अधूरे-बिगड़े संसाधनों के साथ कुनकुरी कृषि महाविद्यालय युवाओं को दे रहा पँख,उम्दा प्रयोगशालाओं व हाईटेक क्लासरूम में विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाने में डीन के प्रयासों की दिखी झलक

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जशपुर – 2019 में भूपेश सरकार ने जिले को कृषि कॉलेज के साथ रिसर्च सेंटर की बड़ी सौगात दी।जिसका लाभ जशपुर सहित पूरे प्रदेश के युवाओं को मिल रहा है।बावजूद इसके  कुछ कमियों की वजह से कॉलेज प्रबंधन और विद्यार्थियों का मनोबल गिरता दिख रहा है। दरअसल,18 जुलाई 2019 को कुनकुरी के आईटीआई कॉलेज में कृषि कॉलेज की कक्षाएं लगनी शुरू हुईं।उधर रायगढ़ रोड पर कुनकुरी से 4 किलोमीटर दूर पंडरीपानी गांव में कॉलेज की बिल्डिंग और फिर दो हॉस्टल बनना शुरू हुआ।कॉलेज के डीन अमित कुमार सिन्हा बताते हैं कि पंडरीपानी में 2023 में कॉलेज की बिल्डिंग अम्बिकापुर के ठेकेदार शिव अग्रवाल ने गुणवत्ता के साथ बनाकर दी।जिसमें नवम्बर 2023 से हमने कॉलेज व रिसर्च सेंटर शिफ्ट किया।इसी कैम्पर में 50-50 मीटर में छात्र व छत्राओ के दो हॉस्टल भी बनाये गयेव जिसमें बीते दो महीने से विद्यार्थी रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। यह आवासीय महाविद्यालय है जिसमें फ़िलहाल 40 छात्र और 25 छात्राएं रह रहे हैं।कॉलेज परिसर में टॉप क्लास के सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं जिससे संस्था प्रमुख के कमरे से पूरे कैम्पस पर नजर रखी जाती है।दोनों हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरे भी डीन के चैंबर से कंट्रोल होता है।इंटरनेट की समस्या को देखते हुए डॉ सिन्हा ने वाई-फाई सिस्टम लगाकर सभी को फ्री इंटरनेट दे दिया है। वहीं हॉस्टल में भी छात्र-छात्राओं ने डीन के प्रयासों की खुलकर प्रशंसा करते हुए बताया कि यहां पढ़ाई करने,भोजन करने की अच्छी व्यवस्था है।विद्यार्थियों को ही अपना मीनू तय करने का अधिकार है।डायनिंग हॉल, किचन रूम सभी सुव्यवस्थित रखा जाता है। (भूपेश सरकार में बने छात्रावास में दीमक लगने की एक तस्वीर) इसके बाद विद्यार्थियों ने परेशानियों के बारे में पूछने पर बताया कि भवन में बिजली वायरिंग सही तरीके से नहीं हुआ है।टाइल्स लगे फर्श से दीमक निकलकर कमरों में लकड़ी और किताबों को खराब कर रहे हैं।बिजली भी बार-बार चली जाती है जिसके कारण पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है।यहां जनरेटर नहीं है।बारिश होती है तो छत से पानी टपकता है। इन सब कमियों को लेकर संस्था प्रमुख से जवाब-तलब किया गया तो उन्होंने कहा कि इन सभी परेशानियों को कम करने के लिए प्रयास कर रहा हूँ।कॉलेज परिसर में बाउंड्रीवाल, विद्यार्थियों के प्रैक्टिकल व शैक्षणिक भ्रमण,कृषि फार्म आने जाने के लिए एक बस ,स्टॉफ क्वार्टर और परिसर में हॉस्टल से कॉलेज और कॉलेज से मेन रोड तक आने-जाने के लिए सड़क की मांग है। बहरहाल,उम्मीद की जा रही है कि कुनकुरी विधायक विष्णुदेव साय के मुख्यमंत्री बनने से कृषि शिक्षा के बड़े केंद्र में भ्रष्टाचार का दीमक लगाने वाले  जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी और कॉलेज की परेशानियों को जल्द से जल्द दूर किया जाएगा।

 धनवंतरी के नाम पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी में अतिक्रमण का खिलाड़ी कौन?नगरपंचायत और सीएसची के बीच रस्साकशी का कागजी खेल जारी,,पढ़ते रहिए खबर JANपक्ष

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जशपुर – सत्ता की सरपरस्ती में भ्रष्टाचार का नँगा नाच करने वाले धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर के प्रोपराइटर की करतूत सामने आई है।पिछली खबर के दौरान जो जानकारी हमें मिली है वो काफ़ी हैरान कर देने वाली है।वहीं अवैध रूप से बने गुमास्ता लाईसेंस पर नगर पंचायत प्रशासन मौन है। पूरे छत्तीसगढ़ में आपने ऐसा मामला कहीं और नहीं देखा होगा कि हड़बड़ी में क्रेडिट लेने के चक्कर में, भूपेश सरकार का चेहरा चमकाने के लिए सत्ताधीशों ने एक दवा बेचनेवाले को अस्पताल की गोद दे दी।अब वो सिर पर चढ़ बैठा है।   दरअसल,कुनकुरी के बड़े सरकारी अस्पताल के कक्ष क्रमांक 10 में बिना लिखित अनुमति के सरकारी योजना श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर में भ्रष्टाचार की कलई खुलने लगी है। बता दें कि मामला केवल स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में अवैध अतिक्रमण तक ही सीमित नही है, योजना को लेकर की जा रही काली कमाई के साथ साथ अनेक प्रकार के भ्रष्टाचार से भी जुड़ता जा रहा है। अब तक की पड़ताल में अवैध तरीके से अस्पताल प्रबंधन एवं नगरीय प्रशासन को अंधेरे में रखकर अवैध दुकान के निर्माण की पोल खुली तो अस्पताल प्रशासन अब खुलकर सामने आ गया है।इस निर्माण को अवैध बताकर कार्यवाही करने की बात करने लगा है। गुमाश्ता में पंजीकृत दुकान के कागजात के अनुसार श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर को प्रोपराईटर विशाल गुप्ता पिता जंगली निवासी बगीचा द्वारा 16 जनवरी 2023 से संचालित किया जा रहा है तथा फार्मासिस्ट के रूप में प्रभु तिग्गा दवा दुकान में बैठते है। दुकान के संचालन के दौरान मरीजों से जानकारी मिली कि दवा का किसी प्रकार का बिल नही दिया जाता है। भुगतान भी केवल नगद के रूप में लिया जाता है, जिसके कारण अधिक भुगतान लेने पर इसे प्रमाणित भी नही किया जा सकता है। जबकि यह दुकान इसी कक्ष क्रमांक 10 में 20 अक्टूबर 2021 से यानि कि लगभग तीन सालों से चल रहा है।अस्पताल से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के अनुसार श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर को अस्थायी तौर पर शासन की महत्वपूर्ण योजना के नाम पर स्थान दिया गया था। जिसे अस्पताल प्रबंधन ने कुछ दिनों बाद स्थान की कमी के कारण अन्यत्र संचालन करने कई बार नगरीय प्रशासन को पत्र लिखा भी था। जिसपर कोई कार्यवाही नही हुई। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुनकुरी के विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक द्वारिका निकुंज द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर का संचालन अस्पताल परिसर से बाहर करने का प्रावधान है, जिससे अस्पताल के मरीजों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी इस योजना का लाभ प्राप्त हो सके। परिसर में हो रहे अवैध निर्माण के सवाल पर उन्होने निर्माण हेतु किसी प्रकार की स्वीकृति न दिये जाने की जानकारी दी तथा अवैध निर्माण की सूचना उच्चधिकारियों को देकर जल्द ही कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। नगर पंचायत के इंजीनियर सुशांत मिंज द्वारा दवा दुकान संचालन के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि दवा दुकान को अस्पताल भवन से अन्यत्र स्थानांतरण हेतु अस्पताल प्रबंधन द्वारा पत्र लिखा गया था। नगर पंचायत द्वारा आबंटित स्थल दूर होने के कारण अस्पताल प्रबंधन को परिसर में स्थल देने हेतु आग्रह किया गया है। चल रहे निर्माण हेतु नगर पंचायत को किसी प्रकार की सूचना नही दी गई है। निर्माण दवा दुकान के संचालक द्वारा स्वयं कराया जा रहा है। इस प्रकरण की पड़ताल के दौरान चौकाने वाली जानकारी सामने आई है, जशपुर जिले के पांचों नगरीय निकाय में एक ही व्यक्ति विशाल गुप्ता के नाम पर श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर संचालित किया जा रहा है। एक ही व्यक्ति का एकाधिकार होने के कारण मरीजों से दवा का मनमाना मूल्य लिया जाना जानकारी में आया है। इस प्रकरण की भी गहन जांच करने से और भी कई अनियमित्ता सामने आने की संभावना है। मरीजों एवं आम नागरिकों को सस्ते मूल्य पर दवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य की प्राप्ति के लिये इस पूरी व्यवस्था का पोस्टमार्टम कर जनता की सुविधा के अनुकूल व्यवस्था स्थापित करने में शासन और प्रशासन को ध्यान देना होगा। बहरहाल,पिछली :खबर का असर यह हुआ है कि अवैध तरीके से अतिक्रमण कर बन रही दुकान में शटर भी लग गया।ताज़्जुब इस बात पर कि जो अस्पताल नगर पंचायत को चिट्ठी लिखकर निवेदन कर रहा है कि धनवंतरी जेनेरिक दवा की दुकान को बाहर ले जाओ।उसी अस्पताल की बाउंड्री के अंदर बल्कि बाउंड्री तोड़कर धड़ल्ले से नई दुकान बनाई जा रही है।

भूपेश सरकार में संचालित जनस्वास्थ्य की दुकान अवैध तरीके से चल रही है,सांय सांय..बड़ा खुलासा जारी है,,पढ़ते रहिए ख़बर JANपक्ष

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नियमों की धज्जियां उड़ाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुनकुरी में श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर का किया जा रहा संचालन, काली कमाई के लिये अस्पताल की जमीन पर किया जा रहा अतिक्रमणबाहरी मरीज़ों को नही मिलता सस्ती दवाओं का लाभ भ्रामक जानकारी देकर नगर पंचायत में कराया गया गुमाश्ता पंजीयन जशपुर  : आम जनता को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तत्कालीन भूपेश सरकार ने धन्वंतरि जेनेरिक मेडिसिन सेंटर खोला जो विष्णु सरकार में भी चल रहा है।कुनकुरी में संचालित सेंटर का मुआयना करने पर जानकारी मिली कि यहां दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करके राजनैतिक संरक्षण में बड़ा काम किया जा रहा है। दरअसल, जनस्वास्थ्य के नाम पर इस खेल की शुरूवात राजनैतिक हस्तक्षेप में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन के अंदर 10 नम्बर के कमरे में अवैधानिक रूप से दवा दुकान खोलने के साथ हुई। अवैधानिक इसलिए क्योंकि इस दवा दुकाम को खोलने के लिये किसी भी प्रकार की न तो अनुमति ली गई और न ही अस्पताल प्रशासन को इसकी सूचना दी गई। यह जांच का विषय है कि यह दवा दुकान नियमों के विपरित अस्पताल भवन में खुली कैसे ? इस मामले की पड़ताल प्रारंभ होने पर पता चला कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुनकुरी के भवन मं संचालित हो रही श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर से जुड़ा हुआ है और इसी दवा दुकान को इसी परिसर में संचालित करने के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की शासकीय जमीन पर अतिक्रमण कर एक दुकान का निर्माण कराया जा रहा है। पड़ताल में ज्ञात हुआ कि इस दवा दुकान का गुमास्ता पंजीयन में भी वैध दस्तावेज की जानकारी दिये बगैर रहस्यमय ढ़ंग से कराया गया। अस्पताल प्रशासन की ओर से इस दुकान के संचालन को अन्यत्र किये जाने हेतु नगर पंचायत को कई बार पत्र लिखे जाने की भी जानकारी प्राप्त हुई है लेकिन लम्बा समय बीत जाने के बाद भी इस संबंध में कोई कार्यवाही नही हुई है। अस्पताल परिसर में हो रहे इस अतिक्रमण के बारे में अस्पताल प्रशासन द्वारा भी किसी प्रकार की कार्यवाही किये जाने की जानकारी नही मिली है। इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के कर्मचारियों से जानकारी लेने पर ज्ञात हुआ कि इस दवा दुकान को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन से हटाये जाने हेतु प्रारंभ से लिखा जा रहा है। अस्पताल परिसर में हो रहे अवैध निर्माण कार्य से अस्पताल प्रशासन जानकारी नही होने की बात कह रहा है। इस दवा दुकान से मरीजों को बेची जा रही दवा में भी अधिक मूल्य वसूल करने की मरीजों से जानकारी मिली है। दुकानदार द्वारा मरीजों को दवा का बिल भी नही दिये जाने की शिकायत प्राप्त हुई है। दुकान से मनमाने मूल्य पर दवा विक्रय किये जाने की भी जांच की मांग उठ रही है।

 बिरहोरों के भाई जगेश्वर यादव को राष्ट्रपति मुर्मू ने पद्मश्री अवार्ड से किया सम्मानित,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई

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जशपुर – समाज सेवक जगेश्वर यादव को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने पद्मश्री से सम्मानित किया है । आज राष्ट्रपति भवन, दिल्ली में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह में पद्मश्री से सम्मानित किया है । श्री जागेश्वर यादव का नाम 2024 के पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित हुआ था। जिले के बिरहोर आदिवासियों के उत्थान हेतु बेहतर कार्य के लिए उन्हें यह पुरस्कार दिया गया। बगीचा ब्लॉक के भितघरा गांव में पहाड़ियों व जंगल के बीच रहने वाले श्री जागेश्वर यादव 1989 से ही बिरहोर जनजाति के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने इसके लिए जशपुर जिले में एक आश्रम की स्थापना की है। साथ ही शिविर लगाकर निरक्षरता को खत्म करने और स्वास्थ्य व्यवस्था लोगों तक पहुंचाने के लिए कड़ी मेहनत की है। उनके प्रयासों का नतीजा था कि कोरोना के दौरान टीकाकरण की सुविधा मुहैया कराई जा सकी। इसके अलावा शिशु मृत्यु दर को कम करने में भी मदद मिली। पद्मश्री जगेश्वर यादव का जन्म जशपुर जिले के भितघरा गांव में हुआ था। बचपन से ही इन्होंने बिरहोर आदिवासियों की दुर्दशा देखी थी। उस समय घने जंगलों में रहने वाले बिरहोर आदिवासी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से वंचित थे। जगेश्वर ने इनके जीवन को बदलने का फैसला किया। इसके लिए सबसे पहले उन्होंने आदिवासियों के बीच रहना शुरू किया। उनकी भाषा और संस्कृति को सीखा। इसके बाद उन्हें शिक्षा की अलख जगाई, और स्कूलों में भेजने के लिए प्रोत्साहित किया। जगेश्वर यादव ‘बिरहोर के भाई’ के नाम से चर्चित हैं। उनके बेहतर कार्य के लिए पहले भी 2015 में शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान मिल चुका है। जगेश्वर के लिए आर्थिक कठिनाइयों की वजह से यह सब आसान नहीं था। लेकिन उनका जुनून सामाजिक परिवर्तन लाने में सहायक रहा। जगेश्वर बताते हैं कि पहले बिरहोर जनजाति के लोग उनके बच्चे अन्य लोगों से मिलते जुलते नहीं थे। बाहरी लोगों को देखते ही भाग जाते थे। इतना ही नहीं जूतों के निशान देखकर भी छिप जाते थे। ऐसे में पढ़ाई के लिए स्कूल जाना तो बड़ी दूर की बात थी। लेकिन अब समय बदल गया है। जगेश्वर यादव के प्रयासों से अब इस जनजाति के बच्चे भी स्कूल जाते हैं। जगेश्वर यादव के पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित होने के बाद से ही परिवार और पूरा गांव खुशियां मना रहा था। लोगों का बधाई देने के लिए उनके घर आने का सिलसिला जारी था । आज राष्ट्रपति भवन, दिल्ली में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने श्री जागेश्वर यादव को पद्मश्री से सम्मानित किया। जिसके बाद से ही परिवार और पूरा गांव सहित जिले भर में लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

बड़ी खबर: सड़क हादसे में 8 लोगों की मौत,खड़ी ट्रक को पिकप ने मारी टक्कर,घायलों के ईलाज में जुटा पूरा प्रशासन

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बेमेतरा – देर रात छठी कर्यक्रम से लौट रहे दर्जनों लोग सड़क हादसे का शिकार हो गए।एसपी रामकृष्ण साहू ने घटना की पुष्टि की है।जिसमें तेज रफ्तार पिकप ने सड़क किनारे खड़ी ट्रक को टक्कर मार दी।हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हैं। दरअसल,घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार पिकप में 40 से ज्यादा लोग सवार थे जो सिमगा से लगे तिरैया गांव में छठी ( जन्म का छठवां दिन ) कार्यक्रम मनाकर लौट रहे थे।लगभग 2 बजे से 3 बजे के बीच यह एक्सीडेंट हुआ है। अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतकों में 5 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल हैं।4 लोगों की हालत गम्भीर है जिन्हें कलेक्टर , एसपी और स्थानीय विधायक बेहतर इलाज के लिए रायपुर एम्स भेज रहे हैं।वहीं 23 घायलों का इलाज जारी है।पुलिस ने सभी 8 मृतकों की शिनाख्ती कर ली है । जिनके नाम भूरी निषाद (50), नीरा साहू (55), गीता साहू (60), अग्निया साहू (60), खुशबू साहू (39), मधु साहू (5), रिकेश निषाद (6) और ट्विंकल निषाद (6) है।

रिटायर्ड पुलिस कांस्टेबल को अज्ञात लोगों ने पीट-पीटकर मार डाला, हत्या की खबर से फैली सनसनी,थाना प्रभारी मल्लिका तिवारी घटना की जांच में जुटी

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जशपुर – कुनकुरी थाना क्षेत्र के हर्राडांड गांव में एक रिटायर्ड पुलिस कांस्टेबल प्रभात टोप्पो की हत्या की खबर आई है।घटना बीती रात की बताई जा रही है।मौके पर पुलिस पहुंच गई है और पंचनामा कार्रवाई कर लाश को पोस्टमार्टम के लिए रवाना की है। हत्या की खबर से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।ग्रामीण सूत्र के मुताबिक बीती रात हर्राडांड  चौक से 200 मीटर कलिबा रोड पर स्थित मकान में बीती रात अज्ञात लोगों ने धावा बोला और घर में मौजूद प्रभात टोप्पो पिता पास्कल टोप्पो उम्र 49 वर्ष की पीट-पीटकर हत्या कर दी।मृतक की पत्नी से पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों को लेकर जानकारी ले रही है। थाना प्रभारी मल्लिका तिवारी ने फोन पर घटना की पुष्टि की है।उन्होंने बताया कि मृतक की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।हत्या के कारणों की जांच की जा रही है।फिलहाल इस बारे में ज्यादा कुछ कह नहीं सकती।

महावीर जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई,णमोकार युवा मंडल ने राहगीरों को शर्बत पिलाकर दिया अहिंसा का संदेश,नपं सीएमओ ने मांस की बिक्री बंद कराई

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Jashpur – भगवान महावीर स्वामी की जयंती पूरे देश में मनाई जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को महावीर जयंती की बधाई दी है।कुनकुरी शहर के चौक-चैराहों पर जैन धर्मानुयायी लोगों को शर्बत पिलाकर शाकाहार अपनाने की अपील कर रहे हैं। महावीर जयंती के पुण्यदिवस पर जशपुर,कुनकुरी और बगीचा शहर में लोगों तक महावीर स्वामी के शुभ सन्देश पहुंचाने के लिए कई सारे आयोजन कर रहे हैं। उन्हें भीषण गर्मी में राहत की शर्बत पिला रहे हैं।णमोकार युवा मंडल के अध्यक्ष अंशुल रारा ने बताया कि आज दिन भर लोगों की सेवा करते हुए महावीर स्वामी का स्मरण कर उनके विचारों को जन जन तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। शाम 4 बजे जैन मंदिर से महावीर स्वामी की भव्य शोभायात्रा निकालते हुए अहिंसा परमोधर्म: , शाकाहार अपनाने का सन्देश देंगे।राहगीरों को शर्बत पिलाने में निपेन्द्र जैन, रवि जैन, मुकेश जैन,मोनू-सोनू रारा,आलोक रारा,रमनजैन,शोभित जैन,कौशल  रारा,नेहिल,समंत,कुशाल समेत अनेक जैन धर्मानुयायी सक्रिय रहे।

मानव तस्करों की कैद से तीन नाबालिग बच्चों को सकुशल छुड़ाया,एसपी शशिमोहन सिंह की मॉनिटरिंग हुई सफल,एमपी में अन्य आरोपियों की धरपकड़ में टीम जुटी

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जशपुर – एसपी शशिमोहन सिंह ने नाबालिग बच्चों की मानव-तस्करी करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है।इस मामले में आरोपिया रिश्तेदार ने तीन अनाथ बच्चों को सब्जबाग दिखाकर अपने रैकेट के जरिये मध्यप्रदेश के छतरपुर तक भेज दी।इस घटना से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मानव तस्कर अभी भी जिले में सक्रिय हैं।पुलिस की टीम इन रैकेट में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी है। दरअसल, 65 वर्षीय प्रार्थी ने दिनांक 18.04.2024 को पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसके नाती का करीब 07-08 वर्ष पूर्व एक्सीडेंट होने से मृत्यू हो गई जिसके बाद नाती की पत्नी ने दूसरी जगह शादी कर घर बसा ली। प्रार्थी के नाती के 03 बच्चे हैं, सबसे बड़ी लड़की उम्र 14 साल, मंझली लड़की 12 साल एवं सबसे छोटा लड़का जो 10 साल का है।  उक्त तीनों बच्चे प्रार्थी के बड़े भाई जो जन्म से अपाहिज है उन्हीं के घर में रहते हैं, प्रार्थी एवं परिवार के लोग बीच-बीच में जाकर बच्चों की देख-भाल करते हैं। थाने में दिए तहरीर के मुताबिक  दिनांक 12.04.2024 को शाम लगभग 04 बजे प्रार्थी बकरी चराकर वापस अपने घर में आया तो उसकी बहू ने उसे बताया कि उसके तीनों पड़पोते-पोती घर में बिना किसी को बताये कही चले गये हैं, प्रार्थी द्वारा बच्चों की पतासाजी के दौरान उसे गांव के लोगों से पता चला कि तीनों बच्चों को उनके निकट रिश्तेदार के साथ स्कूटी में बैठकर जाते देखना बताया गया। प्रार्थी द्वारा निकट रिश्तेदार है यह सोचकर वह उसी समय उसे फोन नहीं किया। प्रार्थी 03 दिन बाद रिश्तेदार को फोन करके बच्चों के संबंध में पूछा तो वह बच्चों को नहीं जानती हूं, मेरे पास नहीं है बताई। प्रार्थी की उक्त रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की अत्यंत संवेदनशीलता को देखते हुये पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह (IPS) ने एसडीओपी बगीचा श्रीमती निमिषा पाण्डेय के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर उक्त गुम बच्चों की पतासाजी हेतु लगाया गया, जिसकी माॅनीटरींग स्वयं पुलिस अधीक्षक जशपुर द्वारा किया गया। टीम द्वारा उक्त तीनों बच्चों को सकुशल बरामद कर थाना लाया गया। पूछताछ में बच्चियों ने बताया कि घटना दिनांक के 02 दिन पूर्व उनकी रिश्तेदार उनके घर में आई थी और बोली कि मेरे साथ चलो, तो वह प्रार्थी को बिना सूचित किये उक्त दोनों बच्चियों को अपने साथ लेकर अपने घर आई, 02 दिन अपने साथ रखी फिर दिनांक 12.04.2024 को उसने अपने स्कूटी वाहन से दोनों बहनों को उनके घर तपकरा क्षेत्र स्थित घर में लेकर आई और बोली कि-”तुम्हारे पिताजी का पैसा निकलेगा, तुम लोग साथ में रहोगे तब मिलेगा, तुम लोग बाहर जाकर काम करोगे तो उसका भी पैसा मिलेगा और तुमलोगों का अमीर घर में विवाह करा दूंगी जिंदगी अच्छे से कटेगा, तुम्हारे भाई को भी ले जायेंगे, चुपचाप चलना है किसी को नहीं बताना है” कहते हुये अपनी बातों में लेकर तीनों भाई-बहन को स्कूटी वाहन में बैठाकर तपकरा आई और उन्हें बोली कि बस से कुनकुरी बस स्टैंड जाना फिर वहां से दूसरा बस पकड़कर कांसाबेल जाना है, मैं भी आती हूं। कांसाबेल बस स्टैंड में उसकी सहेली मिलेगी कहकर वह बस किराये के लिये 500 रू. दी। फिर वह एक बस में बिठाई एवं कुनकुरी में बस बदलकर कांसाबेल पहुंचने पर उनकी रिश्तेदार एवं उसके साथी मिले। रिश्तेदार की साथी ने उन्हें पुनः बस में बिठाकर अम्बिकापुर ले गई उसके बाद रेल्वे स्टेशन अंबिकापुर में ले जाकर अब मेरे साथ रहना है कहते हुये ट्रेन के माध्यम से अनुपपुर होते हुये अपने घर छतरपुर (मध्य प्रदेश) ले गई।   रिश्तेदार के साथियों ने दोनों नाबालिग बहनों को कहा कि-तुम लोग दिल्ली जाकर काम करना, अच्छा पैसा मिलेगा, तुम लोगों का शादी भी कराना है, तुम्हारा भाई हमलोगों के पास रहेगा। आरोपियों ने तीनों भाई-बहन को 3-4 दिन अपने पास बंधक बनाकर रखे थे, किसी से बातचीत नहीं करने देते थे। इसी दौरान एक दिन उनके पास एक आदमी को शादी करने के लिये बुलाये, बच्ची द्वारा शादी करने से मना करने पर वह वहां से चला गया। इसी दौरान उन्हें पुलिस की सक्रियता के संबंध में जानकारी मिली एवं दबाव पड़ने पर वह अंबिकापुर तक उन बच्चों को छोड़ दिए। जशपुर जिले के एक गांव में निवासरत उक्त रिश्तेदार आरोपिया को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने पर बताई कि वह योजनाबद्ध तरीके से उक्त तीनों बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने साथ घर में बिना किसी को बताये ले गई एवं दोनों बच्चियों को शादी करा दूंगी कहकर अपने साथियों को सौंप दी थी। रिश्तेदार ने बच्चियों की शादी कराने के लिये 03 लाख में सौदा कर ली थी जिसका एडवांस वह 20 हजार ले चुकी थी, 10 हजार रू. खर्च हो गये एवं शेष नगदी 10 हजार रू. नगद, स्कूटी वाहन एवं 01 नग मोबाईल को पुलिस द्वारा जप्त किया गया है। आरोपिया उम्र 35 साल का कृत्य उक्त धारा सदर का अपराध पाये जाने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। प्रकरण की विवेचना कार्यवाही, बच्चों की बरामदगी एवं आरोपिया की गिरफ्तारी में एसडीओपी बगीचा श्रीमती निमिषा पाण्डेय, थाना प्रभारी तपकरा उ.नि. सुनील सिंह, स.उ.नि. प्रेमिका कुजूर, स.उ.नि. अनिल कामरे, स.उ.नि. सामुदान टोप्पो, म.आर. 633 मंजू यादव, आर. शिवपूजन साय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह (IPS) ने कहा है कि “मामले में 01 आरोपी गिरफ्तार है, अन्य फरार आरोपियों की अतिशीघ्र गिरफ्तारी होगी, मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावनाएं हैं।

मधुमक्खी के डंक से जनजीवन को सुरक्षित रखने की रूपरेखा तय,स्थानीय अवकाश को देखते हुए छत्तों को हटाने बनी रणनीति

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जशपुर – जिला मुख्यालय समेत पत्थलगांव,कांसाबेल,कुनकुरी में मधुमक्खियों के अनगिनत छत्तों को लेकर आम लोगों के साथ ही खास लोगों में बढ़ती असुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन और वन विभाग ने पहल की है।जिसको लेकर बीते 10 अप्रैल को वर्चुअल कांफ्रेंस हुआ। बता दें कि 9 अप्रैल को सरहुल पूजा के दौरान धुंए से परेशान मधुमक्खियों का झुंड पूजा कर रहे बैगाओं व अन्य लोगों पर टूट पड़ा था।जिसके बाद जिले भर में मधुक्खियों के छत्ते समाचारों की सुर्खियों में हैं।मधुक्खियों के ऊंचाई पर छत्ते बनाने की वजह से ऊंचे पेड़ों और भवनों में इनका डेरा दिखता है।कई बार ये पक्षी की चोंच मारने से तेज हवा के झोंके से और छत्तों के नीचे आग लगाने, धुँआ करने से भड़क जाते हैं और हमला कर देते हैं। इन सब परिस्थितियों को देखते हुए मधुक्खियों और इंसानों के बीच के संघर्ष की भावी संभावनाओं को खत्म करने की दिशा में वनमण्डलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने पहल करते हुए विभाग प्रमुखों के साथ वर्चुअल कांफ्रेंस की। जितेंद्र उपाध्याय ने चर्चा में बताया कि जशपुर जिले में कई विभागीय दफ्तरों और सार्वजिक स्थानों में मधुमक्खियों के बड़े बड़े छत्ते हैं जिन्हें तकनीकी मार्गदर्शन देते हुए हटाने की प्रक्रिया शुरू किए जाने के लिए आपसी समन्वय बना है। राजस्व,पुलिस,वन विभाग,स्वास्थ्य विभाग और नगरीय क्षेत्र के अधिकारियों के बीच यह तय हुआ है कि जहाँ-जहाँ ऐसे छत्ते हैं वहां के कार्यालयीन प्रमुख स्थानीय अवकाश, स्थानीय परिस्थिति तथा एक्सपर्ट की राय के अनुरूप तिथि तय कर कार्रवाई करना ही सही प्रक्रिया है।जिस दिन छत्ता हटाना है उस दिन आसपास के लोगों को सूचना देकर अलर्ट कर दें।सभी को विशेषज्ञ जगेश्वर के संपर्क नम्बर 9302597847 दे दिए गए हैं वहीं मधुमक्खियों के रहन-सहन,उनकी गतिविधियों के साथ उन्हें हटाने के लिए रौनी में दो लोगों की प्रशिक्षित टीम है जिसे वन विभाग की ओर से वर्धा में प्रशिक्षण दिलाया गया है।

जैव विविधताओं से भरे जशपुर में वीआईपी मूवमेंट से पहले बनानी होगी रणनीति,वीआईपी सुरक्षा बेहतर समन्वय से ही सम्भव

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  @संतोष चौधरी आपने फिल्मी गाना जरूर सुना होगा एक बरस के मौसम चार-मौसम चार,पांचवां मौसम प्यार का’।इस गाने को गुनगुनाते हुए जानिए की यह छत्तीसगढ़ राज्य का एकमात्र जिला जशपुर है जहां एक बरस नहीं बल्कि बारहों महीने चार मौसम होते हैं।अधिक ठंडा,कम ठंडा,कम गर्म,अधिक गर्म।यही वजह है कि यहां जैव विविधता भी ज्यादा है। तो मैं हाल की एक घटना से अपनी बात शुरू करना चाहूंगा जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दीपू बगीचा में सरहुल पूजा उत्सव मनाने बतौर मुख्य अतिथि आने वाले थे।जिसमें सुबह तकरीबन साढ़े दस बजे के करीब धरती माता की पूजा करते समय बैगा (आदिवासियों के पुजारी) धूप-अगरबत्ती जला दिए जिसके धुँए से पूजा स्थल के ऊपर पीपल पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता था,वे नाराज हो गए और बैगाओं पर बरस पड़े।इस कारण आनन-फानन में मुख्यमंत्री श्री साय का कार्यक्रम स्थल बदलकर कल्याण आश्रम स्कूल परिसर करना पड़ा। इस कार्यक्रम के बाद से एक चर्चा सीएम सिक्योरिटी को लेकर चलने लगी।जिस पर मुझे लगता है कि ठीकरा फोड़ने से ज्यादा अच्छा होगा कि इस घटना से सबक लेते हुए आनेवाले हर वीआइपी, वीवीआइपी या कहूँ तो बड़े आयोजनों से पहले बेहतर समन्वय के साथ रणनीति बनानी होगी। जल-जंगल और जमीन से अमीर जशपुर जिले में वीआईपी की सुरक्षा को लेकर हाथियों के मूवमेंट को देखते हुए, मधुमक्खियों के छत्तों को बिना छेड़े कार्यक्रम कराने के कई उदाहरण प्रशासन के पास होंगे।मुझे याद आ रहा है कि पम्पशाला में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कंवर समाज के बड़े उत्सव में आने से पहले उनकी सुरक्षा से जुड़ी सारी चीजें बारीकी से जांची-परखी जा चुकी थी जिसमें कार्यक्रम से महज सौ मीटर बाद मधुमक्खियों के पचासों छत्ते थे।समय रहते यह पता चल गया और पुल के पास प्रस्तावित भोजन पकाने की तैयारी बंद कर दी गई।जिससे कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इससे पहले की एक घटना पूर्व सीएम भूपेश बघेल से जुड़ी है जिसमें कुनकुरी पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में भेंट मुलाकात के समय रेस्ट हाउस के बगल में पानी टँकी में कई सारे छत्ते थे जिन्हें वन विभाग के मना करने के बावजूद अन्य विभाग के द्वारा जला दिया गया था। जिससे मधुमक्खियों की नाराजगी बढ़ी और रेस्ट हाउस में हर जगह भिनभिनाने लगी।सीएम का समाज के लोगों के साथ मुलाकात के कार्यक्रम व्यवधान पैदा हो गया। समन्वय का एक उदाहरण और, जैसा कि भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने मुझे बताया कि विधानसभा चुनाव प्रचार में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह विजयी रथ से कांसाबेल पहुंचे थे जहाँ से कुछ ही दूरी पर पीपल पेड़ पर मधुमक्खियों के कई सारे छत्ते थे,जिन्हें उनके आने से पहले व्यवस्थित कर लिया गया था। एक बार गर्ल्स कॉलेज जशपुर में भी एक आयोजन के दौरान सांप घुस आया था।जिसे भी प्राचार्य विजय रक्षित द्वारा भगदड़ मचने से पहले हटा दिया गया। तो यह बात समझने की है कि जब भी कोई उच्च पदधारी व्यक्ति का जिले में आगमन हो तो सभी विभाग समय से पहले हर बारीकियों और दिशा निर्देशों का पालन करें और आयोजकों से करावें। धर्म-आस्था से जुड़ी कई ऐसी चीजें भी हैं जिन्हें हमें सम्मान देते हुए समझना भी होगा।हमारे जिले की बात करूं तो यहां मधुमक्खियों को देवीसेना के रूप में मान्यता है।जिसके कारण इन्हें जलाकर हटाने की बजाए बैगा द्वारा मंत्रोच्चार कर बांधा जाता है।यदि प्रशासन इसे अंधविश्वास मानकर बिना इनकी अनुमति के छत्ते हटाने की कोशिश करेगा तो मधुमक्खियों से पहले यहां के लोग भिन्ना जाएंगे। एक्सपर्ट बताते हैं कि मधुमक्खियों को हटाने की पूरी प्रक्रिया पांच दिनों की है।पहले दिन बैगा या जानकार व्यक्ति द्वारा मंत्रोच्चार कर मधुक्खियों को भगाया जाता है । उनके छत्ता छोड़ने के बाद छत्ते को जलाया जाता है ।इसके बाद मधुमक्खियां दो दिन तक छत्ते के आसपास मंडराती रहेंगी और जब उन्हें यह मालूम हो जाएगा कि कोई नुकसान नहीं हुआ है तो फिर वे शांत हो जाएंगी और दूसरे स्थान पर नया छत्ता बनाने लगेंगी। 5 दिन के बाद ही माना जाता है कि अब वे नहीं लौटेंगी। अतः मेरे विचार से ऐसे विशिष्ट व्यक्तियों के आगमन की जानकारी होते ही समय से पहले सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ रणनीति बनाएंगे तो कभी यूँ न होगा।सब काम सांय-सांय होगा।