बस्तर दशहरा: दन्तेश्वरी माई की डोली जगदलपुर के लिए निकली,मावली परघा के साथ विजयादशमी मनाने लाखों लोग जुटने लगे

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दंतेवाड़ा,12 अक्टूबर 2024 – बस्तर दशहरा, जिसे विश्व का सबसे लंबा और अनोखा दशहरा पर्व माना जाता है।इस महापर्व में मां दंतेश्वरी की डोली और छत्र का विशेष महत्व होता है। माता दंतेश्वरी की डोली शुक्रवार को जगदलपुर के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर आंवराभाटा में परंपरागत विधियों से विशेष पूजा-अर्चना की गई, जिसमें दंतेवाड़ा पुलिस के जवानों ने डोली को सलामी दी। हर वर्ष की तरह इस बार भी डोली के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जो माता के आशीर्वाद के लिए बड़ी श्रद्धा से उपस्थित थे। माता की डोली और छत्र को जगदलपुर तक 10 विशेष स्थानों पर ही पूजा-अर्चना के लिए रोका जाएगा, जहां श्रद्धालु माता के दर्शन-पूजन कर सकेंगे। मंदिर के पुजारी विजेंद्र नाथ जिया के अनुसार, इस वर्ष का आयोजन कुछ खास है, क्योंकि 50 वर्षों में पहली बार डोली नवमी तिथि को प्रस्थान कर रही है। अष्टमी और नवमी की तिथियों के एकसाथ आने के कारण यह बदलाव किया गया है। डोली की यात्रा के दौरान 28 विश्राम स्थलों पर माता का विश्राम होगा, जहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर सकेंगे। इस अवसर पर आंवराभाटा, कारली, हारम पारा, और गीदम सहित अन्य स्थानों पर माता की डोली के स्वागत की भव्य तैयारियां की गई। बस्तर दशहरा में शामिल होने के बाद डोली दंतेवाड़ा लौटेगी, जहां बोधराज देव के लिए उपहार भी लाए जाएंगे। बस्तर दशहरा में माता दंतेश्वरी की डोली की यह परंपरा सदियों पुरानी है, जो सामाजिक और धार्मिक एकता का प्रतीक है। विश्व के सबसे लंबा 75 दिनों तक चलने वाला बस्तर दशहरा के बारे में आपको ज्यादा जानना है तो बस्तर टॉकीज Bastar Talkies यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिये।जिसमें आपको हर वर्ष दशहरे की पूरी खबर देखने को मिलेगी।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्यपाल रमेन डेका से की सौजन्य भेंट

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  रायपुर, 11 अक्टूबर 2024 – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजभवन में राज्यपाल रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को नवरात्रि के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि के लिए शुभकामनाएं प्रकट कीं। राजभवन में हुई इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय और राज्यपाल श्री डेका के बीच प्रदेश के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दोनों ने राज्य में शांति, प्रगति और विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।  

*नारी का सम्मान सनातनी परंपरा है – विष्णुदेव साय* *मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को दुर्गाष्टमी और महानवमी की दी बधाई*

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रायपुर,11 अक्टूबर 2024/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को दुर्गाष्टमी और महानवमी की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर श्री साय ने मां दुर्गा से प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। अपने शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा है कि शक्ति की उपासना का महापर्व नवरात्रि पूरे देश में नौ दिनों तक भक्तिभाव से मनाया जाता है। इस दौरान देवी के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के आठवें दिन माता शक्ति के आठवें स्वरूप माता महागौरी और नवमी पर देवी सिद्धिदात्रि स्वरुप की पूजा अर्चना की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शक्ति का यह पर्व हमें मातृशक्ति की आराधना और सम्मान की प्रेरणा देता है। यह त्यौहार हमें सिखाता है कि नारी का सम्मान हमारी परम्परा और संस्कृति का हिस्सा होने के साथ ही हमारे मूल्यों में रचा बसा है। इन मूल्यों को जीवंत बनाए रखना हम सबकी महती जिम्मेदारी है।

मुंबई में जशप्योर ब्रांड की धूम, शुद्धता और सेहतमंद उत्पादों से बढ़ी मांग

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जशपुरिया उत्पादों की मुंबई में लोकप्रियता बढ़ी शुद्धता और स्वास्थ्य लाभ बने आकर्षण का कारण जशपुर, 10 अक्टूबर 2024 – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से जशपुर जिले के स्थानीय उत्पादों को देशभर में पहचान मिल रही है। मुंबई के विभिन्न स्थानों पर जशप्योर ब्रांड के उत्पादों की स्टॉल लगाई गई हैं, जो लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हो रही हैं। जशपुर की आदिवासी महिलाओं द्वारा तैयार किए गए ये उत्पाद अपनी शुद्धता और स्वास्थ्य लाभ के कारण बड़ी मात्रा में खरीदे जा रहे हैं। कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल के मार्गदर्शन में मुंबई में जशप्योर ब्रांड की स्टॉल नियमित रूप से लगाई जा रही हैं। इन स्टॉल पर जशपुर के प्राकृतिक और बिना रसायन वाले उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जिन्हें स्थानीय आदिवासी महिलाएं तैयार करती हैं। इन उत्पादों को स्वस्थ विकल्प मानते हुए लोग इन्हें पसंद कर रहे हैं। मुंबई में लगने वाली इन स्टॉल्स में महुआ सिरप, महुआ आधारित च्यवनप्राश विकल्प ‘फॉरेस्टगोल्ड वन्यप्राश’, और बाजरा से बने पास्ता जैसे उत्पाद शामिल हैं, जिनकी बाजार में बड़ी मांग है। इसके अलावा, छिन्द घास से बने हाथ के बने टोकरियां भी त्योहारी सीजन में खूब बिक रही हैं। जशप्योर ब्रांड की स्टॉल मुंबई के डीसीबी बैंक मुख्यालय, कांदिवली, साकी नाका, अंधेरी, आईआईटी-मुंबई, पवई, लोअर परेल और अन्य कई स्थानों पर लगाई जा रही हैं। इस पहल से जशपुर और महाराष्ट्र के जवाहर जिले के आदिवासी समुदायों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। “माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रोत्साहन से जिला प्रशासन का यह प्रयास न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है, बल्कि आदिवासी समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद कर रहा है।” – डॉ. रवि मित्तल,कलेक्टर जशपुर  

सूखा नशा : जशपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पंजाब के 5 तस्कर गिरफ्तार, 26 किलो गांजा और कार बरामद

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जशपुर, 10 अक्टूबर 2024 – जशपुर पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पंजाब के पांच तस्करों को गिरफ्तार करते हुए पुलिस ने 26 किलो 330 ग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी कीमत करीब 3 लाख रुपये आंकी गई है। पकड़े गए तस्करों में दो महिलाएं भी शामिल हैं, जो ओडिशा के संबलपुर से इस गांजे को पंजाब ले जा रहे थे। पुलिस ने तस्करी में उपयोग की गई होंडा जैज कार (PB 13 AQ 1759) भी जब्त कर ली है, जिसकी अनुमानित कीमत 4 लाख रुपये बताई जा रही है। गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि तस्कर ओडिशा से होकर पंजाब की ओर गांजे की तस्करी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही चौकी उपरकछार, थाना तपकरा की पुलिस टीम को नाकाबंदी और वाहनों की कड़ी जांच के निर्देश दिए गए। नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने बनडेगा से आ रही होंडा जैज कार को रोका, जिसमें तीन पुरुष और दो महिलाएं सवार थे। पुलिस ने शक के आधार पर कार की तलाशी ली और सीट के नीचे और डिक्की में छिपाकर रखा 26 किलो 330 ग्राम गांजा बरामद किया। सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार की गई है: 1. कपिल कुमार (26), निवासी सानेवाल, थाना सानेवाल, जिला लुधियाना, पंजाब 2. संदीप सिंह (27), निवासी रायपुरबेट, थाना कुमकला, जिला लुधियाना, पंजाब 3. राजेश कुमार (21), निवासी सानेवाल, थाना सानेवाल, जिला लुधियाना, पंजाब 4. कीरती देवी (24), निवासी सानेवाल, थाना सानेवाल, जिला लुधियाना, पंजाब 5. तान्या कुमार (19), निवासी गोविंदगढ़, थाना गोविंदगढ़, जिला लुधियाना, पंजाब   पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे यह गांजा ओडिशा के संबलपुर से तस्करी कर पंजाब ले जा रहे थे। महिलाओं का इस्तेमाल तस्करी के लिए जशपुर पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि तस्करी के लिए महिलाओं का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है क्योंकि आमतौर पर पुलिस महिलाओं पर शक नहीं करती। यह घटना एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकती है, जिसमें महिलाओं को मोहरा बनाकर तस्करी के धंधे को अंजाम दिया जा रहा है। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि कहीं इन आरोपियों के संबंध किसी संगठित आपराधिक गिरोह से तो नहीं हैं। जशपुर पुलिस की सतर्कता ने रोकी बड़ी तस्करी यह पुलिस की सतर्कता और चुस्ती का परिणाम है कि इतने बड़े पैमाने पर हो रही गांजे की तस्करी को बीच में ही रोका जा सका। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न केवल मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगी है, बल्कि इससे जुड़े बड़े नेटवर्क का भी पर्दाफाश होने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने मामले में शामिल पुलिसकर्मियों की प्रशंसा करते हुए उन्हें नगद इनाम देने की घोषणा की है। गिरफ्तार किए गए तस्करों से आगे की पूछताछ जारी है और इस पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने के लिए जांच गहनता से की जा रही है। पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा, “हमारी कार्रवाई नशे के खिलाफ जारी रहेगी। तस्करी करने वाले चाहे जिस भी तरीके का इस्तेमाल करें, जशपुर पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी। जनता से अपील है कि अगर उनके आसपास किसी भी तरह की अवैध गतिविधि हो रही है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।” यह कार्रवाई नशे के अवैध व्यापार के खिलाफ जशपुर पुलिस की लगातार चल रही मुहिम का हिस्सा है, जो मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।  

मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय डाक दिवस पर दी बधाई,जानिए डिजिटल युग में डाक विभाग की भूमिका ,,,

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रायपुर, 10 अक्टूबर 2024: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय डाक दिवस के अवसर पर भारतीय डाक विभाग के सभी कर्मियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भारतीय डाक विभाग, देश की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित सरकारी डाक प्रणाली, आज भी अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। हर साल 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय डाक दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिससे इस विभाग द्वारा देश के विकास में दिए गए अमूल्य योगदान को सम्मानित किया जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय डाक सेवा आज भी दुनिया के सबसे बड़े डाक नेटवर्क के रूप में जानी जाती है। यह सेवा न केवल शहरों में बल्कि ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में भी संचार का महत्वपूर्ण साधन बनी हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि डिजिटल युग के इस दौर में भी भारतीय डाक ने अपनी प्रासंगिकता बनाए रखी है और यह सेवा ई-कॉमर्स, बैंकिंग और डिजिटल इंडिया जैसी सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने डाक विभाग की अन्य सेवाओं की सराहना की, जैसे बैंकिंग सुविधा, जोकि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में सहायक रही है। उन्होंने कहा कि यह विभाग न केवल संचार के क्षेत्र में बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राष्ट्रीय डाक दिवस, डाक सेवाओं की उपयोगिता और उनकी भूमिका का स्मरण कराता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि आधुनिक तकनीक के बावजूद, डाक सेवा का महत्व बना हुआ है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां डिजिटल संसाधन सीमित हैं।भारतीय डाक सेवा दुनिया का सबसे बड़ा डाक नेटवर्क है। राष्ट्रीय डाक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने डाक विभाग को देश के नागरिकों के साथ बेहतर संचार और सेवाओं को जोड़ने के लिए धन्यवाद दिया और उनके समर्पण की सराहना की।  

*मुख्यमंत्री ने माता को 108 मीटर लंबी लाल चुनरी भेंटकर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना*

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की अंगार मोती दाई की पूजा-अर्चना* रायपुर, 5 अक्टूबर 2024/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले के प्रसिद्ध अंगार मोती दाई मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने अंगारमोती माता को 108 मीटर लंबी लाल चुनरी भेंट कर उनसे प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या उपस्थित भक्तगण भी मुख्यमंत्री के साथ पूजा-अर्चना में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंगार मोती दाई के प्रति लोगों की अगाध श्रद्धा है। भक्तगण बड़ी श्रद्धा और मनोकामना के साथ दाई के दरबार में आते है। मां अंगारमोती देवी आदिवासी समाज की प्रथम आराध्य देवी है, जो मन्नत के लिए सुविख्यात है। मुख्यमंत्री श्री साय इस मौके पर मंदिर परिसर स्थित मनकेशरी माता, बूढ़ा देव और भंगाराम बाबा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस अवसर कैबिनेट मंत्री  केदार कश्यप,  टंकराम वर्मा, कांकेर सांसद भोजराज नाग, महासमुंद सांसद श्रीमति रूपकुमारी चौधरी, कुरूद विधायक अजय चंद्राकर, कांकेर विधायक आशाराम नेताम सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

नवा रायपुर: मुख्यमंत्री ने जननी माँ जसमनी का आशीर्वाद लेकर अर्धांगनी के साथ किया गृहप्रवेश

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रायपुर, 5 अक्टूबर 2024/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नवरात्रि के पावन अवसर पर आज विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना कर नवा रायपुर में नवनिर्मित नए मुख्यमंत्री निवास में गृहप्रवेश किया। मुख्यमंत्री ने अपनी अर्धांगनी श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ मंत्रोच्चार और शंख ध्वनि के बीच पूजा-अर्चना की। उन्होंने अपनी माता श्रीमती जसमनी देवी से आशीर्वाद ग्रहण कर गृह प्रवेश किया।इस दौरान श्री साय के भाईबन्धु और बेटे-बेटी भी साथ रहे। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रानी डेका काकोटी, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस सहित अनेक विधायक और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। गृहप्रवेश कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों ने मुख्यमंत्री को बधाई और शुभकामनाएं दी।

*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की उन्नति जय जवान-जय किसान के नारे को कर रही है सार्थक : विष्णु देव साय*

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*प्रदेश के किसानों की ओर से मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का जताया आभार* *प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जारी की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 18वीं किस्त* *छत्तीसगढ़ के 24 लाख 98 हजार से अधिक किसानों के खातों में पीएम किसान सम्मान निधि के 566 करोड़ 77 लाख रुपए अंतरित* रायपुर 05 अक्टूबर 2024// प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज महाराष्ट्र के वाशिम जिले से देश के लगभग 9 करोड़ 40 लाख से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 18वीं किस्त के रूप में 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे उनके खाते में अंतरित की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 18वीं किस्त के ऑनलाइन अंतरण कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 18वीं किस्त के रूप में प्रदेश के 24 लाख 98 हजार से अधिक किसानों के खातों में 566 करोड़ 77 लाख रुपए से अधिक की राशि अंतरित होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। श्री साय ने इस मौके पर प्रदेश के किसानों को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 17 वीं किश्त की तुलना में इस बार 66 हजार 485 अधिक किसानों ने योजना का लाभ उठाया है। इससे पहले भी 16 वीं किश्त की तुलना में 17वीं किश्त का लाभ उठाने वाले किसानों की संख्या 01 लाख 11 हजार 518 अधिक थी। उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना की किश्त-दर-किश्त लाभान्वित होने वाले किसानों की संख्या में बढ़ोतरी होना इस बात का प्रमाण है कि भारत के कृषि क्षेत्र में कितनी तेजी से प्रगति हो रही है। यह मोदी सरकार पर किसानों के मजबूत भरोसे का भी प्रमाण है। श्री साय ने कहा कि 18 वीं किश्त के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के जो किसान भाई-बहन आज लाभान्वित हो रहे हैं, उनमें 02 लाख 49 हजार 867 वन-पट्टा धारक हैं और 30 हजार 408 किसान पीवीटीजी योजना के अंतर्गत लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में किसानों की उन्नति जय जवान-जय किसान के नारे को सार्थक कर रही है। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायकगण मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा,  ईश्वर साहू, गुरु खुशवंत साहेब और डॉ. रामप्रताप मौजूद रहे।

विश्लेषण : *सड़कों से गांवों तक पहुंचने की कोशिश, यह कोई बुरी बात तो नहीं*

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बरुण सखाजी (लेखक राजनीतिक विश्लेषक हैं) बीते कुछ वर्षों से विपरीत दलों की सरकारों में आपसी अदावत (कटुता) बढ़ी है। इस अदावत के लिए कौन जिम्मेदार हैं, सब जानते हैं। हर दल अपने आपको लोकतंत्र का पहरूआ बता रहा है लेकिन इस अहंकार को नहीं छोड़ पा रहा कि वह विपक्ष में भी बैठ सकता है। 2014 के बाद से ऐसी अदावतें बढ़ी हैं। इसका कारण साफ है, सदा सत्ता मे रहने का अहंकार। जनता की राय का अपमान। साठ साल तक राज करके ऐसा स्वभाव हो जाना स्वभाविक भी है, किंतु चुनावी लोकतंत्र में इसे जितने जल्दी हो समझ लेना चाहिए। आज हैं, कल नहीं हैं, कल रहेंगे परसों नहीं होंगे। जनता जिसे चाहेगी वही बैठेगा और वह वैसा ही करेगा जैसा करने के लिए उसे चुना गया है। छत्तीसगढ़ में इस बात को ठीक से समझ लिया गया है। जमीन पर महसूस किया जा रहा है। कहीं कोई चूक न हो पाए इसलिए जनता को सबसे ऊपर जानकर उससे किए वादों को पूरा किया जा रहा है। आलोचना की जा सकती है, किंतु धैर्यपूर्वक देखेंगे तो समझ आएगा आलोचना बेवजह है। चूंकि जो कहा वह करना और वह करके दिखाना ही सफल सियासत और राजनेता की पहचान है। बदले हुए दौर में समझ लेना होगा, लोगों को गुमराह करना अब संभव नहीं है। साल 2023 के विधानसभा चुनावों में छत्तीसगढ़ में भाजपा की विजय वास्तव में बदले जनमत का ही प्रमाण है। इसमें भी सरकार संचालन के लिए ऐसे व्यक्तित्व का चयन बड़ी चुनौती थी, जिसकी स्वीकार्यता, अनुभव, विनम्रता, मिलनसारता, सियासत की समझ, विकास के कार्यों के प्रति सकारात्मक रवैया और टीम को लेकर चलने का हुनर हो। इस मामले में मोदी की गारंटी और मोदी का चयन दोनों को मानना ही पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का महकमा यूं तो देशभर में सड़कों की सुंदरता, मजबूती और सुलभता के लिए जाना जाता है। लेकिन इसमें भी छत्तीसगढ़ के लिए दिल खोल देना महत्वपूर्ण बात है। सड़कों का निर्माण एक सतत प्रक्रिया है। 2018 तक प्रदेश में सड़कों का निर्माण सामान्यतः अच्छी रफ्तार से चल रहा था, किंतु बाद के कुछ वर्ष जैसे काम रुक गया। न गलियों में निर्माण हो रहा था, न गांवों में। जो नेशनल हाईवे भी बन रहे थे तो उन्हें भी स्टेट लेवल के क्लीयरेंस गैर प्राथमिकता में मिलता था। यानि मिल गया तो मिल गया नहीं तो किसी को पड़ी नहीं थी। परंतु अब ऐसा नहीं है। *नए* दौर में सड़कों को लेकर सरकार आंतरिक रूप से स्पष्ट है। वह मानती है, भले ही कितनी ही रफ्तार से समाज में बदलाव हो रहे हों, लेकिन सड़क, बिजली, पानी मूलभूत जरूरतें बनी रहेंगी। जो भी सरकार इनसे खिलवाड़ करेगी, उसे भुगतना पड़ेगा। इस बात को जो राजनीतिक दल सत्ता में रहते ही समझ जाए वह समझदार, अन्यथा अहंकार तो कोई भी कुर्सियों पर विराजते ही पाल ही लेते हैं। प्रदेश की दुखती रग रहा है जशपुर, पत्थलगांव रोड, केशकाल का घंटो जाम को मजबूर टेढ़ामेढ़ा रास्ता, बस्तर को और दूर करता धमतरी-जगदलपुर का रास्ता। बस्तर के अन्य आंतरिक रास्ते, सरगुजा के भीतरी इलाकों के रोड, बिलासपुर संभाग में आने वाले जिलों की सड़कें। यह सब चीख-चीखकर कह रही हैं इनका निर्माण जरूरी है। वर्तमान सरकार ने सारी बातों को मजबूती से रखा। मुख्यमंत्री ने पूरी सच्चाई से गडकरी से सहयोग मांगा। विभागीय मंत्री ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। पैसा भी मिला, समय-सीमा का वादा भी मिला और प्रदेश की ओर से वचनबद्धता भी दी गई। यही होना चाहिए। केंद्र बड़प्पन दिखाता है और प्रदेश अपने गरिमा और आवश्यकता के अनुरूप काम करते हैं। वाद-विवाद की कोई जगह नहीं होती। छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों से विवाद ने स्थान लिया था। असहमतियों का भ्रम खड़ा किया गया। संकुचित राजनीतिक सोच के चलते टकराव पैदा किए गए। अब यह सब खत्म हो गए हैं। नतीजे में प्रदेश को हजारों करोड़ की सड़कें मिल रही हैं। यह सड़कें एक ही दल की केंद्र और प्रदेश में सरकार होने के कारण भी मिल रही हैं। संभवतः इसे ही डबल इंजन की सरकार कहा गया था। सड़कों के जरिए गांवों तक पहुंचने की कोशिश, कोई बात बुरी तो नहीं है। क्या इसकी भी आलोचना करेंगे आप? sakhajee.blogpsot.com (यह लेखक के निजी विचार हैं।)