*हाथियों के बीच फंसे बुजुर्गों को वन विभाग ने बचाया* *पत्थलगांव परिक्षेत्र में 11 हाथियों के दल के बीच साहसिक रेस्क्यू, जनहानि टली*

IMG 20260325 WA0037

*हाथियों के बीच फंसे बुजुर्गों को वन विभाग ने बचाया* *पत्थलगांव परिक्षेत्र में 11 हाथियों के दल के बीच साहसिक रेस्क्यू, जनहानि टली* जशपुर वनमण्डल के परिक्षेत्र पत्थलगांव अंतर्गत ग्राम तिलडेगा क्षेत्र में हाथियों के दल के विचरण के दौरान एक बड़ी घटना सामने आई, जिसमें वन विभाग की तत्परता से दो बुजुर्गों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। DFO शशिकुमार ने बताया कि 24 मार्च 2026 की दरम्यानी रात को 11 हाथियों का एक दल कक्ष क्रमांक पी.एफ. 959 नंदनझरिया क्षेत्र में सारसमार एवं नंदनझरिया होते हुए तिलडेगा बस्ती के समीप पहुँच गया। इस दौरान हाथियों ने तिलडेगा भदरापारा निवासी जय कुमार नाग (40 वर्ष) के खेत में बने आवासीय घर को नुकसान पहुँचाना शुरू कर दिया। उस समय घर के अंदर उनके माता-पिता  बितन नाग (65 वर्ष) एवं श्रीमती राजमति नाग (60 वर्ष) मौजूद थे। हाथियों की आहट सुनकर जय कुमार नाग किसी तरह बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचे और तुरंत वन विभाग के गश्ती दल एवं रैपिड रिस्पॉन्स टीम (आरआरटी) को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर तत्काल कार्रवाई शुरू की। बी.एफ.ओ. दिनेश कुमार (बालाझर), बी.एफ.ओ. श्रीमती अनिता तेन्दुआ (तमता), आरआरटी सदस्य राम बिलास नाग, रविशंकर पैंकरा एवं रमेश पैंकरा तथा वाहन चालक पियारू लकड़ा ने समन्वित प्रयास करते हुए हाथियों को सुरक्षित रूप से खदेड़ा। काफी प्रयासों के बाद टीम ने घर के भीतर फंसे बुजुर्ग दंपत्ति का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उन्हें शासकीय वाहन से सुरक्षित गांव में पहुंचाया। इस साहसिक एवं त्वरित कार्रवाई के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। *लगातार निगरानी में है हाथियों का दल* – वर्तमान में 11 हाथियों का यह दल तिलडेगा क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए सुखरापारा परिसर के कक्ष क्रमांक आर.एफ. 958 में विचरण कर रहा है। वन विभाग द्वारा दल की सतत निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव किया जा सके। वन विभाग ने क्षेत्र के ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, विशेषकर रात्रि के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें तथा किसी भी प्रकार की सूचना तुरंत वन विभाग को दें। वन विभाग जशपुर द्वारा मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और जन-सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय प्रयास किए जा रहे हैं।

जशपुर में कृषि क्रांति 2.0: विधायक गोमती साय ने किया तीन दिवसीय भव्य मेले का आगाज़, देश भर की कंपनियों की नजर जशपुर के काजू और जीरा फूल चावल पर

VID 20260323 WA0009

जशपुर में कृषि क्रांति 2.0: विधायक गोमती साय ने किया तीन दिवसीय भव्य मेले का आगाज़, देश भर की कंपनियों की नजर जशपुर के काजू और जीरा फूल चावल पर कुनकुरी (जशपुर) | 23 मार्च 2026 खास बातें (Highlights): उद्घाटन: पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने फीता काटकर मेले की शुरुआत की। आयोजन: कुनकुरी कृषि महाविद्यालय में तीन दिवसीय ‘कृषि क्रांति एक्सपो 2.0’। बड़ी डील: जीरा फूल चावल, काजू, टाऊ और आम की खरीदी के लिए कंपनियों ने दिखाया भारी उत्साह। मकसद: किसानों और बड़ी कंपनियों के बीच सीधा व्यापारिक संवाद (Buyer-Seller Meet)। जशपुर – छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में खेती-किसानी को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल हुई है। कुनकुरी स्थित कृषि महाविद्यालय के प्रांगण में तीन दिवसीय ‘कृषि क्रांति एक्सपो 2.0’ का शानदार आगाज हुआ। इस भव्य मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जशपुर की माटी में पैदा होने वाली फसलों की खुशबू अब सात समंदर पार तक जाएगी। कंपनियों और किसानों का सीधा संवाद इस एक्सपो की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ देश भर की नामी कृषि आधारित कंपनियां सीधे किसानों से रूबरू हो रही हैं। जिला प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए किसानों ने बताया कि अब उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना होगा। वे अपनी उपज की गुणवत्ता और मार्केटिंग को लेकर सीधे कंपनियों से चर्चा कर रहे हैं। कलेक्टर रोहित व्यास की ‘ब्रांड जशपुर’ रणनीति कलेक्टर रोहित व्यास ने जानकारी दी कि यह ‘कृषि क्रांति एक्सपो’ का दूसरा वर्ष है। उन्होंने कहा— “जशपुर जिले में पैदा होने वाली फसलों और फलों के प्रोडक्ट्स की मांग अब देशभर में होने लगी है। यह एक ऐसा मंच है जहाँ क्रेता और विक्रेता के बीच सीधा संवाद हो रहा है, जिससे किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल सके।” इन उत्पादों की मची है धूम मेले के मीटिंग हॉल में जशपुर के खास उत्पादों को लेकर कंपनियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। विशेष रूप से निम्नलिखित उत्पादों की ट्रेडिंग और मार्केटिंग पर सत्र चल रहे हैं: जीरा फूल सुगंधित चावल: अपनी खुशबू के लिए मशहूर। काजू और टाऊ: जशपुर की पहचान बन चुके ये उत्पाद। रामतिल और मूंगफली: व्यापारिक संभावनाओं से भरपूर। दशहरी और आम्रपाली आम: सीजन से पहले ही कंपनियों ने खरीदी में दिलचस्पी दिखाई है। एक्सपर्ट्स दे रहे हैं ट्रेनिंग तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में केवल प्रदर्शनी ही नहीं, बल्कि विभिन्न तकनीकी सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को आधुनिक खेती, फसलों की प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग के गुर सिखाए जा रहे हैं।

भारत की LPG सुरक्षा: वैश्विक संकट के बीच भी घरेलू गैस सप्लाई जारी

IMG 20260323 WA0029

भारत की LPG सुरक्षा: वैश्विक संकट के बीच भी घरेलू गैस सप्लाई जारी निर्मल कुमार मार्च 2026 में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली आपूर्ति प्रभावित हुई, जो भारत के लगभग 90% LPG आयात का मुख्य मार्ग है। भारत अपनी जरूरत का करीब 60% LPG आयात करता है, इसलिए कमी की आशंका बनी थी। लेकिन सरकार ने समय पर कदम उठाते हुए यह सुनिश्चित किया कि देश में कहीं भी घरेलू गैस की कमी न हो। पूरे देश में LPG की सप्लाई सामान्य रही, डिलीवरी समय भी पहले जैसा ही बना रहा। 33 करोड़ से ज्यादा परिवार, जिनमें उज्ज्वला योजना के लाभार्थी भी शामिल हैं, बिना किसी रुकावट गैस प्राप्त करते रहे। घरेलू उत्पादन बढ़ाकर स्थिति संभाली सरकार ने रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल प्लांट्स को निर्देश दिया कि LPG उत्पादन बढ़ाया जाए। इसके तहत: पेट्रोकेमिकल्स में उपयोग होने वाली गैस को LPG में बदला गया IOC, BPCL और HPCL को प्राथमिकता दी गई उत्पादन में 25–28% तक बढ़ोतरी हुई रिलायंस जैसी निजी कंपनियों ने भी उत्पादन बढ़ाने में सहयोग किया। घरों को दी गई प्राथमिकता सरकार ने स्पष्ट किया कि सबसे पहले घरेलू उपभोक्ताओं को गैस मिलेगी: रिफाइनरी का पूरा अतिरिक्त उत्पादन घरों के लिए दिया गया अस्पताल और स्कूलों को भी प्राथमिकता मिली होटल और रेस्टोरेंट के लिए अलग व्यवस्था बनाई गई गैर-घरेलू LPG की सप्लाई जारी रही, लेकिन नियंत्रण के साथ। घबराहट में बुकिंग रोकने के उपाय सरकार ने देखा कि असली कमी नहीं, बल्कि घबराहट में ज्यादा बुकिंग हो रही है। इसे रोकने के लिए: शहरों में गैस रिफिल के बीच कम से कम 25 दिन का अंतर गांवों में यह सीमा 45 दिन OTP आधारित डिलीवरी सिस्टम (DAC) लागू ऑनलाइन बुकिंग (SMS, WhatsApp, ऐप) को बढ़ावा अब बुकिंग सामान्य होने लगी है। वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल LPG पर दबाव कम करने के लिए: 48,000 KL केरोसिन अतिरिक्त उपलब्ध कराया गया होटल-रेस्टोरेंट में बायोमास, कोयला आदि की अस्थायी अनुमति उद्योगों के लिए फ्यूल ऑयल उपलब्ध कराया गया PNG (पाइप गैस) को बढ़ावा सरकार ने PNG उपयोग को बढ़ाने के लिए: PNG वाले नए LPG कनेक्शन पर रोक शहरों में PNG अपनाने के लिए प्रोत्साहन आयात और सप्लाई पर निगरानी 80,000 टन LPG के नए शिपमेंट रास्ते में अमेरिका, कनाडा, नॉर्वे जैसे देशों से सप्लाई बढ़ाने की कोशिश सभी राज्यों में निगरानी और छापेमारी कहीं भी गैस की कमी की रिपोर्ट नहीं। सरकार ने अपील की है: जरूरत होने पर ही गैस बुक करें डिजिटल माध्यम अपनाएं अफवाहों पर ध्यान न दें। (लेखक समसामयिक घटनाओं के जानकार हैं।यह उनके निजी विचार हैं।)

जशपुर में 2.10 लाख अवैध ईंटें जब्त, पर ‘तस्वीरें’ गायब; क्या अपनी किरकिरी बचाने के लिए खनिज विभाग ने चली चाल?

IMG 20260318 WA0023

जशपुर में 2.10 लाख अवैध ईंटें जब्त, पर ‘तस्वीरें’ गायब; क्या अपनी किरकिरी बचाने के लिए खनिज विभाग ने चली चाल? प्रेस नोट की हकीकत जानने पत्रकारों का दल जाएगा पम्पशाला जशपुरनगर, 18 मार्च 2026 – जिले में अवैध उत्खनन के खिलाफ खनिज विभाग की ‘बड़ी कार्रवाई’ अब सवालों के घेरे में है। फरसाबहार के ग्राम पमशाला में प्रीतमलाल प्रजापति के ईंट भट्ठे पर 2 लाख 10 हजार नग अवैध ईंटें जब्त करने का दावा तो किया गया है, लेकिन पत्रकारों के मैसेज के बाद भी इस पूरी कार्रवाई की फोटो या वीडियो विभाग ने जनसंपर्क कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराई है। प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि क्या विभाग ने अपनी पिछली विफलताओं और सोशल मीडिया पर हो रही किरकिरी को दबाने के लिए केवल कागजी आंकड़ों का सहारा लेकर ‘हेडलाइन मैनेजमेंट’ किया है? किरकिरी खत्म करने वाली कार्रवाई या महज ‘प्रेस नोट’ का खेल?   आमतौर पर खनिज विभाग जब भी बड़ी कार्रवाई करता है, तो मौके की तस्वीरें और वीडियो साक्ष्य के तौर पर मीडिया को दिए जाते हैं। पमशाला जैसे मामले में, जहां 2 लाख से ज्यादा ईंटें और ‘VIP’ ब्रांड के भट्ठे पर कार्रवाई की बात कही जा रही है, वहां विजुअल्स,फोटोज का न होना शंका पैदा करता है। जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ समय से अवैध परिवहन को लेकर विभाग की काफी आलोचना हो रही थी, जिससे बचने के लिए जनसंपर्क विभाग के माध्यम से यह समाचार प्रसारित कराया गया हो सकता है। क्या है खान एवं खनिज अधिनियम 1957 की ‘धारा 21’ और इसका विस्तार? AI जनरेटेड इस मामले में विभाग ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। आइए समझते हैं कि यह धारा कितनी शक्तिशाली है और इसके तहत क्या कार्रवाई होती है: 1. अवैध खनन पर पूर्ण प्रतिबंध (Section 21.1): यह धारा स्पष्ट करती है कि जो कोई भी इस अधिनियम की शर्तों का उल्लंघन कर खनिज (जैसे ईंट के लिए मिट्टी) का उत्खनन, परिवहन या भंडारण करता है, उसे 5 साल तक की जेल या 5 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक का जुर्माना (या दोनों) हो सकता है। 2. जब्त सामग्री पर सरकारी कब्ज़ा (Section 21.4): इस उपधारा के तहत, यदि कोई अधिकारी अवैध खनन पाता है, तो वह न केवल खनिज (ईंटें), बल्कि उसमें इस्तेमाल हुए औजार, मशीनरी और वाहनों को भी जब्त कर सकता है। 3. मूल्य की वसूली (Section 21.5): यदि अवैध रूप से निकाला गया खनिज कहीं और भेज दिया गया है, तो सरकार उस व्यक्ति से उस खनिज का बाजार मूल्य और रॉयल्टी वसूलने का हक रखती है। 4. पुलिस और मजिस्ट्रेट की शक्ति: धारा 21 के तहत दर्ज मामलों में प्रशासन को यह शक्ति होती है कि वह आरोपी के खिलाफ सीधे कोर्ट में मामला चलाए। यह एक गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में भी आ सकता है यदि उल्लंघन गंभीर प्रकृति का हो। स्थानीय लोगों के सवाल स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई तो हुई है, लेकिन “VIP” मार्क वाले ईंट भट्ठों के असली मालिकों पर हाथ डालने के बजाय विभाग केवल छोटे मोहरों पर कार्रवाई कर इतिश्री कर लेता है। अब फोटो और वीडियो का न होना इस शक को और पुख्ता कर रहा है कि कहीं पर्दे के पीछे कोई ‘सेटिंग’ तो नहीं चल रही? अवैध ईंट भट्ठे बीस सालों से चल रहे हैं जिसमें बीजेपी और कांग्रेस दोनों की सरकारें रहीं हैं।कांग्रेस कार्यकाल में एक भी भट्ठे पर खनिज विभाग ने यदि कोई कार्रवाई की भी हो तो उसे सार्वजनिक नहीं किया। बहरहाल,खनिज विभाग ने कार्रवाई का दावा कर अपनी पीठ तो थपथपा ली है, लेकिन बिना विजुअल साक्ष्यों के यह खबर दावों और हकीकत के बीच झूल रही है। क्या वाकई 2.10 लाख ईंटें जब्त हुई हैं या यह केवल अपनी किरकिरी रोकने के लिए ‘सरकारी पीआर’ का हिस्सा है? बड़ा सवाल: अगर कार्रवाई इतनी पारदर्शी और सख्त थी, तो विभाग के पास इसकी एक भी फोटो या वीडियो क्यों नहीं है? नोट : इस खबर में प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई है । AI GAMINI 

जशपुर: कुनकुरी में जैन मुनिश्री प्रमाण सागर का भव्य मंगल प्रवेश, मीडिया को दी नसीहत— “युद्ध की चर्चा छोड़, शांति का पुरुषार्थ करें”

IMG 20260318 WA0017

जशपुर: कुनकुरी में जैन मुनिश्री प्रमाण सागर का भव्य मंगल प्रवेश, मीडिया को दी नसीहत— “युद्ध की चर्चा छोड़, शांति का पुरुषार्थ करें” जशपुर (कुनकुरी) | छत्तीसगढ़ के राजकीय अतिथि, प्रख्यात जैन संत मुनिश्री प्रमाण सागर महाराज का जशपुर जिले के कुनकुरी शहर में गौरवशाली शुभागमन हुआ। मध्यप्रदेश के भोपाल से पावन तीर्थ सम्मेद शिखर जी के विहार पर निकले मुनिश्री का स्थानीय जैन समाज सहित सर्व समाज ने गाजे-बाजे और पुष्पवर्षा के साथ भव्य स्वागत किया। मुनिश्री के आगमन से पूरे जशपुर वनवासी अंचल में एक सुंदर आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया है। मीडिया से संवाद: “युद्ध की चर्चा से हमें क्या मिलेगा?” कुनकुरी प्रवास के दौरान मुनिश्री प्रमाण सागर महाराज ने मीडिया से विशेष चर्चा की। विश्व में जारी संघर्षों और नकारात्मकता पर उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा: “हम विहारी हैं और विहार कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के जो संस्कार हैं, जो यहां के लोग प्रेम देते हैं, अच्छे हैं। मेरा संदेश कहेंगे तो मैं यही कहूंगा कि सभी लोग अपने जीवन को सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों में लगाएं। समस्याओं की तरफ देखने की जगह समाधान के रास्ते में कितनी तकनीकी का उपयोग करें पर तकनीकी के आदी ना बनें।” मुनिश्री ने मीडिया की भूमिका पर जोर देते हुए आगे कहा: “मीडिया के माध्यम से इस समय मैं यही कहना चाहूंगा कि युद्ध और संघर्ष की चर्चा करने की जगह शांति की प्रार्थना करें। दिनभर युद्ध की रिपोर्ट प्रसारित कर रहे हैं क्यों ना वैश्विक स्तर पर एक साथ लोगों को शांति की प्रार्थना में लगाएं, जिससे लोगों को सद्बुद्धि आए। युद्ध की चर्चा करने से हमें क्या मिलेगा? हम सकारात्मक भाव तरंग सर्वत्र उत्पन्न करें जो लोग, जो शक्तियां युद्ध के लिए उन्मादी बनी हुई हैं, उनकी बुद्धि नियंत्रित हो तो अच्छा होगा। एक सकारात्मक प्रयास हो सारे विश्व में ही युद्ध की ही चर्चा है हम न युद्ध की चर्चा करें ना युद्ध की चिंता करें। शांति का पुरुषार्थ करें।” श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब, अब जशपुर की ओर विहार मुनिश्री के प्रवचन कार्यक्रम और शंका समाधान सत्र में भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, कुनकुरी नगरपंचायत अध्यक्ष विनयशील ने भी अपनी शंकाओं का समाधान पाया।कुनकुरी के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ दूर-दराज से आए लोग भी मुनिश्री का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। कुनकुरी युवा संघ के रवि जैन ने बताया कि मुनिश्री का प्रवास कुनकुरी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने मुनिश्री के निरंतर विहार पर प्रकाश डालते हुए कहा: “बहते पानी को कोई रोक नहीं सकता। मुनिश्री प्रमाण सागर जी महाराज का अब कुनकुरी शहर में विहार के बाद जशपुर की ओर विहार होगा, जिसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।” कुनकुरी में धर्म की प्रभावना करने के बाद, मुनिश्री अब सम्मेद शिखर की अपनी यात्रा को जारी रखते हुए जशपुर की ओर प्रस्थान करेंगे। पूरा क्षेत्र उनके दर्शन और वंदन के लिए उत्साहित है।

रुसा प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन मिली कंप्यूटेशनल नैनोमटेरियल्स और उन्नत अनुसंधान तकनीकों की जानकारीः डॉ. तपेश चंद्र गुप्ता

IMG 20260311 WA0034

रुसा प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन मिली कंप्यूटेशनल नैनोमटेरियल्स और उन्नत अनुसंधान तकनीकों की जानकारीः डॉ. तपेश चंद्र गुप्ता रायपुर, 11 मार्च, 2026 – रायपुर संभाग के विज्ञान शोध छात्रों के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा दिन आज शासकीय जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय, रायपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम रुसा-2.0 के अंतर्गत आयोजित किया गया है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के बारे में संयोजक समिति के सदस्य डॉ. गोवर्धन व्यास ने बताया कि दूसरे दिन शोध छात्रों को ’’कंप्यूटेशनल नैनोमटेरियल्स और उन्नत अनुसंधान तकनीकों’’ में नए दृष्टिकोण और व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। दिन का पहला तकनीकी सत्र ’’डॉ. बी. केशव राव, श्री शंकराचार्य तकनीकी परिसर, भिलाई’’ द्वारा संचालित किया गया। इस सत्र में उन्होंने ’’ग्राफीन में रेखीय दोषों का महत्व और नैनो-सेंसर प्रदर्शन पर उनका प्रभाव’’ समझाया। उन्होंने बताया कि कैसे ’’ग्रेन सीमाएँ और विस्तारित विस्थापन’’ विद्युत चालकता, पदार्थ की अवशोषण क्षमता और यांत्रिक स्थिरता को प्रभावित करते हैं। प्रतिभागियों को यह स्पष्ट रूप से समझ में आया कि संरचनात्मक दोषों का सही तरीके से उपयोग करके नैनो-सेंसर के प्रदर्शन को बेहतर बनाया जा सकता है। दिन का दूसरा तकनीकी सत्र भी ’’डॉ. बी. केशव राव’’ द्वारा संचालित किया गया, जिसमें उन्होंने ’’दोष प्रबंधन में व्यावहारिक रणनीतियों’’ पर प्रकाश डाला ताकि ग्राफीन आधारित सेंसर की संवेदनशीलता बढ़ाई जा सके। इस सत्र में प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और ’’सिंथेसिस और सिमुलेशन तकनीकों के वास्तविक अनुसंधान परियोजनाओं में उपयोग’’ के बारे में प्रश्न पूछे। तकनीकी सत्रों के बाद ’’व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र’’ आयोजित किया गया। इसमें संकाय सदस्य और शोध छात्र ’’लिनक्स वातावरण’’ में कार्य करते हुए ’’सांद्रता आधारित सैद्धांतिक विश्लेषण’’ और मॉडलिंग अभ्यास कर रहे थे। डॉ. राव ने दिखाया कि कैसे ’’2डी सामग्री की ज्यामितीय संरचना को परिभाषित किया जाता है, लैटिस मानों को अनुकूलित किया जाता है’’, और ’’सांद्रता और आंशिक सांद्रता डेटा तैयार किए जाते हैं।’’ प्रतिभागियों ने ’’ग्राफ तैयार करना और उनका विश्लेषण करना’’ सीखा, जिससे उन्हें नैनोमटेरियल अनुसंधान में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। संयोजक समिति के सदस्य डॉ. लखपति पटेल ने कार्यक्रम और उद्देश्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की, ताकि प्रतिभागियों को तकनीकी सत्रों और हैंड्स-ऑन अभ्यास में प्रभावी मार्गदर्शन मिल सके। कार्यक्रम का समन्वय ’’डॉ. अनिल रामटेक’’ ने किया, और धन्यवाद ज्ञापन ’’डॉ. नीरजा सेन’’ ने दिया। डॉ. मंजु वर्मा, आईक्यूएसी संयोजक, ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम महाविद्यालय के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, विशेषकर ’’नैक ग्रेडिंग’’ के संदर्भ में, और ये पहल शोध को और प्रोत्साहित करेंगी। अन्य समिति सदस्य डॉ. नियति गुरुद्वान और डॉ. वैषाली शारदे ने कार्यक्रम को समर्थन देने में सक्रिय भूमिका निभाई। उपस्थित संकाय सदस्यों में डॉ. भुवनेश्वरी वर्मा, डॉ. नम्रता दुबे, डॉ. अंजलि चंद्रवंशी आदि शामिल थे। इस प्रकार, कार्यक्रम के दूसरे दिन ने ’’सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ जोड़कर’’ प्रतिभागियों को ’’डिफेक्ट इंजीनियरिंग, सिमुलेशन रणनीतियों और नैनोमटेरियल नवाचारों’’ की समझ को और गहरा किया। दिन के सत्रों के समापन पर डॉ. तपेश चंद्र गुप्ता, प्राचार्य एवं क्षेत्रीय अपर संचालक, रायपुर, ने शोध छात्रों और संकाय सदस्यों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। उन्होंने ’’आधुनिक कंप्यूटेशनल उपकरणों को सुसंगत वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ जोड़ने’’ के महत्व को रेखांकित किया और प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान का उपयोग ’’शैक्षणिक और सामाजिक रूप से प्रासंगिक नवाचारों को बढ़ावा देने’’ के लिए करने के लिए प्रेरित किया।

न्याय के मंदिर में बाल श्रम का आरोप: न्यायालय परिसर में शौचालय निर्माण में बच्चों से काम कराने की शिकायत, पुलिस जांच में जुटी

IMG 20260310 WA0013

न्याय के मंदिर में बाल श्रम का आरोप: न्यायालय परिसर में शौचालय निर्माण में बच्चों से काम कराने की शिकायत, पुलिस जांच में जुटी जशपुर/कुनकुरी  10/04/2026 – न्याय का प्रतीक माने जाने वाले न्यायालय परिसर में ही बाल श्रम का गंभीर आरोप सामने आने से हड़कंप मच गया है। कुनकुरी स्थित व्यवहार न्यायालय परिसर के अंदर शौचालय निर्माण कार्य में कथित तौर पर बाल श्रमिकों से काम कराए जाने की शिकायत मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार कुनकुरी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट विष्णु कुलदीप ने इस संबंध में कुनकुरी थाने में फोन के जरिए शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि न्यायालय परिसर के अंदर चल रहे शौचालय निर्माण कार्य में नाबालिग बालकों से मजदूरी कराई जा रही है, जो कानूनन अपराध है। शिकायत मिलते ही पुलिस टीम व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित निर्माण स्थल पर पहुंची और वहां काम करवा रहे ठेकेदार के मैनेजर को पूछताछ के लिए थाने ले गई। पुलिस ने मौके पर मौजूद बालकों से भी उनकी उम्र और पहचान संबंधी जानकारी ली। बार एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट विष्णु कुलदीप ने मीडिया से चर्चा में कहा कि न्यायालय परिसर, न्याय का मंदिर कहा जाता है, वहां बच्चों से जोखिम भरे निर्माण कार्य कराना बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार के खिलाफ बाल श्रम अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने तीन बालकों के नाम बताते हुए कहा कि इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। यदि विधिसम्मत कार्रवाई नहीं होती है तो इस पर बार एसोसिएशन कड़ी आपत्ति दर्ज कराएगा। साथ ही अध्यक्ष ने कोर्ट के प्रवेश द्वार के बगल में मिट्टी डंप करने पर भी आपत्ति उठाई है। इधर पुलिस पूछताछ में कथित बाल श्रमिकों में से दो युवकों ने अपनी उम्र 18 वर्ष बताई है, जबकि एक ने स्वयं को नाबालिग बताया है। बालिग बताने वाले आयुष तिर्की ने पुलिस को अपना आधार कार्ड भी प्रस्तुत किया है, जबकि दूसरे युवक का आधार कार्ड मंगाया गया है। वहीं एक बालक ने अपनी उम्र 16 वर्ष बताई है, जिसकी पुष्टि के लिए पुलिस दस्तावेजों की जांच कर रही है। बाल श्रम अधिनियम के तहत क्या हो सकती है कार्रवाई भारत में बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम 2016 के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का कार्य कराना पूरी तरह प्रतिबंधित है। वहीं 14 से 18 वर्ष के किशोरों को खतरनाक या जोखिम भरे कार्यों में लगाना भी अपराध की श्रेणी में आता है। यदि जांच में यह साबित होता है कि नाबालिग से निर्माण कार्य कराया गया है, तो ठेकेदार या जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिसमें— *6 महीने से 2 साल तक की जेल* *20 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना* *या दोनों सजा एक साथ दी जा सकती है।* साथ ही संबंधित बालक को श्रम विभाग के माध्यम से संरक्षण और पुनर्वास की प्रक्रिया में भी शामिल किया जा सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दस्तावेजों के आधार पर बालकों की वास्तविक उम्र की पुष्टि की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

कुनकुरी थाना: खाकी के आंगन में महकी नारी शक्ति, अनोखे अंदाज में मनाया गया महिला दिवस

IMG 20260309 WA0009

कुनकुरी थाना: खाकी के आंगन में महकी नारी शक्ति, अनोखे अंदाज में मनाया गया महिला दिवस कुनकुरी – समाज की सुरक्षा में दिन-रात तैनात रहने वाले हाथों ने जब सम्मान में फूल थामे और पुलिस परिवार के पुरुषों ने जब सेवा की कमान संभाली, तो कुनकुरी थाना परिसर एक मिसाल बन गया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यहाँ केवल एक कार्यक्रम नहीं हुआ, बल्कि नारी शक्ति के प्रति कृतज्ञता का एक ऐसा उत्सव मना जिसे देख हर कोई गदगद हो उठा। सम्मान और आत्मीयता का अनूठा संगम कार्यक्रम के मुख्य अतिथि SDOP विनोद कुमार मंडावी और थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश यादव ने महिला पुलिस कर्मियों को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनके अटूट साहस को सलाम किया। उत्सव का आगाज महिला पुलिस कर्मियों द्वारा केक काटकर किया गया। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पुलिसिया अनुशासन के बीच खुशियों के रंग भर दिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने महिलाओं के जज्बे को नई उड़ान दी: SDOP विनोद कुमार मंडावी: “आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। विशेषकर पुलिस विभाग में उनकी भूमिका कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा के बीच एक मजबूत सेतु का काम करती है।” TI राकेश यादव: “यह दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि संकल्प का है। महिला पुलिस कर्मियों की निष्ठा समाज के लिए प्रेरणा है और हम उनके अधिकारों व सशक्तिकरण के प्रति सदैव प्रतिबद्ध हैं।” जब पुरुषों ने संभाली जिम्मेदारी: एक भावुक पहल इस आयोजन की सबसे प्रेरक और अनूठी बात यह रही कि पहली बार पुलिस परिवार की महिलाओं के लिए इसे ‘ऐतिहासिक क्षण’ बनाया गया। > खास बात: पूरे कार्यक्रम के दौरान खाने-पीने से लेकर संगीत और मेहमाननवाजी तक की सारी व्यवस्था पुरुष पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने संभाली। यह उनके बीच के आपसी प्रेम, सम्मान और समानता के भाव को प्रदर्शित करने वाला एक सशक्त संदेश था। एक सकारात्मक बदलाव की लहर कुनकुरी थाने में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि जब कार्यस्थल एक परिवार बन जाता है, तो वहां सम्मान और सुरक्षा की भावना अपने आप प्रबल हो जाती है। पुलिस परिवार की महिलाओं ने इस सम्मान को अपने जीवन का सबसे गौरवशाली क्षण बताया।

जशपुर बस हादसा: प्रशासन की सख्ती के बाद भी जांच से दूर रहे यात्री बस संचालक, रंजीता स्टेडियम में केवल स्कूल बसें पहुंचीं

IMG 20260308 WA0008

जशपुर बस हादसा: प्रशासन की सख्ती के बाद भी जांच से दूर रहे यात्री बस संचालक, रंजीता स्टेडियम में केवल स्कूल बसें पहुंचीं   जशपुर – गोड़अम्बा में हुए  ‘अनमोल’ बस हादसे के बाद, जिसमें 5 लोगों की जान गई और 24 घायल हुए, जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के कड़े निर्देशों के बाद रविवार को जिले की सभी बसों की फिटनेस और दस्तावेजों की जांच के लिए विशेष शिविर लगाया गया। हालांकि, इस अभियान में यात्री बस संचालकों की बेरुखी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रंजीता स्टेडियम में सुबह से डटे रहे अफसर प्रशासनिक निर्देशानुसार, रविवार सुबह 10 बजे जशपुर के रंजीता स्टेडियम में जिले की सभी बसों को भौतिक सत्यापन के लिए बुलाया गया था। जिला परिवहन अधिकारी (DTO) विजय निकुंज और उनकी टीम मौके पर मौजूद थी। स्कूल बसों की उपस्थिति: निर्देश मिलते ही स्कूल बसें समय पर स्टेडियम पहुंचीं और उनके फिटनेस व दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। यात्री बसें नदारद: हैरानी की बात यह रही कि पूरे जिले से एक को छोड़कर दूसरा कोई भी यात्री बस संचालक बस लेकर जांच के लिए स्टेडियम नहीं पहुंचा। प्रशासन की चेतावनी: होगी कड़ी कार्रवाई यात्री बस संचालकों की इस सामूहिक अनुपस्थिति को प्रशासन ने अनुशासनहीनता और यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ माना है। जिला परिवहन अधिकारी विजय निकुंज ने स्पष्ट किया कि जांच से बचने वाले बस संचालकों को बख्शा नहीं जाएगा। परिवहन विभाग अब इन बसों की सड़क पर धरपकड़ कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने की तैयारी में है। ड्राइवर संघ ने गिनाईं मजबूरियां: फिटनेस के लिए अंबिकापुर का चक्कर चेकिंग के बीच एक बड़ा मुद्दा फिटनेस सेंटर की कमी का भी उठा। ड्राइवर संघ के अध्यक्ष फिरन यादव ने मीडिया से चर्चा में बताया कि जशपुर जिले में फिटनेस सर्टिफिकेट बनाने की सुविधा नहीं है। “हजारों रुपये खर्च कर और कई दिनों की परेशानी झेलकर हमें फिटनेस के लिए अंबिकापुर जाना पड़ता है। हमने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।” पोर्टल विश्लेषण: सवाल सुरक्षा का हादसे के बाद प्रशासन का जागना सराहनीय है, लेकिन यात्री बस संचालकों का जांच शिविर से गायब रहना बताता है कि शायद सिस्टम में अब भी ‘खौफ’ की कमी है। क्या बसें अनफिट हैं? क्या कागजात अधूरे हैं? या फिर संचालकों को प्रशासनिक आदेशों की परवाह नहीं? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में होने वाली कार्रवाई से तय होंगे। बने रहें हमारे पोर्टल के साथ, जशपुर की हर छोटी-बड़ी खबर के लिए।

BLACK FRIDAY : छत्तीसगढ़ में सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत, 50 से अधिक घायल

IMG 20260306 WA0013

BLACK FRIDAY : छत्तीसगढ़ में सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत, 50 से अधिक घायल छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को सड़क हादसों ने बड़ा कहर बरपाया। जशपुर और बलौदाबाजार जिलों में हुए दो अलग-अलग भीषण सड़क हादसों में कुल 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक यात्री घायल हो गए। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। जशपुर: ब्रेक फेल होने से बस पलटी, 5 की मौत जशपुर जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। झारखंड के कुरडेग से कुनकुरी आ रही अनमोल बस (CG 14 G 0263) करडेगा चौकी क्षेत्र के गोड़अंबा गांव में अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 5 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 17 से अधिक लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह करीब 9:45 बजे ढलान के दौरान बस का ब्रेक फेल हो गया। बस में सवार एक यात्री ने बस रोकने के लिए कहा, तभी कंडक्टर ने चिल्लाकर बताया कि ब्रेक फेल हो गया है। कुछ ही क्षण बाद बस अनियंत्रित होकर सुरेंद्र साय के निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास में पलट गई। बस में दो दर्जन से अधिक यात्री सवार थे। घटना के बाद गोड़अंबा गांव के दिगंबर यादव ने तुरंत मदद की पहल की। उनके साथ सरपंच पति शिवशंकर साय, उपसरपंच दशरथ प्रसाद यादव और प्रभाशंकर यादव ने प्रशासन को सूचना दी और राहत कार्य शुरू कराया। जेसीबी की मदद से बस हटाकर यात्रियों को बाहर निकाला गया। करीब 11 बजे एसडीएम नंदजी पांडे, एसडीओपी विनोद मंडावी समेत प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। प्रशासनिक वाहनों और 7 एम्बुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल भेजा गया। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर कुनकुरी डॉ. के. कुजूर ने हादसे में 5 लोगों की मौत की पुष्टि की है। मृतकों में पति-पत्नी और पिता-पुत्र शामिल हैं। मृतकों के नाम महेश राम (45), ग्राम मकरीबंधा, तहसील दुलदुला बिमला (42), ग्राम मकरीबंधा (पति-पत्नी) संपति देवी (52), जिला सिमडेगा, झारखंड दिगेश्वर (40), ग्राम ढोढी, तहसील कुरडेग, जिला सिमडेगा घनश्याम (5 माह), ग्राम ढोढी (पिता-पुत्र) घायलों का इलाज कुनकुरी, जिला अस्पताल और अन्य अस्पतालों में किया जा रहा है। 4 गंभीर घायलों को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। हादसे की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पत्नी कौशल्या देवी साय कुनकुरी अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज व सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि यह हादसा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में हुआ है। बलौदाबाजार: नेशनल हाईवे पर बस को ट्रक ने मारी टक्कर, 5 की मौत इधर बलौदाबाजार जिले में रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर भी भीषण सड़क हादसा हो गया। दरचुरा के पास RBS यात्री बस को पीछे से तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि बस सवारी चढ़ाने के लिए सड़क किनारे रुकी हुई थी, तभी पीछे से आ रहे ट्रक ने बस को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस सड़क से नीचे खेत में जा घुसी। इस हादसे में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 35 से अधिक यात्री घायल हो गए। घायलों को सिमगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर घायलों को रायपुर रेफर किया गया है। सिमगा पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य में जुटी हुई है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को हुए इन दो बड़े सड़क हादसों में कुल 10 लोगों की जान चली गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। प्रशासन दोनों घटनाओं की जांच में जुटा हुआ है।