**देवघर: सावन पूर्णिमा पर रक्षाबंधन और श्रावणी मेला का अंतिम दिन, भक्तों ने बाबा बैजनाथ धाम में अर्पित किया जल**

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देवघर, झारखंड – सावन पूर्णिमा के अवसर पर आज रक्षाबंधन और श्रावणी मेला का अंतिम दिन भी एक साथ आया, जिससे भक्तों के बीच धार्मिक उत्साह और भी बढ़ गया। आज देवघर के प्रसिद्ध बैजनाथ धाम मंदिर में पांचवीं और अंतिम सोमवारी के दिन, सुबह से ही जल अर्पण के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। परंपरा के अनुसार, तीर्थ पुरोहितों ने सरकारी पूजा के बाद बाबा भोलेनाथ के शिवलिंग पर रक्षा सूत्र अर्पित किया। इसके पश्चात आम श्रद्धालुओं के लिए जल अर्पण की प्रक्रिया शुरू की गई। इस बार सावन मास में पांच सोमवारी का अद्वितीय संयोग बना, जिसे धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शास्त्रों के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान पांचवीं सोमवारी के दिन शंख की उत्पत्ति हुई थी, जो शिव भक्तों को सुख और समृद्धि प्रदान करता है। इस बार सावन में चंद्र और सूर्य मास के अनुसार पांच सोमवारी का संयोग भी मिला, जो बेहद दुर्लभ होता है। आज बाबा बैजनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, क्योंकि रक्षाबंधन के पर्व के कारण अधिकांश श्रद्धालु कांवड़ यात्रा के लिए नहीं पहुंच सके। हालांकि, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ शिव भक्तों को जल अर्पण कराया जा रहा है। कल से भादो मेला की शुरुआत भी हो जाएगी। लंबोदर पंडा बाबा ने इसे बहुत बड़ा संयोग बताते हुए कहा कि यह धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का संचार करेगा। श्रावणी मेला के समापन के साथ ही देवघर में शिव भक्तों की आस्था और श्रद्धा का यह पर्व समाप्त हो रहा है, लेकिन भादो मेला की शुरुआत के साथ ही बाबा बैजनाथ धाम में भक्तों की भक्ति का सिलसिला निरंतर जारी रहेगा।

 शहीद के पिता ने आदर्श थाने में किया ध्वजारोहण,पिता बोले – मेरे बेटे को यह सच्ची श्रद्धांजलि,झंडे को सलामी देते भर आये आंसू

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जशपुर – नक्सल मोर्चे पर लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति देनेवाले के परिजनों का सम्मान करने के लिए कुनकुरी पुलिस ने नई पहल की है। खारिझारिया गांव के निवासी सेभरेन मिंज को थाना प्रभारी सुनील सिंह ने पूरे सम्मान के साथ थाने में राष्ट्रध्वज फहराने के लिए आमंत्रित किया। दरअसल,सेभरेन मिंज खारिझारिया पँचायत के कोटवार हैं जिनका बेटा अरविंद मिंज 27 जनवरी 2019 को बीजापुर में नक्सल मोर्चे पर शहीद हुआ था।जिन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में सुबह 7 बजे राष्ट्रीय झंडा तिरंगा फहराकर सलामी दी।राष्ट्रगान के दौरान सेभरेन मिंज की आंखों में आंसू थे।जिन्हें वो बहुत संभल-संभलकर खर्च कर रहे थे।उन्होंने पुलिस जवानों को बताया कि आज का दिन मेरे बेटे को सैल्यूट करने का दिन है।उन्हें भी सैल्यूट करता हूँ जिन्होंने हमें अंग्रेजों से आजाद कराया।एक वे थे जो आजादी के लिए शहीद हुए और एक वे हैं जो मेरे बेटे की तरह आजादी को जिंदा रखने के लिए देशद्रोहियों और आतंकवादियों से लड़ते हुए अपनी जान दे रहे हैं।सेभरेन उस पल को याद करते हुए गर्व से भर उठते हैं जब जवान अरविंद का शव तिरंगे में लिपटा हुआ आया था।आज झंडा फहराते हुए उन्हें लगा कि आसमान में उनका बेटा तिरंगा लहरा रहा है। अमर शहीद अरविंद मिंज के पिता ने पुलिस की इस नई पहल के लिए एसडीओपी विनोद कुमार मंडावी और थाना प्रभारी सुनील सिंह को धन्यवाद देते हुए कहा कि पुलिस परिवार की ओर से अपने शहीद जवानों को याद करने के लिए यह बहुत अच्छा तरीका है। थाना प्रभारी सुनील सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी,एसडीओपी विनोद कुमार मंडावी के मार्गदर्शन में शहीद परिवारों का जिला स्तर पर राष्ट्रीय पर्व के दिन सम्मान किये जाने की परम्परा रही है।इसी तारतम्य में आदर्श थाना कुनकुरी में तिरंगे की आन-बान-शान की खातिर अपनी जान कुर्बान कर देने वाले शहीद के पिता के द्वारा ध्वजारोहण कराने का विचार आया।जिसे उच्चाधिकारियों ने सहर्ष स्वीकार करते हुए एसडीओपी विनोद कुमार मंडावी की विशेष उपस्थिति में पूरा किया गया।

*स्वतंत्रता दिवस पर श्रीमती कौशल्या साय ने कन्या हाई स्कूल ग्राउंड कुनकुरी में फहराया तिरंगा* *श्रीमती साय ने मुख्यमंत्री का जनता के नाम संदेश का किया वाचन*

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*स्वतंत्रता दिवस की दी बधाई और शुभकामनाएं* *उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित* जशपुर 15 अगस्त 2024/15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने कन्या हाई स्कूल ग्राउंड कुनकुरी में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर श्रीमती साय ने मुख्यमंत्री का जनता के नाम का संदेश का वाचन भी किया। उन्होंने वहां पर मौजूद सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में श्रीमती कौशल्या साय ने देश पर अपनी जान न्यौछावर करने वाले अमर शहीदों को याद करते हुए कहा की उनके समर्पण और त्याग की वजह से आज हम सभी खुली हवा में सांस ले पा रहे हैं । श्रीमती साय ने इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरुस्कृत भी किया। श्रीमती कौशल्या साय ने इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हुए इस कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्रीमती अंजना मिंज, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अंजेम टोप्पो सहित अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और अन्य लोग मौजूद थे।

सीएम साय बैकुंठवासी कुमार दिलीप सिंह जूदेव को याद कर हुए भावुक,कहा-मेरे राजनीतिक गुरु थे स्व. जूदेव,किलकिला में खोला विकास का पिटारा

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*बेहद सरल-सहज व्यक्तित्व के धनी स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव हमेशा लोगों के जेहन में रहेंगे जिंदा: विष्णुदेवः* *मुख्यमंत्री ग्राम किलकिला में स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के पुण्य तिथि पर आयोजित संस्कृति गौरव महासम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह में हुए शामिल* *नगर पंचायत पत्थलगांव को नगरपालिका बनाने की भी घोषणा* जशपुर – 14 अगस्त 2024/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज पत्थलगांव तहसील के ग्राम किलकिला में पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के पुण्य तिथि के अवसर पर आयोजित संस्कृति गौरव महासम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने नगर पंचायत पत्थलगांव को नगरपालिका बनाने सहित कई घोषणाएं की। सांसद श्री राधेश्याम राठिया, विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत, किलकिलाधाम के मुख्य पुजारी श्री श्री 1008 स्वामी कपिलदास जी महाराज भी इस अवसर पर मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सभा में मौजूद साधु, संत और विशाल जनसमूह के बीच स्वर्गीय श्री जूदेव का पुण्य स्मरण करते हुए कहा की वे मेरे राजनैतिक गुरु थे। मैंने उनके साथ 25 साल से अधिक राजनीति में साथ रहकर काम किया। वे बेहद सरल हृदय व्यक्ति थे। सभी के साथ वे अपनेपन के साथ मिलते थे। किसी के साथ उनकी नाराजगी नहीं रही। जिससे भी एक बार मिल लेते थे उनका नाम कभी नहीं भूलते थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा की स्वर्गीय जूदेव का डील-डौल और व्यक्तित्व सहज ही लोगों को आकर्षित करता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मोदी की गारंटी को तेजी से लागू कर रही है। 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों को धान की कीमत दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की महिलाओं को महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रति माह 1000 रूपए का सम्मान राशि दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रति मानक बोरा 4000 से बढ़ाकर 5500 रूपया किया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा चरण पादुका योजना को फिर से लागू किया जाएगा। कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव को याद करते हुए कहा की उनकी ऊंगली पकड़कर मैने राजनीति का पाठ सिखा है। वे एक महापुरुष, कर्मवीर और योद्धा थे। मेरा सौभाग्य है की उनके साथ लंबे समय तक काम करके सीखने का अवसर मिला। कार्यक्रम को विधायक श्रीमती गोमती साय, गहिरा गुरु आश्रम के पुजारी बभ्रुवाहन जी महाराज ने भी संबोधित किया। *आजादी-पर्व पर सीएम ने पत्थलगांव विधानसभा में खोल दिया सौगातों का पिटारा* मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में जनकल्याण के कई घोषणाएं की। जिसमें पत्थलगांव में स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की विशाल प्रतिमा का निर्माण, हर वर्ष उनकी जयंती भव्य तरीके से मनाने की घोषणा, किलकिलेश्वर महादेव परिसर में प्रवेश द्वार बनाने के साथ ही बाउंड्रीवाल, सौंदर्यीकरण, परिसर में सोलर लाइट लगाने सहित गौशाला के उन्नयन की घोषणा, नगर पंचायत पत्थलगांव को नगरपालिका बनाने की घोषणा, मांड नदी में बने एनीकेट में घाट निर्माण और सौंदर्यीकरण की घोषणा, पत्थलगांव के मुख्य चौक से रायगढ़, जशपुर और अंबिकापुर की ओर जाने वाली सड़कों के 3-3 किलोमीटर तक निर्माण किए जाने की घोषणा, पत्थलगांव में मॉडर्न बस स्टैंड बनाया जाएगा, पत्थलगांव में ऑडिटोरियम बनाने की घोषणा, रेस्ट हाउस का उन्नयन का कार्य, नगर पंचायत कोतबा पीएससी को सीएससी बनाए जाने की घोषणा। इस अवसर पर कृष्ण कुमार राय, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, सुनील गुप्ता, कमिश्नर  जी. आर. चुरेंद्र, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं भारी संख्या में लोग मौजूद थे।

*देश के प्रति समर्पण और सेवा का प्रतीक है तिरंगा यात्रा: कृष्ण कुमार राय* *पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय और विधायक रायमुनि भगत ने झंडा दिखा कर रैली को रवाना किया*

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शहर में उत्साह के साथ निकली तिरंगा यात्रा भारत माता के जयकारे से गूंज उठा शहर जशपुर – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर  भारतीय जनता युवा मोर्चा के आह्वान पर मोर्चा के कार्यकर्ता और शहर के युवाओं ने हाथों में तिरंगा झंडा लेकर बाइक रैली निकाली। बाइक रैली का शुभारंभ जिला भाजपा कार्यालय राधाकांत भवन से हुआ। पार्टी के वरिष्ठ नेता और छग पर्यटन मंडल के पूर्व अध्यक्ष कृष्ण कुमार राय और जशपुर की विधायक रायमुनि भगत ने झंडा दिखा कर रैली को रवाना किया। बाइक रैली भाजपा कार्यालय से निकल कर शहर के प्रमुख मार्गो का भ्रमण करते हुए आदर्श बस स्टेण्ड पहुंच कर संपन्न हुई। इस दौरान रैली में शामिल कार्यकर्ताओं और शहरवासियों को सम्बोधित करते हुए कृष्ण कुमार राय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लिए देश और देशहित सर्वोपरी है। पार्टी कभी भी सत्ता और वोट बैंक की राजनीति नहीं करती है। पार्टी में भाई भतीजावाद के लिए कोई स्थान नहीं है। सभी कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने के लिए समान अवसर मिलता है। उन्होनें कहा कि भाजपा का लक्ष्य भारत को विश्व गुरू बनाना है। यह लक्ष्य युवा शक्ति के बिना प्राप्त किया जा सकता है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय युवाओं के कौशल विकास,रोजगार और तकनीकि शिक्षा पर जोर दे रहें हैं। विधायक रायमुनि भगत ने कहा कि भाजपा के लिए देश सर्वोपरी है,इसलिए भाजपा ने तिरंगा यात्रा का आह्वान किया है,वहीं कांग्रेस संविधान यात्रा के नाम पर ओछी राजनीति कर रही है। उन्होनें युवाओं से आह्वान किया कि देश को आगे ले जाने के लिए अपनी शक्ति को तकनीकि शिक्षा से निखारे। युवाओं के कांधे पर ही देश का भविष्य टिका हुआ है। शिक्षा के साथ अपनी परम्परा,संस्कृति व रीतियों को संरक्षित और संवद्वित करना भी युवाओं की महती जिम्मेदारी है। भाजयुमो के जिलाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव कहा कि तिरंगा यात्रा के माध्यम से भाजपा ने पूरे देश को तिरंगे के नीचे एकजुट करने का काम किया है। इस तिरंगे के लिए हमारे पूर्वजों ने अंग्रेजी सरकार से लोहा लेते हुए बलिदान दिया था। तिरंगे को हाथ में थाम कर चलने हमें अपने भारतीय होने पर गर्व महसूस होता है। उक्त जानकारी देते हुए जिला मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने बताया कि तिरंगा यात्रा में मुख्य रूप से जशपुर विधायक रायमुनी भगत,पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय, जिला उपाध्यक्ष सत्येन्द्र सिंह, नपा अध्यक्ष राधेश्याम राम, पूर्व नपा अध्यक्ष रजनी प्रधान, नपा उपाध्यक्ष राजू गुप्ता, भाजयुमो जिलाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, गोपाल राय, संतोष सिंह, संजीव ओझा सहित भाजयुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय की कुनकुरी में ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा, विद्यार्थियों के साथ रैली में पैदल चले एसपी-विधायक,कहा – भारत माता की जय

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जशपुर/कुनकुरी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कुनकुरी विधानसभा में ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। सुबह शहर की गलियों में विधायक गोमती साय के नेतृत्व में जब बाइकर्स हाथों में तिरंगा लेकर निकले, तो देशभक्ति का जज्बा चारों तरफ फैल गया। दोपहर में हजारों स्कूली बच्चों ने जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों के साथ 500 फीट लंबा तिरंगा लेकर ‘भारत माता की जय’ के नारों से शहर में उत्साह और जोश भर दिया। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 11 अगस्त से 14 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत देशभर में लोग घर-घर तिरंगा लगाने और गाँव-गाँव तिरंगा यात्रा निकालने के लिए आगे आए हैं। इसी अभियान के अंतर्गत, जशपुर और कुनकुरी विधानसभा में एक विशाल तिरंगा रैली निकाली गई। इस रैली में जशपुर के एसपी शशिमोहन सिंह, पत्थलगांव की विधायक श्रीमती गोमती साय, और जिला भाजपाध्यक्ष सुनील गुप्ता समेत भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इन रैली में स्वामी आत्मानन्द स्कूल,सरस्वती शिशु मंदिर,निर्मला स्कूल,लोयोला स्कूल/कॉलेज, शासकीय महाविद्यालय सलियाटोली, शासकीय कन्या विद्यालय के विद्यार्थी शहर में निकले। इस रैली का जगह-जगह लोगों ने स्वागत किया।हालांकि रैली भ्रमण के दौरान इक्का-दुक्का घरों को छोड़ दें तो नगर के कई स्वघोषित राष्ट्रवादियों के घरों के ऊपर तिरंगा नहीं दिखा। इससे पहले तिरंगा यात्रा की मुख्य अतिथि पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने जय स्तम्भ पर माल्यार्पण कर बाईक रैली शुरू की।वे खुद स्कूटी में बैठकर 5 किलोमीटर का शहर भ्रमण किया। इस रैली को जशपुर पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने इसे ऐतिहासिक रैली बताते हुए कहा कि “इस रैली से न केवल देशभक्ति की भावना का संचार होता है, बल्कि यह हमारे युवाओं को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करता है।” गोमती साय, विधायक पत्थलगांव ने लोगों में जोश भरते हुए कहा कि “यह आयोजन हमारी एकता और अखंडता का प्रतीक है। बच्चों और युवाओं में देशप्रेम की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे आयोजन बेहद जरूरी हैं।” सुनील गुप्ता, जिलाध्यक्ष भाजपा जशपुर ने कहा कि “प्रधानमंत्री जी के हर घर तिरंगा अभियान से प्रेरित होकर, यह तिरंगा यात्रा हमारे क्षेत्र में देशप्रेम और राष्ट्रीय एकता का संदेश फैला रही है। मैं सभी से आग्रह करता हूँ कि वे अपने घरों पर तिरंगा लगाकर इस मुहिम में शामिल हों।”

*ग्रामीणों का हंगामा: जंगल में अवैध कब्जा हटाने पहुंचे, हाथियों के आगमन ने मचाई हलचल,जांच अधूरी छोड़ भागे अफसर*

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जशपुर: महेशपुर के जंगल में रविवार को कुछ ऐसा हुआ जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। एक तरफ जंगलों की सुरक्षा के लिए सैकड़ों ग्रामीणों का हुजूम पहुंचा, तो दूसरी तरफ अचानक हाथियों के झुंड ने सभी को चौंका दिया। यह मामला न केवल ग्रामीणों के साहसिक कदम को दिखाता है, बल्कि वन विभाग की उदासीनता और हाथियों के जंगलों से बाहर निकलने की वजह पर भी सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों के विरोध की वजह महेशपुर के रिजर्व फॉरेस्ट क्रमांक 984 में, झिमकी पंचायत के उपसरपंच ने सैकड़ों एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर खेती शुरू कर दी थी। इससे महेशपुर के ग्रामीणों में गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने इस अवैध कब्जे को हटाने के लिए एकजुट होकर जंगल की ओर रुख किया। करीब साढ़े चार सौ ग्रामीणों ने एक साथ जंगल में पहुंचकर अपनी नाराजगी जाहिर की और अतिक्रमण हटाने का फैसला लिया। ### **अचानक हाथियों का आगमन** जब ग्रामीण जंगल में आगे बढ़ रहे थे, तभी जंगल में हाथियों के झुंड का आगमन हुआ। ग्रामीणों के लिए यह अनुभव बेहद रोमांचक और डरावना था। हालांकि, ग्रामीणों ने शांतिपूर्वक अपने विरोध को जारी रखा। हाथियों के इस अप्रत्याशित आगमन ने वन विभाग के अधिकारियों को जांच पूरी करने से रोक दिया। ### **वन विभाग की भूमिका** इस मामले में वन विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वन समिति के अध्यक्ष अगस्तुस बेक ने बताया कि जंगल में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई कर जमीन को खेती के लिए तैयार किया जा रहा है। जब ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को जंगल में ले जाकर यह स्थिति दिखाई, तो अधिकारी भी हक्के-बक्के रह गए।  जांच अधूरी पत्थलगांव रेंजर कृपासिंधु पैंकरा ने बताया कि शिकायत मिलते ही जांच टीम गठित की गई और जमीन की नाप शुरू की गई। लेकिन हाथियों के वन क्षेत्र में आने की वजह से जांच पूरी नहीं हो सकी। रेंजर ने आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह घटना हसदेव अरण्य के बाद दूसरी बड़ी घटना है जब ग्रामीणों ने जंगल बचाने के लिए कदम उठाया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी भी हद तक जाकर जंगलों की रक्षा करेंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने ग्रामीणों की जागरूकता और उनके जंगल प्रेम को उजागर किया है, जो एक सकारात्मक संदेश देता है। इस घटना ने बता दिया कि जंगलों की सुरक्षा के लिए न केवल वन विभाग बल्कि आम जनता को भी सक्रिय होना पड़ेगा। अवैध कब्जे और कटाई को रोकने के लिए मिलकर प्रयास करने होंगे, ताकि वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा की जा सके।

बच्चों के लिए सुरक्षित शिक्षा: जशपुर में अवैध छात्रावास से बच्चों का सफल रेस्क्यू** **शासकीय छात्रावास में स्थानांतरित बच्चों का भव्य स्वागत, SDM ने बच्चों को उपलब्ध कराई गई सभी सुविधाएं**

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  रायपुर – जशपुर जिले से बाल अधिकार को लेकर अच्छी खबर आई है जहां दीपू बगीचा में नियम विरुद्ध संचालित एक छात्रावास से रेस्क्यू किए गए बालक और बालिकाओं को सुरक्षित रूप से सरकारी छात्रावासों में स्थानांतरित कर दिया गया। यह कदम न सिर्फ प्रशासन की ओर से तत्परता से उठाया गया बल्कि अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि इन बच्चों का स्वागत और देखभाल पूरे सम्मान और आदर के साथ हो। छात्रों के आगमन पर अधिकारियों और अन्य छात्रावासी बच्चों द्वारा भव्य स्वागत किया गया और केक काटकर उत्सव मनाया गया।   एसडीएम प्रशांत कुशवाहा के निर्देशन में इस पूरी प्रक्रिया को कुशलता से अंजाम दिया गया। उन्होंने हॉस्टल अधीक्षक और अधीक्षिका को निर्देश दिया कि वे बच्चों की विशेष निगरानी रखें और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत सूचना दें। साथ ही सहायक आयुक्त आदिवासी विकास संजय सिंह और तहसीलदार राहुल कौशिक जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति इस कदम की गंभीरता को रेखांकित करती है। उल्लेखनीय है कि स्थल जांच के दौरान, एसडीएम ने पाया कि संस्कृति कला केंद्र दीपू बगीचा और राजी पड़हा में बने दो भवनों में बच्चों को बिना किसी आधिकारिक अनुमति के छात्रावास के रूप में रखा जा रहा था, और कई तरह की अनियमितताएं सामने आई थीं। कार्रवाई के तहत बच्चों को अवैध छात्रावास से निकालकर शासकीय छात्रावास में स्थानांतरित कर दिया गया।   इस घटना ने एक बार फिर देश में बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया है। ऐसे उदाहरण हमें यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि शिक्षा और सुरक्षा के प्रति समाज और प्रशासन की ज़िम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण है। बाल अधिकारों के लिए समर्पित एसडीएम प्रशांत कुशवाहा और सहायक आयुक्त संजय सिंह जैसे अधिकारी, जिन्होंने स्वतंत्रता दिवस से पहले इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया, समाज के सामने एक मिसाल पेश करते हैं। *भारत में बच्चों के अधिकारों के लिए महान कार्यकर्ताओं के उदाहरण पढ़िए* भारत में बाल अधिकारों की लड़ाई में कई महान व्यक्तित्वों ने अहम भूमिका निभाई है। जिनमे 1. **कैलाश सत्यार्थी**: बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले कैलाश सत्यार्थी को 2014 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ की शुरुआत की, जिसके तहत उन्होंने हजारों बच्चों को बंधुआ मजदूरी और शोषण से मुक्त कराया। 2. **मदर टेरेसा**: अपनी करुणा और सेवा के लिए विख्यात मदर टेरेसा ने समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर बच्चों के लिए समर्पित कार्य किया। उन्होंने ‘मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी’ की स्थापना की, जिसके तहत अनाथालयों और शेल्टर होम्स का संचालन किया जाता है। 3. **सुरभि सिंह**: ‘सोकोफाऊंडेशन’ की संस्थापक सुरभि सिंह ने सड़कों पर रहने वाले बच्चों और महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाई। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, और सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए। 4. **शांति राघवन**: दिव्यांग बच्चों और युवाओं के लिए काम करने वाली शांति राघवन ने ‘एनाबिल इंडिया’ की स्थापना की। उनकी पहल से दिव्यांग बच्चों को शिक्षा और करियर के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिला। इन सभी व्यक्तियों ने अपने कार्यों के माध्यम से यह दिखाया है कि जब समाज में बच्चे सुरक्षित और शिक्षित होते हैं, तभी एक समृद्ध और विकसित राष्ट्र का निर्माण संभव है। जशपुर में उठाए गए कदम बाल अधिकारों के लिए एक सार्थक पहल है और इस दिशा में अन्य राज्यों को भी प्रेरित करता है।

BLACK FRIDAY : वारिसों को विष्णु सरकार दे 50-50 लाख,हाथी के हमले में 4 लोगों की मौत पर कांग्रेस ने की सियासत शुरू,,बगीचा शहर में हुई दर्दनाक मौतों से हिला छत्तीसगढ़,हाथियों का प्रवेश द्वार जशपुर में मौत का तांडव जारी

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  जशपुर – ब्लैक फ्राइडे हाँ, हाँ ब्लैक फ्राइडे ही कहेंगे क्योंकि शुक्रवार की आधी रात को घुप्प अंधेरे में जंगली हाथी ने बगीचा शहर के गम्हरिया मुहल्ले में 4 लोगों को कुचलकर मारा,जिनके खून के निशान सीसी रोड पर सूख रहे हैं।जो भी इस मंजर को देख रहा है उसके आंसू रुक नहीं रहे हैं।वहीं हाथी से मौत के मामले में प्रदेश कांग्रेस के सदस्य विनयशील ने 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग करके सियासत शुरू कर दी है। दरअसल,बगीचा के रिहायशी इलाकों आने वाला वार्ड नम्बर 09 गम्हरिया में सड़क किनारे हाथी ने एक घर पर हमला किया जहां 6 लोग सो रहे थे।हमले में घर का दीवार पूरी तरह ढह गया।जिसमें दो बहन दब गए जिसमें से एक बहन का पैर बाहर घा जिसे हाथी ने खींचकर मार डाला। घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि रात में हाथी मित्रदल की गाड़ी भी आई थी। सड़क पर स्ट्रीट लाइट नहीं है और घरों की बिजली गुल थी।इससे पहले कि शहरवासी कुछ समझ पाते हाथी ने सड़क किनारे रामकेश्वर सोनी के कच्चे मकान पर हमला कर दिया।घटना देर रात 12 बजे की है।बिजली नहीं होने के कारण लोगों  को कुछ समझ में नहीं आया और हाथी लगातार हमला करता गया।उसी घर में सो रहे पिता, पुत्री और चाचा को हाथी ने पटक पटक कर मार डाला।हो हल्ला सुनकर पड़ोस का एक युवक बाहर निकला उसपर भी हाथी ने हमला कर दिया।मृतकों में पिता रामकेश्वर सोनी उम्र 35 वर्ष,पुत्री रवीता सोनी उम्र 09 वर्ष,चाचा अजय सोनी उम्र 25 वर्ष,पड़ोसी अश्विन कुजूर उम्र 28 वर्ष हैं।  इस बड़ी घटना से पूरा प्रदेश सिहर उठा है।बताया जा रहा है कि भोजन की तलाश में लोनर बेहद आक्रमक हो गया है और बीते कई दिनों से कच्चे मकानों पर हमला कर रहा है।हमले में तीन दिन पहले ही कुनकुरी रेंज में 1 और बादलखोल अभ्यारण्य के अंदर 1 व्यक्ति की जान गई है। इन घटना पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ के सदस्य विनयशील ने गहरा दुःख जताया है।उन्होंने अपने सोशल एकाउंट X पर बीजेपी सरकार पर हमला करते हुए लिखा है कि CG में BJP सरकार और वन विभाग सब सो रहे हैं : आदिवासी मुख्यमंत्री के गृह ज़िले जशपुर में बगीचा के नगर पंचायत क्षेत्र में हाथी और मानव द्वन्द में 4 लोगों की जान चली गई । सरकार कह रही है कि 25 हज़ार रुपया मुआवज़ा देगी बेशर्मी की हद है. हम माँग करते हैं कि  – मृतिकों को 50- 50 लाख रुपये मुआवज़ा दिया जाना चाहिए. – जशपुर में हाथी मानव द्वन्द समस्या की समझ वाले IFS ऑफ़िसर की नियुक्ति कीजिए. – हाथियों का रास्ता ट्रैक करके स्थानीय स्तर पर लोगों को सूचना देने की व्यवस्था की कीजिए. – द्वन्द रोकने के लिए जंगल में हाथियों के लिए खाने की व्यवस्था की जाना चाहिए. – जंगल से सटे नगर क्षेत्र में हाईमास्क लाइट लगाएँ. – पास ही डीएवी स्कूल और छात्रावास भी स्थित है,वहाँ     बच्चों की सुरक्षा के लिए कदम उठाएँ. CM साहब सबसे अपने क्षेत्र के आदिवासी और रहवासियीं को प्रधानमत्री आवास बनवा के दीजिए. इन क्षेत्रों में बिजली कटौती रोकिए. @vishnudsai ji @INCChhattisgarh  1/1 बहरहाल,ये बड़ा सवाल है कि क्या छत्तीसगढ़ में हाथियों का प्रवेश द्वार जशपुर में हाथी-मानव संघर्ष को बढ़ने से रोकना किसी सरकार के बस की बात नहीं रही? घटते जंगल,बढ़ते लोग वन्यजीवों के लिए खतरा बन गए हैं।वन अधिकार पट्टा देकर पिछली सरकारों ने जंगल खत्म करने का रास्ता दिखा दिया है क्योंकि नियमों का पालन हर पट्टाधारी कर रहा हो,यह कोई नहीं मानता। फिलहाल,इस बड़ी घटना के बाद वन विभाग नुकसान का आंकलन कर मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की अंतरिम सहायता राशि देकर,लोनर हाथी को लगातार ट्रेस कर रहा है। वनमण्डलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने मीडिया से बात करते हुए जानकारी दी कि लोनर हाथी बीते दस दिनों में तपकरा रेंज से कुनकुरी रेंज होते हुए बादलखोल अभ्यारण्य पहुंचा था जहां से शुक्रवार की शाम को बगीचा की ओर आया था।जहां रात को गम्हरिया में एक मकान को नुकसान पहुंचाया,इसी दौरान घर मे सो रहे लोगों में से तीन लोगों की हाथी से सामना होने पर उनकी जान चली गई।वहीं पड़ोस का एक युवक भी हाथी के सामने आ गया।अभी जिले में 40 हाथी हैं जिसमें यह दल से अलग किया गया हाथी है।हाथी विशेषज्ञ अजित पांडे और महावत को बुलाया गया है।जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी।हाथी पर लगातार नजर रखे हुए है लेकिन अंधेरे और बस्तियों में लाइट नहीं  रहने से हाथी का लोकेशन मिस हो जाता है।हमारे द्वारा लगातार लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। .

*मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता: जनदर्शन में नागरिक की पीड़ा सुनते ही तुरंत कार्रवाई के निर्देश**एसपी से कहा – गुम हुई पत्नी को ढूंढो*

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रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशीलता एक बार फिर सामने आई है। आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन में राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव निवासी नंदकिशोर ने अपनी पत्नी की गुमशुदगी की पीड़ा को मुख्यमंत्री के सामने रखा। नंदकिशोर ने बताया कि उनकी पत्नी पिछले छह महीनों से लापता है और तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें अब तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नंदकिशोर की बात को गंभीरता से सुना और तत्काल राजनांदगांव एसपी को फोन कर इस मामले की जांच करने और लापता पत्नी को ढूंढने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की इस त्वरित प्रतिक्रिया ने फरियादी को आशा की एक नई किरण दी है कि अब उसकी पत्नी का पता जल्द ही चल जाएगा। मुख्यमंत्री साय की जनदर्शन के दौरान नागरिकों की समस्याओं को सुनने और उन्हें जल्द से जल्द हल करने की यह पहल उनकी संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि हर गुरुवार को मुख्यमंत्री श्री साय जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनते हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रहते हैं। श्री साय ने अपने गृहजिले जशपुर में भी लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए “श्रीराम सदन” में सीएम कैम्प खोलकर जिलेवासियों को रायपुर जाने की परेशानी से भी निजात दिलाई है। यह कदम मुख्यमंत्री की जनसेवा के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री की इस संवेदनशीलता की सराहना हर ओर की जा रही है, जिससे जनमानस में उनके प्रति विश्वास और बढ़ा है।