकर और क्रिकेट की आवश्यक सामग्रियां उपलब्ध कराकर खिलाड़ियों को लगातार प्रेरित किया। पंडरी बाई का कहना है, “मेरी बेटी आकांक्षा रानी ने राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की, और जब मैंने छात्रावास की बच्चियों में भी वही उत्साह देखा, तो मैंने उनके लिए बेहतर भविष्य बनाने का संकल्प लिया। आज उनकी मेहनत का फल मिल रहा है।” चयनित खिलाड़ियों का उत्साह चरम पर :  वर्षा बाई (राष्ट्रीय अंडर-17 और बीसीसीआई अंडर-19 खिलाड़ी): “छात्रावास में हमें निरंतर प्रशिक्षण और समर्थन मिल रहा है। मेरे राष्ट्रीय टीम में चयन से मेरे परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। सभी ने मिठाइयाँ बांटी और मुझे देश का नाम रोशन करने की शुभकामनाएँ दीं। मेरा चयन अंडर-17 के साथ-साथ बीसीसीआई की अंडर-19 टीम में भी हुआ है, और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध हूँ।” एंजल लकड़ा (कक्षा 8, राष्ट्रीय अंडर-17 खिलाड़ी): “मुझे बहुत खुशी है कि मेरा चयन राष्ट्रीय अंडर-17 टीम में हुआ है। मुझे मेरे शिक्षकों और कोच का भरपूर सहयोग मिल रहा है। मेरा सपना है कि मैं स्मृति मंधाना की तरह एक बेहतरीन बल्लेबाज बनूं और देश का नाम रोशन करूँ।” झुमुर तिर्की (कक्षा 8, राष्ट्रीय अंडर-17 खिलाड़ी): “यह मेरे लिए सपने के सच होने जैसा है। जब मेरा चयन राष्ट्रीय दल में हुआ तो मुझे यकीन नहीं हुआ। मेरे पिता के निधन के बाद मेरी माँ ने मुझे बहुत मेहनत से पाला, और उनका सपना था कि मैं परिवार का नाम रोशन करूं। अधीक्षिका पंडरी बाई के मार्गदर्शन और समर्थन से आज मैं इस मुकाम तक पहुंची हूँ।”  

भारत की जेलों में जातिगत भेदभाव के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाली इन बहादुर लड़कियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली सराहना

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नई दिल्ली,16 अक्टूबर 2024 10 अक्टूबर 2024 को एक ऐतिहासिक फैसले के तहत, सुप्रीम कोर्ट ने 3 अक्टूबर को राज्य और केंद्र सरकारों को जेलों में व्याप्त जातिगत भेदभाव को खत्म करने का निर्देश दिया। इस फैसले के दौरान, भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने महिला पत्रकार सुकन्या शांता की प्रशंसा करते हुए कहा, “सुकन्या शांता मैडम, आपके शोधपूर्ण लेख के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। आपके लेख ने इस मामले को हमारे सामने लाया। पता नहीं इस लेख के बाद स्थिति कितनी बदली है, लेकिन हमें उम्मीद है कि इस फैसले से हालात बेहतर होंगे।” मुख्य न्यायाधीश ने आगे कहा, “जब लोग लेख लिखते हैं, शोध करते हैं, और समाज की वास्तविकता अदालत के सामने रखते हैं, तो हम इन समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। ये प्रक्रिया क़ानून की ताकत को उजागर करती है।” सुकन्या शांता ‘द वायर’ डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए काम करती रही हैं और उन्होंने भारत की विभिन्न जेलों में जाति-आधारित भेदभाव पर रिपोर्टिंग की एक विस्तृत श्रृंखला तैयार की है।

ऐतिहासिक उपलब्धि :  जशपुर के 30 बच्चों के नाम पहुंचेंगे बृहस्पति के उपग्रह यूरोपा,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल को कहा – थैंक्यू सर

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यूरोपा क्लीपर स्पेसक्राफ्ट के साथ अंतरिक्ष यात्रा पर बच्चों के नाम हुए रवाना, 2030 में पहुंचेगा यूरोपा पर नासा का मिशन जशपुर, 15 अक्टूबर 2024: जशपुर जिले के 30 बच्चों के नाम अब अंतरिक्ष में भेजे गए हैं, जो बृहस्पति के उपग्रह यूरोपा तक की यात्रा पर निकले हैं। नासा के यूरोपा क्लीपर नामक अंतरिक्ष यान ने सोमवार को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरी। इस यान का उद्देश्य बृहस्पति के चंद्रमा यूरोपा पर जीवन की संभावनाओं की तलाश करना है। इस ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा में जशपुर के बच्चों, शिक्षकों और जिलाधीश डॉ. रवि मित्तल के नाम भी सिलिकॉन चिप में दर्ज किए गए हैं। इन नामों के साथ यह यान 2030 में यूरोपा पर पहुंचेगा। नवसंकल्प शिक्षण संस्थान के विषय विशेषज्ञ विवेक पाठक ने बताया कि इस पहल का मकसद बच्चों में विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति रुचि जागरूक करना है। इससे पहले भी नासा के परसिविएन्स रोवर के जरिए जिले के सैंकड़ों बच्चों के नाम मंगल ग्रह पर भेजे गए थे। गम्हरिया की छात्रा आकांक्षा तिर्की ने इस अवसर पर कहा, “हमारे नाम के साथ हम महसूस कर रहे हैं कि हम भी अंतरिक्ष की यात्रा कर रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व का क्षण है।” वहीं, छात्रा प्रीति निराला ने कहा, “अब जब भी बृहस्पति को देखेंगे, हमें गर्व होगा कि हमारे नाम यूरोपा पर पहुंच गए हैं।” यह पहल बच्चों में विज्ञान और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन को इस ऐतिहासिक प्रयास के लिए आभार व्यक्त किया गया।    

जशपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: जाली नोट व्यापार में शामिल दो और आरोपी गिरफ्तार

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जशपुर, 15 अक्टूबर 2024: जशपुर पुलिस ने जाली नोटों के व्यापार में लिप्त फरार आरोपियों सुधन यादव और मंगलू उर्फ मंगल मालाकार को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इस मामले में सम्पत कुमार टोप्पो, ललित कुमार त्रिपाठी, और अर्जुन राम को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान एक मोटरसाइकिल और HP Ink Tank 316 कलर प्रिंटर भी जब्त किया, जिसका इस्तेमाल जाली नोट छापने में किया जा रहा था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी मंगलू उर्फ मंगल मालाकार अपने ससुराल ग्राम में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे वहां से गिरफ्तार किया। वहीं, सुधन यादव को उसके गांव से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने नकली नोटों के व्यापार में अपनी संलिप्तता कबूल की है। इससे पहले, 30 जून 2024 को पुलिस ने सम्पत कुमार टोप्पो को 500 रुपये के 150 जाली नोटों और 49 हजार रुपये असली नकदी के साथ गिरफ्तार किया था। सम्पत ने खुलासा किया था कि उसे ललित त्रिपाठी ने नकली नोटों के बदले असली नोट देने का लालच दिया था। इसके बाद पुलिस ने ललित त्रिपाठी और अर्जुन राम को भी गिरफ्तार किया था। मामले की जांच जारी है, और पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 489(बी), 489(सी), और 120(बी) के तहत मामला दर्ज किया है।  

छत्तीसगढ़ को डबल इंजन का मिल रहा डबल फायदा,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मांग पर मोदी सरकार ने सड़क उन्नयन के लिए खोला खजाना,सीएम ने मोदी-गडकरी का जताया आभार

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*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मांग पर भारत सरकार ने 8 सड़क खंडों के विकास के लिए स्वीकृत किए 892 करोड़ रुपए* *राज्य के 6 जिलों में 324 किमी सड़क का होगा विकास, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने जारी किया आदेश* *मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी को दिया धन्यवाद* रायपुर. 14 अक्टूबर 2024. केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में आठ सड़क खंडों के विकास के लिए 892 करोड़ 36 लाख रुपए मंजूर किए हैं। इस राशि से राज्य के छह जिलों में करीब 324 किलोमीटर सड़कों के विकास और उन्नयन के कार्य किए जाएंगे। भारत सरकार ने आज राशि स्वीकृति का आदेश राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग के सचिव को भेजा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में सड़कों के विकास के लिए इतनी बड़ी राशि देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी को धन्यवाद दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सीआरआईएफ (Central Road & Infrastructure Fund) से मंजूर की गई इस राशि के लिए भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में सड़कों के निर्माण में केंद्र सरकार का लगातार सहयोग मिल रहा है। इस राशि से बेमेतरा, मुंगेली, राजनांदगांव, जशपुर, बिलासपुर और खैरागढ़ जिले में आठ सड़क खंडों का चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और उन्नयन होगा। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रदेश के छह जिलों में कुल 323.9 किलोमीटर सड़क खंडों के विकास के लिए इस साल 9 सितम्बर को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया था। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने विगत 30 सितम्बर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के साथ नई दिल्ली में हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति दी थी। भारत सरकार द्वारा आज इसके लिए 892 करोड़ 36 लाख रुपए की स्वीकृति का आदेश जारी कर दिया गया है। भारत सरकार द्वारा मंजूर की गई 892 करोड़ 36 लाख रुपए की राशि से बेमेतरा और मुंगेली जिले में नांदघाट-मुंगेली सड़क खंड में 39 किलोमीटर लंबाई और बेमेतरा-नवागढ़-मुंगेली सड़क खंड में 43 किलोमीटर लंबाई का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण किया जाएगा। राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव-चौकी-मोहला मानपुर सड़क खंड में 96.2 किलोमीटर, जशपुर जिले के बागबहार-कोतबा सड़क खंड में 13.5 किलोमीटर, लुड़ेग-तपकरा-लावाकेरा सड़क खंड में 41 किलोमीटर और जशपुर-आस्ता-कुसमी सड़क खंड में 28 किलोमीटर लंबाई में मजबूतीकरण का कार्य भी इनमें शामिल हैं। बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी-सरवानी-पसीद-अमलडिहा-बरतोरी-दगोरी सड़क खंड के 32.8 किलोमीटर तथा राजनांदगांव और खैरागढ़ जिले के राजनांदगांव-कवर्धा-पोंडी सड़क खंड के 30.4 किलोमीटर का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का कार्य भी इस राशि से किया जाएगा।

गिनाबहार में ईसाई उरांव समाज ने करम त्यौहार मनाया,आदिवासी परम्परा से पूजा सम्पन्न

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 जशपुर/कुनकुरी 13 अक्टूबर2024 – आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में इन दिनों करम त्यौहार की धूम मची हुई है।गिनाबहार में निर्माणाधीन उरांव सामाजिक भवन के सामने कुनकुरी क्षेत्र के ईसाई उरांव जनजाति के लोगों ने पवित्र करम त्यौहार मनाया। उरांव समाज के एमेरियुस लकड़ा ने करम त्यौहार के बारे में बताया कि यह उरांव जनजाति के उन युवाओं के लिए खास त्यौहार है जो विवाह योग्य हो गए हैं।करम गाड़ने की विधि बताते हुए कहा कि पहले अखड़ा(नृत्य स्थल) की साफ-सफाई की जाती है,जिसे गोबर से लिपाई कर पूजा के लिए तैयार किया जाता है।इसके बाद उपवास किये हुए कुंवारे युवक-युवतियां जंगल जाते हैं और करम वृक्ष के नीचे इकट्ठा होकर हल्दी पानी छिड़ककर स्थल शुद्धिकरण किया जाता है।फिर कुंवारा युवक करम वृक्ष की डाल काटता है जिसे जमीन में गिरने से पहले ही कुंवारी युवतियां उसे अपने हाथों में ले लेती हैं।इसके बाद विधि-विधान से अखड़ा में करम डाल गाड़ा गया।इसके बाद करम पर्व से जुड़ी कथा कुँड़ुख़ भाषा ( उरांव जनजाति की भाषा) में कही गई। उन्होंने आगे बताया कि दिन भर उपवास रहते हुए करम राजा के चारों ओर नृत्य करते हैं।शाम को उपवास तोड़ने के बाद पाहन करम डाल को उखाड़ते हैं और फिर कुंवारी लड़कियां उन्हें लेकर पास के नदी-तालाब में ले जाकर विसर्जन किया गया। इस आयोजन में ईसाई आदिवासी महासभा के जिलाध्यक्ष वाल्टर कुजूर, उरांव समाज के शिक्षाविद डॉ. किशोर एक्का,अनिमानन्द,हेमंत, रॉबर्ट,दिलीप केरकेट्टा,अलमा सहित बड़ी संख्या में युवक-युवती,महिला-पुरुष शामिल होकर मांदर की थाप पर नृत्य करते दिखे।