बड़ी खबर: आदिवासी न्याय पदयात्रा को लोरो घाटी में रोका गया,झूमाझटकी के साथ पदयात्रियों पर वाटर केनन फेंका गया

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जशपुर,26 अक्टूबर 2024  – आस्ता के ढेंगनी गांव से ईसाई आदिवासी न्याय यात्रा को लोरो घाटी में एडिशनल एसपी जशपुर अनिल कुमार सोनी,एडिशनल एसपी बलरामपुर निमिषा पांडे की अगुवाई में बेरिकेड लगाकर रोक दिया गया है।इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष अनिल किस्पोट्टा,जिला अध्यक्ष वाल्टर कुजूर,सिंहासन मिंज, हेमंत कुजूर,सुशील समेत कई महिला-पुरूष पदयात्रियों ने पहले अवरोध को पार कर लोहे के बेरिकेड को हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की।जिसे भारी पुलिस फोर्स और वाटर केनन से रोका गया है। अभी 1:20 बजे तक कि स्थिति में नेशनल हाइवे पर लगे बेरिकेड के सामने पदयात्री इकट्ठे होकर बीजेपी विधायक रायमुनी भगत के खिलाफ ईशनिंदा के कथित मामले में जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।हालांकि लॉ एंड ऑर्डर फिलहाल एसपी शशिमोहन सिंह की मौजूदगी में बनी हुई है।ईसाई आदिवासी महासभा के नेताओं ने कहा है कि हमारी लड़ाई खत्म नहीं हुई है।हम शांतिपूर्वक विरोध करते रहेंगे।  

ईसाई आदिवासी महासभा न्याय यात्रा का दूसरा दिन शुरू,पदयात्रा में पूर्व विधायक यूडी मिंज हुए शामिल,कुनकुरी में होगा पड़ाव

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जशपुर,26 अक्टूबर 2024 – बीजेपी विधायक रायमुनी पर एफआईआर की मांग को लेकर ईसाई आदिवासी महासभा की पदयात्रा आज शांति भवन जशपुर से शुरू हुई जो नेशनल हाइवे पर चलते हुए काईकछार तक पहुंची है।वहीं लोरो घाटी के नीचे पदयात्रा को रोकने के लिए भारी फोर्स तैनात की गई है। पदयात्रा का नेतृत्व महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल किस्पोट्टा,जिलाध्यक्ष वाल्टर कुजूर, सिंहासन मिंज,हेमंत कुजूर,अभिनन्द खलखो करते हुए कुनकुरी की ओर बढ़ रहे हैं।इस पदयात्रा को समर्थन देने के लिए पूर्व कांग्रेस विधायक यूडी मिंज भी शामिल हुए हैं। 24 अक्टूबर को लगी ज़नपक्ष की खबर का असर दिखने लगा है कि प्रशासन की बिना अनुमति लिए नेशनल हाइवे पर पदयात्रा निकालने को लेकर आज जिला प्रशासन एक्शन के मूड में दिख रहा है।लोरो घाटी शिव मंदिर के नीचे बने बेरियर पर भारी पुलिस फोर्स तैनात है।पुलिस के आला अधिकारी समेत कार्यपालिक मजिस्ट्रेट भी मौजूद हैं।

* द्रौपदी मुर्मु , राज्यपाल रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महाप्रभु श्री जगन्नाथ भगवान के किए दर्शन………*

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रायपुर ,26 अक्टूबर 2024/ राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु और राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज सुबह गायत्री नगर रायपुर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में महाप्रभु श्री जगन्नाथ भगवान की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों सहित देशवासियों की समृद्धि एवं सुख-शांति की कामना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा एवं मंदिर समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे।

ईसाई समाजिक न्याय पदयात्रा हुई शुरू,आम्बाकोना से रायमुनी भगत पर एफआईआर की मांग को लेकर पदयात्री जशपुर की ओर,,

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जशपुर/आस्ता,25 अक्टूबर2024 –  1 सितंबर को जशपुर से भाजपा विधायक रायमुनी भगत के धर्मविशेष व उनके आराध्य पर विवादित टिप्पणी से सामाजिक सौहार्द को गहरा झटका लगा है।जिसको लेकर ईसाई आदिवासी महासभा ने आज 25 अक्टूबर को बीजेपी विधायक पर एफआईआर कराने की मांग को लेकर आस्ता थाना के आम्बाकोना गांव से पदयात्रा शुरू की है। पदयात्रा को सम्बोधित करते हुए ईसाई आदिवासी महासभा के जिलाध्यक्ष वाल्टर कुजूर ने विधायक रायमुनी भगत के विवादित भाषण पर आक्रोश जताया और पदयात्रा में शामिल होने आए मसीही समाज के लोगो का स्वागत किया। पदयात्रा को सी.डी. बाखला नगर पंचायत अध्यक्ष बगीचा ने भी सम्बोधित किया।उन्होंने कहा कि बड़े दुख की बात है अभी तक ईशनिंदा करनेवाली विधायक के खिलाफ एफआईआर नहीं किया गया है।इसी को लेकर यह हमारा रन फोर जस्टिस आस्ता से मनोरा होते हुए आज जशपुर पहुंचेगा।26 अक्टूबर को जशपुर से कुनकुरी और 27 अक्टूबर को शांतिपूर्ण पदयात्रा हमारे माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के घर बगिया पहुँचकर उन तक हम अपनी बात पहुंचाएंगे। पदयात्रा में ईसाई आदिवासी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल किस्पोट्टा,काथलिक सभा अध्यक्ष अभिनन्दन खलखो,सिंहासन मिंज,हैप्पी कमल कुजूर,सफीरा टोप्पो,अंजना मिंज,अजेम टोप्पो,अलमा कुजूर,हेमंत कुजूर समेत बड़ी संख्या में पदयात्री हर्राडीपा से आगे निकले हैं।पदयात्रा को सुरक्षा देने के लिए पुलिस के जवान लगातार चल रहे हैं।

ईसाई सामाजिक न्याय यात्रा की बागडोर अराजक हाथों में!प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर पदयात्रा की अनुमति नहीं दी,ईसाई आदिवासी महासभा के नेताओं की धमकी का क्या होगा असर?

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जशपुर,24 अक्टूबर2024 – भाजपा विधायक रायमुनी भगत के द्वारा धर्मविशेष के आराध्य के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी पर ठंडी पड़ चुकी राख में चिंगारी ढूंढने की खबर आई है। सूत्र बता रहे हैं कि ईसाई आदिवासी महासभा विधायक रायमुनी भगत पर कोई कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाकर सीएम हाउस बगिया तक पदयात्रा और ज्ञापन सौंपने की योजना बना चुकी है। जो जानकारी मिली है उसके अनुसार जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन ने 25 अक्टूबर को आस्ता थाना क्षेत्र के ग्राम ढेंगनी से पदयात्रा की अनुमति को लेकर ईसाई आदिवासी महासभा के प्रतिनिधिमंडल के साथ आज बैठक की है।बैठक में प्रशासन ने साफ तौर पर कहा कि महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 25,26 अक्टूबर दो दिवसीय पर राजधानी रायपुर आ रहीं हैं।जिनकी सुरक्षा व्यवस्था में जिले से पुलिस अधिकारी जवानों के साथ ड्यूटी पर रवाना हुए हैं।ऐसे में बल की कमी के कारण पदयात्रियों को सड़क पर सुरक्षा देना सम्भव नहीं है। इस पर ईसाई आदिवासी महासभा के प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रदेश अध्यक्ष अनिल किस्पोट्टा पदयात्रा निकालने पर अड़े हुए हैं। अब देखनेवाली बात है कि पदयात्रा की अनुमति नहीं मिलने से यदि ईसाई आदिवासी महासभा के नेता पदयात्रा निकालते हैं तो प्रशासन कौन सा रूख अख्तियार करता है? इस मामले में एक सवाल पैदा होता है कि जब आस्ता पुलिस द्वारा विधायक रायमुनी भगत के बयान को असंज्ञेय बता दिया है तो ईसाई आदिवासी महासभा को कोर्ट का रास्ता पकड़ना था, सड़क का रास्ता अपनाने पर क्यों अडिग है? बहरहाल,इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए ईसाई आदिवासी महासभा और जिला प्रशासन मीडिया से खुलकर कुछ भी कहने से बच रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्टॉल में महिलाओं द्वारा बनाई चीजों को बारीकी से देखा,कहा – “आप सभी लखपति दीदी बनें,सरकार आपके साथ है”

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जशपुर 23 अक्टूबर 2024/मयाली नेचर कैंप में आयोजित सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में शामिल होने से पूर्व विभिन्न विभागीय स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने इस मौके पर महिला समूहों द्वारा निर्मित महुआ के विभिन्न खाद्य पदार्थों एवं अन्य उत्पादों की सराहना की। मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री अरूण साव,समाजसेवी जागेश्वर यादव, कृषि मंत्री रामविचार नेता, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, उपाध्यक्ष सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण श्रीमती गोमती साय, सांसद रायगढ़  राधेश्याम राठिया सहित अन्य जनप्रतिनिधयों ने भी स्टॉल प्रदर्शनी का अवलोकन किया।इस दौरान विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत, राम प्रताप सिंह, श्रीमती कौशल्या साय कृष्ण कुमार राय, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद, कमिश्नर जी आर चुरेंद्र, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टर डॉ रवि मित्तल, एसपी शशिमोहन सिंह उपस्थित थे।

आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में प्रगतिरत कार्याे को दो माह में पूर्ण करने के निर्देश प्राधिकरण की बजट राशि 50 से बढ़ाकर 75 करोड़ की गई, मयाली में पर्यटन को बढ़ावा देने 10 करोड़ की घोषणा खराब सड़कों की होगी शीघ्र मरम्मत जशपुर, 22 अक्टूबर 2024: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के मयाली में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक ली। उन्होंने विधायक रेणुका सिंह की मांग पर प्राधिकरण की बजट राशि को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ करने की घोषणा की। साथ ही मयाली में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ रुपये की राशि देने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बैठक में प्राधिकरण अंतर्गत स्वीकृत कार्याे की समीक्षा की और निर्देश दिए कि अप्रारंभ कार्याे को निरस्त कर प्रगतिरत कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने वन-टू-वन चर्चा कर सदस्यों की समस्याओं और मांगों की जानकारी ली और संबंधित विभागों को उनके निराकरण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार बस्तर से लेकर सरगुजा तक विकास के लिए निरंतर काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं के तहत पिछड़े क्षेत्रों में बजट का प्रावधान कर विकास कार्याे को गति दी जा रही है।” बैठक में उन्होंने जशपुर जिले की खनिज संपदा और वन संसाधनों का जिक्र करते हुए वनोपज के वैल्यू एडिशन पर जोर दिया और कहा कि इससे ग्रामीणों और किसानों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि मयाली में पर्यटन को बढ़ावा देने से जिले के विकास में मदद मिलेगी और राजधानी से आए अधिकारियों से जिले के उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की। बैठक के दौरान लुण्ड्रा-बतौली क्षेत्र में गन्ना खरीदी केंद्र को पुनः प्रारंभ करने, हाथी से जनहानि रोकने के उपाय, और बिजली से जुड़ी समस्याओं को हल करने के निर्देश दिए गए। साथ ही राशन की कमी से संबंधित शिकायतों को भी सुलझाने के निर्देश दिए गए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरगुजा और बस्तर क्षेत्रों का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की इस बैठक से इन क्षेत्रों में विकास कार्यों में तेजी आएगी और जन-जीवन को बेहतर बनाया जाएगा। बैठक में कृषि विकास मंत्री रामविचार नेताम, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े समेत कई प्रमुख नेताओं ने अपने क्षेत्र की समस्याओं और विकास योजनाओं को लेकर चर्चा की। सभी ने अपनी-अपनी मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा, जिन्हें शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए।  

प्रकृति की गोद में ऐतिहासिक बैठक आज: *सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में लगेगी विकास की मुहर* ऐसी हुई है तैयारी,,देखें ताजा तस्वीरे

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जशपुर 22 अक्टूबर 2024/ नैसर्गिक सुंदरताओं को समेटे जशपुर की खूबसूरती को भला कौन निहारना नहीं चाहेगा..। सिन्दूरी सुबह और गुलाबी ठण्ड के दस्तक के बीच नीले आकाश, पक्षियों के चहचहाहट, कलरव के साथ हरे-भरे वातावरण और स्वच्छ पानी में अपना रूप झाँकते मधेश्वर पर्वत के प्रतिबिम्ब के बीच मयाली में  सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक होने जा रही है। ग्राम खण्डसा से मयाली में बैठक स्थल तक जलविहार करते हुए तमाम अतिथि नाव से पहुँचेंगे। यहाँ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित सभी मंत्रियों अन्य अतिथियों के स्वागत सत्कार के लिए स्थानीय ग्रामीण भी बेताब है। मयाली में गेंदे सहित आसपास खिलने वाले अन्य पीले फूलों और जवाफूल, बासमती धान की बालियों,पीले मक्के के साथ मन को मोह लेने वाले स्वागत द्वार तैयार किए गए हैं। यह स्वागत द्वार मयाली आने वाले सभी आगंतुकों को भावविह्वल करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय के गृह जिले जशपुर के मयाली में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक के लिए खास तैयारी की गई है। यहाँ ग्रामीण महिलाओं ने मुख्यमंत्री सहित अन्य सभी अतिथियों के लिए स्वागत द्वार तैयार किया है। यहाँ की संस्कृति से मेल कराने के साथ जशपुर जिले में उगाई जाने वाली जवाफूल, बासमती धान के बालियों, मक्के और फूलों को इस तरह सजाया गया है कि इसे देखने वाले इस ओर आकर्षित होने के साथ यहाँ के दृश्यों और स्वागत सत्कार को हमेशा अपने जेहन में बसा लेंगे। रामवती, कमला यादव सहित अन्य महिलाओं ने बताया कि यह खुशी और गौरवान्वित करने का क्षण है कि उनके खण्डसा ग्राम पंचायत में हमारे मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्री, सांसद,जनप्रतिनिधि, बड़े अधिकारी भी यहाँ आएंगे। ग्राम खण्डसा से नाव में चढ़कर बैठक स्थल पर पहुँचेंगे। इस दौरान स्थानीय आदिवासी महिलाओं को सभी के स्वागत, अभिनन्दन का अवसर मिला है। महिलाओं ने बताया कि उन्होंने धान की बालियों,गेंदे सहित आसपास के फूलों और मक्के सहित अन्य सामग्रियों से स्वागत द्वार तैयार किया है। इधर मयाली नेचर कैम्प स्थल पर जिला प्रशासन द्वारा भी व्यापक तैयारी की गई है। पत्थरों में उकेरे गए खूबसूरत दृश्य, रंगीन लाइट में आकर्षित करते पानी के फव्वारे,  मयाली बांध में भरे हुए पानी के बीच जुगनुओं की तरह टिमटिमाती रोशनी बहुत दूर से ही सभी का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। एक ओर जहां मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय अपने सभी मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सरगुजा सम्भाग के विकास की नई गाथा लिखेंगे, वही दिन के उजाले में अपनी खूबसूरती से मयाली बांध और आसपास का दिव्य नैसर्गिक सौंदर्य जशपुर जिले से निकलकर एक नई पहचान बनाने को तैयार है।

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘दिव्यांगता: चुनौतियों से अवसर तक’ पुस्तक का किया विमोचन* *लेखकों के बारे में जानिए,,,*

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  रायपुर, 20 अक्टूबर 2024/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार शाम को अपने निवास कार्यालय में दिव्यांगता पर आधारित पुस्तक दिव्यांगता: चुनौतियों से अवसर तक का विमोचन किया। इस कृति को सुश्री के. शारदा, श्रीमती प्रीति शांडिल्य और डॉ. अभिनव मिश्रा ने सह-लेखक के रूप में तैयार किया है। मुख्यमंत्री को पुस्तक के लेखकों ने बताया कि यह किताब छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण हेतु चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं, संसाधनों और सुविधाओं का व्यापक विवरण प्रस्तुत करती है। इसके अतिरिक्त, यह दिव्यांगता प्रमाणपत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया, दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं और अधिकारों से संबंधित जानकारी प्रदान करती है। समाज में संवेदनशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से यह पुस्तक शिक्षकों और दिव्यांगजनों के परिवारजनों को प्रशिक्षण देने और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने पर भी केंद्रित है। इसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों के दिव्यांगजनों की 15 प्रेरणादायक कहानियों को भी शामिल किया गया है, जो उनकी अदम्य इच्छाशक्ति, चुनौतियों पर विजय और असाधारण धैर्य की मिसाल पेश करती हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लेखकों द्वारा इस महत्वपूर्ण विषय को उजागर करने की पहल की प्रशंसा की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पुस्तक न केवल दिव्यांग समुदाय बल्कि समूचे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि यह पुस्तक समाज में दिव्यांगजनों के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने और उनके जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उल्लेखनीय है कि इस पुस्तक के लेखकगण सुश्री के. शारदा एवं श्रीमती प्रीति शांडिल्य शासकीय विद्यालयों में शिक्षिकाएं हैं, जबकि डॉ. अभिनव मिश्रा एक पत्रकार हैं। दुर्ग जिले की सुश्री के. शारदा, जो स्वयं भी दिव्यांग हैं, को हाल ही में भारत की राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया है। धमतरी जिले की शासकीय विद्यालय की शिक्षिका श्रीमती प्रीति शांडिल्य को राज्यपाल पुरस्कार 2024 के लिए चयनित गया है। वहीं, डॉ. अभिनव मिश्रा को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अंग्रेज़ी पत्रकारिता के क्षेत्र में किए गए उनके कार्यों के लिए सराहा जा चुका है। पुस्तक विमोचन के अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप व  शांतनु सिन्हा भी उपस्थित थे।

वरिष्ठ पत्रकार ईरा झा का निधन, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

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रायपुर,18 अक्टूबर 2024 / वरिष्ठ पत्रकार ईरा झा का आज दुखद निधन हो गया, जिससे मीडिया जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईरा झा का पत्रकारिता के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान रहा है। उनके निष्पक्ष और प्रखर लेखन ने हमेशा समाज को सही दिशा दिखाने का काम किया। ईरा झा का पत्रकारिता में एक लंबा और सम्मानजनक करियर रहा है, जिसमें उन्होंने राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर गहन लेखन किया। उनकी लेखनी में न केवल बेबाकी थी, बल्कि सच्चाई की झलक भी दिखाई देती थी। उन्होंने छत्तीसगढ़ के मीडिया परिदृश्य में अपनी पहचान बनाई और अनेक राष्ट्रीय और स्थानीय मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का काम किया। ईरा झा को हमेशा उनके स्पष्ट विचारों और निर्भीक पत्रकारिता के लिए याद किया जाएगा। उनके निधन से छत्तीसगढ़ के पत्रकारिता जगत में एक बड़ी रिक्तता आ गई है। उनके योगदान और उनकी आवाज को हमेशा याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने ईरा झा के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे राज्य और मीडिया जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।