*जशपुर में बेमौसम बारिश से फसल बचाने किसान भाइयों को कृषि विभाग की बड़ी सलाह *

IMG 20260514 WA0007

*जशपुर में बेमौसम बारिश से फसल बचाने किसान भाइयों को कृषि विभाग की बड़ी सलाह * *जशपुर, 14 मई 2026/* विगत सप्ताह हुई लगातार बारिश के कारण खेतों में जलभराव से *उद्यानिकी फसलों को नुकसान* की आशंका बढ़ गई है। बेमौसम बारिश से बीमारी और कीट प्रकोप तेजी से फैलने का खतरा है। इसे देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए *7 सूत्रीय सलाह* जारी की है। *विशेषज्ञों की मुख्य सलाह:*  1. *पानी निकासी:* खेत में पानी 6-8 घंटे से ज्यादा न रुके। तुरंत नाली बनाएं। जलभराव से जड़ सड़न व फफूंद रोग बढ़ते हैं। बीमारी पर *Mancozeb, Copper Oxychloride, Carbendazim* दवा का उपयोग करें। 2. *पौधों को सहारा:* बांस/रस्सी से स्टेकिंग करें। पौधे व फल जमीन न छुएं, इससे बारिश की छींटों से रोग कम फैलता है। 3. *मल्चिंग:* सूखी घास, पुआल या प्लास्टिक मल्च लगाएं। मिट्टी के छींटे पत्तों पर नहीं पड़ेंगे और फल फटना कम होगा। 4. *रोगग्रस्त पत्तियां हटाएं:* नीचे की पीली/काली पत्तियां काटकर खेत से बाहर करें। बारिश के तुरंत बाद *pruning न करें*, सूखे मौसम में करें। 5. *सिंचाई:* लंबे सूखे के बाद अचानक ज्यादा सिंचाई न करें। 6. *दवा उपयोग:* कृषि विशेषज्ञों की सलाह से ही अनुशंसित फफूंदनाशक व कीटनाशक का उपयोग करें। 7. *फसल बीमा:* खरीफ में टमाटर, बैंगन, मिर्च, अदरक, केला, पपीता, अमरूद तथा रबी में टमाटर, बैंगन, फूलगोभी, पत्तागोभी, प्याज व आलू का *फसल बीमा अवश्य कराएं*। इससे बेमौसम बारिश व प्राकृतिक घटनाओं से नुकसान पर दावा किया जा सकेगा। विशेषज्ञों ने कहा कि बादल छाए रहने से फसलों को पर्याप्त धूप नहीं मिलने पर रोग फैलने की संभावना बढ़ जाती है। समय पर उचित प्रबंधन से आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है।

मोंथा चक्रवात का असर अब भी जारी, मौसम विभाग ने फिर दी चेतावनी – कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट,जशपुर से आई तस्वीरें देखिए

IMG 20251031 WA0015

मोंथा चक्रवात का असर अब भी जारी, मौसम विभाग ने फिर दी चेतावनी – कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट   रायपुर/जशपुर – चक्रवात मोंथा का असर अब तक खत्म नहीं हुआ है। मौसम विभाग ने बताया है कि छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में आज भी बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। कई जगहों पर तेज हवा चलने और बिजली गिरने का खतरा है। फोटो: लोरो घाटी में कोहरे और हल्की बारिश से विजिबिलिटी कम,लाइट जलाकर चलते वाहन मौसम विभाग के अनुसार, मोंथा चक्रवात का असर इस समय पूर्वी विदर्भ और दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर एक निम्न दबाव क्षेत्र के रूप में बना हुआ है, जो अब उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। अगले 24 घंटे में यह सिस्टम उत्तर छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्यप्रदेश की ओर बढ़कर एक नया दबाव क्षेत्र बना सकता है। फोटो: बालाछापर नेशनल हाईवे की तस्वीर पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई। बड़े बचेली में सबसे ज्यादा 6 सेमी, भोपालपटनम में 4 सेमी, कुसमी में 3 सेमी, जबकि कुटरू, गंगालूर, भैरमगढ़, दुर्गकोंदल और नारायणपुर में 2 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा औंधी, सामरी, कांसाबेल, उसूर, मानपुर, जगदलपुर, ओरछा, बिहारपुर, कुआकोडा, कटघोरा और बुलबुला में हल्की वर्षा हुई।   जशपुर जिले में सुबह से कोहरा और हल्की बारिश देखने को मिली, जिससे विजिबिलिटी यानी दृश्यता कम हो गई। मौसम विभाग ने जशपुर, बलरामपुर और आसपास के इलाकों के लिए अगले 3 घंटे का अलर्ट जारी किया है। यहां बिजली गिरने, गरज के साथ बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई गई है। फोटो: सुबह 10 बजे हैं,जशपुर शहर का मौसम कोहरे से ढका हुआ,स्ट्रीट लाइट जलते हुए   रायगढ़, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों में भी मध्यम वर्षा की संभावना बताई गई है।   राजधानी रायपुर में आज पूरे दिन बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में हल्की बारिश हो सकती है। तापमान में भी गिरावट आएगी और अधिकतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। फोटो: रणजीता स्टेडियम में राज्योत्सव की तैयारी में खराब मौसम का असर दिखता हुआ   मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एक नवंबर तक उत्तर छत्तीसगढ़ यानी जशपुर, बलरामपुर और सरगुजा के इलाके में यह सिस्टम ज्यादा सक्रिय रहेगा। इसलिए किसानों और ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में बिजली गिरने के समय न जाएं और खुले में खड़े न रहें।

कुनकुरी में सुबह-सुबह हुई हल्की बारिश,आम की फसल को मिलेगा फायदा

IMG20250220063502

कुनकुरी, 20 फरवरी – आज गुरुवार सुबह करीब 5:30 बजे कुनकुरी शहर और आसपास के गांवों में हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में सुबह 9 बजे के आसपास हल्की बूंदाबांदी और शाम 4 से 6 बजे के बीच बारिश व आंधी की संभावना है। इन दिनों आम के पेड़ बौर (मंजर) से लदे हुए हैं। ऐसे में हल्की बारिश से आम की फसल को फायदा होगा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय हुई नमी से बौर को पोषण मिलेगा, जिससे आम की सेटिंग बेहतर होगी और फल अच्छी गुणवत्ता के बनेंगे। कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि आम के पेड़ों के लिए यह हल्की बारिश लाभकारी है क्योंकि इससे फूलों को ताजगी मिलेगी और वातावरण में नमी बढ़ेगी। इससे फल बनने की प्रक्रिया तेज होगी। हालांकि, ज्यादा बारिश या तेज आंधी से फूल झड़ सकते हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है। किसानों का मानना है कि यदि बारिश सीमित मात्रा में होती है और तेज हवाएं नहीं चलतीं, तो इससे आम की फसल को अच्छा फायदा होगा। अब सभी की निगाहें मौसम पर टिकी हैं, क्योंकि आने वाले दिनों में मौसम का प्रभाव फसल उत्पादन पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।