संडे स्पेशल : देश में कट्टरता बढ़ी, पर ‘मानवतावादी कट्टरता’ की मिसाल बने यातायात निरीक्षक विशाल कुजूर — दो मजदूरों की पीड़ा ने पुलिस अधिकारी को रुला दिया

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देश में कट्टरता बढ़ी, पर ‘मानवतावादी कट्टरता’ की मिसाल बने यातायात निरीक्षक विशाल कुजूर — दो मजदूरों की पीड़ा ने पुलिस अधिकारी को रुला दिया   रायपुर (छत्तीसगढ़ ) – समाज में कट्टरता अक्सर नकारात्मक रूप में देखी जाती है, लेकिन जब यही कट्टरता मानवता के प्रति समर्पण बन जाए तो वह समाज को रोशन करने का काम करती है। रायपुर में पदस्थ यातायात निरीक्षक विशाल कुजूर ऐसी ही ‘कट्टर मानवता’ की मिसाल बनकर सामने आए हैं। शनिवार की शाम उनके व्यवहार और एक भावुक घटना से यह स्पष्ट हो गया कि व्यवस्था संभालने वाले हाथ यदि संवेदनाओं से भरे हों तो किसी की कठिन यात्रा भी आसान बनाई जा सकती है।   दरअसल, इन्स्पेक्टर विशाल कुजूर द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई एक घटना ने लोगों को झकझोर दिया। रोज की तरह जब वे अपने क्षेत्र में यातायात व्यवस्था देख रहे थे, तभी उनके मुंशी ने दो थके-हारे युवकों को देखकर संदेह जताया और उन्हें बातचीत के लिए बुलाया। बात करने पर पता चला कि दोनों युवक — प्रदीप और संतोष — उड़ीसा के सुंदरगढ़ जिले के एक अंदरूनी गांव से मछली पकड़ने के काम के लिए किसी एजेंट के माध्यम से गोवा ले जाए गए थे।   तीन महीने काम करने के बावजूद उन्हें तनख्वाह नहीं मिली। जब उन्होंने विरोध किया तो जहाज मालिक ने मारपीट कर उन्हें वहां से भगा दिया। भय के कारण ये दोनों गोवा पुलिस तक नहीं गए। जेब में 100 रुपये तक नहीं थे। किसी तरह ट्रेन के बाथरूम में छिपते-छिपाते वे नागपुर पहुँचे, और फिर वहाँ से पाँच दिनों तक पैदल चलकर रायपुर पहुँचे।   दोनों डरे हुए थे, टूटी-फूटी हिंदी बोल रहे थे, और पिछले 7 दिनों की भूख और मुश्किलें उनके चेहरों पर साफ दिख रही थीं। उनका आधार कार्ड, फोन और अन्य दस्तावेज गोवा में ही कंपनी के मालिक के पास बंधक पड़े थे। इनके घरवालों का मोबाइल भी कवरेज की कमी के कारण स्विच ऑफ मिला। स्थिति जानकर विशाल कुजूर ने तुरंत भोजन कराया, कुछ आर्थिक मदद की और दोनों का झारसुगुड़ा तक का टिकट बनवाकर उन्हें ट्रेन में बैठाया। साथ ही अपना मोबाइल नंबर दिया और स्थानीय थाना में शिकायत करने के लिए कहा। दोनों युवकों ने इसकी हामी भरी।   लेकिन इन्स्पेक्टर विशाल को सबसे अधिक भावुक कर देने वाली बात तब सामने आई, जब उन्होंने पूछा कि 8 दिनों तक बिना पैसे के खाना कैसे खाया? दोनों ने सिर झुकाकर जवाब दिया— “नागपुर से रायपुर तक रेलवे ट्रैक के किनारे गिरे पैकेट जमा करके खाते हुए आए हैं…”   इस जवाब ने अधिकारी का दिल दहला दिया। उन्होंने लिखा— “कल इन दो दोस्तों ने सचमुच रुला दिया… अब बस उनके कॉल का इंतज़ार है।”   कुजूर ने लोगों से अपील की है कि रास्ते में ऐसे किसी जरूरतमंद को देखें तो जरूर पूछें और मदद करें। उन्होंने यह भी याद किया कि कोरोना काल में जब वे कुनकुरी थाना प्रभारी थे, तब जशपुर और कुनकुरी के लोगों ने पैदल लौट रहे मजदूरों की जो मिसाल पेश की थी, वह आज भी यादगार है।   दिलचस्प संयोग यह कि 22 नवंबर 2025 को घटी यह घटना उसी तारीख की याद दिलाती है जब 2017 में — ठीक 22 नवंबर को — इन्स्पेक्टर विशाल की पोस्टिंग कुनकुरी थाना में हुई थी। मानवता के प्रति ऐसी कट्टरता ही आज के समय में समाज को जोड़ने और लोगों के जीवन में आशा की लौ जलाने का काम करती है।

विष्णु सरकार की छवि बिगाड़ने वाले अधिकारियों की तानाशाही पर पत्रकारों ने खोला मोर्चा,मुकेश नायक की पीड़ा छापनेवाले पत्रकारों को टारगेट करने पर मामला गरमाया

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पत्रकार मुकेश नायक की अपील पर कुनकुरी में पत्रकारों की आपात बैठक, जिला प्रशासन पर फूटा आक्रोश — मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा ज्ञापन, जनसम्पर्क व्हाट्सएप ग्रुप लेफ्ट कर पत्रकारों ने संघर्ष का बिगुल फूंका   जशपुर/कुनकुरी जशपुर जिले में पत्रकार मुकेश नायक के साथ हुई अमानवीय और संवेदनहीन घटना को लेकर गुरुवार को कुनकुरी में पत्रकारों की जिला स्तरीय आपात बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले के सभी प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब मीडिया से जुड़े पत्रकार मौजूद रहे। बैठक में प्रशासनिक उदासीनता, गलत तथ्यों के प्रसार और पत्रकारों को दबाव में लेने के बढ़ते प्रयासों को लेकर व्यापक आक्रोश देखा गया। स्वास्थ्य विभाग झूठ बोल रहा है,मुझ पर दवाब बनाना बंद करें – मुकेश की भावुक अपील बैठक में पत्रकार मुकेश नायक ने बताया कि 17 नवंबर को ओडिशा के सुंदरगढ़ अस्पताल में जन्मे उनके नवजात शिशु की मौत हो गई। अस्पताल की शव वाहन सेवा अंतरराज्यीय सीमा पार नहीं कर सकती थी, इसलिए वे छत्तीसगढ़ की 102 मुक्तांजली वाहन सेवा से सहयोग की उम्मीद में बार-बार कॉल करते रहे, लेकिन न फोन रिसीव हुआ, न कोई सहायता मिली। सीएमएचओ से आश्वासन मिलने के बाद भी 102 सेवा ने साफ कह दिया कि वे शव परिवहन नहीं करते। अंततः मजबूरी में उन्हें नवजात के शव को मोटरसाइकिल से घर लाना पड़ा। मुकेश नायक ने कहा कि “इतना कष्ट झेलने के बाद भी जनसम्पर्क विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर झूठा दावा कर दिया कि स्वास्थ्य विभाग ने मुझे फोन किया पर मैंने रिसीव नहीं किया। यह असत्य बयान मेरे दर्द पर नमक छिड़कने जैसा है।व्हाट्सएप कॉल करके मुझपर मामला ठंडा करने का दवाब बनाया जा रहा है।”   पत्रकारों ने प्रशासनिक तानाशाही पर जताया तीखा विरोध   पत्रकारों ने कहा कि यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति का दुख नहीं, बल्कि पूरे जिले में फैली संवेदनहीन कार्यशैली की पहचान है। बैठक में जनसम्पर्क विभाग के एक व्हाट्सएप ग्रुप को लेकर भी कड़ी नाराज़गी व्यक्त की गई। पत्रकारों ने बताया कि इस ग्रुप को अक्सर पत्रकारों को अप्रत्यक्ष रूप से धमकाने, दबाव बनाने और प्रशासनिक पक्ष को थोपने के “टूल” के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।पत्रकारों ने जनसंपर्क व्हाट्सएप ग्रुप का स्क्रीनशॉट दिखाते हुए कहा कि 25 साल के इतिहास में नौकरशाही इस हद तक बेकाबू नहीं हुई थी। चर्चा के बाद पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हो रहे इस अतिक्रमण के विरोध में जिले के सभी पत्रकारों ने सामूहिक रूप से जनसंपर्क व्हाट्सएप ग्रुप लेफ्ट कर अपना पहला औपचारिक विरोध दर्ज कराया।   मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तैयार — दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नाम एक विस्तृत ज्ञापन भेजा जाएगा। ज्ञापन में इन मांगों को शामिल किया गया है — पत्रकार मुकेश नायक के साथ हुए अमानवीय व्यवहार की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच गलत जानकारी प्रसारित करने वाले तथा संवेदनहीन रवैया अपनाने वाले दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई जिले में “प्रशासनिक आतंकवाद” की बढ़ती प्रवृत्ति पर तत्काल रोक शासन की छवि खराब करने वाले अधिकारियों को जशपुर जिले से हटाया जाए स्वास्थ्य सेवाओं और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए पत्रकारों ने कहा कि यदि एक पत्रकार को न्याय नहीं मिलता, तो आम जनता की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।   बैठक में उपस्थित पत्रकार वरिष्ठ पत्रकार विष्णु नारायण जोशी, विनोद शर्मा, रविन्द्र थवाईत, संतोष चौधरी, राजेश पांडेय, विकास पांडे, दीपक वर्मा, प्रदीप तिग्गा, नवीन ओझा, दीपक सिंह, संजीत यादव, प्रियल जिंदल, सागर जोशी, कुंदन सिंह, शैलेन्द्र चिंतानवीस, एजाज खान, धवलेश्वर सिंह, मयंक शर्मा, तरुण शर्मा, सुनील सिन्हा, निरंजन मोहंती, रुद्रदामन पाठक, नीतीश यादव, राजेश राम भगत, मुकेश नायक, सोनू जायसवाल सहित अनेक पत्रकार उपस्थित रहे।वहीं इस मामले पर विजय त्रिपाठी, रमेश शर्मा, प्रशांत सहाय, योगेश थवाईत, सुरेन्द्र चेतवानी, शिव प्रताप सिंह, मिथलेश साहू, श्याम चौहान समेत कई वरिष्ठ पत्रकारों ने भी प्रशासनिक तानाशाही पर तीखा विरोध दर्ज किया है। पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष मुकेश नायक को न्याय दिलाने के साथ-साथ जिले में प्रशासनिक जवाबदेही की स्थापना के लिए है। उन्होंने कहा कि “जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और जिले में मानवीय व जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित नहीं होता, तब तक यह मुद्दा लगातार उठाया जाएगा।”

शव वाहन न मिलने पर पत्रकार पिता ने मोटरसाइकिल से लाया नवजात का शव,जशपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

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शव वाहन न मिलने पर पत्रकार पिता ने मोटरसाइकिल से लाया नवजात का शव,जशपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल   जशपुर/फरसाबहार –  दिल को चीर देने वाली यह घटना फरसाबहार के पत्रकार मुकेश नायक के साथ घटी। रविवार–सोमवार की रात 2 बजे उनकी गर्भवती पत्नी को अचानक तेज दर्द उठा। मुकेश उन्हें तुरंत लेकर सुंदरगढ़ अस्पताल पहुंचे। सुबह 5 बजे प्रसव हुआ, लेकिन गंदा पानी पीने की वजह से नवजात ने आधे घंटे में ही दम तोड़ दिया।   ओडिशा सरकार का शववाहन छत्तीसगढ़ सीमा पर रुक गया   ओडिशा सरकार ने बच्चे के शव को अस्पताल से सीमा तक पहुंचाने के लिए वाहन दिया, लेकिन जैसे ही गाड़ी लुलकीडीह पुलिया पहुंची, चालक ने आगे बढ़ने से मना कर दिया। उसका साफ कहना था— “साहब, गाड़ी में जीपीएस लगा है… दूसरे राज्य में ले गया तो नौकरी चली जाएगी।”   छत्तीसगढ़ में मदद नहीं मिली—दो घंटे इंतजार के बाद टूटा दिल   इसके बाद पत्रकार पिता ने छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य अधिकारियों से शववाहन की मदद मांगी। सीएमएचओ ने बताया कि फरसाबहार में वाहन उपलब्ध नहीं है, कुछ देर में व्यवस्था की जाएगी। मुकेश नायक अपने मासूम बेटे के शव के साथ दो घंटे तक इंतजार करते रहे। लेकिन कोई गाड़ी नहीं आई।   आखिर मजबूरी में उन्होंने अपने नवजात बेटे को गोद में उठाया… मोटरसाइकिल स्टार्ट की… और छत्तीसगढ़ की सीमा से अपने गांव सिंगीबहार तक खुद शव लेकर चले आए।   गांव और पत्रकार जगत में गहरी पीड़ा और गुस्सा   जब लोगों को यह जानकारी मिली, तो पूरे इलाके में दुःख और गुस्सा फैल गया। लोगों का कहना है— “एक पिता को अपने मृत बच्चे को बाइक पर लाना पड़े… इससे बड़ी लाचारी और क्या होगी?”   मुख्यमंत्री की विधानसभा में व्यवस्था की सबसे बड़ी विडंबना   यह घटना मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विधानसभा क्षेत्र में हुई, जहां—घायल को समय पर एंबुलेंस नहीं,गर्भवती महिला को 102 की सुविधा नहीं,मृत्यु पर शव वाहन भी उपलब्ध नहीं।ऐसी घटनाएँ बार-बार सामने आती रही हैं, लेकिन हालात नहीं बदल रहे।   अपने मासूम बच्चे को बाहों में लेकर घर लौटे पिता बस इतना ही कह पाए— “आज जो मेरे साथ हुआ… वह किसी और के साथ न हो।”

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल – कुनकुरी को मिला बड़ा उपहार,359 करोड़ की लागत से बनेगा शासकीय मेडिकल कॉलेज भवन*

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल – कुनकुरी को मिला बड़ा उपहार, 359 करोड़ की लागत से बनेगा शासकीय मेडिकल कॉलेज भवन स्वास्थ्य, सिंचाई और सड़क परियोजनाओं को मिली करोड़ों की स्वीकृति, जशपुर जिले के सर्वांगीण विकास को नई रफ्तार   रायपुर/जशपुर, 11 नवम्बर 2025. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास की गूंज अब गांव-गांव तक सुनाई देने लगी है। मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच और जनहितैषी नेतृत्व के परिणामस्वरूप जशपुर जिले को आज बड़ा तोहफा मिला है। प्रदेश सरकार ने कुनकुरी में 359 करोड़ रुपये की लागत से शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय भवन निर्माण के लिए वित्त विभाग से सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है।   यह मेडिकल कॉलेज जशपुर जैसे आदिवासी अंचल के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के सुनहरे अवसर मिलेंगे और क्षेत्र के लोगों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएँ अपने ही जिले में उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को नई दिशा मिल रही है, जिससे प्रदेश के दूरस्थ इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित हो सकेगी।   मुख्यमंत्री साय ने हमेशा यह स्पष्ट किया है कि “विकास की दौड़ में कोई क्षेत्र पीछे न रहे” — यही सोच अब धरातल पर उतरती दिखाई दे रही है।   इसके साथ ही वित्त विभाग ने जिले में कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी हरी झंडी दी है —   कांसाबेल विकासखंड की मैनी नदी पर बगिया बैराज सह दाबयुक्त उद्वहन सिंचाई योजना के लिए ₹79.38 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। यह योजना किसानों के लिए वरदान साबित होगी, जिससे वर्षभर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।   फरसाबहार तहसील क्षेत्र में तुमला से मेडर (ओडिशा सीमा) तक 12.80 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य हेतु ₹27.73 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।   वहीं फरसाबहार विकासखंड की कोकिया व्यपवर्तन योजना के लिए ₹16.17 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है, जो जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था में दीर्घकालिक सुधार लाएगी। इन योजनाओं के माध्यम से विष्णुदेव साय ने एक बार फिर साबित किया है कि उनका लक्ष्य केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि “धरातल पर विकास की मजबूत नींव” रखना है।   कुनकुरी और पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत ये परियोजनाएँ न केवल स्वास्थ्य, कृषि और सड़क सुविधाओं को सुदृढ़ करेंगी, बल्कि आने वाले वर्षों में जशपुर जिले को प्रदेश के विकास मानचित्र पर अग्रणी स्थान पर ले जाएँगी।  

माँ समलेश्वरी के आशीर्वाद से प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने 140 लोगों को कराई घर वापसी,कार्तिक उरांव को किया नमन

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  रायपुर,31 अक्टूबर 2026 – माँ समलेशवरी की पावन धरा सारंगढ़ में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम में अजय उपाध्याय महाराज के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में 140 धर्मांतरित लोगों की घर वापसी हुई।इस आयोजन में प्रमुख अतिथि प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने उपस्थित होकर सभी 140 धर्मांतरित लोगों के पैर पखारकर उन्हें विधिवत सनातन धर्म में वापसी कराई। अपने उद्बोधन में प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा“माँ समलेशवरी की इस पवित्र भूमि पर आज धर्म की पुनःस्थापना का एक गौरवशाली क्षण है। सनातन धर्म केवल एक आस्था नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक उत्कृष्ट पद्धति है जो समरसता, प्रेम और सत्य के मार्ग पर अग्रसर करती है।” प्रबल ने कहा “यह घर वापसी हम परम पूजनीय कार्तिक उरांव को समर्पित करते हैं जिनकी कल जयंती थी, उन्होंने अपना पूरा जीवन जनजाति समाज के संस्कृति के संरक्षण एवं उनके हक के लिए संघर्ष किया। उन्होंने आगे कहा कि – “पूज्य पिताजी कुमार दिलीप सिंह जूदेव जी द्वारा प्रारंभ किया गया घर वापसी अभियान हमारे जीवन का आधार है, और हम इसे जीवन पर्यंत आगे बढ़ाते रहेंगे। यह केवल एक अभियान नहीं बल्कि एक राष्ट्र निर्माण कार्य हैं जो हमारी संस्कृति, परंपरा और आत्मसम्मान का प्रतीक है।”   कार्यक्रम में घर वापसी छत्तीसगढ़ प्रांत की संयोजिका अंजू गबेल का विशेष सहयोग रहा. उन्होंने अपने भाषण में कहा ” छत्तीसगढ़ के युवाओं को अपने धर्म, संस्कृति के लिए एकजुटता से कार्य करने की आवश्यकता है ” कार्यक्रम की अध्यक्षता संजय भूषण पांडेय, अध्यक्ष जिला पंचायत ( सारंगढ़ ) ने की।इस अवसर पर राजकुमार चौधरी, प्रान्त प्रमुख धर्मजागरण , मेहर बाई नायक, स्वाध्याय प्रमुख, केराबाई मनहर,पूर्व विधायक,ज्योति पटेल, जिलाध्यक्ष भाजपा,मुक्ता वर्मा,उषाकला रेख बाई रामनामी, गुलाराम रामनामी, आचार्य श्रीराम भगत रामनामी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।कार्यक्रम को सफल बनाने युवा टीम में मुख्य रूप में रवि तिवारी, किशन गुप्ता, इशांत शर्मा, धीरज सिंह एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम का सफल संचालन अमित गोगले द्वारा किया गया।इस अवसर पर सभी वक्ताओं ने धर्म, समाज एवं राष्ट्र की एकता के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।

मोंथा चक्रवात का असर अब भी जारी, मौसम विभाग ने फिर दी चेतावनी – कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट,जशपुर से आई तस्वीरें देखिए

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मोंथा चक्रवात का असर अब भी जारी, मौसम विभाग ने फिर दी चेतावनी – कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट   रायपुर/जशपुर – चक्रवात मोंथा का असर अब तक खत्म नहीं हुआ है। मौसम विभाग ने बताया है कि छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में आज भी बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। कई जगहों पर तेज हवा चलने और बिजली गिरने का खतरा है। फोटो: लोरो घाटी में कोहरे और हल्की बारिश से विजिबिलिटी कम,लाइट जलाकर चलते वाहन मौसम विभाग के अनुसार, मोंथा चक्रवात का असर इस समय पूर्वी विदर्भ और दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर एक निम्न दबाव क्षेत्र के रूप में बना हुआ है, जो अब उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। अगले 24 घंटे में यह सिस्टम उत्तर छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्यप्रदेश की ओर बढ़कर एक नया दबाव क्षेत्र बना सकता है। फोटो: बालाछापर नेशनल हाईवे की तस्वीर पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई। बड़े बचेली में सबसे ज्यादा 6 सेमी, भोपालपटनम में 4 सेमी, कुसमी में 3 सेमी, जबकि कुटरू, गंगालूर, भैरमगढ़, दुर्गकोंदल और नारायणपुर में 2 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा औंधी, सामरी, कांसाबेल, उसूर, मानपुर, जगदलपुर, ओरछा, बिहारपुर, कुआकोडा, कटघोरा और बुलबुला में हल्की वर्षा हुई।   जशपुर जिले में सुबह से कोहरा और हल्की बारिश देखने को मिली, जिससे विजिबिलिटी यानी दृश्यता कम हो गई। मौसम विभाग ने जशपुर, बलरामपुर और आसपास के इलाकों के लिए अगले 3 घंटे का अलर्ट जारी किया है। यहां बिजली गिरने, गरज के साथ बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई गई है। फोटो: सुबह 10 बजे हैं,जशपुर शहर का मौसम कोहरे से ढका हुआ,स्ट्रीट लाइट जलते हुए   रायगढ़, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों में भी मध्यम वर्षा की संभावना बताई गई है।   राजधानी रायपुर में आज पूरे दिन बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में हल्की बारिश हो सकती है। तापमान में भी गिरावट आएगी और अधिकतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। फोटो: रणजीता स्टेडियम में राज्योत्सव की तैयारी में खराब मौसम का असर दिखता हुआ   मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एक नवंबर तक उत्तर छत्तीसगढ़ यानी जशपुर, बलरामपुर और सरगुजा के इलाके में यह सिस्टम ज्यादा सक्रिय रहेगा। इसलिए किसानों और ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में बिजली गिरने के समय न जाएं और खुले में खड़े न रहें।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय धर्मपत्नी के साथ पहुंचे छठ घाट, सर में पूजा सामग्री ढोकर आते मुख्यमंत्री की EXCLUSIVE तस्वीरें

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जशपुर 28 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने आज छठ महापर्व त्यौहार के अवसर पर जशपुर के कुनकुरी छठ घाट में उगते सूर्य को अर्घ्य देकर प्रदेश के सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को छठ पूजा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज बड़े ही सौभाग्य का दिन है कि मुझे अपने विधानसभा क्षेत्र में छठ पर्व में शामिल होने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कहा कि कुनकुरी छठ घाट के लिए लगभग 5 करोड़ 17 लाख की राशि से छठ का घाट का सौन्दर्यकरण किया जाएगा इस वर्ष के छठ महापर्व में व्रती महिलाएं छठ घाट में पूरे श्रद्धा भाव से पूजा अर्चना भी कर रही है। इस अवसर पर बीजेपी जिलाध्यक्ष भरत सिंह,कलेक्टर रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह सहित छठ पूजा करने वाली व्रती महिलाएं और जनप्रतिनिधीगण और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में मौजूद थे। *छठ पर्व का धार्मिक महत्व सूर्य उपासना:* सूर्य देव को जीवन, ऊर्जा, और स्वास्थ्य का स्रोत माना गया है। छठ पूजा में सूर्य की आराधना करके श्रद्धालु उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। छठ महापर्व में व्रती (उपासक) पूरी तरह शुद्धता, और आस्था के साथ चार दिनों तक उपवास, स्नान, और पूजा करती है। छठ पूजा में समाज के सभी लोग मिलकर घाट सजाते हैं, प्रसाद बनाते हैं और एक साथ पूजा करते हैं।

जशपुर से बड़ी खबर : ड्राइवर महासंगठन की मांगों पर सरकार से मिला सकारात्मक आश्वासन, बस स्टैंड पर मना जश्न

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जशपुर से बड़ी खबर : ड्राइवर महासंगठन की मांगों पर सरकार से मिला सकारात्मक आश्वासन, बस स्टैंड पर मना जश्न जशपुर,कुनकुरी 26 अक्टूबर 2025 – अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन को आखिरकार बड़ी सफलता मिल गई है। रविवार को जशपुर बस स्टैंड पर उस समय खुशी का माहौल बन गया जब संघ के पदाधिकारियों ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दे दिया है। इस सूचना के मिलते ही बस स्टैंड जशपुर,कुनकुरी पर मौजूद ड्राइवरों और संगठन के सदस्यों ने जोरदार आतिशबाजी की और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर अपनी खुशी जाहिर की। माहौल में खुशी और एकजुटता की झलक स्पष्ट दिखाई दी। संघ के जिलाध्यक्ष फिरन यादव, उपाध्यक्ष ललित यादव, सचिव मुन्ना खान और वरिष्ठ सदस्य चार्जे तिर्की ने बताया कि सरकार से मिले इस सकारात्मक आश्वासन ने पूरे ड्राइवर संघ में नई ऊर्जा भर दी है। उन्होंने कहा — “हमने अपनी जायज मांगों को सरकार के सामने रखा था, और अब जब उस पर सहमति बनी है, तो यह हमारे पूरे समुदाय के लिए बड़ी जीत है।” संघ के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं जशपुर जिले से आते हैं, इसलिए उन्होंने ड्राइवर समाज की समस्याओं को करीबी दृष्टि से समझा और संवेदनशीलता के साथ समाधान का आश्वासन दिया। पदाधिकारियों ने कहा — “हमारे मुख्यमंत्री का जशपुर से होना हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने हमारी तकलीफों को समझा और हमारी आवाज को महत्व दिया। हम तहे दिल से उनका धन्यवाद करते हैं।” बस स्टैंड पर मिठाइयों का वितरण भी किया गया और ड्राइवरों ने इस सफलता को “संघ की एकजुटता की जीत” बताया।

जशपुर के पत्रकारों को मिली बड़ी जिम्मेदारी — राज्य एवं संभाग स्तरीय अधिमान्यता समितियों में मिली जगह

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जशपुर- राज्य शासन द्वारा राज्य स्तरीय एवं संभाग स्तरीय अधिमान्यता समितियों के सदस्यों के नामों का राजपत्र में प्रकाशन कर दिया गया है। इस सूची में जशपुर प्रेस क्लब के पत्रकारों को भी महत्वपूर्ण स्थान मिला है, जिससे जिले के पत्रकारों में हर्ष का माहौल है।   राजपत्र में जारी अधिसूचना के अनुसार, छत्तीसगढ़ संचार प्रतिनिधि कल्याण समिति में जशपुर प्रेस क्लब के संरक्षक विजय त्रिपाठी को शामिल किया गया है। वहीं सरगुजा संभाग अधिमान्यता समिति में जशपुर से विकास पांडे (अध्यक्ष, जशपुर प्रेस क्लब एवं ब्यूरो चीफ दैनिक भास्कर), रविन्द्र थवाईत (ब्यूरो चीफ नई दुनिया) और दीपक सिंह (संवाददाता, NEWS18) को सदस्य के रूप में स्थान मिला है।   इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने पर जशपुर प्रेस क्लब के सभी सदस्यों एवं जिलेभर के पत्रकारों ने चयनित पत्रकार साथियों को बधाई दी है। पत्रकारों का कहना है कि यह जशपुर प्रेस क्लब की सक्रियता और निष्पक्ष पत्रकारिता की पहचान है, जिसने जिले का नाम एक बार फिर राज्य स्तर पर रोशन किया है। पत्रकारों का मानना है कि इन समितियों में जिले के प्रतिनिधित्व से स्थानीय पत्रकारों को इसका लाभ होगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जशपुर प्रवास आज,करेंगे सोहरई करमा महोत्सव का शुभारंभ — दीपावली पर अपने गृहग्राम बगिया में करेंगे रात्रि विश्राम

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जशपुर प्रवास आज, करेंगे सोहरई करमा महोत्सव में शामिल — दीपावली पर अपने गृहग्राम बगिया में करेंगे रात्रि विश्राम जशपुर,19 अक्टूबर 2025 – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दिनांक 19 अक्टूबर 2025 (रविवार) को अपने एकदिवसीय जशपुर प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सुबह 11:40 बजे रायपुर स्थित निवास सिविल लाइन से कार द्वारा पुलिस ग्राउंड हेलीपैड पहुँचेंगे, जहाँ से वे हेलीकॉप्टर द्वारा जशपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर दोपहर 1:10 बजे माध्यमिक विद्यालय खेल मैदान हेलीपैड, ग्राम कडोरा (गोकुला आमा बगीचा) पहुँचने का कार्यक्रम है। जहां “महासम्मेलन (सोहरई करमा महोत्सव 2025)” का शुभारंभ करेंगे। यह कार्यक्रम ग्राम कडोरा (गोकुला आमा बगीचा) में अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद के तत्वावधान में आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री साय दोपहर 1:15 से 2:15 बजे तक महासम्मेलन में शामिल होकर समाज के प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे। तत्पश्चात 2:15 से 2:45 तक का समय आरक्षित रखा गया है। कार्यक्रम उपरांत मुख्यमंत्री दोपहर 2:50 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा कुनकुरी से प्रस्थान कर 3:10 बजे बगिया हेलीपैड  पहुँचेंगे। इसके बाद वे कार द्वारा अपने निज निवास बगिया जाएंगे। दीपावली पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रात्रि अपने गृहग्राम बगिया में विश्राम करेंगे। अगले दिन 20 अक्टूबर 2025 (सोमवार) का कार्यक्रम आरक्षित रहेगा। दीपावली पर्व पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले में आने की खबर से जिलेवासियों में हर्ष का माहौल है। रौतिया समाज ने महासम्मेलन को भव्य बनाने के लिए खूब मेहनत की है।