#justiceformukesh : प्रेस क्लब रायपुर ने सीएम साय से की मुलाकात,गृहमन्त्री विजय शर्मा पहुंचे प्रेस क्लब

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रायपुर,06 जनवरी 2025 – पत्रकार साथी मुकेश चंद्राकर की हत्या के मामले में त्वरित और पारदर्शी जांच की मांग को लेकर रायपुर प्रेस क्लब और वरिष्ठ पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बीते शाम 5 जनवरी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने भरोसा दिलाया कि मामले की गहन जांच कर दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। मुख्यमंत्री से मुलाकात रायपुर प्रेस क्लब के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की और उन्हें घटना की पूरी जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने कुछ अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका पर भी सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह जघन्य हत्याकांड बेहद गंभीर है। दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने त्वरित और निष्पक्ष जांच का आश्वासन देते हुए कहा कि सभी संदिग्ध पहलुओं पर गंभीरता से कार्रवाई होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल में प्रेस क्लब के महासचिव डॉ. वैभव शिव पांडेय, उपाध्यक्ष संदीप शुक्ला, कोषाध्यक्ष रमन हलवाई, संयुक्त सचिव तृप्ति सोनी एवं अरविंद सोनवानी, कार्यकारिणी सदस्य सुधीर तम्बोली, वरिष्ठ पत्रकार उचित शर्मा और पीसी रथ शामिल रहे। गृहमंत्री से संवाद रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित श्रद्धांजलि सभा और संवाद कार्यक्रम में पत्रकारों ने राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा को घटना की जानकारी दी। गृहमंत्री अपनी अन्य बैठक के कारण प्रारंभ में उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन बैठक समाप्त होते ही वे प्रेस क्लब पहुंचे। पत्रकारों ने एसआईटी में स्थानीय अधिकारियों के बजाय साफ-सुथरी छवि के अधिकारियों को शामिल करने की मांग की। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा, “मुख्यमंत्री से चर्चा कर एसआईटी में बदलाव पर विचार किया जाएगा। जांच की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और हर बिंदु पर ध्यान दिया जाएगा। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।” श्रद्धांजलि सभा में जुटा पत्रकार समुदाय पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या से पत्रकार समुदाय में गहरा आक्रोश है। रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए और घटना की निंदा की। सभा में मांग की गई कि हत्याकांड की जांच निष्पक्षता और पारदर्शिता से की जाए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। हम आपको बता दें कि पत्रकार मुकेश    चंद्राकर की हत्या के तीन आरोपी पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं।मुख्य आरोपी, ठेकदार सुरेश चन्द्रकार अभी भी फरार है । मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की ओर से मिले आश्वासन के बाद पत्रकार समुदाय को उम्मीद है कि मामले में जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।पत्रकार साथी की हत्या से देशभर के पत्रकार एकजुट हैं।  

भरत सिंह बने भाजपा के नए जिलाध्यक्ष, पार्टी के संघर्ष और एकजुटता का हुआ जश्न

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जशपुर,05 जनवरी 2025: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भरत सिंह को जशपुर जिले का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी के चुनाव प्रभारी निर्मल सिन्हा ने जिला भाजपा कार्यालय राधाकांत भवन में आयोजित एक विशेष बैठक में यह घोषणा की। इस मौके पर निवर्तमान जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों और पार्टी के साथ अपने संघर्ष के दिनों को याद कर भावुक क्षण साझा किए। पार्टी के अनुशासन की मिसाल घोषणा के दौरान चुनाव प्रभारी निर्मल सिन्हा ने कहा कि जशपुर के भाजपा कार्यकर्ताओं का अनुशासन और संघर्ष क्षमता पूरे प्रदेश में एक मिसाल है। उन्होंने निवर्तमान जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पार्टी को शानदार जीत मिली। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे नए जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में भी इसी एकजुटता के साथ काम करें। नेताओं ने जताया आभार जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि सुनील गुप्ता के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ जोरदार संघर्ष हुआ, जिससे भाजपा को विधानसभा और लोकसभा चुनावों में जीत मिली। पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने इसे सुनील गुप्ता की कुशल रणनीति का परिणाम बताया, जिससे पत्थलगांव सीट पर जीत संभव हो सकी। भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय ने कहा कि भाजपा एक कैडर-बेस्ड पार्टी है, जहां वंशवाद और परिवारवाद के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने 2018 की हार के बाद पार्टी द्वारा किए गए संघर्ष और उपलब्धियों को भी याद किया। भरत सिंह ने जताया भरोसा नवनियुक्त जिलाध्यक्ष भरत सिंह ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य केवल सत्ता प्राप्ति नहीं, बल्कि भारत को विश्व गुरु बनाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथ मजबूत करने का आह्वान किया। सुनील गुप्ता हुए भावुक अपने विदाई भाषण में सुनील गुप्ता ने पार्टी के साथ अपने सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि कॉलेज के दिनों में भाजयुमो के तत्कालीन जिलाध्यक्ष शत्रुजंय प्रताप सिंह जूदेव के साथ भाजपा से जुड़े थे और उन्हें युधवीर सिंह जूदेव के साथ काम करने का भी अवसर मिला। उन्होंने 2018 की हार के बाद विपक्ष की भूमिका में कांग्रेस सरकार के खिलाफ संघर्ष के अनुभव साझा किए और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उपस्थित रहे कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला संगठन चुनाव प्रभारी निर्मल सिन्हा, पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय, राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियम्वदा सिंह जूदेव, विधायक रायमुनी भगत और गोमती साय समेत कई वरिष्ठ नेता, जिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नए नेतृत्व से पार्टी को बड़ी उम्मीदें भरत सिंह की नियुक्ति से कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं का मानना है कि उनके नेतृत्व में पार्टी नए कीर्तिमान स्थापित करेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “नया भारत” के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी।  

बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या: सीएम साय समेत पत्रकारिता जगत और समाज में शोक की लहर

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ख़बर ज़नपक्ष डेस्क : बीजापुर के युवा और समर्पित पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या की खबर ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस जघन्य घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि यह पत्रकारिता जगत और समाज के लिए अपूर्णीय क्षति है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आया बयान   मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर शोक संदेश जारी करते हुए लिखा, “मुकेश चंद्राकर जी की हत्या का समाचार अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। इस घटना के अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि जल्द से जल्द अपराधियों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जाए।” पत्रकारिता में योगदान मुकेश चंद्राकर बीजापुर के चर्चित पत्रकारों में से एक थे और उनके यूट्यूब चैनल “बस्तर जंक्शन” ने नक्सल प्रभावित इलाकों में कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर किया था। उनकी साहसी पत्रकारिता ने उन्हें लोगों के बीच एक पहचान दिलाई। परिवार और समाज में शोक मुकेश चंद्राकर के परिवार और स्थानीय पत्रकार समुदाय में इस घटना से भारी आक्रोश और दुख का माहौल है। उनकी हत्या ने क्षेत्र में प्रेस की सुरक्षा और स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस जांच में प्रगति इस मामले में पुलिस ने अब तक एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है और कई सुरागों पर काम कर रही है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने दावा किया है कि इस केस को जल्द सुलझाया जाएगा। शोक संदेश मुख्यमंत्री श्री साय के अलावा कई अन्य नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकार संगठनों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की मांग की है।  

नए साल की दावत में ‘मुर्गा विवाद,’ जर्मन शेफर्ड ने बिगाड़ा पड़ोसी का प्लान

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जशपुर/कुनकुरी,03 जनवरी 2025: नए साल का जश्न मनाने के लिए तैयारियां कर रहे एक परिवार की खुशियों पर तब पानी फिर गया, जब उनके पकवान का मुख्य किरदार, मुर्गा, पड़ोसी के जर्मन शेफर्ड कुत्ते का शिकार बन गया। इस ‘मुर्गा विवाद’ ने न सिर्फ दोनों पड़ोसियों के बीच तनाव बढ़ा दिया, बल्कि मामला थाने तक पहुंच गया। कहानी की शुरुआत लंबीटोली के निवासी देवनाथ राम ने नए साल की दावत के लिए एक खास मुर्गा पाला था। परिवार और दोस्तों के साथ स्वादिष्ट दावत की योजना बनाई गई थी। लेकिन उनका सपना उस वक्त टूट गया जब पड़ोसी प्रेम यादव का तीन महीने का जर्मन शेफर्ड कुत्ता उनके घर में घुसकर मुर्गे को चट कर गया। हर्जाना मांगने पर बढ़ा विवाद मुर्गा खाने की इस घटना से नाराज देवनाथ राम ने प्रेम यादव से हर्जाने में उतने ही वजन और रंग का नया मुर्गा देने की मांग की। लेकिन कुत्ते के मालिक प्रेम यादव ने हर्जाना देने से साफ इनकार कर दिया और उल्टा मुर्गे को संभालकर न रखने के लिए देवनाथ को खरी-खोटी सुना दी। देखते ही देखते विवाद गाली-गलौच और धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। थाने तक पहुंचा ‘मुर्गा मामला’ हालात बिगड़ते देख देवनाथ राम ने कुनकुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। दूसरी ओर, प्रेम यादव भी अपने पक्ष को लेकर थाने पहुंच गए। थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की और झगड़ा न करने की हिदायत दी। समझौते पर खत्म हुआ विवाद थाने में हुई बातचीत के बाद मामला सुलझा लिया गया। कुत्ते के मालिक ने देवनाथ राम को 500 रुपये बतौर हर्जाना दिया, और मामला शांत हो गया। शहर में चर्चा का विषय बना ‘मुर्गा विवाद‘ इस अनोखे ‘मुर्गा-कुत्ता’ विवाद ने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी। नए साल पर जहां लोग पार्टी और जश्न में व्यस्त थे, वहीं लंबीटोली मुहल्ले के इस किस्से ने सबका ध्यान खींच लिया। “मुर्गा खाओ, लेकिन संभलकर!” इस घटना ने लोगों को यह सिखाया कि मुर्गे की दावत की योजना बनाते वक्त उसे सुरक्षित रखना भी जरूरी है। मुर्गा विवाद की यह कहानी भले ही मजेदार लगे, लेकिन पड़ोसियों के रिश्ते पर इसने जरूर गहरा असर छोड़ा है।  

गलतफ़हमी में दो भाइयों ने पड़ोसी को इतना पीटा कि हो गई मौत,पुलिस चौकी पर लाश रखकर कर रहे बवाल,फोर्स तैनात

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जशपुर, 27 दिसंबर 2024 : नशे में धुत्त एक ग्रामीण को आवारा कुत्ते ने काट लिया जिसपर नशेड़ी कुत्ते को गाली देने लगा,जिसे सुनकर दो भाई गलतफहमी के शिकार हो गए और झगड़ते हुए इतना पीट दिया कि दूसरे दिन उसकी अस्पताल में मौत हो गई।घटना तपकरा थाना क्षेत्र के ऊपरकछार पुलिस चौकी की है।चक्काजाम को हटाने के लिए प्रशासन के अधिकारी बीते 3 घण्टों से बातचीत कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना 25 दिसंबर की रात की है, जब उपरकछार नामनी गांव निवासी दीनानाथ राठौर को एक आवारा कुत्ते ने काट लिया। नशे की हालत में दीनानाथ कुत्ते को गाली देने लगा, लेकिन पास के दो संदीप साहू और हेमराज साहू को लगा कि वह उन्हें गाली दे रहा है। इससे विवाद बढ़ गया, जो बाद में हिंसक झगड़े में बदल गया। आरोप है कि दोनों भाइयों ने डंडों से दीनानाथ पर हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।गंभीर हालत में दीनानाथ को जशपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन 26 दिसंबर की रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल से पीएम के बाद लाश जब गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने उपरकछार चौकी के सामने लाश को रखकर ओडिशा-झारखंड सीमा पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारी पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा फरार बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे मारपीट की शिकायत दर्ज कराने चौकी पहुंचे, तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने में लापरवाही की। फिलहाल,चक्काजाम स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस प्रदर्शनकारियों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही के कारण यह घटना हुई है,अन्यथा समय पर ईलाज मिलने से यह स्थिति नहीं बनती। आक्रोशित ग्रामीण दोषी पुलिसकर्मियों और हत्या के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का निधन: देश ने खोया एक महान अर्थशास्त्री और राजनेता

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नई दिल्ली,27 दिसम्बर 2024 // भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और प्रख्यात अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह का कल 26 दिसम्बर को निधन हो गया। 91 वर्ष की आयु में डॉ. सिंह ने नई दिल्ली के एम्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, कांग्रेस प्रमुख खड़गे,सोनिया गांधी, राहुल गांधी और देश के अन्य नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। एक आर्थिक सुधारक का सफर डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत (अब पाकिस्तान) के गाह गांव में हुआ था। वे बचपन से ही मेधावी छात्र थे और उच्च शिक्षा के लिए ऑक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय गए। डॉ. सिंह को 1991 में देश के आर्थिक सुधारों का मुख्य शिल्पकार माना जाता है। वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारीकरण की दिशा में ले जाते हुए एक नई राह दिखाई। प्रधानमंत्री के रूप में योगदान 2004 से 2014 तक डॉ. मनमोहन सिंह ने देश के प्रधानमंत्री के रूप में सेवा की। उनके कार्यकाल में आर्थिक विकास की दर तेज हुई, और देश ने कई ऐतिहासिक समझौतों, जैसे कि भारत-अमेरिका परमाणु समझौता, पर हस्ताक्षर किए। उनकी सादगी, ईमानदारी और दूरदर्शिता ने उन्हें एक अनुकरणीय नेता के रूप में स्थापित किया। सामाजिक और राजनीतिक विरासत डॉ. सिंह को भारत रत्न समेत कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। वे न केवल एक कुशल अर्थशास्त्री थे, बल्कि एक प्रेरक नेता भी थे, जिन्होंने अपने जीवन को देश और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया। देशभर में शोक उनके निधन पर प्रधानमंत्री, विपक्षी नेताओं, उद्योगपतियों और आम जनता ने शोक व्यक्त किया। डॉ. सिंह के सम्मान में देशभर में दो दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। डॉ. मनमोहन सिंह का जीवन सादगी, सेवा और समर्पण का प्रतीक था। उनका निधन भारतीय राजनीति और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।  

जशपुर में आज हिंदू सुरक्षा मंच की आक्रोश रैली, राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने की तैयारी

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जशपुर, 3 दिसंबर 2024 – आज जशपुर नगर में हिंदू सुरक्षा मंच के बैनर तले एक विशाल आक्रोश रैली का आयोजन किया जाएगा। यह रैली दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक महाराजा चौक से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक निकाली जाएगी। इस रैली का उद्देश्य बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ विरोध जताना है। हिंदू सुरक्षा मंच के संयोजक एवं सह-संयोजक द्वारा जारी सूचना के अनुसार, रैली के माध्यम से बांग्लादेश में हिंदुओं पर इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा हमले, लूटपाट, आगजनी और महिलाओं-बच्चों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आक्रोश जताया जाएगा। रैली के अंत में मंच के प्रतिनिधि राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपेंगे। रैली के मद्देनज़र जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है ताकि रैली के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो। हिंदू सुरक्षा मंच ने जशपुर के नागरिकों से इस रैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपना समर्थन देने की अपील की है।  

जशपुर: कुसमी से गायब महिला और दो बच्चों के कंकाल मिलने के बाद परिवार ने किया अंतिम संस्कार, दोषियों को फांसी देने की मांग

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जशपुर,16 नवम्बर 2024 // बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र में सितंबर माह में गायब हुई महिला कौशल्या ठाकुर और उनके दो बच्चों के कंकाल मिलने के बाद आज मृतिका के मायकेवालों ने जशपुर जिले के गांव बंदरचुवां में उनका अंतिम संस्कार किया। घटना को लेकर परिजनों और सर्व नाई समाज ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और कुसमी थाना प्रभारी को बर्खास्त करने की मांग की है। गायब होने की घटना और पुलिस पर लापरवाही का आरोप 27 सितंबर को जितिया पर्व के अगले दिन, कौशल्या ठाकुर अपने पति को बाजार जाने की बात कहकर दोनों बच्चों के साथ घर से निकली थीं। जाते समय उन्होंने अपने पति से कहा था कि देर हो सकती है, इसलिए चूल्हा जला देना। इसके बाद वह घर नहीं लौटीं। कौशल्या के पति सूरजदेव ठाकुर ने बताया, “हमने दो दिन इंतजार किया और फिर मायकेवालों के साथ कुसमी थाने में सूचना दी। लेकिन थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और 1 अक्टूबर तक गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। 5 अक्टूबर को दोबारा जाने पर रिपोर्ट दर्ज हुई। हमने संदिग्धों के नाम और अंतिम लोकेशन के बारे में भी पुलिस को जानकारी दी, लेकिन जांच में काफी देरी की गई। अब जाकर उनकी हत्या की पुष्टि हुई है।” सर्व नाई समाज की नाराजगी इस हत्याकांड से नाई समाज में भारी रोष है। सर्व नाई समाज के जिला अध्यक्ष उमाशंकर ठाकुर ने दोषियों को फांसी देने की मांग की। उन्होंने कहा, “मृतिका के परिवार को न्याय दिलाना जरूरी है। सरकार को मृतिका की इकलौती बची बेटी के भविष्य की चिंता करनी चाहिए।” सर्व नाई समाज के विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष अर्जुन ठाकुर ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा, “जब महिला और बच्चे गायब हुए थे, तब केवल गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करना और मामले को हल्के में लेना गंभीर लापरवाही है। पुलिस को इस मामले में सक्रिय होकर पहले ही कार्रवाई करनी चाहिए थी।” मामले में दो संदिग्ध गिरफ्तार परिजनों ने बताया कि बलरामपुर पुलिस ने हत्याकांड में शामिल दो लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, घटना का विस्तृत खुलासा अभी बाकी है। मृतिका के भांजे बिट्टू श्रीवास ने कहा, “पुलिस की लापरवाही की वजह से हमने अपनी बुआ और उनके बच्चों को खो दिया। हम दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग करते हैं।” परिजनों की मांग परिजनों और नाई समाज ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से अपील की है कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी दोषियों को फांसी की सजा दी जाए और लापरवाह थाना प्रभारी को तुरंत बर्खास्त किया जाए। अपनों का दर्द कुछ यूँ छलका –  सूरजदेव ठाकुर, मृतिका के पति: “कौशल्या और बच्चों के गायब होने के बाद हमने पुलिस को जानकारी दी थी। लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अगर समय पर कार्रवाई होती, तो शायद आज वे हमारे साथ होते।”  उमाशंकर ठाकुर, जिलाध्यक्ष सर्व नाई समाज: “यह घटना न सिर्फ परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए दुखद है। दोषियों को फांसी दी जानी चाहिए और परिवार की आर्थिक मदद होनी चाहिए।” अर्जुन ठाकुर, प्रदेश उपाध्यक्ष, विधि प्रकोष्ठ, सर्व नाई समाज: “पुलिस ने शुरू से ही इस मामले में लापरवाही दिखाई। ऐसे अधिकारियों को बर्खास्त किया जाना चाहिए।” बिट्टू श्रीवास, मृतिका का भांजा: “हम चाहते हैं कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले और यह सुनिश्चित हो कि भविष्य में ऐसा किसी और परिवार के साथ ऐसा बुरा न हो।”  

मुख्यमंत्री साय का फोन बना निशा के सपनों का सहारा, किलिमंजारो पर फहरेगा छत्तीसगढ़ से तिरंगा

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रायपुर, 15 नवंबर 2024 // आज सुबह बिलासपुर की निशा यादव के जीवन में एक ऐसा पल आया, जिसने उनके सपनों को नई उड़ान दी। अलसुबह, जब उनका फोन बजा और दूसरी तरफ से एक सौम्य आवाज सुनाई दी, तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ। आवाज आई, “बेटा, मैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोल रहा हूं। तुम्हें किलिमंजारो पर तिरंगा फहराने जाना है, और तुम्हें पैसों की कोई चिंता नहीं करनी है।” पहले तो निशा को लगा कि कोई मजाक कर रहा है। संकोच के साथ उन्होंने पूछा, “क्या आप सच में मुख्यमंत्री बोल रहे हैं?” लेकिन जब मुख्यमंत्री ने निशा के सपने और उनकी पर्वतारोहण यात्रा के बारे में विस्तार से चर्चा की, तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। “आपने मेरे सारे डर दूर कर दिए” निशा, जो एक साधारण परिवार से आती हैं, ने बताया कि उनके पिता एक ऑटो चालक हैं। पर्वतारोहण जैसे महंगे शौक को पूरा करना उनके परिवार के लिए मुश्किल था। निशा ने भावुक होकर कहा, “मुख्यमंत्री जी, मैं कई दिनों से सो नहीं पा रही थी। मेरे सपने को पूरा करने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था। आज आपने मेरी सारी चिंताओं को दूर कर दिया। मैं आपको तहे दिल से धन्यवाद देती हूं।” निशा ने मुख्यमंत्री को यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस पर अपनी चढ़ाई और वहां तिरंगा फहराने के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि पर्वतारोहण न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक मजबूती की भी परीक्षा लेता है। अब उनका अगला सपना अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो को फतह करना है, और इसके बाद वे माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराना चाहती हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निशा के जज्बे की तारीफ करते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ को अपनी बेटियों पर गर्व है। आपका आत्मविश्वास और जुनून आपको आपके लक्ष्य तक जरूर पहुंचाएगा। हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ की बेटी माउंट एवरेस्ट पर भी तिरंगा फहराए। आर्थिक तंगी कभी किसी के हौसले को रोक नहीं सकती। हमारी सरकार आपके साथ है।” मुख्यमंत्री के इस स्नेह और समर्थन से निशा का उत्साह दोगुना हो गया। उन्होंने कहा कि अब वे और भी ज्यादा मेहनत करेंगी और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगी। निशा की कहानी न केवल उनके जैसे युवाओं के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह भी साबित करती है कि जब सरकार और नेतृत्व का सहयोग मिलता है, तो कोई भी सपना असंभव नहीं रहता। जल्द ही निशा तिरंगे के साथ किलिमंजारो की ऊंचाइयों को छूने की तैयारी शुरू करेंगी। छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पल न केवल निशा के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण होगा।  

धान खरीदी: 734 बोरी अवैध धान से भरा ट्रक जब्त, कलेक्टर के निर्देश पर सख्त कार्रवाई

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छत्तीसगढ़ में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान देश मे सबसे ज्यादा कीमत 3100 ₹ प्रति क्विंटल धान खरीदने वाली भाजपा सरकार में बिचौलिए-किसान और फड़ प्रभारियों की सांठगांठ जारी है।धान खरीदी शुरू होने के बाद धान परिवहन का मामला पकड़ा जाना इसका प्रमाण है। कबीरधाम,15 नवम्बर 2024 – जिले में धान खरीदी के दौरान अवैध धान परिवहन पर सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश पर एक संयुक्त टीम ने पंडरिया ब्लॉक के ग्राम रहमान काँपा के लघुवनोपजन नाके पर एक ट्रक (क्रमांक सीजी 16 सी एल 1676) को जब्त किया, जिसमें 314 क्विंटल (734 बोरी) अवैध धान लदा हुआ था। यह धान मध्य प्रदेश से लाकर कबीरधाम के राजनांदगांव में खपाने की तैयारी थी, जिससे अंतराज्यीय धान परिवहन का मामला सामने आया है। कबीरधाम जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू हो गई है, और इसे अवैध रूप से खपाए जाने की संभावनाओं को देखते हुए कड़ी निगरानी की जा रही है। कलेक्टर वर्मा ने इस सख्ती के निर्देश दिए हैं ताकि जिले में किसानों का धान सही और उचित मूल्य पर बिक सके। जब्त किए गए अवैध धान को आगामी आदेश तक मंडी परिसर कृषि उपज मंडी, पंडरिया में सुरक्षित रखा गया है। कबीरधाम में समर्थन मूल्य पर खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए धान खरीदी आरंभ हो चुकी है। पहले दिन 94 केंद्रों पर 1189 किसानों को टोकन जारी कर 56,520 क्विंटल धान खरीदा गया। 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से इस बार धान खरीदी हो रही है। जिले के 108 धान खरीदी केंद्रों पर कुल 1,24,787 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है, जिनके पास 1,24,411 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल है। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जिले में अवैध धान परिवहन और भंडारण पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं ताकि किसानों को उनके मेहनत का सही लाभ मिल सके और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके।