*‘‘एक पेड़ मां के नाम’’* *मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर में किया पौधरोपण महाभियान का शुभारंभ*

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*‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ पर जशपुर में चलेगा पौधा वितरण महाभियान, महतारी वंदन हितग्राहियों को जिले में 2 लाख से अधिक पौधे वितरित किए जायेंगे* जशपुर :  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत जशपुर जिले में पौधरोपण महाभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने दुलदुला में आयोजित कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 10 हितग्राही महिलाओं को अमरूद का पौधा व संदेश पत्र भेंट किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जीवनदायिनी धरती माता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने और आने वाली पीढियों को अनुकूल वातावरण देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रेरणादायी अभियान, ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ की शुरुआत की है। हमारी सभी माताओं-बहनों को एक पौधा भेंट कर रहा हूँ। यह पौधा प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी के साथ ही उससे हमारे अटूट संबंध को दर्शाएगा। उन्होंने कहा कि पौधे से हमें प्राण वायु मिलता है। जो हमारे जीवन के लिए आवश्यक है। पौधरोपण से पर्यावरण में सुधार होता है और मानव जीवन के लिए ऑक्सीजन मिलता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हितग्राही अनिता लकड़ा को अमरूद का पौधा सौंपते हुए पूछा कि पौधा कहां पर लगाएंगे। अनिता ने बताया कि इसे अपने आंगन में लगाऊंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने हितग्राहियों को पौधे वितरित किए और उन्होेंने कहा कि इन पौधों को रोपित कर उन्हें अपने बच्चों की तरह देख-भाल करें। ताकि भविष्य में आने वाले पीढ़ी को इन पौधरोपण का लाभ मिल सके। इस अवसर पर सांसद रायगढ़ श्री राधेश्याम राठिया, विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनि भगत, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ मुहिम के तहत इस पौध वितरण महाभियान के तहत महतारी वंदन की हितग्राही महिलाओं को जशपुर जिले में 2 लाख से अधिक पौधे वितरित किए जायेंगे। जिला प्रशासन ने इसके लिए पंचायत स्तर पर तैयारी कर ली है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को सफल बनाने के लिए जशपुर पुलिस की अनूठी पहल

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जशपुर, 12 जुलाई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को समर्थन देने के लिए जशपुर पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने एक विशेष पहल की है। इस पहल के तहत 12 जुलाई को ठीक 12 बजे, जिले के 1200 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थल पर एक पेड़ मां के नाम से लगाए। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने का उद्देश्य रखती है, बल्कि अपने माता-पिता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का भी एक तरीका है। पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने इस मौके पर कहा, “हम सभी को अपने पर्यावरण की रक्षा के लिए कदम उठाने चाहिए, और यह पहल हमारे समाज में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश देगी।” जशपुर जिले के विभिन्न पुलिस थानों, कार्यालयों और अन्य कार्यस्थलों पर पुलिसकर्मियों ने बड़े उत्साह के साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया। पेड़ लगाने के बाद, सभी ने अपने माता-पिता के नाम का एक बोर्ड भी पेड़ों के साथ लगाया, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि ये पेड़ उनके सम्मान में लगाए गए हैं। इस पहल ने जशपुर के लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई है और अन्य विभागों और संगठनों को भी ऐसे अभियान चलाने के लिए प्रेरित किया है। शशिमोहन सिंह की इस पहल को व्यापक सराहना मिली है और इसे अन्य जिलों में भी अपनाने की चर्चा हो रही है। **प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को सफल बनाने के लिए जशपुर पुलिस की अनूठी पहल** जशपुर, 12 जुलाई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को समर्थन देने के लिए जशपुर पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने एक विशेष पहल की है। इस पहल के तहत 12 जुलाई को ठीक 12 बजे, जिले के 1200 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थल पर एक पेड़ मां के नाम से लगाए। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने का उद्देश्य रखती है, बल्कि अपने माता-पिता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का भी एक तरीका है। पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने इस मौके पर कहा, “हम सभी को अपने पर्यावरण की रक्षा के लिए कदम उठाने चाहिए, और यह पहल हमारे समाज में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश देगी।” जशपुर जिले के विभिन्न पुलिस थानों, कार्यालयों और अन्य कार्यस्थलों पर पुलिसकर्मियों ने बड़े उत्साह के साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया। पेड़ लगाने के बाद, सभी ने अपने माता-पिता के नाम का एक बोर्ड भी पेड़ों के साथ लगाया, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि ये पेड़ उनके सम्मान में लगाए गए हैं। इस पहल ने जशपुर के लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई है और अन्य विभागों और संगठनों को भी ऐसे अभियान चलाने के लिए प्रेरित किया है। शशिमोहन सिंह की इस पहल को व्यापक सराहना मिली है और इसे अन्य जिलों में भी अपनाने की चर्चा हो रही है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लगाए गए ये पेड़ न केवल पर्यावरण में सुधार लाएंगे, बल्कि यह उन सभी के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत बनेंगे, जो अपने माता-पिता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना चाहते हैं। इस अवसर पर कुनकुरी थाना प्रभारी सुनील सिंह ने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लगाए गए ये पेड़ न केवल पर्यावरण में सुधार लाएंगे, बल्कि यह उन सभी के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत बनेंगे, जो अपने माता-पिता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना चाहते हैं।

* किसानों के रक्षक हैं भगवान जगन्नाथ महाप्रभु – विष्णुदेव साय,मुख्यमंत्री साय रथयात्रा में हुए शामिल* *छेरापहरा की रस्म अदा कर मांगा प्रदेशवासियों के लिए आशीर्वाद*

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  रायपुर – छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार को रथयात्रा धूमधाम से मनाया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित रथ यात्रा में शामिल हुए। रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में विशेष रस्म के साथ रथ यात्रा निकाली गई है। रथ यात्रा शुरू करने से पहले भगवान की प्रतिमा को रथ तक लाया गया और रास्ते को सोने के झाड़ू से साफ भी किया गया । इस रस्म को छेरापहरा रस्म कहा जाता है। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी प्रदेशवासियों को रथयात्रा की बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व ओडिशा के लिए जितना बड़ा उत्सव है, उतना ही बड़ा उत्सव छत्तीसगढ़ के लिए भी है। महाप्रभु जगन्नाथ जितने ओडिशा के लोगों को प्रिय हैं, उतने ही छत्तीसगढ़ के लोगों को भी प्रिय हैं, और उनकी जितनी कृपा ओडिशा पर रही है, उतनी ही कृपा छत्तीसगढ़ पर रही है। श्री साय ने कहा कि भगवान जगन्नाथ किसानों के रक्षक हैं। उन्हीं की कृपा से बारिश होती है। उन्हीं की कृपा से धान की बालियों में दूध भरता है। और उन्हीं की कृपा से किसानों के घर समृद्धि आती है। मैं भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना करता हूं कि इस साल भी छत्तीसगढ़ में भरपूर फसल हो। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा से मेरी प्रार्थना है कि वे हम सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और हमें शांति, समृद्धि और खुशहाली की ओर अग्रसर करें। *मुख्यमंत्री ने सोने के झाड़ू से छेरापहरा की रस्म निभाई* राजधानी रायपुर के गायत्री मंदिर में पुरी के जगन्नाथ रथ यात्रा की तर्ज पर पुरानी परंपरा निभाई जाती है।  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छेरापहरा की रस्म पूरी कर सोने की झाड़ू से बुहारी लगाकर रथ यात्रा की शुरुआत की।  इसके बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय प्रभु जगन्नाथ की प्रतिमा को रथ तक लेकर गए। *ओडिशा के तर्ज पर होती है छत्तीसगढ़ में रथ यात्रा* रथ यात्रा के लिए भारत में ओडिशा राज्य को जाना जाता है।  ओडिशा का पड़ोसी राज्य होने के नाते छत्तीसगढ़ में भी इसका काफी बड़ा प्रभाव है। आज निकाली गई रथयात्रा में प्रभु जगन्नाथ, भैया बलदाऊ और बहन सुभद्रा की खास अंदाज में पूजा-अर्चना की गई।  जगन्नाथ मंदिर के पुजारी के अनुसार उत्कल संस्कृति और दक्षिण कोसल की संस्कृति के बीच की यह एक अटूट साझेदारी है। ऐसी मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ का मूल स्थान छत्तीसगढ़ का शिवरीनारायण-तीर्थ है, यहीं से वे जगन्नाथपुरी जाकर स्थापित हुए। शिवरीनारायण में ही त्रेता युग में प्रभु श्रीराम ने माता शबरी के मीठे बेरों को ग्रहण किया था। यहां वर्तमान में नर-नारायण का मंदिर स्थापित है।

दुःखद खबर:बछड़े को खोजता बालक यूँ मौत के मुंह में समाया,,, माँ ने चप्पल देखकर लगा दी छलांग,पुलिस एक्टिव

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जशपुर – बड़ी दुःखद खबर तपकरा थाना इलाक़ेके गांव केरसई से निकलकर सामने आई है जहां बीते शाम बछड़े को ढूंढने निकले किशोर बालक की पानी में डूबने से हुई मौत हो गई।,माँ ने गड्ढे में उतरकर बच्चे को निकाला लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्चे की मौत हो गई।घर में मातम पसरा हुआ है। मृत बालक प्रेम कुमार गुप्ता के पिता प्रदीप गुप्ता ने बताया कि घर से 100 मीटर दूर कन्हैया लाल की जमीन में जेसीबी से घर बनाने के लिए बड़ा सा गड्ढा खोदा गया था जिसमें आज शाम 5:30 बजे अपने बछड़े को ढूंढने के लिए बालक प्रेम गुप्ता गढ्ढे के पास गया जहां उसका पैर फिसल गया होगा और वह गड्ढे में डूब गया।लगभग 15 मिनट बाद प्रेम की माँ सुकांति गुप्ता बछड़े को ढूंढते हुए गड्ढे के पास पहुंची जहां बेटे का चप्पल देखी और हड़बड़ा कर आसपास के लोगो को आवाज देने लगी।माँ सुकांति और कुछ लोग गड्ढे में कूदे और बच्चे को निकालकर केरसई अस्पताल ले गए।अस्पताल में कोई चिकित्सक नहीं होने से उसे कुनकुरी निजी अस्पताल लाया गया।अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।मृतक प्रेम कुमार गुप्ता केरसई के शासकीय हाईस्कूल में कक्षा दसवीं का छात्र था,जिसकी उम्र 15 वर्ष थी। कुनकुरी थाना प्रभारी सन्तोष तिवारी ने घटना के सम्बन्ध में बताया कि केरसई निवासी प्रदीप गुप्ता ने थाने में बेटे की पानी मे डूबने से मौत हो जाने की सूचना दी है।मर्ग इंटिमेशन दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से 94 हितग्राहियों को 16 लाख 5 हजार रुपए की दी गई आर्थिक सहायता, सीएम मैडम श्रीमती कौशल्या साय ने चेक का किया वितरण

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जशपुर – गंभीर बीमारी और आर्थिक तंगी से जुझ रहे 94 हितग्राहियों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वेच्छानुदान से 16 लाख 05 हजार का आर्थिक सहायता उपलब्ध कराया है, जिसमे कुनकुरी तहसील के 69 हितग्राही एवं दुलदुला तहसील के 25 हितग्राही शामिल हैं।आज गुरुवार को कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र के जनपद पंचायत के सभागार में कार्यक्रम आयोजित कर सीएम मैडम कौशल्या साय के मुख्य अतिथि में उनके द्वारा हितग्राहियों को चेक का वितरण किया गया।इस मौके पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेंद्र यादव ,जिला महामंत्री भरत सिंह,मंडल अध्यक्ष संतोष सहाय, श्री नायक मिश्रा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।सीएम मैडम कौशल्या साय ने इस दौरान कहा कि 6 माह के छोटे से कार्यकाल में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने इतना काम कर दिखाया है,जितना पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार,पांच साल में नहीं कर सकी। उन्होनें कहा कि महातारी वंदन,धान बोनस,प्रति एकड़ 21 क्विंटल की धान खरीदी,18 लाख हितग्राहियों के लिए पीएम आवास जैसे मोदी की गारंटी को भाजपा सरकार ने जमीन पर उतार कर,अपने चुनावी वायदे पूरा कर दिखाया है। उन्होनें कहा कि किसी प्रकार समस्या हो तो बगिया स्थित सीएम कैम्प कार्यालय में आकर आवेदन कर सकते हैं,अब तक यहा से 4 सौ से अधिक जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सेवा से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। भाजपा की सरकार,आम लोगों की जरूरत और समस्याओं के साथ विकास को लेकर संवेदनशील है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेंद्र यादव एवं महामंत्री भरत सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार के 6 माह के कार्यकाल में जशपुर जिले की विकास ना केवल पटरी पर वापस लौटी है अपितु तेज गति से आगे बढ़ रही है। कुनकुरी में 220 बिस्तर की क्षमता वाले सर्वसुविधा युक्त अस्पताल की घोषणा इसका उदाहरण है। इस अस्पताल के बन जाने से जशपुरवासियों को स्वास्थ्य सेवा की जरूरतों के लिए बड़े शहरों की ओर दौड़ लगाने से मुक्ति मिल सकेगी।सरकारी अस्पताल में ही उच्च गुणवत्तायुक्त उपचार उपलब्ध हो सकेगा।   *मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान राशि मिलने से हितग्राहियों के चेहरे में आई नई मुस्कान* कुनकुरी के जनपद सभागार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने हितग्राहियों को स्वेच्छा अनुदान राशि बांटी । चेक मिलने के बाद हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय एवं सीएम मैडम कौशल्या साय का आभार जताया है,उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा की उन्हें आर्थिक सहायता मिल जाने से इलाज सहित जीवन यापन करने में मदद मिल सकेगी। —

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की मुलाक़ात, छत्तीसगढ़ विजन डॉक्यूमेंट व माओवादी विरोधी अभियानों की दी जानकारी

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नई दिल्ली, 25 जून 2024-छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी से संसद भवन में मुलाकात की। इस मौके पर उन्होंने नरेंद्र मोदी को तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री को अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन @2047 ‘विजन डॉक्यूमेंट’ के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसका निर्माण राज्य नीति आयोग द्वारा किया जा रहा है जिसे एक नवंबर को राज्य की जनता को समर्पित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विगत छह माह में माओवादी विरोधी अभियानों में की गयी कार्रवाई की जानकारी भी प्रधानमंत्री को दी। नियद नेल्लानार योजना (आपका आदर्श गाँव) के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत नक्सलियों के आधार को कमजोर करने व शासन-प्रशासन व ग्रामीणों के बीच परस्पर विश्वास बहाली का कार्य किया जा रहा है। इस योजना के तहत वर्तमान में 23 कैंप खोले गए हैं, जिनमें 90 ग्राम शामिल हैं तथा भविष्य में 29 कैंपों को प्रारंभ करने की योजना है।

आरोप : साय सरकार में बिजली कट रही है सांय-सांय,मोमबत्ती बांटकर कांग्रेसियों ने किया सांकेतिक विरोध प्रदर्शन

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जशपुर – कांग्रेसी नेताओं ने जिला मुख्यालय जशपुर में शहर की चरमराई बिजली व्यवस्था को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया है।प्रदर्शनकारियों ने शहर में घूमघूमकर मोमबत्तियां बांटी। दरअसल,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृहजिले में बीते दो महीने से विभिन्न गांव-कस्बों में आंधी-तूफान चलने से सैकड़ों बिजली के खंबे टूट गए थे।गर्मी के कारण लोड बढ़ने से कई ट्रांसफार्मर खराब हो गए थे।कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में तो हालात इतने बिगड़ गए थे कि परेशान लोगों ने बिजली विभाग के कुनकुरी दफ्तर में हंगामा खड़ा कर दिया था।मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर विद्युत वितरण कम्पनी के अधिकारी-कर्मचारियों ने कैम्प करके बिजली व्यवस्था दुरुस्त की।अब जशपुरनगर में बिजली की सप्लाई बार-बार बाधित हो रही है।गर्मी और उमस से परेशान लोगों की आवाज बनकर कुछ कांग्रेसी नेताओं ने सरकार तक सन्देश पहुँचाने के लिए अनोखा सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया।ब्लॉक कांग्रेस शहर और ग्रामीण के अध्यक्ष,पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने मोमबत्ती बांटकर कहा कि अब इसी से काम चलाइये,सरकार के भरोसे मत रहिए।प्रदर्शनकारियों में शहर अध्यक्ष सहस्रांशु पाठक,ग्रामीण अध्यक्ष मनमोहन भगत, तारकेश्वर सिंह, अनोज गुप्ता किरणकांति सिह, प्यारी कुजूर, निखिल रवानी, चाँद ख़ान, मोनिका गुप्ता, संजय राम, रमीज़ ख़ान, भोलू सक्रिय रहे।

मुख्यमंत्री बनने के बाद भी नहीं भूले किसानी,धरती माता से विष्णुदेव साय ने मांगी किसानों की खुशहाली

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जशपुर, 18 जून 2024/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ राज्य की कमान संभालने के साथ साथ अपने पारिवारिक जिम्मेदारियों को भी बखूबी संभाल रहे हैं। उन्होंने आज अपने गृह ग्राम बगिया में मानसून की आहट को देखते हुए पुश्तैनी खेतों में खेती-किसानी की शुरूआत की। उन्होंने स्वयं एक किसान की तरह धान की बोनीे कर परंपरा का निर्वहन किया। मुख्यमंत्री ने परंपरा के मुताबिक पांच बार बीजों को अपने हाथों में लेकर खेतों में बिखरा दिया, इसके बाद परिवारजनों ने भी उनका अनुसरण किया। खेती-किसानी को लेकर जशपुर, सरगुजा अंचल के किसानों में ऐसी परंपरा है, जिसमें परिवार के लोग मुखिया के साथ धान की बोनी की रस्म निभाते हैं। मुख्यमंत्री खेती-किसानी का पारंपरिक परिधान पहनकर खेतों में नजर आए। उन्होंने पगड़ी लगाई और पारंपरिक वस्त्र पहना इसके बाद टोकरी में धान बीज रखे और इनकी पूजा की गई। उल्लेखनीय है कि फसल की समृद्धि की कामना के लिए बीज छिड़कने के पूर्व यह रस्म जशपुर-सरगुजा क्षेत्र में की जाती है। छत्तीसगढ़ किसानों का प्रदेश है प्रदेश का हर किसान खेती किसानी की तैयारियों में जुट गया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश में बेहतर खरीफ फसल के लिए बीते दिनों कृषि विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक भी की। मुख्यमंत्री किसानों के सरोकार रखते हैं चूकि वे हमेशा खेती-किसानी से जुड़े रहे हैं, इसलिए उन्होंने समय पूर्व ही अधिकारियों को खाद बीज की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को किसानों की जरूरतों के अनुरूप कृषि अदानों की व्यवस्था करने और टेक्नोलॉजी का अधिक प्रयोग करते हुए उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया था।

अबूझमाड़ में नक्सल मुठभेड़ में शहीद हुए एसटीएफ जवान नितेश एक्का को राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई,शहीद की झलक पाने के लिए उमड़ी भीड़

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**जशपुर, छत्तीसगढ़:** अबूझमाड़ में नक्सलियों के खिलाफ अद्वितीय साहस और वीरता का प्रदर्शन करते हुए शहीद हुए विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) के जवान नितेश एक्का के पार्थिव शरीर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव चरईडांड,पोर्टेंगा में दफनाया गया। इस अवसर पर आईजी अंकित गर्ग और एएसपी अनिल सोनी ने शहीद को कंधा देकर अंतिम विदाई दी। शहीद का पार्थिव शरीर सेना के हेलीकॉप्टर से जशपुर हेलीपैड लाया गया, जहां से नगर में शहीद शौर्य यात्रा निकाली गई।   नितेश एक्का का जन्म 28 फरवरी 1997 को जशपुर जिले के पोरतेंगा गांव में हेलारियूस एक्का के घर हुआ था। उनके पिता की पिछले वर्ष 23 जून 2023 को बीमारी से मृत्यु हो गई थी। इस दुखद घटना ने उनकी माता नीलिमा एक्का और बड़े भाई अशोक एक्का को गहरे सदमे में डाल दिया है। नितेश एक्का विशेष टास्क फोर्स के अग्रिम दल की स्काउट पार्टी का हिस्सा थे, जो किसी भी अभियान में सबसे आगे रहती है और सबसे जोखिम भरी स्थिति में होती है। उन्होंने अपनी बहादुरी और कुशलता से कई अभियानों को सफल बनाया। बड़े भाई अशोक ने  बताया कि उनके शहीद भाई के प्रेरणास्रोत बालोद एसपी चाचा सुरजन राम भगत थे। नितेश को हथियार और वर्दी पहनने का शौक था, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने सेना में भर्ती होने का प्रयास किया, लेकिन ऊंचाई कम होने के कारण वह सेना में भर्ती नहीं हो सके। इसके बाद, 2017 में उन्होंने छत्तीसगढ़ सुरक्षा बल में भर्ती होकर एसटीएफ में अपनी सेवाएं शुरू कीं और 28 नवंबर 2020 से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हुए। 15 जून 2024 को अबूझमाड़ में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में सिर में गोली लगने से वह शहीद हो गए। अशोक ने कहा कि नितेश की शहादत उनके वर्दीधारी जीवन की चरम सफलता थी। आईजी सरगुजा अंकित गर्ग ने श्रद्धांजलि संदेश में कहा, “नितेश एक्का ने राष्ट्र के दुश्मनों के खिलाफ अद्वितीय वीरता का प्रदर्शन करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है। यह गर्व का विषय है और इस परिवार का बेटा चला गया तो दुख भी है।” उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय से नक्सलियों का दंश झेल रहा है, लेकिन अब नक्सलवाद अंतिम चरण में है। हमारा लक्ष्य है नक्सलवाद का समूल नाश करना और नक्सलियों का अंत करना ही शहीद नितेश एक्का को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर बालोद एसपी ने भी अपने श्रद्धांजलि संदेश में नितेश की बहादुरी की सराहना की। शहीद नितेश एक्का को अंतिम विदाई देने के लिए पूरा इलाका उमड़ पड़ा और “शहीद जवान अमर रहें” के नारे गूंजते रहे। नितेश की अद्वितीय बहादुरी और समर्पण हमेशा याद रखे जाएंगे और उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।सामाजिक रीति रिवाज से मृत देह का अंतिम संस्कार पोर्टेंगा पल्ली पुरोहित सरजियूस किंडो ने कराया।प्रशासन की ओर से एसडीएम कुशवाहा,एसडीओपी चंद्रशेखर परमा उपस्थित थे।अंतिम विदाई के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष शांति भगत उमेश प्रधान, अनिल किस्पोट्टा,वाल्टर कुजूर,संदीप मिंज सैंडी,अभिनंद खलखो,रजनी प्रधान,विनोद प्रधान,देवधन नायक विशेष रूप से सक्रिय रहे।

ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने पत्थलगांव में खुला ई-सायकिल बिक्री केंद्र,सेहत और धन में फायदेमंद सायकिल की खूबियां देख युवा बिक्री केंद्र पहुंचने लगे,9 ई-सायकिल बिकी

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जशपुर – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ग्रीन एनर्जी पर विशेष फोकस का परिणाम ई-सायकिल,ई-स्कूटी,ई-बाईक्स के रूप में भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में देखने को मिल रहा है।देशी कम्पनी VERB ELECTRIC की ई-सायकिल पत्थलगांव में कॉलेज,स्कूल के स्टूडेंट्स के आकर्षण का केंद्र बना है। इसकी खूबियों के बारे में सरगुजा सम्भाग के डिस्ट्रीब्यूटर कुजूर ट्रेडर्स की प्रमुख श्रीमती नीलम कुजूर ने बताया कि भारतीय वर्ब कम्पनी के स्मार्ट ई-साईकिल पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त है और पर्यावरण मित्र के साथ ही शरीर को फिट रखने का विकल्प देनेवाला आधुनिक सायकिल है।यह साइकिल इलेक्ट्रिक चार्ज से बिना पैडल मारे 50 किलोमीटर का माइलेज देता है।स्पीड की बात करें तो 25 किलोमीटर से लेकर 35 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ़्तार देता है।सबसे अच्छी बात यह है कि पेट्रोल,डीजल,सीएनजी की बढ़ती मंहगाई का यह बेहद सस्ता समाधान है।सभी उम्र के लोगों के लिए ई-सायकिल हेवी ट्रैफिक, तंग गलियों में आसानी से ले जाने के कारण काफ़ी तेजी से मार्केट में अपनी बिक्री बढ़ा रहा है।पत्थलगांव में कुजूर ट्रेडर्स ने 15 दिन पहले लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देते हुए ई-सायकिल बेचना शुरू किया है।अभी तक पत्थलगांव में 9 लोगों ने ई-सायकिल खरीदी है।वहीं 50 लोगों ने ई-सायकिल के बारे में जानकारी ली और टेस्ट ड्राइव भी किया।