जशपुर में फगुआ का रंगीन धमाका: “तोर लागिन जान भी देई देबूं” ने मचाई धूम,EX MLA विनय और श्वेता की हिट जोड़ी, यूट्यूब में कमेंट्स की बौछार

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जशपुर में फगुआ का रंगीन धमाका: “तोर लागिन जान भी देई देबूं” ने मचाई धूम जशपुर, 3 मार्च 2026 –  होली के रंगों के बीच जशपुर की धरती से एक बार फिर सांस्कृतिक सरगम गूंज उठी है। जशपुर के पूर्व विधायक Vinay Bhagat और उनकी पत्नी Shweta Bhagat ने आधुनिक नागपुरी फगुआ एलबम “तोर लागिन जान भी देई देबूं” रिलीज कर होली के जश्न में चार चांद लगा दिए हैं। दो मार्च को यूट्यूब पर लॉन्च हुए इस एलबम ने महज 20 घंटे में ही 19 हजार व्यूज़ का आंकड़ा पार कर लिया, जो इसकी लोकप्रियता का प्रमाण है। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर यह गीत तेजी से वायरल हो रहा है और दर्शकों से जबरदस्त सराहना बटोर रहा है। एलबम की सबसे बड़ी खासियत इसकी लोकेशन और सांस्कृतिक प्रस्तुति है। जशपुर की नैसर्गिक सुंदरता, पहाड़, हरियाली और स्थानीय परंपराओं को बेहद खूबसूरती से फिल्माया गया है। शूटिंग Sarna Resort Balachhapar में की गई है, जहां होली के रंग में डूबे लोग स्थानीय पारंपरिक पेय हड़िया (चावल से निर्मित राइस बीयर) को मिट्टी के बर्तनों में पीते और पारंपरिक नृत्य करते नजर आते हैं। यह दृश्य एलबम को पूरी तरह से लोक संस्कृति से जोड़ता है। दर्शकों की प्रतिक्रियाएं भी दिल छू लेने वाली हैं। एक दर्शक बालमुकुंद यादव ने कमेंट करते हुए लिखा, “यह वीडियो बहुत सुंदर है। कभी भोजपुरी गाना में भी बनाइए, आप लोग भोजपुरी हीरो-हीरोइन जैसे दिखते हो।” ऐसे हजारों सकारात्मक कमेंट्स इस एलबम की सफलता की कहानी खुद बयां कर रहे हैं। एलबम की प्रस्तुति में Vinay Bhagat और Shweta Bhagat मुख्य कलाकार के रूप में नजर आ रहे हैं, जिनका नृत्य और अभिव्यक्ति दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रही है। उनके डांस को जशपुर ही नहीं, बल्कि झारखंड, ओडिशा, असम और बंगाल तक में खूब पसंद किया जाता है। इस एलबम की प्रोड्यूसर श्वेता विनय भगत हैं। गायन की जिम्मेदारी कयूम अब्बास और केशो देवी ने संभाली है, जबकि कैमरा और एडिटिंग का कार्य अरुण कुमार ने किया है। सह कलाकार संगम और दिव्या ने भी अपने अभिनय से गीत में जीवंतता भर दी है। होली के इस खास मौके पर “तोर लागिन जान भी देई देबूं” ने यह साबित कर दिया है कि क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति में भी वह ताकत है जो सीमाओं को पार कर दिलों को जोड़ सकती है। जशपुर की धरती से निकला यह रंगीन फगुआ गीत अब पूरे पूर्वी भारत में अपनी छाप छोड़ता नजर आ रहा है।

सुशासन सप्ताह के अंतिम दिन जोकारी में विकासखंड स्तरीय शिविर, 17 आवेदनों में 5 का मौके पर निराकरण

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सुशासन सप्ताह के अंतिम दिन जोकारी में विकासखंड स्तरीय शिविर, 17 आवेदनों में 5 का मौके पर निराकरण कुनकुरी – सुशासन सप्ताह के अंतिम दिन कुनकुरी विकासखंड के ग्राम जोकारी में विकासखंड स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना के साथ हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत अध्यक्षा श्रीमती सुशीला साय उपस्थित रहीं। शिविर में कुल 17 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 5 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया, जबकि शेष 12 आवेदनों को संबंधित विभागों को अग्रेषित कर शीघ्र समाधान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्राप्त आवेदनों में फौती-नामांतरण, आधार कार्ड केवाईसी, आयुष्मान कार्ड केवाईसी तथा महतारी वंदन योजना से जुड़े प्रकरण शामिल रहे। मुख्य अतिथि श्रीमती सुशीला साय ने कहा कि शिविर में एक भी शिकायत प्राप्त नहीं होना और 17 आवेदनों का आना इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में सुशासन प्रभावी ढंग से लागू है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने यह भी प्रसन्नता जताई कि अब महिलाएं व्यवसाय के क्षेत्र में आगे आ रही हैं। कुनकुरी क्षेत्र में मत्स्य पालन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से आर्थिक विकास को गति मिली है। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विकासवादी सोच का परिणाम बताया। जनपद पंचायत सीईओ प्रमोद सिंह ने बताया कि सुशासन सप्ताह के तहत कुनकुरी विकासखंड की चार ग्राम पंचायतों में ब्लॉक स्तर के शिविर आयोजित किए गए। शासन की मंशानुसार क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है और आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिविर में जनपद पंचायत सीईओ प्रमोद सिंह, बीईओ सुदर्शन पैंकरा, एसडीओ पीएचई विनोद मिश्रा, जोकारी पंचायत की सरपंच मंजू भगत सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर ग्रामीणों में संतोष का वातावरण देखा गया।

*कुनकुरी में चोरी की बाइकों का बड़ा जाल टूटा, दुर्ग / कुनकुरी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 24 बाइक बरामद, आरोपी का नेटवर्क बेनकाब*

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*कुनकुरी में चोरी की बाइकों का बड़ा जाल टूटा, दुर्ग / कुनकुरी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 24 बाइक बरामद, आरोपी का नेटवर्क बेनकाब* *कुनकुरी*– जशपुर जिले के कुनकुरी से बड़ी खबर सामने आई है, जहां चोरी की मोटरसाइकिलों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। दुर्ग पुलिस ने कुनकुरी पुलिस के सहयोग से बड़ी कार्रवाई करते हुए CG 07 नंबर की 24 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इस कार्रवाई से वाहन चोर गिरोह में हड़कंप मच गया है। कुनकुरी थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश यादव ने बताया कि दुर्ग पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुनकुरी इलाके में एक व्यक्ति बेहद सस्ते दामों पर चोरी की बाइक बेच रहा है। सूचना मिलते ही दुर्ग पुलिस की टीम कुनकुरी पहुंची। वहीं SSP डॉ० लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में ASP राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में दुर्ग और कुनकुरी पुलिस टीम ने घर-घर दबिश देकर अलग-अलग स्थानों से होंडा साइन, स्प्लेंडर, स्कूटी समेत कुल 24 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं। आरोप है कि आरोपी आधार कार्ड लेकर कागजात बनवाने के नाम पर अतिरिक्त पैसे भी वसूलते थे। इस मामले में मुख्य मास्टर माइंड आरोपी पप्पा राव को दुर्ग पुलिस अपने साथ लेकर आई थी, वहीं कुनकुरी से दो अन्य खरीददार आरोपी सेवक राम प्रजापति उर्फ रवि राम, दूसरा मनोज राम को पंडरीपानी क्रेशर प्लांट से गिरफ्तार कर लिया गया है। बरामद सभी वाहनों के साथ दोनों आरोपियों को भी आगे की कार्रवाई के लिए भिलाई रवाना किया गया है। वहीं प्रारंभिक जांच में यह एक संगठित चोरी गिरोह का मामला प्रतीत हो रहा है, जिसके तार अन्य जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब नेटवर्क, खरीददारों और वाहनों के असली मालिकों की पहचान में जुटी है।यह भी जानकारी मिली है कि जिस क्रेशर प्लांट से चोरी की बाइक बेचे जाने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं वे प्लांट के कर्मचारी हैं।वहीं पप्पा राव पोकलेन का इंजीनियर था,जो हर बार दुर्ग जिले से बाइक चोरी कर लाता था।दुर्ग पुलिस के खुलासे के बाद और भी जानकारी सामने आ सकती है। जशपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सस्ते दामों में मिलने वाले संदिग्ध वाहनों से बचें और किसी भी शंका की सूचना तुरंत पुलिस को दें। मामले में आगे और खुलासों की उम्मीद है।

PART 1 : “VIP” ईंट के आका कौन ? अवैध बंगला भट्ठों पर मेहरबानी या मिलीभगत! बंद हुए तो जनता को होगी परेशानी, जिम्मेदार अधिकारियों का चौंकाने वाला तर्क

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जशपुर/फरसाबहार – जिले में लाल ईंट के कथित अवैध कारोबार को लेकर अब एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है आखिर “VIP” ईंट के पीछे असली आका कौन हैं? वर्षों से बंगला ईंट भट्ठों का संचालन खुलेआम जारी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं। इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ही इन भट्ठों के संचालन को लेकर ऐसा तर्क दिया जा रहा है, जिसने प्रशासनिक भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल,फरसाबहार राजस्व अनुविभाग में स्थानीय स्तर पर “VIP” ब्रांड की मुहर लगाकर लाल ईंटों की बिक्री धड़ल्ले से किए जाने की जानकारी सामने आई है। सरपंच – सचिव से मिली जानकारी के अनुसार बलुआबहार, पम्पशाला, कंदईबहार इलाके में बिना पंचायत एवं ग्राम सभा की अनुमति के ही व्यावसायिक स्तर पर बंगला ईंट भट्ठों का संचालन किया जा रहा है। नियमों के मुताबिक इस प्रकार के किसी भी भट्ठे के संचालन के लिए स्थानीय निकायों से वैधानिक अनुमति अनिवार्य होती है, किंतु संबंधित पंचायतों के पास ऐसे किसी भी संचालन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं बताए जा रहे हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर पदस्थ जनप्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों का कहना है कि उनके अभिलेखों में संचालित बंगला ईंट भट्ठों के संबंध में कोई भी वैध स्वीकृति दर्ज नहीं है। इसके बावजूद बीते कई वर्षों से इनका संचालन जारी है, जिससे यह आशंका हो रही है कि कारोबार पूरी तरह से नियमों की अनदेखी कर संचालित किया जा रहा है। मामले को लेकर एक और गंभीर पहलू सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, जब संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से इन भट्ठों के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर चर्चा की जाती है, तो यह तर्क दिया जाता है कि यदि बंगला ईंट भट्ठों को बंद करा दिया गया, तो आम जनता को निर्माण कार्यों में भारी समस्या का सामना करना पड़ेगा। इतना ही नहीं, यह भी कहा जाता है कि ऐसे में चिमनी ईंट निर्माताओं द्वारा ईंटों के दामों में भारी वृद्धि कर दी जाएगी, जिससे बाजार में ईंटों की कीमतें आसमान छूने लगेंगी। अधिकारियों का यह तर्क अब कई सवालों को जन्म दे रहा है । यदि कोई गतिविधि अवैध है, तो उसे केवल इस आधार पर जारी रहने देना कि उससे बाजार संतुलित बना हुआ है, क्या नियमानुसार उचित है? क्या अवैध संचालन को अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षण दिया जा रहा है? ऐसे कई प्रश्न अब स्थानीय नागरिकों के बीच चर्चा का विषय बनते जा रहे हैं। जानकारों का यह भी कहना है कि क्षेत्र में कोयले के अवैध भंडारण की गतिविधियां भी संचालित होने की सूचना समय-समय पर सामने आती रही हैं। पर्यावरण से जुड़े लोगों का मानना है कि बिना किसी नियामक नियंत्रण के संचालित हो रहे भट्ठे क्षेत्रीय पर्यावरण के लिए भी खतरा बन सकते हैं, लेकिन दबाव एवं भय के कारण लोग खुलकर अपनी बात रखने से बच रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का दावा है कि जांच के नाम पर खनिज विभाग,राजस्व विभाग के अधिकारी प्रतिवर्ष क्षेत्र का दौरा करते हैं, किंतु कार्रवाई सीमित रूप से चालान तक सिमट जाती है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि गतिविधियां अवैध हैं, तो उन्हें केवल आर्थिक दंड लगाकर संचालित रहने देना किस हद तक न्यायसंगत है? वर्तमान स्थिति में यह पूरा मामला प्रशासनिक जवाबदेही की कसौटी बनता जा रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग इन कथित अवैध बंगला ईंट भट्ठों के विरुद्ध कोई ठोस एवं निर्णायक कार्रवाई करते हैं या फिर कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता का सिलसिला यूं ही जारी रहेगा। सबसे बड़ा सवाल अब भी कायम है “VIP” ईंट के असली आका आखिर हैं कौन? हमारी पड़ताल जारी है,,

मुख्यमंत्री के क्षेत्र में 10 करोड़ के उद्यानिकी महाविद्यालय में घोटाले की बू? बैलाटोली में बिना PCC सैकड़ों फुटिंग, जंग लगी सरिया का इस्तेमाल

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मुख्यमंत्री के क्षेत्र में 10 करोड़ के उद्यानिकी महाविद्यालय में घोटाले की बू? रेमते में बिना PCC सैकड़ों फुटिंग, जंग लगी सरिया का इस्तेमाल कुनकुरी/रेमते (जशपुर) – विष्णुदेव साय के विधानसभा क्षेत्र में बन रहे करीब 10 करोड़ रुपये की लागत वाले उद्यानिकी महाविद्यालय भवन में भारी अनियमितताओं का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कुनकुरी विकासखंड के ग्राम रेमते में निर्माणाधीन इस प्रोजेक्ट को लेकर घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। बिना PCC के सैकड़ों फुटिंग, 200 कॉलम पर सवाल सूत्रों और सामने आई तस्वीरों के अनुसार मुख्य कॉलेज भवन में बिना पीसीसी (Plain Cement Concrete) किए ही सैकड़ों फुटिंग डाल दी गईं। बताया जा रहा है कि करीब 200 कॉलम इसी तरह खड़े कर दिए गए हैं। निर्माण मानकों के अनुसार जहां क्रैंक और मजबूत बेस अनिवार्य होता है, वहां सीधे-सीधे नियमों की अनदेखी की गई है। निर्माणाधीन ढांचे में अभी से कई जगह दरारें दिखाई देने लगी हैं, जो भविष्य में बड़े हादसे का संकेत मानी जा रही हैं। जंग लगी सरिया और कबाड़ सामग्री का इस्तेमाल? आरोप है कि निर्माण में पुरानी और जंग लगी सरिया का इस्तेमाल किया जा रहा है। यदि यह सही है तो यह न केवल गुणवत्ता से समझौता है, बल्कि करोड़ों रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला भी बनता है। मुंशी पर मनमानी और पैसों की हेराफेरी के आरोप स्थानीय सूत्रों के मुताबिक ठेकेदार के मैनेजर/इंजीनियर राजेंद्र प्रसाद द्वारा साइट पर मनमानी की जा रही है। पहले यह काम पेटी कांट्रेक्टर आकाश के माध्यम से कराया जा रहा था, लेकिन बाद में बाहरी मजदूर लगाकर निम्नस्तरीय कार्य शुरू कर दिया गया। यह भी आरोप है कि परिवार में शादी का हवाला देकर साइट से ही 10 लाख रुपये निकालने की बात मजदूरों के बीच कही गई। साथ ही मजदूरों से गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार की शिकायतें भी सामने आई हैं। गुणवत्ता बनाम कमीशन का खेल? पेटी कांट्रेक्टर का दावा है कि वह मानकों के अनुरूप काम कर रहा था, लेकिन कथित रूप से कमीशनखोरी और जल्दबाजी में घटिया निर्माण कराया जा रहा है। यदि समय रहते तकनीकी जांच नहीं हुई तो यह इमारत भविष्य में बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। मुख्यमंत्री के क्षेत्र में उठे बड़े सवाल यह उद्यानिकी परियोजना स्वयं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेंगे? सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि इस निर्माण कार्य में कथित रूप से घटिया काम कराने वाले मैनेजर/इंजीनियर राजेंद्र को कुछ स्थानीय भाजपा नेताओं का संरक्षण भी प्राप्त है। हालांकि फिलहाल इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है कि किन नेताओं का नाम इसमें जुड़ा है, लेकिन यदि संरक्षण के आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला और भी गंभीर हो जाएगा। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या 10 करोड़ की यह इमारत गुणवत्ता के साथ तैयार होगी या फिर भ्रष्टाचार के दीमक के कारण धराशायी होने का इंतजार करेगी? स्थानीय लोगों ने उच्चस्तरीय तकनीकी जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

बादलखोल से बगीचा तक: शिव बाबा को मिला भाजपा पि.व.मोर्चा का बड़ा दायित्व

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बादलखोल से बगीचा तक: शिव बाबा को मिला भाजपा पि.व.मोर्चा का बड़ा दायित्व बगीचा (जशपुर) –  वनवासी अंचल बादलखोल में भारतीय जनता पार्टी का झंडा मजबूती से गाड़ने वाले जनप्रिय नेता शिव कुमार यादव को भारतीय जनता पार्टी के पिछड़ा वर्ग मोर्चा का बगीचा मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति पिछड़ा वर्ग मोर्चा जशपुर के जिलाध्यक्ष अनूप नारायण सिंह द्वारा की गई। देखिए सूची विकास की राह में संघर्ष का दूसरा नाम बन चुके शिव कुमार यादव—जिन्हें क्षेत्र में लोग स्नेह से शिव बाबा कहते हैं—ने एक बार फिर अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की है। संगठन के भीतर सक्रियता और जनसमस्याओं को लेकर सतत संघर्ष उनकी पहचान बन चुका है। उपसरपंच पद पर दूसरी बार निर्विरोध जीत जनपद पंचायत बगीचा की ग्राम पंचायत गायलूँगा में 8 मार्च को संपन्न उपसरपंच चुनाव में शिव कुमार यादव ने निर्विरोध जीत दर्ज कर दूसरी बार यह पद हासिल किया। इससे पहले वे निर्विरोध पंच भी चुने जा चुके हैं। वरिष्ठ नेताओं का आभार नवनियुक्त मंडल अध्यक्ष शिव कुमार यादव ने नई जिम्मेदारी मिलने पर मोर्चा जिलाध्यक्ष अनूप नारायण सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह सहित सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। गांव की आवाज बने ‘शिव बाबा’ शिव बाबा सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि गांव की आवाज बन चुके हैं। सड़क, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर उनके संघर्ष और धरना-प्रदर्शनों ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाया है। भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में वे गांव के समग्र विकास को अपनी प्राथमिकता मानते हैं। नियुक्ति पर जश्न   उनकी नियुक्ति की खबर मिलते ही पूरे गांव में जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मनाई, एक-दूसरे को गुलाल लगाया और मिठाइयां बांटी। संघर्ष से सफलता तक—शिव बाबा की कहानी गायलूँगा से लेकर पूरे बगीचा क्षेत्र तक शिव बाबा के संघर्षों की गूंज सुनाई देती है। सड़क हो, बिजली हो या अन्य बुनियादी जरूरतें—वे हर मुद्दे पर जनता के साथ खड़े नजर आते हैं। उनका मिलनसार स्वभाव और हर दुख-सुख में गांववासियों के साथ रहने की प्रवृत्ति ही उन्हें सबसे अलग बनाती है।

ईब नदी पर चल रहे सोना खदानों से नदी का पानी हुआ लाल,परम्परा का हवाला देकर नदी का जीवन खतरे में डाल रहा मानव समूह,सरकार को इसका पता नहीं!

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मेरे देश की धरती सोना उगले,उगले हीरे मोती,,,हमारे जशपुर जिले में फरसाबहार तहसील क्षेत्र की धरती सोना उगल रही है।जिसकी स्पीड बढ़ाने के लिए स्वर्ण माफिया सक्रिय हो गए हैं।बीते तीन दिनों की हमारी पड़ताल में मानव समूह ईब नदी के लिए खतरा बन चुके हैं हालांकि इस अवैध कारोबार के पीछे के चेहरे तक पहुंचने की हमारी कोशिश नाकाम रही है। जशपुर (फरसाबहार) जशपुर जिले में अवैध रेत खदानों की खबरें आम हैं, लेकिन अब जिले की जीवनदायिनी ईब नदी अवैध सोना खनन की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। फरसाबहार तहसील के धौरासांड गांव से होकर बहने वाली ईब नदी पम्पशाला, कोताईबीरा कपाट द्वार और लावाकेरा होते हुए ओडिशा राज्य में प्रवेश करती है। इसी पूरे क्षेत्र में नदी के तटों और आसपास की सरकारी व निजी जमीनों को जेसीबी और ट्रैक्टरों से खोदकर, मिट्टी के ढेर बनाए जा रहे हैं और ओपन टनल सिस्टम के जरिए मिट्टी को सीधे नदी में बहाया जा रहा है। इस प्रक्रिया में सोने के कण बेहद नाममात्र निकल रहे हैं, लेकिन उसके बदले लाखों गुना ज्यादा मिट्टी नदी को गंदला और बीमार कर रही है। धौरासांड से लेकर लावाकेरा तक ईब नदी का पानी लगातार खराब हो रहा है। हालात यह हैं कि लावाकेरा गांव के लोगों का कहना है कि अब नदी में मछली मिलना मुश्किल हो गया है, निस्तार के लिए पानी उपयोग लायक नहीं रहा और पशुओं को भी साफ पानी नसीब नहीं हो पा रहा। मीडिया को देख भागे, सवालों से बचते दिखे खननकर्ता जब इस अवैध गतिविधि की पड़ताल के लिए टीम मौके पर पहुंची, तो उससे पहले ही सोनाजोरी नाला में भी पांच अवैध सोना खदानें संचालित होती मिलीं। एक स्थान सीनाजोरी पुल के पास भोकलू राम की जमीन से जेसीबी द्वारा खोदी गई मिट्टी नदी किनारे डाली जा रही थी, जिसे बाद में उसका परिवार नदी में बहाकर स्वर्ण कण चुनता है।जिसका कहना है कि बंजर जमीन को खेती लायक बनाने के लिए जमीन की मिट्टी नदी में डालकर सोना मिल रहा है जिससे जेसीबी,ट्रैक्टर का खर्चा निकल जाएगा।इसमें गलत क्या है? मैं नहीं जानता। हालांकि, धौरासांड ईब नदी के किनारे जैसे ही मीडिया मौके पर पहुंची, अधिकांश लोग मौके से भाग खड़े हुए। मोटर पंप बंद कर दिए गए और काम रोक दिया गया। दो मजदूरों को रोककर बातचीत शुरू की गई, तब उनके बुलाने पर 5 से 10 लोग सामने आए। यह व्यवहार खुद ही इस बात की ओर इशारा करता है कि सब कुछ “परंपरा” के नाम पर इतना सरल नहीं है। आजीविका का तर्क, लेकिन नुकसान नदी का खनन में लगे लोगों का कहना है कि गांव में रोजगार का कोई साधन नहीं है। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा धौरासांड से दाईजबहार तक ईब नदी पर पुल निर्माण की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हुआ। मजदूरी नहीं मिलने और सोना निकालने की पुरानी परंपरा का हवाला देकर वे इसे अपनी आजीविका का एकमात्र साधन बता रहे हैं। यह तर्क अपनी जगह है, लेकिन सवाल यह है कि क्या रोजगार के नाम पर पूरी नदी को बर्बाद कर देना जायज़ है? सरपंच अनजान, पंचायत से नहीं ली गई अनुमति मामले में धौरासांड की सरपंच दशमती पैंकरा से बात करने पर चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। सरपंच ने कहा कि उन्हें पंचायत क्षेत्र में वर्षों से चल रही सोने की खदानों की कोई जानकारी नहीं है। न तो पंचायत से किसी प्रकार की अनुमति ली गई है और न ही कोई टैक्स जमा किया गया है। सरपंच ने साफ कहा कि नदी में मिट्टी बहाना गलत है। वहीं, एसडीएम ओंकारेश्वर सिंह ने कहा कि वे मौका मुआयना के बाद ही इस पर कोई ठोस टिप्पणी कर पाएंगे। पर्यावरण नियम क्या कहते हैं? पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) की Sustainable Sand Mining Management Guidelines 2016 भले ही रेत और लघु खनिजों के लिए हों, लेकिन इनके मूल सिद्धांत साफ हैं— नदी के प्राकृतिक बहाव और पारिस्थितिकी तंत्र से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए नदी तटों को काटकर या मिट्टी बहाकर खनन करना पर्यावरणीय अपराध है बिना अनुमति, बिना आकलन और बिना पुनर्स्थापन योजना के कोई भी खनन अवैध माना जाता है नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) भी कई मामलों में स्पष्ट कर चुका है कि नदी के सक्रिय प्रवाह क्षेत्र में खनन पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन है। नतीजा क्या होगा? एक तरफ स्वर्ण माफिया ग्रामीणों को सरकार के खिलाफ भड़काने की कोशिश कर रहे हैं, तो दूसरी ओर ग्रामीण इसे अपनी मजबूरी और परंपरा बताकर जारी रखने की बात कह रहे हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि अगर यही हाल रहा तो ईब नदी का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा। अब सवाल साफ है— क्या प्रशासन समय रहते कार्रवाई कर ईब नदी को बचाएगा, या फिर सोने की कुछ चमकदार रेत के लिए जशपुर अपनी जीवनदायिनी नदी खो देगा?

*जशपुर में तानाशाह अफसरशाही एवं भ्रष्टाचार को लेकर सड़क पर उतरे हजारों ग्रामीण, तहसीलदार हटाओ, सन्ना बचाओ के लगे नारे। खुड़िया क्षेत्र में सांकेतिक धरना प्रदर्शन एवं जनसंवाद कार्यक्रम हुआ सम्पन्न,नेताओं के साथ आम जनमानस ने सरकार को बदनाम करने का अफसरों पर लगाए कई गम्भीर आरोप* देखिए पूरी खबर

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*जशपुर में तानाशाह अफसरशाही एवं भ्रष्टाचार को लेकर सड़क पर उतरे हजारों ग्रामीण, तहसीलदार हटाओ, सन्ना बचाओ के लगे नारे। खुड़िया क्षेत्र में सांकेतिक धरना प्रदर्शन एवं जनसंवाद कार्यक्रम हुआ सम्पन्न,नेताओं के साथ आम जनमानस ने सरकार को बदनाम करने का अफसरों पर लगाए कई गम्भीर आरोप* जशपुर/सन्ना – जशपुर जिले के खुड़िया क्षेत्र कहे जाने वाला सन्ना तहसील क्षेत्र के नन्हेसर ग्राम में बीते दिन बगीचा जनपद सदस्य राकेश गुप्ता के द्वारा एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन एवं जनसंवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें खुड़िया क्षेत्र में रहने वाले गांव गांव के प्रमुखों को बुलाया गया था जिसमें हजारों की संख्या में आम जनमानस का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जहां क्षेत्रवासियों ने पहले नन्हेसर ग्राम में रैली निकाल कर तहसीलदार रौशनी तिर्की हटाओ – सन्ना बचाओ का नारा लगाने के साथ साथ जल जीवन मिशन योजना के नलों में शुद्ध पानी मांगने, किसानों के साथ अन्याय करना बंद करो जैसे नारा लगाया।जिसके बाद रैली सभा स्थल में पहुंची और फिर जनसंवाद का कार्यक्रम प्रारंभ हुआ जिस जनसंवाद में खुड़िया क्षेत्र के प्रमुखों के अलावा बगीचा से कोरवा समाज की नेत्री शोभापति दीवान,चंद्रदेव ग्वाला,सुखलाल यादव ने सभा को संबोधित किया। जनसंवाद कार्यक्रम में बारी बारी क्षेत्र के दर्जनों ग्राम प्रमुखों ने उठ उठ कर क्षेत्र की समस्याओं को बताया।जिसमें सबसे एक स्वर में बताया कि खुड़िया क्षेत्र के बहुत से गांव में जल जीवन मिशन के तहत लगाया गया घर घर नल जल योजना में एक दिन भी पानी नहीं मिला है जिसे यहां के अधिकारी गलत रिपोर्टिंग करके सरकार को गुमराह कर रहे हैं।दूसरा मामला सन्ना तहसील में पदस्त तहसीलदार रौशनी तिर्की को लेकर भी दर्जनों ग्राम प्रमुखों ने तहसीलदार पर रिश्वतखोरी के अलावा कई गम्भीर गंभीर आरोप लगाए और सन्ना तहसीलदार को सन्ना से हटाए जाने की मांग करने लगे।वहीं इस जनसंवाद कार्यक्रम में कई किसानों का धान भी रकबा के हिसाब से नहीं खरीदने का गम्भीर आरोप लगाया और बचे हुए किसानों का धान पुनः खरीदी करने का मांग किया गया।वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन,विधवा,वृद्धा,विकलांग पेंशन में भी हो रहे अनियमितता को भी कई बुजुर्गों ने बताया। जनसंवाद कार्यक्रम के अंतिम में क्षेत्र के जनपद सदस्य राकेश गुप्ता ने बताया कि यह कार्यक्रम जशपुर जिले में पदस्थ झूठे और तानाशाह अफसरशाही को लेकर एक सांकेतिक प्रदर्शन था । सरकार की अच्छी – अच्छी योजनाओं को जिले के अधिकारी मिट्टी में मिलाकर सरकार को गुमराह करने का प्रयास करते हैं और झूठी रिपोर्ट भेजते हैं इसी कारण यह जनसंवाद कर सरकार तक सच्चाई पहुंचाने का यह पहल है।मेरे अलावा क्षेत्र में आए दिन कई ग्रामीणों को सन्ना तहसीलदार रौशनी तिर्की के द्वारा परेशान करने शिकायत मिलता रहता है परंतु कार्यवाही नहीं होने से माहौल इस ओर परिवर्तित हो रहा है। *जमकर दहाड़ी कोरवा समाज की नेत्री शोभापति दीवान* उपरोक्त कार्यक्रम में सहयोग देने बगीचा से पहुंची कोरवा समाज की नेत्री शोभापति दीवान ने भी प्रशासन के खिलाफ जमकर बोली उन्होंने कहा कि एक दुष्ट तहसीलदार अधिकारी रौशनी तिर्की पूरे क्षेत्र को तबाह करके रखी है जिसका आए दिन शिकायत मिलता है परंतु इसे ऐसा कौन है जो संरक्षण दे रहा है और इसे सन्ना खुड़िया क्षेत्र को लूटने के लिए बैठाया है अब इस क्षेत्र की नारी शक्ति को जाएंगे कि आवश्यकता है और तहसीलदार को भगाने की आवश्यकता है। *जनजाति सुरक्षा मंच के सैकड़ों कार्यकर्ता दिखे सभा में* जनजाति सुरक्षा मंच के चंद्रदेव ग्वाला और सुखलाल यादव ने भी क्षेत्र में चल रहे काले कारनामों को सभा को संबोधित करते हुए बताया और जनता को आगे बढ़ने का बात कहा।कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में जनजाति सुरक्षा मंच के प्रमुख कार्यकर्ता दिखे जिसमें उल्लेश्वर भगत,हेमनाथ भगत जिससे तेज तर्रार युवा कार्यकर्ताओं का ग्रुप शामिल था। कोरवा समाज के प्रमुख नन्हेसर के अमृत कोरवा ने भी गांव में शुद्ध पानी नहीं मिलने का बात को कहा और तहसीलदार को जल्दी हटाने का मांग किया। कार्यक्रम के अंतिम में सभी ने महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम नायब तहसीलदार तोष कुरमा सिंह को ज्ञापन सौंप कार्यवाही की मांग किया।

*बड़ी खबर* *धान खरीदी: किसानों के हित में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अतिरिक्त दो दिवस धान खरीदी की व्यवस्था*

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*धान खरीदी: किसानों के हित में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अतिरिक्त दो दिवस धान खरीदी की व्यवस्था* रायपुर 3 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण राहत प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत तीन श्रेणियों के किसानों को धान विक्रय हेतु अतिरिक्त दो दिवस – 05 एवं 06 फरवरी 2026 तक खरीदी की अनुमति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार तीन प्रकार के किसान इस अतिरिक्त अवधि में धान विक्रय कर सकेंगे— ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात टोकन हेतु आवेदन किया गया, किंतु सत्यापन नहीं हो पाया है। ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात आवेदन किया गया तथा सत्यापन उपरांत उनके पास धान पाया गया है। ऐसे किसान, जिन्हें दिनांक 28 जनवरी 2026, 29 जनवरी 2026 एवं 30 जनवरी 2026 को टोकन प्राप्त हुआ था, परंतु किसी कारणवश वे निर्धारित तिथि पर धान विक्रय नहीं कर पाए थे। किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए बारदाना एवं हमालों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। राज्य सरकार का यह निर्णय किसानों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी उपज के सुरक्षित एवं सुचारु विक्रय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

गणतंत्र दिवस पर लापरवाही की हद: तेज रफ्तार आईशर ट्रक से बाल-बाल बचे दो लोग, पुलिस ने पकड़ा चालक

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गणतंत्र दिवस पर लापरवाही की हद: तेज रफ्तार आईशर ट्रक से बाल-बाल बचे दो लोग, पुलिस ने पकड़ा चालक कुनकुरी , 27 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस की शाम जब कुनकुरी शहर में देशभक्ति का माहौल था, उसी दौरान एक तेज रफ्तार आईशर ट्रक ने लोगों की जान जोखिम में डाल दी। लापरवाह तरीके से ट्रक चला रहा चालक शहर के बीचों-बीच आतंक मचाता नजर आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जय स्तंभ चौक के पास ट्रक की चपेट में आने से दो लोग बाल-बाल बच गए। घटना के बाद चालक ट्रक लेकर भागने लगा, लेकिन कुनकुरी पुलिस ने तुरंत पीछा कर कचहरी के पास ट्रक को पकड़ लिया। पकड़े जाने के बाद भी चालक पुलिस से उलझता रहा। पुलिस ट्रक और चालक को थाना लेकर पहुंची, जहां पूछताछ की गई। चालक की पहचान अरविंद बड़ाइक, निवासी कुरडेग (झारखंड) के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही ड्राइवर संघ के जिलाध्यक्ष फिरन राम यादव और जिला उपाध्यक्ष मुन्ना खान कुनकुरी थाने पहुंचे। जांच में ट्रक चालक की स्पष्ट गलती सामने आई। इस दौरान जिलाध्यक्ष फिरन राम यादव ने चालक को कड़ी फटकार लगाई और उससे माफी मंगवाई। साथ ही ड्राइवर संघ की बैठक बुलाकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही। वहीं जिला उपाध्यक्ष मुन्ना खान ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसे लापरवाह चालकों के खिलाफ ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कराने तक की कार्रवाई की जाएगी। कुनकुरी पुलिस ने ट्रक चालक पर ₹1000 का चालान किया और सख्त समझाइश देकर छोड़ा।