भारत की LPG सुरक्षा: वैश्विक संकट के बीच भी घरेलू गैस सप्लाई जारी
भारत की LPG सुरक्षा: वैश्विक संकट के बीच भी घरेलू गैस सप्लाई जारी निर्मल कुमार मार्च 2026 में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली आपूर्ति प्रभावित हुई, जो भारत के लगभग 90% LPG आयात का मुख्य मार्ग है। भारत अपनी जरूरत का करीब 60% LPG आयात करता है, इसलिए कमी की आशंका बनी थी। लेकिन सरकार ने समय पर कदम उठाते हुए यह सुनिश्चित किया कि देश में कहीं भी घरेलू गैस की कमी न हो। पूरे देश में LPG की सप्लाई सामान्य रही, डिलीवरी समय भी पहले जैसा ही बना रहा। 33 करोड़ से ज्यादा परिवार, जिनमें उज्ज्वला योजना के लाभार्थी भी शामिल हैं, बिना किसी रुकावट गैस प्राप्त करते रहे। घरेलू उत्पादन बढ़ाकर स्थिति संभाली सरकार ने रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल प्लांट्स को निर्देश दिया कि LPG उत्पादन बढ़ाया जाए। इसके तहत: पेट्रोकेमिकल्स में उपयोग होने वाली गैस को LPG में बदला गया IOC, BPCL और HPCL को प्राथमिकता दी गई उत्पादन में 25–28% तक बढ़ोतरी हुई रिलायंस जैसी निजी कंपनियों ने भी उत्पादन बढ़ाने में सहयोग किया। घरों को दी गई प्राथमिकता सरकार ने स्पष्ट किया कि सबसे पहले घरेलू उपभोक्ताओं को गैस मिलेगी: रिफाइनरी का पूरा अतिरिक्त उत्पादन घरों के लिए दिया गया अस्पताल और स्कूलों को भी प्राथमिकता मिली होटल और रेस्टोरेंट के लिए अलग व्यवस्था बनाई गई गैर-घरेलू LPG की सप्लाई जारी रही, लेकिन नियंत्रण के साथ। घबराहट में बुकिंग रोकने के उपाय सरकार ने देखा कि असली कमी नहीं, बल्कि घबराहट में ज्यादा बुकिंग हो रही है। इसे रोकने के लिए: शहरों में गैस रिफिल के बीच कम से कम 25 दिन का अंतर गांवों में यह सीमा 45 दिन OTP आधारित डिलीवरी सिस्टम (DAC) लागू ऑनलाइन बुकिंग (SMS, WhatsApp, ऐप) को बढ़ावा अब बुकिंग सामान्य होने लगी है। वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल LPG पर दबाव कम करने के लिए: 48,000 KL केरोसिन अतिरिक्त उपलब्ध कराया गया होटल-रेस्टोरेंट में बायोमास, कोयला आदि की अस्थायी अनुमति उद्योगों के लिए फ्यूल ऑयल उपलब्ध कराया गया PNG (पाइप गैस) को बढ़ावा सरकार ने PNG उपयोग को बढ़ाने के लिए: PNG वाले नए LPG कनेक्शन पर रोक शहरों में PNG अपनाने के लिए प्रोत्साहन आयात और सप्लाई पर निगरानी 80,000 टन LPG के नए शिपमेंट रास्ते में अमेरिका, कनाडा, नॉर्वे जैसे देशों से सप्लाई बढ़ाने की कोशिश सभी राज्यों में निगरानी और छापेमारी कहीं भी गैस की कमी की रिपोर्ट नहीं। सरकार ने अपील की है: जरूरत होने पर ही गैस बुक करें डिजिटल माध्यम अपनाएं अफवाहों पर ध्यान न दें। (लेखक समसामयिक घटनाओं के जानकार हैं।यह उनके निजी विचार हैं।)
