जशपुर में कृषि क्रांति 2.0: विधायक गोमती साय ने किया तीन दिवसीय भव्य मेले का आगाज़, देश भर की कंपनियों की नजर जशपुर के काजू और जीरा फूल चावल पर

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जशपुर में कृषि क्रांति 2.0: विधायक गोमती साय ने किया तीन दिवसीय भव्य मेले का आगाज़, देश भर की कंपनियों की नजर जशपुर के काजू और जीरा फूल चावल पर कुनकुरी (जशपुर) | 23 मार्च 2026 खास बातें (Highlights): उद्घाटन: पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने फीता काटकर मेले की शुरुआत की। आयोजन: कुनकुरी कृषि महाविद्यालय में तीन दिवसीय ‘कृषि क्रांति एक्सपो 2.0’। बड़ी डील: जीरा फूल चावल, काजू, टाऊ और आम की खरीदी के लिए कंपनियों ने दिखाया भारी उत्साह। मकसद: किसानों और बड़ी कंपनियों के बीच सीधा व्यापारिक संवाद (Buyer-Seller Meet)। जशपुर – छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में खेती-किसानी को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल हुई है। कुनकुरी स्थित कृषि महाविद्यालय के प्रांगण में तीन दिवसीय ‘कृषि क्रांति एक्सपो 2.0’ का शानदार आगाज हुआ। इस भव्य मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जशपुर की माटी में पैदा होने वाली फसलों की खुशबू अब सात समंदर पार तक जाएगी। कंपनियों और किसानों का सीधा संवाद इस एक्सपो की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ देश भर की नामी कृषि आधारित कंपनियां सीधे किसानों से रूबरू हो रही हैं। जिला प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए किसानों ने बताया कि अब उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना होगा। वे अपनी उपज की गुणवत्ता और मार्केटिंग को लेकर सीधे कंपनियों से चर्चा कर रहे हैं। कलेक्टर रोहित व्यास की ‘ब्रांड जशपुर’ रणनीति कलेक्टर रोहित व्यास ने जानकारी दी कि यह ‘कृषि क्रांति एक्सपो’ का दूसरा वर्ष है। उन्होंने कहा— “जशपुर जिले में पैदा होने वाली फसलों और फलों के प्रोडक्ट्स की मांग अब देशभर में होने लगी है। यह एक ऐसा मंच है जहाँ क्रेता और विक्रेता के बीच सीधा संवाद हो रहा है, जिससे किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल सके।” इन उत्पादों की मची है धूम मेले के मीटिंग हॉल में जशपुर के खास उत्पादों को लेकर कंपनियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। विशेष रूप से निम्नलिखित उत्पादों की ट्रेडिंग और मार्केटिंग पर सत्र चल रहे हैं: जीरा फूल सुगंधित चावल: अपनी खुशबू के लिए मशहूर। काजू और टाऊ: जशपुर की पहचान बन चुके ये उत्पाद। रामतिल और मूंगफली: व्यापारिक संभावनाओं से भरपूर। दशहरी और आम्रपाली आम: सीजन से पहले ही कंपनियों ने खरीदी में दिलचस्पी दिखाई है। एक्सपर्ट्स दे रहे हैं ट्रेनिंग तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में केवल प्रदर्शनी ही नहीं, बल्कि विभिन्न तकनीकी सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को आधुनिक खेती, फसलों की प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग के गुर सिखाए जा रहे हैं।

जशपुर: कुनकुरी में जैन मुनिश्री प्रमाण सागर का भव्य मंगल प्रवेश, मीडिया को दी नसीहत— “युद्ध की चर्चा छोड़, शांति का पुरुषार्थ करें”

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जशपुर: कुनकुरी में जैन मुनिश्री प्रमाण सागर का भव्य मंगल प्रवेश, मीडिया को दी नसीहत— “युद्ध की चर्चा छोड़, शांति का पुरुषार्थ करें” जशपुर (कुनकुरी) | छत्तीसगढ़ के राजकीय अतिथि, प्रख्यात जैन संत मुनिश्री प्रमाण सागर महाराज का जशपुर जिले के कुनकुरी शहर में गौरवशाली शुभागमन हुआ। मध्यप्रदेश के भोपाल से पावन तीर्थ सम्मेद शिखर जी के विहार पर निकले मुनिश्री का स्थानीय जैन समाज सहित सर्व समाज ने गाजे-बाजे और पुष्पवर्षा के साथ भव्य स्वागत किया। मुनिश्री के आगमन से पूरे जशपुर वनवासी अंचल में एक सुंदर आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया है। मीडिया से संवाद: “युद्ध की चर्चा से हमें क्या मिलेगा?” कुनकुरी प्रवास के दौरान मुनिश्री प्रमाण सागर महाराज ने मीडिया से विशेष चर्चा की। विश्व में जारी संघर्षों और नकारात्मकता पर उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा: “हम विहारी हैं और विहार कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के जो संस्कार हैं, जो यहां के लोग प्रेम देते हैं, अच्छे हैं। मेरा संदेश कहेंगे तो मैं यही कहूंगा कि सभी लोग अपने जीवन को सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों में लगाएं। समस्याओं की तरफ देखने की जगह समाधान के रास्ते में कितनी तकनीकी का उपयोग करें पर तकनीकी के आदी ना बनें।” मुनिश्री ने मीडिया की भूमिका पर जोर देते हुए आगे कहा: “मीडिया के माध्यम से इस समय मैं यही कहना चाहूंगा कि युद्ध और संघर्ष की चर्चा करने की जगह शांति की प्रार्थना करें। दिनभर युद्ध की रिपोर्ट प्रसारित कर रहे हैं क्यों ना वैश्विक स्तर पर एक साथ लोगों को शांति की प्रार्थना में लगाएं, जिससे लोगों को सद्बुद्धि आए। युद्ध की चर्चा करने से हमें क्या मिलेगा? हम सकारात्मक भाव तरंग सर्वत्र उत्पन्न करें जो लोग, जो शक्तियां युद्ध के लिए उन्मादी बनी हुई हैं, उनकी बुद्धि नियंत्रित हो तो अच्छा होगा। एक सकारात्मक प्रयास हो सारे विश्व में ही युद्ध की ही चर्चा है हम न युद्ध की चर्चा करें ना युद्ध की चिंता करें। शांति का पुरुषार्थ करें।” श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब, अब जशपुर की ओर विहार मुनिश्री के प्रवचन कार्यक्रम और शंका समाधान सत्र में भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, कुनकुरी नगरपंचायत अध्यक्ष विनयशील ने भी अपनी शंकाओं का समाधान पाया।कुनकुरी के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ दूर-दराज से आए लोग भी मुनिश्री का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। कुनकुरी युवा संघ के रवि जैन ने बताया कि मुनिश्री का प्रवास कुनकुरी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने मुनिश्री के निरंतर विहार पर प्रकाश डालते हुए कहा: “बहते पानी को कोई रोक नहीं सकता। मुनिश्री प्रमाण सागर जी महाराज का अब कुनकुरी शहर में विहार के बाद जशपुर की ओर विहार होगा, जिसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।” कुनकुरी में धर्म की प्रभावना करने के बाद, मुनिश्री अब सम्मेद शिखर की अपनी यात्रा को जारी रखते हुए जशपुर की ओर प्रस्थान करेंगे। पूरा क्षेत्र उनके दर्शन और वंदन के लिए उत्साहित है।

जशपुर बस हादसा: प्रशासन की सख्ती के बाद भी जांच से दूर रहे यात्री बस संचालक, रंजीता स्टेडियम में केवल स्कूल बसें पहुंचीं

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जशपुर बस हादसा: प्रशासन की सख्ती के बाद भी जांच से दूर रहे यात्री बस संचालक, रंजीता स्टेडियम में केवल स्कूल बसें पहुंचीं   जशपुर – गोड़अम्बा में हुए  ‘अनमोल’ बस हादसे के बाद, जिसमें 5 लोगों की जान गई और 24 घायल हुए, जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के कड़े निर्देशों के बाद रविवार को जिले की सभी बसों की फिटनेस और दस्तावेजों की जांच के लिए विशेष शिविर लगाया गया। हालांकि, इस अभियान में यात्री बस संचालकों की बेरुखी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रंजीता स्टेडियम में सुबह से डटे रहे अफसर प्रशासनिक निर्देशानुसार, रविवार सुबह 10 बजे जशपुर के रंजीता स्टेडियम में जिले की सभी बसों को भौतिक सत्यापन के लिए बुलाया गया था। जिला परिवहन अधिकारी (DTO) विजय निकुंज और उनकी टीम मौके पर मौजूद थी। स्कूल बसों की उपस्थिति: निर्देश मिलते ही स्कूल बसें समय पर स्टेडियम पहुंचीं और उनके फिटनेस व दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। यात्री बसें नदारद: हैरानी की बात यह रही कि पूरे जिले से एक को छोड़कर दूसरा कोई भी यात्री बस संचालक बस लेकर जांच के लिए स्टेडियम नहीं पहुंचा। प्रशासन की चेतावनी: होगी कड़ी कार्रवाई यात्री बस संचालकों की इस सामूहिक अनुपस्थिति को प्रशासन ने अनुशासनहीनता और यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ माना है। जिला परिवहन अधिकारी विजय निकुंज ने स्पष्ट किया कि जांच से बचने वाले बस संचालकों को बख्शा नहीं जाएगा। परिवहन विभाग अब इन बसों की सड़क पर धरपकड़ कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने की तैयारी में है। ड्राइवर संघ ने गिनाईं मजबूरियां: फिटनेस के लिए अंबिकापुर का चक्कर चेकिंग के बीच एक बड़ा मुद्दा फिटनेस सेंटर की कमी का भी उठा। ड्राइवर संघ के अध्यक्ष फिरन यादव ने मीडिया से चर्चा में बताया कि जशपुर जिले में फिटनेस सर्टिफिकेट बनाने की सुविधा नहीं है। “हजारों रुपये खर्च कर और कई दिनों की परेशानी झेलकर हमें फिटनेस के लिए अंबिकापुर जाना पड़ता है। हमने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।” पोर्टल विश्लेषण: सवाल सुरक्षा का हादसे के बाद प्रशासन का जागना सराहनीय है, लेकिन यात्री बस संचालकों का जांच शिविर से गायब रहना बताता है कि शायद सिस्टम में अब भी ‘खौफ’ की कमी है। क्या बसें अनफिट हैं? क्या कागजात अधूरे हैं? या फिर संचालकों को प्रशासनिक आदेशों की परवाह नहीं? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में होने वाली कार्रवाई से तय होंगे। बने रहें हमारे पोर्टल के साथ, जशपुर की हर छोटी-बड़ी खबर के लिए।

BLACK FRIDAY : छत्तीसगढ़ में सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत, 50 से अधिक घायल

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BLACK FRIDAY : छत्तीसगढ़ में सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत, 50 से अधिक घायल छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को सड़क हादसों ने बड़ा कहर बरपाया। जशपुर और बलौदाबाजार जिलों में हुए दो अलग-अलग भीषण सड़क हादसों में कुल 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक यात्री घायल हो गए। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। जशपुर: ब्रेक फेल होने से बस पलटी, 5 की मौत जशपुर जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। झारखंड के कुरडेग से कुनकुरी आ रही अनमोल बस (CG 14 G 0263) करडेगा चौकी क्षेत्र के गोड़अंबा गांव में अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 5 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 17 से अधिक लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह करीब 9:45 बजे ढलान के दौरान बस का ब्रेक फेल हो गया। बस में सवार एक यात्री ने बस रोकने के लिए कहा, तभी कंडक्टर ने चिल्लाकर बताया कि ब्रेक फेल हो गया है। कुछ ही क्षण बाद बस अनियंत्रित होकर सुरेंद्र साय के निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास में पलट गई। बस में दो दर्जन से अधिक यात्री सवार थे। घटना के बाद गोड़अंबा गांव के दिगंबर यादव ने तुरंत मदद की पहल की। उनके साथ सरपंच पति शिवशंकर साय, उपसरपंच दशरथ प्रसाद यादव और प्रभाशंकर यादव ने प्रशासन को सूचना दी और राहत कार्य शुरू कराया। जेसीबी की मदद से बस हटाकर यात्रियों को बाहर निकाला गया। करीब 11 बजे एसडीएम नंदजी पांडे, एसडीओपी विनोद मंडावी समेत प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। प्रशासनिक वाहनों और 7 एम्बुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल भेजा गया। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर कुनकुरी डॉ. के. कुजूर ने हादसे में 5 लोगों की मौत की पुष्टि की है। मृतकों में पति-पत्नी और पिता-पुत्र शामिल हैं। मृतकों के नाम महेश राम (45), ग्राम मकरीबंधा, तहसील दुलदुला बिमला (42), ग्राम मकरीबंधा (पति-पत्नी) संपति देवी (52), जिला सिमडेगा, झारखंड दिगेश्वर (40), ग्राम ढोढी, तहसील कुरडेग, जिला सिमडेगा घनश्याम (5 माह), ग्राम ढोढी (पिता-पुत्र) घायलों का इलाज कुनकुरी, जिला अस्पताल और अन्य अस्पतालों में किया जा रहा है। 4 गंभीर घायलों को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। हादसे की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पत्नी कौशल्या देवी साय कुनकुरी अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज व सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि यह हादसा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में हुआ है। बलौदाबाजार: नेशनल हाईवे पर बस को ट्रक ने मारी टक्कर, 5 की मौत इधर बलौदाबाजार जिले में रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर भी भीषण सड़क हादसा हो गया। दरचुरा के पास RBS यात्री बस को पीछे से तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि बस सवारी चढ़ाने के लिए सड़क किनारे रुकी हुई थी, तभी पीछे से आ रहे ट्रक ने बस को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस सड़क से नीचे खेत में जा घुसी। इस हादसे में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 35 से अधिक यात्री घायल हो गए। घायलों को सिमगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर घायलों को रायपुर रेफर किया गया है। सिमगा पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य में जुटी हुई है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को हुए इन दो बड़े सड़क हादसों में कुल 10 लोगों की जान चली गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। प्रशासन दोनों घटनाओं की जांच में जुटा हुआ है।  

ईब नदी पर चल रहे सोना खदानों से नदी का पानी हुआ लाल,परम्परा का हवाला देकर नदी का जीवन खतरे में डाल रहा मानव समूह,सरकार को इसका पता नहीं!

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मेरे देश की धरती सोना उगले,उगले हीरे मोती,,,हमारे जशपुर जिले में फरसाबहार तहसील क्षेत्र की धरती सोना उगल रही है।जिसकी स्पीड बढ़ाने के लिए स्वर्ण माफिया सक्रिय हो गए हैं।बीते तीन दिनों की हमारी पड़ताल में मानव समूह ईब नदी के लिए खतरा बन चुके हैं हालांकि इस अवैध कारोबार के पीछे के चेहरे तक पहुंचने की हमारी कोशिश नाकाम रही है। जशपुर (फरसाबहार) जशपुर जिले में अवैध रेत खदानों की खबरें आम हैं, लेकिन अब जिले की जीवनदायिनी ईब नदी अवैध सोना खनन की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। फरसाबहार तहसील के धौरासांड गांव से होकर बहने वाली ईब नदी पम्पशाला, कोताईबीरा कपाट द्वार और लावाकेरा होते हुए ओडिशा राज्य में प्रवेश करती है। इसी पूरे क्षेत्र में नदी के तटों और आसपास की सरकारी व निजी जमीनों को जेसीबी और ट्रैक्टरों से खोदकर, मिट्टी के ढेर बनाए जा रहे हैं और ओपन टनल सिस्टम के जरिए मिट्टी को सीधे नदी में बहाया जा रहा है। इस प्रक्रिया में सोने के कण बेहद नाममात्र निकल रहे हैं, लेकिन उसके बदले लाखों गुना ज्यादा मिट्टी नदी को गंदला और बीमार कर रही है। धौरासांड से लेकर लावाकेरा तक ईब नदी का पानी लगातार खराब हो रहा है। हालात यह हैं कि लावाकेरा गांव के लोगों का कहना है कि अब नदी में मछली मिलना मुश्किल हो गया है, निस्तार के लिए पानी उपयोग लायक नहीं रहा और पशुओं को भी साफ पानी नसीब नहीं हो पा रहा। मीडिया को देख भागे, सवालों से बचते दिखे खननकर्ता जब इस अवैध गतिविधि की पड़ताल के लिए टीम मौके पर पहुंची, तो उससे पहले ही सोनाजोरी नाला में भी पांच अवैध सोना खदानें संचालित होती मिलीं। एक स्थान सीनाजोरी पुल के पास भोकलू राम की जमीन से जेसीबी द्वारा खोदी गई मिट्टी नदी किनारे डाली जा रही थी, जिसे बाद में उसका परिवार नदी में बहाकर स्वर्ण कण चुनता है।जिसका कहना है कि बंजर जमीन को खेती लायक बनाने के लिए जमीन की मिट्टी नदी में डालकर सोना मिल रहा है जिससे जेसीबी,ट्रैक्टर का खर्चा निकल जाएगा।इसमें गलत क्या है? मैं नहीं जानता। हालांकि, धौरासांड ईब नदी के किनारे जैसे ही मीडिया मौके पर पहुंची, अधिकांश लोग मौके से भाग खड़े हुए। मोटर पंप बंद कर दिए गए और काम रोक दिया गया। दो मजदूरों को रोककर बातचीत शुरू की गई, तब उनके बुलाने पर 5 से 10 लोग सामने आए। यह व्यवहार खुद ही इस बात की ओर इशारा करता है कि सब कुछ “परंपरा” के नाम पर इतना सरल नहीं है। आजीविका का तर्क, लेकिन नुकसान नदी का खनन में लगे लोगों का कहना है कि गांव में रोजगार का कोई साधन नहीं है। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा धौरासांड से दाईजबहार तक ईब नदी पर पुल निर्माण की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हुआ। मजदूरी नहीं मिलने और सोना निकालने की पुरानी परंपरा का हवाला देकर वे इसे अपनी आजीविका का एकमात्र साधन बता रहे हैं। यह तर्क अपनी जगह है, लेकिन सवाल यह है कि क्या रोजगार के नाम पर पूरी नदी को बर्बाद कर देना जायज़ है? सरपंच अनजान, पंचायत से नहीं ली गई अनुमति मामले में धौरासांड की सरपंच दशमती पैंकरा से बात करने पर चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। सरपंच ने कहा कि उन्हें पंचायत क्षेत्र में वर्षों से चल रही सोने की खदानों की कोई जानकारी नहीं है। न तो पंचायत से किसी प्रकार की अनुमति ली गई है और न ही कोई टैक्स जमा किया गया है। सरपंच ने साफ कहा कि नदी में मिट्टी बहाना गलत है। वहीं, एसडीएम ओंकारेश्वर सिंह ने कहा कि वे मौका मुआयना के बाद ही इस पर कोई ठोस टिप्पणी कर पाएंगे। पर्यावरण नियम क्या कहते हैं? पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) की Sustainable Sand Mining Management Guidelines 2016 भले ही रेत और लघु खनिजों के लिए हों, लेकिन इनके मूल सिद्धांत साफ हैं— नदी के प्राकृतिक बहाव और पारिस्थितिकी तंत्र से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए नदी तटों को काटकर या मिट्टी बहाकर खनन करना पर्यावरणीय अपराध है बिना अनुमति, बिना आकलन और बिना पुनर्स्थापन योजना के कोई भी खनन अवैध माना जाता है नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) भी कई मामलों में स्पष्ट कर चुका है कि नदी के सक्रिय प्रवाह क्षेत्र में खनन पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन है। नतीजा क्या होगा? एक तरफ स्वर्ण माफिया ग्रामीणों को सरकार के खिलाफ भड़काने की कोशिश कर रहे हैं, तो दूसरी ओर ग्रामीण इसे अपनी मजबूरी और परंपरा बताकर जारी रखने की बात कह रहे हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि अगर यही हाल रहा तो ईब नदी का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा। अब सवाल साफ है— क्या प्रशासन समय रहते कार्रवाई कर ईब नदी को बचाएगा, या फिर सोने की कुछ चमकदार रेत के लिए जशपुर अपनी जीवनदायिनी नदी खो देगा?

गणतंत्र दिवस पर लापरवाही की हद: तेज रफ्तार आईशर ट्रक से बाल-बाल बचे दो लोग, पुलिस ने पकड़ा चालक

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गणतंत्र दिवस पर लापरवाही की हद: तेज रफ्तार आईशर ट्रक से बाल-बाल बचे दो लोग, पुलिस ने पकड़ा चालक कुनकुरी , 27 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस की शाम जब कुनकुरी शहर में देशभक्ति का माहौल था, उसी दौरान एक तेज रफ्तार आईशर ट्रक ने लोगों की जान जोखिम में डाल दी। लापरवाह तरीके से ट्रक चला रहा चालक शहर के बीचों-बीच आतंक मचाता नजर आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जय स्तंभ चौक के पास ट्रक की चपेट में आने से दो लोग बाल-बाल बच गए। घटना के बाद चालक ट्रक लेकर भागने लगा, लेकिन कुनकुरी पुलिस ने तुरंत पीछा कर कचहरी के पास ट्रक को पकड़ लिया। पकड़े जाने के बाद भी चालक पुलिस से उलझता रहा। पुलिस ट्रक और चालक को थाना लेकर पहुंची, जहां पूछताछ की गई। चालक की पहचान अरविंद बड़ाइक, निवासी कुरडेग (झारखंड) के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही ड्राइवर संघ के जिलाध्यक्ष फिरन राम यादव और जिला उपाध्यक्ष मुन्ना खान कुनकुरी थाने पहुंचे। जांच में ट्रक चालक की स्पष्ट गलती सामने आई। इस दौरान जिलाध्यक्ष फिरन राम यादव ने चालक को कड़ी फटकार लगाई और उससे माफी मंगवाई। साथ ही ड्राइवर संघ की बैठक बुलाकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही। वहीं जिला उपाध्यक्ष मुन्ना खान ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसे लापरवाह चालकों के खिलाफ ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कराने तक की कार्रवाई की जाएगी। कुनकुरी पुलिस ने ट्रक चालक पर ₹1000 का चालान किया और सख्त समझाइश देकर छोड़ा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच ने बदली शहर की तस्वीर,विसर्जन तालाब में प्रकृति को उतारने में जुटा नगरीय प्रशासन लेकिन…

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच ने बदली शहर की तस्वीर,विसर्जन तालाब में प्रकृति को उतारने में जुटा नगरीय प्रशासन लेकिन… जशपुर : कुनकुरी विसर्जन तालाब सिर्फ एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि प्रकृति को फिर से एक तालाब के चारों ओर उतारने की खूबसूरत कोशिश बन गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर 98 लाख रुपये की लागत से चल रहे इस परियोजना ने जनवरी 2025 में गति पकड़ी थी और अब यह लगभग अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है।   तालाब को आधुनिक और हरा-भरा स्वरूप देने में ठेकेदार महेश त्रिपाठी और राजू भारती दिन-रात जुटे हुए हैं। हालांकि अतिक्रमण और तालाब के भीतर मौजूद बिजली ट्रांसफार्मर को अभी तक नहीं हटाया जाना परियोजना की प्रमुख चुनौतियाँ बनी हुई हैं। युवाओं का नैचुरल हैंगआउट बन चुका है तालाब तालाब की सुंदरता ऐसी है कि पिछले दो माह से यह युवाओं का पसंदीदा ठिकाना बन गया है। सुबह की धूप हो या शाम की ठंडी हवा – लोग यहां प्रकृति से जुड़ने, सुकून लेने और यादगार रील्स बनाने पहुंच रहे हैं। तालाब में डाली गई रूपचंदा रंगीन मछलियाँ बच्चों और बड़ों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। कई लोग अपने घरों से लाए पालतू कछुओं को यहां छोड़कर उन्हें प्राकृतिक आवास भी दे रहे हैं।   प्रकृति की सेवा अब बन गई सामाजिक जिम्मेदारी तालाब में लगाए गए आकर्षक पौधों की देखभाल शहर के निवासी प्रकाश कुजूर कर रहे हैं। उनका तालाब से भावनात्मक जुड़ाव भी गहरा है। प्रकाश ने अमर उजाला को बताया,“मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हमारे बड़े भाई जैसे हैं। वे हमारे यहां किराए के घर में रहकर पढ़ाई किए थे। उनका यह सुंदर प्रयास सफल हो, इसलिए तालाब की सेवा कर रहा हूं।”   मुख्यमंत्री ने निरीक्षण कर बढ़ाई उम्मीदें       बीते 28 अक्टूबर को छठ पूजा के मौके पर मुख्यमंत्री सपरिवार तालाब का निरीक्षण करने पहुंचे। आसपास की हरियाली और बनती सुंदरता को देखकर उन्होंने अतिरिक्त 60 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही निर्देश दिया कि तालाब के अंदर मौजूद बिजली ट्रांसफार्मर और खंभे को तुरंत बाहर शिफ्ट किया जाए, ताकि तालाब की सुंदरता और सुरक्षा दोनों में कोई बाधा न रहे। स्थल पर मौजूद कलेक्टर रोहित व्यास ने भरोसा दिलाया कि यह तालाब कुनकुरी की पहचान बनेगा और इससे भी बेहतर स्वरूप दिया जाएगा।   एक तालाब—जो सिर्फ पानी नहीं, प्रकृति के पुनर्जागरण की कहानी बन रहा है कुनकुरी का विसर्जन तालाब अब शहर की नई हरित पहचान बनकर उभर रहा है। यहां बनने वाली पगडंडियाँ, पानी में तैरती रंगीन मछलियाँ, किनारे हिलते पौधे और युवा,यह सब मिलकर बताते हैं कि किस तरह एक तालाब पूरे शहर की आत्मा को फिर से जीवंत कर सकता है।   नगरपंचायत अध्यक्ष विनयशील और सीएमओ की लगातार उपस्थिति के कारण विसर्जन तालाब सिर्फ सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि प्रकृति और समाज के रिश्ते को फिर से मजबूत करने की कहानी बन रहा है। ठेकेदार महेश त्रिपाठी ने बताया कि विसर्जन तालाब सौंदर्यीकरण में फूल-पौधे रूप दिए गए हैं।पौधों की देखभाल के लिए स्प्रिंकलर लगाया गया है।चारों ओर रेलिंग पर एलईडी लाइट लगाकर तालाब में रोशनी की गई है।अतिक्रमण और ट्रांसफार्मर हटाने का काम जल्दी पूरा होने से निर्माण कार्य एक महीने में पूरा हो जाएगा।

मुख्यमंत्री के सड़क मार्ग से गुजरने का गड्ढों पर हुआ बड़ा असर,मिट्टी से ही भरने लगे गड्ढे

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आंखो-देखी  जशपुर जिले में अश्वत्थामा का घाव बन चुका नेशनल हाईवे 43 पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कृपा हुई है। गड्ढेयुक्त घाव को मृदा चिकित्सा के जरिए भरा जा रहा है।जिसे देखकर राहगीर अभी राहत महसूस करते हुए भविष्य में उड़ते धूल की आशंका से घबरा भी रहे हैं।हालांकि ज्यादातर लोग इस बात को लेकर खुश हैं कि चलो सीएम साहब सड़क से आए तो इस अहिल्या बनी कुनकुरी का उद्धार होना तय हुआ।यह सुखद खबर कुनकुरी शहर से आई है। दरअसल,तीन दिन पहले कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में छठ पूजा मनाने आए यहां के विधायक मुख्यमंत्री माननीय विष्णुदेव साय जी का वायुमार्ग के अलावा सड़कमार्ग से भी भ्रमण हुआ।इस दौरान उन्हें सड़क पर गड्ढों नहीं,नहीं गड्ढों पर सड़क,नहीं नहीं साफ समझें तो खराब सड़क से दो -चार होना पड़ा होगा। यह अंदाजा लगाकर कहा जा रहा है कि खराब सड़क पर हिचकोले खाने के बाद ही तो आज सड़क के गड्ढे भरते देखे गए हैं।वैसे भी सीएम साहब के बारे में यह क्लियर बात है कि वे सहज,सरल हैं।खस्ताहाल सड़क देखने के बाद हो सकता है उन्होंने यह कहा हो कि ‘सड़क को चलने लायक तो बना दीजिए।’ अब सीएम साहब की मर्जी जानने के बाद अधिकारी हरकत में आए और इस सड़क को फिर से चलने लायक बनाने में जुट गए हैं। VVIP सिटी होने का गौरव हासिल कर चुके कुनकुरी शहर से गुजरने वाली नेशनल हाईवे सड़क पर गड्ढे भरने का काम द्रुतगति से चल रहा है।इसे दुर्गति ना समझें। वैसे भी कुनकुरी क्षेत्र ही नहीं अपितु समस्त जशपुर जिले को पर्यटन के क्षेत्र में,धार्मिक महत्त्व के क्षेत्र में वैश्विक पहचान देने के लिए मुख्यमंत्री जी स्वयं सक्रिय हैं।सुनने में आया है कि पंडित प्रदीप मिश्रा के बाद दिसंबर में बागेश्वर धाम से पंडित धीरेन्द्र शास्त्री आने वाले हैं।ऐसे में जशपुर जिले का नाम पूरे देश की सुर्खियों में रहेगा। राजनीति के पंडितों को कहना है कि जिस प्रकार से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मोदी की गारंटी पर सरलता और सहजता के साथ सरकार चला रहे हैं नहीं लगता कि आने वाले दिनों में उन लोगों को राहत मिल पाए जो कतार में खड़े हैं। दस विभागों के साथ मुख्यमंत्री का ओहदा लेकर चलना हर किसी के वश की बात नहीं है।एक छोटे गांव के जमींदार परिवार से आने वाले सीएम साय सुनते सबकी हैं लेकिन करना कितना है,यह केवल वो ही तय करते हैं। बहरहाल, हमारी सड़क पर काम चालू है।

छत्तीसगढ़ ड्राईवर महासंघ के आंदोलन का आज दूसरा दिन,कुनकुरी बस स्टैंड में हुआ बवाल,पुलिस ने दी समझाइश

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छत्तीसगढ़ ड्राईवर महासंघ के आंदोलन का आज दूसरा दिन,कुनकुरी बस स्टैंड में हुआ बवाल,पुलिस ने दी समझाइश जशपुर,26 अक्टूबर 2025 – छत्तीसगढ़ प्रदेश के अंतर्गत जशपुर जिले भर में ड्राइवर महासंघ के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर 25 अक्टूबर से आंदोलन जारी है।जिसमें आज सुबह कुनकुरी बस स्टैंड में बस ड्राईवर से बस नहीं चलाने को लेकर बवाल हो गया। दरअसल,सुबह ड्राईवर संघ के जिलाध्यक्ष फिरन यादव अन्य पदाधिकारियों के साथ बस स्टैंड चाय पीने पहुंचा,जहां लावाकेरा से गुमला चलने वाली बालाजी बस के ड्राईवर को आंदोलन का साथ देने कहा।जिस पर ड्राईवर तैयार नहीं हुआ।इस बात से संघ के पदाधिकारी अध्यक्ष समेत नाराज हो गए और गाड़ी नहीं ले जाने का दवाब बनाने लगे।ऐसी स्थिति में बस एजेंटों ने यात्रियों के साथ मिलकर कुनकुरी थाने में शिकायत कर दी।छठ पूजा में यात्रियों को हो रही परेशानी को देखते हुए कुनकुरी थाना प्रभारी राकेश यादव ने आंदोलनकारियों को थाने बुलाया और जबरन किसी भी बस,ट्रक,टैक्सी को रोकने पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी।जिस पर जिलाध्यक्ष फिरन यादव ने संघ की ओर से लिखित पत्र देकर पुलिस को आश्वस्त किया। जिलाध्यक्ष फिरन यादव ने बताया कि यह आंदोलन जशपुरनगर, कुनकुरी, पत्थलगांव, बगीचा, फरसाबहार समेत पूरे जिले में एक साथ चल रहा है। उड़ीसा की भाजपा सरकार ने हमारी मांगों पर सकारात्मक पहल दिखाते हुए एक मांग पूरी कर दी है।बाकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रही है। ड्राइवर संघ आज छग सरकार से इन मांगों को पूरा करने के लिए लोदाम और लावाकेरा बार्डर पर धरना दे रहा है। # छत्तीसगढ़ पूरे प्रदेश में पूर्ण रूप से शराब बंद लागू किया जाए # ड्राइवरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार पर कठोर कार्रवाई हो। # ड्राइवरों के लिए बीमा, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लागू की जाएं। # ड्राइवर संघ और प्रशासन के बीच स्थायी वार्ता समिति बनाई जाए, ताकि समस्याओं का तुरंत समाधान हो सके। आम सड़क पर कितना है असर? आज सड़कों पर बसें,पिकप की आवाजाही दिख रही है।वहीं टैक्सी,सीमेंट,कोयले के ट्रक ड्राइवर आंदोलन में शामिल हैं। दोनों बार्डर पर जाम की स्थिति नहीं है।धरना जारी है।सड़क किनारे कई स्थानों पर ट्रक खड़े दिखे।जिलाध्यक्ष फिरन यादव ने बताया कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो यह धरना प्रदर्शन अनिश्चितकालीन बढ़ाया जा सकता है।

कानफाड़ू प्रेशर हॉर्न पर कुनकुरी पुलिस की सख्त कार्रवाई — शमीम बस के ड्राइवर पर ₹2500 का चालान,ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू

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कानफाड़ू प्रेशर हॉर्न पर कुनकुरी पुलिस की सख्त कार्रवाई — शमीम बस के ड्राइवर पर ₹2500 का चालान, जब्त हुआ हॉर्न कुनकुरी (जशपुर)। सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा और एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। शुक्रवार को इसी अभियान के तहत कुनकुरी थाना क्षेत्र में पुलिस ने प्रेशर हॉर्न और सीट बेल्ट उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई की। जशपुर से अंबिकापुर जा रही शमीम बस (क्रमांक CG 15 DY 3264) के ड्राइवर लक्ष्मण यादव को कानफाड़ू प्रेशर हॉर्न बजाते पकड़ा गया। बस में सवार यात्रियों ने पुलिस से शिकायत की थी कि ड्राइवर बार-बार तेज आवाज वाला हॉर्न बजा रहा है, जिससे यात्रियों और अन्य वाहन चालकों को परेशानी हो रही थी। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश यादव के निर्देश पर यातायात पुलिस जवान जितेंद्र गुप्ता और निर्दोष कुजूर ने बस को रोककर जांच की। इस दौरान प्रेशर हॉर्न जब्त कर लिया गया और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वाहनों में अवैध उपकरणों का उपयोग और सीट बेल्ट न लगाने पर ₹2500 का चालान काटा गया।वहीं ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कुनकुरी पुलिस का कहना है कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत प्रेशर हॉर्न, मल्टी-टोन हॉर्न या तेज ध्वनि उत्पन्न करने वाले किसी भी उपकरण का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है। यह न केवल Noise Pollution (Regulation and Control) Rules, 2000 का उल्लंघन है बल्कि इससे सड़क सुरक्षा को गंभीर खतरा भी उत्पन्न होता है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि शहर में बढ़ते ट्रैफिक और शोर प्रदूषण के बीच ऐसी सख्ती आवश्यक है। कुनकुरी शहर शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार का प्रमुख केंद्र है, जहां दिनभर सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। ऐसे में कानफाड़ू हॉर्न आम लोगों के लिए परेशानी और दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। कुनकुरी पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि —  “अब जो भी ड्राइवर प्रेशर हॉर्न या तेज आवाज वाले हॉर्न का उपयोग करेगा, उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”