*बड़ी खबर: 20 लाख के चार इनामी माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, लोन वर्राटू अभियान के तहत हुई बड़ी सफलता**मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पुनर्वास नीति का बड़ा असर*

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 रायपुर/दन्तेवाड़ा,22 सितंबर2024 – लोन वर्राटू (घर वापस आइए) अभियान के तहत दंतेवाड़ा जिले में माओवादी गतिविधियों पर एक और बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। विष्णु सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर, माओवादी दंपति सहित 20 लाख रुपये के चार इनामी माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पित माओवादियों में रीजनल कंपनी नंबर 02 के दो सदस्य, एक उत्तर सब जोनल ब्यूरो में सक्रिय राजनीतिक टीम की सदस्य और एक केएएमएस (क्रांतिकारी आदिवासी महिला संगठन) की पूर्व अध्यक्ष शामिल हैं। शासन ने इन पर क्रमशः 8-8 लाख, 3 लाख और 1 लाख रुपये के इनाम घोषित किए थे। माओवादियों की पृष्ठभूमि रीजनल कंपनी नंबर 02 के सदस्य हुंगा तामो और उनकी पत्नी आयती ताती, दोनों पर 8 लाख रुपये का इनाम था। हुंगा तामो 2018 में छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर पुलिस पार्टी पर हमले में शामिल था। वहीं, राजनीतिक टीम सदस्य देवे वंजाम नए कैडर को नक्सली विचारधारा सिखाने का कार्य करती थी, जिस पर 3 लाख रुपये का इनाम था। इनके अलावा, केएएमएस की पूर्व अध्यक्ष माड़वी आयते, जिन पर 1 लाख रुपये का इनाम था, भी आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल थी। माओवादियों ने लोन वर्राटू अभियान और छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर यह निर्णय लिया। नक्सल संगठनों में बढ़ते मतभेद, अमानवीय जीवनशैली, और जंगलों में कठिन जीवन ने इन माओवादियों को समाज की मुख्यधारा में वापस लौटने पर मजबूर किया। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने अपने भविष्य को समाज में सकारात्मक योगदान देने का संकल्प लिया है। अभियान की अब तक की उपलब्धियां लोन वर्राटू (घर वापस आइए) अभियान और पुनर्वास नीति के तहत अब तक 872 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जिसमें 197 इनामी माओवादी शामिल हैं। जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ की मदद से चलाए जा रहे इस अभियान में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई है। पुनर्वास और पुनर्स्थापन आत्मसमर्पित माओवादियों को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही, उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण और आवास की सुविधा भी प्रदान की जाएगी ताकि वे समाज में पुनर्वासित होकर एक नई शुरुआत कर सकें। इस सफलता के पीछे जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और बस्तर फाइटर्स का विशेष योगदान रहा है।  

*’मोदी है तो सम्भव है’ पुस्तक का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया विमोचन* *रामेश्वर वैष्णव द्वारा रचित है पुस्तक

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रायपुर, 22 सितंबर 2024/छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार रात रायपुर स्थित निवास कार्यालय में सुप्रसिद्ध साहित्यकार, गीतकार रामेश्वर दास वैष्णव द्वारा रचित पुस्तक ’मोदी है तो सम्भव है’ का विमोचन किया। विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुस्तक के लेखक रामेश्वर दास वैष्णव को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में प्रत्येक क्षेत्र में ऐतिहासिक काम हुए हैं। साथ ही देश के प्रत्येक वर्ग का सर्वांगीण विकास हुआ है। ऐसे में उन्होंने साहित्यिक रचना हेतु पुस्तक के लेखक को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों को अलग अंदाज में मुक्तकों के द्वारा प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री के प्रेस ऑफिसर आलोक सिंह, सुप्रसिद्ध रंगकर्मी अनिल शर्मा, लेखक विजय मिश्रा ’अमित’, सतीश शर्मा, पत्रकार योगेश मिश्रा, प्रमोद मिश्रा, हेमंत शर्मा उपस्थित रहे।

महामहिम द्रौपदी मुर्मू ने नक्सल पीड़ितों की कहानी उनकी जुबानी सुनी,पीड़ितों ने मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जताया आभार

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  नई दिल्ली, 22 सितंबर 2024 – छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र से 70 लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल आज राष्ट्रपति भवन पहुंचा, जहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा की। बस्तर में दशकों से माओवाद के आतंक का सामना कर रहे ये लोग, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल के तहत अपनी आवाज देश की सर्वोच्च सत्ता तक पहुंचाने में सक्षम हुए। राष्ट्रपति ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को अवगत कराया कि बस्तर के लोग पिछले 40 वर्षों से माओवादी आतंक का शिकार हो रहे हैं।जिनमें से कुछ लोग आपके सामने जीवित बचकर आये हैं।उन्होंने बताया कि माओवादियों के हमलों में हजारों लोग मारे गए हैं और सैकड़ों स्थायी रूप से अपंग हो चुके हैं। बारूदी सुरंगों और बम विस्फोटों ने न केवल उनके शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि मानसिक रूप से भी उन्हें गहरा आघात दिया है। उन्होंने बताया कि माओवादी आतंक ने उनके घरों, जमीन और सांस्कृतिक धरोहर को बर्बाद कर दिया है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले ढाई दशकों में 8,000 से अधिक लोग इस हिंसा के शिकार हुए हैं, और आज भी कई लोग नक्सलियों के डर में जी रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के सामने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सराहना करते हुए बताया कि  बस्तर में शांति बहाली और विकास के कई महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय की संवेदनशील पहल के तहत बस्तर के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उनकी योजनाओं ने बस्तरवासियों में एक नई उम्मीद का संचार किया है। प्रतिनिधियों ने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने न केवल नक्सल उन्मूलन के लिए ठोस कदम उठाए हैं, बल्कि वहां के लोगों को एक बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करने के लिए भी काम किया है। उनके नेतृत्व में बस्तर में शांति बहाली और पुनर्निर्माण के लिए गम्भीर प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर शांति समिति के प्रतिनिधियों मंगऊ राम कावड़े और जयराम दास ने राष्ट्रपति से अपील की कि बस्तर को माओवादी आतंक से मुक्त कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने बस्तर को फिर से उसकी प्राकृतिक सुंदरता और शांति लौटाने की मांग की। महामहिम द्रौपदी मुर्मू ने प्रतिनिधियों की पीड़ा को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि सरकार बस्तर में शांति और विकास के लिए हरसंभव कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि बस्तरवासियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नक्सलवाद से मुक्ति पाने के लिए  छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री की नई पहल की राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है।यह मुलाकात नक्सल पीड़ितों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है। वहीं,राष्ट्रपति से मिलने का यह अवसर बस्तरवासियों के लिए एक आशा की किरण साबित हो सकता है, जो वर्षों से नक्सली हिंसा के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।नक्सल प्रभावित लोगों में उम्मीद जागी है,जो आने वाले समय में बस्तर के भविष्य को एक नई दिशा दे सकता है।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में 76 हजार से ज्यादा बच्चों तक पहुंचेगा पोषण,आईआईटी मुम्बई भी बना सहयोगी

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*जशपुर में अब तक 60 हज़ार से अधिक बच्चों की वजन त्यौहार में हुई जांच* *जनप्रतिनिधियों से लेकर जनसमुदाय तक सभी बन रहे अभियान के सहभागी* *जशपुर, 20 सितम्बर 2024/* जशपुर जिले में 01 से 30 सितंबर तक पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, मितानिन, 0 से 6 वर्ष के बच्चों के अभिभावकों को शामिल करते हुए महिला बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा संयुक्त रूप से प्रत्येक आंगनबाड़ी में कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तहत महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं, सहायिकाएं प्रतिदिन आंगनबाड़ियों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। जिसके अंतर्गत महिलाओं के साथ एनीमिया पर चर्चा के साथ उनकी एनीमिया की जांच भी की जा रही है, पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण के ऊपर जन समुदाय को जागरूक करने के साथ टेक्नोलॉजी का सरकारी कामकाज अनुप्रयोग विषय पर भी चर्चा की जा रही है जिसका थीम है ‘टेक्नोलॉजी फॉर गवर्नेंस एरियाज इनफ्लुएंसिंग न्यूट्रिशन‘। इसके माध्यम से सरकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का लाभ प्रथम गर्भवती महिलाओं को दिलाना, जिसकी एंट्री ऑनलाइन होती है एवं आंगनबाड़ी में बच्चों की सभी जानकारियों की एंट्री पोस्ट ट्रैकर में करते हुए उन्हें लाभान्वित करना आदि किया जा रहा है। *पोषण माह से समुदाय में आ रही जागरूकता* मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप पोषण माह के अंतर्गत महिलाओं बच्चों को लाभान्वित करने के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ उन्हें पहुंचा जा रहा है जैसे प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत जो माताएं लाभान्वित होने से छूट गई थी उन्हें लाभ दिलाया जा रहा है।पोषक आहार पर दिए गए ज्ञान से गर्भवती महिलाओं के खान-पान में सुधार देखने को मिल रहा है ।वे अब प्रोटीन को अपने आहार में शामिल कर रही हैं, पोषण माह मानने से आंगनबाड़ी में जन समुदाय की भागीदारी बढ़ी है साथ ही साथ वजन त्यौहार भी मनाया जा रहा है जिसमें जनप्रतिनिधि भी शामिल होकर जनसमुदाय को स्वस्थ एवं पोषण के संबंध में जागरूक करने सामने आ रहे हैं और अपनी भागीदारिता निभा रहे हैं। *आईआईटी मुम्बई भी पोषण अभियान में है साथी* जशपुर में आईआईटी मुम्बई के द्वारा पोषण माह में अपना योगदान दिया जा रहा है। जिसमें आईआईटी मुम्बई के मार्गदर्शन में सभी को सही पोषण, स्वस्थ बच्चा एवं सही स्तनपान के महत्व को अच्छे से लोगों समझाने में मदद की जा रही है। वजन त्यौहार में 0 से 6 वर्ष के सभी बच्चों का वजन लेकर बच्चों की पोषण स्थित उनके अभिभावकों को बताया जा रहा है एवं उनके आहार में सुधार एवं पोषण पुनर्वास केंद्रों में भेजने के लिए सलाह भी दिया जा रहा है। *जिले के 76 हज़ार बच्चों को मिलेगा लाभ* जशपुर जिले के लगभग 4115 आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण माह अभियान चलाया जा रहा है। जिसका लाभ जिले के 76 हजार से अधिक बच्चों को प्राप्त होगा। अभी तक के वजन त्यौहार में 60 हज़ार बच्चों का वजन लेकर ऑनलाइन एंट्री की जा चुकी है।

स्पेशल 72,ब्लाइंड मर्डर केस : दुष्कर्म के बाद पैसे मांगने पर परिचितों ने कर दी हत्या,हत्यारे जेल की सलाखों में

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हवस की आग में महिला की हत्या करने का सनसनीखेज मामले का खुलासा क्राइम किलर एसपी शशिमोहन सिंह ने खुद के दिये टारगेट 72 घण्टे के भीतर करते हुए दरिंदों को जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिया। पढ़िए क्राइम स्टोरी,,,, जशपुर, 21 सितंबर 2024: जशपुर जिले में घटित अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने महज 72 घंटों के भीतर सुलझा लिया है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम भभरी में 30 फीट गहरी खाई से एक अज्ञात महिला का शव मिला था, जिसकी पहचान और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए जशपुर पुलिस ने सघन अभियान चलाया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी राजेन्द्र राम मिंज (30) और उसके सहयोगी संजय राम भगत (30) को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी शशिमोहन सिंह ने अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए बताया कि 17 सितंबर की रात, आरोपियों ने महिला के साथ दुष्कर्म किया और पैसे मांगने पर उसकी हत्या कर दी। मृतिका ने आरोपी से पूर्व में लंबित एक केस की पेशी में जाने के लिए 4000 रुपये मांगे थे। पैसे न देने पर महिला ने आरोपी को किसी केस में फंसा देने की धमकी दी, जिसके बाद आरोपी ने गला दबाकर और डंडे से मारकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद, शव को भभरी के जंगल में फेंक दिया गया। उन्होंने आगे बताया,आरोपी राजेन्द्र राम मिंज के कपड़ों पर खून के धब्बे मिलने से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिससे जांच की दिशा और स्पष्ट हुई। आरोपियों से घटना में इस्तेमाल की गई मोटर साइकिल, लकड़ी, डंडा और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए गए हैं। सिटी कोतवाली मेंअपराध क्रमांक 225/2024 के तहत धारा 103(1), 70(1), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में इस मामले की विवेचना की गई और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। इस कठिन और संवेदनशील मामले को सुलझाने वाली पुलिस टीम को एसपी द्वारा नगद इनाम से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है। स्पेशल 72,ब्लाइंड मर्डर केस की विवेचना कार्यवाही एवं आरोपियों की गिरफ्तारी में एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा, निरीक्षक रविशंकर तिवारी, उप निरीक्षक सरिता तिवारी, स.उ.नि. चंद्रप्रकाश त्रिपाठी, आर. 350 हेमंत कुजूर, आर. 178 विनोद तिर्की, आर. शोभनाथ सिंह, न.सै. थानेश्वर देशमुख, सायबर सेल से उप निरीक्षक नसरूद्दीन अंसारी, स.उ.नि. हरिशंकर सिंह, आर. अनिल सिंह, आर. संदीप  का योगदान रहा है।

ताजा खबर:विष्णु सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक खत्म,लिए महत्त्वपूर्ण निर्णय,विस्तार से पढ़ें,,,

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*रायपुर,20 सितम्बर 2024* मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –  मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण तथा बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। राज्य मंत्रिमण्डल ने राज्य में गठित पांचों विकास प्राधिकरणों के पुनर्गठन आदेश में आंशिक रूप से संशोधन की मंजूरी दी है। इस संशोधन से पांचों प्राधिकरणों में जनप्रतिनिधित्व का दायरा काफी विस्तृत किया गया है। पांचों प्राधिकरणों में अब राज्य मंत्रिमण्डल के सभी मंत्रीगणों को सदस्य के रूप में शामिल करने के साथ ही संबंधित क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद एवं प्राधिकरण क्षेत्रों के जिला पंचायत अध्यक्षों को अब इसका सदस्य बनाया गया है। पांचों प्राधिकरणों में प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। शेष सभी सदस्य यथावत रहेंगे। *छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण* छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में प्रस्तावित संशोधन को मंत्रिमण्डल ने मंजूरी दी, जिसके तहत मुख्यमंत्री प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं क्षेत्र के विधायक उपाध्यक्ष होंगे। इस प्राधिकरण में सदस्य के रूप में शामिल पूर्व में मात्र तीन विभागों के मंत्री के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त माननीय मंत्रीगणों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण क्षेत्र के जिला पंचायत अध्यक्ष प्राधिकरण के सदस्य होंगे। प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को प्राधिकरण के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुसार पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल 35 विधायकगणों को और अन्य सदस्यों को यथावत रखा गया है। *सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण* सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में संशोधन किया गया है। माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं क्षेत्र के विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) उपाध्यक्ष होंगे। पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल आदिम जाति कल्याण विभाग मंत्री एवं वित्त मंत्री के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगण प्राधिकरण के सदस्य होंगे। प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण क्षेत्र के जनजाति बाहुल्य जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष भी अब प्राधिकरण के सदस्य होंगे। आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुसार इसमें सदस्य के रूप में शामिल 14 विधायकगणों को यथावत शामिल किया गया है। *अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण* माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा विधायक (अ.जा. आरक्षित) प्राधिकरण के उपाध्यक्ष होंगे। राज्य मंत्रिमण्डल के दो मंत्रियों के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के सभी मंत्रीगणों, संबंधित क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण के जिला पंचायत अध्यक्ष (अ.जा.), अनुसूचित जाति विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव इस प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुरूप सदस्य के रूप में शामिल किए गए 10 विधायकों को यथावत रखा गया है। *मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण* मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा क्षेत्र के विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) उपाध्यक्ष होंगे। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में किए गए संशोधन के अनुसार अब दो मंत्रीगणों के स्थान पर राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगणों तथा प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद एवं जिला पंचायत अध्यक्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इस प्राधिकरण में आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को सदस्य के रूप मंे तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे। इस प्राधिकरण में पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल 12 विधायकों को यथावत रखा गया है। *बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण* माननीय मुख्यमंत्री जी इस प्राधिकरण के अध्यक्ष और प्राधिकरण क्षेत्र के निर्वाचित विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) इसके उपाध्यक्ष होंगे। पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल मात्र दो मंत्रियों के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगणों, प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद तथा प्राधिकरण क्षेत्र के जनजातीय बाहुल्य जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग इस प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे। प्राधिकरण में सदस्य के रूप में पूर्व में शामिल 12 विधायकगणों को यथावत सदस्य रखा गया है।  मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान मद से 262 व्यक्ति एवं संस्थाओं को 4 करोड़ 56 लाख 72 हजार रूपये स्वीकृत राशि का अनुमोदन किया गया।  राज्य के शहरों के सुव्यवस्थित विकास और राज्य की विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मंत्रिपरिषद द्वारा एक बड़ा निर्णय लिया गया। जिसके तहत भूखण्डों का पुनर्गठन और प्रदेश में स्वीकृत विकास योजना के क्रियान्वयन हेतु शहरी विकास नीति (टी.डी.एस.) का अनुमोदन किया गया। इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने हेतु आवास एवं पर्यावरण विभाग को अधिकृत किया गया है। प्रदेश में विकास योजनाओं में प्रस्तावित जनोपयोगी भूमि के समुचित रूप से विकास करने, अतिक्रमण तथा अवैध निर्माणों को हतोत्साहित करने एवं शहरी आबादी को आधुनिक नागरिक सुविधाओं के अभाव और असुविधाओं के निराकरण के लिए इस शहरी विकास नीति का निर्धारण किया गया है। नगर विकास योजना आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक अथवा अन्य प्रयोजन हेतु क्रियान्वित की जा सकेगी।

जशपुर पुलिस का “ऑपरेशन शंखनाद” जारी: 13 मवेशियों को तस्करी से बचाया, 2 आरोपी गिरफ्तार,मुख्य तस्कर पर भी कसेगा शिकंजा

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जशपुर, 20 सितंबर 2024: जशपुर पुलिस के “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत आज सुबह एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई जब 13 मवेशियों को तस्करी से बचाया गया और 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मवेशियों का मालिक और मुख्य तस्कर फिलहाल फरार है, जिसकी पुलिस द्वारा तलाश जारी है। यह कार्रवाई थाना आस्ता क्षेत्र के नडार जंगल में की गई। पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह को आज सुबह सूचना मिली कि कुछ मवेशी तस्कर सन्ना क्षेत्र से गौ-वंश की तस्करी करते हुए आस्ता के जंगली रास्ते से झारखंड ले जा रहे हैं। इस सूचना के आधार पर, थाना प्रभारी आस्ता उप निरीक्षक संतोष सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नडार के जंगल में चारों ओर से घेराबंदी कर 2 आरोपियों—गुलाब राम (28 वर्ष) और दिनेश तिग्गा (25 वर्ष)—को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से तस्करी की जा रही 13 मवेशियों को बरामद किया। पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा पूछताछ के दौरान, आरोपी गुलाब राम ने खुलासा किया कि आस्ता थाना क्षेत्र का एक गौ-तस्कर उससे 8,000 रुपये में 2 मवेशी खरीद चुका था। उसी तस्कर ने गुलाब राम और दिनेश तिग्गा से कहा कि वे 500-500 रुपये लेकर मवेशियों को खड़कोना गांव तक पहुंचाएं, जहां से वह उन्हें झारखंड के बिर्री गांव ले जाएगा। इसी योजना के तहत आरोपी क्रूरतापूर्वक मवेशियों को सन्ना क्षेत्र से नडार जंगल के पास ले आए थे। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 एवं पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। दोनों आरोपियों को आज न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी आस्ता उप निरीक्षक संतोष सिंह, सहायक उप निरीक्षक अमरबेल मिंज, प्रधान आरक्षक सुरेश गौर, प्रधान आरक्षक संदीप तिग्गा, प्रधान आरक्षक कोसमोस बड़ा, आरक्षक जगनारायण राम, आरक्षक अबिज मिंज और अन्य स्टाफ का विशेष योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा, “थाना आस्ता की पुलिस टीम ने आज तस्करी की जा रही 13 मवेशियों को जप्त कर 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी फरार है, जिसे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।”  

ताजा खबर : अवैध रेत उत्खनन और भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, 140 ट्रिप रेत जप्त कर तहसीलदार ने माफियाराज को दिया बड़ा झटका

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नदी का जलस्तर घटते ही रेत माफिया अपने कारोबार का मकड़जाल फैलाने लगे हैं,जिसे हटाने के लिए जिला कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार ने बड़ी कार्रवाई करके सरकार की मंशा स्पष्ट कर दी है। जांजगीर-चांपा,20 सितंबर 2024/ जिले के शिवरीनारायण में अवैध रेत उत्खनन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। तहसीलदार अविनाश चौहान के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में अलग-अलग जगहों पर अवैध रूप से भंडारित 140 ट्रिप रेत को जप्त किया गया है। महानदी का जल स्तर घटते ही रेत माफियाओं ने अपनी गतिविधियों को फिर से तेज कर दिया था। ये माफिया लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन और भंडारण के जरिए काली कमाई कर रहे थे। लेकिन प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। शिवरीनारायण क्षेत्र में रेत माफियाओं का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा था। प्रशासन द्वारा पहले भी कई बार कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन रेत माफिया लगातार सक्रिय बने हुए थे। अवैध कारोबारियों पर नकेल कसने के लिए तहसीलदार अविनाश चौहान और उनकी टीम ने मिलकर यह कार्रवाई अंजाम दी। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध रेत उत्खनन में संलिप्त माफियाओं में हड़कंप मच गया है। उम्मीद है कि इस सख्ती से क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार पर कुछ हद तक लगाम लगाई जा सकेगी। जांजगीर-चांपा प्रशासन अवैध रेत उत्खनन और भंडारण के खिलाफ कड़ा रुख अपना रहा है। तहसीलदार अविनाश चौहान और उनकी टीम की इस कार्रवाई को स्थानीय लोगों ने भी सराहा है। प्रशासन का कहना है कि अवैध रेत कारोबार को खत्म करने के लिए आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।  

जरूरी खबर: दशहरा से लेकर गर्मी छुट्टी में 64 दिन स्कूल रहेंगे बंद,शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश,आदेश आज से प्रभावी

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 रायपुर,20 सितंबर 2024/ यह खबर छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक संस्थानों और उनमें पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए महत्त्वपूर्ण है। आज एक आदेश छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी किया गया है, जिसमें शैक्षणिक सत्र 2024-25 के दौरान शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर-अनुदान प्राप्त शालाओं और महाविद्यालयों में अवकाश की तारीखों की घोषणा की गई है। आदेश के अनुसार निम्नलिखित अवकाश घोषित किए गए हैं: 1. दशहरा अवकाश: 7 अक्टूबर 2024 से 12 अक्टूबर 2024 तक, कुल 6 दिन। 2. दीपावली अवकाश: 28 अक्टूबर 2024 से 2 नवंबर 2024 तक, कुल 6 दिन। 3. शीतकालीन अवकाश: 23 दिसंबर 2024 से 28 दिसंबर 2024 तक, कुल 6 दिन। 4. ग्रीष्मकालीन अवकाश: 1 मई 2025 से 15 जून 2025 तक, कुल 46 दिन।   कुल मिलाकर, इन अवकाशों की अवधि 64 दिन की रहेगी। यह आदेश सभी संबंधित अधिकारियों, बोर्डों, और स्कूलों को सूचित कर दिया गया है ताकि वे इसके अनुसार आवश्यक कार्यवाही कर सकें। अवकाश की घोषणा शासकीय, अनुदान प्राप्त और गैर-अनुदान प्राप्त शालाओं/महाविद्यालयों के लिए समान रूप से लागू।यह आदेश राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों को अवकाश की स्पष्ट योजना बनाने और छात्रों एवं शिक्षकों को इसके अनुसार तैयार होने में मदद करेगा।  

*युवाओं के कौशल विकास और सशक्तिकरण के लिए प्रदेश में तेजी से हो रहा है कार्य : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

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*मुख्यमंत्री भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित युवा उत्सव 3.0 में हुए शामिल* रायपुर 20 सितंबर 2024// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित युवा उत्सव 3.0 में शामिल हुए।मुख्य अतिथि के रूप में संघ ने उनका स्वागत किया। सीएम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का नारा दिया है और वे हमेशा कहते हैं कि युवाओं को जॉब गिवर बनना चाहिए ना की जॉब सीकर। निश्चित रूप से विकसित भारत बनाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं पर है और इस लक्ष्य को पाने में छत्तीसगढ़ की युवाशक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है । मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह खुशी की बात है कि आपने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत की संकल्पना को अपने आयोजन की थीम बनाया है। युवा उत्सव के दौरान अलग-अलग विषयों को लेकर पैनल डिस्कशन होंगे, जिसमें युवाओं के लिए उद्यम में अवसर पर बात होगी। सीआईआई और यंग इंडियन्स की इस पहल से वर्तमान और भावी पीढ़ी को सफल उद्यमी बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत नए जमाने की प्रौद्योगिकी और रोजगार जरूरतों के मुताबिक स्किल डेवलपमेंट करने और शिक्षा देने की बात पर जोर दे रहा है। इसी कड़ी में हम प्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्र के युवाओं को अब रोबोटिक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे तकनीकी विषय पढ़ा रहे हैं। प्रदेश के स्कूलों में स्किल डेवलपमेंट का कोर्स शामिल करने से पढ़ाई के साथ ही बच्चे हुनरमंद भी हो रहे हैं। श्री साय ने कहा कि हमारे साथ उद्योग जगत के लोग बैठे हैं। आप सभी जानते है कि प्रदेश में प्रशिक्षित कुशल इंजीनियरों की बहुत अधिक मांग है। इस मांग को पूरी करने हम छत्तीसगढ़ में नए प्रौद्योगिकी संस्थान आरंभ करने जा रहे हैं। इस बजट में हमने आईआईटी की तर्ज पर पांच सीआईटी आरंभ करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके पैदा कर रही है। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग में 650 पदों पर मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। एक हफ्ते पहले हमने पुलिस में विभिन्न पदों में भर्तियों के लिए स्वीकृति दी है। नालंदा की तर्ज पर हम सभी नगरीय निकायों में हाईटेक लाइब्रेरी बनवा रहे हैं। नवा रायपुर को हम आईटी हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने सिंगल विण्डो सिस्टम 2.0 लागू किया है और नई उद्योग नीति भी ला रहे है। छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना के माध्यम से हम युवा उद्यमियों को बढ़ावा देंगे। इसके लिए प्रदेश के युवाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ ब्याजमुक्त ऋण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश मूलतः कृषि आधारित होने से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग क्षेत्र में विकास की बड़ी संभावनाएं है। छत्तीसगढ़ फूड प्रोसेसिंग का वैश्विक केंद्र बनेगा। हवाई कार्गाे सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि इन उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ा जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सरगुजा और बस्तर को विकास की मुख्यधारा में शामिल कर अर्थव्यवस्था को विस्तार दे रहे हैं। इन दोनों ही संभागों में आप लोगों के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। दोनों ही जगहों में जैविक उत्पाद और लघु वनोपज को लेकर भी बड़ा काम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए हम प्रदेश में कार्य कर रहे हैं। हमने अपना बजट वर्ष 2047 के विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्यों को देखते हुए तैयार किया है। श्री साय ने कहा कि मुझे उम्मीद है हमारे छत्तीसगढ़ प्रदेश सहित देशभर का युवा राष्ट्र की मज़बूती में अपना योगदान देने में पीछे नहीं रहेगा। इस अवसर पर  संजय जैन, श्रीमती अनुजा भंडारी, गौरव अग्रवाल, श्रीमती श्वेता सहित सीआईआई छत्तीसगढ़ के पदाधिकारी उपस्थित थे।