जशपुर (छत्तीसगढ़): भारत में बदलती जीवनशैली और पर्यावरणीय कारकों के कारण निःसंतानता (Infertility) की दर तेजी से बढ़ रही है। इसी दिशा में सकारात्मक कदम उठाते हुए अपेक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं आईवीएफ सेंटर, रायगढ़ द्वारा आगामी 10 मई 2026 (रविवार) को श्री सनातन धर्मशाला, कांसाबेल में एक विशेष निःशुल्क परामर्श ओपीडी का आयोजन किया जा रहा है।वैज्ञानिकों के अनुसार, जब प्रजनन दर 2.1 से नीचे जाती है, तो इसका मतलब है कि आबादी में निःसंतानता और देरी से माता-पिता बनने का चलन बढ़ गया है। छत्तीसगढ़ में यह आंकड़ा 1.8 पर आना यह संकेत देता है कि यहाँ के दंपतियों को चिकित्सकीय सहायता और जागरूकता की आवश्यकता है।
विशेषज्ञ राय: डॉ. रश्मि गोयल का दृष्टिकोण
अपेक्स हॉस्पिटल की इनफर्टिलिटी विशेषज्ञ डॉ. रश्मि गोयल इस शिविर में मरीजों को व्यक्तिगत परामर्श देंगी। उन्होंने बताया:
”आज के युग में तनाव और प्रदूषण के कारण बांझपन आम है। सर्वे बताते हैं कि 50% से अधिक मामलों में पुरुष कारक जिम्मेदार होते हैं, फिर भी दोष महिलाओं को दिया जाता है। हमारा उद्देश्य इस सोच को बदलना और सही समय पर आधुनिक इलाज (जैसे IVF) उपलब्ध कराना है।”
शिविर की मुख्य विशेषताएं
यह ओपीडी विशेष रूप से उन दंपतियों के लिए है जो महानगरों के महंगे इलाज तक नहीं पहुँच पाते।
निःशुल्क वीर्य जाँच: पुरुषों के लिए फ्री टेस्टिंग की सुविधा।
पंजीयन: असुविधा से बचने के लिए 9329142515 या 9329915091 पर कॉल करें।
लक्ष्य: जशपुर के लोगों को महानगरों की ओर पलायन करने से रोकना।
अपेक्स हॉस्पिटल: सफलता का पर्याय
रायगढ़ का अपेक्स हॉस्पिटल अपनी उन्नत तकनीकों के कारण पूरे छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक ‘सक्सेस रेट’ देने वाले केंद्रों में गिना जाता है। जशपुर जिले में पूर्व में भी लगाए गए सफल शिविरों की कड़ी में यह एक और महत्वपूर्ण प्रयास है।
समय रहते सही सलाह ही खुशियों का आधार है। यदि आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो 10 मई को कांसाबेल पहुंचें।
भारत में बांझपन की स्थिति: क्या कहते हैं आंकड़े?
भारत सरकार के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों में बांझपन और प्रजनन दर (TFR) के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।
राज्य / क्षेत्र प्रजनन दर (TFR) स्थिति
छत्तीसगढ़ 1.8 रिप्लेसमेंट लेवल (2.1) से नीचे
महाराष्ट्र 1.7 शहरीकरण के कारण गिरावट
पश्चिम बंगाल 1.6 देश में सबसे कम प्रजनन दरों में से एक
उत्तर प्रदेश 2.4 अभी भी तुलनात्मक रूप से अधिक
वैज्ञानिकों के अनुसार, जब प्रजनन दर 2.1 से नीचे जाती है, तो इसका मतलब है कि आबादी में निःसंतानता और देरी से माता-पिता बनने का चलन बढ़ गया है। छत्तीसगढ़ में यह आंकड़ा 1.8 पर आना यह संकेत देता है कि यहाँ के दंपतियों को चिकित्सकीय सहायता और जागरूकता की आवश्यकता है।
विशेषज्ञ राय: डॉ. रश्मि गोयल का दृष्टिकोण
अपेक्स हॉस्पिटल की इनफर्टिलिटी विशेषज्ञ डॉ. रश्मि गोयल इस शिविर में मरीजों को व्यक्तिगत परामर्श देंगी। उन्होंने बताया:
“आज के युग में तनाव और प्रदूषण के कारण बांझपन आम है। सर्वे बताते हैं कि 50% से अधिक मामलों में पुरुष कारक जिम्मेदार होते हैं, फिर भी दोष महिलाओं को दिया जाता है। हमारा उद्देश्य इस सोच को बदलना और सही समय पर आधुनिक इलाज (जैसे IVF) उपलब्ध कराना है।”
शिविर की मुख्य विशेषताएं
यह ओपीडी विशेष रूप से उन दंपतियों के लिए है जो महानगरों के महंगे इलाज तक नहीं पहुँच पाते।
निःशुल्क वीर्य जाँच: पुरुषों के लिए फ्री टेस्टिंग की सुविधा।
पंजीयन: असुविधा से बचने के लिए 9329142515 या 9329915091 पर कॉल करें।
लक्ष्य: जशपुर के लोगों को महानगरों की ओर पलायन करने से रोकना।
अपेक्स हॉस्पिटल: सफलता का पर्याय
रायगढ़ का अपेक्स हॉस्पिटल अपनी उन्नत तकनीकों के कारण पूरे छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक ‘सक्सेस रेट’ देने वाले केंद्रों में गिना जाता है। जशपुर जिले में पूर्व में भी लगाए गए सफल शिविरों की कड़ी में यह एक और महत्वपूर्ण प्रयास है।
समय रहते सही सलाह ही खुशियों का आधार है। यदि आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो 10 मई को कांसाबेल पहुंचें।





















