*सफलता की कहानी: जशपुर की बेटियों का क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन,राष्ट्रीय अंडर-17 महिला क्रिकेट टीम में इन छात्राओं का हुआ चयन*

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जशपुर, 17 अक्टूबर 2024: जशपुर जिले की बेटियों ने खेल के मैदान में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। सरगुजा संभाग की टीम में शानदार प्रदर्शन करते हुए जशपुर की 13 बेटियों ने रजत पदक जीता है। इस उपलब्धि के साथ ही इचकेला स्थित प्री-मेट्रिक बालिका छात्रावास की 3 बेटियों, एंजल लकड़ा, झुमुर तिर्की और वर्षा बाई का चयन राष्ट्रीय अंडर-17 महिला क्रिकेट टीम में हो गया है। ये तीनों खिलाड़ी अब आगामी राष्ट्रीय अंडर-17 महिला क्रिकेट प्रतियोगिता 2024-25 में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। जशपुर की बेटियों का सरगुजा संभाग में दबदबा जशपुर की बेटियां राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में अपने अद्वितीय प्रदर्शन से न सिर्फ संभाग का नाम रौशन कर रही हैं बल्कि राष्ट्रीय टीम तक पहुंच रही हैं। सरगुजा संभाग की क्रिकेट टीम में जशपुर की 13 बेटियों का चयन यह दर्शाता है कि जिले में खेल के प्रति बढ़ती रुचि और संभावनाओं को कैसे साकार किया जा रहा है। इन खिलाड़ियों में से 11 बालिकाएं इचकेला छात्रावास की हैं, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। छात्रावास अधीक्षिका पंडरी बाई का महत्वपूर्ण योगदान छात्रावास की अधीक्षिका पंडरी बाई ने छात्राओं के इस विकास में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने छात्रावास में अभ्यास पिच बनवाकर और क्रिकेट की आवश्यक सामग्रियां उपलब्ध कराकर खिलाड़ियों को लगातार प्रेरित किया। पंडरी बाई का कहना है, “मेरी बेटी आकांक्षा रानी ने राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की, और जब मैंने छात्रावास की बच्चियों में भी वही उत्साह देखा, तो मैंने उनके लिए बेहतर भविष्य बनाने का संकल्प लिया। आज उनकी मेहनत का फल मिल रहा है।” चयनित खिलाड़ियों का उत्साह चरम पर :  वर्षा बाई (राष्ट्रीय अंडर-17 और बीसीसीआई अंडर-19 खिलाड़ी): “छात्रावास में हमें निरंतर प्रशिक्षण और समर्थन मिल रहा है। मेरे राष्ट्रीय टीम में चयन से मेरे परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। सभी ने मिठाइयाँ बांटी और मुझे देश का नाम रोशन करने की शुभकामनाएँ दीं। मेरा चयन अंडर-17 के साथ-साथ बीसीसीआई की अंडर-19 टीम में भी हुआ है, और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध हूँ।” एंजल लकड़ा (कक्षा 8, राष्ट्रीय अंडर-17 खिलाड़ी): “मुझे बहुत खुशी है कि मेरा चयन राष्ट्रीय अंडर-17 टीम में हुआ है। मुझे मेरे शिक्षकों और कोच का भरपूर सहयोग मिल रहा है। मेरा सपना है कि मैं स्मृति मंधाना की तरह एक बेहतरीन बल्लेबाज बनूं और देश का नाम रोशन करूँ।” झुमुर तिर्की (कक्षा 8, राष्ट्रीय अंडर-17 खिलाड़ी): “यह मेरे लिए सपने के सच होने जैसा है। जब मेरा चयन राष्ट्रीय दल में हुआ तो मुझे यकीन नहीं हुआ। मेरे पिता के निधन के बाद मेरी माँ ने मुझे बहुत मेहनत से पाला, और उनका सपना था कि मैं परिवार का नाम रोशन करूं। अधीक्षिका पंडरी बाई के मार्गदर्शन और समर्थन से आज मैं इस मुकाम तक पहुंची हूँ।”  

बिलासपुर में गरीब और मध्यमवर्गीय पर कड़ी कार्यवाही, बड़े भू-माफियाओं को राहत क्यो?

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बिलासपुर,17 अक्टूबर 2024: कलेक्टर अवनीश शरण द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ की जा रही कार्यवाही इन दिनों चर्चा में है। मोपका के खसरा नंबर 993 और खमतराई के खसरा नंबर 551 पर की गई कार्रवाई ने लोगों का ध्यान खींचा है, जहां अवैध कब्जे हटाए गए और जमीन बेचने वालों पर एफआईआर दर्ज की गई। जनता इसे सराह रही है, क्योंकि शासकीय भूमि को बचाने के प्रयास दिख रहे हैं। लेकिन इस अभियान का एक और पक्ष है, जो  आम जनता के सामने नहीं आया है। कलेक्टर, नगर निगम कमीशनर, एसडीएम, और पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में ज्यादातर गरीब और मध्यमवर्गीय लोग प्रभावित हो रहे हैं। इन लोगों ने किसी न किसी जाल में फंसकर अवैध जमीन खरीदी थी। अब न उनके पास जमीन बची और न ही उनके द्वारा दिए गए पैसे वापस मिल रहे हैं।अब ऐसे लोग न घर के रहे न घाट के। वहीं, बड़े भू-माफियाओं द्वारा कब्जाई गई कीमती शासकीय जमीनों पर कार्यवाही की रफ्तार धीमी नजर आ रही है। सवाल उठता है कि क्या प्रशासन इन माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही करने में हिचकिचा रहा है? लिंगियाडीह में शासकीय भूमि पर माफियाओं का कब्जा बिलासपुर के लिंगियाडीह क्षेत्र में खसरा नंबर 54/1 की शासकीय भूमि, जो करोड़ों रुपये मूल्य की है, पर बड़े भू-माफियाओं का कब्जा है। जनवरी 2024 में इस कब्जे की शिकायत कलेक्टर और एसडीएम को की गई थी, लेकिन दस महीने बीतने के बाद भी इस जमीन को मुक्त नहीं कराया गया है। यह सवाल खड़ा करता है कि क्या प्रशासन केवल गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों पर ही कार्यवाही कर रहा है, जबकि बड़े माफियाओं पर कार्रवाई करने से कतरा रहा है?

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक: धान खरीदी, रोजगार और ग्रामीण पेयजल योजनाओं पर अहम फैसले

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रायपुर, 16 अक्टूबर 2024 – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए धान उपार्जन और कस्टम मिलिंग की नीति को अनुमोदित किया गया। राज्य में धान खरीदी 14 नवंबर 2024 से शुरू होकर 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। धान खरीदी के लिए किसानों का पंजीकरण 31 अक्टूबर तक जारी रहेगा और इस वर्ष 160 लाख टन धान उपार्जन का अनुमान है। किसानों को बायोमेट्रिक प्रणाली से टोकन जारी किए जाएंगे और इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्रों से धान की खरीद होगी। धान की सुरक्षित भंडारण के लिए 8 लाख गठान बारदाने की आवश्यकता है, जिसमें से 4.02 लाख गठान जूट कमिश्नर के माध्यम से खरीदे जाएंगे। रोजगार और अनुकम्पा नियुक्ति के फैसले मंत्रिपरिषद ने सहकारी समितियों में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटरों को 18,420 रुपये प्रतिमाह मानदेय के रूप में 12 महीने का भुगतान करने का निर्णय लिया। इस पर कुल 60.54 करोड़ रुपये का व्यय होगा। इसके अलावा, दिवंगत पंचायत संवर्ग के शिक्षकों के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया। ग्राम पंचायतों में पेयजल की सुविधा बैठक में छत्तीसगढ़ ग्रामीण पेयजल संचालन एवं संधारण नियम, 2024 को मंजूरी दी गई। इसके तहत राज्य के हर ग्राम पंचायत के घरों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। आयु सीमा में छूट छत्तीसगढ़ पुलिस सेवा में सूबेदार, उप निरीक्षक, और प्लाटून कमांडर के पदों पर भर्ती के लिए एक बार के लिए अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट देने का निर्णय लिया गया। सभी छूटों के साथ यह आयु सीमा 45 वर्ष से अधिक नहीं होगी। अन्य महत्वपूर्ण निर्णय राज्य के राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 49 प्रकरणों को जनहित में न्यायालय से वापस लेने का निर्णय लिया गया। लोकतंत्र सेनानियों की अंत्येष्ठि को राजकीय सम्मान के साथ करने और परिवार को 25 हजार रुपये की सहायता राशि देने का फैसला भी लिया गया। औद्योगिक नीति के तहत स्टील डाउन स्ट्रीम प्रोजेक्ट्स, एथेनॉल इकाइयों, और सीमेंट उद्योगों के लिए विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज को भी मंजूरी दी गई। ये निर्णय राज्य की आर्थिक, सामाजिक, और औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से लिए गए हैं।  

यात्रियों की मांग पर रेलवे ने विशाखापट्टनम-रायपुर ट्रेन के समय में बदलाव, जानें नया शेड्यूल…

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यात्रियों की मांग पर रेलवे ने विशाखापट्टनम-रायपुर ट्रेन के समय में बदलाव किया, जानें नया शेड्यूल… रायपुर: रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन संख्या 08528 विशाखापट्टनम-रायपुर एक्सप्रेस की समय सारणी में बदलाव करने का निर्णय लिया है। यह नया समय 20 अक्टूबर, 2024 से प्रभावी होगा। परिवर्तित समय के अनुसार, गाड़ी संख्या 08528 विशाखापट्टनम-रायपुर एक्सप्रेस अब विशाखापट्टनम से सुबह 04:25 बजे प्रस्थान करेगी और रात 19:45 बजे रायपुर पहुंचेगी। वर्तमान में यह ट्रेन विशाखापट्टनम से सुबह 06:30 बजे रवाना होकर रात 20:00 बजे रायपुर पहुंचती है।

बृजमोहन की सीट पर 13 नवम्बर को उपचुनाव: चुनावी बिगुल बजा, बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने

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रायपुर, 15 अक्टूबर 2024: रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर उपचुनाव का ऐलान होते ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बृजमोहन अग्रवाल के सांसद चुने जाने के बाद खाली हुई इस सीट पर अब 13 नवंबर को उपचुनाव होगा, जबकि 23 नवंबर को मतगणना होगी। चुनाव आयोग ने 18 अक्टूबर को नोटिफिकेशन जारी करने का फैसला किया है, जिसके बाद 25 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे, और नाम वापसी की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर तय की गई है। बीजेपी की चुनौती: गढ़ को बचाने की जिम्मेदारी रायपुर दक्षिण सीट बीजेपी का मजबूत किला माना जाता है, जहां से लगातार बृजमोहन अग्रवाल चुनाव जीतते आ रहे थे। लोकसभा चुनाव 2024 में सांसद बनने के बाद उनके इस्तीफे से यह सीट खाली हुई। अब पार्टी के सामने इस सीट पर अपनी पकड़ बनाए रखने की बड़ी चुनौती है। हाल ही में रायपुर दक्षिण सीट के उपचुनाव के लिए बीजेपी ने अपने संभावित उम्मीदवारों पर मंथन किया। इस बैठक में सुनील सोनी, संजय श्रीवास्तव, केदार गुप्ता, मीनल चौबे, नंदन जैन और सुभाष तिवारी जैसे वरिष्ठ नेताओं के नामों पर विचार किया गया। जातिगत समीकरणों और जीत की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए तीन नामों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिनमें से एक को जल्द ही पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया जाएगा। भाजपा के लिए यह उपचुनाव बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इस सीट से हार का मतलब होगा पार्टी के गढ़ में दरार आना, जो विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। कांग्रेस की आक्रामक रणनीति: हर हाल में जीतने की तैयारी कांग्रेस, जिसने इस सीट पर कभी जीत हासिल नहीं की, इस बार पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर रही है। पार्टी ने चुनाव जीतने के लिए व्यापक रणनीति बनाई है और इसके तहत एक नौ सदस्यीय चुनाव प्रबंधन समिति का गठन किया गया है। इस समिति में कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, रविन्द्र चौबे, मोहन मरकाम, शिव डहरिया, जयसिंह अग्रवाल, पूर्व पीसीसी चीफ धनेंद्र साहू और पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा जैसे दिग्गज शामिल हैं। कांग्रेस की योजना है कि इस सीट को जीतकर एक बड़ा संदेश दिया जाए, और इसके लिए वह जमीनी स्तर पर जातिगत और सामाजिक समीकरणों को साधने में जुट गई है। कांग्रेस की नजर भाजपा के अंतर्विरोधों और सीट खाली होने के बाद बनी असमंजस की स्थिति पर है, जिसे वह अपने पक्ष में भुनाना चाहती है। क्यों है यह चुनाव महत्वपूर्ण? रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर पिछले दो दशकों से भाजपा का कब्जा है। बृजमोहन अग्रवाल ने 2023 के विधानसभा चुनाव में यहां से बड़ी जीत दर्ज की थी और बाद में छत्तीसगढ़ सरकार में शिक्षा मंत्री बनाए गए थे। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में रायपुर से सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे उपचुनाव की नौबत आई। अब भाजपा के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का सवाल बन चुकी है, वहीं कांग्रेस इसे जीतकर अपने प्रदर्शन में सुधार करने का सुनहरा मौका मान रही है। इस चुनाव के नतीजे राज्य की राजनीति पर भी व्यापक असर डाल सकते हैं, खासकर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले। रायपुर दक्षिण सीट पर होने वाले इस उपचुनाव को लेकर क्षेत्र के मतदाताओं में भी उत्सुकता है। जनता के बीच यह चर्चा का विषय है कि भाजपा अपने गढ़ को बचा पाएगी या कांग्रेस इस बार कोई इतिहास रचेगी। दोनों ही पार्टियों के लिए यह चुनाव बेहद अहम साबित हो सकता है, क्योंकि इसके नतीजे आने वाले चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित करेंगे।  

ऐतिहासिक उपलब्धि :  जशपुर के 30 बच्चों के नाम पहुंचेंगे बृहस्पति के उपग्रह यूरोपा,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल को कहा – थैंक्यू सर

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यूरोपा क्लीपर स्पेसक्राफ्ट के साथ अंतरिक्ष यात्रा पर बच्चों के नाम हुए रवाना, 2030 में पहुंचेगा यूरोपा पर नासा का मिशन जशपुर, 15 अक्टूबर 2024: जशपुर जिले के 30 बच्चों के नाम अब अंतरिक्ष में भेजे गए हैं, जो बृहस्पति के उपग्रह यूरोपा तक की यात्रा पर निकले हैं। नासा के यूरोपा क्लीपर नामक अंतरिक्ष यान ने सोमवार को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरी। इस यान का उद्देश्य बृहस्पति के चंद्रमा यूरोपा पर जीवन की संभावनाओं की तलाश करना है। इस ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा में जशपुर के बच्चों, शिक्षकों और जिलाधीश डॉ. रवि मित्तल के नाम भी सिलिकॉन चिप में दर्ज किए गए हैं। इन नामों के साथ यह यान 2030 में यूरोपा पर पहुंचेगा। नवसंकल्प शिक्षण संस्थान के विषय विशेषज्ञ विवेक पाठक ने बताया कि इस पहल का मकसद बच्चों में विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति रुचि जागरूक करना है। इससे पहले भी नासा के परसिविएन्स रोवर के जरिए जिले के सैंकड़ों बच्चों के नाम मंगल ग्रह पर भेजे गए थे। गम्हरिया की छात्रा आकांक्षा तिर्की ने इस अवसर पर कहा, “हमारे नाम के साथ हम महसूस कर रहे हैं कि हम भी अंतरिक्ष की यात्रा कर रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व का क्षण है।” वहीं, छात्रा प्रीति निराला ने कहा, “अब जब भी बृहस्पति को देखेंगे, हमें गर्व होगा कि हमारे नाम यूरोपा पर पहुंच गए हैं।” यह पहल बच्चों में विज्ञान और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन को इस ऐतिहासिक प्रयास के लिए आभार व्यक्त किया गया।    

बिग ब्रेकिंग: सूरजपुर दोहरे हत्याकांड का आरोपी कुलदीप साहू गिरफ्तार,पूछताछ जारी

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सूरजपुर,15 अक्टूबर 2024 : दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी कुलदीप साहू को बलरामपुर पुलिस ने झारखंड की ओर से आ रही एक यात्री बस से गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल आरोपी को साइबर सेल में रखा गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। कुलदीप साहू ने सूरजपुर में कोतवाली थाना के प्रधान आरक्षक तालिब शेख के घर का दरवाजा तोड़कर उसकी पत्नी और मासूम बेटी की धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी थी। इसके बाद दोनों के शवों को पीढ़ा गांव के गोठान के पास फेंक दिया। इस खौफनाक घटना से पहले, कुलदीप साहू ने कोतवाली थाना के सामने प्रधान आरक्षक तालिब शेख और प्रधान आरक्षक उदय सिंह को कार से कुचलने की भी कोशिश की थी। रात में एक अन्य आरक्षक पर उबलता तेल डालकर हमला किया, जिसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर किया गया। एसपी एम आर आहिरे ने आज सुबह लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की बात कही थी, जो अब पूरी हो चुकी है।

मुख्यमंत्री साय ने बस्तर दशहरा के लिए “दसराहा पसरा” का किया लोकार्पण, जनजातीय संस्कृति की विशिष्ट धरोहर का हुआ संरक्षण

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जगदलपुर, 15 अक्टूबर,2024 – छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर दशहरा उत्सव के लिए समर्पित “दसराहा पसरा” का लोकार्पण किया, जो बस्तर की जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित और प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। 2 करोड़ 99 लाख 78 हजार की लागत से जीर्णोद्धारित इस स्थल का उद्देश्य बस्तर दशहरा की विभिन्न रस्मों और रीति-रिवाजों को सहेजकर पर्यटकों और आमजन को सुलभ जानकारी प्रदान करना है। मुख्यमंत्री साय ने मुरिया दरबार में शामिल होने के दौरान, दंतेश्वरी मंदिर के समीप पुराने तहसील कार्यालय को “दसराहा पसरा” के रूप में पुनर्निर्मित कर जनजातीय परंपराओं का सम्मान किया। उन्होंने बस्तर दशहरा की रस्मों के प्रतीकात्मक रथ, देवी-देवताओं के प्रतीकों और प्रदर्शनी की सराहना की, और फोटो प्रदर्शनी के समीप फोटो खिंचवाई। यह स्थल बस्तर दशहरा उत्सव के 75 दिवसीय समारोह में होने वाली प्रमुख रस्मों जैसे पाट जात्रा, डेरी गढ़ाई, काछन गादी, रैला देवी पूजा, जोगी बिठाई, रथ परिक्रमा, बेल पूजा और अन्य महत्वपूर्ण परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगा। बस्तर दशहरा न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देशभर में अनूठी पहचान रखने वाला त्योहार है, जो बस्तर के जनजातीय समुदायों की देवी-देवताओं के प्रति आस्था और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने इस पहल को बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और विश्व पटल पर बस्तर की परंपराओं को प्रस्तुत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर वनमंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, कांकेर सांसद भोजराज नाग, विधायक किरण देव, कोंडागांव विधायक लता उसेण्डी, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, महापौर सफीरा साहू और अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधियों के साथ कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर हरिस एस. और एसपी शलभ सिन्हा मौजूद रहे। बस्तर दशहरा, बस्तर की जनजातीय संस्कृति की समृद्ध धरोहर को संरक्षित करने और उसे दुनिया के सामने लाने का एक महान आयोजन है, जो इस क्षेत्र की विशिष्ट परंपराओं और रीति-रिवाजों को जीवंत बनाए रखता है।  

नशीली दवा खिलाकर युवती से गैंगरेप,मरा समझकर दरिंदों ने फेंका,टीएस सिंहदेव के हस्तक्षेप से 48 घण्टे बाद पुलिस ने लिखी रिपोर्ट,राजनीति शुरू

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सेंट्रल डेस्क,खबर जनपक्ष 15 अक्टूबर 2024 छत्तीसगढ़ में भरोसे का कत्ल करते हुए सामूहिक दुष्कर्म की शर्मनाक घटना सामने आई है।एक ही स्कूल में पढ़नेवाले छात्र ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर क्रूरता की है। दरअसल, सूरजपुर जिले से एक 19 वर्षीय युवती के साथ नशीली दवाई खिलाकर सामूहिक बलात्कार और फिर बेहोशी की हालत में सड़क किनारे फेंकने की घटना सामने आई है। इस शर्मनाक घटना के बाद पीड़िता और उसके परिजन रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भटकते रहे, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के हस्तक्षेप के बाद 48 घंटे बाद मामला दर्ज किया गया और पीड़िता का इलाज शुरू हो सका। घटना 12 अक्टूबर की है, जब श्रीनगर थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती दशहरा देखने के लिए घर से निकली थी। अगले दिन राहगीरों ने उसे घायल अवस्था में उसके घर पहुंचाया। होश में आने पर पीड़िता ने बताया कि उसके साथ पढ़ने वाले छात्र और तीन अन्य लोगों ने उसे नशीली दवा देकर बलात्कार किया और विरोध करने पर उसे बुरी तरह पीटा। आरोपियों ने उसे मरा समझकर सड़क किनारे फेंक दिया। परिजनों ने आरोप लगाते हुए बताया कि जब पुलिस के पास रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे, तो पुलिस ने मुख्यमंत्री के आगमन के कारण व्यस्तता का हवाला देकर मामला दर्ज करने से मना कर दिया। इस दौरान  डॉक्टर ने बिना पुलिस रिपोर्ट के पीड़िता का इलाज करने से भी इनकार कर दिया। जब पूर्व विधायक खेल साय सिंह ने टीएस सिंहदेव को इस घटना की जानकारी दी, तब सिंहदेव ने आईजी अंकित गर्ग से संपर्क कर तत्काल रिपोर्ट दर्ज करने और पीड़िता का इलाज शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद पीड़िता को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। टीएस सिंहदेव ने पुलिस की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल भी देर रात अस्पताल पहुंचकर पीड़िता और उसके परिजनों से मिला। पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसके साथ स्कूल में पढ़ता था और उसने उसे नशीली दवाई दी, जिसके बाद उसने और उसके साथियों ने उसके साथ रेप किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लैलूंगा में उरांव करमा महोत्सव में की कई घोषणाएं

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रायगढ़, 14 अक्टूबर 2024 / लैलूंगा में आयोजित उरांव समाज के करमा महोत्सव में आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय विशेष रूप से शामिल हुए। उनका हेलिकॉप्टर कुंजारा हैलीपैड पर लैंड हुआ, जिसके बाद वे सड़क मार्ग से सीधे इंद्रप्रस्थ मिनी स्टेडियम पहुंचे और उरांव समाज को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्टेडियम के जीर्णोद्धार के लिए 40 लाख रुपए, उरांव समाज भवन के निर्माण के लिए 49 लाख रुपए, और बास्केटबॉल स्टेडियम के लिए 20 लाख रुपए की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अन्य विकास कार्य भी जल्द ही पूरे किए जाएंगे। अपने भाषण में मुख्यमंत्री साय ने उरांव जनजाति के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए उनकी संस्कृति और परंपराओं की सराहना की। इस अवसर पर उरांव समाज के नेताओं ने मुख्यमंत्री को रोहतासगढ़ किले की तस्वीर भेंट की, जो उरांव जनजाति के राजा का किला था और जहां से उन्होंने मुगलों के खिलाफ युद्ध किया था। मंच पर हिंदू स्वाभिमानी सूर्य की उपाधि प्राप्त प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया और उरांव समाज के कई प्रमुख नेता उपस्थित थे।