मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच ने बदली शहर की तस्वीर,विसर्जन तालाब में प्रकृति को उतारने में जुटा नगरीय प्रशासन लेकिन…

IMG 20251117 WA0014

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच ने बदली शहर की तस्वीर,विसर्जन तालाब में प्रकृति को उतारने में जुटा नगरीय प्रशासन लेकिन… जशपुर : कुनकुरी विसर्जन तालाब सिर्फ एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि प्रकृति को फिर से एक तालाब के चारों ओर उतारने की खूबसूरत कोशिश बन गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर 98 लाख रुपये की लागत से चल रहे इस परियोजना ने जनवरी 2025 में गति पकड़ी थी और अब यह लगभग अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है।   तालाब को आधुनिक और हरा-भरा स्वरूप देने में ठेकेदार महेश त्रिपाठी और राजू भारती दिन-रात जुटे हुए हैं। हालांकि अतिक्रमण और तालाब के भीतर मौजूद बिजली ट्रांसफार्मर को अभी तक नहीं हटाया जाना परियोजना की प्रमुख चुनौतियाँ बनी हुई हैं। युवाओं का नैचुरल हैंगआउट बन चुका है तालाब तालाब की सुंदरता ऐसी है कि पिछले दो माह से यह युवाओं का पसंदीदा ठिकाना बन गया है। सुबह की धूप हो या शाम की ठंडी हवा – लोग यहां प्रकृति से जुड़ने, सुकून लेने और यादगार रील्स बनाने पहुंच रहे हैं। तालाब में डाली गई रूपचंदा रंगीन मछलियाँ बच्चों और बड़ों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। कई लोग अपने घरों से लाए पालतू कछुओं को यहां छोड़कर उन्हें प्राकृतिक आवास भी दे रहे हैं।   प्रकृति की सेवा अब बन गई सामाजिक जिम्मेदारी तालाब में लगाए गए आकर्षक पौधों की देखभाल शहर के निवासी प्रकाश कुजूर कर रहे हैं। उनका तालाब से भावनात्मक जुड़ाव भी गहरा है। प्रकाश ने अमर उजाला को बताया,“मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हमारे बड़े भाई जैसे हैं। वे हमारे यहां किराए के घर में रहकर पढ़ाई किए थे। उनका यह सुंदर प्रयास सफल हो, इसलिए तालाब की सेवा कर रहा हूं।”   मुख्यमंत्री ने निरीक्षण कर बढ़ाई उम्मीदें       बीते 28 अक्टूबर को छठ पूजा के मौके पर मुख्यमंत्री सपरिवार तालाब का निरीक्षण करने पहुंचे। आसपास की हरियाली और बनती सुंदरता को देखकर उन्होंने अतिरिक्त 60 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही निर्देश दिया कि तालाब के अंदर मौजूद बिजली ट्रांसफार्मर और खंभे को तुरंत बाहर शिफ्ट किया जाए, ताकि तालाब की सुंदरता और सुरक्षा दोनों में कोई बाधा न रहे। स्थल पर मौजूद कलेक्टर रोहित व्यास ने भरोसा दिलाया कि यह तालाब कुनकुरी की पहचान बनेगा और इससे भी बेहतर स्वरूप दिया जाएगा।   एक तालाब—जो सिर्फ पानी नहीं, प्रकृति के पुनर्जागरण की कहानी बन रहा है कुनकुरी का विसर्जन तालाब अब शहर की नई हरित पहचान बनकर उभर रहा है। यहां बनने वाली पगडंडियाँ, पानी में तैरती रंगीन मछलियाँ, किनारे हिलते पौधे और युवा,यह सब मिलकर बताते हैं कि किस तरह एक तालाब पूरे शहर की आत्मा को फिर से जीवंत कर सकता है।   नगरपंचायत अध्यक्ष विनयशील और सीएमओ की लगातार उपस्थिति के कारण विसर्जन तालाब सिर्फ सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि प्रकृति और समाज के रिश्ते को फिर से मजबूत करने की कहानी बन रहा है। ठेकेदार महेश त्रिपाठी ने बताया कि विसर्जन तालाब सौंदर्यीकरण में फूल-पौधे रूप दिए गए हैं।पौधों की देखभाल के लिए स्प्रिंकलर लगाया गया है।चारों ओर रेलिंग पर एलईडी लाइट लगाकर तालाब में रोशनी की गई है।अतिक्रमण और ट्रांसफार्मर हटाने का काम जल्दी पूरा होने से निर्माण कार्य एक महीने में पूरा हो जाएगा।

शव वाहन न मिलने पर पत्रकार पिता ने मोटरसाइकिल से लाया नवजात का शव,जशपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

IMG 20251117 WA0030

शव वाहन न मिलने पर पत्रकार पिता ने मोटरसाइकिल से लाया नवजात का शव,जशपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल   जशपुर/फरसाबहार –  दिल को चीर देने वाली यह घटना फरसाबहार के पत्रकार मुकेश नायक के साथ घटी। रविवार–सोमवार की रात 2 बजे उनकी गर्भवती पत्नी को अचानक तेज दर्द उठा। मुकेश उन्हें तुरंत लेकर सुंदरगढ़ अस्पताल पहुंचे। सुबह 5 बजे प्रसव हुआ, लेकिन गंदा पानी पीने की वजह से नवजात ने आधे घंटे में ही दम तोड़ दिया।   ओडिशा सरकार का शववाहन छत्तीसगढ़ सीमा पर रुक गया   ओडिशा सरकार ने बच्चे के शव को अस्पताल से सीमा तक पहुंचाने के लिए वाहन दिया, लेकिन जैसे ही गाड़ी लुलकीडीह पुलिया पहुंची, चालक ने आगे बढ़ने से मना कर दिया। उसका साफ कहना था— “साहब, गाड़ी में जीपीएस लगा है… दूसरे राज्य में ले गया तो नौकरी चली जाएगी।”   छत्तीसगढ़ में मदद नहीं मिली—दो घंटे इंतजार के बाद टूटा दिल   इसके बाद पत्रकार पिता ने छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य अधिकारियों से शववाहन की मदद मांगी। सीएमएचओ ने बताया कि फरसाबहार में वाहन उपलब्ध नहीं है, कुछ देर में व्यवस्था की जाएगी। मुकेश नायक अपने मासूम बेटे के शव के साथ दो घंटे तक इंतजार करते रहे। लेकिन कोई गाड़ी नहीं आई।   आखिर मजबूरी में उन्होंने अपने नवजात बेटे को गोद में उठाया… मोटरसाइकिल स्टार्ट की… और छत्तीसगढ़ की सीमा से अपने गांव सिंगीबहार तक खुद शव लेकर चले आए।   गांव और पत्रकार जगत में गहरी पीड़ा और गुस्सा   जब लोगों को यह जानकारी मिली, तो पूरे इलाके में दुःख और गुस्सा फैल गया। लोगों का कहना है— “एक पिता को अपने मृत बच्चे को बाइक पर लाना पड़े… इससे बड़ी लाचारी और क्या होगी?”   मुख्यमंत्री की विधानसभा में व्यवस्था की सबसे बड़ी विडंबना   यह घटना मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विधानसभा क्षेत्र में हुई, जहां—घायल को समय पर एंबुलेंस नहीं,गर्भवती महिला को 102 की सुविधा नहीं,मृत्यु पर शव वाहन भी उपलब्ध नहीं।ऐसी घटनाएँ बार-बार सामने आती रही हैं, लेकिन हालात नहीं बदल रहे।   अपने मासूम बच्चे को बाहों में लेकर घर लौटे पिता बस इतना ही कह पाए— “आज जो मेरे साथ हुआ… वह किसी और के साथ न हो।”

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल – कुनकुरी को मिला बड़ा उपहार,359 करोड़ की लागत से बनेगा शासकीय मेडिकल कॉलेज भवन*

IMG 20251111 WA0002

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल – कुनकुरी को मिला बड़ा उपहार, 359 करोड़ की लागत से बनेगा शासकीय मेडिकल कॉलेज भवन स्वास्थ्य, सिंचाई और सड़क परियोजनाओं को मिली करोड़ों की स्वीकृति, जशपुर जिले के सर्वांगीण विकास को नई रफ्तार   रायपुर/जशपुर, 11 नवम्बर 2025. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास की गूंज अब गांव-गांव तक सुनाई देने लगी है। मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच और जनहितैषी नेतृत्व के परिणामस्वरूप जशपुर जिले को आज बड़ा तोहफा मिला है। प्रदेश सरकार ने कुनकुरी में 359 करोड़ रुपये की लागत से शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय भवन निर्माण के लिए वित्त विभाग से सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है।   यह मेडिकल कॉलेज जशपुर जैसे आदिवासी अंचल के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के सुनहरे अवसर मिलेंगे और क्षेत्र के लोगों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएँ अपने ही जिले में उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को नई दिशा मिल रही है, जिससे प्रदेश के दूरस्थ इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित हो सकेगी।   मुख्यमंत्री साय ने हमेशा यह स्पष्ट किया है कि “विकास की दौड़ में कोई क्षेत्र पीछे न रहे” — यही सोच अब धरातल पर उतरती दिखाई दे रही है।   इसके साथ ही वित्त विभाग ने जिले में कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी हरी झंडी दी है —   कांसाबेल विकासखंड की मैनी नदी पर बगिया बैराज सह दाबयुक्त उद्वहन सिंचाई योजना के लिए ₹79.38 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। यह योजना किसानों के लिए वरदान साबित होगी, जिससे वर्षभर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।   फरसाबहार तहसील क्षेत्र में तुमला से मेडर (ओडिशा सीमा) तक 12.80 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य हेतु ₹27.73 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।   वहीं फरसाबहार विकासखंड की कोकिया व्यपवर्तन योजना के लिए ₹16.17 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है, जो जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था में दीर्घकालिक सुधार लाएगी। इन योजनाओं के माध्यम से विष्णुदेव साय ने एक बार फिर साबित किया है कि उनका लक्ष्य केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि “धरातल पर विकास की मजबूत नींव” रखना है।   कुनकुरी और पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत ये परियोजनाएँ न केवल स्वास्थ्य, कृषि और सड़क सुविधाओं को सुदृढ़ करेंगी, बल्कि आने वाले वर्षों में जशपुर जिले को प्रदेश के विकास मानचित्र पर अग्रणी स्थान पर ले जाएँगी।  

COLLECTOR VISIT:*मुख्यमंत्री ने कुनकुरी छठ घाट के सौन्दर्यकरण हेतु 5 करोड़ 17 लाख दी स्वीकृति* *कलेक्टर ने डेम किनारे गणमान्य नागरिकों के साथ की चर्चा,बताया प्लान* 

IMG 20251030 WA0026 scaled

*कलेक्टर श्री व्यास ने कुनकुरी छठ घाट का किया निरीक्षण*  *मुख्यमंत्री ने कुनकुरी छठ घाट के सौन्दर्यकरण हेतु 5 करोड़ 17 लाख दी स्वीकृति*  *जशपुर 30 अक्टूबर 2025/* कलेक्टर  रोहित व्यास ने गुरुवार को‌ नगरी निकाय कुनकुरी के छठ घाट का निरीक्षण किया और स्थानीय जनप्रतिनिधीयों के साथ समीक्षा बैठक लेकर कुनकुरी के छठ घाट के सौंदर्यीकरण के लिए सुझाव भी लिए। कलेक्टर ने बताया कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कुनकुरी छठ घाट के सौंदर्यीकरण के लिए 5 करोड़ 17 लाख की स्वीकृति दी गई है। इस राशि का उपयोग कुनकुरी के विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। उन्होंने कुनकुरी छठ घाट के आस-पास सीमांकन करने और मुआवजा राशि का भी समाधान करने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेन्द्र कुमार यादव, एसडीएम नन्द जी पांडे, नगर निकाय के अधिकारी और आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस दौरान उपस्थित जनप्रतिनीधियों के साथ आम नागरिकों ने सुझाव भी दिए हैं। कलेक्टर ने कुनकुरी विसर्जन तालाब, उद्यान आदि अन्य जगहों के देख-रेख साफ सफाई के लिए समिति बनाने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि जन आस्था का सम्मान और लोक संस्कृति का संवर्धन हेतु शहर में छठ तालाब विकास की स्वीकृति मिली है। जिसके तहत् कुनकुरी छठ घाट की सफाई की जाएगी। रिटर्निंग वाल, गाद की साफ सफाई, दो स्वागत गेट, पचरी निर्माण, 10 नग वोट , फाउंटेन,10 नग पैर वाले वोट, सौलर लाइट, 50 नग लाइट, पाथ-वे, सेल्फी पाइंट, बच्चों के खेलने के लिए छोटे उद्यान और ओपन जिम की व्यवस्था, बैठने की चेयर, शौचालय, चेंजिंग रूम, आदि अन्य कार्य किया जाएगा।

जनप्रतिनिधि से दुर्व्यवहार पर तहसीलदार सन्ना की कार्यशैली विवाद में, वीडियो वायरल होने के बाद मामला गरमाया

VID 20251029 WA00071

जशपुर,30 अक्टूबर 2025 – सन्ना तहसील में पदस्थ महिला तहसीलदार एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। जनपद सदस्य राकेश गुप्ता के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होते ही मामला तूल पकड़ लिया है। इसमें तहसीलदार को जनप्रतिनिधि से तीखे लहजे में बात करते और गुस्से में नसीहत देते हुए देखा जा सकता है।इस वीडियो की पुष्टि ख़बर जनपक्ष नहीं करता है।तहसीलदार की ओर से इस मामले पर कोई बयान अभी सामने नहीं आया है।   जानकारी के अनुसार, हाल ही में एक जमीन विवाद के दौरान जनपद सदस्य राकेश गुप्ता तहसीलदार से चर्चा करने गए थे। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी हो गई और बात इतनी बढ़ गई कि माहौल तनावपूर्ण बन गया। जनपद सदस्य का कहना है कि तहसीलदार ने जनप्रतिनिधि के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जो अस्वीकार्य है। पहले भी रह चुकी हैं विवादों में यह कोई पहला मौका नहीं है जब तहसीलदार सन्ना विवादों में आई हों। बगीचा में पदस्थापना के दौरान भी उन पर पटवारियों ने गंभीर आरोप लगाए थे कि उनसे निजी कामों और राशन की मांग की जाती थी। उस समय भी यह मामला चर्चा में रहा था और उनकी कार्यशैली पर सवाल उठे थे। इसके अलावा, अधिवक्ता संघ द्वारा उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया जाना भी विवादों की लंबी सूची में शामिल है।सूत्रों के मुताबिक, कुछ समय पहले तहसील के ही कर्मचारियों ने भी तहसीलदार पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था, जिसके बाद मामला जिला स्तर पर सुलझाया गया था।   राजनीतिक गलियारों में हलचल इस ताजा घटनाक्रम ने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में नई हलचल मचा दी है। कई संगठन और जनप्रतिनिधि प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जनपद सदस्य राकेश गुप्ता ने कहा कि किसी भी अधिकारी को जनता के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए, न कि अहंकारपूर्ण व्यवहार करना चाहिए।उन्होंने कहा कि यह मामला शासकीय भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से जुड़ा है, जहां निष्पक्षता की अपेक्षा की जा रही थी, लेकिन व्यवहारिक तौर पर भेदभाव झलक रहा है। सोशल मीडिया फेसबुक में यूजर्स तहसीलदार पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।वहीं अन्य जनप्रतिनिधियों में भी इस मामले पर तहसीलदार के खिलाफ आक्रोश है। अब नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर जनप्रतिनिधि के साथ दुर्व्यवहार के आरोप के बाद अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। जिला प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन वायरल वीडियो और लगातार बढ़ते जन असंतोष को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस पर जांच या कार्रवाई की घोषणा की जा सकती है।

मुख्यमंत्री के सड़क मार्ग से गुजरने का गड्ढों पर हुआ बड़ा असर,मिट्टी से ही भरने लगे गड्ढे

IMG 20251030 WA0010

आंखो-देखी  जशपुर जिले में अश्वत्थामा का घाव बन चुका नेशनल हाईवे 43 पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कृपा हुई है। गड्ढेयुक्त घाव को मृदा चिकित्सा के जरिए भरा जा रहा है।जिसे देखकर राहगीर अभी राहत महसूस करते हुए भविष्य में उड़ते धूल की आशंका से घबरा भी रहे हैं।हालांकि ज्यादातर लोग इस बात को लेकर खुश हैं कि चलो सीएम साहब सड़क से आए तो इस अहिल्या बनी कुनकुरी का उद्धार होना तय हुआ।यह सुखद खबर कुनकुरी शहर से आई है। दरअसल,तीन दिन पहले कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में छठ पूजा मनाने आए यहां के विधायक मुख्यमंत्री माननीय विष्णुदेव साय जी का वायुमार्ग के अलावा सड़कमार्ग से भी भ्रमण हुआ।इस दौरान उन्हें सड़क पर गड्ढों नहीं,नहीं गड्ढों पर सड़क,नहीं नहीं साफ समझें तो खराब सड़क से दो -चार होना पड़ा होगा। यह अंदाजा लगाकर कहा जा रहा है कि खराब सड़क पर हिचकोले खाने के बाद ही तो आज सड़क के गड्ढे भरते देखे गए हैं।वैसे भी सीएम साहब के बारे में यह क्लियर बात है कि वे सहज,सरल हैं।खस्ताहाल सड़क देखने के बाद हो सकता है उन्होंने यह कहा हो कि ‘सड़क को चलने लायक तो बना दीजिए।’ अब सीएम साहब की मर्जी जानने के बाद अधिकारी हरकत में आए और इस सड़क को फिर से चलने लायक बनाने में जुट गए हैं। VVIP सिटी होने का गौरव हासिल कर चुके कुनकुरी शहर से गुजरने वाली नेशनल हाईवे सड़क पर गड्ढे भरने का काम द्रुतगति से चल रहा है।इसे दुर्गति ना समझें। वैसे भी कुनकुरी क्षेत्र ही नहीं अपितु समस्त जशपुर जिले को पर्यटन के क्षेत्र में,धार्मिक महत्त्व के क्षेत्र में वैश्विक पहचान देने के लिए मुख्यमंत्री जी स्वयं सक्रिय हैं।सुनने में आया है कि पंडित प्रदीप मिश्रा के बाद दिसंबर में बागेश्वर धाम से पंडित धीरेन्द्र शास्त्री आने वाले हैं।ऐसे में जशपुर जिले का नाम पूरे देश की सुर्खियों में रहेगा। राजनीति के पंडितों को कहना है कि जिस प्रकार से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मोदी की गारंटी पर सरलता और सहजता के साथ सरकार चला रहे हैं नहीं लगता कि आने वाले दिनों में उन लोगों को राहत मिल पाए जो कतार में खड़े हैं। दस विभागों के साथ मुख्यमंत्री का ओहदा लेकर चलना हर किसी के वश की बात नहीं है।एक छोटे गांव के जमींदार परिवार से आने वाले सीएम साय सुनते सबकी हैं लेकिन करना कितना है,यह केवल वो ही तय करते हैं। बहरहाल, हमारी सड़क पर काम चालू है।

विशेष लेख : एकता दिवस का महत्व : भारत की एकता और अखंडता की आधारशिला को नमन (निर्मल कुमार)

IMG 20251030 WA0000

विशेष लेख : एकता दिवस का महत्व : भारत की एकता और अखंडता की आधारशिला को नमन (निर्मल कुमार) हर साल 31 अक्टूबर को भारत राष्ट्रीय एकता दिवस (Rashtriya Ekta Diwas) मनाता है, ताकि सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती का सम्मान किया जा सके — एक ऐसे महान नेता जिनकी दूरदृष्टि और दृढ़ निश्चय ने एक एकीकृत भारत की नींव रखी। “भारत के लौह पुरुष” के रूप में प्रसिद्ध पटेल के नेतृत्व में स्वतंत्रता के बाद 560 से अधिक रियासतों का एकीकरण हुआ, जिसने आज के इस अखंड, संप्रभु राष्ट्र को जन्म दिया। एकता दिवस केवल उनकी विरासत को श्रद्धांजलि नहीं है — यह भारत की विविधता में एकता की स्थायी प्रतिबद्धता की पुनर्पुष्टि है। लौह पुरुष और भारत का एकीकरण 1947 में जब भारत स्वतंत्र हुआ, तब देश को 560 से अधिक रियासतों का जटिल ताना-बाना विरासत में मिला — प्रत्येक रियासत की अपनी स्वायत्तता और अलग निष्ठाएँ थीं। सरदार पटेल ने इन रियासतों को भारतीय संघ में सम्मिलित करने की चुनौती स्वीकार की — एक ऐसा कार्य जिसके लिए अद्वितीय कूटनीति, साहस और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता थी। उनकी स्थिर दृष्टि और अटूट निश्चय ने उन्हें “लौह पुरुष” का ख़िताब दिलाया। राजनैतिक समझदारी और व्यवहारिकता के संयोजन से पटेल ने हैदराबाद, जूनागढ़ और जम्मू-कश्मीर जैसी महत्वपूर्ण रियासतों का विलय कराया, जिससे भारत की क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित हुई। “एकता के बिना मनुष्यबल कोई शक्ति नहीं है; जब तक वह उचित रूप से संगठित न हो जाए, तब तक वह एक आध्यात्मिक शक्ति नहीं बन सकता।” — सरदार वल्लभभाई पटेल पटेल के लिए राष्ट्र की सच्ची शक्ति केवल सीमाओं में नहीं, बल्कि उसके लोगों की एकता में निहित थी। राष्ट्रीय एकता दिवस की शुरुआत वर्ष 2014 में भारत सरकार ने सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। इसका उद्देश्य नागरिकों में एकता की भावना को पुनर्जीवित करना और पटेल की “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की दृष्टि को सम्मानित करना है। इस दिन देशभर में Run for Unity, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनियाँ, और शपथ समारोह आयोजित किए जाते हैं — स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों से लेकर सेना और समुदायों तक। मुख्य समारोह गुजरात के एकता नगर स्थित “Statue of Unity” (182 मीटर ऊँची पटेल की भव्य प्रतिमा) पर आयोजित होता है, जो भारत की शक्ति, साहस और सामूहिक संकल्प का प्रतीक है। एक दृष्टि जो समय से परे है सरदार पटेल की राजनीतिक बुद्धिमत्ता और दूरदृष्टि आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी स्वतंत्रता के समय थी। उनका सामाजिक समरसता और समावेशिता में विश्वास आज के विभाजित विश्व में भी प्रेरणा देता है। “सत्य और न्याय के मार्ग पर चलो — क्योंकि वही सभी के लिए सही मार्ग है।” — सरदार पटेल ये शब्द हमें याद दिलाते हैं कि भारत के सामाजिक ताने-बाने में न्याय, परस्पर सम्मान और शांति बनाए रखना हमारी साझा जिम्मेदारी है। एकता दिवस उस भारत की भावना को पुनर्स्थापित करता है जो अपनी विविधता में फलता-फूलता है, न कि उसके बावजूद। यह हर नागरिक को राष्ट्र की एकता के प्रति समर्पण की याद दिलाता है और भाषा, क्षेत्र और धर्म के बीच मजबूत बंधन बनाने का आह्वान करता है। आधुनिक भारत में एकता दिवस का महत्व आज जब भारत क्षेत्रीय असमानताओं, सामाजिक विभाजनों और वैचारिक मतभेदों जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है, तब एकता दिवस का संदेश और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। यह केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सामूहिक प्रगति की भावना का पुनर्जागरण है। हर वर्ष Statue of Unity पर आयोजित समारोह देशभक्ति और गर्व की भावना को फिर से प्रज्वलित करता है। यह संदेश देता है कि भारत चाहे जितना विशाल और विविध क्यों न हो — उसका दिल और आत्मा एक है। “मेरी केवल एक इच्छा है कि भारत एक अच्छा उत्पादक बने और देश में कोई भूखा न रहे, किसी की आँखों में आँसू न हों।” — सरदार पटेल उनका यह विचारशील राष्ट्रवाद सेवा और एकता पर आधारित नेतृत्व का सर्वोत्तम उदाहरण है। एकता की अमर विरासत   राष्ट्रीय एकता दिवस केवल स्मरण का दिन नहीं है — यह उस शक्ति की याद दिलाता है जो एकता से आती है। यह भारत के संविधान, धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र, और उस कालातीत विचार का प्रतिबिंब है कि एकता ही राष्ट्र की सबसे बड़ी संपत्ति है।   एक विभाजित होती दुनिया में पटेल का उदाहरण हमें अनुशासन, एकजुटता और सामूहिक नियति में विश्वास का संदेश देता है। हर वर्ष 31 अक्टूबर को जब भारत एकता दिवस मनाता है, तब यह हमें याद दिलाता है कि पटेल की कल्पित एकता कोई स्थिर अवधारणा नहीं, बल्कि एक जीवंत शक्ति है। “कार्य ही पूजा है, श्रम ही ईश्वर है, और जो व्यक्ति सही भावना से कार्य करता है, वह सदा शांत और प्रसन्न रहता है।” — सरदार वल्लभभाई पटेल ये वचन हर पीढ़ी को राष्ट्र की प्रगति और एकता में योगदान देने का आह्वान करते हैं। सरदार पटेल की विरासत इतिहास से परे है — वह भारत की आत्मा में सजीव है। हर वर्ष एकता दिवस यह सुनिश्चित करता है कि यह भावना कभी मंद न पड़े, भारत सदैव एक रहे, और पटेल का सुदृढ़ सामंजस्य सदा हमारा मार्गदर्शक बना रहे। (लेखक निर्मल कुमार सामाजिक,आर्थिक मुद्दों के जानकार हैं।यह उनके निजी विचार हैं।)

जशपुर से बड़ी खबर : ड्राइवर महासंगठन की मांगों पर सरकार से मिला सकारात्मक आश्वासन, बस स्टैंड पर मना जश्न

IMG 20251026 205539

जशपुर से बड़ी खबर : ड्राइवर महासंगठन की मांगों पर सरकार से मिला सकारात्मक आश्वासन, बस स्टैंड पर मना जश्न जशपुर,कुनकुरी 26 अक्टूबर 2025 – अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन को आखिरकार बड़ी सफलता मिल गई है। रविवार को जशपुर बस स्टैंड पर उस समय खुशी का माहौल बन गया जब संघ के पदाधिकारियों ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दे दिया है। इस सूचना के मिलते ही बस स्टैंड जशपुर,कुनकुरी पर मौजूद ड्राइवरों और संगठन के सदस्यों ने जोरदार आतिशबाजी की और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर अपनी खुशी जाहिर की। माहौल में खुशी और एकजुटता की झलक स्पष्ट दिखाई दी। संघ के जिलाध्यक्ष फिरन यादव, उपाध्यक्ष ललित यादव, सचिव मुन्ना खान और वरिष्ठ सदस्य चार्जे तिर्की ने बताया कि सरकार से मिले इस सकारात्मक आश्वासन ने पूरे ड्राइवर संघ में नई ऊर्जा भर दी है। उन्होंने कहा — “हमने अपनी जायज मांगों को सरकार के सामने रखा था, और अब जब उस पर सहमति बनी है, तो यह हमारे पूरे समुदाय के लिए बड़ी जीत है।” संघ के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं जशपुर जिले से आते हैं, इसलिए उन्होंने ड्राइवर समाज की समस्याओं को करीबी दृष्टि से समझा और संवेदनशीलता के साथ समाधान का आश्वासन दिया। पदाधिकारियों ने कहा — “हमारे मुख्यमंत्री का जशपुर से होना हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने हमारी तकलीफों को समझा और हमारी आवाज को महत्व दिया। हम तहे दिल से उनका धन्यवाद करते हैं।” बस स्टैंड पर मिठाइयों का वितरण भी किया गया और ड्राइवरों ने इस सफलता को “संघ की एकजुटता की जीत” बताया।

छत्तीसगढ़ ड्राईवर महासंघ के आंदोलन का आज दूसरा दिन,कुनकुरी बस स्टैंड में हुआ बवाल,पुलिस ने दी समझाइश

IMG 20251026 WA0000

छत्तीसगढ़ ड्राईवर महासंघ के आंदोलन का आज दूसरा दिन,कुनकुरी बस स्टैंड में हुआ बवाल,पुलिस ने दी समझाइश जशपुर,26 अक्टूबर 2025 – छत्तीसगढ़ प्रदेश के अंतर्गत जशपुर जिले भर में ड्राइवर महासंघ के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर 25 अक्टूबर से आंदोलन जारी है।जिसमें आज सुबह कुनकुरी बस स्टैंड में बस ड्राईवर से बस नहीं चलाने को लेकर बवाल हो गया। दरअसल,सुबह ड्राईवर संघ के जिलाध्यक्ष फिरन यादव अन्य पदाधिकारियों के साथ बस स्टैंड चाय पीने पहुंचा,जहां लावाकेरा से गुमला चलने वाली बालाजी बस के ड्राईवर को आंदोलन का साथ देने कहा।जिस पर ड्राईवर तैयार नहीं हुआ।इस बात से संघ के पदाधिकारी अध्यक्ष समेत नाराज हो गए और गाड़ी नहीं ले जाने का दवाब बनाने लगे।ऐसी स्थिति में बस एजेंटों ने यात्रियों के साथ मिलकर कुनकुरी थाने में शिकायत कर दी।छठ पूजा में यात्रियों को हो रही परेशानी को देखते हुए कुनकुरी थाना प्रभारी राकेश यादव ने आंदोलनकारियों को थाने बुलाया और जबरन किसी भी बस,ट्रक,टैक्सी को रोकने पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी।जिस पर जिलाध्यक्ष फिरन यादव ने संघ की ओर से लिखित पत्र देकर पुलिस को आश्वस्त किया। जिलाध्यक्ष फिरन यादव ने बताया कि यह आंदोलन जशपुरनगर, कुनकुरी, पत्थलगांव, बगीचा, फरसाबहार समेत पूरे जिले में एक साथ चल रहा है। उड़ीसा की भाजपा सरकार ने हमारी मांगों पर सकारात्मक पहल दिखाते हुए एक मांग पूरी कर दी है।बाकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रही है। ड्राइवर संघ आज छग सरकार से इन मांगों को पूरा करने के लिए लोदाम और लावाकेरा बार्डर पर धरना दे रहा है। # छत्तीसगढ़ पूरे प्रदेश में पूर्ण रूप से शराब बंद लागू किया जाए # ड्राइवरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार पर कठोर कार्रवाई हो। # ड्राइवरों के लिए बीमा, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लागू की जाएं। # ड्राइवर संघ और प्रशासन के बीच स्थायी वार्ता समिति बनाई जाए, ताकि समस्याओं का तुरंत समाधान हो सके। आम सड़क पर कितना है असर? आज सड़कों पर बसें,पिकप की आवाजाही दिख रही है।वहीं टैक्सी,सीमेंट,कोयले के ट्रक ड्राइवर आंदोलन में शामिल हैं। दोनों बार्डर पर जाम की स्थिति नहीं है।धरना जारी है।सड़क किनारे कई स्थानों पर ट्रक खड़े दिखे।जिलाध्यक्ष फिरन यादव ने बताया कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो यह धरना प्रदर्शन अनिश्चितकालीन बढ़ाया जा सकता है।

रायकेरा में दोहरी हत्या से दहशत — सास और दामाद की निर्मम हत्या, गांव में मचा हड़कंप

VID 20251003 WA0010

रायकेरा गांव में दोहरी हत्या से सनसनी सास और दामाद की देर रात हत्या, गांव में मचा हड़कंप। पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर जांच में जुटी। एक महिला समेत दो संदेहियों से पूछताछ जारी। प्राथमिक जांच में पैसे के लेन-देन का मामला आया सामने।   रायकेरा (रायगढ़)। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र के रायकेरा गांव में देर रात हुए दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। सास और दामाद की हत्या की खबर से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी हुई है।   घटना देर रात की बताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद हत्या की वजह हो सकती है। पुलिस ने संदेह के आधार पर एक महिला सहित दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।   हत्या की वारदात की जानकारी मिलते ही घरघोड़ा थाना पुलिस ने इलाके को घेर लिया और एफएसएल टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। गांव में बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए हैं, वहीं घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।   पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और हत्या के कारणों की जांच में तेजी लाई जा रही है। थाना प्रभारी के अनुसार, प्राथमिक जांच में आर्थिक लेनदेन को लेकर विवाद सामने आया है, हालांकि पुलिस अन्य सभी बिंदुओं पर भी गहनता से जांच कर रही है।