मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक निलंबित

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  रायपुर, 20 सितंबर 2024: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कार्रवाई कर रही है। हाल ही में छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा छापी गई 2024-25 सत्र की नई पाठ्यपुस्तकों को कबाड़ में बेचे जाने की गंभीर घटना सामने आई, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लिया। इस मामले में लापरवाही पाए जाने पर पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक प्रेम प्रकाश शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक शिथिलता को लेकर कोई समझौता न करने का स्पष्ट संदेश देते हुए, घटना की जांच के निर्देश अपर मुख्य सचिव रेणु पिल्ले को दिए थे। जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर श्री शर्मा के खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत त्वरित कार्रवाई की गई है। यह निलंबन मुख्यमंत्री द्वारा प्रशासनिक शिथिलता और भ्रष्टाचार पर उनकी कड़ी नीति का प्रमाण है। सुशासन की सरकार में भ्रष्टाचार को कोई स्थान नहीं मुख्यमंत्री श्री साय ने हाल ही में आयोजित कलेक्टर एसपी कांफ्रेंस में स्पष्ट किया था कि भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए सुशासन और पारदर्शिता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। पाठ्य पुस्तक निगम के इस प्रकरण पर त्वरित कार्रवाई से यह संदेश और भी स्पष्ट हो गया है कि सरकार अब लापरवाह अधिकारियों पर सख्त नज़र रख रही है। प्रमुख विभागों में सख्त निगरानी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को पूरी तरह से खारिज किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह सुशासन की सरकार है, और भ्रष्टाचार के प्रति हमारा रुख पूरी तरह स्पष्ट है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतेंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” पाठ्य पुस्तक निगम की इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय का यह कड़ा प्रहार एक उदाहरण है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नई नियुक्तियों से विधायकों को मिली बड़ी जिम्मेदारी,सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष बनीं पत्थलगांव विधायक गोमती साय

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रायपुर, 20 सितंबर 2024: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विधायकों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के साथ बड़ी भूमिका दी गई है। हाल ही में जारी आदेश के अनुसार, पत्थलगांव की विधायक गोमती साय को सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो इस क्षेत्र के विकास के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं।   सरगुजा क्षेत्र के विकास को गति देने के उद्देश्य से गोमती साय को दी गई इस जिम्मेदारी से उनके राजनीतिक कद में भी बड़ा इजाफा हुआ है। इसके साथ ही बस्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी कोंडागांव की विधायक लता उसेंडी को सौंपी गई है। मध्य क्षेत्र और अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण में भी बड़ी नियुक्तियां की गई है। विष्णु सरकार ने मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर मरवाही के विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची को नियुक्त किया है, जो अब इस क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वहीं, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी विधायक गुरु खुशवंत साहेब को सौंपी गई है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में दुर्ग ग्रामीण के विधायक ललित चंद्राकर को नियुक्त किया गया है, जिनसे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई योजनाओं के क्रियान्वयन की उम्मीद की जा रही है। भाजपा जिला अध्यक्ष सुनील गुप्ता ने इन नियुक्तियों का स्वागत किया है।उन्होंने कहा कि  मुख्यमंत्री श्री साय की यह नियुक्तियां छत्तीसगढ़ के सभी क्षेत्रों में समग्र और संतुलित विकास के लिए एक महत्वपूर्ण  हैं। इन नियुक्तियों से न केवल स्थानीय विधायक सशक्त होंगे, बल्कि राज्य के दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों में विकास की नई उम्मीदें भी जागृत होंगी।सरकार की इस पहल से नवनियुक्त उपाध्यक्षों को क्षेत्रीय विकास में नई गति देने और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का मौका मिलेगा।  

सफलता की कहानी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा का नया अध्याय,नवसंकल्प शिक्षण संस्थान से सैकड़ों युवाओं के सपनों को मिला पंख

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जशपुर, 20 सितंबर 2024: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की शिक्षा के क्षेत्र में सार्थक पहल ने आदिवासी और विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के जीवन को नई दिशा दी है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन की इस पहल से युवाओं के लिए जशपुर में स्थापित नवसंकल्प शिक्षण संस्थान उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी करवा रहा है, जिसका लाभ अब तक सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उठाया है। संस्थान में पुलिस, शिक्षक, पीएससी, नेट, स्लेट, व्यापम, बैंकिंग, अग्निवीर, और एसएससी जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की जाती है। विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही इस कोचिंग के परिणामस्वरूप अब तक 150 से अधिक छात्र विभिन्न शासकीय सेवाओं में चयनित हो चुके हैं। आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए उम्मीद की किरण जशपुर जिले के बेलडीपा गाँव के रहने वाले नेहरूलाल राम, जिन्होंने एसएससी जीडी में सफलता पाई, बताते हैं कि पहले उन्हें परीक्षा की तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब जशपुर में ही नवसंकल्प संस्थान के माध्यम से निःशुल्क तैयारी की जा सकती है। इसी तरह सोगड़ा के सोनकश्यप प्रधान ने बताया कि उनके परिवार के पास बाहर जाकर कोचिंग कराने का खर्च उठाने की क्षमता नहीं थी, लेकिन संस्थान ने उन्हें एक नई उम्मीद दी है। संस्थान के प्रयास से हो रहा सर्वांगीण विकास संस्थान के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नवसंकल्प शिक्षण संस्थान आवासीय सुविधा के साथ छात्रों को न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराता है, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास का भी ख्याल रखता है। छात्र शैलेश खोसले ने बताया कि यहां नियमित फिजिकल ट्रेनिंग से लेकर साप्ताहिक और मासिक टेस्ट तक की सुविधा दी जाती है, जिससे छात्र शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बन रहे हैं। संस्थान के 22 छात्रों ने एसएससी जीडी की लिखित परीक्षा पास की है, जबकि 2 छात्रों ने अग्निवीर परीक्षा में सफलता पाई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल ने आदिवासी अंचलों में शिक्षा का नया अध्याय लिखा है, जिससे वहां के युवा बेहद खुश हैं और उनका भविष्य अब सुरक्षित नजर आ रहा है।  

(समसामयिक लेख) विष्णु सरकार का सुशासन : कहीं फेल तो कहीं पास

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(समसामयिक लेख) कल छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य से जुड़ी सुशासन पर दो खबरों ने मुझे काफी प्रभावित किया एक – बीजापुर-सुकमा से आई वह खबर जिसमें 108 एम्बुलेंस के दोनों कर्मचारियों ने 18 किमी पहुंचविहीन गांव से मरीज को अपने कंधों में ढोकर एम्बुलेंस तक लाया।दो – जशपुर जिले में पक्की सड़क पर अपने घर से मरीज को चार कंधों में ढोकर अस्पताल तक पहुंचाया। यहां दोनों जगह सिस्टम खाट पर और कंधे के सहारे दिखा।मतलब एक जगह सरकार पहुंच नहीं पाई तो एम्बुलेंस के दो कर्मचारी खटिया पर मरीज को डाले और अपने कंधों पर उठाकर 18 किलोमीटर पैदल चले।दूसरी जगह सिस्टम खुद कंधे पर चलता दिखा।अब इसमें एक ओर 108 के कर्मचारियों के कारण विष्णु के सुशासन का झंडा बुलंद हुआ तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री के गांव में पक्की सड़क पर भी 108 एम्बुलेंस का नहीं पहुंचना,सुशासन के गाल पर तमाचे जैसा लगा। ये दोनों घटना सोशल मीडिया में खूब चल रही हैं।बीजापुर के पत्रकार युकेश चंद्राकर ने 108 के कर्मचारियों के जज्बे को सलाम करते हुए लिखा – ‘अशक्त मरीज को खाट पे रखा, कंधे पर उठाया और 18 किलोमीटर पैदल चलकर एंबुलेंस तक पहुंचाया एंबुलेंस कर्मचारियों ने । माओवाद प्रभावित बीजापुर-सुकमा के सरहदी इलाके की तस्वीर देखिए और राय दीजिए कि माओवादी गतिविधियों के कारण नहीं बन सकी हैं कई इलाकों में सड़कें या कोई और कारण है ? मीडियम पांडू नाम के युवक को पेट और कमर में दर्द की सूचना मिली थी एंबुलेंस कर्मचारियों को । EMT रोहित ताड़पल्ली और पायलट दिलीप बोयना ने मरीज को कंधे पर उठाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया और एंबुलेंस से हॉस्पिटल तक लाया । सलाम है दोनों भाइयों को 🙏❤️ Gyanendra Tiwari Vijay Sharma CMO Chhattisgarh’ वहीं सीएम के गृह जिले जशपुर ,ऊपर से उनकी ही विधानसभा कुनकुरी की फरसाबहार तहसील में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोजसागर यादव ने खाट पर सिस्टम को चार कंधे पर जाते हुए दिखाया।जिसमें चार कंधों में एक कंधा गरीब परिवार की महिला को देते हुए देखकर सरकार के होने का एहसास कराना खुद सरकार को मुश्किल हो गया है।विपक्षी पार्टी के जिलाध्यक्ष मनोजसागर अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखते हैं – जशपुर जिले मे स्वास्थ्य व्यवस्था कैसी है यह अब तक आपने सीएम कार्यालय बगिया तथा भाजपा आईटी सेल के जरिए जाना है आइए हम आपको जमीनी हकीकत दिखाते हैं, इस विडीओ के माध्यम से। ‘इस खाट मे पड़ी महिला का नाम मुन्नू बाई है जो कि ग्राम बनगांव निवासी गंभीर रूप से बीमार है, दो दिन से इनके परिजनो ने 108 मे कॉल किया हर बार जवाब मिला एम्बुलेंस मौजुद नही है, आने पर भेजा जाएगा, परिजनों ने महसुस किया ऐसे तो मरीज मर जाएगा, ऐसे में उन्होंने तत्कालिक फैसला लेते हुऎ सन 1910 वाला तरीका अपनाया मरीज को चारपाई पर डाला चारों कोनों में चार लोग उठाकर उक्त बीमार महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसा बाहर लेकर गए। एक और सीएम साहब जिनका स्वंय का विधान सभा क्षेत्र है , दूसरी ओर सुपर सीएम साहिबा तीसरी ओर बगिया कैंप कार्यालय जहाँ से लगभग 10 कि. मी. की दुरी का मामला,चौथी ओर कुनकुरी सेवा सदन के साथ विधानसभा से 2 निज सचिव उसके बाद ऐसी अव्यवस्था, कहाँ हैं आप सीएम साहब। जनता अब कहने लगी हैं सीएम साहब से ज्यादा बेहतर विधायक यू डी मिंजऔर भूपेश सरकार था जिनके राज में किसी को कोई समस्या नहीं थी उनके लोग हर जगह हर समस्या के लिए जनता के साथ खड़े मौजूद होते थे । Bhupesh Baghel Deepak Baij Indian National Congress – Chhattisgarh’ ये दो तस्वीरें और उनपर लिखे दो पोस्ट पढ़कर लगता है कि सरकार के स्वास्थ्य सिस्टम को 108 एम्बुलेंस चला रही है।जो कहीं पास है तो कहीं फेल। असल में 108 एम्बुलेंस या तो मरीजों के हिसाब से पर्याप्त नहीं है या फिर सिस्टम में बैठे लोग लापरवाही से मरीज को समय पर एम्बुलेंस नहीं दे पाते हैं।यह सरकार को देखना होगा। इससे ठीक एक दिन पहले जशपुर जिले के बगीचा में श्रद्धालुओं से भरी पिकप पलट गई जिसमें दर्जनभर से ज्यादा लोग घायल हो गए। 4 गम्भीर घायलों में 2 का रायपुर में सरकारी सिस्टम से बेहतर इलाज चल रहा है।इस दर्दनाक घटना में घायल फरसाबहार के फरदबहार गांव के कई लोग सीएम साय के रिश्तेदार थे और श्रद्धालुओं के काफिले में भाजपा के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में थे।पुख्ता जानकारी है कि घटना के बाद 108 एम्बुलेंस ने आने में बहुत देर कर दी,तब तक एक मीडियाकर्मी और सोनगेरसा की पूर्व सरपंच श्रीमती गणेश्वरी बाई पैंकरा के सहयोग से घायलों को निजी गाड़ियों में बगीचा अस्पताल भेजा गया।बाद में शाम 6 बजे बतौली से आये एम्बुलेंस में कम घायलों को ले जाया गया।अब यह पढ़कर चौंकिए कि मीडिया की सुर्खियां बनते ही घटनास्थल पर रात दस बजे तक दो एम्बुलेंस खड़ी थी जबकि करीब 4:30 बजे यह हादसा हुआ। वहीं सीएमएचओ डॉ. जी.एस. जात्रा पता नहीं कौन सी यात्रा में थे जिन्होंने मीडियाकर्मियों का फोन तक नहीं उठाया। अब जशपुर जिले में 108 एम्बुलेंस के ताजा आंकड़ों की बात करें तो यहां 24 एम्बुलेंस हैं।जिसमें से 3 एम्बुलेंस गैरेज में मरम्मत कराने खड़ी है।21 एम्बुलेंस एक दिन में यानी 19 सितंबर को 3283 किलोमीटर चली जिसका औसत निकालें तो हर एम्बुलेंस ने 156 किलोमीटर की दूरी तय की है। मेरे 108 से जुड़े सूत्र बताते हैं कि सीएम डिस्ट्रिक्ट होने के नाते ,ऊपर से सीएम सीट कुनकुरी के वोटर होने के नाते 8 से 10 एम्बुलेंस मरीजों को सीधे रायपुर ले जाने में व्यस्त रहते हैं।इसमें से ज्यादातर सीधे सीएम कार्यालय बगिया के निर्देश पर बिना रेफरल मरीज होते हैं,जो बस से भी सफर कर सकते हैं।इसका मतलब यदि एम्बुलेंस में अब तक जाने वाले मरीजों का मर्ज जानने की ईमानदार कोशिश की जाय तो आंखें फ़टी-की-फ़टी रह जाएंगी। बहरहाल,सिस्टम के सुसंचालन हेतु स्वास्थ्य मंत्री हैं लेकिन वे अपने उन कामों को लेकर ज्यादा सुर्खियों में हैं जो उन्हें नहीं करना चाहिए।रही बात मुखिया की तो सवाल मुखिया से करना होता है और जवाब भी मुखिया को ही देना होता है। ऐसे में एक सवाल जनता की ओर से ये है कि क्या मुख्यमंत्री अपनी विधानसभा के उन चार मतदाता को सम्मानित करेंगे जिन्होंने सरकारी अस्पताल में इलाज़ कराने के लिए मरीज … Read more

जनदर्शन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिखाई मानवीय संवेदना, राजूराम वाचम को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल भेंट

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रायपुर, 19 सितंबर 2024 – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक बार फिर मानवीय सहायता की मिसाल पेश करते हुए जनदर्शन के दौरान बीजापुर के राजूराम वाचम को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की। राजूराम, जो पोलियो से प्रभावित हैं और चलने में कठिनाई का सामना करते हैं, आईटीआई की पढ़ाई कर रहे हैं और अब उनकी रोजमर्रा की जिंदगी कुछ आसान हो गई है। दरअसल,राजूराम वाचम बीजापुर के रहने वाले हैं और रायपुर के हीरापुर आईटीआई में कंप्यूटर ट्रेड की पढ़ाई कर रहे हैं। पोलियो की वजह से उन्हें हर दिन 11 किलोमीटर का सफर तय करने में मुश्किल होती थी। पिछले जनदर्शन में राजूराम ने मुख्यमंत्री से अपनी तकलीफ साझा की थी और मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल की मांग की थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनकी पीड़ा को समझते हुए तत्काल इस सहायता को मंजूरी दी, और आज राजूराम को वह मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल भेंट की गई। राजूराम ने बताया कि वह सुंदरनगर, रायपुर में रहते हैं और वहां से हीरापुर आईटीआई जाने के लिए उन्हें रोजाना 11 किलोमीटर का सफर करना पड़ता था। अब मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने के बाद उनका सफर आसान हो जाएगा। राजूराम ने इस मदद के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि इससे उनकी पढ़ाई और भविष्य के सपनों को साकार करने में बड़ी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री साय की इस संवेदनशील पहल से न केवल राजूराम की कठिनाइयाँ कम हुई हैं, बल्कि यह घटना उनकी मानवीय सोच और प्रशासन के प्रति उनकी संवेदनशीलता को भी दर्शाती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, “हमारी सरकार ऐसे हर व्यक्ति की मदद के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्हें सहायता की जरूरत है। राजूराम जैसे युवाओं के सपनों को पूरा करने में उनकी कठिनाइयों को दूर करना हमारा कर्तव्य है।” जनदर्शन के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान करने और उन्हें सहायता प्रदान करने की मुख्यमंत्री की यह पहल कई जरूरतमंदों के लिए आशा की किरण बन रही है। राजूराम वाचम को मिली यह मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल इस बात का उदाहरण है कि विष्णु सरकार हर नागरिक की सहायता के लिए तत्पर है।  

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का नक्सलवाद पर बड़ा मानसिक प्रहार, सीएम की प्रेरणा से नक्सल पीड़ितों ने जंतर-मंतर में किया प्रदर्शन,गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर अपनी पीड़ा बताएंगे

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नई दिल्ली, 19 सितंबर 2024 – पिछले 5 वर्षों में बस्तर क्षेत्र में माओवादी हमलों के कारण 400 से अधिक नागरिकों की जान गई है। माओवादी हिंसा से पीड़ित लोगों ने अपनी आवाज़ राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए आज दिल्ली के जंतर मंतर पर “कैंजा नक्सली-मनवा माटा” (सुनो नक्सली हमारी बात) आंदोलन किया। इस आंदोलन को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का समर्थन प्राप्त है। नक्सली हिंसा से लगातार जूझ रहे ग्रामीणों ने बताया कि कैसे इन हमलों ने उनके जीवन को तबाह कर दिया है। पिछले 5 सालों में 400 से अधिक निर्दोष नागरिकों ने अपनी जान गंवाई है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। इन हमलों ने बस्तर के गाँवों में विकास की प्रक्रिया को भी बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे इलाके में शांति और सुरक्षा की मांग बढ़ी है। मुख्यमंत्री साय ने इस आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा, “हमारी सरकार नक्सल पीड़ितों के साथ खड़ी है। बस्तर में शांति स्थापित करना और विकास को गति देना हमारी प्राथमिकता है। हम केंद्र सरकार के साथ मिलकर नक्सलवाद के खात्मे के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।” मुख्यमंत्री साय ने इन पीड़ितों की समस्याओं को समझते हुए उन्हें दिल्ली में अपनी आवाज़ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कई बार माओवादी हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर ग्रामीणों के दुख-दर्द को नजदीक से सुना और महसूस किया कि इन समस्याओं को केवल राज्य स्तर पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की जरूरत है। आंदोलन के दौरान नक्सल पीड़ितों ने सरकार से नक्सलवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि नक्सलियों की हिंसा ने न केवल उनके जीवन को खतरे में डाला है, बल्कि उनके गाँवों में विकास की हर कोशिश को विफल कर दिया है। इस आंदोलन के बाद, नक्सल पीड़ितों का एक दल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेगा और बस्तर में शांति बहाली, विकास कार्यों में तेजी और सुरक्षा बलों की उचित तैनाती के लिए ज्ञापन सौंपेगा। वे बस्तर की वर्तमान स्थिति और माओवादी हिंसा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।  

*फेसबुक फ्रेंडशिप का साइड इफेक्ट* *विवाहित महिला ने नाबालिग बालक का किया यौन शोषण, कुनकुरी पुलिस14 सौ किलोमीटर दूर हरियाणा से नाबालिग को संरक्षण में लेकर लौटी,आरोपिया गई जेल*

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जशपुर/कुनकुरी,19 सितंबर 2024 नाबालिग बालक को झांसा देकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर उसका शारीरिक शोषण करने वाली विवाहिता महिला को जशपुर पुलिस ने जिंद (हरियाणा) से लिया हिरासत में,अपह्त बालक बरामद, पूछताछ उपरांत परिजनों को सौंपा गया,थाना कुनकुरी क्षेत्र  की घटना,आरोपिया की पतासाजी में सायबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका, आरोपिया महिला के विरूद्ध थाना कुनकुरी में अप.क्र. 137/24 धारा 137(2) भा.न्या.संहिता एवं 6 पाॅक्सो एक्ट का अपराध दर्ज। मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि थाना कुनकुरी क्षेत्र के प्रार्थी ने दिनांक 27.08.2024 को थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया कि इसका 16 वर्षीय नाबालिग पुत्र दिनांक 22.08.2024 फुटबाल मैच देखने जा रहा हूं कहकर घर से निकला, जो वापस घर में नहीं आया। परिजनों द्वारा बालक की आस-पड़ोस,रिश्तेदारी में पतासाजी की गई कोई पता नहीं चला। प्रार्थी द्वारा आशंका व्यक्त किया गया कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसके नाबालिग पुत्र को बहला-फुसलाकर भगाकर ले गया है। प्रार्थी की उक्त रिपोर्ट अपराध कायम कर पर जाॅंच विवेचना में लिया गया। मामला अत्यंत संवेदनशील होने पर पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री सिंह द्वारा थाना प्रभारी कुनकुरी के नेतृत्व में एक टीम बनाकर अपहृत बालक की पतासाजी हेतु लगाया गया था एवं सायबर सेल को भी इस कार्य में संलग्न किया गया था। प्रकरण की विवेचना दौरान पुलिस टीम को ज्ञात हुआ कि प्रार्थी के नाबालिग पुत्र के गायब होने के दिनांक से एक शादीशुदा महिला भी अपने घर से गायब है, उसी के द्वारा नाबालिग बालक को भगाकर ले जाने की संभावना पर पुलिस द्वारा महिला की पतासाजी की जा रही थी। इसी दौरान मुखबीर एवं सायबर सेल से पुलिस को जानकारी मिली कि उक्त महिला अपने साथ नाबालिग बालक को हरियाणा ले गई है तथा ग्राम सानपुर थाना सेफीदोन क्षेत्र में एक किराये का कमरा लेकर छिपकर रह रही है। पुलिस अधीक्षक जशपुर द्वारा तत्काल एक अन्य टीम का गठन कर हरियाणा के उक्त पते पर पतासाजी हेतु रवाना किया गया, टीम द्वारा दबिश देकर उक्त महिला एवं बालक के मिलने पर उन्हें वापस थाना कुनकुरी में लाया गया। अपहृत बालक से पूछताछ करने पर उसने बताया कि करीब 06-07 माह पूर्व से उसका उक्त महिला से फेसबुक के जरिये परिचय हुआ जो उसे बहला-फुसलाकर उसका बीच-बीच में शारीरिक शोषण करने लगी। महिला द्वारा बालक को कहीं बाहर चलते हैं कोई रोक-टोक नहीं करेगा कहकर उक्त दिनांक को अपने साथ भगाकर हरियाणा ले गई। आरोपिया महिला उम्र 25 साल के विरूद्ध उक्त धारा सदर का अपराध सबूत पाये जाने पर उसे दिनांक 19.09.2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। प्रकरण की विवेचना एवं आरोपिया की पतासाजी, गिरफ्तारी में थाना प्रभारी कुनकुरी उप निरीक्षक सुनील सिंह, स.उ.नि. मनोज साहू, म.प्र.आर. चंपा पैंकरा, आर. भूपेन्द्र यादव एवं सायबर सेल से उप निरीक्षक नसरूद्दीन अंसारी, आर. 699 अनिल सिंह, आर. 634 सोनसाय भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

मां अपने लल्ला को झूले में डालकर पानी भरने गई और लल्ला को चोर ले गए,फिर 4 घण्टे बाद,,

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बच्चा चोरी की घटना ने फिर से लोगों को दहशत में ला दिया है ,, बचेली रेलवे कॉलोनी से अपहृत 18 दिन का शिशु 4 घंटे में सकुशल बरामद, दो जिलों की पुलिस की तत्परता से आरोपी गिरफ्तार ( प्रतीकात्मक फोटो -साभार गूगल ) दंतेवाड़ा, 19 सितंबर: बचेली रेलवे कॉलोनी से आज सुबह अपहृत 18 दिन के शिशु को पुलिस की तत्परता और दो जिलों की समन्वित कार्रवाई से 4 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया गया। घटना तब हुई जब शिशु की मां, छोटी कुंजाम, अपने घर के पास नल से पानी भरने गई थीं। जब वह वापस लौटीं, तो झूले में उनका नवजात शिशु नहीं था। आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद भी शिशु का कोई सुराग नहीं मिला। मामले की सूचना तुरंत थाना बचेली को दी गई। पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। दंतेवाड़ा और उसके सरहदी जिले बस्तर में नाकाबंदी की गई। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक, सुंदरराज पी. ने बताया कि सायबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए कुछ संदिग्धों को चिन्हित किया। दंतेवाड़ा से एक टीम शिशु की खोज के लिए रवाना की गई, और बस्तर जिले की पुलिस के साथ समन्वय बनाकर व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।   पुलिस अधीक्षक बस्तर शलभ सिन्हा और पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय के निर्देश में, अपहृत शिशु को सकुशल बरामद कर लिया गया। उप पुलिस महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप ने बताया कि इस मामले में एक महिला और दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है, और अपहरण के उद्देश्य की जांच की जा रही है। पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने इस त्वरित और सफल अभियान में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।  

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव की पहल पर किसानों को सुगमता के साथ 13.63 लाख मीट्रिक टन खाद और 8.92 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज बांटा गया*

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रायपुर, 18 सितम्बर 2024/मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के किसान हितैषी फैसलों पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों को उनकी मांग के अनुरूप प्रमाणित खाद-बीज का वितरण किया जा रहा है। कृषि विभाग के प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में लगभग  99 प्रतिशत बोनी पूर्ण हो चुका है। इसके साथ ही राज्य के किसानों को अब तक 13.63 लाख मीट्रिक टन खाद का वितरण हो चुका है जो लक्ष्य के विरूद्ध लगभग शत-प्रतिशत है। इसी प्रकार किसानों को 8.92 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 91 प्रतिशत है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून की काफी अच्छी स्थिति है। राज्य में अब तक 48.16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र याने 99 प्रतिशत क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है। राज्य सरकार द्वारा इस खरीफ सीजन में 48.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी का लक्ष्य रखा गया है। *किसानों को लक्ष्य का लगभग शत-प्रतिशत रासायनिक खाद वितरित* प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए किसानों को विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का वितरण जारी है। 17 सितम्बर 2024 की स्थिति में किसानों को लगभग 13.63 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका हैं, जो लक्ष्य का 96 प्रतिशत है। वितरित किए गए उर्वरकों में 6 लाख 81 हजार 374 मीट्रिक टन यूरिया, 2 लाख 83 हजार 444 मीट्रिक टन डीएपी, 1 लाख 73 हजार 352 मीट्रिक टन एनपीके, 55 हजार 836 मीट्रिक टन पोटाश तथा 2 लाख 8 हजार 172 मीट्रिक टन सुपर फास्फेट का वितरण शामिल है। चालू खरीफ सीजन के लिए राज्य में सहकारिता एवं निजी क्षेत्र के माध्यमों से किसानों को 13 लाख 68 हजार मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके विरूद्ध अब तक 16.08 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भण्डारण करा लिया गया है। भण्डारण के विरूद्ध लगभग 13.63 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किसानों को किया जा चुका है। किसानों को सुगमता पूर्वक खाद का वितरण सोसायटी और निजी विक्रेताओं द्वारा किया जा रहा है। किसानों को किसी प्रकार से परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा खाद-बीज वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। *किसानों को 8.92 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित* प्रदेश के किसानों को चालू खरीफ सीजन में विभिन्न फसलों की बोनी के लिए सहकारी समितियों एवं निजी क्षेत्र के माध्यम से सुगमता के साथ प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक किसानों को विभिन्न खरीफ फसलों के 8 लाख 92 हजार क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण किए गए हैं, जो कि राज्य में बीज की मांग का 91 प्रतिशत है। गौरतलब है कि राज्य में खरीफ की विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीज की कुल मांग 9 लाख 78 हजार क्विंटल है, इसके विरूद्ध 9 लाख 31 हजार क्विंटल प्रमाणित बीज भण्डारण किया जा चुका है। किसानों को अब तक 8.92 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया गया है, जो मांग का 91 प्रतिशत है। *राज्य में लक्ष्य का 99 प्रतिशत बोनी पूर्ण* चालू खरीफ सीजन में अब तक लक्ष्य का 99 प्रतिशत बोनी पूर्ण हो चुका है, जबकि इस सीजन में राज्य सरकार द्वारा 48.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों के बोनी का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 48.16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है। *राज्य में अब तक 1094.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज* राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 1094.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से 03 सितम्बर 2024 सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 2282.0 मिमी और बेमेतरा जिले में सबसे कम 570.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1236 मिलीमीटर है। *प्रदेश के किसानों को मिला 6606 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण* मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य के अधिक से अधिक किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण किया जा रहा है। प्रदेश में किसानों को अब तक राज्य सहकारी बैंकों के द्वारा 2058 सहकारी समितियों के माध्यम से लगभग 6606 करोड़ रूपए का अल्पकालीन ब्याज मुक्त कृषि ऋण वितरण किया गया है। इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा किसानों को 7300 करोड़ रूपए ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को उनके मांग और रकबे के अनुरूप अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान किया जा रहा है, जबकि पिछले वर्ष आज की स्थिति में 6 हजार 544 करोड़ रूपए के अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किए गए थे। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को खेती-किसानी की प्रारंभिक जरूरतों को पूरा करने तथा खेती-किसानी में सहूलियत प्रदान करने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना प्रारंभ किया गया हैं। इसके अलावा किसानों को साहूकारों के चंगुलों से बचाना इसका एक प्रमुख उद्देश्य था। वर्तमान समय में इस योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं। किसानों को प्रारंभिक और खेती-किसानी की जरूरतों के लिए न सिर्फ राहत मिली है, बल्कि फसलों के उत्पाद में लगातार वृद्धि भी हो रही है।

कोरवा जनजाति की बेटी बनी लखपति दीदी,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएँ,,,कहा – डबल इंजन की सरकार का मिल रहा बड़ा लाभ

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जशपुर, 18 सितंबर 2024: “डबल इंजन की सरकार का लाभ उन दीदियों को भी मिल रहा है, जो अब लखपति दीदी बन रही हैं। हमारी सरकार सभी बहनों को आत्मनिर्भर बनाने और लखपति दीदी बनाने के लिए काम कर रही है,” यह बात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कही, जब उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति की सुमन्ती बाई की सफलता की सराहना की। सुमन्ती बाई, जो कोरवा जनजाति से आती हैं, आज “लखपति दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। कुछ साल पहले तक उनका जीवन संघर्षों से भरा हुआ था। वह एक साधारण किसान परिवार से थीं और उनकी सालाना आय केवल 38,000 रुपये थी, जो उनके परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी नहीं थी। लेकिन सुमन्ती बाई ने इस स्थिति को बदलने का निश्चय किया और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत कमल स्व सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद सुमन्ती बाई को वित्तीय सहयोग और सरकारी योजनाओं का भरपूर लाभ मिला। उन्हें बिहान योजना के अंतर्गत आरएफ से 15,000 रुपये, सीआईएफ से 60,000 रुपये और बैंक लिंकेज से 1 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इस सहयोग ने सुमन्ती बाई की जिंदगी में एक बड़ा बदलाव लाया। नए आजीविका के साधनों ने बदली जिंदगी समूह से मिली आर्थिक मदद से सुमन्ती बाई ने मिर्च और टमाटर उत्पादन, साथ ही बकरी पालन जैसे विभिन्न आजीविका के साधन अपनाए। आज उनकी सालाना आय 1,80,000 रुपये तक पहुंच चुकी है। मिर्च उत्पादन से उन्हें 80,000 रुपये, टमाटर उत्पादन से 40,000 रुपये, और बकरी पालन से 60,000 रुपये की आय हो रही है। इस तरह सुमन्ती बाई ने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया। सुमन्ती बाई ने कहा  – “स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक बदलाव भी आया है। आज वह अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर रही हैं और अपने परिवार की जीवनशैली में भी सुधार कर पाई हैं।” मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुमन्ती बाई और उन सभी “लखपति दीदियों” को बधाई दी, जिन्होंने अपनी मेहनत और सरकारी योजनाओं के सहयोग से अपने जीवन को बेहतर बनाया है। सरकार का यह उद्देश्य है कि सभी बहनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जाए, ताकि वे भी अपने परिवार और समाज की भलाई के लिए योगदान दे सकें। सुमन्ती बाई की यह सफलता, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) और स्व सहायता समूह के माध्यम से सशक्तिकरण का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।