*प्रेम और सद्भाव के रंगों से सराबोर हो होली : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को दी होली की बधाई ,शुभकामनाएँ

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*प्रेम और सद्भाव के रंगों से सराबोर हो होली : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को दी होली की बधाई ,शुभकामनाएँ* रायपुर 3 मार्च 2026/मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने रंगों के पावन पर्व होली के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कामना की है कि यह उल्लास, उमंग और आत्मीयता का महापर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नई ऊर्जा का संचार करे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि यह आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे को सशक्त बनाने का अवसर है। यह पर्व समाज में समरसता, सद्भाव और एकता की भावना को प्रगाढ़ करता है तथा हमें सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में होली का विशेष महत्व है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय, अहंकार पर विनम्रता की जीत और वैमनस्य पर प्रेम की प्रधानता का संदेश देता है। होली के रंग हमें स्मरण कराते हैं कि विविधताओं से परिपूर्ण हमारे समाज की वास्तविक शक्ति परस्पर विश्वास, अपनत्व और सामूहिक सहयोग में निहित है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस पर्व को हर्षोल्लास, संयम और पारंपरिक मर्यादाओं के साथ मनाएँ। प्राकृतिक रंगों का उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दें तथा समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के साथ भी इस उत्सव की खुशियाँ साझा करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के रंगों से सजी यह होली छत्तीसगढ़ की एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक गौरव को और अधिक सुदृढ़ करेगी।

कुनकुरी में अवैध शराब पर कानून का खौफ, अहाता संचालक शुभम रंगे हाथ गिरफ्तार

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कुनकुरी में अवैध शराब पर कानून का खौफ, अहाता संचालक शुभम रंगे हाथ गिरफ्तार कुनकुरी,03 मार्च 2026 – होली पर्व के मद्देनज़र अवैध शराब कारोबारियों पर पुलिस ने सख्त शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में कुनकुरी पुलिस ने बड़ी और प्रभावशाली कार्रवाई करते हुए सरकारी शराब दुकान के सामने संचालित एक अहाता (चखना दुकान) में छापा मारकर संचालक को अंग्रेजी शराब बेचते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार शाम पुख्ता सूचना के आधार पर टीम ने दबिश दी। छापेमारी के दौरान अहाता संचालक शुभम जायसवाल (32 वर्ष), पिता दीपक जायसवाल, निवासी बगीचा को ग्राहकों को अवैध रूप से अंग्रेजी शराब परोसते हुए पकड़ा गया। मौके से भारी मात्रा में शराब जब्त की गई। आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर की गई। लाल उम्मेद सिंह (डीआईजी व एसएसपी) के निर्देशन में कुनकुरी पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबारियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश यादव के मार्गदर्शन में प्रधान आरक्षक रामानुज पांडे, आरक्षक जितेंद्र गुप्ता, चंद्रशेखर बंजारे और अजय श्रीवास्तव की टीम ने पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान आरोपी ने बचने के लिए काफी प्रयास किए, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के आगे उसकी एक न चली। इस मामले में स्थानीय लोगों ने अहाता का लायसेंस निरस्त कर संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।अहाता से लगे बंदरा खसरा नाले में गंदगी फैलाने और शराब के बोतलों,डिस्पोजल से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाने पर भी कलेक्टर रोहित व्यास से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान अवैध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। कुनकुरी में हुई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने यह संदेश दे दिया है कि अब अवैध शराब कारोबारियों पर कानून का खौफ साफ नजर आने लगा है और सुशासन कायम रखने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

*कुनकुरी में चोरी की बाइकों का बड़ा जाल टूटा, दुर्ग / कुनकुरी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 24 बाइक बरामद, आरोपी का नेटवर्क बेनकाब*

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*कुनकुरी में चोरी की बाइकों का बड़ा जाल टूटा, दुर्ग / कुनकुरी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 24 बाइक बरामद, आरोपी का नेटवर्क बेनकाब* *कुनकुरी*– जशपुर जिले के कुनकुरी से बड़ी खबर सामने आई है, जहां चोरी की मोटरसाइकिलों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। दुर्ग पुलिस ने कुनकुरी पुलिस के सहयोग से बड़ी कार्रवाई करते हुए CG 07 नंबर की 24 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इस कार्रवाई से वाहन चोर गिरोह में हड़कंप मच गया है। कुनकुरी थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश यादव ने बताया कि दुर्ग पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुनकुरी इलाके में एक व्यक्ति बेहद सस्ते दामों पर चोरी की बाइक बेच रहा है। सूचना मिलते ही दुर्ग पुलिस की टीम कुनकुरी पहुंची। वहीं SSP डॉ० लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में ASP राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में दुर्ग और कुनकुरी पुलिस टीम ने घर-घर दबिश देकर अलग-अलग स्थानों से होंडा साइन, स्प्लेंडर, स्कूटी समेत कुल 24 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं। आरोप है कि आरोपी आधार कार्ड लेकर कागजात बनवाने के नाम पर अतिरिक्त पैसे भी वसूलते थे। इस मामले में मुख्य मास्टर माइंड आरोपी पप्पा राव को दुर्ग पुलिस अपने साथ लेकर आई थी, वहीं कुनकुरी से दो अन्य खरीददार आरोपी सेवक राम प्रजापति उर्फ रवि राम, दूसरा मनोज राम को पंडरीपानी क्रेशर प्लांट से गिरफ्तार कर लिया गया है। बरामद सभी वाहनों के साथ दोनों आरोपियों को भी आगे की कार्रवाई के लिए भिलाई रवाना किया गया है। वहीं प्रारंभिक जांच में यह एक संगठित चोरी गिरोह का मामला प्रतीत हो रहा है, जिसके तार अन्य जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब नेटवर्क, खरीददारों और वाहनों के असली मालिकों की पहचान में जुटी है।यह भी जानकारी मिली है कि जिस क्रेशर प्लांट से चोरी की बाइक बेचे जाने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं वे प्लांट के कर्मचारी हैं।वहीं पप्पा राव पोकलेन का इंजीनियर था,जो हर बार दुर्ग जिले से बाइक चोरी कर लाता था।दुर्ग पुलिस के खुलासे के बाद और भी जानकारी सामने आ सकती है। जशपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सस्ते दामों में मिलने वाले संदिग्ध वाहनों से बचें और किसी भी शंका की सूचना तुरंत पुलिस को दें। मामले में आगे और खुलासों की उम्मीद है।

PART 1 : “VIP” ईंट के आका कौन ? अवैध बंगला भट्ठों पर मेहरबानी या मिलीभगत! बंद हुए तो जनता को होगी परेशानी, जिम्मेदार अधिकारियों का चौंकाने वाला तर्क

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जशपुर/फरसाबहार – जिले में लाल ईंट के कथित अवैध कारोबार को लेकर अब एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है आखिर “VIP” ईंट के पीछे असली आका कौन हैं? वर्षों से बंगला ईंट भट्ठों का संचालन खुलेआम जारी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं। इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ही इन भट्ठों के संचालन को लेकर ऐसा तर्क दिया जा रहा है, जिसने प्रशासनिक भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल,फरसाबहार राजस्व अनुविभाग में स्थानीय स्तर पर “VIP” ब्रांड की मुहर लगाकर लाल ईंटों की बिक्री धड़ल्ले से किए जाने की जानकारी सामने आई है। सरपंच – सचिव से मिली जानकारी के अनुसार बलुआबहार, पम्पशाला, कंदईबहार इलाके में बिना पंचायत एवं ग्राम सभा की अनुमति के ही व्यावसायिक स्तर पर बंगला ईंट भट्ठों का संचालन किया जा रहा है। नियमों के मुताबिक इस प्रकार के किसी भी भट्ठे के संचालन के लिए स्थानीय निकायों से वैधानिक अनुमति अनिवार्य होती है, किंतु संबंधित पंचायतों के पास ऐसे किसी भी संचालन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं बताए जा रहे हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर पदस्थ जनप्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों का कहना है कि उनके अभिलेखों में संचालित बंगला ईंट भट्ठों के संबंध में कोई भी वैध स्वीकृति दर्ज नहीं है। इसके बावजूद बीते कई वर्षों से इनका संचालन जारी है, जिससे यह आशंका हो रही है कि कारोबार पूरी तरह से नियमों की अनदेखी कर संचालित किया जा रहा है। मामले को लेकर एक और गंभीर पहलू सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, जब संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से इन भट्ठों के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर चर्चा की जाती है, तो यह तर्क दिया जाता है कि यदि बंगला ईंट भट्ठों को बंद करा दिया गया, तो आम जनता को निर्माण कार्यों में भारी समस्या का सामना करना पड़ेगा। इतना ही नहीं, यह भी कहा जाता है कि ऐसे में चिमनी ईंट निर्माताओं द्वारा ईंटों के दामों में भारी वृद्धि कर दी जाएगी, जिससे बाजार में ईंटों की कीमतें आसमान छूने लगेंगी। अधिकारियों का यह तर्क अब कई सवालों को जन्म दे रहा है । यदि कोई गतिविधि अवैध है, तो उसे केवल इस आधार पर जारी रहने देना कि उससे बाजार संतुलित बना हुआ है, क्या नियमानुसार उचित है? क्या अवैध संचालन को अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षण दिया जा रहा है? ऐसे कई प्रश्न अब स्थानीय नागरिकों के बीच चर्चा का विषय बनते जा रहे हैं। जानकारों का यह भी कहना है कि क्षेत्र में कोयले के अवैध भंडारण की गतिविधियां भी संचालित होने की सूचना समय-समय पर सामने आती रही हैं। पर्यावरण से जुड़े लोगों का मानना है कि बिना किसी नियामक नियंत्रण के संचालित हो रहे भट्ठे क्षेत्रीय पर्यावरण के लिए भी खतरा बन सकते हैं, लेकिन दबाव एवं भय के कारण लोग खुलकर अपनी बात रखने से बच रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का दावा है कि जांच के नाम पर खनिज विभाग,राजस्व विभाग के अधिकारी प्रतिवर्ष क्षेत्र का दौरा करते हैं, किंतु कार्रवाई सीमित रूप से चालान तक सिमट जाती है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि गतिविधियां अवैध हैं, तो उन्हें केवल आर्थिक दंड लगाकर संचालित रहने देना किस हद तक न्यायसंगत है? वर्तमान स्थिति में यह पूरा मामला प्रशासनिक जवाबदेही की कसौटी बनता जा रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग इन कथित अवैध बंगला ईंट भट्ठों के विरुद्ध कोई ठोस एवं निर्णायक कार्रवाई करते हैं या फिर कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता का सिलसिला यूं ही जारी रहेगा। सबसे बड़ा सवाल अब भी कायम है “VIP” ईंट के असली आका आखिर हैं कौन? हमारी पड़ताल जारी है,,

मुख्यमंत्री के क्षेत्र में 10 करोड़ के उद्यानिकी महाविद्यालय में घोटाले की बू? बैलाटोली में बिना PCC सैकड़ों फुटिंग, जंग लगी सरिया का इस्तेमाल

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मुख्यमंत्री के क्षेत्र में 10 करोड़ के उद्यानिकी महाविद्यालय में घोटाले की बू? रेमते में बिना PCC सैकड़ों फुटिंग, जंग लगी सरिया का इस्तेमाल कुनकुरी/रेमते (जशपुर) – विष्णुदेव साय के विधानसभा क्षेत्र में बन रहे करीब 10 करोड़ रुपये की लागत वाले उद्यानिकी महाविद्यालय भवन में भारी अनियमितताओं का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कुनकुरी विकासखंड के ग्राम रेमते में निर्माणाधीन इस प्रोजेक्ट को लेकर घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। बिना PCC के सैकड़ों फुटिंग, 200 कॉलम पर सवाल सूत्रों और सामने आई तस्वीरों के अनुसार मुख्य कॉलेज भवन में बिना पीसीसी (Plain Cement Concrete) किए ही सैकड़ों फुटिंग डाल दी गईं। बताया जा रहा है कि करीब 200 कॉलम इसी तरह खड़े कर दिए गए हैं। निर्माण मानकों के अनुसार जहां क्रैंक और मजबूत बेस अनिवार्य होता है, वहां सीधे-सीधे नियमों की अनदेखी की गई है। निर्माणाधीन ढांचे में अभी से कई जगह दरारें दिखाई देने लगी हैं, जो भविष्य में बड़े हादसे का संकेत मानी जा रही हैं। जंग लगी सरिया और कबाड़ सामग्री का इस्तेमाल? आरोप है कि निर्माण में पुरानी और जंग लगी सरिया का इस्तेमाल किया जा रहा है। यदि यह सही है तो यह न केवल गुणवत्ता से समझौता है, बल्कि करोड़ों रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला भी बनता है। मुंशी पर मनमानी और पैसों की हेराफेरी के आरोप स्थानीय सूत्रों के मुताबिक ठेकेदार के मैनेजर/इंजीनियर राजेंद्र प्रसाद द्वारा साइट पर मनमानी की जा रही है। पहले यह काम पेटी कांट्रेक्टर आकाश के माध्यम से कराया जा रहा था, लेकिन बाद में बाहरी मजदूर लगाकर निम्नस्तरीय कार्य शुरू कर दिया गया। यह भी आरोप है कि परिवार में शादी का हवाला देकर साइट से ही 10 लाख रुपये निकालने की बात मजदूरों के बीच कही गई। साथ ही मजदूरों से गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार की शिकायतें भी सामने आई हैं। गुणवत्ता बनाम कमीशन का खेल? पेटी कांट्रेक्टर का दावा है कि वह मानकों के अनुरूप काम कर रहा था, लेकिन कथित रूप से कमीशनखोरी और जल्दबाजी में घटिया निर्माण कराया जा रहा है। यदि समय रहते तकनीकी जांच नहीं हुई तो यह इमारत भविष्य में बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। मुख्यमंत्री के क्षेत्र में उठे बड़े सवाल यह उद्यानिकी परियोजना स्वयं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेंगे? सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि इस निर्माण कार्य में कथित रूप से घटिया काम कराने वाले मैनेजर/इंजीनियर राजेंद्र को कुछ स्थानीय भाजपा नेताओं का संरक्षण भी प्राप्त है। हालांकि फिलहाल इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है कि किन नेताओं का नाम इसमें जुड़ा है, लेकिन यदि संरक्षण के आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला और भी गंभीर हो जाएगा। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या 10 करोड़ की यह इमारत गुणवत्ता के साथ तैयार होगी या फिर भ्रष्टाचार के दीमक के कारण धराशायी होने का इंतजार करेगी? स्थानीय लोगों ने उच्चस्तरीय तकनीकी जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

कुसमी मारपीट कांड: एक आदिवासी ग्रामीण की मौत के बाद एसडीएम पर गंभीर सवाल, एसडीएम करुण डहरिया गिरफ्तार

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कुसमी मारपीट कांड: एक ग्रामीण की मौत के बाद प्रशासन पर गंभीर सवाल, एसडीएम गिरफ्तार बलरामपुर,16 फरवरी 2026 – बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत मारपीट की एक गंभीर घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। अवैध बॉक्साइट खनन की कथित जांच के दौरान हुए विवाद के बाद एक आदिवासी ग्रामीण की मौत और दो अन्य के घायल होने से एसडीएम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल, कुसमी ब्लॉक के हंसपुर क्षेत्र में जांच के दौरान स्थानीय ग्रामीणों और एसडीएम करुण कुमार डहरिया के बीच विवाद हुआ। एसडीएम के साथ उनके निजी लोग थे जिन्हें बचाने के लिए और यह दिखाने के लिए कि यह मारपीट एक राजस्व विभाग की कार्रवाई के दौरान हुई है,एसडीएम ने नायब तहसीलदार को फोन करके दो पुलिसकर्मियों को लेकर आने का आदेश दिया। आरोप है कि इस दौरान कुसमी एसडीएम करुण डहरिया एवं उनके साथ मौजूद निजी लोगों द्वारा ग्रामीणों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। घायल ग्रामीणों का कहना है कि वे गेहूं के खेत में सिंचाई कर रात करीब 8 बजे लौट रहे थे, तभी एसडीएम की गाड़ी और एक अन्य वाहन में सवार 6–7 लोगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और लाठी-डंडे व रॉड से पिटाई की। मारपीट के बाद तीनों ग्रामीणों को कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां इलाज के दौरान राम नरेश राम (60 वर्ष) की मौत हो गई, जबकि अजीत उरांव (60 वर्ष) और आकाश अगरिया (20 वर्ष) घायल हैं। घटना के बाद स्थिति तनावपूर्ण होने की आशंका को देखते हुए कुसमी थाना एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। जांच के लिए बलरामपुर एडिशनल एसपी विश्व दीपक त्रिपाठी कुसमी पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, मारपीट की घटना के बाद एसडीएम की सूचना पर पहुंचे तहसीलदार पारस शर्मा को भी इस पूरे मामले में साजिश के तहत फंसाने की कोशिश किए जाने की चर्चाएं सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि नायब तहसीलदार, जो घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थे, उनके साथ दो पुलिसकर्मियों को भी जबरन इस मामले में लपेटने का प्रयास किया गया, जिससे तहसीलदार संघ में भारी आक्रोश है और संघ इस मुद्दे पर सक्रिय हो गया है। वहीं, स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि एसडीएम करुणा डहरिया का व्यवहार पूर्व से ही आक्रामक रहा है और वे जनभावनाओं के विपरीत कार्य करते रहे हैं। उनके पुराने मामलों को लेकर भी किशोरावस्था में अपने पिता की हत्या करने के गंभीर दावे किए जा रहे हैं, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासनिक या न्यायिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि जांच प्रशासनिक थी, तो एसडीएम सरकारी वाहन और सुरक्षा बल के साथ क्यों नहीं गए, और निजी लोगों की मौजूदगी में ऐसी कार्रवाई की आवश्यकता क्यों पड़ी? फिलहाल,कार्रवाई जारी है।

ईब नदी पर चल रहे सोना खदानों से नदी का पानी हुआ लाल,परम्परा का हवाला देकर नदी का जीवन खतरे में डाल रहा मानव समूह,सरकार को इसका पता नहीं!

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मेरे देश की धरती सोना उगले,उगले हीरे मोती,,,हमारे जशपुर जिले में फरसाबहार तहसील क्षेत्र की धरती सोना उगल रही है।जिसकी स्पीड बढ़ाने के लिए स्वर्ण माफिया सक्रिय हो गए हैं।बीते तीन दिनों की हमारी पड़ताल में मानव समूह ईब नदी के लिए खतरा बन चुके हैं हालांकि इस अवैध कारोबार के पीछे के चेहरे तक पहुंचने की हमारी कोशिश नाकाम रही है। जशपुर (फरसाबहार) जशपुर जिले में अवैध रेत खदानों की खबरें आम हैं, लेकिन अब जिले की जीवनदायिनी ईब नदी अवैध सोना खनन की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। फरसाबहार तहसील के धौरासांड गांव से होकर बहने वाली ईब नदी पम्पशाला, कोताईबीरा कपाट द्वार और लावाकेरा होते हुए ओडिशा राज्य में प्रवेश करती है। इसी पूरे क्षेत्र में नदी के तटों और आसपास की सरकारी व निजी जमीनों को जेसीबी और ट्रैक्टरों से खोदकर, मिट्टी के ढेर बनाए जा रहे हैं और ओपन टनल सिस्टम के जरिए मिट्टी को सीधे नदी में बहाया जा रहा है। इस प्रक्रिया में सोने के कण बेहद नाममात्र निकल रहे हैं, लेकिन उसके बदले लाखों गुना ज्यादा मिट्टी नदी को गंदला और बीमार कर रही है। धौरासांड से लेकर लावाकेरा तक ईब नदी का पानी लगातार खराब हो रहा है। हालात यह हैं कि लावाकेरा गांव के लोगों का कहना है कि अब नदी में मछली मिलना मुश्किल हो गया है, निस्तार के लिए पानी उपयोग लायक नहीं रहा और पशुओं को भी साफ पानी नसीब नहीं हो पा रहा। मीडिया को देख भागे, सवालों से बचते दिखे खननकर्ता जब इस अवैध गतिविधि की पड़ताल के लिए टीम मौके पर पहुंची, तो उससे पहले ही सोनाजोरी नाला में भी पांच अवैध सोना खदानें संचालित होती मिलीं। एक स्थान सीनाजोरी पुल के पास भोकलू राम की जमीन से जेसीबी द्वारा खोदी गई मिट्टी नदी किनारे डाली जा रही थी, जिसे बाद में उसका परिवार नदी में बहाकर स्वर्ण कण चुनता है।जिसका कहना है कि बंजर जमीन को खेती लायक बनाने के लिए जमीन की मिट्टी नदी में डालकर सोना मिल रहा है जिससे जेसीबी,ट्रैक्टर का खर्चा निकल जाएगा।इसमें गलत क्या है? मैं नहीं जानता। हालांकि, धौरासांड ईब नदी के किनारे जैसे ही मीडिया मौके पर पहुंची, अधिकांश लोग मौके से भाग खड़े हुए। मोटर पंप बंद कर दिए गए और काम रोक दिया गया। दो मजदूरों को रोककर बातचीत शुरू की गई, तब उनके बुलाने पर 5 से 10 लोग सामने आए। यह व्यवहार खुद ही इस बात की ओर इशारा करता है कि सब कुछ “परंपरा” के नाम पर इतना सरल नहीं है। आजीविका का तर्क, लेकिन नुकसान नदी का खनन में लगे लोगों का कहना है कि गांव में रोजगार का कोई साधन नहीं है। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा धौरासांड से दाईजबहार तक ईब नदी पर पुल निर्माण की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हुआ। मजदूरी नहीं मिलने और सोना निकालने की पुरानी परंपरा का हवाला देकर वे इसे अपनी आजीविका का एकमात्र साधन बता रहे हैं। यह तर्क अपनी जगह है, लेकिन सवाल यह है कि क्या रोजगार के नाम पर पूरी नदी को बर्बाद कर देना जायज़ है? सरपंच अनजान, पंचायत से नहीं ली गई अनुमति मामले में धौरासांड की सरपंच दशमती पैंकरा से बात करने पर चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। सरपंच ने कहा कि उन्हें पंचायत क्षेत्र में वर्षों से चल रही सोने की खदानों की कोई जानकारी नहीं है। न तो पंचायत से किसी प्रकार की अनुमति ली गई है और न ही कोई टैक्स जमा किया गया है। सरपंच ने साफ कहा कि नदी में मिट्टी बहाना गलत है। वहीं, एसडीएम ओंकारेश्वर सिंह ने कहा कि वे मौका मुआयना के बाद ही इस पर कोई ठोस टिप्पणी कर पाएंगे। पर्यावरण नियम क्या कहते हैं? पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) की Sustainable Sand Mining Management Guidelines 2016 भले ही रेत और लघु खनिजों के लिए हों, लेकिन इनके मूल सिद्धांत साफ हैं— नदी के प्राकृतिक बहाव और पारिस्थितिकी तंत्र से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए नदी तटों को काटकर या मिट्टी बहाकर खनन करना पर्यावरणीय अपराध है बिना अनुमति, बिना आकलन और बिना पुनर्स्थापन योजना के कोई भी खनन अवैध माना जाता है नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) भी कई मामलों में स्पष्ट कर चुका है कि नदी के सक्रिय प्रवाह क्षेत्र में खनन पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन है। नतीजा क्या होगा? एक तरफ स्वर्ण माफिया ग्रामीणों को सरकार के खिलाफ भड़काने की कोशिश कर रहे हैं, तो दूसरी ओर ग्रामीण इसे अपनी मजबूरी और परंपरा बताकर जारी रखने की बात कह रहे हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि अगर यही हाल रहा तो ईब नदी का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा। अब सवाल साफ है— क्या प्रशासन समय रहते कार्रवाई कर ईब नदी को बचाएगा, या फिर सोने की कुछ चमकदार रेत के लिए जशपुर अपनी जीवनदायिनी नदी खो देगा?

*बड़ी खबर* *धान खरीदी: किसानों के हित में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अतिरिक्त दो दिवस धान खरीदी की व्यवस्था*

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*धान खरीदी: किसानों के हित में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अतिरिक्त दो दिवस धान खरीदी की व्यवस्था* रायपुर 3 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण राहत प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत तीन श्रेणियों के किसानों को धान विक्रय हेतु अतिरिक्त दो दिवस – 05 एवं 06 फरवरी 2026 तक खरीदी की अनुमति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार तीन प्रकार के किसान इस अतिरिक्त अवधि में धान विक्रय कर सकेंगे— ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात टोकन हेतु आवेदन किया गया, किंतु सत्यापन नहीं हो पाया है। ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात आवेदन किया गया तथा सत्यापन उपरांत उनके पास धान पाया गया है। ऐसे किसान, जिन्हें दिनांक 28 जनवरी 2026, 29 जनवरी 2026 एवं 30 जनवरी 2026 को टोकन प्राप्त हुआ था, परंतु किसी कारणवश वे निर्धारित तिथि पर धान विक्रय नहीं कर पाए थे। किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए बारदाना एवं हमालों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। राज्य सरकार का यह निर्णय किसानों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी उपज के सुरक्षित एवं सुचारु विक्रय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

*नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त होने पर जशपुर में जश्न, पार्टी नेताओं ने जताई खुशी*

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*नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त होने पर जशपुर में जश्न, पार्टी नेताओं ने जताई खुशी* जशपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा के प्रभारी एवं बिहार सरकार के मंत्री श्री नितिन नबीन के भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त होने पर जशपुर जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी उत्साह देखा गया। इस अवसर पर जशपुर जिले के विभिन्न स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े, मिठाइयां बांटी और एक-दूसरे को बधाई देकर खुशी मनाई। इस दौरान पार्टी नेताओं ने कहा कि नितिन नबीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना संगठन की मजबूती और कार्यकर्ता आधारित राजनीति की जीत है। उनके नेतृत्व में भाजपा देशभर में और अधिक सशक्त होकर जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाएगी। पूर्व प्रदेश महामंत्री *कृष्ण कुमार राय* ने कहा कि नितिन नबीन का छत्तीसगढ़ प्रभारी के रूप में कार्यकाल अत्यंत सफल और प्रेरणादायी रहा है। उनके प्रभारी रहते छत्तीसगढ़ में संगठनात्मक ढांचे को मजबूती मिली, कार्यकर्ताओं में नया उत्साह आया और भाजपा ने जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत की। अब उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से पूरे देश में पार्टी को इसी तरह सशक्त नेतृत्व मिलेगा। पूर्व राज्यसभा सांसद *रणविजय सिंह जूदेव* ने कहा कि नितिन नबीन एक अनुभवी, दूरदर्शी और संगठन के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित नेता हैं। उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना भाजपा के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। जशपुर विधायक *रायमुनी भगत* ने कहा कि यह नियुक्ति पूरे भाजपा परिवार के लिए गर्व का विषय है। नितिन नबीन के नेतृत्व में पार्टी गरीब, किसान, महिला और आदिवासी समाज के कल्याण के लिए और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करेगी। पत्थलगांव विधायक *गोमती साय* ने कहा कि नितिन नबीन का लंबा संगठनात्मक अनुभव और कार्यशैली भाजपा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। इससे कार्यकर्ताओं में नया जोश और आत्मविश्वास पैदा हुआ है। जिला पंचायत अध्यक्ष *सालिक साय* ने कहा कि नितिन नबीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना आदिवासी एवं ग्रामीण अंचलों के विकास को भी नई दिशा देगा। उनके नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का संकल्प और मजबूत होगा। भाजपा जिलाध्यक्ष *भरत सिंह* ने कहा कि जशपुर जिले के सभी कार्यकर्ता इस ऐतिहासिक निर्णय से अत्यंत उत्साहित हैं। नितिन नबीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना पार्टी की संगठनात्मक शक्ति और अनुशासन का प्रतीक है। उनके नेतृत्व में भाजपा राष्ट्र निर्माण के लक्ष्य को और दृढ़ता से आगे बढ़ाएगी। उक्त जानकारी देते हुए जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने बताया कि जशपुर बस स्टैंड में कार्यक्रम के समय मुख्य रूप से बलरामपुर जिला संगठन प्रभारी ओमप्रकाश सिन्हा, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जनपद अध्यक्ष गंगा राम भगत, संतोष सिंह, मुकेश सोनी, शरद चौरसिया, पिंटू गोस्वामी, रागिनी भगत, सुधीर पाठक, रविन्द्र पाठक, विनोद निकुंज, विजय सहाय, राजा सोनी, आकाश गुप्ता, दीपक गुप्ता, सज्जू खान, नीतीश गुप्ता, राहुल गुप्ता, नागेंद्र भगत सहित भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।

बड़ी खबर : कंवर समाज को मिला नया राष्ट्रीय नेतृत्व, छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय बनीं राष्ट्रीय अध्यक्ष

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बड़ी खबर : कंवर समाज को मिला नया राष्ट्रीय नेतृत्व, छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय बनीं राष्ट्रीय अध्यक्ष   जशपुर : अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज विकास समिति का तीन दिवसीय राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन केंद्रीय कार्यालय पमशाला, जिला जशपुर में भव्य व गरिमामय वातावरण में संपन्न हो रहा है। सम्मेलन के दूसरे दिन सर्वसम्मति से राष्ट्रीय पदाधिकारियों का चयन किया गया, जिसमें श्रीमती कौशल्या विष्णुदेव साय को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। उल्लेखनीय है कि श्रीमती कौशल्या साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी हैं और समाजसेवा के क्षेत्र में उनकी भूमिका लंबे समय से सक्रिय, समर्पित और प्रभावशाली रही है। सम्मेलन में मंगरु साय पैंकरा को राष्ट्रीय महासचिव, अनंत राम पाकरगांव को न्याय समिति अध्यक्ष, श्रीमती शांता साय (लैलूंगा) को राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष तथा हरिशंकर साय (मधुबन) को राष्ट्रीय युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष चुना गया। इस अवसर पर समाज उत्थान, शिक्षा, संगठन विस्तार और जनकल्याण के मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। साथ ही समाज और जनसेवा को मजबूत करने के उद्देश्य से “ मिलनसार समाज एवं जनसेवा दौरा कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत नवचयनित पदाधिकारी विभिन्न क्षेत्रों में जाकर समाजजनों से सीधा संवाद करेंगे। नवचयनित पदाधिकारियों को पूर्व पदाधिकारियों और समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने बधाई देते हुए विश्वास जताया कि श्रीमती कौशल्या साय के नेतृत्व में कंवर समाज को नई दिशा, संगठनात्मक मजबूती और जनसेवा को व्यापक विस्तार मिलेगा।